विश्व मलेरिया दिवस पर  रैली निकली,लोगों को मलेरिया से बचाव को किया गया जागरूक

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– जिले के विभिन्न विद्यालयों में  निकाली गई प्रभात फेरी
– मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर लोगों किया जागरूक
खगड़िया, 25 अप्रैल-
सोमवार को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिलेभर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया गया। रैली निकालकर सामुदायिक स्तर पर मलेरिया उन्मूलन का संदेश पहुँचाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में भी प्रभात फेरी निकाली गई। जिसके माध्यम से लोगों को मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान मलेरिया से संबंधित विभिन्न प्रकार के स्लोगन पर बल देकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही उक्त कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई और सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया गया। वहीं, इस अवसर पर सदर पीएचसी खगड़िया में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राजीव रंजन की अध्यक्षता में शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मौजूद सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों ने मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। इस मौके पर केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार, प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी आदि मौजूद थी।
– जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया मुक्त समाज निर्माण की ली गयी शपथ :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सोमवार को शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सभी स्वास्थ्य संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मियों द्वारा मलेरिया मुक्त समाज निर्माण की शपथ ली गई और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने, जरूरी जानकारी देने समेत अन्य जरूरी निर्णय भी लिये गये।
– किसी आयु वर्ग के लोग मलेरिया से हो सकते हैं पीड़ित :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। इसमें कपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
– मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का करें प्रयोग : मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें। सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगाएं। इस बात का सोने के दौरान ख्याल रखें। इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसपास बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें।

विश्व मलेरिया दिवस • जिले में प्रभात फेरी निकालकर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए किया गया जागरूक

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– जिले के विभिन्न विद्यालयों बच्चों को किया गया जागरूक
– मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर लोगों किया जाएगा जागरूक
लखीसराय, 25 अप्रैल-
विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर सोमवार को जिलेभर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में प्रभात फेरी निकाली गई। जिसके माध्यम से लोगों को मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान जन-जन का यही नारा है, मलेरिया मुक्त जिला हो हमारा, दूर होगी मलेरिया की बीमारी, जब हम सबकी होगी भागीदारी, मलेरिया से अपने परिवार को बचाओ, मच्छरदानी अपनाओ आदि स्लोगन और नारे के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही उक्त कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई और सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा। वहीं, इस अवसर पर सदर अस्पताल परिसर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राकेश कुमार की अध्यक्षता में शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मौजूद सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों ने मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। इस मौके पर एसीएमओ सह डीआईओ डाॅ अशोक कुमार भारती, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी भगवान दास, गौतम प्रसाद आदि मौजूद थे।
– जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का लिया गया शपथ :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया, विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सोमवार को शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सभी स्वास्थ्य संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मियों द्वारा मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का शपथ ली गई और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने, जरूरी जानकारी देने समेत अन्य जरूरी निर्णय भी लिये गये।
– किसी आयु वर्ग के लोग मलेरिया से हो सकते हैं पीड़ित :
एसीएमओ सह डीआईओ डाॅ अशोक कुमार भारती ने बताया, मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। इसमें कपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
– मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का करें प्रयोग : मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें। सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगाएं। इस बात का सोने के दौरान ख्याल रखें। इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसपस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें।

