प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना: पात्र परिवारों को प्रति वर्ष मिलती है 5 लाख रु. तक की निःशुल्क उपचार की सुविधा

0
– योजना का लाभ लेने में समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए कॉल कर सकते हैं टॉल फ्री नंबर 104 या राष्ट्रीय कॉल सेंटर 14555 पर
–   www.cgrms.pmjay.gov.in  पर लॉगिन कर भी दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायत या सुझाव
मुंगेर, 19 अप्रैल। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। इसके लिए   वसुधा केंद्र, यूटीआई आईटीसीएल सेंटर सहित अन्य स्थानों पर निःशुल्क आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाया जाता है। आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए पात्र लाभार्थी के पास राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जी का हितग्राही परिवार के नाम जारी किया गया पत्र एवम आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र का होना आवश्यक है। आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनवाने सहित अन्य आवश्यक जानकारी के लिए लाभार्थी को नजदीकी अस्पताल के आरोग्य मित्र वेबसाइट या टॉल फ्री नंबर पर सम्पर्क करना चाहिए।
आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना मुंगेर की डीपीसी ज्योति कुमारी ने बताया कि इस योजना के तहत आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड की मदद से पात्र लाभार्थी परिवार प्रति वर्ष देशभर के सरकारी अस्पताल और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 5 रुपये तक का निःशुल्क उपचार का लाभ उठा सकता है। इस योजना के तहत अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 15 दिन के बाद तक का चेकअप और दवाइयां भी शामिल हैं। इसमें पूर्व से मौजूद बीमारी पहले दिन से ही शामिल है। इसके अलावा इलाज से संबंधित सभी सेवाएं जैसे जांच, दवाइयां, परामर्श, बेड का चार्ज, भोजन, ओटी, आईसीयू, इम्प्लांट सहित अन्य कई सुविधाएं निःशुल्क है।
उन्होंने बताया कि इस योजना का स्लोगन है ” आयुष्मान पीएमजेएवाई की शक्ति, बीमारी और इलाज के खर्च से मुक्ति ” । इसके अलावा इस योजना का लाभ लेने में समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए सभी लोग टॉल फ्री नंबर 104 या राष्ट्रीय कॉल सेंटर 14555 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा www.cgrms.pmjay.gov.in  पर लॉगिन कर भी लोग अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करा सकते हैं।

प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य मेला: लोगों को दी गई स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी

0
– जिले के गोगरी रेफरल अस्पताल के अधीनस्थ पकरैल गाँव में स्वास्थ्य उपकेंद्र पर मेला का आयोजन
– जिले के सभी प्रखंडों में मेले का होगा आयोजन, लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी स्वास्थ्य सुविधा
खगड़िया, 19 अप्रैल-
जिले में शनिवार से टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा शिविर के साथ  तीन दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके तहत मंगलवार को जिले के गोगरी रेफरल अस्पताल के अधीनस्थ पकरैल गाँव में स्वास्थ्य उप केंद्र पर  प्रखंडस्तरीय मेला का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई । सभी लोगों ने मेले में अपनी-अपनी स्वास्थ्य जाँच करायी। वहीं, मेले में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य टीम द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित जरूरी सलाह और आवश्यक जानकारी दी गई। इस दौरान मरीजों की स्वास्थ्य जाँच भी की  गयी और आवश्यक चिकित्सा परामर्श व जरूरी दवाई भी दी गई। इसके अलावा मौजूद लोगों को सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई और लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया गया।
– निर्धारित तिथि के अनुसार जिले के सभी प्रखंडों में मेले का होगा आयोजन :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, 18 से 22 अप्रैल के बीच सभी प्रखंडों में एक-एक दिन प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन होना है।  निर्धारित तिथि के अनुसार जिले के सभी प्रखंडों में मेले का आयोजन किया जाएगा। जिसके माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित तमाम जानकारियाँ एवं स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी जानकारी भी दी जाएगी। ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सके और किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो।
– स्वास्थ्य मेले में लोगों की रही अच्छी उपस्थिति :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, मंगलवार को जिले के जिले के गोगरी रेफरल अस्पताल के अधीनस्थ पकरैल गाँव के स्वास्थ्य उपकेंद्र  में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला में लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई। मेले में आए लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्था और पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की गई थी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को इस मेले की जानकारी दी गई थी। ताकि अधिकाधिक लोग मेले में शामिल होकर लाभ उठा सकें और सफलतापूर्वक मेला का समापन हो सके।
– मेला में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जाँच :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, मेला में विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था थी। ताकि सभी लोग अपनी-अपनी स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सुविधाजनक तरीके से जाँच करवा सकें। वहीं, उन्होंने बताया कि मेला में स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, नि:शुल्क जाँच और दवाई, आभा स्वास्थ्य आईडी कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, टेली-कंसल्टेशन, मधुमेह,  रक्तचाप, मुँह का कैंसर, मोतियाबिंद की जाँच, योग और ध्यान आदि जाँच और इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई थी।

