खगड़िया जिले में जारी है कोविड वैक्सीनेशन अभियान, सुविधाजनक तरीके से दी जा रही है वैक्सीन 

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– टीकाकरण कराने को लेकर युवाओं में उत्साह, सेशन साइटों पर देखी जा रही है अधिक भागीदारी
– युवाओं ने कहा – कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ- साथ सावधानी और सतर्कता भी जरूरी
खगड़िया-
जिले में एक भी व्यक्ति कोविड वैक्सीन लेने से छूटे नहीं, इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले में नियमित तौर पर निरंतर वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसके माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों में शिविर आयोजित कर योग्य लाभार्थियों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा रही है। ताकि जल्द से जल्द वैक्सीन से छूटे व्यक्तियों की संख्या शून्य हो और संपूर्ण जिलेवासी पूर्ण रूप से वैक्सीनेट हो। जिसे सार्थक रूप देने के लिए शिविर के साथ-साथ आवश्यकतानुसार जरूरतमंद लाभार्थियों के घर जाकर भी स्वास्थ्य टीम द्वारा सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा रही है। ताकि एक भी व्यक्ति वैक्सीन से वंचित नहीं रहे और शत-प्रतिशत लोगों का जल्द से जल्द वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके।
– जिले में निरंतर जारी है कोविड वैक्सीनेशन अभियान :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले में नियमित तौर पर वैक्सीनेशन अभियान जारी है। जिसके माध्यम से अबतक वैक्सीन लेने से छूटे व्यक्ति की घर-घर जाकर पहचान की जा रही और उन्हें सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन भी दी जा रही है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और सामुदायिक स्तर पर लोग इस घातक महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इसके अलावा स्वास्थ्य टीम में शामिल एएनएम, ऑगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य कर्मियों द्वारा अभियान चलाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
– युवाओं ने कहा – कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ- साथ सावधानी और सतर्कता भी जरूरी :
खगड़िया प्रखंड अंतर्गत कासिमपुर निवासी युवक जुगेश कुमार ने बताया, मैं वैक्सीन की दोनों डोज ले चुका हूं और तीसरा यानी बूस्टर डोज लेने के लिए निर्धारित समयावधि पूरा होने का इंतजार कर रहा हूँ। क्योंकि, इस घातक महामारी से बचाव के लिए सबसे बेहतर और सरल उपाय वैक्सीन ही है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि सभी लोग प्रोटोकॉल का पालन के साथ वैक्सीनेशन जरूर कराएं।
– सभी सेशन साइटों पर युवाओं की दिख रही है  भागीदारी :
चौथम सीएचसी में तैनात केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक करण कुमार ने बताया, मैं अपने प्रखंड में संचालित सेशन साइटों का नियमित रूप से भ्रमण करता हूँ। हर जगह युवाओं में वैक्सीनेशन कराने को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। इसका जीता-जागता प्रमाण यह है कि सभी सेशन साइटों पर युवाओं की ही अधिक उपस्थिति देखी जा रही है। सभी युवा गाइडलाइन का पालन के साथ वैक्सीनेशन करा रहे हैं।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सेनेटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा • जिले की 12 हजार से अधिक महिलाओं ने अपनाए स्थाई और अस्थाई साधन 