विश्व मलेरिया दिवस :  जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक 

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– जिले के सभी प्रखंडों में मलेरिया उन्मूलन को लेकर किया गया कार्यक्रम का आयोजन
– सामुदायिक स्तर पर लोगों को मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की दी गई जानकारी
बाँका, 25 अप्रैल-
विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर सोमवार को जिले के सभी प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक किया गया और मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। उक्त कार्यक्रम का जिला मुख्यालय से लेकर प्रखण्ड स्तर पर आयोजन किया गया। साथ ही जिले के विभिन्न स्कूलों में प्रभातफेरी भी निकाली गई। जिसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक मलेरिया उन्मूलन का संदेश पहुँचाया। इसके अलावा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में संबंधित संस्थान के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अध्यक्षता में शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों ने मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने की शपथ ली।
– जिले के सभी प्रखंडों में कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को किया गया जागरूक :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया, विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के सभी प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही जिले के विभिन्न विद्यालयों में प्रभात फेरी का आयोजन कर पूरे क्षेत्र में घूम-घूम कर समाज के आखिरी व्यक्ति तक मलेरिया उन्मूलन का संदेश पहुँचाया गया। जिसके दौरान लोगों को मलेरिया के कारण, बचाव, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई और मलेरिया मुक्त समाज निर्माण के लिए जागरूक किया गया।
– वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल ने कहा कि इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस का थीम है  “मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का उपयोग करें” इसलिए हमें अपने आसपास गंदगी को दूर कर और कुछ घरेलू उपाय कर मलेरिया जैसे भयावह बीमारी से बचना चाहिए। मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। इसमें कपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार निश्चित अंतराल पर आते-जाते रहता है। उन्होंने कहा कि फेलसीपेरम मलेरिया (दिमागी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है। खून की कमी हो जाती है।
सोते समय मच्छरदानी का करें प्रयोगः डॉ. वाई. पी. मंडल ने मलेरिया से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल या जले हुए मोबिल डालें। घर के आसापस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें। उन्होंने कहा कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की तरफ से डीडीटी का छिड़काव कराया जाता है। छिड़काव कर्मियों के आने पर उनका सहयोग करें और छिड़काव की तिथि की जानकारी ग्रामीणों को दें।
सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज की मुफ्त व्यवस्था :   मलेरिया बुखार होने पर पीड़ित व्यक्ति को अपने गांव की आशा दीदी या नजदीकी सरकारी अस्पताल जाना चाहिए। खून की जांच में मलेरिया निकलने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में इसकी निःशुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था है। मलेरिया फैलाने वाला मच्छर किसी स्थान पर ठहरे हुए साफ पानी और धीमी गति से बहने वाली नालियों में अंडे देती है और वहां पर पनपती है।
आशा के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्था : आरिफ इकबाल ने बताया कि आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की आरडीटी किट से जांच कर रही हैं। प्रति जांच उन्हें 15 रुपये की राशि देने की भी व्यवस्था है। साथ ही मरीज मिलने पर उसका इलाज कराने पर 75 रुपये प्रति मरीज अलग से दिए जाने की व्यवस्था है। साफ है कि जिले को मलेरिया से मुक्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 2030 तक मलेरिया को खत्म करने का लक्ष्य है, इसे लेकर प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम से लोगों को किया गया जागरूक 

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– जिले के सभी प्रखंडों में मलेरिया उन्मूलन को लेकर किया गया कार्यक्रम
– सामुदायिक स्तर पर लोगों को मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की दी गई जानकारी
भागलपुर, 25 अप्रैल।
सोमवार को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक किया गया और मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। उक्त कार्यक्रम का जिला मुख्यालय से लेकर प्रखण्ड स्तर पर आयोजन किया गया। साथ ही जिले के विभिन्न स्कूलों में प्रभातफेरी भी निकाली गई। जिसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक मलेरिया उन्मूलन का संदेश पहुँचाया गया। इसके अलावा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में संबंधित संस्थान के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अध्यक्षता में शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों ने मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने की शपथ ली।
– जिले के सभी प्रखंडों में कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को किया गया जागरूक :
सीडीओ सह प्रभारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दीनानाथ ने बताया, विश्व मलेरिया दिवस पर जिले के सभी प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही जिले के विभिन्न विद्यालयों में प्रभात फेरी का आयोजन कर पूरे क्षेत्र में घूम-घूम कर समाज के आखिरी व्यक्ति तक मलेरिया उन्मूलन का संदेश पहुँचाया गया। इस दौरान लोगों को मलेरिया के कारण, बचाव, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई और मलेरिया मुक्त समाज निर्माण के लिए जागरूक किया गया।
डॉक्टर दीनानाथ ने कहा कि मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। इसमें कपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। उन्होंने कहा कि फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
सोते समय मच्छरदानी का करें प्रयोगः डॉ. दीनानाथ ने मलेरिया से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसापस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें। उन्होंने कहा कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की तरफ से डीडीटी का छिड़काव कराया जाता है। छिड़काव कर्मियों के आने पर उनका सहयोग करें और छिड़काव की तिथि की जानकारी ग्रामीणों को दें।
सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज की मुफ्त व्यवस्थाः  मलेरिया बुखार होने पर पीड़ित व्यक्ति को नजदीकी सरकारी अस्पताल जाना चाहिए। खून की जांच में मलेरिया निकलने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में इसकी निःशुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था है। मलेरिया फैलाने वाला मच्छर किसी स्थान पर ठहरे हुए साफ पानी और धीमी गति से बहने वाली नालियों में अंडे देता और वहां पर पनपता है।

