एक शूरवीर की शौर्यगाथा है फिल्म “तान्हाजी”

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#तानाजी

बॉलीवुड हमेशा से इतिहास दुषित करने के लिए बदनाम रहा है लेकिन फिर भी बॉलीवुड में अभी भी कुछ एक्टर्स ऐसे बचे हैं, जिनकी फिल्मों में दम है, अजय देवगन का नाम काफी ऊपर आता है, जो एक बार फिर लौट आए हैं एक दमदार कंटेंट वाली ,ओरिजनल और सच्ची घटना पर आधारित ऐतिहासिक फ़िल्म लेकर….जिसका नाम है … आईए जानते हैं, कौन हैं तानाजी! क्या कहानी थी उनकी और क्या वीरता के कीर्तिमान उन्होंने रचे!और यह भी विश्लेषण करें कि क्या अजय देवगन, तानाजी के किरदार को असलियत के साथ पेश कर पाएंगे या नहीं! या फिर पानीपत और पद्मावत की तरह इस फ़िल्म में भी हमारे इतिहास को तोड़ मरोड़ कर तो पेश नहीं किया जाएगा!

#तानाजी मालुसरे……छत्रपति शिवाजी महाराज के अनन्य मित्र, उनकी दाहिनी बाजूं, और सूबेदार(किलेदार) थे।वो तानाजी ही थे, जिनके बाहुबल से मराठा योद्धाओं ने उस समय के सबसे महत्वपूर्ण कोंढ़ाना (सिंहगढ़)किले पर विजय प्राप्त की थी!

तानाजी का जन्म 1600 ईसवी में महाराष्ट्र के सतारा जिले के गोदोली गांव में हुआ था। इनके पिताजी का नाम सरदार कलोजी तथा माता का नाम पार्वती बाई था। बचपन से ही तलवारबाजी में रुचि के कारण उनकी मित्रता शिवाजी से हो गई, और आगे चलकर उनकी कार्यकुशलता एवं अनुभव को देखते हुए शिवाजी महाराज ने उन्हें अपनी हिंदवी सेना का सेनापति तथा मराठा साम्राज्य का मुख्य सूबेदार नियुक्त कर दिया।
तानाजी, शिवाजी के साथ हर लड़ाई में शामिल होते थे। जब वह छत्रपति के साथ औरंगजेब से मिलने गए थे, तब औरंगजेब ने छलपूर्वक उन दोनों को कैद कर लिया था, किंतु यह छत्रपति और तानाजी की आपसी सूझ बूझ का ही परिणाम था कि वे दोनों मिठाई की टोकरी में बैठकर कुशलपूर्वक किले से बाहर निकल आए।

एक बार छत्रपति शिवाजी महाराज की माता श्री जीजाबाई, लाल महल से उदास मन से कोंडाना किले की ओर देख रही थीं! छत्रपति ने उनसे इस उद्विग्नता का कारण पूछा तो उन्होंने कहा….”इस किले पर लहराती हरी पताक़ा उन्हें बेचैन कर रही है!”

इसके अगले ही दिन छत्रपति ने अपने दरबार में सबसे पूछा कि कोंडाना पर आक्रमण करने कौन जाएगा, वह तानाजी ही थे, जिन्होने भरे दरबार में ताल ठोककर कहा था कि “मैं जीतकर लाऊंगा कोंडाना!”

यह वो समय था जब तानाजी के पुत्र के विवाह की तैयारियां चल रही थीं किंतु उन्होंने अपने पुत्र के विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्य को वरीयता न देकर छत्रपति की इच्छा का सम्मान करते हुए किले पर आक्रमण करना उचित समझा।