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– 11 हजार से अधिक महिलाओं ने अस्थाई तो 406 महिलाओं ने अपनाए स्थाई साधन
– 17 से 29 जनवरी तक आयोजित पखवाड़ा के दौरान जिले की महिलाओं ने अपनाए साधन
लखीसराय, 01 फरवरी
जिले में 17 से 29 जनवरी तक आयोजित परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा में जिले की महिलाओं में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता दिखी। इस दौरान जिले की कुल 12 हजार 208 महिलाओं ने पुराने ख्यालातों से बाहर आकर और भ्रांतियाँ को दरकिनार कर परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधन को अपनाया। इसमें शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की भी महिलाएं शामिल हैं। जो ना सिर्फ सामुदायिक स्तर पर महिलाओं में सकारात्मक बदलाव है बल्कि, महिलाओं में खुद के लिए जरूरी निर्णय लेने के लिए आई जागरूकता का भी बड़ा संकेत है। वहीं, पखवाड़ा की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी काफी सजग और प्रयासरत रहा। पखवाड़ा के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों में परिवार नियोजन को लेकर तमाम गतिविधियों का आयोजन कर नियमित तौर पर लोगों को जागरूक किया गया। जिसका सकारात्मक परिणाम भी रहा।
– जिले की सभी प्रखंडों की महिलाओं की रही भागीदारी :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, परिवार नियोजन को लेकर महिलाओं में काफी जागरूकता दिखी। जो  खुद गुणवत्तापूर्ण जिंदगी जीने के लिए बेहतर कदम है।  यह सामुदायिक स्तर पर महिलाओं में आई सकारात्मक बदलाव का बड़ा संकेत भी है। वहीं, उन्होंने बताया, परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा में जिले की सभी प्रखंडों की महिलाओं की भागीदारी रही। किसी महिला को परिवार नियोजन के साधन को अपनाने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसको लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक पैमाने पर व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
– 11 हजार 802 महिलाओं ने अस्थाई तो 406 महिलाओं ने अपनाएं स्थाई साधन :
डीसीएम पारस मणि ने बताया, जिले में कुल 12 हजार 208 महिलाओं ने परिवार नियोजन के साधन  अपनाए। जिसमें 11 हजार 802 महिलाओं ने अस्थाई साधन को अपनाया। जबकि, 406 महिलाओं ने अस्थाई साधन को अपनाया। वहीं, उन्होंने बताया, पखवाड़ा के दौरान सभी महिलाओं में काफी जागरूकता दिखी। सभी लाभार्थी तमाम भ्रांतियों को दरकिनार कर और पुराने ख्यालातों से बाहर आकर इस साधन को अपनाने के लिए आगे आईं।
– पखवाड़ा की सफलता को लेकर एक-एक योग्य महिलाओं से संपर्क कर दी गई जानकारी :
केयर इंडिया के डीटीएल अनुराग गुंजन ने बताया परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी के माध्यम से जिले की सभी प्रखंडों की एक-एक योग्य महिला से संपर्क कर उन्हें पखवाड़ा की जानकारी दी गई। साथ ही इस साधन को अपनाने के लिए प्रेरित भी किया गया । जिसका काफी सकारात्मक परिणाम रहा और महिलाएं साधन को अपनाने के लिए आगे आईं।

बांका जिले में सभी लोगों का टीकाकरण जल्द पूरा होगाः सिविल सर्जन

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-डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने संभाला सिविल सर्जन का प्रभार
-कोरोना के खिलाफ अभियान को जारी रखने का दिया निर्देश
बांका-
जिले में कोरोना के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर अभियान को और तेज किया जाएगा। जिले के सभी लोगों के टीकाकरण के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जाएगा। ताकि कोरोना से सभी लोग सुरक्षित हो जाएं। टीका लेने के बाद अगर किसी को कोरोना होगा भी तो उसका असर कम होगा। उससे आसानी से उबर जाएंगे। ये बातें मंगलवार को सिविल सर्जन का प्रभार लेने के बाद डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने कही। इससे पहले डॉ. चौधरी का सदर अस्पताल के सभी कर्मियों ने स्वागत किया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी और केयर इंडिया के डीटीएल तौसीफ कमर ने बुके देकर उनका स्वागत किया। मालूम हो कि डॉ चौधरी एसीएमओ के पद पर थे। 31 जनवरी को सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो के रिटायर हो जाने के बाद मंगलवार को उन्होंने सिविल सर्जन का पदभार संभाला।
डॉ. चौधरी ने कहा कि हाल के दिनों में काफी संख्या में कोरोना के मरीज मिले लगे थे, जिसका बेहतर तरीके से इलाज किया गया। काफी संख्या में मरीज स्वस्थ भी हो गए। अब कोरोना मरीजों के मिलने की रफ्तार कम होने लगी है, लेकिन अभी सतर्कता जारी रखने की जरूरत है। जिले में प्रतिदिन लगभग पांच हजार लोगों की कोरोना जांच होती है, जिसे जारी रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे और बढ़ाया भी जा सकता है। कोरोना के अलावा भी अन्य सेवाओं को भी बेहतर किया जाएगा। अभी हाल ही में मिशन परिवार नियोजन पखवाड़ा में जिले में बेहतर काम हुआ है। अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में भी जिले को आगे बढ़ाना है।
नए सीएस से काफी उम्मीदेः डॉ. अभय प्रकाश चौधरी के सिविल सर्जन के रूप में प्रभार लेने के बाद सभी लोगों में उत्साह का माहौल है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि जब वह एसीएमओ थे तो उनका भरपूर सहयोग हमलोगों को मिला। उनके गाइडेंस में हमलोगों ने बेहतर काम किया। सिविल सर्जन के तौर पर उनके पदभार ग्रहण करने के बाद हमलोगों को खुशी है। उनके साथ काफी समय से काम कर रहे हैं। इसका आगे अच्छा परिणाम निकलेगा। उनके साथ बेहतर अनुभव रहा है, इसका फायदा जिले के लोगों को भी मिलेगा। जिले के बारे में वह काफी बेतहर जानकारी रखते हैं, इससे लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में कोरोना गाइडलाइन का रखा जा रहा ख्याल