मलेरिया से निज़ात पाने के लिए उपचार के साथ स्वच्छता एवं सामाजिक जागरूकता जरुरी

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• 6 सालों में देश में मलेरिया के मामलों में 86.45% एवं मलेरिया से होने वाली मौतों में 79.16% की आई कमी
• प्रौद्योगिकी और नवाचार का प्रयोग जरुरी
पटना/ 25, अप्रैल: ‘‘न केवल मलेरिया का उपचार, बल्कि हमारी व्यक्तिगत और सामुदायिक परिवेश में स्वच्छता एवं मलेरिया नियंत्रण तथा रोकथाम के प्रति सामुदायिक जागरूकता दोनों मलेरिया के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई और 2030 तक देश से मलेरिया के उन्मूलन के हमारे लक्ष्य को पूरा करने के लिए जरुरी है’’. उक्त बातें केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कही. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आवश्यकता स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली को प्रगतिशील रूप से मजबूत करने और बहु-क्षेत्रीय समन्वय और सहयोग में सुधार करने पर अधिक ध्यान देने की है.
प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल को ‘विश्व मलेरिया दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “वैश्विक मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का उपयोग” है.
प्रौद्योगिकी और नवाचार का प्रयोग जरुरी:
डॉ मंडाविया ने राष्ट्रीय और उप-राष्ट्रीय प्रयासों के माध्यम से मलेरिया उन्मूलन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाने से भारत की मलेरिया उन्मूलन योजना को आगे बढ़ाने और बेहतर स्वास्थ्य, जीवन की गुणवत्ता और गरीबी उन्मूलन में योगदान देने के लिए टेलर मेड समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आशा, एएनएम और सहयोगी संगठनों सहित जमीनी स्तर के फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निदान, समय पर और प्रभावी उपचार और वेक्टर नियंत्रण उपायों के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।  उन्होंने आगे सुझाव दिया कि निजी चिकित्सकों सहित निजी क्षेत्र को अपने मलेरिया मामले के प्रबंधन और रिपोर्टिंग और संबंधित गतिविधियों को राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ जुड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अभिनव प्रौद्योगिकी के उपयोग में भारत की “ई-संजीवनी” ने टेली-परामर्श और टेली-रेफरेंसिंग के लिए मार्ग दिखाया है.  इसका  मलेरिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के निदान और उपचार के लिए व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है.
मलेरिया मामलों में 86.45% एवं मौतों में 79.16% की कमी:
 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मलेरिया उन्मूलन में मिली सफलता के बारे में भी विस्तार से बताया। डॉ मंडाविया ने कहा कि भारत ने मलेरिया के मामलों और इससे होने वाली मौतों को कम करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। हमारे प्रयासों के परिणामस्वरूप 2015 की तुलना में 2021 में मलेरिया के मामलों में 86.45% की गिरावट आई है और मलेरिया से संबंधित मौतों में 79.16% की कमी आई है। देश के 124 जिलों में मलेरिया के शून्य मामले सामने आए हैं। यह मलेरिया के उन्मूलन के लिए हमारे लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन मलेरिया मुक्त भारत के सपने को पूरा करने के लिए अभी भी और अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है.
जमीनी स्तर पर किया जा रहा कार्य:
केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ भारती प्रवीण पवार ने कहा कि वर्ष 2030 तक मलेरिया को दूर करने की दिशा में एक मिशन मोड पर काम चल रहा है। केन्द्र सरकार मलेरिया के बोझ को कम करने के लिए जमीनी स्तर पर ढांचागत सुधार और प्रयोगशाला सहायता के लिए राज्य सरकारों के साथ काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि परीक्षण और उपचार में अधिक प्रयास किए जाते हैं, तो भारत 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के सपने को प्राप्त कर लेगा।
इस दौरान एकीकृत वेक्टर प्रबंधन 2022 पर एक मैनुअल जारी किया गया। गणमान्य व्यक्तियों ने सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि के साथ समय पर 2030 तक मलेरिया को खत्म करने के लिए उचित व्यवहार और प्रथाओं का पालन करने का संकल्प लिया। मलेरिया उन्मूलन पर अनुकरणीय कार्य करने वाले राज्यों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राजेश भूषण, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव; विकास शील, एएस और एमडी (एनएचएम); डॉ हरमीत सिंह ग्रेवाल, जेएस (एमओएचएफडब्ल्यू); डॉ अतुल गोयल, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक; डॉ सुजीत सिंह, निदेशक, एनसीडीसी; डॉ तनु जैन, निदेशक, एनसीवीबीडीसी; और अन्य वरीय अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। भारत में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. रोडेरिक ओफ्रिन भी उपस्थित थे।

