राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस :01 से 19 आयु वर्ग के बच्चे,किशोर-किशोरियों को खिलायी गयी अल्बेंडाजोल की गोली

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– बापू मध्य विद्यालय में सिविल सर्जन ने कार्यक्रम का बच्चों को दवा खिलाकर किया उदघाटन
–  सरकारी, गैर-सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य संस्थानों भी खिलायी गयी अल्बेंडाजोल
खगड़िया, 22 अप्रैल-
शुक्रवार को जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिलेभर में अभियान चलाकर स्वास्थ्य टीम द्वारा 01 से 19 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी योग्य बच्चे व किशोर-किशोरियों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। वहीं, इस कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने खगड़िया सदर पीएचसी अंतर्गत बापू मध्य विद्यालय में बच्चों को दवा खिलाकर किया। इसके बाद जिले के सभी प्रखंडों में कार्यक्रम की शुरुआत हुई और जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों समेत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का आयोजन कर 01 से 19 आयु वर्ग के  सभी योग्य लाभार्थियों को दवा का सेवन कराया गया। इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डाॅ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, खगड़िया सदर पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव रंजन, केयर इंडिया की प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।
– शिक्षण संस्थान का भ्रमण कर स्वास्थ्य टीम द्वारा खिलाई गई दवा :
सिविल सर्जन डाॅ  झा ने बताया, शुक्रवार को पूरे जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। जिसके तहत गठित स्वास्थ्य टीम द्वारा जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसा, संस्कृत विद्यालय, मदरसा, आंगनबाड़ी केंद्रों समेत अन्य संस्थानों में  01 से 19 आयु वर्ग के  सभी योग्य लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल खिलायी जाएगी। वहीं, उन्होंने बताया, 26 अप्रैल को माॅप-अप दिवस के तहत छूटे लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल खिलायी जाएगी।  उन्होंने बताया, कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग के तमाम पदाधिकारी और शिक्षकों का भी सहयोग रहा।
– निर्धारित डोज के अनुसार खिलाई गई दवा :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया,
उक्त कार्यक्रम के दौरान निर्धारित डोज के अनुसार दवा खिलाई गई। जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चों के अल्बेंडाजोल 400 एमजी टैबलेट का आधा चूरकर पानी के साथ व 2 से 3 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल 400 एमजी का एक टैबलेट चूरकर पानी के साथ सेवन कराया गया। इसके साथ ही 3 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों को एक पूरा टैबलेट चबाकर खिलाया गया। इसके बाद पानी का सेवन कराया गया। इस अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य सहयोगी संगठन के कर्मियों से सहयोग लिया जा रहा है।
– कृमि की समस्या से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल का सेवन जरूरी :
डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार ने बताया, कृमि की समस्या से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल का सेवन बेहद जरूरी है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि कृमि मुक्त समाज निर्माण के लिए अपने-अपने बच्चों को निश्चित रूप से दवा का सेवन कराएं और बच्चों को परेशानी से दूर रखें। इससे ना सिर्फ बच्चे कृमि की समस्या दूर रहेंगे, बल्कि बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास भी होगा। साथ ही कृमि मुक्त समाज निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
– सामान्य साइडइफेक्ट होने पर घबराएं नहीं :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, दवा का सेवन कराने पर किसी भी प्रकार की साइडइफेक्ट होने पर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह एक सामान्य साइड इफेक्ट है, जिस बच्चे में कृमि की शिकायत होगी, उसमें ही साइड इफेक्ट दिखेगा। जो स्वतः ठीक भी हो जाएगा। यह आमतौर पर अन्य दवा के सेवन से होने वाले सामान्य साइड इफेक्ट है। इसलिए, ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और निर्भिक होकर दवा का सेवन कराएं।

महामारियों से लें सीख, पर्यावरण को बचाने सामूहिक प्रयास पर बल

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प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन सभी जीवों के लिए संकट
महामारियों से लें सीख, पर्यावरण को बचाने सामूहिक प्रयास पर बल
150 से अधिक युवाओं ने पृथ्वी को सुरक्षित बनाने के कार्यक्रम में लिया हिस्सा
पटना/22,अप्रैल:
पृथ्वी दिवस के अवसर पर सहयोगी संस्था के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान किशोरों, युवाओं, महिलाओं ने धरती को सुरक्षित और संरक्षित बनाये जाने पर अपने विचार और जानकारी साझा की। ​विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आये 150 से अधिक प्रतिभागियों ने इस मौके पर अपने विचार  चित्रकारी, स्लोगन, गीत, वीडियो व लेखनी के माध्यम से व्य​क्त किये।
पृथ्वी दिवस के अवसर पर सहयोगी संस्था द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में पर्यावरण के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों करने और आगे आने का आह्वान किया गया।
पर्यावरण का बचाव मानव कल्याण के लिए जरूरी:
सहयोगी संस्था की निदेशिका रजनी ने बताया कि पर्यावरण सुरक्षा का सीधा सारोकार मानव अस्तित्व की सुरक्षा से जुड़ा है। पृथ्वी हमारी सुरक्षा के लिए प्रत्येक स्तर पर कोशिश में जुटी है। हमारा अस्तित्व पेड़-पौधे, धरती, हवा एवं नदियाँ की मौजदूगी से ही संभव है। इसलिए यह हमारा भी नैतिक दायित्व है कि हम पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति सचेत हों। पृथ्वी का मुख्य स्वरूप निर्माण से जुड़ा है। इसलिए पृथ्वी को माँ की उपमा दी गयी है। इस लिहाज से यह भी जरूरी है कि महिलाओं के प्रति संवेदनशील हों एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए भी आगे आएं।
प्रतिभागियों ने साझा किए अपने विचार:
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने असुंतलन उत्पन्न कर दिया है। जंगलों की निर्बाध कटाई, कंक्रीट जंगलों का निर्माण, प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहा है। पृथ्वी की जलवायु मनुष्य एवं अन्य जीवों के लिए प्रतिकूल होने लगा है और ग्लोबल वार्मिग का कारण बन रहा है। प्राकृतिक आपदाओं के रूप में हमें इसकी चेतावनी भी मिलती रहती है, लेकिन दूरदर्शिता का अभाव और लोभ धरती को संकट की ओर ले जा रहा है। प्रतिभागियों ने का कि धरती को सुरक्षित-संरक्षित बने रहने के लिए पेड़-पौधे का रोपण एवं संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है। प्लास्टिक एवं खेतों में डाले जाने वाले केमिकल्स के प्रयोग को रोकना भी आवश्यक होगा। इससे हमारी पृथ्वी बची रहेगी और अन्य जीव-जन्तुओं का जीवन भी बचा रहेगा।

सिविल सर्जन ने बच्चे को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर की अभियान की शुरुआत

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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले के 17 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
शुक्रवार को जो बच्चे छूट गए, उन्हें 26 अप्रैल को मॉपअप राउंड के दौरान खिलाई जाएगी दवा
भागलपुर, 22 अप्रैल
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर शुक्रवार को एक से 19 साल के बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा की खिलाई गई। अभियान की शुरुआत शहर के नया बाजार स्थित राजकीय मदनलाल कन्या उच्च विद्यालय से हुई। सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बच्चे को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की। मौके पर डीपीएम फैजान आलम अशर्फी और स्वास्थ्य विभाग की सलाहकार शालिनी सिन्हा समेत स्कूल के शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
अभियान की शुरुआत के बाद सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि एक से 19 साल तक के बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। दो साल तक के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली खिलाई गई और उससे अधिक उम्र के लोगों को पूरी गोली खिलाई गई। यह अभियान आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में चलाया गया। अल्बेंडाजोल की दवा बच्चों को चबाकर खाने की सलाह दी गई। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इस दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इसलिए लोगों से मेरी अपील है कि जिसके घर में 19 साल से कम उम्र के बच्चे हैं, वह अल्बेंडाजोल की दवा जरूर खिलाएं। शुक्रवार को जो बच्चे छूट गए, उनके लिए 26 अप्रैल को मॉपअप राउंड चलाया जाएगा। उस दिन याद से बच्चे को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाना नहीं भूलिएगा। जिले के 17 लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाने का है लक्ष्य।
पेट से संबंधित बीमारियों से बच्चों का बचाव है उद्देश्यः वहीं मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की सलाहकार शालिनी सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को दवा खिलाने का मुख्य उद्देश्य पेट से संबंधित बीमारियों से उसका बचाव करना है। आज अभियान की शुरुआत हुई है। जो बच्चे शुक्रवार को छूट गए, उन्हें 26 को मॉपअप राउंड के दिन दवा खिलाई जाएगी। बच्चों को उम्र के अनुसार खुराक दी जा रही है। इसे लेकर व्यापक तैयारी की गई है। हमलोगों को उम्मीद है कि इसे लेकर जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे पूरा कर लेंगे। सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाने में कामयाब रहेंगे।
स्वास्थ्य पर नहीं पड़ता है कोई प्रतिकूल प्रभावः सिविल सर्जन ने बताया कि कृमि के कारण बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास अवरुद्ध होता है। राष्ट्रीय कृमि दिवस के अवसर पर जिले के 01 से 19 साल तक के सभी बच्चों के लिये कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी है। इसके सेवन से बच्चे पेट के कई रोग, कुपोषण सहित अन्य बीमारियों से सुरक्षित होते हैं। निर्धारित समय पर कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी है। इससे शरीर के अंदर पल रहे कृमि नष्ट हो जाते हैं। बच्चों को दवा खिलाने के लिए जिले की चयनित आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि कृमि की दवा खाने में किसी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि यह शरीर को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। बीमार बच्चों का दवा का सेवन नहीं कराया जाना है।

एक से 19 साल तक के बच्चों को खिलाई गई अल्बेंडाजोल की गोली

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-जिले के 12,10,586 बच्चों को दवा खिलाने का रखा गया है लक्ष्य
छूटे बच्चों को 26 अप्रैल को मॉपअप राउंड में खिलाई जाएगी गोली

बांका, 22 अप्रैल-

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर शुक्रवार को एक से 19 साल के बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। छूटे हुए बच्चों को 26 अप्रैल को मॉपअप राउंड में अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। जिले के 12,10,586 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। कृमि मुक्ति दिवस पर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अभियान को चलाया गया। आशा ,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम ने इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि एक से 19 साल तक के बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। दो साल तक बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली खिलाई गई और उससे अधिक उम्र के लोगों को पूरी गोली खिलाई गई। यह अभियान आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में चला। अल्बेंडाजोल की दवा बच्चों को चबाकर खाने की सलाह दी गई। इस दवा का कोई साइडइफेक्ट नहीं है। इसलिए लोगों से मेरी अपील है कि जिसके घर में 19 साल से कम उम्र के बच्चे हैं, वह अल्बेंडाजोल की दवा जरूर खिलाएं। शुक्रवार को जो बच्चे छूट गए हैं, उनके लिए 26 अप्रैल को मॉपअप राउंड चलाया जाएगा। उस दिन याद से बच्चे को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाना नहीं भूलिएगा। जिले के 12 लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाने का है लक्ष्य।
बच्चों को उम्र के अनुसार दवा दी गईः जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को दवा खिलाने का मुख्य उद्देश्य पेट से संबंधित बीमारियों से उसका बचाव करना है। आज अभियान की शुरुआत हुई है। बच्चों को उम्र के अनुसार खुराक दी गई। इसे लेकर व्यापक तैयारी की गई है। हमलोगों को उम्मीद है कि इसे लेकर जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे पूरा कर लेंगे। सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाने में कामयाब रहेंगे। कृमि के कारण बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास अवरुद्ध होता है। राष्ट्रीय कृमि दिवस के अवसर पर जिले के 01 से 19 साल तक के सभी बच्चों के लिये कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी है। इसके सेवन से बच्चे पेट के कई रोग, कुपोषण सहित अन्य बीमारियों से सुरक्षित होते हैं। निर्धारित समय पर कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी है। इससे शरीर के अंदर पल रहे कृमि नष्ट हो जाते हैं। कृमि की दवा खाने में किसी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि यह शरीर को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। बीमार बच्चों का दवा का सेवन नहीं कराया जाना है।
पटना से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिया जायजाः अल्बेंडाजोल दवा खिलाने के अभियान का जायजा लेने के लिए पटना से स्वास्थ्य विभाग की टीम भी आई थी। एसआरयू के मनीष कुमार के नेतृत्व में कटोरिया प्रखंड समेत कई जगहों का दौरा किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर अभियान को देखा। वहां पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से इस बारे में जानकारी ली। पटना की टीम के साथ केयर इंडिया के कन्हैया कुमार भी साथ रहे।

ऊषा केवल ने जवानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सिलिकॉन रबराईज पीबीसी केवल को मार्केट में उतारा

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-ऊषा केबल ने सिलिकॉन रबराइस पीबीसी केबल को मार्केट मे उतारा
भारत की आइएसआई और बीआईएस प्रमाणित कम्पनी ऊषा केबल इंडस्ट्रीज के ब्राण्ड ऊषा केबल ने अपने कई सालों की रिसर्च और डिफेन्स की जरूरतों को ध्यान मे रखते हुए सिलिकॉन रबराइस पीबीसी केबल को मार्केट में उतारा।
कम्पनी निदेशक अमन गुप्ता ने कहा की सिलिकॉन रबराइस पीबीसी केबल पर कई सालों से काम चल रहा था जिसकी भारत में डिफेंस को  एल ए सी जैसी जगहों पर जहॉं टेम्परेचर माइनस 40 डिग्री के  ऊपर चला जाता है वहॉं इसकी खास जरूरत थी।
जहॉं नॉर्मल केबल माइनस 20 से 25 डिग्री सेल्सियस पर आते आते केबल टुटने जैसी समस्याओं का सामनाा करना पड़ता था जो एक बड़ी समस्या थी उसका समाधान कम्पनी ने सिलिकॉन रबराइस पीबीसी केबल के द्वारा कर दिया है।
उन्होने कहा की यह केबल हमारी अपनी फैक्ट्री में ही बनाई गई है, जिसमे अच्छी क्वालिटी मैटीरियल्स का प्रयोग किया गया हैै जिसकी वजह से यह केबल माइनस 40 डिग्री में भी काम करेगा और इसे नॉर्मल स्थानो पर भी उपयोग में लाया जा सकता है।

उचित स्वच्छता नहीं बरतने से बच्चे ज्यादा होते हैं कृमि रोग के शिकार : खुशबू गुप्ता 