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-दो बच्चों के बीच दो गज की दूरी का किया जा रहा है पालन
-जो बच्चे मास्क लगाकर नहीं आते, उसे कराया जा रहा उपलब्ध
भागलपुर, 1 फरवरी
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कोरोना की गाइडलाइन के मुताबिक किया जा रहा है। दो बच्चों के बीच दो गज की दूरी बनाकर रखी जा रही है। साथ ही सभी को मास्क पहनना भी अनिवार्य कर दिया गया है। जो बच्चे मास्क लगाकर नहीं आते हैं, उसे आंगनबाड़ी केंद्र से मास्क उपलब्ध करवाया जा रहा है। आंगनबाड़ी संचालिका हर हाल में बच्चों से कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवा रही हैं।
नाथनगर प्रखंड की कजरैली पंचायत के तेतरहार गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 80 की सेविका रंजना कुमारी कहती हैं कि केंद्र के संचालन में कोरोना की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। बच्चे दो गज की दूरी बनाकर रहें, इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है। साथ ही खेलने-कूदने के दौरान बच्चे के चेहरे से मास्क नहीं उतर जाए, इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। अगर बच्चे के चेहरे से मास्क उतर जाता है तो उसे फिर से पहना देते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जाती है।
50 प्रतिशत बच्चों की रहती है उपस्थितिः आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन 50 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति में किया जा रहा है। अगर किसी केंद्र में 40 बच्चे हैं तो उसमें से एक दिन 20 बच्चों को बुलाया जाता है तो बचे हुए 20 बच्चों को दूसरे दिन बुलाया जाता है। किस-किस बच्चे को किस दिन आना है इसकी जानकारी परिजनों को दे दी गई है। उसी के अनुसार बच्चों को परिजन आंगनबाड़ी केंद्र भेजते हैं। इतनी बातों का ख्याल रखने के बाद कोरोना की गाइडलाइन का पालन हो जाता है।
ठंड से बचाव का भी रखा जा रहा है ख्यालः आंगनबाड़ी केंद्र आने वाले बच्चों को ठंड नहीं लगे, इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। परिजन बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर केंद्र भेजते हैं। इसे लेकर परिजनों को बच्चे को कम कपड़े में नहीं भेजने की बात कही गई है। बच्चे को हर हाल में पूरा कपड़ा पहनाने के लिए कहा गया है। केंद्र पर बच्चों को धूप में बिठाया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों को गर्म भोजन का सेवन आंगनबाड़ी केंद्रों पर करवाया जा रहा है। इस तरह से हर स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में सतर्कता बरती जा रही है। बच्चे को किसी तरह का कोई परेशानी नहीं हो, इसका ख्याल रखा जा रहा है।

आयरन की कमी होना एनीमिया का है मुख्य कारण, बचाव के लिए उचित आहार जरूरी

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– किशोरावस्था और गर्भावस्था में सबसे अधिक रहती है एनीमिया होने की संभावना
– लौह तत्वयुक्त चीजों का करें सेवन और विटामिन ए व सी खाद्य पदार्थ भरपुर खाएँ

