19-20 जनवरी को होगा पैन आईआईटी कॉन्क्लेव 2019’ का आयोजन

नई दिल्ली।

पैन आईआईटी अल्मनाई इंडिया (पैन आईआईटी) देश के सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व करने वाला संघ है जो ’पैन आईआईटी कॉन्क्लेव 2019’ आयोजित करने जा रहा है। इस आयोजन में अग्रणी और विशेषज्ञ लोग एकजुट होंगे तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की पड़ताल, विश्लेषण, अवलोकन एवं एक एसडब्लूओटीऐनालिसिस करेंगे, इसकी वृद्धि व संबंधित नीतियों पर चर्चा करेंगे जिनसे भारत एआई के क्षेत्र में विश्व की एक बड़ी ताकत बन सके। यह कॉन्क्लेव 19 व 20 जनवरी 2019 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

 

पैन आईआईटी कान्क्लेव 2019 के दौरान उन अवसरों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी जिनका लाभ उठाते हुए भारत उस चौथी औद्योगिक क्रांति में विश्व लीडर बन सकेगा जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग द्वारा होने जा रही है। यह आयोजन कुछ अहम प्रश्नों के उत्तर तलाशने में मददगार साबित होगा जैसे- आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत अभी कहां खड़ा है? भविष्य के भारतीय न्यूनतम जोखिम के साथ एआई से अधिकतम लाभ पा सकें यह सुनिश्चित करने के लिए हमें क्या करना होगा? मौके कहां हैं और संकट किधर?

कॉन्क्लेव 2019 के चेयरमैन अर्जुन मल्होत्रा ने कहा कि हमारा मानना है भारत को एआई का केवल प्रयोक्ता नहीं बल्कि इस विषय के क्षेत्र में अग्रणी विचारक होना चाहिए और इस तरह से हमारा आगामी कॉन्क्लेव इस की पड़ताल करेगा कि इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए हम सर्वश्रेष्ठ क्या कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग सभी राष्ट्रों व समाजों की सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक जिंदगी को बदलने जा रहे हैं और अतीत की परिवर्तकारी प्रौद्योगिकी की तरह ये भी दुनिया को बदल कर रख देंगे। ये दोनों विषय भारत को कहीं ज्यादा सक्षम बनाने में सहायक होंगे जिससे हमारा देश कृषि, शिक्षा, रक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्रों में महान प्रगति करेगा।’’

कॉन्क्लेव के संयोजक कृष्ण धर ने कहा कि यद्यपि, भारत को एआई के विषय में बड़ी ताकत बनाने के लिए अच्छी नीतियों से कहीं ज्यादा की जरूरत है। हमें उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, अनुसंधानकर्ताओं तथा निवेशकों को एकजुट करने की आवश्यकता है तभी सपने को हकीकत में बदला जा सकेगा। इस कॉन्क्लेव का यही लक्ष्य है। यह कॉन्क्लेव अग्रणी विचारकों, विद्वानों, नीति निर्माताओं व कारोबार के अग्रणी लोगों को एक साथ एक स्थान पर लाएगा ताकि न सिर्फ लाभ व अवसरों के लिए एआई की असीम क्षमता पर चर्चा की जा सके बल्कि किन जोखिमों व नुकसानों के प्रति ऐहतियात बरता जाना है उस पर भी ध्यान दिया जाए। एआई के विकास तथा व्यापार के बहुत से वैश्विक लीडर आईआईटी के पूर्व विद्यार्थी हैं और इसलिए वे इस मुद्दे पर दृढ़ स्थिति में की भारत के एआई एजेंडा को आगे ले जा सकें।’’

अपने अन्य कार्यक्रमों के हिस्से के तौर पर आईआईटी अल्मनाई ग्रुप पहला ’पैन आईआईटी एआई हैकाथॉन 2019’ भी आयोजित कर रहा है। हैकाथॉन का फाइनल 24 घंटों का होगा, यह 19 जनवरी 2019 दोपहर 1 बजे से 20 जनवरी 2019 दोपहर 1 बजे तक, कॉन्क्लेव के साथ-साथ चलेगा। इससे पहले ऑनलाइन पहला राउंड होगा जिसमें सभी 23 आईआईटी से टीमें मुकाबला करेंगी। हर टीम में तीन सदस्य होंगे जिनमें से कम से कम एक आईआईटी का विद्यार्थी या पूर्व विद्यार्थी होगा। पहले राउंड की विजेता टीमें ऑन-साइट फाइनल में पहुंचेंगी। टीमों को प्रॉब्लम स्टेटमेंट दी जाएंगी इसके बाद वे एआई में अमलकारी समाधान खोजेंगे। समाधान का आकलन ज्यूरी द्वारा किया जाएगा और विजेता टीमों को कॉन्क्लेव के समापन सत्र में पुरस्कृत किया जाएगा। इस कॉन्क्लेव में एक प्रदर्शनी क्षेत्र भी होगा जो प्रदर्शकों को बेहतरीन मौका देगा कि वे सीधे प्रतिनिधियों से मिल सकें जिनमें शामिल होंगे- आईआईटी के प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थी, नीति निर्माता तथा बड़ी कंपनियों के प्रमुख।

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