कोंडाना किले की बनावट ऐसी थी कि उसपर आक्रमण करने अत्यंत ही दुष्कर कार्य था, परन्तु तानाजी और छत्रपति के लिए माता जीजाबाई की इच्छा सर्वोपरि थी। उस समय किले पर 5000 मुगल सैनिकों का पहरा था और किले की सुरक्षा का जिम्मा उदयभान राठौड़ के हाथों में था, जो एक राजपूत, एक हिन्दू होते हुए भी सत्ता की लोलुपता में मुगलों से जा मिला था। उदयभान के बारे में कहा जाता है कि वह एक जीता जागता दैत्य था और रोजाना बीस सेर चावल तथा दो भेड़ें खा जाना उसके लिए आम बात थी। उदयभान के पांच पुत्र थे, जो उससे भी बड़े दैत्य थे।

कोंडाना किले का सिर्फ एक ही भाग ऐसा था, जहां से मराठा सेना प्रवेश कर सकती थी और वह था किले की ऊंची पहाड़ियों के पश्चिमी भाग।
वह चार फरवरी, सोलह सौर सत्तर की रात थी।तानाजी के साथ उनके भाई, सूर्या जी और शेलार मामा सिर्फ 342 सैनिकों के साथ निकल पड़े।किले तक पहुँचने पर तानाजी और उनके 342 सैनिकों ने पश्चिमी भाग से किले के अंदर दाखिल होने का निश्चय किया।
तानाजी के पास एक घोरपड नामक पालतू सरिसृप था। यह एक ऐसा जीव होता है जो अगर एक बार भी किसी पत्थर पर भी अपने पांव जमा दे, तो कई पुरुषों का भार पड़ने पर भी वह अपनी जगह से टस से मस नहीं होता। तानाजी ने घोरपड में एक मोटी रस्सी बांधी और उसे किले के पश्चिमी बुर्ज पर फेंक दिया और तानाजी और उनके कई साथी चुपचाप किले पर चढ़ गए।और कोंडाना का कल्याण दरवाजा खोलने के बाद उन्होंने आक्रमण कर दिया।

उदयभान के नेतृत्व में 5000 मुगल सैनिकों के साथ, तानाजी के मात्र 342 सैनिकों का भयंकर युद्ध हुआ।तानाजी एक शेर थे और एक की तरह ही लड़े। युद्ध में जब उनकी ढाल टूट गई तब उन्होंने अपने माथे पर बंधे फेटे को खोलकर अपने हाथ पर बांधा और दूसरे हाथ से बिजली सी गति से तलवार चलाते रहे। अन्ततः मराठाओं ने किले को जीत लिया, किंतु तानाजी युद्ध में गम्भीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हुए।

उनकी मृत्यु की खबर सुनकर छत्रपति शिवाजी महाराज अत्यंत दुखी हुए और उनके मुख से निकला….”गढ़ आला, पन सिंह गेला….!” अर्थात हमने किला तो जीत लिया, परन्तु अपना सिंह खो दिया। शिवाजी महाराज, अपने मित्र वीर तानाजी के निधन से इतने दुखी हुए कि ग्यारह दिनों तक रोते और विलाप करते रहे।

कोंडाना किले की फतह के बाद छत्रपति ने उसे मुगलों की दासता से मुक्त कराया तथा अपने मित्र तानाजी की स्मृति में उसका नाम बदलकर “सिंहगढ़” कर दिया, क्योंकि शिवाजी राजे, तानाजी को “सिंह” कहकर ही सम्बोधित करते थे। इसके अलावां उन्होंने पुणे नगर के “वाकडेवाडी” का नाम ‘नरबीर तानाजी वाड़ी” रख दिया। उनकी स्मृति में महाराज शिवाजी ने सम्पूर्ण महाराष्ट्र में उनके कई स्मारक बनवाए।

भारत सरकार ने भी तानाजी के सम्मान में सिंहगढ़ किले की तस्वीर के साथ 150 रुपए का डाक टिकट भी जारी किया था।महान क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर जी ने भी तानाजी के जीवन पर “बाजीप्रभु” नामक गीत की रचना की, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया।अन्ततः 24 मई, 1946 को यह प्रतिबंध हटा लिया गया।