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– राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस आज,  जिला भर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को खिलायी जाएगी अल्बेंडाजोल की गोली
– 01 से 19 आयु वर्ग के सभी किशोर-किशोरियों को खिलाई जाएगी दवाई
– सदर प्रखंड के आदर्श मध्य विद्यालय बेकापुर में सदर एसडीओ ने किया कार्यक्रम का उदघाटन
मुंगेर, 21 अप्रैल। उचित स्वच्छता  नहीं बरतने के कारण बच्चे सबसे ज्यादा कृमि रोग के शिकार होते हैं । उक्त बात गुरुवार को सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत आदर्श मध्य विद्यालय बेकापुर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (22 अप्रैल )कार्यक्रम शुभारंभ करते सदर एसडीओ खुशबू गुप्ता ने कही। उन्होंने बताया कि बच्चे ज्यादातर समय मिट्टी, धूल के बीच खेलते हैं और साफ-सफाई का सही तरीके से ध्यान नहीं रखते हुए गंदे हाथ से खाना खाते और पानी पीते हैं । इसके माध्यम तमाम तरह के हानिकारण बैक्टीरिया भोजन और पानी के जरिये बच्चे के पेट में चले जाते और वो कृमि रोग के शिकार हो जाते हैं। बच्चों को कृमि रोग से बचाने के लिए शुक्रवार 22 अप्रैल को जिलाभर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा एवं 26 अप्रैल को माॅप-अप दिवस का आयोजन होगा। उक्त कार्यक्रम के तहत जिले भर में 01 से 19 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी किशोर- किशोरियों को अल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जाएगी। अब निर्धारित तिथि के अनुसार 22 अप्रैल से जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों समेत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का आयोजन कर 01 से 19 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी योग्य लाभार्थियों को दवा का सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता को लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। ताकि कार्यक्रम का शुभारंभ होने के बाद किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और हर हाल में सफलतापूर्वक कार्यक्रम का समापन सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर मुंगेर के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनन्द शंकर शरण सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) वन्दना पांडेय, डीपीएम जिला स्वास्थ्य समिति नसीम रजि, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निखिल राज सिहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
– 01 से 19 आयु वर्ग के सभी लाभार्थियों को खिलायी जाएगी अल्बेंडाजोल :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि शुक्रवार को पूरे जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। जिसके तहत जिला के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसा, संस्कृत विद्यालय, ऑगनबाड़ी केंद्रों समेत अन्य संस्थानों में कार्यक्रम का आयोजन कर 01 से 19 आयु वर्ग के सभी लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलायी जाएगी। जबकि, 26 अप्रैल को माॅप-अप दिवस के तहत छूटे लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलायी जाएगी। उन्होंने बताया कि मुंगेर जिला में राज्य स्तर से कुल 746015 बच्चों को दवा खिलाने के लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
– निर्धारित डोज के अनुसार खिलाई जाएगी दवा :
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान निर्धारित डोज के अनुसार दवाई खिलाई जाएगी। जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चों के अल्बेंडाजोल 400 एमजी टैबलेट को आधा चूरकर पानी के साथ खिलाना है। 2 से 3 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल 400 एमजी का एक टैबलेट चूर कर पानी के साथ खिलाना है। इसके साथ ही 3 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों को एक पूरा टैबलेट चबाकर खिलाना है। इसके बाद ही पानी का सेवन करना है। इस अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका,आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य सहयोगी संगठन के कर्मियों से सहयोग लिया जाएगा।
– शारीरिक एवं मानसिक विकास बाधित करती है कृमि :
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण, व्यक्तिगत अस्वच्छता तथा संक्रमित दूषित मिट्टी एवं संपर्क से होता है। कृमि के संक्रमण से बच्चों के पोषण स्तर एवं हीमोग्लोबिन स्तर पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। जिससे बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास प्रभावित होता है। कृमि ऐसे परजीवी हैं, जो मनुष्य के आंत में रहते हैं। आंतों में रहकर ये परजीवी जीवित रहने के लिए मानव शरीर के आवश्यक पोषक तत्वों पर ही निर्भर रहते हैं। जिससे मानव शरीर आवश्यक पोषक तत्वों की कमी का शिकार हो जाता है और वे कई अन्य प्रकार की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। खासकर बच्चों और किशोर एवं किशोरियों पर कृमि के कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं। जैसे- मानसिक और शारीरिक विकास का बाधित होना, कुपोषण का शिकार होने से शरीर के अंगों का विकास अवरूद्ध होना, खून की कमी होना आदि जो आगे चलकर उनकी उत्पादक क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। कृमि का संचरण चक्र संक्रमित बच्चे के खुले में शौच से आरंभ होता है। खुले में शौच करने से कृमि के अंडे मिट्टी में मिल जाते  और विकसित होते हैं। अन्य बच्चे जो नंगे पैर चलते हैं या गंदे हाथों से खाना खाते हैं या बिना ढके हुए भोजन का सेवन करते हैं ,आदि लार्वा के संपर्क में आकर संक्रमित हो जाते हैं। इसके लक्षणों में दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख का न लगना आदि हैं। संक्रमित बच्चों में कृमि की मात्रा जितनी अधिक होगी उनमें उतने ही अधिक लक्षण परिलक्षित होते हैं। हल्के संक्रमण वाले बच्चों व किशोरों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाई पड़ते हैं।

आजादी महोत्सव: स्वास्थ्य मेला आयोजित कर लोगों को दी गई स्वास्थ्य संबंधित आवश्यक जानकारी 

