नियमित टीकाकरण कार्यक्रम: 10 से 16 आयु वर्ग के सभी किशोरों को अब दी जाएगी टीडी की वैक्सीन

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– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को दिए निर्देश
– टेटनस और डिप्थेरिया से बचाव के लिए टीडी बैक्सीन बेहद जरूरी
लखीसराय, 04 मई
अब नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जिले के 10 से 16 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी किशोर-किशोरियों को टीडी की वैक्सीन दी जाएगी। जिसे सुनिश्चित कराने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को जरूरी और आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसमें कहा है कि उक्त कार्य आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम के सहयोग से किया जाना है। दरअसल, आरबीएसके टीम द्वारा पूर्व से वार्षिक कार्य योजना के तहत स्कूली बच्चों को नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य जाँच की जाती है। जिसके कारण इस टीम के माध्यम से कार्य कराना सुविधाजनक होगा और शत-प्रतिशत बच्चों की टीडी वैक्सीनेशन सुनिश्चित होगा। इसके अलावा पीएचसी स्तर पर हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
– आरबीएसके टीम को जरूरी सहयोग करने के लिए सभी स्वास्थ्य स्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं निर्देश :
डीआईओ सह एसीएमओ डाॅ अशोक कुमार भारती ने बताया, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 10 से 16 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी किशोरों को टीडी की वैक्सीन देने का निर्देश प्राप्त हुआ। जिसके आलोक में जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जिसमें टीडी का वैक्सीनेशन करने वाली आरबीएसके टीम को अपने स्तर हर जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया है। ताकि वैक्सीनेशन टीम को कार्य करने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और शत-प्रतिशत लाभार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो।
– टेटनस और डिप्थेरिया से बचाव के लिए टीडी वैक्सीन बेहद जरूरी :
टीडी वैक्सीन टेटनस और डिप्थेरिया जैसे गंभीर रोगों से बचाव के लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, कम उम्र के किशोरों को दोनों रोगों से प्रभावित होने का खतरा अधिक रहता है। जिसके कारण किशोरों को दोनों रोगों से बचाव के लिए सरकार द्वारा यह पहल की गई। इसलिए, उक्त दोनों रोगों से बचाव के लिए सभी लाभार्थियों को टीडी का वैक्सीनेशन निश्चित रूप से कराना चाहिए। ताकि दोनों बीमारियों के खतरे से सभी किशोर सुरक्षित रह सकें।
– सभी किशोरों को दी जाएगी टीडी वैक्सीन की दो खुराक :
किशोरों को टेटनस और डिप्थेरिया जैसे गंभीर रोगों से बचाव के लिए सभी लाभार्थियों को टीडी वैक्सीन की दो खुराक दी जाएगी। दोनों ही संक्रामक रोग है। कम उम्र के किशोरों को इसका ज्यादा खतरा होता है। उच्च रक्तचाप, तंत्रिका तंत्र का प्रभावित होना, मांसपेशियों में ऐंठन, गर्दन व जबड़े में अकड़न व पीठ का आकार धनुषाकार होना आदि टेटनस का प्रारंभिक और प्रमुख लक्षण हैं। जबकि, डिप्थेरिया की रोगियों को सांस लेने में तकलीफ, गर्दन में सूजन, बुखार व खाँसी आदि इसके प्रारंभिक लक्षण हैं। रोगी के छींकने व खांसने की वजह से दूसरे लोग भी इससे संक्रमित हो सकते हैं।

