Home Lifestyle Health टीबी बीमारी होने की जानकारी मिलने पर पहले घबराई, फिर इलाज कराने पर हुई स्वस्थ 

टीबी बीमारी होने की जानकारी मिलने पर पहले घबराई, फिर इलाज कराने पर हुई स्वस्थ 

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टीबी बीमारी होने की जानकारी मिलने पर पहले घबराई, फिर इलाज कराने पर हुई स्वस्थ 
– टीबी बीमारी को मात दे चुकी संसारपुर की संजू देवी ने कहा – समय पर इलाज शुरू कराने से आसानी के साथ मिला स्थाई निजात
– लक्षण दिखते ही कराएं जाँच, अस्पतालों में मुफ्त है जाँच व समुचित इलाज की सुविधा
खगड़िया-
टीबी बीमारी को मात दे चुकी खगड़िया के संसारपुर निवासी करीब 25 वर्षीया संजू देवी ने कहा कि मुझे अचानक खांसी हुई। जिसका गाँव के ग्रामीण चिकित्सकों से इलाज कराना शुरू किया। किन्तु, परेशानी कम होने के बदले और बढ़ती गई। साथ ही खांसी के दौरान बलगम में खून भी आने लगा। जिसे देख मैं खुद काफी घबरा गई। जिसके कारण अपने परिवार वालों को बताने की भी मुझे हिम्मत नहीं हो रही थी। क्योंकि, मेरी शादी हाल में ही हुई थी और एक ही बच्चा  हुआ था । जिसके कारण बीमारी के साथ रिश्ते की भी चिंता होने लगी। इस बीच दिनों दिन मेरी परेशानी बढ़ती ही रही है। जिसके बाद मैं अपने दिल पर पत्थर रखकर अपने पति को बताई। जिसके बाद उन्होंने पड़ोस के ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता आशा कुमारी को उक्त बीमारी की जानकारी दी। जिसके बाद आशा की  पहल से मेरा इलाज शुरू हुआ।
– इलाज के दौरान आशा कार्यकर्ता का मिला भरपूर सहयोग, सदर अस्पताल में हुआ इलाज :
वहीं, संजू देवी ने बताया कि आशा को बताने के बाद उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित इलाज की व्यवस्था उपलब्ध होने की बात बताई। जिसपर मैं इलाज कराने को राजी हुई। जिसके बाद आशा  मुझे इलाज के लिए सदर अस्पताल खगड़िया ले गई। जहाँ मेरी  जाँच की  गयी ।  जाँच रिपोर्ट में टीबी की पुष्टि हुई। जिसकी जानकारी मिलते ही मैं एकबार फिर घबरा गई। किन्तु, आशा व अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने  सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि आप घबराएं नहीं, बल्कि नियमित इलाज कराएं। आप पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएंगी । जिसके बाद अस्पताल कर्मियों ने हमसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति ली  एवं पूरा नाम पता पूछा गया । साथ ही मुझे दवाई भी दी ।
– दो माह में लगने लगा कि मैं हो गई स्वस्थ पर दवाई की ली पूरी डोज :-
वहीं, संजू देवी ने बताया, सदर अस्पताल में दवाई मिलने के साथ वह  नियमित रूप से चिकित्सा परामर्श के अनुसार दवाई का सेवन करने लगी। जिसके दौरान उन्हें  दो माह में ही लगने लगा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी हैं ।  किन्तु,उनके  मन को संतुष्टि नहीं हो रही थी। इसके बाद पुनः वह  आशा के साथ सदर अस्पताल गई। जहाँ फिर जाँच करवाई तो अस्पताल कर्मियों ने बताया कि आप अब ठीक हैं । किन्तु, दवाई की डोज पूरी कर लें। इसके बाद उन्होंने छः माह तक दवाई की पूरी डोज ली और अब वह  पूरी तरह स्वस्थ हैं ।
– इलाज के दौरान आर्थिक सहायता भी मिली :
वहीं, संजू देवी ने बताया कि इलाज के दौरान मुझे छः माह तक पाँच सौ रूपये हर  माह के हिसाब से सहायता राशि भी मिली। यह सहायता राशि मुझे बैंक खाते के माध्यम से दी गई। साथ ही अस्पताल से सभी दवाई भी मुफ्त मिली और आशा से लेकर सभी स्वास्थ्य कर्मियों का भी काफी सहयोग मिला।
– टीबी होने पर घबराएं नहीं, अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित जाँच और इलाज की मुफ्त सुविधा :
वहीं, संजू देवी ने कहा, मैं अन्य लोगों से भी अपील करती हूँ कि टीबी बीमारी होने पर घबराना नहीं चाहिए। बल्कि, लक्षण दिखते ही स्थानीय स्वास्थ्य संस्थान में जाँच कराना चाहिए। दरअसल, यह एक सामान्य बीमारी है और समय पर जाँच कराने से आसानी के साथ बीमारी से स्थाई निजात मिल सकती है। इसके लिए अस्पतालों में मुफ्त समुचित जाँच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए, किसी भी  को  इलाज के लिए खर्च की भी चिंता करने की जरूरत नहीं है।  सरकार द्वारा सहायता राशि भी दी जाती है।

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