सीपीजे कॉलेज नरेला ने किया विशाल कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रम आयोजित

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सीपीजे कॉलेज नरेला (गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ  विश्वविद्यालय दिल्ली से संबद्ध) ने बीबीए(जनरल)/बीबीए(कैम)/बीसीए/बीकॉम(ऑनर) के छठे सेमेस्टर के छात्रों के लिए करियर एक्सपो-2022: पूल कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया, जिसमें दस कंपनियां, अनेक जॉब प्रोफाइल के  साथ, थोक भर्ती के लिए परिसर में आईं। डॉ अभिषेक जैन, महासचिव और श्री युगांक चतुर्वेदी, महानिदेशक ने एक संयुक्त बयान जारी किया कि यह एक मेगा ड्राइव था जिसमें जीजीएसआईपीयू के विभिन्न कॉलेजों के छठे सेमेस्टर के कुल 289 छात्रों ने इस भव्य अवसर का लाभ उठाने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। पंजीकृत छात्रों को एप्टीट्यूड टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत साक्षात्कार सहित एक व्यवस्थित चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। हालांकि कंपनियों द्वारा मांगे गए मानक और योग्य उम्मीदवारों के कारण छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी, फिर भी सामूहिक भर्ती के इस कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से कुल 121 छात्रों का चयन किया गया। कुल मिलाकर पूल कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव एक शानदार सफलता रही है। भर्ती कंपनियों के मानव संसाधन प्रबंधकों ने मेगा ड्राइव के सुचारू संचालन के लिए सीपीजे कॉलेज द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। कॉलेज प्रशासन ने अतिथि कंपनियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया और सीपीजे कॉलेज की ओर से भर्ती करने वालों को तुलसी के पौधे और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सीपीजे कॉलेज के निदेशक डॉ. आशुतोष अग्रवाल द्वारा प्रस्तावित धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

“कोविड  के नए संक्रमण से महावीर कैंसर संस्थान के मरीज रहेंगे सुरक्षित”- डॉ. एल.बी.सिंह

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• लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की तरफ से संस्थान को दिए गए 4 ऑक्सीजन सिलिंडर एवं कंसंट्रेटर
• भर्ती 100 बाल कैंसर मरीजों को दिए गए अंडे, चॉकलेट और फल
• संस्थान के अधीक्षक ने जताया लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता का आभार
पटना/ 23 अप्रैल- “कोविड की संभावित चौथी लहर से निपटने के लिए महावीर कैंसर संस्थान पूरी तरह से तैयार है और संस्थान में कोविड सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है. लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की तरफ से आज संस्थान को 4 ऑक्सीजन सिलिंडर एवं 4 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए हैं और इसके लिए मैं इनका आभार मानते हुए धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ”, उक्त बातें पटना के फुलवारीशरीफ स्थित महावीर कैंसर संस्थान के अधीक्षक डॉ. एल.बी.सिंह ने कही. आज वीर कुंवर सिंह जयंती के अवसर पर लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की तरफ से महावीर कैंसर संस्थान को 4 ऑक्सीजन सिलिंडर एवं 4 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए.
लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की एक छोटी सी पहल:
इस अवसर पर बोलते हुए लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की अध्यक्ष नीता मिश्रा ने कहा कि संभावित कोविड की लहर से सभी चिंतित हैं और अपने स्तर पर सुरक्षा के कदम उठा रहे हैं. महावीर कैंसर संस्थान को ऑक्सीजन सिलिंडर एवं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर देकर क्लब ने सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभाई है और संस्थान द्वारा की जा रही तैयारियों में छोटी सी मदद की है.
भर्ती 100 बाल कैंसर मरीजों को दिए गए भोजन के पैकेट:
लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की तरफ से महावीर कैंसर संस्थान में भर्ती कैंसर ग्रसित 100 बच्चों को भोजन के पैकेट बांटे गए. इस अवसर पर भर्ती बाल कैंसर मरीजों के चेहरे पर ख़ुशी देखी गयी. भोजन पैकेट में अंडे, केला एवं चॉकलेट रखे गए थे और बच्चों ने पूरे चाव से इनका सेवन किया.
इस अवसर लायन अनुपम, लायन श्रुति, लायन लायन डॉली सहित लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता के कई सदस्य मौजूद रहे