नियमित दवा का सेवन किया तो एमडीआर टीबी से हो गए मुक्त

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-अमरपुर प्रखंड के डुमरामा गांव के रहने वाले मृत्युंजय साह अब पूरी तरह से हैं स्वस्थ
-2018 में आ गए थे टीबी की चपेट में, सरकारी सुविधा मिलने से टीबी को दे दी मात
बांका, 4 मई-
सरकार 2025 तक देश को टीबी से मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसे लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। टीबी मरीजों के लिए दवा से लेकर प्रोत्साहन राशि तक की व्यवस्था है। इसी का नतीजा है कि न सिर्फ टीबी के सामान्य रोगी, बल्कि एमडीआर टीबी के मरीज भी स्वस्थ्य हो जा रहे हैं। बांका जिले के अमरपुर प्रखंड के डुमरामा गांव के मृत्युंजय साह इसका जीता-जागता मिसाल हैं। 2018 में मृत्युजंय एमडीआर टीबी की चपेट में आए थे, लेकिन दवा का नियमित तौर पर सेवन किया तो 2021 में पूरी तरह से स्वस्थ हो गए।
टीबी विभाग के लोगों से मिली जानकारीः मृत्युंजय कहते हैं कि यदि सरकारी सहायता नहीं मिलती तो पता नहीं क्या होता, लेकिन सरकार को इस बात का लाख-लाख शुक्र कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के लिए मरीजों को पूरी सुविधा उपलब्ध करा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को इस बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसका फायदा भी लोगों को मिल रहा और बड़ी संख्या में टीबी के मरीज स्वस्थ्य हो रहे हैं। मेरा ही ले लीजिए। मैं जब टीबी की चपेट में आया था तो सूझ नहीं रहा था कि क्या करें, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लोगों से जब मुझे इसके इलाज को लेकर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी मिली तो मैंने अपना इलाज शुरू करवाया। एमडीआर टीबी होने की वजह से मुझे ठीक होने में थोड़ा समय लग गया, लेकिन अब मैं पूरी तरह से स्वस्थ्य हूं। मुझे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो रही है। टीबी के सामान्य मरीज तो बहुत ही कम समय में ठीक हो जा रहे हैं। इसलिए लोगों से मेरी अपील है कि अगर मन में जरा सी भी आशंका हो तो टीबी की जांच करवाएं और टीबी की पुष्टि हो जाने के बाद इलाज शुरू कर दें। जल्द ही ठीक हो जाएगा।
बीच में नहीं छोड़ें टीबी की दवाः सीडीओ डॉ. उमेश नंदन प्रसाद सिन्हा कहते हैं कि टीबी के मरीज अगर बीच में दवा छोड़ देते तो उसे एमडीआर टीबी होने की संभावना रहती है। इसलिए टीबी के मरीज दवा को बीच में नहीं छोड़ें। कोर्स पूरा करने के बाद टीबी के मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो जाते हैं। अगर दवा का कोर्स पूरा हो जाए तो एक बार नजदीकी अस्पताल में जाकर अपनी जांच करवा लें। जांच में पूरी तरह से ठीक होने की पुष्टि होने पर ही दवा का सेवन बंद करें। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को दो हफ्ते तक लगातार खांसी हो, बलगम में खून आए या फिर रात में पसीना आने की शिकायत हो तो वह तत्काल टीबी की जांच करा लें। जांच में अगर टीबी होने की बात सामने आती है तो तत्काल इलाज शुरू कर दें। नियमित तौर पर दवा का सेवन करने से टीबी से छुटकारा मिल जाएगा।