बाँका के कटोरिया रेफरल अस्पताल में प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन, 711 मरीजों की हुई स्वास्थ्य जाँच 

0
– सीएस एवं अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने मेला का किया उदघाटन
– निर्धारित तिथि के अनुसार जिले के सभी प्रखंडों में मेले का होगा आयोजन, लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी स्वास्थ्य सुविधा
बाँका, 19 अप्रैल-
मंगलवार को जिले के कटोरिया रेफरल अस्पताल में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। जिसका उदघाटन मुख्य अतिथि सीएस डाॅ रवीन्द्र नारायण एवं अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ विनोद कुमार ने संयुक्तरूप से  किया। आयोजित मेले में लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई। वहीं, मेले में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य टीम द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित जरूरी सलाह और आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही इस दौरान मरीजों की स्वास्थ्य जाँच भी की गयी और जाँच के पश्चात आवश्यक चिकित्सा परामर्श व जरूरी दवाई भी दी गई। इसके अलावा मौजूद लोगों को सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई और लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया गया।
– निर्धारित तिथि के अनुसार जिले के सभी प्रखंडों में मेले का होगा आयोजन :
इस मौके पर सीएस रवीन्द्र नारायण ने कहा,  मेले का मुख्य उद्देश्य है कि समाज के आखिरी व्यक्ति तक सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुँच सके। जिसे सार्थक रूप देने के लिए 18 से 22 अप्रैल के बीच सभी प्रखंडों में एक-एक दिन प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन होना है। जिसके दौरान निर्धारित तिथि के अनुसार जिले के सभी प्रखंडों में मेले का आयोजन किया जाएगा। जिसके माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित तमाम जानकारियाँ एवं स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी जानकारी भी दी जाएगी। ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सके और किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो।
– मेले में विभिन्न प्रकार के 711 मरीजों की हुई स्वास्थ्य जाँच :
कटोरिया रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ विनोद कुमार ने बताया, आयोजित मेले में लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई। मेले में आए लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्था और पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की गई थी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाली मेले की जानकारी दी गई थी। ताकि अधिकाधिक लोग मेले में शामिल होकर लाभ उठा सकें और सफलतापूर्वक मेला का समापन हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, मेले में विभिन्न प्रकार के 711 मरीजों की स्वास्थ्य जाँच हुई। जबकि, 150 लोगों का आभा स्वास्थ्य आईडी कार्ड और 70 लोगों का गोल्डन कार्ड बनाया गया। 38 शुगर और 43 हाइपरटेंशन मरीजों की स्क्रीनिंग और और 34 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच की गयी। जाँच के पश्चात सभी को आवश्यक चिकित्सा परामर्श और जरूरी दवाई उपलब्ध कराई गई। वहीं, उन्होंने बताया कि मेला में स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, नि:शुल्क जाँच और दवाई, आभा स्वास्थ्य आईडी कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, टेली-कंसल्टेशन, मधुमेह, उक्त रक्तचाप, मुँह का कैंसर, मोतियाबिंद की जाँच, योग और ध्यान आदि जाँच और इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई थी।