नवगछिया में 711 लोगों की हुई जांच

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मेला में जांच-इलाज को कई स्टॉल लगे थे
-भागलपुर में स्वास्थ्य मेcला का हुआ समापन
भागलपुर, 22 अप्रैल।
आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य पर जिले में चल रहे स्वास्थ्य मेला का शुक्रवार को समापन हो गया। इसके तहत सभी प्रखंडों में एक दिन स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। शुक्रवार को आखिरी दिन नवगछिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्वास्थ्य मेला लगाया गया। मेला का उद्घाटन स्थानीय विधायक गोपाल मंडल ने किया। मौके पर पीएचसी प्रभारी डॉ. वरुण कुमार, सुमित कुमार समेत कई लोग मौजूद थे।
मेला में 711 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। सभी लोगों की जांच की गई। जांच के बाद लोगों को आवश्यकतानुसार दवा दी गई। साथ ही लोगों को सलाह भी दी गई। कई लोगों की जांच के तत्काल बाद इलाज किया गया तो कुछ लोगों की जांच के लिए सैंपल लिए गए। सैंपल की रिपोर्ट एक-दो दिनों में आ जाने के बाद ऐसे लोगों का जरूरत पड़ने पर इलाज किया जाएगा और उचित स्वास्थ्य सलाह दी जाएगी। मेला के दौरान लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। एक-एक काउंटर पर काफी संख्या में लोग अपनी जांच और इलाज करवाने के लिए कतारबद्ध तरीके से खड़े रहे।
कई तरह के स्टॉल लगाए गए थेः पीएसची प्रभारी डॉ. वरुण कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मेला को लेकर काफी पहले से प्रचार-प्रसार किया जा रहा था, इसलिए काफी संख्या में लोग जांच कराने के लिए पहुंचे। मेला के दौरान कई स्टॉल लगाए गए थे, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई। बीपी, शुगर की जांच की रिपोर्ट तत्काल दी गई और दवा भी दी गई। वहीं टीबी जैसी बीमारी की जांच के लिए सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट आ जाने के बाद लोगों का जरूरत पड़ने पर इलाज किया जाएगा। साथ ही आवश्यक परामर्श भी दी जाएगी।
मलेरिया से लेकर कोरोना जांच तक की थी व्यवस्थाः प्रभारी ने बताया कि मेला के दौरान हर तरह की जांच की व्यवस्था थी। मलेरिया, टीबी से लेकर कोरोना जांच तक की व्यवस्था मेले के दौरान थी। इसके अलावा बीपी, शुगर और ब्लड जांच की भी व्यवस्था थी, जिसकी रिपोर्ट तत्काल आ रही थी। इस दौरान लोगों को अभी के मौसम में एहतियात बरतने की सलाह दी गई। साथ ही गर्मी और लू से बचने के लिए धूप में नहीं निकलने के लिए कहा गया। साथ ही साथ में ओआरएस घोल रखने की सलाह भी लोगों को दी गई। साथ ही लोगों को कोरोना से बचने के लिए गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया। मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया।

विश्व मलेरिया दिवस को ले स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों को मलेरिया के लक्षण और बचाव के लिए किया जा रहा जागरूक 