खगड़िया, 31 जनवरी।
एनीमिया बीमारी होने का सबसे मुख्य और बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी होना है। इसलिए इससे बचाव के लिए उचित पोषण बेहद जरूरी है। आहार में बदलाव ही इस बीमारी से बचाव के लिए सबसे सरल उपाय है। यह बीमारी खून में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिका या हीमोग्लोबिन कम होने से होता है। इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज कराएं और चिकित्सा परामर्श का पालन करें। अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत खड़ा कर सकती है। इससे घबराने की भी जरूरत नहीं है। ऐसे में समय पर जाँच के लिए अस्पताल जाने एवं चिकित्सकों की सलाह का पालन करना चाहिए। जो आगे की मुसीबत उत्पन्न नहीं होने देगी एवं आपके लिए ना सिर्फ फायदेमंद साबित होगा बल्कि आपको बीमारी से छुटकारा भी मिल सकता है।

– आयरनयुक्त खाना का करें सेवन :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, आयरन की कमी के कारण एनीमिया होता है। इसलिए इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को आहार बदलने एवं आयरन युक्त आहार का सेवन करने से बचाव होगा,अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत बन सकती है।

– ये हैं एनीमिया के प्रारंभिक लक्षण :
एनीमिया की बीमारी का शुरुआती लक्षण थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला होना, दिल की धड़कन में बदलाव, साँस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, सीने में दर्द, हाथों और पैरों का ठंडा होना, सिरदर्द, त्वचा सफेद दिखना आदि कमी होना है। ऐसा लक्षण होते ही ससमय इलाज कराएं।

– प्रोटीनयुक्त खाने का करें सेवन :
एनीमिया के दौरान प्रोटीन युक्त खाने का सेवन करें। जैसे कि पालक, सोयाबीन, चुकंदर, लाल मांस, मूँगफली की मक्खन, अंडे, टमाटर, अनार, शहद, सेब, खजूर आदि प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें। जो कि आपके शरीर की कमी को पूरा करता है एवं हीमोग्लोबिन जैसी कमी भी दूर होती है । इससे आपको एनीमिया बीमारी से बचाव मिल सकता है।

– लौह तत्वयुक्त चीजों का करें सेवन :
एनीमिया से बचाव के लिए लौह तत्वयुक्त चीजों का सेवन करें। यहाँ तक की सब्जी भी लोहे की ही कढ़ाई में बनाएँ। लोहे की कढ़ाई में सब्जी बनाने से आयरन की मात्रा काफी बढ़ जाती है।

– चिकित्सकों के सलाह का करें पालन :
एनीमिया के दौरान आप तुरंत किसी योग्य चिकित्सकों से दिखाएं एवं चिकित्सकों के अनुसार आवश्यक जाँच कराएं। जिसके बाद चिकित्सकों द्वारा दी गई आवश्यक चिकित्सा परामर्श का पालन करें, जो आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

– गर्भवती महिलाएँ रखें विशेष ख्याल :
यह बीमारी महिलाओं में अधिक पाई जाती है। खासकर गर्भवती महिलाएँ को गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए शरीर में रक्त का निर्माण करना पड़ता है। जिसमें कमी होने के कारण एनीमिया होने की प्रबल संभावना हो जाती है। इसलिए गर्भवती महिलाएँ को गर्भ के दौरान लगातार हीमोग्लोबिन समेत अन्य आवश्यक जाँच करानी चाहिए एवं चिकित्सकों के परामर्श का पालन करना चाहिए।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

विश्व कैंसर दिवस : जिले में 04 से 10 फरवरी तक चलेगा कैंसर से बचाव के लिए जागरूक अभियान

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– जिले के स्वास्थ्य स्थानों में निःशुल्क कैंसर चिकित्सा परामर्श सह जागरूकता शिविर आयोजित कर संभावित मरीजों की होगी स्क्रीनिंग
– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर राज्य के सभी सिविल सर्जन को दिए आवश्यक निर्देश

लखीसराय, 31 जनवरी-

अगले माह 04 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर जिले भर में इस घातक बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान का शुभारंभ होगा। जिसका समापन 10 फरवरी को होगा। इस दौरान पूरे सप्ताह स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर नि:शुल्क कैंसर चिकित्सा परामर्श सह जागरूकता शिविर का आयोजन जाएगा। जिसके माध्यम से आमजनों को कैंसर से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा और लोगों को कैंसर के लक्षण, कारण एवं बचाव के लिए विस्तार पूर्वक जानकारी जाएगी। ताकि लोग शुरुआती दौर में ही कैंसर की पहचान कर समय पर अपना इलाज शुरू करवा सकें। दरअसल, शुरुआती दौर में इलाज शुरू कराने से कैंसर से स्थाई निजात मिल सकती है। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर राज्य के सभी सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसमें हर हाल में निर्धारित तिथि पर कार्यक्रम का शुभारंभ सुनिश्चित कराने को कहा है।

– जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लगाया जाएगा चिकित्सा परामर्श सह जागरूकता शिविर :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर 04 फरवरी से जिले में जागरूकता अभियान शुभारंभ करने का निर्देश प्राप्त हुआ। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। ताकि हर हाल में निर्धारित समय पर कार्यक्रम शुभारंभ सुनिश्चित हो सके और सभी कार्यक्रम सफल हो सके। वहीं उन्होंने बताया अनुमंडलीय अस्पताल, सदर अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, एडिशनल पीएचसी समेत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा परामर्श सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें लोगों को कैंसर से बचाव के लिए जागरूक किया गया। ताकि शुरुआती दौर में ही लोग कैंसर की पहचान कर समय पर इलाज शुरू करा सकें।

– संभावित मरीजों स्क्रीनिंग कर दी जाएगी जरूरी चिकित्सा परामर्श :
इस दौरान आयोजित होने वाले नि:शुल्क कैंसर चिकित्सा परामर्श सह जागरूकता शिविर में संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। जिसके उपरांत आवश्यक चिकित्सा परामर्श दी जाएगी। साथ ही समाज के प्रत्येक व्यक्ति को कैंसर के प्रति जागरूक किया जाएगा और कैंसर के इलाज के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। शिविर में आमतौर पर होने वाले कैंसर जैसे गर्भाशय, स्तन एवं मुंह के कैंसर आदि बीमारियों के संभावित कारणों, लक्षणों और उससे बचाव के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।

– कैंसर पीड़ित मरीजों को समुचित इलाज के लिए भेजा जाएगा बेहतर स्वास्थ्य संस्थान :
जाँच के दौरान जिस व्यक्ति में कैंसर के लक्षण पाएं जाएंगे, उन्हें समुचित इलाज के लिए बेहतर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे व्यक्ति को समुचित इलाज के लिए पटना स्थित महावीर कैंसर संस्थान, पीएमसीएच, एम्स समेत अन्य बेहतर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का चयन किया गया है। जहाँ ऐसे मरीजों को समुचित इलाज के लिए भेजा जाएगा।

– आर्सेनिकयुक्त पानी का सेवन है कैंसर का मुख्य कारण :
कैंसर की बीमारी का मुख्य कारण आर्सेनिक युक्त पानी का सेवन होता है। दरअसल, ऐसा देखा जा रहा है कि कैंसर से पीड़ित अधिक मरीज उस इलाके में ही मिल रहें हैं। जिस इलाके की पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक पाई जाती है। स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 38 जिले में 18 जिले आर्सेनिक प्रदूषण में है। इसलिए, कैंसर से बचाव के लिए शुद्ध पेयजल का सेवन करें।

– ध्रूमपान से रहें दूर, चिकित्सा परामर्श का करें पालन :
पुरुषों में अधिकांश मुँह का कैंसर होता है। जिसका मुख्य कारण है पान, गुटखा, खैनी, सिगरेट समेत अन्य नशीले पदार्थों का अति उपयोग करना। इसलिए, कैंसर से बचाव के लिए ध्रूमपान से परहेज करें और चिकित्सा परामर्श का पालन करें।

– कैंसर के लक्षण :
– मुंह के अंदर या बाहर फोड़ा/जख्म का नहीं भरना
– मुंह के अंदर या जीभ पर सफेद चकता बलगम, पखाना, पेशाब या जननान्ग मार्ग से खून आना
– स्तन में गांठ, स्तन से खून का रिसाव, रजोवृति के बाद रक्तस्राव
– जननान्ग मार्ग रिसाव में दुर्गंध
– चमड़े पर तिल या गांठ के आकार में इजाफा।

समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत

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-इस्माइलपुर पीएचसी परिसर में शिविर आयोजित कर विजेता लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत
-बंपर पुरस्कार में तीन हजार रुपये का तो सांत्वना पुरस्कार में एक हजार रुपये का मिला उपहार
भागलपुर, 31 जनवरी
इस्माइलपुर पीएचसी परिसर में सोमवार को निर्धारित समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन जिला पार्षद विपिन मंडल ने किया। मौके पर पीएचसी प्रभारी डॉ. राकेश कुमार, केयर इंडिया के जितेंद्र कुमार सिंह, बीएचएम शैलेंद्र कुमार, अमरेंद्र कुमार, राहुल सेनेही, सोनू कुमार, सुजीत कुमार और कमलेश कुमार मौजूद थे। मौके पर विजेता लाभार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। शिविर में निर्धारित समयावधि के एक सप्ताह के अंदर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों के बीच बम्पर एवं सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया। लक्की ड्रॉ के माध्यम से विजेता बने सभी लाभार्थियों को पुरस्कृत किया गया। वहीं, उपहार पाने के बाद सभी लाभार्थी काफी उत्साहित दिखे।
विजेता लाभार्थी अन्य लोगों को भी टीका लेने के लिए करें प्रेरित: जिला पार्षद विपिन मंडल ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा, आपलोग अपने माध्यम से अन्य लोगों को भी टीका लेने के लिए अपील करें। यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी भी है और समाजहित में बेहतर कदम भी है। वहीं, उन्होंने कहा, इस घातक महामारी से बचाव के लिए टीका ही सबसे बेहतर और कारगर उपाय है। इसलिए, मैं तमाम प्रखंडवासियों से अपील करता हूं कि जल्द से जल्द सभी लोग टीकाकरण कराएं और सुरक्षित रहें। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए गाइडलाइन का पालन करें। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करें।
25 विजेता लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत: पीएचसी प्रभारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि सोमवार को केयर इंडिया के सहयोग से सम्मानित सह पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से प्रखंड के 11लाभार्थियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, बम्पर पुरस्कार के रूप में तीन हजार रुपये और सांत्वना पुरस्कार के रूप में एक हजार रुपये का उपहार दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, जो लाभार्थी शिविर में किसी कारणवश नहीं आ पाएं, उनका उपहार सुरक्षित रहेगा और निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन नहीं ले पाए हैं, वह वैक्सीनेशन कराकर इस घातक महामारी से खुद को सुरक्षित करें।

मिशन परिवार विकास पखवाड़ा में 12 सौ महिलाओं का हुआ बंध्याकरण

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-जिले में 17 से 29 जनवरी तक चला मिशन परिवार विकास पखवाड़ा
-पखवाड़ा में लोगों को परिवार नियोजन के प्रति किया गया जागरूक
बांका, 31 जनवरी
जिले में 17 से 29 जनवरी तक चले मिशन परिवार विकास पखवाड़ा में लगभग 12 सौ महिलाओं का बंध्याकरण किया गया। इस दौरान जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में अभियान चलाकर लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया गया और महिलाओं का बंध्याकरण किया गया। काउंसिलिंग में लोगों को परिवार नियोजन को लेकर अस्थाई सामग्री के इस्तेमाल को लेकर जागरूक किया गया। लोगों को यह समझाया गया कि परिवार नियोजन के लिए अस्थाई सामग्री का इस्तेमाल बहुत ही लाभकारी है। इसके इस्तेमाल से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है।
एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने कहा कि जिले में मिशन परिवार विकास पखवाड़ा का संचालन काफी सफलतापूर्वक तरीके से किया गया। काफी संख्या में महिलाओं का ऑपरेशन किया गया। साथ ही लोगों को परिवार नियोजन के बारे में जानकारी दी गई। परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में भी बताया गया। परिवार नियोजन से किस तरह के फायदे होते हैं, इसकी जानकारी लोगों को दी गई। लोगों में परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री का वितरण भी किया गया।
जारी रहेगा परिवार नियोजन अभियानः डॉ. चौधरी ने बताया कि पखवाड़ा भले ही समाप्त हो गया है, लेकिन परिवार नियोजन को लेकर जिले में अभियान जारी रहेगा। आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर लोगों को लगातार परिवार नियोजन के प्रति जागरूक कर रही हैं। यह अभियान आगे भी चलता रहेगा। अगर बंध्याकरण समेत परिवार नियोजन से संबंधित अन्य तरह का अभियान चलता रहेगा। इसलिए बंध्याकरण को लेकर इच्छुक व्यक्ति जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में जाकर ऑपरेशन करा सकते हैं।
पांच पुरुषों का भी हुआ बंध्याकरणः अभियान के दौरान सबसे खास बात यह रही कि पांच पुरुषों का भी ऑपरेशन किया गया। आमतौर पर पुरुष बंध्याकरण से हिचकिचाते हैं। उनके मन में तमाम तरह के भ्रम रहते हैं, लेकिन बंध्याकरण से पुरुषों को कोई नुकसान नहीं होता है। डॉ. चौधरी कहते हैं कि पुरुषों को बंध्याकरण से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है, इसकी जानकारी लगातार लोगों को दी जा रही है। इसे लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि अब जिले के पुरुष भी बंध्याकरण को लेकर सामने आ रहे हैं।
दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूरीः केयर इंडिया के परिवार नियोजन के जिला समन्वयक कन्हैया कुमार कहते हैं कि पखवाड़ा के दौरान दंपति को समझाया गया कि दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी है। इससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ्य रहता है। साथ ही बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे वह भविष्य में बीमारियों की चपेट में नहीं आता है। अगर आता भी है तो वह उससे जल्द उबर जाता है। इसके अलावा पहला बच्चा भी 20 साल के बाद ही पैदा करने की सलाह लोगों को दी गई। इन सारी बातों को लगातार लोगों को बीच ले जाई जा रही है। पखवाड़ा समाप्त होने के बाद भी लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जाएगा।