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– जिले के चौथम, मानसी और परबत्ता प्रखंड में मेला का आयोजन, बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
– तीनों जगहों पर मेले में लगाए गए थे स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न प्रकार के स्टाॅल
खगड़िया, 21 अप्रैल-
आजादी के 75वें साल पूरा होने के जश्न में पूरे देश में मनाएं जा रहे अमृत महोत्सव के तहत जिले के तीन प्रखंडों में प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। जिसमें चौथम, मानसी और परवत्ता प्रखंड शामिल हैं। वहीं, चौथम में डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, एफपीसी राजेश पांडेय, सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ अनिल कुमार, उप मुखिया मुकेश कुमार सिंह ने संयुक्तरूप से मेले का उदघाटन किया। जबकि, मानसी में बीडीओ श्याम किशोर शर्मा एवं पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव रंजन, परबत्ता सीएचसी में जदयू प्रखंड अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि ध्रुव कुमार शर्मा, सीएचसी प्रभारी डाॅ राजीव रंजन, मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष बालकृष्ण शर्मा, मुखिया राजीव रंजन एवं जदयू नेता मणिभूषण राय ने संयुक्त रूप से मेला का उदघाटन किया। तीनों प्रखंडों में आयोजित मेले में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सभी लोगों ने मेले में अपने-अपने स्वास्थ्य से संबंधित परेशानी की जाँच करायी। वहीं, मेले में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य टीम द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित जरूरी सलाह और आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही इस दौरान मरीजों की स्वास्थ्य जाँच के पश्चात आवश्यक चिकित्सा परामर्श व जरूरी दवाई भी दी गई। इसके अलावा मौजूद लोगों को सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई और लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया गया। वहीं तीनों प्रखंडों में स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न प्रकार के अलग-अलग स्टाॅल लगाए गए थे। ताकि लोग अपनी स्वास्थ्य से संबंधित परेशानी का सुविधाजनक तरीके से आसानी के साथ समाधान करा सकें और किसी भी व्यक्ति को कोई असुविधा नहीं हो।
– मेले में विभिन्न प्रकार की जाँच की थी व्यवस्था :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, गुरुवार को जिले के तीन प्रखंडों में निर्धारित तिथि के अनुसार प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। तीनों जगहों पर मेला परिसर में विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य से संबंधित स्टाॅल लगाए गए थे। ताकि किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सेवा का लाभ प्राप्त कर सकें। साथ ही लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित तमाम जानकारियाँ एवं स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी जानकारी भी दी गई। ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सके और किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो।
– स्वास्थ्य मेले में लोगों की रही अच्छी उपस्थिति :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, गुरुवार को जिले के तीन प्रखंडों में आयोजित प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला में लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई। मेले में आए लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्था और पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की गई थी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाली मेले की जानकारी दी गई थी। ताकि अधिकाधिक लोग मेले में शामिल होकर लाभ उठा सकें और सफलतापूर्वक मेला का समापन हो सके।
– मेला में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जाँच :
केयर इंडिया के एफपीसी राजेश पांडेय ने बताया, मेला में विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। ताकि सभी लोग अपनी-अपनी स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सुविधाजनक तरीके से जाँच करवा सकें । वहीं, उन्होंने बताया कि मेला में स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, नि:शुल्क जाँच और दवाई, आभा स्वास्थ्य आईडी कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, टेली-कंसल्टेशन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुँह का कैंसर, मोतियाबिंद की जाँच, योग और ध्यान आदि जाँच और इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई थी।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस • आज से जिले में खिलायी जाएगी अल्बेंडाजोल की गोली 