टीबी हेल्थ ऑटो मरीजों को मुफ्त में पहुंचा रहा अस्पताल

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-8210113691 नंबर पर कॉल करने पर मिल रही यह सुविधा
-अभी भागलपुर के कहलगांव में शुरू हुई है इस तरह की सुविधा
भागलपुर, 4 मई।-
टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। 2025 तक जिले को टीबी से मुक्त कराना है, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सहयोगी संस्था भी बढ़-चढ़कर भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में कर्नाटका हेल्थ प्रमोशन ट्रस्ट (केएचपीटी) ने अभी कहलगांव में टीबी हेल्थ ऑटो सुविधा की शुरुआत की है। इसके जरिये मरीजों को मुफ्त में अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए 8210113691 नंबर पर कॉल करना होगा। टीबी मरीज या फिर परिजन जैसे ही इस नंबर पर कॉल करेंगे, थोड़ी देर बाद यह ऑटो उनकी सेवा में हाजिर हो जाता है। इसका पूरा खर्च केएचपीटी उठा रहा है। अभी यह सुविधा सिर्फ कहलगांव में है, लेकिन आगे और भी जगहों पर यह सुविधा शुरू हो सकती है।
केएचपीटी की डिस्ट्रिक्ट लीडर आरती झा कहती हैं कि इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को काफी लाभ पहुंच रहा है। मार्च महीने में हमलोगों ने इस सेवा की शुरुआत की थी। अब तक 15 से भी अधिक मरीज इसका लाभ उठा चुके हैं। इसे लेकर लगातार जागरूकता बढ़ा रहे हैं, ताकि अधिक-से-अधिक लोग इसका लाभ ले सकें। दरअसल, टीबी के मरीज गरीब तबके ज्यादा मिलते हैं। उन्हें आर्थिक परेशानी भी रहती है। उन्हें इस तरह की सेवा मिलने से बहुत ही लाभ पहुंच रहा है। सरकार दवा से लेकर प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था कर रही है। उसके साथ-साथ यह सुविधा भी मिलने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। कम-से-कम अब उन्हें यह सोचना नहीं पड़ रहा है कि इलाज के लिए पैसे कहां से आएंगे। इलाज और दवा से लेकर किराया में भी उनका खर्च नहीं हो रहा है। हमलोग चाहते हैं कि इसका लोग भरपूर फायदा उठाए। इसके लिए लगातार प्रचार-प्रसार का काम भी चल रहा है।
टीबी उन्मूलन को लेकर युद्धस्तर पर चल रहा कामः सीडीओ डॉ. दीनानाथ कहते हैं कि टीबी के मरीजों के लिए लगातार सुविधाएं बढ़ रही हैं। उस दिशा में यह अहम कड़ी है। सरकार की तरफ से न सिर्फ टीबी मरीजों के लिए दवा और इलाज की मुफ्त व्यवस्था है, बल्कि मरीजों के साथ-साथ उसे ढूंढ़ने वालों को भी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। आप कह सकते हैं कि टीबी उन्मूलन को लेकर विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहा है। मेरा तो यही कहना है कि जब सरकार की तरफ से इतनी सुविधाएं दी जा रही हैं तो लोगों को देर नहीं करनी चाहिए। जिसके मन में जरा सी भी टीबी को लेकर आशंका हों, वह तत्काल नजदीकि अस्पताल जाकर जांच करा लें। जांच में अगर टीबी की पुष्टि हो जाती है तो इलाज शुरू करें। इससे न सिर्फ आपका इलाज होगा, बल्कि आपके साथ रहने वाले य फिर परिजन भी टीबी जैसी संक्रामक रोग से बचे रहेंगे। अगर टीबी के मरीज इलाज नहीं कराते हैं तो उससे कई लोगों में संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए बिना देर किए तत्काल इलाज कराने के लिए नजदीकी अस्पताल जाएं।

शैलेंद्र मौर्या को मिला एग्रीकल्चर इंटरप्रेनियर ऑफ द ईयर 2022 का अवार्ड

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नईदिल्ली-
नईदिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में एसपीटीडॉट कॉम ने ट्रांसफोर्मिंग इंडिया थ्रू कॉपरेटिव विषय पर कॉन्कलेव का आयोजन किया। इस आयोजन में अपने अपने क्षेत्र में विशिष्ट कार्य् करने वाले को सम्मानित किया गया। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले शैलेंद्र मौर्या को एसपीटी डॉट ने एग्रीकल्चर इंटरप्रेनियर ऑफ द ईयर 2022 से सम्मानित किया।
शैलेंद्र मौर्या के कार्यों की भी चर्चा की गई। जिसकी खास चर्चा कॉन्कलेव में किया गया। एसपीटी डॉट कॉम के सीईओ संजयपति तिवारी ने शैलेंद्र मौर्या को बधाई देते हुए कहा कि आपके द्वारा कृषि में किए गए कार्यों की चर्चा देशभर में हुई है।
आपके कृषि की चर्चा जहां देश में है वहीं आपके द्वारा कृषि में किए गए प्रयोग की भी सराहना किया गया है। इसी कारण से एसपीटी डॉट कॉम की जूरी ने पुरस्कार के लिए इनका नाम तय किया है
गौरतलब है कि शैलेंद्र मौर्या जो खुद कई कृषि के मैगजीनों के संपादक रहे हैं ओर अभी किसान वर्ल्ड के संपादक हैं। जिसमें कई तरह के शोध भी प्रकाशित होते हैं। आपकी खासियत है कि आप जो रिपोर्ट बनाते हैं वह जबरदस्त शोधपरक होता है।
शैलेंद्र मौर्या को यह अवार्ड पूर्व मंत्री व सांसद व समाजसेवी प्रताप चंद्र सारंगी एवं सांसद रामचंद्र जागंड़ा ने दिया। इस अवार्ड ग्रहण करने के बाद शैलेंद्र मौर्या ने कहा कि यह बड़ा सम्मान है इस तरह के सम्मान मिलने से कार्यों में उत्साह है वहीं जिम्मेवारी भी बढ़ जाती है। शैलेंद्र मौर्या ने कहा कि उनके कृषि कार्य में किए गए प्रयोग को किसानों ने भी पसंद किया है इस कारण से ही यहां पुरस्कार दिया गया है। इस खास आयोजन व पुरस्कार के लिए एसपीटी ड़ॉट कॉम को बहुत बहुत धन्यवाद। इस खास मौके पर देशी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए आम जनता का आह्रवान किया है। किसानों के अहमियत को समझने की जरूरत पर बल दिया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि एसपीटी ने इंडिया ट्रांसफोर्मिग थ्रू कॉपरेटिव पर कॉन्कलेव का आयोजन किया था जिसमें देश भर के विभिन्न सेक्टर के लोगों ने भाग लिया।

दिनेश कुमार को मिला बेस्ट आर्ट एंड डिजाइन ऑफ द ईयर  2022 का अवार्ड

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नईदिल्ली-
नईदिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में एसपीटीडॉट कॉम ने ट्रांसफोर्मिंग इंडिया थ्रू कॉपरेटिव विषय पर कॉन्कलेव का आयोजन किया। इस आयोजन में अपने अपने छेत्र में विशिष्ट कार्य् करने वाले को सम्मानित किया गया। आर्ट एंड डिजाइन के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले दिनेश कुमार को एसपीटी डॉट ने बेस्ट आर्ट एंड डिजाइन ऑफ द ईयर  2022 से सम्मानित किया।
दिनेश कुमार के कार्यों की भी चर्चा की गई। जिसकी खास चर्चा कॉन्कलेव में किया गया। एसपीटी डॉट कॉम के सीईओ संजयपति तिवारी ने दिनेश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि आप बनाए गए कला की चर्चा देशभर में हुई है।
आपके क्रिएटिव की चर्चा जहां देश में है वहीं मॉडर्न आर्ट को लेकर किए गए प्रयोग की भी सराहना किया गया है। इसी कारण से एसपीटी डॉट कॉम की जूरी ने पुरस्कार के लिए इनका नाम तय किया है
गौरतलब है कि दिनेश कुमार ने  कॉलेज ऑफ आर्ट (Delhi University) से फाइन आर्ट में ग्रेजुएशन किया है एवं आपने जिवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से Master Of Fine Arts की उपाधि प्राप्त की है।
 अभी आप गर्वेमेंट सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में फाइन आर्ट के टीचर हैं ओर खुद का भी स्टुडियो है.
दिनेश कुमार को यह अवार्ड पूर्व मंत्री व सांसद व समाजसेवी प्रताप चंद्र सारंगी एवं सांसद रामचंद्र जागंड़ा ने दिया। इस अवार्ड ग्रहण करने के बाद दिनेश कुमार ने कहा कि यह बड़ा सम्मान है इस तरह के सम्मान मिलने से कार्यों में उत्साह है वहीं जिम्मेवारी भी बढ़ जाती है। दिनेश कुमार ने कहा कि उनके ड्राइंग को जनता पसंद कर रही है इस कारण से ही यहां पुरस्कार दिया गया है। इस खास आयोजन व पुरस्कार के लिए एसपीटी ड़ॉट कॉम को बहुत बहुत बधाई। इस खास मोके पर देशी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए आम जनता का आह्रवान किया है
गोरतलब है कि एसपीटी ने इंडिया ट्रांसफोर्मिग थ्रू कॉपरेटिव पर कॉन्कलेव का आयोजन किया था जिसमें देश भर के लोगों ने भाग लिया।

मिशन इंद्रधनुष अभियान: तीसरे चरण में जिलाभर के 7135 बच्चों और 1270 गर्भवती महिलाओं को लगाया जाएगा टीका

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– सदर अस्पताल परिसर  स्थित ब्लड बैंक के पास प्रभारी सिविल सर्जन ने किया  अभियान के तीसरे चरण का उद्घाटन
–  अभियान में बच्चों को 12 तरह की बीमारियों से बचाने के लिए लगाया जाएगा टीका
मुंगेर, 2 मई। सोमवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक के पास मुंगेर के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बच्चे को वैक्सीन की डोज़ पिलाकर मिशन इंद्रधनुष  अभियान के तीसरे चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन, सदर अस्पताल के  उपाधीक्षक डॉ. पीएम. सहाय के साथ-साथ सदर अस्पताल के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। मौके पर डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, यूएनडीपी और केयर इंडिया के जिला प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मिशन इंद्रधनुष अभियान के तीसरे चरण का उद्घाटन करते हुए प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि अभियान का तीसरे चरण सोमवार से 9 मई तक चलेगा। इस दौरान जिला के कुल 736 सेशन साइट पर कुल 7135 बच्चों और 1270 गर्भवती महिलाओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए टीका लगाने का  लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  इस दौरान नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सूची बना ली गई है। इन बच्चों को 12 तरह की बीमारियों से  बचाने के लिए इस अभियान के दौरान टीका लगाया जाएगा। इसको लेकर आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र के छूटे हुए बच्चों की सूची बनाकर टीकाकरण करवाएं। इसके साथ ही घर – घर जाकर बच्चों को नजदीकी टीकाकरण केंद्र तक ले जाएं और उनका टीकाकरण कराएं।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि  जिला भर में कुल 736 केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र को कवर किया गया है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। इससे न केवल गंभीर बीमारी से बचाव होता है, बल्कि सुरक्षित और सामान्य प्रसव को भी बढ़ावा मिलता है। बच्चों का शारीरिक विकास बेहतर तरीके से होता हो इसके लिए जिला भर के सभी लाभार्थियों से अपील करता हूँ कि जो लोग भी अभी तक अपने बच्चे का नियमित टीकाकरण नहीं करवा पाएं हैं वो अपने नजदीकी सत्र स्थलों पर जाकर निश्चित रूप से टीकाकरण कराएं। मिशन इंद्रधनुष अभियान के माध्यम से टीका से छूटी हुई गर्भवती महिलाओं और बच्चों को जागरूक कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी होता है नियमित टीकाकरण : उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण का आयोजन जिला के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी होता है। इसके माध्यम से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के अलावा जेई (जापानी बुखार) के टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाता है। नियमित टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई गंभीर बीमारियों से बचाव करता है। इसके साथ ही प्रसव के दौरान जटिलताओं से सामना करने की भी संभावना नहीं के बराबर रहती है। टीकाकरण से सुरक्षित प्रसव होता है।
9 मई तक चलेगा तीसरा चरण :  उन्होंने बताया कि मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत दो मई से तीसरा चरण शुरू हुआ है जो कि 9 मई चक चलेगा। पहला राउंड 07 से 13 मार्च तक हो चुका है और दूसरा चरण चार से 10 अप्रैल तक चला था। इसके बाद अब सोमवार से जिला में तीसरा चरण सोमवार शुरू हो गया है। पूरे सप्ताह नियमित टीकाकरण का आयोजन किया जाएगा। सामुदायिक स्तर पर अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें और अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके, इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। आमलोग भी जिनके घर में गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे हैं, वह टीका लगवाने जरूर जाएं।

मिशन इंद्रधनुष अभियान: तीसरे राउंड के नियमित टीकाकरण की हुई शुरूआत 

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– लखीसराय के पीथला गाँव में सिविल सर्जन और डीआईओ ने की अभियान की शुरूआत
– 08 मई तक नियमित रूप से चलेगा अभियान…टीका से छूटे लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा नियमित टीकाकरण
लखीसराय, 02 मई।
जिले में सोमवार को साप्ताहिक इंद्रधनुष अभियान के तीसरे राउंड का शुभारंभ हो गया। जिसका समापन 08 मई को होगा। इस दौरान पूरे सप्ताह भर नियमित रूप से चयनित और चिह्नित सेशन साइटों पर टीकाकरण का आयोजन कर टीका से छूटे गर्भवती और बच्चों को टीकाकृत किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी एवं एसीएमओ सह डीआईओ डॉ अशोक कुमार भारती ने की। उन्होंने जिले के लखीसराय सदर पीएचसी अंतर्गत पथला गाँव में स्थित सेशन साइट पर आयोजित शिविर का उदघाटन किया। इसके बाद जिले के सभी प्रखंडों में अभियान की शुरुआत हुई और टीका से छूटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का प्राथमिकता के आधार पर नियमित टीकाकरण (आर आई) किया गया। इस मौके पर डीपीएम (हेल्थ) मो. खालिद हुसैन, यूनिसेफ के एसएमसी मनोज कुमार, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ वश्वराज आदि मौजूद थे।
– गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी, इसलिए जरूर लें टीका :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। इससे ना केवल गंभीर बीमारी से बचाव होगा, बल्कि सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा भी मिलेगा।  बच्चों का शारीरिक विकास भी बेहतर तरीके से होगा। इसलिए, मैं जिले के तमाम ऐसे लाभार्थियों से अपील करता हूँ कि जो नियमित टीकाकरण नहीं करा पाएं हैं। वह अपने नजदीकी शिविर स्थलों पर जाकर निश्चित रूप से टीकाकरण कराएं। वहीं, उन्होंने बताया, अभियान के दौरान टीका से छूटे गर्भवती और बच्चों को जागरूक कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकृत किया जाएगा। अभियान का सफल क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि छूटे सभी लाभार्थी टीकाकृत हो सके और अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
– 300 सेशन साइटों पर 2380 बच्चों और 468 गर्भवती को किया जाएगा टीकाकृत :
डीआईओ सह एसीएमओ डाॅ अशोक कुमार भारती ने बताया,  2380 बच्चों और 468 गर्भवती को टीकाकृत करने का निर्धारित लक्ष्य है।  300 सेशन साइट पर मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत साप्ताहिक नियमित टीकाकरण का शुभारंभ हुआ है। जिसके माध्यम पूरे सप्ताह सभी सेशन साइट पर टीकाकरण शिविर का आयोजन कर टीका से छूटे सभी लाभार्थियों को टीकाकृत किया जाएगा। इस  दौरान शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के अलावा जेएई (जापानी बुखार) के टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाता है। कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई गंभीर बीमारी से बचाव करता है। साथ ही प्रसव के दौरान जटिलताओं से सामना करने की भी संभावना नहीं के बराबर रहती है।

इंद्रधनुष अभियान : तीसरे चरण के नियमित टीकाकरण अभियान की हुई शुरुआत 

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– टीका से छूटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा नियमित टीकाकरण
– अलौली में सीएस और विधायक ने टीकाकरण व बेलदौर में डीडीसी और डीसी ने नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का किया उदघाटन
खगड़िया, 02 मई-
जिले में सोमवार को साप्ताहिक इंद्रधनुष अभियान के तीसरे राउंड का आगाज हो गया। इस अभियान की शुरुआत जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत जहाँगीरा पंचायत के गोपी टोला में  सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा एवं स्थानीय विधायक रामवृक्ष सादा ने संयुक्तरूप से  की। इसके बाद जिले के सभी प्रखंडों में अभियान की शुरुआत हुई और टीका से छूटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का प्राथमिकता के आधार पर नियमित टीकाकरण (आर आई) किया गया। इस मौके पर सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में कहा कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। इससे ना केवल गंभीर बीमारी से बचाव होगा, बल्कि सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा भी बढ़ावा मिलेगा।  बच्चों का शारीरिक विकास अवरुद्ध नहीं होगा। इसलिए, मैं जिले के तमाम ऐसे लाभार्थियों से अपील करता हूँ कि जो नियमित टीकाकरण नहीं करा पाएं हैं, वह अपने नजदीकी शिविर स्थलों पर जाकर निश्चित रूप से टीकाकरण कराएं। वहीं, विधायक ने कहा, शत-प्रतिशत लोगों को टीकाकृत करने के लिए यह सबसे बेहतर पहल है। इस मौके पर अलौली पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ मनीष कुमार, सीडीओ रवीन्द्र नारायण चौधरी, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, कृष्णा कुमार आदि मौजूद थे। वहीं, दूसरी ओर बेलदौर प्रखंड अंतर्गत तेलिहार पंचायत के वार्ड संख्या 03 में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 09 के मनरेगा योजना से नवनिर्मित भवन का डीडीसी अभिलाषा कुमार शर्मा एवं आईसीडीएस के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने संयुक्त रूप से उदघाटन किया। इस मौके पर दोनों अधिकारियों  ने कहा, जिले में संचालित अन्य भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्र का भी जमीन चिह्नित कर भवन निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद यहाँ इंद्रधनुष अभियान के तहत साप्ताहिक नियमित टीकाकरण की शुरुआत हुई। इस मौके पर बीडीओ सुनील कुमार, मनरेगा पीओ विजय कुमार मंडल, एल एस संगीता कुमारी समेत संबंधित केंद्र की सेविका एवं सहायिका सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।
– टीका से छूटे गर्भवती और बच्चों का प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा नियमित टीकाकरण :
सीडीओ डाॅ रवीन्द्र नारायण चौधरी ने बताया, सोमवार से जिले में इंद्रधनुष अभियान के तहत साप्ताहिक नियमित टीकाकरण का शुभारंभ हो गया। जिसका 08 मई को समापन होगा। इस दौरान टीका से छूटे गर्भवती और बच्चों को जागरूक कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकृत किया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, अभियान के सफलतापूर्वक समापन के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि छूटे सभी लाभार्थी टीकाकृत हो सकें और अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
– गंभीर बीमारियों से बचाव करता है नियमित टीकाकरण :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, नियमित टीकाकरण का आयोजन जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर होता है। जिसके माध्यम से शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाता है।  टीकाकरण अभियान का जिलेभर में सोमवार से शुभारंभ हो गया और  बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। नियमित टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई गंभीर बीमारी से बचाव करता है। साथ ही प्रसव के दौरान जटिलताओं से सामना करने की भी संभावना नहीं के बराबर रहती है।
– अभियान की सफलता को लेकर सभी सेविकाओं को दिए गए हैं जरूरी निर्देश :
आईसीडीएस के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया, इंद्रधनुष अभियान के तहत जिले में शुरू साप्ताहिक नियमित टीकाकरण के तीसरा राउंड की सफलता को लेकर जिले की सभी सेविकाओं को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभियान के सफल संचालन के लिए मेडिकल टीम को आवश्यक सहयोग करने को कहा गया है।

डीआईओ ने दवा पिलाकर की मिशन इंद्रधनुष अभियान की शुरुआत

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-जिले में आठ मई तक चलेगा यह अभियान
-12 तरह की बीमारियों से बच्चों का होगा बचाव
भागलपुर, 2 मई-
12 तरह की बीमारियों से बचाव को लेकर सोमवार को मिशन इंद्रधनुष-4 अभियान के तीसरे चरण का आगाज हो गया। इससे पहले दो चरण हो चुका है। सबौर के लोदीपुर में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने बच्चों को दवा पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान सबौर सीएचसी प्रभारी, एसएमओ, एसएमसी, बीएचएम, बीएम समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
डीआईओ डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि यह अभियान आठ मई तक चलेगा। नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों की सूची बना ली गई है। इन बच्चों को अभियान के तहत टीका लगाया जाएगा। इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र के छूटे हुए बच्चों की सूची बनाकर टीकाकरण करवाएं। घर-घर जाकर बच्चों को नजदीकी टीकाकरण केंद्र तक ले जाएं और उनका टीकाकरण कराएं। साथ ही लोगों से भी मेरी अपील है कि जिनके बच्चों को अब तक टीका नहीं लगाया जा सका है, वे अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर बच्चों को टीका लगवाएं।
सुरक्षित और सामान्य प्रसव को मिलता है बढ़ावाः जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। इससे न केवल गंभीर बीमारी से बचाव होता है, बल्कि सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा भी मिलता है। बच्चों का शारीरिक विकास भी बेहतर तरीके से होता है। इसलिए जिले के सभी लाभार्थियों से कहना चाहता हूं कि जो नियमित टीकाकरण नहीं करा पाएं हैं, वह अपने नजदीकी शिविर स्थलों पर जाकर निश्चित रूप से टीकाकरण कराएं। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि इंद्रधनुष अभियान के माध्यम से टीका से छूटी हुई गर्भवती महिलाओं और बच्चों को जागरूक कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर होता है नियमित टीकाकरणः नियमित टीकाकरण का आयोजन जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर होता है। इसके माध्यम से 2 वर्ष तक के बच्चों को टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाता है। नियमित टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई गंभीर बीमारी से बचाव करता है। साथ ही प्रसव के दौरान जटिलताओं से सामना करने की भी संभावना नहीं के बराबर रहती है।
पूरे सप्ताह चलेगा अभियानः इंद्रधनुष अभियान के तहत दो मई से शुरू हुआ तीसरा चरण पूरे सप्ताह चलेगा। पहला राउंड 07 से 13 मार्च तक हो चुका है और दूसरा चार से 10 अप्रैल तक चला, जबकि तीसरा राउंड का सोमवार को आगाज हो गया। प्रत्येक राउंड में पूरे सप्ताह नियमित टीकाकरण का आयोजन किया जा रहा है। सामुदायिक स्तर पर अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके और अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके, इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है।

बांका में मिशन इंद्रधनुष अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत 

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आठ मई तक चलेगा अभियान, बच्चों को लगाया जाएगा टीका
टीका लगने से 12 तरह की बीमारियों से बच्चों का होगा बचाव
बांका, 2 मई
जिले में मिशन इंद्रधनुष-4 अभियान के तीसरे चरण का सोमवार को आगाज किया गया। इसके तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीका लगाया जाएगा। टीका लगने से 12 तरह की बीमारियों से बच्चों का बचाव होगा। एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि यह अभियान आठ मई तक चलेगा। नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों की सूची बना ली गई है। इन बच्चों को अभियान के तहत टीका लगाया जाएगा। इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र के छूटे हुए बच्चों की सूची बनाकर टीकाकरण करवाएं। घर-घर जाकर बच्चों को नजदीकी टीकाकरण केंद्र तक ले जाएं और उनका टीकाकरण कराएं।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि बांका सदर प्रखंड में 11 केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्र को कवर किया गया है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। इससे न केवल गंभीर बीमारी से बचाव होता है, बल्कि सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा भी मिलता है। बच्चों का शारीरिक विकास भी बेहतर तरीके से होता है। इसलिए जिले के सभी लाभार्थियों से कहना चाहता हूं कि जो नियमित टीकाकरण नहीं करा पाएं हैं, वह अपने नजदीकी शिविर स्थलों पर जाकर निश्चित रूप से टीकाकरण कराएं। इंद्रधनुष अभियान के माध्यम से टीका से छूटी हुई गर्भवती महिलाओं और बच्चों को जागरूक कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर होता है नियमित टीकाकरणः एसीएमओ ने बताया कि नियमित टीकाकरण का आयोजन जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर होता है। इसके माध्यम से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के अलावा जेई (जापानी बुखार) के टीके लगाए जाते हैं। इसके अलावा अभियान में गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाता है। नियमित टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई गंभीर बीमारी से बचाव करता है। साथ ही प्रसव के दौरान जटिलताओं से सामना करने की भी संभावना नहीं के बराबर रहती है। टीकाकरण से सुरक्षित प्रसव होता है।
आठ मई तक चलेगा तीसरा चरणः इंद्रधनुष अभियान के तहत दो मई से तीसरा चरण शुरू हुआ है जो कि आठ मई चक चलेगा। पहला राउंड 07 से 13 मार्च तक हो चुका है और दूसरा चरण चार से 10 अप्रैल तक चला। जबकि तीसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया है। प्रत्येक राउंड में पूरे सप्ताह नियमित टीकाकरण का आयोजन किया जाएगा। सामुदायिक स्तर पर अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके और अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके, इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। आमलोग भी जिनके घर में गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे हैं, वह टीका लगवाने जरूर जाएं।