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– विश्व मलेरिया दिवस और एंटी मलेरिया माह के अवसर पर जिलाभर में आयोजित किए जाएंगे  जागरूकता कार्यक्रम
– कार्यक्रम की सफलता को ले डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोलिंग ऑफिसर ने पीएचसी/सीएचसी के एमओआईसी को जारी किया पत्र
मुंगेर, 22 अप्रैल।  विश्व मलेरिया दिवस  25 अप्रैल  को है। इसको लेकर बच्चों और शिक्षकों को मलेरिया के लक्षण और उससे बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा विभिन्न स्कूलों में पम्पलेट और हैंडबिल वितरित कर मलेरिया के लक्षण और उससे बचाव को बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष भी 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मानने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही एंटी मलेरिया माह का भी आयोजन किया जाना है। इस दौरान जिलाभर में विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम का  आयोजन किया जाना है। इसको ले जिलाभर के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए विशेषकर जनजातीय आबादी, धुमन्तू आबादी, बॉर्डर एरिया, अत्यधिक मलेरिया प्रभावित एरिया, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करना है। इस दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एएनएम और आशा कार्यकर्ता के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आम लोगों के बीच जाकर उन्हें मलेरिया के लक्षण और उससे बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों जैसे मच्छरदानी का इस्तेमाल आवश्यक रूप से करने एवं घरों  में डीडीटी का छिड़काव करवाने के लिए प्रेरित करने के साथ उसमें भसहयोग भी करेंगी।
उन्होंने बताया कि विश्व मलेरिया दिवस और एंटी मलेरिया माह के दौरान पंचायतीराज प्रतिनिधि से भी समुदाय को जागरूक करने में मदद ली जाएगी। इनके सहयोग से स्वास्थ्य उपकेंद्र स्तर पर आयोजित वीएच एसएनडी साइट पर गोष्ठी एवम गांव के स्तर पर मलेरिया के बारे में चर्चा की जाएगी ताकि समुदाय में स्थानीय स्तर पर मलेरिया के प्रति जागरूकता फैल सके।
जिला वेक्टर डिजीज कंट्रोलिंग ऑफिसर संजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि “सावधानी बरतें और मलेरिया से सुरक्षित रहें ” की थीम पर सोमवार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाएगा। जिलाभर के सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और उपचार की व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध है। मरीज में मलेरिया के प्रमुख लक्षण जैसे ठंड लगना, कपकपी, सिरदर्द, उल्टी एवम चक्कर आना, तेज बुखार एवम अत्यधिक पसीने के साथ बुखार का कम होना। ऐसा प्रतिदिन या एक दिन के बाद होना या एक निश्चित अंतराल के बाद । इनमें से कोई भी लक्षण होने पर तत्काल मलेरिया की जांच एवम उपचार के लिए नजदीकी पीएचसी या सीएचसी पर मरीज को ले जाना चाहिए।
मलेरिया से बचने के लिए सभी लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता है जैसे :
– घर एवम घर के आसपास बने गड्ढों, नालियों, बेकार खाली डब्बों , पानी की टंकियों, गमलों, टायर-ट्यूब में पानी जमा नहीं होने दें। इसके साथ ही एसी-कूलर का पानी समय-समय बदलते रहें। गड्डों में जमा पानी में एक बूंद मिट्टी का तेल अवश्य डालें।
– सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती या क्रीम का प्रयोग करें।
– मलेरिया से बचाव के लिए डीडीटी या एसपी का छड़काव करवाने में कर्मियों की मदद करें।

लखीसराय जिले में 25 अप्रैल को मनाया जाएगा विश्व मलेरिया दिवस, लोगों को किया जाएगा जागरूक 

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– अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को दिए आवश्यक निर्देश
– मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर लोगों को किया जाएगा जागरूक
लखीसराय, 22 अप्रैल-
हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 25 अप्रैल को जिलेभर में विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाएगा। जिसका सफल संचालन सुनिश्चित कराने को लेकर अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम) ने पत्र जारी कर जिले के सिविल सर्जन, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उक्त कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा। वहीं, कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग जरूरी और आवश्यक तैयारी में जुट गया है। इस दौरान जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
– कार्यक्रम की सफलता को लेकर जोरों पर चल रही तैयारी :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, आगामी 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस पर लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम कराने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसके सफल संचालन के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने पदाधिकारी और कर्मियों के सहयोग से मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करें। ताकि हर हाल में निर्धारित समय पर कार्यक्रम का शुभारंभ और सफलतापूर्वक समापन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, कार्यक्रम की सफलता को लेकर चल रही तैयारियाँ को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
– किसी आयु वर्ग के लोग मलेरिया से हो सकते हैं पीड़ित :
मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के के लोगों को हो सकता है। इसमें कपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता  लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
– मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का करें प्रयोग : मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें। सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगाएं। इस बात का   सोने के दौरान ख्याल रखें। इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसापस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें।