दिल्ली में रहना है तो चंदा देना ही होगा

दिल्ली में आम आदमी पार्टी चुनावी मोड में आ चुकी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लगता है कि अगर उन्हें दिल्ली में लोकसभा सीटों पर कब्जा करना है तो इसके लिए अभी से कैंपन की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए 21 अक्टूबर को कैंपन की शुरुआत की गई है। खास बात यह है कि यह कैंपन डोर टू डोर है।

लोकतंत्र में राजनीतिक दल को कैंपन चलाने का पूर्ण अधिकार है। लेकिन इस कैंपन में खुलकर चंदा मांगा जा रहा है जिसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आम आदमी पार्टी कहती है कि आज राजनीतिक दल जिसके पैसे पर चलती है काम उसी के लिए करती है। भाजपा और कांग्रेस कारपोरेट घरानों के पैसे से चलती है। इसलिए काम भी उन्हीं के लिए करती है। आम आदमी पार्टी आम लोगों के पैसे से चलती है और इसलिए काम आम लोगों के लिए करती है। लेकिन यहां सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि आखिर जनता को फोर्स तो नहीं किया जा सकता कि वह चंदा दे ही। लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने भाषण में साफ तौर पर जनता को कह रहे हैं कि आपको चंदा देना ही है। जो सरासर गलत नजर आता है।

बहरहाल दिल्ली लोकसभा चुनाव के मोड में आ चुकी है। जहां कांग्रेस और भाजपा अभी पांच राज्यों के चुनाव में ऐडी चोटी एक किए हुए है। आम आदमी पार्टी इसका लाभ लेते हुए अपने प्रतिद्वंदी पार्टी को पछाड़ने के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। दिल्ली से विजय कुमार गौतम की रिपोर्ट। बजरंग दल हिंदुस्तान पार्टी।

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