नाथनगर में लगे स्वास्थ्य मेले में 583 लोगों की जांच व इलाज हुआ

0
-कैंसर से लेकर शुगर जांच तक की थी स्वास्थ्य मेले में व्यवस्था
-रेफरल अस्पताल में काफी संख्या में लोग इलाज कराने को पहुंचे
भागलपुर, 19 अप्रैल-
नाथनगर रेफरल अस्पताल में मंगलवार को स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन स्थानीय विधायक अशरफ अली सिद्दकी ने प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय की मौजूदगी में किया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य मिथुन कुमार भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मेले में कुल 650 लोग आए थे, जिनमें से 583 लोगों की जांच और इलाज किया गया। 303 लोगों का आयुष्मान योजना के तहत आईडी क्रिएट किया गया तो 10 लोगों का गोल्डन कार्ड बनाया गया। वहीं फोन के जरिये संपर्क कर 55 लोगों को बेहतर स्वास्थ्य की सलाह दी गई। 10 लोगों की आंखों की जांच की गई तो 185 लोगों की बीपी की जांच की गई। वहीं 214 लोगों की शुगर की जांच की गई।
प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय ने बताया कि मेले में लगभग सभी बीमारियों के इलाज के लिए स्टॉल लगाए गए थे। रजिस्ट्रेशन के बाद लोगों की जांच की जा रही थी। जिस जांच की रिपोर्ट तत्काल आ जा रही थी, उसी दौरान मरीजों का इलाज भी कर दिया जा रहा था। साथ में दवा भी दी जा रही थी। टीबी जैसी बीमरी की जांच के लिए भी लोगों के सैंपल लिए गए। जब रिपोर्ट आएगी और उसमें टीबी की पुष्टि होगी तो उनका भी इलाज किया जाएगा और दवा दी जाएगी। मेले के दौरान काफी संख्या में लोगों की कैंसर की भी स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य मेला में काफी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने शिरकत की और इसका लाभ उठाया। मौके पर बीएचएम अपर्णा, केयर इंडिया की ब्लॉक मैनेजर मनीषा और पिंकी कुमारी भी मौजूद थी।
इस्माइलपुर में 233 लोगों की हुई जांच और इलाजः उधर, इस्माइलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। जहां पर 233 लोगों की जांच और इलाज किया गया। प्रभारी डॉ. राकेश रंजन ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में लगभग सभी तरह की जांच और इलाज की व्यवस्था की गई थी। काफी संख्या में क्षेत्र के लोग भी आए इलाज कराने के लिए। सभी लोगों की जांच के बाद इलाज किया गया और उन्हें दवा भी दी गई। मौके पर अस्पताल मैनेजर शैलेंद्र कुमार और केयर इंडिया के बीएम कमलेश कुमार भी मौजूद थे।
परिवार नियोजन और पोषण पर जोरः स्वास्थ्य मेले में परिवार नियोजन और पोषण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य मेला में परिवार नियोजन का अलग से स्टॉल लगाया जा रहा है। जहां पर लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी दी जा रही है। साथ में परिवार नियोजन से संबंधित अस्थाई सामग्री का भी वितरण किया जा रहा है। पोषण को लेकर आईसीडीएस से संपर्क कर एक अलग से स्टॉल लगाया जा रहा है, जहां पर लोगों को सही पोषण के बारे में जानकारी दी जा रही है। अच्छी बात यह है कि परिवार नियोजन और पोषण से संबंधित स्टॉल पर काफी संख्या में लोग भी आ रहे हैं।

देश में आज स्किलफुल एजुकेशन की जरूरत है जिसकी पूर्ति सीईजीआर कर रहा है- राजेंद्र अग्रवाल, सांसद