एनटीडी दिवस आज: मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं का हुआ उन्मुखीकरण

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– जिला मलेरिया कार्यालय परिसर में आशा कार्यकर्ताओं को हो रहा प्रशिक्षण

– मुंगेर के हवेली खड़गपुर और धरहरा क्षेत्र से आई आशा कार्यकर्ताओं को दी जा रही ट्रेनिंग

मुंगेर, 29 जनवरी-

नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज (एनटीडी) डे 30 जनवरी से पूर्व शनिवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित जिला मलेरिया कार्यालय के प्रांगण में राष्टीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं के लिए एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई । इस कार्यशाला में मुंगेर के मलेरिया प्रभावित हवेली खड़गपुर और धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र अंतर्गत अति मलेरिया प्रभावित स्वास्थ्य उपकेंद्रों के गांवों की लगभग 100 आशा कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि बिहार के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, राज्य वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अंजनी कुमार के द्वारा जारी पत्र के आलोक में मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के गुणवत्तापूर्ण संचालन के लिए जिला के मलेरिया प्रभावित हवेली खड़गपुर और धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत काम करने वाली 100 आशा कार्यकर्ताओं को 50-50 के दो बैच में 28 और 29 जनवरी को मलेरिया उन्मूलन से जुड़ी तकनीकी पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उन्मुखीकरण कार्यशाला के पहले दिन 28 जनवरी को हवेली खड़गपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र से 50 आशा कार्यकर्ता और दूसरे दिन 29 जनवरी को हवेली खड़गपुर प्रखण्ड क्षेत्र से 10 और धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र से 40 आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में उनकी भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर प्रशिक्षक के तौर पर उपस्थित वेक्टर डिजीज कंट्रोल ऑफिसर संजय कुमार विश्वकर्मा और वेक्टर बोर्न डिजीज कंसलटेंट पंकज कुमार प्रणव ने आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि मलेरिया एक नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज (एनटीडी) बीमारी है जो मादा एनोफिलीज नामक मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी में रोगी को लंबे समय तक बुखार रह सकता है। इसके साथ ही रोगी को कई अन्य प्रकार की परेशानियां भी हो सकती है। इससे बचने का उपाय है कि पहले अपने आसपास साफ-सफाई रखें, कहीं भी पानी नहीं जमने दें क्योंकि इन्हीं जगहों पर मादा एनोफिलीज मच्छर पनपता और लोगों में मलेरिया बीमारी को तेजी से प्रसारित करता है। इसके साथ ही सभी लोग सोने के समय मच्छरदानी या मच्छर अगरबत्ती या अन्य साधनों का इस्तेमाल करें। इसके बावजूद मलेरिया बीमारी का लक्षण जैसे तेज बुखार होने पर तत्काल डॉक्टर से सम्पर्क कर अपना सही इलाज करवाएं।

हृदयरोग से पीड़ित किशोरी को समुचित इलाज के लिए भेजा गया अहमदाबाद

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– किशोरी का अहमदाबाद में निःशुल्क होगा ऑपरेशन, मुफ्त मिलेगी सभी सुविधाएं
– आरबीएसके की टीम की पहल पर अभिभावक संग पीड़ित किशोरी को भेजा गया अस्पताल

लखीसराय, 29 जनवरी-

लोगों को बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और कटिबद्ध है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए आरबीएसके टीम की पहल पर जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत मानूचक गाँव में एक ऐसी किशोरी की खोज की गई, जो हृदय रोग से पीड़ित हैं। पीड़ित किशोरी झंडु साह की 17 वर्षीया पुत्री सुमन कुमारी है। किशोरी के परिवार वाले अपनी बच्ची का समुचित इलाज और स्वस्थ होने की उम्मीद छोड़ चुके थे। किन्तु, अब किशोरी का सरकार के सहयोग एवं स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की पहल पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से समुचित इलाज होगा। वहीं, पीड़ित किशोरी को सरकारी एम्बुलेंस से पटना भेजा गया, वहाँ से हवाई जहाज से किशोरी को अभिभावक के साथ श्री सत्य साईं अस्पताल भेजा गया। जहाँ किशोरी का निःशुल्क ऑपरेशन एवं समुचित इलाज होगा।

– किशोरी को सभी सुविधाएं मिलेगी मुफ्त, परिजनों को नहीं उठानी पड़ेगी खर्च :
सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया, किशोरी को आने-जाने समेत सभी सुविधाएं यानी ऑपरेशन से लेकर समुचित इलाज तक की सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त मिलेगी। इस दौरान अभिभावकों को किसी प्रकार का खर्च नहीं करना पड़ेगा। वहीं, उन्होंने बताया, किशोरी को यहाँ से 102 एम्बुलेंस के माध्यम से नि:शुल्क राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्ल्यू) शेखपुरा पटना भेजा गया। वहाँ से नि:शुक्ल समुचित इलाज के लिए फ्लाइट के माध्यम से अभिभावक संग श्री सत्य हार्ट हृदय अस्पताल अहमदाबाद भेजा गया।

– पीड़ित बच्चों का निःशुल्क होगा समुचित इलाज :
किशोरी को चिह्नित एवं इस पूरे मामले का नेतृत्व कर रहे आरबीएसके के चिकित्सक डाॅ शिव शंकर कुमार ने बताया, जन्मजात हृदय रोगों से पीड़ित किशोरी सुमन कुमारी का निःशुल्क समुचित इलाज होगा। वहीं, उन्होंने बताया, बच्चे के साथ-साथ अभिभावकों का भी खर्च सरकार द्वारा ही वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया, जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित बच्चे को साँस लेने में परेशानी होती है। हमेशा सर्दी-खांसी रहती है। चेहरे, हाथ, होंठ नीला पड़ने लगता है। जिसके कारण गंभीर होने पर बच्चों के दिल में छेद हो जाता है। ऐसे बच्चों का आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) द्वारा इलाज कराया जाता है।

– छोड़ चुके थे इलाज की उम्मीद, अब जगी उम्मीद की नई किरण :
किशोरी के पिता झंडु साह एवं माता गीता देवी ने बताया, हमलोग तो अपने बच्चे के समुचित और स्थाई इलाज की उम्मीद ही छोड़ चुके थे। क्योंकि, ना ही स्थानीय स्तर पर समुचित इलाज की व्यवस्था उपलब्ध थी और ना ही बाहर में इलाज कराने के लिए पर्याप्त पैसा था। किन्तु, इसी बीच जब स्थानीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित इलाज, वो भी पूरी तरह मुफ्त होने की जानकारी मिली कि पूरे परिवार में उम्मीद की नई किरण जग गई। इसके लिए मैं स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सरकार का ताउम्र ऋणी रहूँगा। वहीं, दोनों बच्चे के अभिभावक ने इलाज की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार का आभार जताते हुए धन्यवाद दिया है।