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– 01 से 19 आयु वर्ग के सभी किशोर-किशोरियों को खिलाई जाएगी दवाई
– सदर प्रखंड के मिडिल स्कूल मोहनपुर में कार्यक्रम का हुआ उदघाटन, जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों समेत ऑंगनबाड़ी केंद्रों पर भी खिलायी जाएगी अल्बेंडाजोल
बेगूसराय, 21 अप्रैल-
शुक्रवार को जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा एवं 26 अप्रैल को माॅप-अप दिवस का आयोजन होगा। उक्त कार्यक्रम के तहत जिले भर में 01 से 19 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी किशोर-किशोरियों को अल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जाएगी। वहीं, गुरुवार को सदर प्रखंड अंतर्गत मिडिल स्कूल मोहनपुर, बेगूसराय में विधान पार्षद सर्वेश कुमार एवं डीआईओ डाॅ गोपाल मिश्रा ने संयुक्त रूप से उदघाटन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अब निर्धारित तिथि के अनुसार 22 अप्रैल, शुक्रवार से जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों समेत ऑंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का आयोजन कर 01 से 19 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी योग्य लाभार्थियों को दवा का सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता को लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। ताकि कार्यक्रम का शुभारंभ होने के बाद किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और हर हाल में सफलतापूर्वक कार्यक्रम का समापन सुनिश्चित हो सके।
– 01 से 19 आयु वर्ग के सभी लाभार्थियों को खिलायी जाएगी अल्बेंडाजोल :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ गोपाल मिश्रा ने बताया, कल शुक्रवार   को पूरे जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। जिसके तहत जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसा, संस्कृत विद्यालय,  ऑगनबाड़ी केंद्रों समेत अन्य संस्थानों में कार्यक्रम का आयोजन कर 01 से 19 आयु वर्ग के सभी लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलायी जाएगी। जबकि, 26 अप्रैल को माॅप-अप दिवस के तहत छूटे लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलायी जाएगी। वहीं, उन्होंने बताया, उक्त कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
– निर्धारित डोज के अनुसार खिलाई जाएगी दवा :
उक्त कार्यक्रम के दौरान निर्धारित डोज के अनुसार दवाई खिलाई जाएगी। जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चों के अल्बेंडाजोल 400 एमजी टैबलेट को आधा चूरकर पानी के साथ खिलाना है। 2 से 3 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल 400 एमजी का एक टैबलेट चूर कर पानी के साथ खिलाना है। इसके साथ ही 3 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों को एक पूरा टैबलेट चबाकर खिलाना है। इसके बाद ही पानी का सेवन करना है। इस अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ऑगनबाड़ी सेविका-सहायिका, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य सहयोगी संगठन के कर्मियों से सहयोग लिया जाएगा।
– शारीरिक एवं मानसिक विकास बाधित करती है कृमि :
बच्चों में कृमि संक्रमण, व्यक्तिगत अस्वच्छता तथा संक्रमित दूषित मिट्टी एवं संपर्क से होता है। कृमि के संक्रमण से बच्चों के पोषण स्तर एवं हीमोग्लोबिन स्तर पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। जिससे बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास प्रभावित होता है। कृमि ऐसे परजीवी हैं, जो मनुष्य के आंत में रहते हैं। आंतों में रहकर ये परजीवी जीवित रहने के लिए मानव शरीर के आवश्यक पोषक तत्वों पर ही निर्भर रहते हैं। जिससे मानव शरीर आवश्यक पोषक तत्वों की कमी का शिकार हो जाता है और वे कई अन्य प्रकार की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। खासकर बच्चों और किशोर एवं किशोरियों पर कृमि के कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं। जैसे- मानसिक और शारीरिक विकास का बाधित होना, कुपोषण का शिकार होने से शरीर के अंगों का विकास अवरूद्ध होना, खून की कमी होना आदि जो आगे चलकर उनकी उत्पादक क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। कृमि का संचरण चक्र संक्रमित बच्चे के खुले में शौच से आरंभ होता है। खुले में शौच करने से कृमि के अंडे मिट्टी में मिल जाते  और विकसित होते हैं। अन्य बच्चे जो नंगे पैर चलते हैं या गंदे हाथों से खाना खाते हैं या बिना ढके हुए भोजन का सेवन करते हैं ,आदि लार्वा के संपर्क में आकर संक्रमित हो जाते हैं। इसके लक्षणों में दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख का न लगना आदि हैं। संक्रमित बच्चों में कृमि की मात्रा जितनी अधिक होगी उनमें उतने ही अधिक लक्षण परिलक्षित होते हैं। हल्के संक्रमण वाले बच्चों व किशोरों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखाई पड़ते हैं।

आज बच्चों व किशोरों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा 

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-जिले के 18 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
-छूटे हुए बच्चों व किशोरों को 26 को खिलाई जाएगी दवा
भागलपुर, 21 अप्रैल –
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर भागलपुर में 22 और 26 अप्रैल को एक से 19 साल तक के 18,04,834 बच्चों एवं किशोरों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के क्रम में दवा सेवन से वंचित बच्चों के लिये 26 अप्रैल को मॉपअप राउंड का संचालन किया जायेगा, ताकि शत प्रतिशत बच्चों को दवा सेवन सुनिश्चित करायी जा सके। अभियान की सफलता को लेकर विभिन्न स्तरों पर जरूरी तैयारियों को पूरी तक ली गई हैं।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि कृमि के कारण बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास अवरुद्ध होता है। राष्ट्रीय कृमि दिवस के अवसर पर जिले के 01 से 19 साल तक के सभी बच्चों के लिये कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी है। इसके सेवन से बच्चे पेट के कई रोग, कुपोषण सहित अन्य बीमारियों से सुरक्षित होते हैं। निर्धारित समय पर कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी है। इससे शरीर के अंदर पल रहे कृमि नष्ट हो जाते हैं। बच्चों को दवा खिलाने के लिए जिले की चयनित आशा,
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया है। दवा पिलाने के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का पालन अनिवार्य है।
बीमार बच्चे नहीं खाएंगे दवा: डॉ. चौधरी ने बताया कि कृमि की दवा खाने में किसी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता बल्कि यह शरीर को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।
कृमि की दवा आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों के माध्यम से खिलायी जानी है। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम सहयोग में रहेगी। उन्होंने बताया कि 01 से 02 साल तक के बच्चों को अल्बेंडाजोल 400 मिलिग्राम ग्राम की आधी गोली दो चम्मचों के बीच अच्छी तरह पीस कर खिलायी जानी है। वहीं 02 से 03 साल तक के बच्चों को पूरी गोली को पीस कर पानी में घोल कर पिलायी जानी है। वहीं 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को पूरी गोली चबाकर खानी है। दवा की खुराक बच्चों को खाली पेट में नहीं दी जानी है। बीमार बच्चों का दवा का सेवन नहीं कराया जाना है।
अभियान की सफलता को लेकर तैयारी पूरी: डॉ. चौधरी ने बताया कि अभियान की सफलता को लेकर आईसीडीएस, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मियों को जरूरी दिशा निर्देश दिया गया है। अभियान में निजी स्कूल भी बढ़-चढ़ कर अपनी भागीदारी निभायेंगे। स्कूल संचालकों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश जारी किया गया है। कार्यक्रम की सफलता को लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं, ताकि कार्यक्रम का शुभारंभ होने के बाद किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और हर हाल में सफलतापूर्वक कार्यक्रम का समापन सुनिश्चित हो सके।

सुल्तानगंज में लगे स्वास्थ्य मेले में 702 लोगों की जांच व इलाज हुआ

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-कैंसर से लेकर शुगर जांच तक की थी स्वास्थ्य मेले में व्यवस्था
-रेफरल अस्पताल में काफी संख्या में लोग इलाज कराने को पहुंचे
भागलपुर, 21 अप्रैल-
सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल में गुरुवार को स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। मेला का उद्घाटन स्थानीय विधायक ललित नारायण मंडल ने प्रभारी डॉ. उषा कुमारी की मौजूदगी में किया। स्वास्थ्य मेले में कुल 702 लोगों की जांच और इलाज किया गया। स्वासथ्य मेले में लगभग हर तरह की बीमारियों की जांच को लेकर स्टॉल लगाए गए थे। जांच रिपोर्ट आ जाने के बाद डॉक्टर इलाज कर रहे थे और उचित सलाह दे रहे थे।
प्रभारी डॉ. उषा कुमारी ने बताया कि मेले में लगभग सभी बीमारियों के इलाज के लिए स्टॉल लगाए गए थे। रजिस्ट्रेशन के बाद लोगों की जांच की जा रही थी। जिस जांच की रिपोर्ट तत्काल आ जा रही थी, उसी दौरान मरीजों का इलाज भी कर दिया जा रहा था। साथ में दवा भी दी जा रही थी। टीबी जैसी बीमरी की जांच के लिए भी लोगों के सैंपल लिए गए। जब रिपोर्ट आएगी और उसमें टीबी की पुष्टि होगी तो उनका भी इलाज किया जाएगा और दवा दी जाएगी। मेले के दौरान काफी संख्या में लोगों की कैंसर की भी स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य मेला में काफी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने शिरकत की और इसका लाभ उठाया।
नारायणपुर में 180 लोगों की हुई जांच और इलाजः उधर, नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन स्थानीय विधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने किया और मौके पर सिविल सर्जन डॉ उमेश कुमार शर्मा और केयर इंडिया के जितेंद्र कुमार सिंह मौजूद थे जहां पर 180 लोगों की जांच और इलाज किया गया। प्रभारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में लगभग सभी तरह की जांच और इलाज की व्यवस्था की गई थी। काफी संख्या में क्षेत्र के लोग भी आए इलाज कराने के लिए। सभी लोगों की जांच के बाद इलाज किया गया और उन्हें दवा भी दी गई। मौके पर अस्पताल मैनेजर शंकर पासवान, अनिमेश कुमार झा और ब्रजेश कुमार ठाकुर समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
परिवार नियोजन और पोषण पर जोरः स्वास्थ्य मेले में परिवार नियोजन और पोषण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य मेला में परिवार नियोजन का अलग से स्टॉल लगाया जा रहा है। जहां पर लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी दी जा रही है। साथ में परिवार नियोजन से संबंधित अस्थाई सामग्री का भी वितरण किया जा रहा है। पोषण को लेकर आईसीडीएस से संपर्क कर एक अलग से स्टॉल लगाया जा रहा है, जहां पर लोगों को सही पोषण के बारे में जानकारी दी जा रही है। अच्छी बात यह है कि परिवार नियोजन और पोषण से संबंधित स्टॉल पर काफी संख्या में लोग भी आ रहे हैं।