0

– सीईजीआर विगत दस वर्षों में कई मिसाल कायम किए- प्रो. केके अग्रवाल, चेयरमैन, एनबीए
-सीईजीआर का 10 वां वार्षिक स्थापना दिवस का भव्य आयोजन हुआ संगरिला होटल नईदिल्ली में
ऩईदिल्ली-
देश आज स्किलफुल एजुकेशन की जरूरत है जिसकी पूर्ति के लिए सेंटर फोर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च लगातार प्रयास कर रहा है। यह बात सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने सेंटर फॉर एजुकेशन गोथ एंड रिसर्च, सीईजीआर का 10 वें वार्षिक स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आज देश में तेजी से एजुकेशन में बदलाव आ रहा है जिसके लिए सरकार ने न्यू एजुकेशन पॉलिसी लाई है। जिसपर आज देश के शिक्छाविद् कार्य कर रहे हैं।
सीईजीआर के दसवें हायर सम्मिट के उद्घाटन सत्र में राज्यसभा सांसद डॉक्टर अहमद अशफाक करीम ने संबोधित करते हुए कहा कि देश में तेजी से एजुकेशन में बदलाव आया है। खासतौर एजुकेशनिस्ट की ज्यादा जिम्मेदारी बढ़ गई है। जिसके हम सब प्रयास कर रहे हैं।
इस मौके पर भाजपा की नेशनल सेक्रेटरी अलका गुर्जर ने एजुकेशनिस्ट को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बेहतर एजुकेशन के लिए कई तरह के बदलाव किए हैं जिसे आगे बढ़ाने में सदा सीईजीआर आगे रहा है। आज जब कोविड को हरा कर भारत आगे बढ़ा है तो ऐसे स्टेक हेल्डर पर विशेष जिम्मेदारी आ गई है।
नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन के चेयरमैन डॉ के. के. अग्रवाल ने कहा कि सीईजीआर विगत दस वर्षों में कई मिसाल कायम किया है। जिसका लाभ एजुकेशन सेक्टर को मिला है। सीईजीआर ने कई रिकमेंडेशन किए हैं जिसे सरकार ने स्वीकारा है। आज देश को सीईजीआर जैसी संस्थान की जरूरत है।
डॉ केके अग्रवाल ने सीईजीआर के डायरेक्टर रविश रोशन को बधाई देते हुए कहा कि इन्होंने जितने कार्य अभी तक किए इससे सरकार को काफी उम्मीदें है। निश्चिततौर पर देश के छात्रों को सीईजीआर से काफी लाभ मिलेगा।
इस मौके पर एआईसीटीई के सलाहकार डॉ नीरज सक्सेना ने संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के इंडस्ट्री को ऐसे युवा चाहिए जो ज्यादा प्रायोगिक कार्य में बेहतर हो। जिसके लिए अब एकेडमिया-इंडस्ट्री के तालमेल की जरूरत है जिसकी पूर्ति हो रही है। जिसके लिए एआईसीटीई ने कई प्रयास किए हैं।
एआईसीटीई के सलाहकार प्रो. रमेश उन्नीकृष्ण ने संबोधित करते हुए कहा कि वे विगत कई वर्षों से सीईजीआर के कार्यक्रम में आ रहे हैं जिसप्रकार से एजुकेशन को बेहतर बनाने पर कार्य कर रहा है यह अद्भूत है इसका प्रतिफल भी दिखाई दे रहा है।
इस मौके पर सीबीएसई के डायरेक्टर डॉ विश्वजीत साहा ने कहा कि सीईजीआर केवल एजुकेशनिस्ट ही नहीं बल्कि रेगुलेटरों को भी अवसर दिया है जहां हम अपनी बात को संस्थानों के सामने रखते हैं। सीईजीआर के प्लेटफार्म पर ही एआईसीटी के रेगुलेटरों से भी सीधे तौर पर सामंजस्य की बात हो रही है। यह अपने आप में एक मिसाल है।
सीईजीआर के दसवे हायर एजुकेशन को संबोधित करते हुए एआईसीटीई के सलाहकार प्रो. आरके सोनी ने कहा कि जिस प्रकार से रेगुलेटर और संस्थानों के बीच सीईजीआर ने कड़ी का कार्य किया है जिसका फायदा संस्थानों के साथ साथ देश को भी मिल रहा है। विगत दस वर्षों में कई संस्थानों की समस्याओं का भी समाधान मिला है। वहीं सरकार की नीतियों को लागू करने में भी सहायता मिल रही है।
सीईजीआर के प्रेसिंडेंट व एएएफटी के चासंलर डॉ संदीप मारवाह ने कहा कि उन्हें काफी खुशी हो रही है कि इस खास आयोजन में देश भर के एजुकेशनिस्ट ने शिरकत किए। जिस प्रकार से सीईजीआर ने विगत वर्षों में कार्य किया है वह सबके सामने है। आज देश में बेहतर कार्य करने की जरूरत है जिसके लिए हम सदा तैयार है।
सम्मिट में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सीईजीआर के डायरेक्टर रविश रोशन ने कहा कि आज विगत दस वर्षों का सफर एजुकेशनिस्ट के सहयोग से ही पूरा हुआ है जो निरंतर जारी है। सीईजीआर को देश एजुकेशन का सबसे बड़ा एजुकेशन थिंक टैंक है. जिसके पास चार एनोवेशन का क्रेडिट प्राप्त है। सीईजीआर के साथ दस हजार से ज्यादा एकेडमिशियन जुड़े हैं जिसमें सत्तर से ज्यादा वीसी जुड़े हैं जिनका मार्गदर्शन लगातार मिलता रहा है।
गौरतलब है कि सीईजीआर का दसवां स्थापना दिवस संगरीला होटल नई दिल्ली में आयोजित किया गया है जिसमें देश के विभिन्न संस्थानों के करीब दो सौ से ज्यादा एजुकेशनिस्टों ने भाग लिया।