तो ऐसे वीर योद्धा तानाजी पर फ़िल्म की दमदार स्टार कास्ट व इस फ़िल्म के डायरेक्टर ओम राउत हैं, जो स्वयं एक मराठा हैं और इसके पहले बतौर डायरेक्टर उन्होंने “लोकमान्य तिलक” जैसी दमदार मराठी फिल्म का निर्देशन किया था तो देखना आवश्यक है और यदि हमने, हम सबने इसे समर्थन देकर, देखकर आगे नहीं बढ़ाया, तो फिर आगे कोई भी भारत के इतिहास पर फ़िल्म बनाने का साहस नहीं कर सकेगा और ना ही आपको…किसी फिल्म में “जय भवानी” और “हर हर महादेव” के नारे सुनाई देंगे!

तो जाइये…और महसूस करिए उस महान योद्धा की वीरगाथा को!
हर हर महादेव!

पत्रकारों की सुरक्षा के लिए गाइडलाइंस जारी करे सरकारः डीजेए

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-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
-डीजेए के द्विवार्षिक चुनाव को लेकर पर की गई चर्चा

नई दिल्ली
दिल्ली और देश में पत्रकारों के प्रति बढ़ती हिंसा की घटनाओं को लेकर दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन (संबद्ध नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया) का प्रतिनिधिमंडल जल्दी ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगा। दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन (डीजेए) की एक बैठक एनयूजे के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार रासबिहारी की अध्यक्षता में गुरूवार 19 दिसंबर को प्रेस क्लब में हुई। बैठक में हाल ही में जामिया इलाके में कवरेज के लिए गए पत्रकारों पर हमले पर चिंता जताई गई। साथ ही डीजेए के द्विवार्षिक चुनाव के कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई। दरअसल 23 जनवरी को डीजेए के चुनाव के लिए यदि जरूरी हुआ तो मतदान होगा। बैठक में डीजेए के अध्यक्ष राकेश थपलियाल, महासचिव ज्ञानेंद्र सिंह और पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

एनयूजे व डीजेए पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ लगतार हिंसा बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से पत्रकारों को अपना काम करने में परेशानी झेलनी पड़ती है। दिल्ली जैसे सुरक्षित कहे जाने वाले शहरों में भी पत्रकारों के साथ हिंसा की वारदातें देखी जा रही हैं। पत्रकार संगठन के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मांग की है कि पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कुछ गाइडलाइंस जारी की जानी चाहिए। ताकि पत्रकार खबरों के संकलंन संबंधी अपने काम को सही तरह से अंजाम दे सकें।
जल्दी ही दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात करेगा। उन्होंने बताया कि एनयूजे और डीजेए लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा की मांग को सरकार से संबंधित विभिन्न मंचों पर उठाते आ रहे हैं। जल्दी ही डीजेए का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलकर पत्रकार सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग करेगा।

*मेक इन इण्डिया के यू एई में राजस्थान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (RCCI) के सहयोग से आगे बढ़ाएगी ‘गो-गेटर’ कम्पनी*

