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फाइलेरिया को लेकर जिले में अभियान को किया गया तेज

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फाइलेरिया को लेकर जिले में अभियान को किया गया तेज
-कहलगांव और पीरपैंती प्रखंड में ईंट-भट्ठे  पर काम करने वालों को खिलाई गई गोली
-दो साल से अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की खिलाई जा रही गोली
भागलपुर, 21 फरवरी –
जिले में फाइलेरिया को लेकर 10 फरवरी से एमडीए अभियान शुरू हुआ है। इसके तहत जिले के 31 लाख 40 हजार लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाए जाने का लक्ष्य है। अभियान में अभी कुछ और दिन बचे हैं। इसलिए लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी पूरी मेहनत कर रहे हैं। कोई भी व्यक्ति गोली खाने से छूट नहीं जाए, इसका ध्यान रख रहे हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को कहलगांव और पीरपैंती प्रखंड में ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई गई। केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक ने बताया कि दो साल से अधिक उम्र के सभी योग्य लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जानी है। इसी सिलसिले में जेल हो या फिर ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले लोगों को जाकर गोली खिलाई जा रही है । स्वास्थ्यकर्मी घर पर जाकर तो गोली खिला रही हैं, लेकिन काम पर बाहर जाते हैं, वे छूट नहीं जाएं इसलिए ऐसी जगहों पर जाकर भी हमलोग गोली खिला रहे हैं।
नवगछिया जेल में भी खिलाई गई गोलीः उधर नवगछिया जेल के कैदियों को भी अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई गई। कुल 455 कैदियों को नवगछिया जेल में दवा खिलाई गई। इनमें 455 पुरुष और 19 महिला कैदीं शामिल थीं। इस मौके पर गोपालपुर अस्पताल के प्रभारी डॉ. सुधांशु कुमार, बीएचएम अतीश कुमार राय, केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक, पीसीआई से राजेश मिश्रा और केयर इंडिया के केबीसी सुमंत कुमार सिंह भी मौजूद थे। इससे पहले भागलपुर जेल के भी कैदियों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई गई थी।
दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को खिलाई जा रही गोलीः जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ ने बताया कि जिले में अभी फाइलेरिया को लेकर एमडीए अभियान चल रहा है। इसके तहत दो वर्ष अधिक उम्र के लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाई जा रही है। अभियान के दौरान दो से पांच साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की एक गोली खिलाई जा रही है। छह से 14 साल तक के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की दो गोली खिलाई जा रही है। 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को अल्बेंडाजोल की एक और डीईसी की तीन गोली खिलाई जा रही है। इसके अलावा दो साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रूप से बीमार और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाई जा रही है। साथ ही दवा भूखे पेट नहीं खिलाई जायेगी। इसके अलावा सामने ही दवा खिलाने का निर्देश स्वास्थकर्मियों को दिया गया है। अभियान के दौरान इन बातों का ध्यान रखा जाना है।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: डॉ. दीनानाथ ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका प्रकोप बढ़ जाने के बाद कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह साफ सफाई करनी चाहिए।

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