आजादी का अमृत महोत्सव:  जिले में प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आगाज, -लोगों में दिखा उत्साह, दी गई स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी 

0
– जिले के लखीसराय अंतर्गत चानन सीएचसी और पिपरिया पीएचसी में मेला का हुआ आयोजन
–  तीन दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत तीसरे दिन मेला का हुआ शुभारंभ
लखीसराय, 18 अप्रैल-
आजादी के 75वें साल पूरा होने के अवसर पर पूरे देश में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के तहत जिले में शनिवार से टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य शिविर के साथ शुरू तीन दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आगाज हो गया। इस मेले का शुभारंभ जिले के लखीसराय अंतर्गत चानन सीएचसी और पिपरिया पीएचसी पीएचसी परिसर में प्रखंडस्तरीय मेले का आयोजन किया गया। दोनों आयोजित मेले को लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई और सभी लोगों को मेले में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य टीम द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित जरूरी सलाह और आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही इस दौरान मरीजों की स्वास्थ्य जाँच भी की गयी और जाँच के पश्चात आवश्यक चिकित्सा परामर्श व जरूरी दवाई भी दी गई। इसके अलावा मौजूद लोगों को सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई और लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया गया।
– निर्धारित तिथि के अनुसार जिले के सभी प्रखंडों में मेले का होगा आयोजन :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, 18 से 22 अप्रैल के बीच सभी प्रखंडों में एक-एक दिन आयोजित होने वाले प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य मेला का चानन सीएचसी और पिपरिया पीएचसी में आयोजन कर जिले में मेले का शुभारंभ हो गया। निर्धारित तिथि के अनुसार जिले के सभी प्रखंडों में मेले का आयोजन किया जाएगा। जिसके माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित तमाम जानकारियाँ एवं स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी जानकारी भी दी जाएगी। ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सकें और किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो।
– दोनों जगहों पर आयोजित मेले में लोगों की रही अच्छी उपस्थिति :
एसीएमओ सह डीआईओ डाॅ अशोक कुमार भारती ने बताया, सोमवार को जिले के लखीसराय अंतर्गत चानन सीएचसी और पिपरिया पीएचसी में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। दोनों जगहों पर लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई। मेले में आए लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्था और पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की गई थी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाली मेले की जानकारी दी गई थी। ताकि अधिकाधिक लोग मेले में शामिल होकर लाभ उठा सकें और सफलतापूर्वक मेला समापन हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, मेले में एनसीडी, स्वास्थ्य आभा कार्ड और पीएमजेएवाई कार्ड बनाने की सुविधा, कोविड वैक्सीनेशन समेत स्वास्थ्य से संबंधित तमाम जाँच और इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई थी।

एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिला से उसके बच्चे में भी एचआईवी का खतरा

0
– सावधानी से हो सकती है बच्चे की सुरक्षा संभव
मुंगेर, 18 अप्रैल-
एचआईवी एड्स एक लाइलाज बीमारी है ,जिसमें सावधानी बरतने के बाद ही खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। यदि सावधानी नहीं बरतते हुए समय से इलाज शुरू नही कराते हैं तो एचआईवी पॉजिटिव ब्यक्ति की  मौत भी हो सकती है। हालांकि एड्स से लोगों को बचाने के लिए केंद्र सरकार के साथ- साथ राज्य सरकार द्वारा भिन्न-भिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी संस्थाओं के अलावा कई निजी संस्थान के द्वारा भी एड्स से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चला कर लोगों को एड्स के कारण, लक्षण तथा बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। एड्स संक्रमितों में पुरुषों के साथ- साथ महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या कम है। इसका मुख्य वजह यह माना जाता है कि सेक्स के लिए महिलाएं कहीं बाहर नहीं जाती जबकि पुरुष अपनी पत्नी या पार्टनर के अलावा बाहर में भी एक से अधिक महिलाओं के बीच यौन संबंध बना लेते हैं। ऐसे में यदि महिला एचआईवी पॉजिटिव हुई तो पुरुष भी एचआईवी संक्रमित हो जाता  और जब वह पुरुष अपनी पत्नी से शारीरिक संबंध बनाते हैं तब उनकी पत्नी भी संक्रमित हो जाती हैं।
एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं से उनके बच्चे को भी खतरा :
जिला एचआईवी/टीबी समन्वयक शलेन्दु कुमार ने बताया कि यदि कोई गर्भवती महिला एचआईवी संक्रमित है तो इससे उसके बच्चे को भी एचआईवी पॉजिटिव होने का खतरा ज्यादा बन जाता है। उन्होंने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिला के गर्भस्थ बच्चे के भी एचआईवी पॉजिटिव होने का खतरा ज्यादा होता है। पहले इसकी संभावना 90 प्रतिशत से अधिक थी। हालांकि अभी भी यह संभावना 70 से 80 प्रतिशत है। क्योंकि गर्भस्थ बच्चा अपने पोषण के लिए मां पर ही निर्भर होता है। ऐसे में उसके संक्रमित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके साथ ही मां का दूध भी संक्रमण का कारण बन सकता है। यदि थोड़ी सावधानी बरती जाए तो गर्भस्थ बच्चे को एचआईवी पॉजिटिव होने से काफी हद तक बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले इसकी संभावना कहीं ज्यादा थी लेकिन अब कुछ दवाओं की वजह से इस बीमारी को बच्चे में फैलने से रोकने में काफी हद तक सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद बच्चे को नेफ्रासिन नामक सिरप लगातार 3 महीने तक दिया जाता है क्योंकि प्रसव के बाद नवजात अपनी मां का दूध पीते हैं ऐसे में बच्चे एचआईवी संक्रमित ना हो जाए इसके लिए यह दवा दी जाती है। इस दवा से काफी हद तक बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि 1 साल की उम्र तक 3 से 4 बार उक्त बच्चे का एचआईवी जांच की जाती है। यदि 1 साल के बाद बच्चे में एचआईवी के लक्षण नहीं मिले तो उक्त बच्चे में अब एचआईवी पॉजिटिव होने का खतरा नहीं होता है।
एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिलाएं बरते ये सावधानी :
उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं को अधिक से अधिक पौष्टिक आहार लेना चाहिए। क्योंकि उन्हीं से ही उनके गर्भ में पल रहे बच्चों को पोषक तत्व मिलता है। बच्चे को जितना पोषक तत्व मिलेगा बच्चा उतना ही स्वस्थ रहेगा।

भीषण गर्मी और लू से निपटने के लिए बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन में जुटा स्वास्थ्य विभाग 

0
– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर सिविल सर्जन को दिए आवश्यक निर्देश
– सभी स्वास्थ्य संस्थानों में संबंधित परेशानी से निपटने के लिए समुचित स्वास्थ्य प्रबंधन की होगी व्यवस्था
खगड़िया, 18 अप्रैल-
  तापमान में लगातार हो रही वृद्धि से भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है।  लू  व आग बरसाती धूप के कारण तो लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। तापमान में और वृद्धि होने की  संभावना है। ऐसे में हर आयु वर्ग के लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। हालाँकि, इन समस्याओं से बखूबी निपटने के लिए शासन-प्रशासन भी गंभीर होकर आवश्यक तैयारी में जुट गया है। ताकि जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित और बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और जरूरत पड़ने पर संबंधित मरीजों को सुविधाजनक तरीके से स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। इसे सुनिश्चित करने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि भीषण गर्मी और लू बरसती धूप के कारण लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, छोटे और स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं समेत अन्य जरूरतमंद कामगारों और लोगों को अपने-अपने जरूरी कार्य से तमाम समस्याओं के बाबजूद घर से बाहर निकलना पड़ता है। इसलिए, किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं से स्थानीय स्तरीय पर निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य स्थानों में बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की जरूरत है। इसलिए, सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डेडिकेटेड वार्ड, दस्त अतिसार से संबंधित दवाओं का भंडारण, एंबुलेंस की सुविधा, चिकित्सा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति आदि की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित हो। ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और जरूरतमंद लोग सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सेवा का लाभ प्राप्त कर सकें।
– सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए गए हैं आवश्यक निर्देश :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, वर्तमान में भीषण गर्मी और लू  से होने वाली स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं से निपटने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में बेहतर और समुचित चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित कराने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जल्द ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ बैठक कर हर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए एक्शन प्लान भी तैयार किया जाएगा। वहीं, उन्होंने कहा, मैं जिले वासियों से अपील करता हूँ कि भीषण गर्मी,  लू व तेज धूप के प्रभाव से बचाव के लिए पानी का भरपूर सेवन, मौसमी फलों का सेवन, नमक-चीनी का घोल, छाछ, नींबू पानी, आम का सरवत, लस्सी, तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी, कच्चे प्याज सत्तु, पुदीना, सौंफ आदि का सेवन करें। साथ ही अनावश्यक धूप में नहीं निकलें।
– इन बातों का रखें ख्याल और करें पालन :
– भूखे पेट घर से बाहर नहीं निकलें।
– अधिक देर तक भूखा नहीं रहें और समय पर खाना खाएं।
– सुपाच्य और हल्का भोजन करें।
– अत्यधिक शीतल पेय पदार्थों के सेवन करने से बचें।
– लगातार पानी का सेवन जारी रखें।
– स्वास्थ्य संबंधित परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराएं।

380 लोगों ने कराई जांच, 245 का हुआ इलाज

0
जिले में स्वास्थ्य मेला का आगाज, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा
विभिन्न तरह के बीमारियों से पीड़ित लोगों ने कराई जांच, दी गई सलाह
बांका, 18 अप्रैल
जिले में स्वास्थ्य मेला का सोमवार को आगाज हुआ। पहले दिन बांका सदर प्रखंड में मेला लगाया गया। मेला का उद्घाटन बीडीओ डॉ. संजय कुमार और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद थे। मेले में कई स्टॉल लगाए गए थे, जिस पर कई तरह की बीमारियों की जांच की जा रही थी और सलाह दी जा रही थी। बीडीओ ने एक-एक स्टॉल का जायजा लिया और वहां पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों से जानकारी ली। मेला में स्वास्थ्य विभाग और सामान्य प्रशासन के अलावा अन्य विभागों ने भी सहयोग किया। स्वास्थ्य मेला में बीडीओ डॉ. संजय कुमार ने भी अपनी ब्लड और शुगर जांच करवाई।
मेला के दौरान कुल 380 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया। सभी लोगों की जांच की गई। इनमें से 245 लोगों का इलाज किया गया। बाकी 135 लोग पूरी तरह से फिट थे। इस दौरान एक व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड भी बनाया गया। वहीं आठ लोगों का डिजीटल हेल्थ आईडी बना। 36 लोगों को टेलीमेडिसिन सेवा के जरिये सलाह दी गई। 15 महिलाओं को स्तनपान की सलाह दी गई। परिवार नियोजन के लिए 46 लोगों को जागरूक किया गया तो 30 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। 80 महिलाओं की जांच की गई तो मलेरिया की 10 और टीबी की जांच के लिए 16 लोगों के सैंपल लिए गए। दो कुष्ठ रोगियों को दवा दी गई तो बीपी और सुगर के 80 मरीजों की जांच हुई। हार्ट की जांच दो लोगों की हुई। 10 लोगों की त्वचा जांच की गई। वहीं 115 लोगों की खून जांच की गई। परिवार नियोजन की सामग्री 87 लोगों में वितरित की गई। पांच लोगों की आयुर्वेद पद्धति से इलाज किया गया, वहीं यूनानी विधि से दो और होम्योपैथी विधि से चार लोगों को दवा दी गई।
लोगों को उचित स्वास्थ्य सलाह दी गईः बीडीओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मेला की शुरुआत सदर प्रखंड से हुई। यहां पर कई तरह की बीमारियों की जांच के लिए स्टॉल लगाए गए थे। सभी स्टॉल का मैंने जायजा लिया। वहां पर लोगों की जांच की व्यवस्था थी। जांच के बाद लोगों को उचित स्वास्थ्य सलाह दी जा रही थी। इसे लेकर लोगों में भी काफी उत्साह था। वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य मेला में कई तरह की बीमारियों की जांच की गई। कुछ जांच की रिपोर्ट तत्काल दी गई तो कुछ की रिपोर्ट एक-दो दिनों में मिलेगी। इसके बाद उन्हें उचित सलाह दी जाएगी।
आज कटोरिया और बौंसी में लगेगा मेलाः स्वास्थ्य मेला का मंगलवार को आज दूसरा दिन है। आज जिले के बौंसी और कटोरिया रेफरल अस्पताल में मेला लगाया जाएगा। यहां भी सभी तरह की जांच की व्यवस्था रहेगी। जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज कर दवा भी दी जाएगी। इसलिए बौंसी और कटोरिया क्षेत्र के रहने वाले लोग अधिक से अधिक संख्या में रेफरल अस्पताल पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच करवाएं।