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भारत की मेक इन इंडिया योजना अब देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी अपना परचम लहरा रही है। इसका उदाहरण बनी है, यूएई निवासी श्रीमति विनिथा भाटिया जो कि मूलतः भारतीय है और यूएई में अपनी कम्पनी गो-गेटर जो कि ई-मार्केटिंग प्लेटफार्म है के माध्यम से एमएसएमई का यू एई में व्यापार व मार्केट शेयर बढ़ाने हेतू राजस्थान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के मानद् महामंत्री एन. के. जैन से मुलाकात की।
गो गेटर कम्पनी यूएई में स्थित हैं परन्तु ई प्लेटर्फाम कम्पनी होने के कारण उसका फायदा तथा उससे जुडे़़ सभी कार्य का फायदा RCCI के मेम्बर को हो सकता है और वो अपना व्यापार पूरे विश्व में फैला सकते हैं। गो गेटर कम्पनी अपना समस्त कार्य मेक इन इंडिया के लिए ही करती है।
क्योंकि उक्त कम्पनी की सर्वे-सर्वा यूएई निवासी महिला श्रीमति विनिथा भाटिया है परन्तु भारतीय मूल की होने के कारण उनका दिल आज भी अपने हिन्दुस्तान के लिए ही धडकता है, यही कारण है कि, जब उन्होने दुबई में अपना कार्य आरंभ करा तब आरंभ से ही गो गेटर को मेक इन इंडिया के लिए समर्पित कर दिया है, जोड दिया है। आज कुछ ही समय में गो गेटर कम्पनी ने दुनिया में जहां अपनी पहचान स्थापित करी है वहीं भारत के अनेकों एम.एस.एम.ई. चेंबर आज गो गेटर से जुड चुके है, एवं रोजाना नए जोडे जा रहें हैं। इन सभी चेंबर्स को यूएई में हर तरह की मदद करने को गो गेटर सदैव तत्पर रहती है। RCCI (राजस्थान चेंबर) के सचिव तथा राजस्थान के एम्पलॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र जैन ने विगत दिनों अपने दुबई प्रवास के समय गो गेटर कम्पनी की सीईओ विनिथा भाटिया से मुलाकात करी जिसमें भविष्य में राजस्थान के उद्योग व राजस्थान चेंबर को यूएई में गो गेटर से मिल कर चलने एवं व्यापार व उद्योग क्षेत्र में नई संभावनाओं के प्रति चर्चा करी गई। राजस्थान चेंबर के सचिव एन. के. जैन ने अपने साक्षात्कार में बतलाया कि, दुबई को व्यापारिक दृष्टिकोण से वह एक आपरचुनिटी मानते है। उन्होने बतलाया कि, आज युएई विश्व का सबसे बडा व्यापारिक केंद्र बन गया है।
राजस्थान का व्यापारी, उद्योगपति एवं एक्सपोर्टर जो कोई भी राजस्थान चेंबर आफ कॉमर्स से संबधित है, वह यहां दुबई में गो गेटर के संग मिल कर अपने लिए नए आयाम तलाश सकता है। गो गेटर, ई प्लेटफार्म कम्पनी होने के फायदे से वह गो गेटर से आपसी सहयोग प्राप्त कर अपने व्यापार, उधोग एवं एक्सपोर्ट के धंधे को नई ऊँचाईयों की और ले जा सकता है। आगे जानकारी देते हुए जैन ने बतलाया कि, आज राजस्थान चेंबर आफ कॉमर्स से सिर्फ राजस्थान के लगभग 70,000 औद्योगिक सदस्य जुडें हुए है साथ ही लगभग 500 एक्सपोर्टर जुडे़ है। मेक इन इंडिया के तहत राजस्थान चेंबर आफ कॉमर्स और गो गेटर कम्पनी के आपस में जुडने से जंहा व्यापार जगत को फायदा पहुंचेगा, वहीं साथ ही दोनों देशों में भी आपसी सोहार्द्र एवं भाईचारा बढ़ेगा। भविष्य में गो गेटर अपने कामों से एम.एस.एम.ई. एवं मेक इन इंडिया को आगे लाने में एक मील का पत्थर साबित होगी, ऐसा वक्तवय राजस्थान चेंबर आफ कॉमर्स के जैन ने दिया है। राजस्थान के व्यापारियों से उन्होनें अपिल करते हुए कहा कि, यदि वह अपने निर्मित सामान को यूएई के घर घर तक पहुंचाना चाहते है और अपने व्यापार को दुबई इत्यादि देशों में सप्लाई करना चाहते है तो उन्हें गो गेटर कम्पनी से तत्काल प्रभाव से जुड़ अपने सपनो को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाना ही होगा।

