Home Sci-Tech Education सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा • ओआरएस पैकेट  वितरण के साथ-साथ परिवार नियोजन की भी दी जा रही है जानकारी

सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा • ओआरएस पैकेट  वितरण के साथ-साथ परिवार नियोजन की भी दी जा रही है जानकारी

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सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा • ओआरएस पैकेट  वितरण के साथ-साथ परिवार नियोजन की भी दी जा रही है जानकारी
– जिले के सभी प्रखंडों में चल रहा है सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा, बचाव की भी दी जा रही है जानकारी
– स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ घर-घर जाकर भी पैकेट का किया जा रहा है वितरण
खगड़िया-
डायरिया से बचाव को लेकर जिला में  15 से 30 जुलाई तक  सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चल रहा है ।  पखवाड़े की सफलता को लेकर जहाँ घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ओआरएस पैकेट का वितरण किया जा रहा वहीं, जिले में सभी स्वास्थ्य संस्थानों  में स्टाॅल लगाए गए हैं। जहाँ ओआरएस पैकेट के  वितरण के साथ-साथ स्टाॅल पर आने वाले लोगों को परिवार नियोजन का भी संदेश दिया जा रहा है। साथ ही योग्य, इच्छुक और सक्षम लाभार्थियों को परिवार नियोजन के साधन को अपनाने के लिए भी जागरूक व  प्रेरित किया जा रहा है। ताकि अधिकाधिक लोग लाभान्वित हों और दोनों पखवाड़ा का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
– स्टाॅल पर  है परिवार नियोजन के अस्थाई साधन की व्यवस्था :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा सह परिवार नियोजन पखवाड़ा की सफलता को सभी स्वास्थ्य संस्थानों में लगाए गए स्टाॅल पर परिवार नियोजन के अस्थाई साधन की व्यवस्था उपलब्ध है। इसलिए, जो लाभार्थी अस्थाई साधन अपनाना चाहते हैं, वह छाया, अंतरा, काॅपर-टी, कंडोम की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा सभी स्टाॅल पर ओआरएस पैकेट की  पर्याप्त व्यवस्था की गई है। , स्टाॅल पर आने वाले लाभार्थियों के बीच उसका वितरण किया जा रहा है।
– डायरिया से संक्रमित बच्चे के बीच ओआरएस पैकेट के साथ-साथ जिंक टैबलेट का भी किया जा रहा है वितरण :
पखवाड़े के दौरान डायरिया से संक्रमित बच्चे मिलने पर, वैसे बच्चे के बीच ओआरएस पैकेट के साथ-साथ जिंक टैबलेट/सीरप का भी वितरण किया जा रहा है। साथ ही सामुदायिक स्तर पर लोगों को डायरिया से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा  और डायरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि डायरिया होने पर क्या करें। , इससे बचाव का क्या उपाय है,।  साफ-सफाई  रखने समेत अन्य आवश्यक जानकारी दी जा रही है। ताकि शुरु आती दौर में ही संबंधित व्यक्ति बीमारी की पहचान कर सके और समय पर इलाज शुरू हो सके।
– डायरिया होने पर 14 दिनों तक जिंक का करें सेवन :
डायरिया होने पर लगातार 14 दिनों तक जिंक का सेवन करें। 02 माह से 06 माह तक के बच्चों को जिंक की  1/2 गोली 10 मिग्रा पानी में घोलकर या माँ के दूध के साथ घोलकर चम्मच से पिलाएं। 06 माह से 05 साल के बच्चों को एक गोली साफ पानी या माँ के दूध में घोलकर पिलाएं। जबकि, दो माह से कम आयु के बच्चों को 05 चम्मच ओआरएस प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं। 02 माह से 02 वर्ष तक बच्चे को 1/4 ग्लास से 1/2 ग्लास प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं। 02 से 05 वर्ष तक के बच्चों को 1/2 से ग्लास प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं।
– जानें क्या है डायरिया और इसके लक्षण :
टट्टी की  अवस्था में बदलाव या सामान्य से ज्यादा बार, ज्यादा पतला या पानी जैसी होने वाली टट्टी ही डायरिया (दस्त) का पहला का लक्षण है। इसके अलावा बच्चा बेचैन व चिड़चिड़ा है, अथवा सुस्त या बेहोश है। बच्चे की ऑखें डाउन हो रही है। बच्चे को बहुत ज्यादा प्यास लगना अथवा पानी ना पी पाना आदि डायरिया का ही कारण और लक्षण है।
– जिंक सेवन के ये हैं विशेष लाभ :
जिंक सेवन से दस्त और तीव्रता दोनों कम होती  है। तीन महीने तक दस्त का खतरा नहीं के बराबर रहता है। रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जबकि, ओआरएस से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है एवं दस्त के खतरे से बचाव करता है।

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