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लेडी सिंघम के नाम से थीं प्रसिद्ध महिला ने की आत्महत्या

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लेडी सिंघम के नाम से थीं प्रसिद्ध महिला ने की आत्महत्या
लेडी सिंघम के नाम से थीं प्रसिद्ध महिला ने की आत्महत्या

New delhi: देश में एक तरफ सरकार बेटियों को उच्च शिक्षा और तमाम कानूनों का प्रबंध और व्यस्था देने की बड़ी-बड़ी बाते कर रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ इन बेटियों को जिस्म के भूखे और नंगे हैवानों और राक्षसों के हाथों ख़ुद को न्यौछावर करना पड़ रहा हैं. लेकिन शिकायत भी कहा करें और किसे करें पुलिस और प्रशासन से जो ख़ुद इंसान के रुप में भेड़िया बन कर पुलिस चौकी में बैठा हैं.Maharashtra 'Lady Singham' found dead, suicide note 'accuses Sr forest  officer' | Maharashtra की 'लेडी सिंघम' Deepali Chavan-Mohite ने खुद को मारी  गोली, 4 पन्नों के सुसाइड नोट में बताई पूरी ...

सरकारी रिवाल्वर से खुद को मारी गोली

महिला रेंज वन अधिकारी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के अमरावती में मेलघाट टाइगर रिजर्व में तैनात आत्महत्या कर ली है. उन्होंने अपने कथित सुसाइड नोट में महिला ने भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी पर सेक्सुअल हैरेसमेंट और टॉचर्र का आरोप लगाया. 28 वर्षीय RFO दीपाली चव्हाण-मोहिते  ने गुरुवार की देर रात अपने सर्विस रिवाल्वर से टाइगर रिजर्व के पास हरिसल गांव में अपने सरकारी क्वार्टर में खुद को गोली मार ली और मौके पर ही दम तोड़ दिया.Image

लेडी सिंघम के नाम से थीं प्रसिद्ध

बंदूक के साथ उनका खून से लथपथ शव बाद में रिश्तेदारों और सहयोगियों द्वारा बरामद किया गया. वन माफियाओं के खिलाफ अपनी निडरता के लिए लेडी सिंघम के नाम से प्रसिद्ध एक सख्त अधिकारी, दीपाली के पति राजेश मोहिते चिखलधारा में एक ट्रेजरी ऑफिसर के रूप में पोस्टेड हैं, जब उन्होंने इस घातक कदम को उठाया तो उनकी मां सतारा गई हुई थीं,.

वन विभाग में सदमें का माहौल है

दीपाली के परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए उनके शव को लेने से इनकार कर दिया उनके परिवार वालों का कहना था कि चार पन्नों के सुसाइड नोट में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किए जाने तक वो लोग दीपाली का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. घटना के बाद वन विभाग में सदमें का माहौल है. जिसके बाद पुलिस ने अमरावती पुलिस, डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (DCF) शिवकुमार को नागपुर रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया गया. उस वक्त वे बेंगलुरु के लिए एक ट्रेन में सवार होने के लिए इंतजार कर रहे थे. उन्हें आगे की औपचारिकताओं के लिए अमरावती लाया जा रहा है.Imageन्याय दिलाने वाले ही अन्याय को अंजाम दे रहे

जब किसी लड़की के साथ कुछ गलत होता है या अपने हक की लड़ाई लड़नी होती हैं तो उस लड़की को पुलिस स्टेशन की याद आती हैं और वो वहा न्याय की मांग करने पहुंती हैं और तब पुलिस गलत करने वालों को सजा दे कर उस लड़की को न्याय दिलाते हैं लेकिन जब न्याय दिलाने वाले ही उस अन्याय को अंजाम दे रहे है तो एक लड़की कहां जाएं.

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