राजेंद्र प्रसाद केसरवानी विशेष पुरस्कार से सम्मानित

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नईदिल्ली-

इकवो एग्रो डेली प्रा. लि. ने कंपनी के जीएम बीके वाजपेयी ने बेहतर परफोर्मेंस के लिए एजेंसी के मालिक राजेंद्र प्रसाद केसरवानी को 50 वें विवाह वर्षगांठ पर विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया। राजेंद्र प्रसाद ने यह पुरस्कार अपने तीनों पुत्रों कौशल केसरवानी, कौशिक केसरवानी और किशन केसरवानी के साथ लिया। इस मौके पर कंपनी के मार्केटिंग हेड पंकज कुमार और एकाउंटेंड मैनेजर सुशील शुक्ला, सेल्स ऑफिसर अमोद पांडे और उनकी सेल्स टीम उपस्थित थी। गौरतलब है कि राजेंद्र प्रसाद केसरवानी की एजेंसी ने बहुत ही कम समय में हजार टोन के टारगेट को पूरा कर दिया है। इसके लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। इक्वो एग्रो अपने सभी वितरकों को उनके उपलब्धि पर पुरस्कृत करती रहती है। राजेंद्र प्रसाद केसरवानी को कंपनी के डायरेक्टर अभिषेक गुप्ता ने टेलीफोन बधाई दी। कंपनी नंदी अटा, दलिया, सुजी,मैदा, वेसन, अचार, की मैन्यूफेक्चरींग करती हैं एवं पूरे उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रही है।

 

शेखावत विजयी रथ पर सवार होंगे?

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कांग्रेस के मंसूबे पूरे नहीं होने वाले हैं- नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश

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नंद गोपाल गुप्ता नंदी। कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश। इनका कहना है कि जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से जिस प्रकार से कार्य किया है इससे जनसमर्थन मिल रहा है। हिंदुस्तान को प्यार करने वाला हर व्यक्ति, आतंकियों को खत्म करने वाला हर व्यक्ति, सीमा पर भारत को मजबूत देखने वाला हर व्यक्ति आज नरेंद्र मोदी के साथ है। देश में एक बार फिर मोदी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। नंद गोपाल गुप्ता नंदी से संवाददाता मानवेंद्र की खास बातचीत।

-उत्तर प्रदेश में जिस प्रकार से महागठबंधन हुआ है इसका क्या असर पड़ेगा। ऐसा लग रहा है कि भाजपा को नुकसान होने वाला है।

जी नहीं विपक्ष का मंसूबा पूरा नहीं होगा। यह हवाई गठबंधन है। जब भी उत्तर प्रदेश में इनकी सरकार रही है प्रदेश को खोखला करने का काम किया है। सपा-बसपा के मिल जाने भर से जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं होगा। 2014 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम उम्मीदवार के रूप में आए तो उनकी बेदाग छवि, उनकी सोच, उनके विकास मॉडल पर देश की जनता ने उन्हें सर्वोच्च कुर्सी पर बैठाया। 2014 पर आपने देखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्य के बल पर मायावती जीरो हो गईं। जीरो इसलिए हो गई कि क्योंकि दलित की बेटी, दलित बेटी कहकर वोट हासिल करती रहीं। लेकिन दलितों के जीवन में कोई बदलाव नहीं हुआ। दलित के लिए उऩ्होंने कुछ नहीं किया। सपा परिवार में सिमट कर रह गया। यहां सपा बसपा गठबंधन ही नहीं बल्कि सपा बसपा के साथ कांग्रेस भी गठबंधन में है। तीनों एक हैं। शत्रुध्न सिन्हा कांग्रेस में हैं और लखनऊ में आकर सपा का प्रचार कर रहे हैं। यह क्या दिखाता है। सपा बसपा ने अमेठी और रायबरेली में अपने उम्मीदवार खड़े ही नहीं किए हैं। भोली भाली जनता को ठगने का काम, बरगलाने का इन्होंने किया है। धरतीपुत्र कहे जाने वाले मुलायम सिंह यादव परिवार में सिमट कर रह गए हैं।

-लखनऊ में अभिनेता व पूर्व भाजपा नेता शत्रुध्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा मैदान में हैं। और शत्रुध्न सिन्हा यहां लगातार प्रचार में आ रहे हैं। कितना असर डालेगा यह चुनाव पर।

विनाश काले विपरीत बुद्धि। फिल्मों में शत्रुध्न सिन्हा मनोरंजन करते रहे हैं और अब देश की जनता के साथ मजाक करना चाहते हैं। ऐसा कोई सगा नहीं जिसको उन्होंने ठगा नहीं। जिस भाजपा के बल पर वे लगातार सांसद रहे। अब पार्टी में बने रहे और सांसद रहे और विरोध में बोलते भी रहे। अगर विरोध में बोलना ही था तो इस्तीफा देकर जनता के बीच जाकर बोलते। यहां तक कि वे कांग्रेस में हैं और अखिलेश और मायावती के बारे में बताया कि अच्छे प्रधानमंत्री होंगे। मैं तो कहता हूं कि यह गठबंधन जो सभी सीटों पर चुनाव भी नहीं लड़ रही है। 272 पर चुनाव भी नहीं लड़ रही है। वे इसलिए चुनाव लड़ रहे हैं ताकि कमजोर सरकार बनाना है। मजबूर सरकार बनाने की कोशिश में हैं। आज देश को मजबूर नहीं, मजबूत सरकार चाहिए। वह केवल मोदी सरकार ही दे सकती है। यह सभी जानते हैं।

हिंदुस्तान को प्यार करने वाला हर व्यक्ति, आतंकियों को खत्म करने वाला हर व्यक्ति, सीमा पर भारत को मजबूत देखने वाला हर व्यक्ति आज नरेंद्र मोदी के साथ है। उनको पसंद करता है। उनका समर्थन करता है, उनको वोट कर रहा है। 2014 से लगातार जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्य किया उससे आज विपक्ष सिमट कर रह गया है।

विपक्ष तुष्टीकरण की राजनीति करने में विश्वास करती है। आज जहां विपक्ष की सरकारें हैं वहां जो बाहर से मुसलमान आ रहे हैं उनका कार्ड बन रहा है। लेकिन कोई हिंदू बाहर से आ रहा है तो उसका कार्ड नहीं बन रहा है। मस्जिदों में पगार दिया जा रहा है और मंदिरों में कुछ नहीं। मुसलमानों को सब्सिडी दी जा रही है, वहीं अमरनाथ यात्रा पर टैक्स लगाया गया था। आज का युवा इन सब चीजों को अच्छी तरह समझने लगा है।

-जब चुनाव प्रचार चल रहा है ऐसे समय में प्रधानमंत्री ने व्यापारियों का सम्मेलन किया। इसका क्या उद्देश्य है।

आज तक किसी सरकार ने छोटे व्यापारियों का सम्मेलन किया। उनकी समस्या को सुना। पहले प्रतिदिन कानून बनते थे। आज प्रधानमंत्री ने 1500 ऐसे कानून को जिससे हानि पहुंचती थी उसे खत्म किया। आज व्यापारियों के लिए पेंशन देने की योजना पर प्रधानमंत्री ने कहा है। व्यापारियों को किसान कार्ड की तरह व्यापार कार्ड देने की बात कही है। बिजनेस करने के लिए आसान तरीका भी सुझाया गया है। यहां तक की कोई कंपनी खोलना चाहता है तो एक से तीन दिनों में अब कंपनी बनाकर आपना कारोबार कर सकता है। यह सब संभव केवल मोदी सरकार में ही हो सकता है।

-प्रिंयका गांधी राजनीति में आई हैं और लगातार प्रचार में लगी है। कितना असर डाल पाएंगी। प्रियंका से भाजपा को नुकसान तो नहीं हो रहा है।

जिनका पूरा परिवार जमानत में हो, वह कितना असर डालेगा। प्रियंका इंदिरा गांधी जैसी दिखती है इसलिए उनको वोट मिल जाएगा। ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। उनके पास मुद्दा क्या है। उनके पास प्लान क्या है। देश की जनता इनको अच्छे से समझ चुकी है। कांग्रेस के मंसूबे पूरे नहीं होने वाले हैं।

-2014 के लोकसभा चुनाव और 2019 के चुनाव में कितना अंतर दिखता है आपको। भाजपा को फायदा होगा।

देशभर में फायदा होगा। आप उत्तर प्रदेश की बात करे तो उससे ज्यादा फायदा होगा। हम अमेठी और रायबरेली भी जीतने जा रहे हैं। राहुल गांधी इस बार अमेठी से हार रहे हैं यहीं कारण है कि वे वायनाड से चुनाव लड़ रहे हैं। अमेठी में 2014 के चुनाव में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी चुनाव में हार के बावजूद लगातार क्षेत्र के विकास के लिए कार्य किया, जिससे उनको वहां पूरा समर्थन हासिल हो रहा है। आपने देखा होगा कि राहुल गांधी के नोमिनेशन में एक हाथ हिंदुस्तान का झंडा तो दूसरे हाथ में पाकिस्तान का झंडा लहरा रहे हैं। ऐसा कब तक चलेगा। जनता समझ चुकी है। 2014 में मोदी की आंधी थी इस बार मोदी जी की सुनामी है।

-दो महत्वपूर्ण राज्य बंगाल और उड़ीसा में भाजपा किस रणनीति पर चल रही है। क्या यहां भाजपा अच्छा करेगी।

आपने अच्छा सवाल किया है। भाजपा को बंगाल में काफी समर्थन हासिल हो रहा है अभी तक जो चुनाव हुए हैं उसमें भी भाजपा काफी आगे है। ममता बनर्जी भी जीरो होने वाली है। पं. बंगाल में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। वहां लोकतंत्र है ही नहीं। वहां देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बांग्ला देश का एक्टर वहां चुनाव प्रचार करता है। आरएसएस के कार्यकर्ता की हत्या की जा रही है। वहां लोकतंत्र नाम की कोई चीज ही नहीं है। योगी आदित्यनाथ का हैलिकॉप्टर ही नहीं उतरने दिया गया। आप सोच सकते हैं क्या हाल है वहां। प्रयाग के कुंभ मेले में करीब इस बार 24 करोड़ लोगों ने स्नान करने यहां आए थे। बंगाल से भी काफी संख्या में लोग आए हुए थे। सभी का कहना था कि व्यापार ठप्प है। ममता को तो इस बार जाना ही होगा। जहां तक उड़ीसा की बात है तो वहां भी भाजपा काफी अच्छा परफोर्मेंस कर रही है। अभी तक जो रिपोर्ट है वह भाजपा के पक्ष में है।

-एविएशन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय आपके पास है। आपके कार्यकाल में कितनी उपलब्धि हासिल की है आपका मंत्रालय।

सबसे पहले तो इतना महत्वपूर्ण मंत्रालय हमें दिया गया है। जिसके लिए आभार है मुख्यमंत्री जी का। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में हम लगातार कार्य कर रहे हैं। कई महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं जिसको हम पूरा करने में लगे हैं। पहले केवल चर्चा में रहती थी। अब हमने उसे जमीन पर उतारे हैं। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं उड़ान को हमने गति दिया है। प्रधानमंत्री का जो सपना है कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा करे इसको हमने उसे पूरा करने की कोशिश की है। एक घंटे के उड़ान में ढाई हजार से कम पैसे में उड़ान भर सके इसको हमने पूरा किया है। मुख्यमंत्री लगातार बैठकें की हैं। हमने केंद्र के मंत्री, सचिव और मुख्यमंत्री से चर्चा किया है। मुख्यमंत्री ने घंटों फाइलों पर चर्चा की है जिसका असर आज आपको दिख रहा है। प्रयागराज में एयरपोर्ट नहीं था। ग्यारह महीने में बनकर तैयार हो गया। हिंडन, मुरादाबाद, अलीगढ़, आजमगढ़, सोनभद्र, बरेली में हवाई अड्डे का निर्माण हो गया। अब तो जनता ही बता रही है कि वह पांच सौ रुपए में हवाई यात्रा कर रहे हैं।

-एविएशन को लेकर भविष्य की क्या योजनाएं हैं।

जेवर एयरपोर्ट मुद्दा बार बार बनता रहा है। फाइलों में केवल घुमते रहा है यह एयरपोर्ट। जेवर एयरपोर्ट इंटरनेशन बिडिंग के लिए गया हुआ है जल्द ही पूरा होगा। 2022 तक यह एयरपोर्ट भी कार्य करने लगेगा।

हार्दिक पटेल को हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका, अब नहीं लड़ सकेंगे लोकसभा चुनाव

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अहमदाबाद-

पाटीदार नेता और हाल ही में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले हार्दिक पटेल को हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। जिसके बाद अब वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हार्दिक पटेल को गुजरात की जामनगर संसदीय क्षेत्र से टिकट दिया जाना था लेकिन अब कोर्ट ने साफ तौर पर हार्दिक पटेल के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है।

गौरतलब है कि साल 2018 में कोर्ट ने हार्दिक पटेल को बीजेपी विधायक के कार्यालय पर तोड़फोड़ और दंगा मामले में दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद हार्दिक पटेल ने निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन गुजरात हाई कोर्ट ने उन्हें बड़ा झटका दे दिया। अब जल्द ही हार्दिक पटेल सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

बिहार में महागठबंधन की सीटों का बंटवारा, शरद यादव पप्पु यादव आमने-सामने

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पटना-

बिहार में महागठबंधन की सीटों पर फंसा पेंच अब समाप्त हो गया। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। मधेपुरा से शरद यादव को, अररिया से सरफराज आलम और पाटिलपुत्रा से मीसा भारती को टिकट दिया है। बता दें कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से आरजेडी को 19 सीटों पर तो 9 पर कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ेगी। राजद दरभंगा सीट पर अपना प्रत्याशी उतारेगी।

कीर्ति आजाद नाराज

दरभंगा के सांसद कीर्ति आजाद हाल ही में भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती पाटलीपुत्र लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी जबकि राजद प्रमुख के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के ससुर चंद्रिका राय सारण से चुनाव मैदान में उतरेंगे।कांग्रेस पटना साहिब लोकसभा सीट पर प्रत्याशी उतारेगी , जहां से वर्तमान में शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं।

शत्रुघ्न सिन्हा नवरात्रि में कांग्रेस में करेंगे एंट्री, पटना साहिब लड़ेंगे

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नई दिल्ली
बिहार की पटना साहिब सीट से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने नवरात्रि में कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शॉटगन ने कहा कि नवरात्रि में शुभ मुहूर्त होता है, इसलिए वह अच्छे काम की शुरुआत पहले नवरात्रि को 6 अप्रैल से करेंगे। हालांकि इससे पहले उनके कांग्रेस में शामिल होने या न होने को लेकर तमाम कयास लगाए जाने लगे थे। राहुल से मिलकर आए शत्रुघ्न ने एक बार फिर से दोहराया है कि वह पटना साहिब लोकसभा सीट से ही चुनावी समर में उतरेंगे।

सीट पर चर्चा मकसद से उन्होंने राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की, लेकिन अब तक कोई बात नहीं बन सकी है। इसकी वजह यह है कि शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब सीट से ही लड़ने पर अड़े हुए हैं, जबकि कांग्रेस इस पर भरोसा देने से बच रही है।

इस बीच बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने बताया है कि शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला लिया है। वह हमारे स्टार नेता और स्टार प्रचारक के तौर पर काम करेंगे। लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा की पटना साहिब सीट से चुनाव में उतरने को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा।

सुरक्षाबलों की आतंकियों के साथ मुठभेड़, 3 आतंकी ढेर

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श्रीनगर-

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों को जिले के यरवन जंगल क्षेत्र में आतंकवादियों के होने की सूचना मिली थी जिसके बाद वहां आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया गया। अभियान में तीन आतंकवादी मारे गए। ताजा रिपोर्ट मिलने तक अभियान जारी था।