पीरपैंती में 745 लोगों की हुई जांच

0

-भागलपुर में स्वास्थ्य मेला का हुआ आगाज
-22 अप्रैल तक प्रखंडों में लगेगा स्वास्थ्य मेला
भागलपुर, 18 अप्रैल।
आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य पर जिले में स्वास्थ्य मेला का सोमवार को आगाज हुआ। इसके तहत सभी प्रखंडों में 22 अप्रैल तक एक दिन स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को पहले दिन पीरपैंती रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य मेला लगाया गया। मेला का उद्घाटन अस्पताल के प्रभारी डॉ. सुकेश कुमार चौरसिया की मौजूदगी में हुआ। मौके पर स्वास्थ्य प्रबंधक प्रणव कुमार और केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर राजेश कुमार यादव भी मौजूद थे।
मेला में 745 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। सभी लोगों की जांच की गई। जांच के बाद लोगों को आवश्यकतानुसार दवा दी गई। साथ ही लोगों को सलाह भी दी गई। कई लोगों की जांच के तत्काल बाद इलाज किया गया तो कुछ लोगों की जांच के लिए सैंपल लिए गए। सैंपल की रिपोर्ट एक-दो दिनों में आ जाने के बाद ऐसे लोगों का जरूरत पड़ने पर इलाज किया जाएगा और उचित स्वास्थ्य सलाह दी जाएगी। मेला के दौरान लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। एक-एक काउंटर पर काफी संख्या में लोग अपनी जांच और इलाज करवाने के लिए कतारबद्ध तरीके से खड़े रहे।
कई तरह के स्टॉल लगाए गए थेः अस्पताल प्रभारी डॉ. सुकेश कुमार चौरसिया ने बताया कि स्वास्थ्य मेला को लेकर काफी पहले से प्रचार-प्रसार किया जा रहा था, इसलिए काफी संख्या में लोग जांच कराने के लिए पहुंचे। मेला के दौरान कई स्टॉल लगाए गए थे, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई। बीपी, शुगर की जांच की रिपोर्ट तत्काल दी गई और दवा भी दी गई। वहीं टीबी जैसी बीमारी की जांच के लिए सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट आ जाने के बाद लोगों का जरूरत पड़ने पर इलाज किया जाएगा। साथ ही आवश्यक परामर्श भी दी जाएगी।
मलेरिया से लेकर कोरोना जांच तक की थी व्यवस्थाः पीरपैंती रेफरल अस्पताल के मैनेजर प्रणव कुमार ने बताया कि मेला के दौरान हर तरह की जांच की व्यवस्था थी। मलेरिया, टीबी से लेकर कोरोना जांच तक की व्यवस्था मेले के दौरान थी। इसके अलावा बीपी, शुगर और ब्लड जांच की भी व्यवस्था थी, जिसकी रिपोर्ट तत्काल आ रही थी। इस दौरान लोगों को अभी के मौसम में एहतियात बरतने की सलाह दी गई। साथ ही गर्मी और लू से बचने के लिए धूप में नहीं निकलने के लिए कहा गया। साथ ही साथ में ओआरएस घोल रखने की सलाह भी लोगों को दी गई। साथ ही लोगों को कोरोना से बचने के लिए गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया। मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया।