रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाएं मजबूत, बीमारियों से होगा बचाव

0
-दिन में प्रचंड गर्मी और रात में तापमान में गिरावट आने से बीमार होने का खतरा
-घरेलु नुस्खे अपनाकर रहें स्वस्थ, बासी खाना खाने से बचें और जमकर पानी पीएं
बांका, 29 अप्रैल।
तापमान लगातार 40 डिग्री के ऊपर रह रहा है। कभी-कभी तो 44 डिग्री तक पहुंच जाता है। दूसरी तरफ रात में तापमान में गिरावट आ जाती है। ऐसे मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है। इससे बचने के लिए घरेलु नुस्खे अपनाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाएं। इस बदलते मौसम में खासकर नवजातों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। युवाओं के सापेक्ष नवजात और बुजुर्गों की रोग-प्रतिकारक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए, नवजात और बुजुर्गों का खान-पान समेत अन्य दिनचर्या का ख्याल रखने की जरूरत है।
पौष्टिक आहार का करें सेवनः शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। मौसमी बीमारी से बचाव के लिए पौष्टिक और प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। साथ ही इस बदलते मौसम में नवजातों व बुजुर्गों का भी विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। इसके अलावा इस बदलते मौसम में भी स्वस्थ शरीर के लिए साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखें। दरअसल, साफ-सफाई हमें न सिर्फ मौसमी बीमारियों से बचाता है, बल्कि हर संक्रामक बीमारी से दूर रखती है और स्वस्थ शरीर निर्माण में भी सहयोग करता है।
बच्चों को धूप में अनावश्यक नहीं निकलने दें बाहर: डॉ. चौधरी ने बताया कि लगातार तापमान में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण मौसमी बीमारियों का संभावना बढ़ गई है। ऐसे में इस बचाव के लिए हर आयुवर्ग के लोगों को खाली पेट और अनावश्यक घरों से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। अगर निकलते भी हैं तो निश्चित तौर पर खाना खाकर और निकलने के पूर्व नींबू-पानी  जरूर ले लें तथा पानी साथ में भी लेकर निकलें। इसके अलावा गमछा/तौलिया भी निश्चित रूप से साथ में रखें। यह लू बरसती धूप के प्रभाव से बचाव के लिए काफी हद तक कारगर होगा। साथ ही खासकर बच्चों को अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने दें और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।
नियमित रूप से करें व्यायाम: बदलते मौसम में स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए व्यायाम पर भी बल दें और नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही समय पर खाना खाएं। किसी प्रकार की स्वास्थ्य पीड़ा होने पर तुरंत चिकित्सकों से आवश्यक जांच करानी चाहिए। मौसमी व संक्रामक बीमारी से दूर रहने के लिए पूर्व की भांति रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव करें। इसके लिए शौचालय, बाथरूम समेत घर के अन्य जगहों की नियमित साफ-सफाई करें। आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराएं। घर के आसपास जलजमाव नहीं होने दें। कूड़ेदान का उपयोग करें।

भुगतान के लिए लाभुकों को चक्कर नहीं काटना पड़ेगा, सीधे खाते में जाएगी राशि

0
-दो दिवसीय सिंगल नोडल अकाउंट प्रशिक्षण का हुआ समापन,
-पटना से राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों ने दी ट्रेनिंग
भागलपुर, 29 अप्रैल –
स्वास्थ्य सेवा के तहत अब लाभुकों के खाते में डायरेक्ट राशि जाएगी। इसके लिए लाभुकों को अस्पतालों और कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इतना ही नहीं, स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पतालों की जरूरतों के लिए भी राशि का सीधा खाते में भुगतान किया जाएगा। इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालय या फिर अन्य कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। इसे लेकर दो दिवसीय शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जिले के अधकारियों और अकाउंटस से जुड़े लोगों को ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग में सिंगल नोडल अकाउंट (एसएनए) की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इसके तहत तीन भाग में काम होगा। सबसे पहले डिस्ट्रिक्ट अकाउंट मैनेजर (डैम) इसका निर्माण कर ओटीपी सेट करेंगे। इसके बाद डीपीएम इसकी जांच कर ओटीपी सेट करेगे। सबसे आखिर में सिविल सर्जन चेक कर ओटीपी डालेंगे, तब भुगतान हो जाएगा।
यह प्रक्रिया लागू हो जाने के बाद लाभुकों को चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पहले पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिये भुगतान होता था, जिसमें मैनुअल तरीके से काम होता था। अब एसएनए के तहत काम होगा। सारा कामकाज ऑनलाइन होगा। ट्रेनिंग में क्षेत्रीय निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं भागलपुर, सिविल सर्जन, आरपीएम समेत कई अकाउंट से जुड़े कई लोग शामिल हुए। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें भुगतान को लेकर नई प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया गया।
ट्रेनिंग सत्र को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, भागलपुर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को लोगों के लिए फ्रेंडली बनाया जा रहा है। इसे लेकर लगातार पहल की जा रही है। इसमें भुगतान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। अगर समय से भुगतान हो जाता है तो लाभुकों को इसका बेहतर फायदा मिलता है। इसलिए प्रक्रियाओं की जटिलता को खत्म किया जा रहा है। दस्तावेजों की ऑनलाइन ही जांच होगी और उसे अप्रूवल मिल जाएगा। यदि कोई कमी होगी तो उसे ठीक करने की सलाह भी ऑनलाइन ही दी जाएगी। कमियों को दोबारा दुरुस्त करने के बाद उसे फिर से भेजने पर अप्रूव कर दिया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने कहा कि इसी तरह लाभुकों के खाते में भी सीधी राशि जाएगी। उन्हें भी दफ्तरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। लाभुकों को नजदीकि अस्पतालों में जाकर अपना विवरण ऑनलाइन कराना होगा। विवरण ऑनलाइन होने के साथ ही उन्हें राशि मिल जाएगी। ठीक इसी तरह स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान डैम विकास कुमार, आशा के क्षेत्रीय समन्वयक कुणाल कुमार और क्षेत्रीय लेखपाल विजय कुमार राम भी मौजूद थे।

सुविधाजनक तरीके से लाभार्थियों का कराएं कोविड जाँच : सिविल सर्जन 

0
– सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल भागलपुर के निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश
– कोविड की संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए जाँच के साथ-साथ सतर्कता और सावधानी भी जरूरी
भागलपुर, 28 अप्रैल-
गुरुवार को सिविल सर्जन डाॅ उमेश कुमार शर्मा भागलपुर सदर अस्पताल पहुँचे। जहाँ उन्होंने कोविड की संभावित चौथी लहर के मद्देनजर बारीकी के साथ पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। जिसके दौरान उन्होंने लेबर वार्ड, ओपीडी, महिला कक्ष, भंडार कक्ष, दवाई वितरण कक्ष समेत पूरे अस्पताल परिसर का बारीकी के साथ निरीक्षण किया। जिसके बाद ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए। वहीं, कोविड जाँच कराने के लिए अस्पताल में मौजूद बड़ी संख्या में लोगों को देखकर सिविल सर्जन ने खुद मौजूद लोगों की भीड़ को कतारबद्ध कराया और सभी लोगों से गाइडलाइन के पालन के साथ जाँच कराने की अपील की। साथ ही कोविड जाँच कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को जाँच के लिए आने वाले सभी लोगों का सुविधाजनक तरीके से जाँच करने, लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इस बात का ख्याल रखने समेत अन्य आवश्यक और जरूरी निर्देश दिए। वहीं, अस्पताल में एडमिट मरीजों से मिलकर  सिविल सर्जन ने अस्पताल में मिल रही सुविधा की भी जानकारी ली और अस्पताल प्रबंधन को अस्पताल में एडमिट सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
– कोविड की संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए जाँच के साथ-साथ सतर्कता और सावधानी भी जरूरी :
सिविल सर्जन डाॅ उमेश कुमार शर्मा ने बताया, तीसरे लहर के बाद चौथी लहर भी आने की संभावना जताई जा रही है। किन्तु, इससे लोगों को घबराने नहीं, बल्कि सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए, मैं जिले वासियों से अपील करता हूँ कि इस घातक महामारी से बचाव के लिए जो व्यक्ति अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन नहीं ले पाएं है, वह यथाशीघ्र वैक्सीनेशन कराएं। जो लोग पहली डोज लेने के बाद दूसरी और दूसरी डोज लेने के बाद प्रीकाॅशनरी डोज लेने की समयावधि पूरी कर चुके हैं, वह निश्चित रूप से निर्धारित समय पर दूसरा और प्रीकाॅशनरी डोज भी ले लें। लोगों को वैक्सीनेशन कराने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं, इसके लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है।
– संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए व्यापक तैयारियाँ पर दिया जा रहा है जोर :
सिविल सर्जन ने बताया, संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह सजग और गंभीर है। साथ ही लगातार हर जरूरी फैसले लिए जा रहे हैं। इसके लिए व्यापक तैयारियाँ पर जोर दिया जा रहा है। ताकि चौथी लहर आने पर लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो और सामुदायिक स्तर पर लोग इस घातक महामारी से सुरक्षित रह सकें। वहीं, उन्होंने बताया कि इसके अलावा जिले वासियों का भी पूर्व की तरह सकारात्मक सहयोग की जरूरत है। इसलिए, मैं तमाम जिलेवासियों से अपील करता हूँ कि पूर्व की तरह सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन कर इस घातक महामारी को मात देने में सहयोग करें। यह ना सिर्फ किसी एक व्यक्ति के लिए, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र हित में सबसे बेहतर कदम होगा।

कोविड संक्रमण की संभावित चौथी लहर से सुरक्षित रहने के लिए रहें सतर्क और सावधान 

0
– शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने में जुटा स्वास्थ्य विभाग
– वैक्सीन से वंचित लोगों को अभियान चलाकर किया जाएगा वैक्सीनेट, बचाव के लिए वैक्सीनेशन जरूरी
बाँका, 28 अप्रैल-
कोविड संक्रमण की तीसरी लहर के बाद अब चौथी लहर आने की संभावना जताई जा रही है। जिसके कारण चौथी लहर से भी निपटने के लिए सुरक्षा के मद्देनजर शासन-प्रशासन ने भी आवश्यक तैयारी तेज कर दी है। सामुदायिक स्तर पर लोग इस घातक महामारी से सुरक्षित रहे, इसके मद्देनजर सरकार के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग हो गया और आवश्यक तैयारी में जुट चुका है। किन्तु, आमलोगों को भी इस महामारी के खिलाफ सतर्क और सावधान होने की जरूरत है। ताकि हम चौथी लहर से भी खुद को सुरक्षित रख सकें और इस महामारी के प्रभाव से दूर रह सकें। इसके लिए बच्चों की उचित देखभाल के साथ खानपान का विशेष ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इसलिए, बच्चों की स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सजग रहें। किसी भी प्रकार की शारीरिक पीड़ा होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराएं और समुचित इलाज कराएं। ताकि बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ और मजबूत रह सकें। जब बच्चा स्वस्थ और मजबूत रहेगा तो वह निश्चित ही संक्रामक बीमारी से दूर रहेगा। वहीं, दूसरी ओर जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो, इस उद्देश्य से जिले में लगातार वैक्सीनेशन और जाँच अभियान एकबार फिर तेज कर दिया गया है। ताकि सामुदायिक स्तर पर लोगों को इस  महामारी से सुरक्षित किया जा सके।
– वैक्सीन से वंचित लोग जल्द से जल्द कराएं वैक्सीनेशन और चौथे लहर की खतरे से रहे दूर :
एसीएमओ डॉ अभय प्रकाश चौधरी   ने बताया, संभावित चौथे लहर से बचाव के लिए कोविड जाँच और वैक्सीनेशन अभियान तेज करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसका पालन करते हुए जिले में जाँच और वैक्सीनेशन अभियान तेज कर दिया गया है। ताकि वैक्सीन से वंचित लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा 18 से 59 आयु वर्ग के सभी ऐसे लाभार्थी, जो प्रीकाॅशनरी डोज लेने की समयावधि पूरी कर चुके हैं, उन्हें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क प्रीकाॅशनरी डोज दी जा रही है। यह सुविधा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है। वहीं, उन्होंने कहा, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि जो भी लोग किसी भी कारणवश अबतक वैक्सीनेशन नहीं करा सकें और प्रीकाॅशनरी डोज लेने की समयावधि पूरी कर चुके हैं, वह निश्चित रूप से अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर  बूस्टर डोज लेकर चौथे लहर की खतरे से खुद को सुरक्षित करें।
– बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को लेकर रहें सजग और बीमारियों से रखें दूर :
चौथे लहर से सुरक्षा के मद्देनजर खासकर बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को लेकर सजग रहें। क्योंकि, मजबूत रोग-प्रतिरोधक सभी प्रकार के संक्रामक बीमारी से दूर रखता है। बच्चे की खानपान समेत साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। ऐसे में खुद के साथ-साथ बच्चों की  सेहत का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है। छोटे-छोटे बच्चों के  स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए कौन सा आहार हो, इसको लेकर सावधान रहने की जरूरत  है। संतुलित आहार से बच्चों की  रोग-प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। बच्चों को अगर विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते हैं तो उसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है।
– वैक्सीन से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा वैक्सीनेट :
वैक्सीन से वंचित लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर जिले भर में अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेट किया जाएगा। ताकि चौथे लहर से सुरक्षा के मद्देनजर सामुदायिक स्तर पर लोग सुरक्षित हो सके और अन्य लहरों की इस लहर को भी आसानी के साथ मात दी जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक तैयारी शुरू कर दी गई।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।

अच्छे पोषण से दिमागी बुखार को मिलेगी मात, इसलिए उचित पोषण का रखें ख्याल 

0

– अच्छे पोषण के साथ दिमागी  बुखार से बचाव के दोनों टीके जरूरी, इसलिए बच्चों का जरूर कराएं टीकाकरण
– बेहतर पोषण एक नहीं, कई संक्रामक बीमारी से करता है बचाव, बच्चों के पोषण के प्रति रहें सजग

लखीसराय, 28 अप्रैल।
कुपोषण ना केवल शरीर को कमजोर करता  बल्कि, अन्य बीमारियों के चपेट में आने की संभावना में भी वृद्धि करता है। बच्चों में होने वाले दिमागी बुखार सामान्यतः मच्छर काटने से होता है। लेकिन, कुपोषित बच्चों में होने वाले दिमागी बुखार एक स्वस्थ्य बच्चे में होने वाले दिमागी बुखार की तुलना में अधिक गंभीर एवं जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए, बच्चों को इस बीमारी के प्रभाव से दूर रखने के लिए उनके स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और बेहतर पोषण का ख्याल रखें। अन्यथा, थोड़ी-सी लापरवाही बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। बेहतर पोषण से ना सिर्फ दिमागी बुखार या फिर अन्य किसी एक बीमारी से बचाव होगा बल्कि, अन्य कई संक्रामक बीमारी से भी बचाव करेगा।

– बेहतर पोषण ,कई रोगों से बचाव सबसे बेहतर और आसान उपाय :
डीआईओ सह एसीएमओ डाॅ अशोक कुमार भारती ने बताया, बच्चों को जन्म से ही बेहतर पोषण की आवश्यकता होती है। बच्चे के जन्म के एक घंटे के अंदर माँ का गाढ़ा-पीला दूध एवं अगले छह महीने तक सिर्फ माँ के ही दूध का सेवन बच्चे को इस उम्र में होने वाली बहुत सी बीमारियों, जैसे डायरिया, निमोनिया, ज्वर एवं अन्य घातक रोगों से बचाव करता है। छह माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ का दूध एवं इसके बाद मसला हुआ अनुपूरक आहार के साथ 2 साल तक नियमित स्तनपान बच्चों को कुपोषण से दूर रखता है। मच्छरों से फैलने वाले कई रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं दिमागी बुखार जैसे घातक एवं गंभीर रोगों से होने वाले प्रभावों में बच्चों के बेहतर पोषण के कारण बहुत हद तक कमी आती  एवं बच्चा आसानी से इन रोगों के प्रभावों से दूर भी रहता है।

– 09 से 12 माह के बीच पहला और 1 से 02 साल से बीच बच्चों को दिया जाता है दूसरा टीका :
दिमागी बुखार का पहला टीका 9 से 12 महीने तक के बच्चों को एवं 1 से 2 वर्ष की उम्र के बच्चों को दूसरी खुराक दी जाती है। दिमागी बुखार क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से इसका वाइरस शरीर में प्रवेश करता और सीधे दिमाग पर असर करता है। इससे बच्चों को दिमागी बुखार हो जाता है। जापानी बुखार में शुरू में फ्लू जैसे लक्षण के साथ बुखार आना, ठंड लगना, थकान होना, सिर दर्द, उल्टी एवं दौरे आना आदि दिखाई देते हैं। यह बुखार काफी खतरनाक हो सकता है, जिससे बच्चा अपंग एवं समुचित चिकित्सीय जाँच के अभाव में जानलेवा भी हो जाता है। इस गंभीर रोग से मजबूती से लड़ने के लिए बच्चे का सुपोषित होना फायदेमंद होता है।सुपोषित बच्चे में दिमागी बुखार प्रभाव डालने के बाद भी काफी हद तक जानलेवा नहीं हो पाता है। इसलिए, बच्चों को दिमागी बुखार से बचाने के लिए टीके के साथ उनका बेहतर पोषण भी जरूरी है।

अब टीबी के ड्रग रेजिस्टेंट और ड्रग सेंसेटिव मरीजों को नहीं लगाया जाएगा इंजेक्शन, ओरल रेजिमेन से होगा उपचार

0
– यक्ष्मा विभाग के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने जिलों के संचारी रोग पदाधिकारी को जारी की चिट्ठी
– पीएमडीटी गाइडलाइन 2021 के अनुसार अब इंजेक्टेबल रेजिमेन को बंद कर ओरल ड्रग रेजिमेन के द्वारा टीबी रोगियों का उपचार होगा
मुंगेर, 28 अप्रैल। अब टीबी ड्रग रेजिस्टेंट और ड्रग सेंसेटिव मरीजों को नहीं लगाया जाएगा इंजेक्शन। ओरल रेजिमेन से उपचार होगा । इसके लिए यक्ष्मा विभाग के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. बाल कृष्ण ने सभी जिलों के संचारी रोग पदाधिकारी को चिट्ठी जारी की है।
डिस्ट्रिक्ट टीबी/एचआईवी कोऑर्डिनेटर शलेन्दु कुमार ने बताया कि पीएमडीटी गाइडलाइन 2021 के अनुसार अब शॉर्टर इंजेक्टेबल रेजिमेन को बंद कर ओरल ड्रग रेजिमेन के द्वारा टीबी रोगियों का उपचार करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इस संबंध में 19 अप्रैल 2022 को भारत सरकार के उप महानिदेशक यक्ष्मा ने भी पत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि ओरल ड्रग रेजिमेन में एक निश्चित  सीक्वेंस के अनुसार टीबी मरीजों का उपचार किया जाता है। इसके साथ ही 30 मार्च 2022 को आयोजित की गई वर्चुअल मीटिंग में भी “डिफिकल्ट टू ट्रीट टीबी केस” के विषय में चर्चा करते हुए कहा गया कि शीघ्र ही कानामाइसिन, सेपरियो माइसिन आदि इंजेक्शन के स्टॉक   को एक्सपायर होने से पहले उपयोग कर लिया जाय।
उन्होंने बताया कि पीएमडीटी गाइडलाइन 2021 के अनुसार आगे से कानामाइसिन, सेपरियो माइसिन, एमिकैसिन और स्ट्रिप्टो माइसिन जैसे इंजेक्शन की आपूर्ति नहीं की जाएगी, परन्तु वर्तमान में जिन टीबी मरीजों को इन इंजेक्शन का कोर्स चल रहा है उन रोगियो को इंजेक्शन का कोर्स पूरा होने तक नियमानुसार इंजेक्शन का डोज़ जारी रहेगा।

परबत्ता पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाएं और होगी सुदृढ़, मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा 

0
– प्रसूति महिलाओं को उपलब्ध कराई जाएगी समुचित और बेहतर सुविधा, संस्थागत प्रसव को मिलेगा बढ़ावा
– कोविड की संभावित चौथी लहर से निपटने को जाँच व वैक्सीनेशन अभियान पर चर्चा
खगड़िया, 28 अप्रैल-
जिले के परबत्ता पीएचसी में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं और सुदृढ़ और मजबूत होगी। साथ ही प्रसव कराने के लिए अस्पताल आने वाली प्रसूति महिलाओं को प्रसव के दौरान समुचित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि सभी प्रसूति महिलाओं का सुरक्षित और सामान्य प्रसव सुनिश्चित हो सके और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा पीएचसी स्तर पर लोगों को मिलने वाली अन्य तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सकारात्मक बदलाव होगा। इसको लेकर गुरुवार को पीएचसी परिसर में प्रखंड स्तरीय गुणवत्ता यकीन समिति की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें पीएचसी के सभी चिकित्सक, पदाधिकारी, कर्मी के साथ-साथ केयर इंडिया के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव रंजन एवं संचालन केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने किया। बैठक के दौरान प्रसव कक्ष में उपलब्ध सुविधाओं को विस्तारित करने, सुदृढ़ व मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इसे सुनिश्चित करने को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने लेबर इंचार्ज समेत अन्य कर्मियों से फीडबैक ली। जिसके बाद आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही बैठक में मौजूद अन्य कर्मियों से भी अस्पताल में उपलब्ध अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की भी जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
– सामुदायिक स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार द्वारा चलाई जा रही है विभिन्न योजना :
पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव रंजन ने बताया, सामुदायिक स्तर पर लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसे सुनिश्चित कराने को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए तमाम योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। ताकि लोगों को सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके और सामुदायिक स्तर पर लोग स्वास्थ्य सुविधा से लाभान्वित हो सकें। वहीं, उन्होंने बताया, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसूति महिलाओं को प्रसव के दौरान समुचित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके, इसको लेकर भी सरकार तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। ताकि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसूति को सुविधाजनक तरीके से समुचित स्वास्थ्य सेवा मिल सके और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिल सके। इससे ना सिर्फ संस्थागत प्रसव को  बल्कि, सुरक्षित और सामान्य प्रसव को भी बढ़ावा मिलेगा तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर पर विराम सुनिश्चित होगा। क्योंकि, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा के हर मानकों का पालन के साथ प्रशिक्षित एएनएम द्वारा चिकित्सकों की मौजूदगी में प्रसव कराया जाता है।
– कोविड की संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए जाँच व वैक्सीनेशन अभियान तेज करने पर भी दिया गया बल :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, बैठक के दौरान कोविड की संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए जाँच व वैक्सीनेशन अभियान तेज करने पर भी बल दिया गया। जिसमें वैक्सीनेशन से वंचित लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीनेट करने एवं लक्षण वाले व्यक्ति की जाँच सुनिश्चित कराने की चर्चा की गई। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोग वैक्सीनेट हो सकें और चौथी लहर में भी लोग खुद इस घातक महामारी से सुरक्षित महसूस कर सकें।
– संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने पर भी दिया गया बल :
केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक गोपाल शर्मा ने बताया, बैठक के दौरान प्रसव कक्ष की सुविधा को और बेहतर बनाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने समेत अन्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया गया। जिसमें मौजूद कर्मियों को गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करने एवं प्रसव के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाली प्रसूति महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने समेत अन्य आवश्यक निर्देश दिए गए। साथ ही अन्य सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिसके बाद आवश्यक निर्देश दिए गए।

ऊषा केबल इंडस्ट्रीज के निदेशक अमन गुप्ता बिजनेस ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित

0
नई दिल्ली – एसपीटी डॉट कॉम कॉपरेटिव एक्सलैंस कॉनक्लेव इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नईदिल्ली के मल्टी परपस हॉल में आयोजित किया गया जिसमें सांसद रामचंद्र जांगड़ एवं सांसद प्रताप चंद्र सारंगी कॉपरेटिव मुख्य अतिथि के रूप में हुए तथा देश भर से आए हुए एनजीओ तथा विद्वजन को सम्मानित किया गया साथ ही भारत की आइएसआई और बीआईएस प्रमाणित कम्पनी ऊषा केबल इंडस्ट्रीज के निदेशक अमन गुप्ता को बिजनेस ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
ऊषा केबल इंडस्ट्रीज ने हॉल ही मे जवानो की जरूरतों को ध्यान मे रखते हुए खास तरह सिलिकॉन रबराइस पीबीसी केबल का निर्माण किया था, यह केबल माइनस 40 डिग्री में भी काम करता है और इसे नॉर्मल स्थानो पर भी उपयोग में लाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के 15वे वित्त आयोग के उपयोग हेतु जिलास्तरीय कमेटी का हुआ उन्मुखीकरण 

0
– सिविल सर्जन की अध्यक्षता में उन्मुखीकरण का आयोजन
– जिलास्तरीय कमेटी के सदस्य हुए शामिल, 15वे वित्त आयोग के क्रियान्वयन पर की गई आवश्यक चर्चा
खगड़िया, 27 अप्रैल।
बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय में 15वे वित्त आयोग के उपयोग हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण का आयोजन हुआ। जिसमें जिलास्तरीय कमेटी के सभी सदस्यों ने भाग लिया। उन्मुखीकरण की अध्यक्षता सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने की एवं संचालन डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार ने किया। उन्मुखीकरण के दौरान 15वे वित्त आयोग के उपयोग, क्रियान्वयन एवं निगरानी से विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और मौजूद सदस्यों को आवश्यक जानकारी दी गई। जिसके पश्चात मौजूद सभी सदस्यों ने उक्त उन्मुखीकरण से संबंधित अपने-अपने विचार रखे। इस मौके पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ योगेन्द्र नारायण प्रेयसी, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, डीसी गौतम कुमार सिन्हा, एफपीसी राजेश पांडेय, डीपीसी हेमलता जोशी, मानसी प्रखंड प्रमुख वृंदा देवी, तेलिहार पंचायत के मुखिया अनिल सिंह समेत जिला स्तरीय कमेटी अन्य सदस्य मौजूद थे।
– 15वे वित्त आयोग के क्रियान्वयन की दी गई जानकारी :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, 15वे वित्त आयोग के उपयोग, क्रियान्वयन एवं निगरानी हेतु गठित जिला स्तरीय कमेटी के साथ इस तरह का उन्मुखीकरण आयोजित किया जाता है। जिसमें कमेटी के सभी सदस्य शामिल होते हैं। वहीं, उन्होंने बताया, उन्मुखीकरण के दौरान मौजूद सभी सदस्यों को 15वीं वित्त आयोग के उपयोग से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई एवं सदस्यों से विचार-विमर्श किया गया। जिसके दौरान स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन निर्माण, उपकेंद्र को हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर में प्रोन्नत करना, स्वास्थ्य सुविधा से संबंधित जरूरी संसाधन की व्यवस्था उपलब्ध कराना समेत अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
– उन्मुखीकरण के दौरान क्रियान्वयन पर की गई आवश्यक चर्चा :
डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार एवं केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन ने बताया, उन्मुखीकरण के दौरान मौजूद सदस्यों के साथ 15वे वित्त आयोग के उपयोग, क्रियान्वयन एवं निगरानी से संबंधित विषय पर आवश्यक चर्चा की गई। जिसके दौरान 15वे वित्त आयोग के तहत होने वाली तमाम कार्ययोजना एवं कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। वहीं, उन्होंने बताया, उन्मुखीकरण में जिलास्तरीय कमेटी में शामिल सभी पदाधिकारी और अन्य सदस्य शामिल हुए।

मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को किया गया जागरूक, दी गई आवश्यक जानकारी

0
– जिले के विभिन्न प्रखंडों में मलेरिया उन्मूलन को लेकर किया गया जागरूक
– मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर लोगों किया जा रहा है जागरूक
शेखपुरा, 27 अप्रैल, 2022
मलेरिया मुक्त जिला निर्माण को लेकर विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर 25 अप्रैल से ही जिले भर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में प्रभात फेरी निकाली गई। जिसके माध्यम से लोगों को मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान जन-जन का यही नारा है, मलेरिया मुक्त जिला हो हमारा, दूर होगी मलेरिया की बीमारी, जब हम सब की होगी भागीदारी, मलेरिया से अपने परिवार को बचाओ, मच्छरदानी अपनाओ आदि स्लोगन और नारे के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही उक्त कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी जा रही है और सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
– जिले के सभी प्रखंडों में मलेरिया मुक्त समाज निर्माण के लिए लोगों को किया जा रहा है जागरूक :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया, मलेरिया मुक्त जिला निर्माण को लेकर जिले के सभी प्रखंडों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिसके दौरान लोगों को मलेरिया के कारण, लक्षण समेत इससे बचाव और उपचार की जानकारी दी जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया, मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के के लोगों को हो सकता है। इसमें कंपकंपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
– मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का करें प्रयोग :
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार ने बताया, मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें। सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी का लगाएं। इस बात का दिन में भी सोने के दौरान ख्याल रखें। इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसापस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें।