लखीसराय जिले के सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर योग व वेलनेस सत्र का आयोजन

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– तीन दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दूसरे दिन किया गया आयोजन
– जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन आज से

लखीसराय, 17 अप्रैल-

जिले में शनिवार से टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा शिविर के साथ शुरू तीन दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के दूसरे दिन योग और वेलनेस सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर आयोजित हुआ। जिसके माध्यम से लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए विभिन्न प्रकार योग समेत अन्य जरूरी जानकारी दी गई। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए नियमित तौर पर योग करने की सलाह दी गई और जागरूक किया गया । इसके अलावा स्वस्थ्य मानव जीवन के लिए योग कितना महत्वपूर्ण और जरूरी है, इसकी भी विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नियमित तौर पर योग करने से होने वाले फायदे की भी जानकारी दी गई।

– नियमित करें व्यायाम व योग, शारीरिक रूप से होंगे स्वस्थ और संक्रामक बीमारी से भी रहेंगे दूर :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, जिले में संचालित तीन दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दूसरे दिन जिले भर में योग और वेलनेस सत्र का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से सामुदायिक स्तर पर लोगों को योग से होने वाली तमाम फायदे की जानकारी दी गई। साथ ही नियमित तौर पर योग करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं, उन्होंने कहा, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए समय निकालकर नियमित रूप से व्यायाम और योग करें। इससे ना सिर्फ हम शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे बल्कि, संक्रामक बीमारी से भी दूर रहेंगे। साथ ही अनावश्यक अस्पतालों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा नियमित व्यायाम एवं योग से रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी । जब लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहेगी तो वह निश्चित ही संक्रामक बीमारी से दूर रहेगा। वहीं, उन्होंने बताया, सोमवार से जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 18 से 22 अप्रैल तक होना है। इस दौरान बारी-बारी से निर्धारित तिथि के अनुसार सभी प्रखंडों में एक दिन प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन होगा।

– व्यायाम व योग करने से संक्रमण का खतरा होता है कम, शरीर में नई उर्जा की होती है प्राप्ति :
डीपीसी सुनील कुमार ने बताया, व्यायाम और योग से संक्रमण का खतरा निश्चित रूप से कम रहता है। व्यायाम करने से शरीर की त्वचा, मांसपेशियों एवं नसों में मजबूती आती है। शरीर के अंगों व हड्डी एवं जोड़ में गतिशीलता बनी रहती है। जो बाहरी बैक्टीरिया और वायरस को शरीर के अंदर प्रवेश करने से रोकता है। नियमित रूप से योगाभ्यास और ध्यान करने से मानसिक तौर पर मजबूती मिलती है। जबकि, स्वांस का व्यायाम करने से फेफड़ा मजबूत होता है। इसलिए, वर्तमान दौर में सभी लोगों को नियमित रूप से व्यायाम और योग करना चाहिए।

– इस प्रकार करें व्यायाम :
सुबह और शाम खाली पेट 15 मिनट तक टहलें। गर्दन, कंधा, केहुनी, कलाई, हाथ की अंगुली, कमर, कूल्हा, घुटना, पैर की अंगुली को बारी-बारी से 25-30 बार चलाएं। चित लेटकर छाती को गर्दन सहित ऊपर उठाना, पेट के बल लेटकर घुटना को मोड़ना, जमीन पर पैर मोड़कर लंबी-लंबी मुँह से सांस लेकर पाँच सेकेंड रोकना और नाक से धीरे-धीरे छोड़ना जैसे व्यायाम से काफी लाभ होगा।

– खानपान का करें ख्याल, समय पर खाएं खाना, बीमारी से रहेंगे दूर :
स्वस्थ शरीर निर्माण एवं संक्रामक बीमारी से दूर रहने के लिए खानपान का विशेष ख्याल रखना जरूरी है। इसके लिए समय पर खाना खाएं। अधिक देर तक भूखा नहीं रहें। विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें। नींबू, मौसमी, संतरा, आंवला, पालक समेत अन्य पौष्टिक आहार का सेवन करें। इससे भी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को काफी मजबूती मिलेगी और बीमारी के दायरे से दूर रहेंगे।

आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के चौथे स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ

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– पहले दिन जिला के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मरीजों को उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन टेलीमेडिसीन सेवा
– मरीजों को वीडियो कॉल के जरिये चिकित्सकीय परामर्श के साथ उपलब्ध कराई गई डिजिटल प्रीस्क्रिप्शन
मुंगेर, 16 अप्रैल। आज़ादी के अमृत महोत्सव और आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर जिला के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तीन दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया। पहले दिन जिलाभर के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आने वाले मरीजों को ई.संजीवनी टेलीमेडिसीन सेवा प्रदान की गई।  वीडियो कॉल के द्वारा परामर्श के साथ डिजिटल प्रीस्क्रिप्शन भी उपलब्ध करायी गयी।
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) विकास कुमार ने बताया कि ई.संजीवनी टेलीमेडिसीन सर्विस के तहत पीएचसी- एचडब्ल्यूसी स्तर पर हब जहां चिकित्सक मौजूद रहते और हेल्थ सब सेंटर (एचएससी)  पर स्पोक्स बनाया गया , जहां सीएचओ ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिये मरीजों का चिकित्सकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराती हैं। इसके साथ ही यहां ऑनलाइन डॉक्टर का डिजिटल प्रीस्क्रिप्शन भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जमालपुर पीएचसी क्षेत्र अंतर्गत परहम और इटहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सहित सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ई.संजीवनी टेलीमेडिसीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अगले दिन रविवार को मुंगेर के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर योगाभ्यास एवं वेलनेस सत्र का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद कार्यक्रम के अगले चरण में 18 से 22 अप्रैल के बीच किसी दिन प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें अनिवार्य रूप से मरीजों की आंख जांच के लिए नेत्र रोग विशषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि 18 अप्रैल को जिला के तारापुर प्रखण्ड में स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। जहां नेत्र रोग की जांच के लिए मनोज कुमार मौजूद रहेंगे। इसके अगले दिन 19 अप्रैल को धरहरा और हवेली खड़गपुर में स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। जहां नेत्र रोग की जांच के लिए धरहरा में मुकेश कुमार और हवेली खड़गपुर में मनोज कुमार मौजूद रहेंगे। इसी तरह 20 अप्रैल को जिला के संग्रामपुर और असरगंज   प्रखण्ड में स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाएगा जहां मरीजों के नेत्र रोग की जांच के लिए संग्रामपुर में मुकेश कुमार और असरगंज में मनोज कुमार मौजूद रहेंगे। इसके अगले दिन 21 अप्रैल को जिला के सदर प्रखंड और टेटिया बम्बर में स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाएगा जहां मरीजों के नेत्र जांच के लिए सदर प्रखंड में मुकेश कुमार और टेटिया बम्बर में मनोज कुमार मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के अंतिम दिन 22 अप्रैल को जिला के बरियारपुर और जमालपुर प्रखण्ड में स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा, जहां मरीजों की आंख जांच के लिए बरियारपुर में मुकेश कुमार और जमालपुर में मनोज कुमार  रहेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य मेला में मरीजों की सुगर, बीपी, डायबिटीज सहित कई बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मेला में आने वाले सभी आमजनों का आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) प्लेटफार्म के माध्यम से हेल्थ आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाया जाएगा ।

तीन दिवसीय स्वास्थ्य कार्यक्रम : टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य शिविर के साथ जिले में कार्यक्रमों का हुआ आगाज 

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– ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से मरीजों को उपलब्ध कराई गई टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा
– जिले के  सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों पर शिविर का आयोजन
लखीसराय, 16 अप्रैल-
शनिवार से जिले मे तीन दिवसीय स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों का आगाज हो गया। जिसका शुभारंभ टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन कर किया गया। उक्त शिविर का आयोजन जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों के साथ-साथ सभी वीएचएसएनडी साइटों पर भी किया गया। जहाँ ई-संजीवनी पोर्टल की मदद से वीडियो काॅल के जरिए मरीजों की ऑनलाइन चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। जिसमें मरीजों की स्वास्थ्य जाँच हुई और  आवश्यक चिकित्सा परामर्श दी गई। साथ ही जरूरतमंद मरीजों को दवाई भी उपलब्ध कराई गई। वहीं, इस शिविर के सफल संचालन के लिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई और पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की गई थी। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी मरीजों को सुविधाजनक तरीके से इस सुविधा का लाभ प्राप्त हो सके।
– जिले में आज होगा योग और वेलनेस सत्र का आयोजन :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, तीन दिवसीय स्वास्थ्य  संबंधित कार्यक्रमों का शनिवार से जिले में टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य शिविर के साथ शुभारंभ हो गया। जिसके तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों के सभी वीएचएसएनडी साइटों पर टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जबकि, रविवार को जिले के सभी प्रखंडों में योग और वेलनेस सत्र का आयोजन होगा । 18 से 22 अप्रैल के बीच किसी एक दिन सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। उक्त सभी कार्यक्रमों के दौरान सामुदायिक स्तर पर लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और स्वस्थ शरीर व समाज निर्माण के लिए जागरूक करते हुए आवश्यक जानकारी दी जाएगी।
– कार्यक्रम की सफलता को लेकर की गई व्यापक व्यवस्था :
डीपीसी सुनील कुमार ने बताया, 16 से 22 अप्रैल तक जिले में स्वास्थ्य संबंधित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन की सफलता को लेकर व्यापक व्यवस्था की गई है। ताकि शिविर स्थल पर आने वाले सभी मरीजों को सुविधाजनक तरीके से बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और एक भी मरीज को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो।
– सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर मरीजों को सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराई टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों एवं वीएचएसएनडी साइटों पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई। सभी मरीजों को सुविधाजनक तरीके से टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई गई। साथ ही स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई। इसके अलावा शिविर स्थल पर आने वाले सभी जरूरतमंद मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सेवा का लाभ प्राप्त कर सकें, इसके लिए व्यापक पैमाने पर जरूरी व्यवस्था और पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की गई थी।

खगड़िया जिले में तीन दिवसीय स्वास्थ्य संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन शुरू 

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–  सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
– सीएस, डीआईओ, डीपीएम व अन्य पदाधिकारियों ने शिविरों का किया निरीक्षण, दिए निर्देश
खगड़िया, 16 अप्रैल-
जिले में टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा शिविर के साथ शनिवार से तीन दिवसीय स्वास्थ्य संबंधित कार्यक्रमों का आगाज हो गया। जिसके माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें ई-संजीवनी पोर्टल के  माध्यम से वीडियो काॅल के लिए जरिए मरीजों की ऑनलाइन स्वास्थ्य जाँच हुई और  जरूरी चिकित्सा परामर्श दिए गए। साथ ही जरूरतमंद मरीजों को दवाई भी उपलब्ध कराई गई। वहीं, इस शिविर के सफल संचालन के लिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई थी। पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की गई थी। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी मरीजों सुविधाजनक तरीके से इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकें। इधर, सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार समेत अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारियों ने विभिन्न शिविर स्थलों का निरीक्षण किया और कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।
– जिले में आज होगा योग और वेलनेस सत्र का आयोजन :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, तीन दिवसीय स्वास्थ्य  संबंधित कार्यक्रमों के तहत शनिवार को जिले के सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जबकि, रविवार को जिले के सभी प्रखंडों में योग और वेलनेस सत्र का आयोजन होगा।  18 से 22 अप्रैल के बीच किसी एक दिन सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। उक्त सभी कार्यक्रमों के दौरान सामुदायिक स्तर पर लोगों सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। वहीँ स्वस्थ शरीर व समाज निर्माण के लिए जागरूक करते हुए आवश्यक जानकारी दी जाएगी।
– कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं निर्देश :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया 16 से 22 अप्रैल तक जिले में स्वास्थ्य संबंधित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के  आयोजन की सफलता को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि अधिकाधिक लोगों का कार्यक्रम के दौरान भागीदारी सुनिश्चित हो सके और कार्यक्रम का सफल संचालन हो सके।
– सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर मरीजों को सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराई टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा :
डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार एवं केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, जिले के सभी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में लोगों की अच्छी उपस्थिति देखी गई। सभी मरीजों को सुविधाजनक तरीके से टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई गई। साथ ही स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई। इसके अलावा शिविर स्थल पर आने वाले सभी जरूरतमंद मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सेवा का लाभ प्राप्त कर सकें, इसके व्यापक पैमाने पर जरूरी व्यवस्था और पर्याप्त कर्मियों की तैनाती की गई थी।

स्वास्थ्य मेला को लेकर टीबी विभाग की व्यापक तैयारी

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-18 से 22 अप्रैल तक जिले में चलेगा स्वास्थ्य मेला
-प्रखंडों के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की हुई प्रतिनियुक्ति
बांका, 16 अप्रैल।
जिले में 18 अप्रैल से स्वास्थ्य मेला का आगाज हो रहा है। मेला 22 अप्रैल तक चलेगा। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। इसे लेकर टीबी विभाग ने भी तैयारी की है। टीबी विभाग ने इसे लेकर सभी प्रखंडों में स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतियुक्ति भी कर दी है। 18 अप्रैल को पहले दिन बांका सदर और रजौन प्रखंड में मेला लग रहा है। इसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांका में एलटी अवधेश कुमार ज्योति और एसटीएस शिवरंजन कुमार को तैनात किया गया है। वहीं रजौन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एलटी चंद्रशेखर प्रसाद चौधरी और एसटीएलएस संजय कुमार सिंह को तैनात किया गया है। इसी तरह 19 को कटोरिया रेफरल अस्पताल में एलटी रामकृष्ण कुमार और एसटीएस सुनील कुमार को और बौंसी रेफरल अस्पताल में एलटी उमेश प्रसाद व एसटीएलएस पंकज कुमार को तैनात किया गया है। 20 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शंभूगंज में एलटी अख्तर आजमी एवं एसटीएलएस पंकज कुमार को तैनात किया गया है तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चांदन में एलटी रोशन कुमार और एसटीएस सुनील कुमार को तैनात किया गया है। 21 को रेफरल अस्पताल अमरपुर में एलटी सुनील कुमार चौधरी और एसटीएलएस पंकज कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराहाट में एलटी संजय कुमार सिंह व एसटीएलएस संजय कुमार सिंह और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेहलर में एलटी मो. तहसीन और एसटीएस सुनील कुमार को तैनात किया गया है। मेला के आखिरी दिन 22 अप्रैल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर में एसटीएलएस पंकज कुमार को तैनात किया गया है। 22 को ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धोरैया में एलटी शंभूकांत झा एवं एसटीएस शिवरंज कुमार को तैनात किया गया है।
अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठाएः सीडीओ डॉ. उमेश नंदन प्रसाद सिन्हा ने बताया कि वैसे तो अभी टीबी को लेकर लगातार अभियान चल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य मेला को लेकर सिविल सर्जन का पत्र मिला है। इसे लेकर हमलोगों ने बेहतर तैयारी की है। सभी प्रखंडों में स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है और उन्हें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के दिशा-निर्देश में काम करने के लिए कहा गया है, ताकि मेला का सफल संचालन हो सके। मेला के दौरान हमलोगों की कोशिश है कि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन का लाभ उठाएं। मेला के दौरान स्टॉल पर जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। बाद में अस्पताल में सैंपल की जांच की जाएगी। जांच में अगर टीबी की पुष्टि होती है तो उसका इलाज किया जाएगा।
काउंसिलिंग की भी रहेगी व्यवस्थाः डॉ. सिन्हा ने बताया कि मेला में लोगों की जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। साथ में काउंसिलिंग की व्यवस्था भी रहेगी। लोगों को टीबी के इलाज को लेकर प्रेरित किया जाएगा। लक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही इसके बचाव के क्या उपाय हैं, इसके बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा इलाज के साथ पौष्टिक आहार के लिए मिलने वाली राशि के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी। वहीं संदिग्ध व्यक्ति को इलाज के लिए लाने पर और जांच में उसको टीबी होने की पुष्टि हो जाने के बाद उसे भी प्रोत्साहान राशि दी जाती है। इस बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी।

25 को मलेरिया दिवस पर जिलेभर में आयोजित होंगे कार्य़क्रम

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-वेक्टर जनित रोग कार्यक्रम, बिहार के अपर निदेशक ने सभी जिलों को पत्र जारी कर दिए निर्देश
-जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने सभी अस्पतालों में मलेरिया दिवास मनाने के दिए निर्देश
भागलपुर, 16 अप्रैल।
आगामी 25 अप्रैल को जिलेभर में विश्व मलेरिया दिवस दिया मनाया जाएगा। इसे लेकर अभी तैयारी चल रही है। इस दौरान जिला मुख्यालय से लेकर प्रखण्ड स्तर पर मलेरिया से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दिन आयोजित होने वाले जागरूकता कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम बिहार के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम निदेशक ने भागलपुर सहित अन्य जिलों के सिविल सर्जन, एसीएमओ और जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश जारी किया है। जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने जिले के सभी पीएचसी, रेफरल और अनुमंडल अस्पताल के प्रभारियों को 25 को मलेरिया दिवस मनाने का निर्देश दिया है। इसे लेकर 25 अप्रैल को सदर अस्पताल में भी कार्यक्रम का आय़ोजन किया जाएगा।
जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने कहा कि मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। इसमें कंपकंपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। उन्होंने कहा कि फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
सोते समय मच्छरदानी का करें प्रयोगः डॉ. पटेल ने मलेरिया से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसापस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें। उन्होंने कहा कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की तरफ से डीडीटी का छिड़काव कराया जाता है। छिड़काव कर्मियों के आने पर उनका सहयोग करें और छिड़काव की तिथि की जानकारी ग्रामीणों को दें।
सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज की मुफ्त व्यवस्थाः डॉ. पटेल ने कहा कि मलेरिया बुखार होने पर पीड़ित व्यक्ति को नजदीकी सरकारी अस्पताल जाना चाहिए। खून की जांच में मलेरिया निकलने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में इसकी निःशुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था है। मलेरिया फैलाने वाला मच्छर किसी स्थान पर ठहरे हुए साफ पानी और धीमी गति से बहने वाली नालियों में अंडे देती है और वहां पर पनपती है।
आशा के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्थाः डॉ. पटेल ने बताया कि आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की आरडीटी किट से जांच कर रही हैं। प्रति जांच उन्हें 15 रुपये की राशि देने की भी व्यवस्था है। साथ ही मरीज मिलने पर उसका इलाज कराने पर 75 रुपये प्रति मरीज अलग से दिए जाने की व्यवस्था है। साफ है कि जिले को मलेरिया से मुक्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 2030 तक मलेरिया को खत्म करने का लक्ष्य है, इसे लेकर प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

भीषण गर्मी और लू से निपटने को बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन में जुटा स्वास्थ्य विभाग 

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– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को दिए आवश्यक निर्देश
– सभी स्वास्थ्य संस्थानों में संबंधित परेशानी से निपटने के लिए समुचित स्वास्थ्य प्रबंधन की होगी व्यवस्था
लखीसराय, 15 अप्रैल।
गर्मी के मौसम का आगमन होते ही शुरुआती दौर में तापमान में लगातार हो रही बेतहाशा वृद्धि से भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है । लू व आग बरसाती धूप के कारण तो लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।  तापमान की रफ्तार में और वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। ऐसे में हर आय वर्ग के लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। हालाँकि, इन समस्याओं से बखूबी निपटने के लिए शासन-प्रशासन भी गंभीर  और आवश्यक तैयारी में जुट गया है। ताकि जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित और बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और जरूरमंत पड़ने पर संबंधित मरीजों को सुविधाजनक तरीके से स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। इसे सुनिश्चित करने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि भीषण गर्मी और लू बरसती धूप के कारण लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, छोटे और स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं समेत अन्य जरूरतमंद कामगारों और लोगों को अपने-अपने जरूरी कार्य से तमाम समस्याओं के बाबजूद घर से बाहर निकलना पड़ता है। इसलिए, किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं से स्थानीय स्तरीय पर निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की जरूरत है। इसलिए, सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डेडिकेटेड वार्ड, दस्त अतिसार से संबंधित दवाओं का भंडारण, एंबुलेंस की सुविधा, चिकित्सा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति आदि की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित हो। ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और लोग सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सेवा का लाभ प्राप्त कर सकें।
– सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए गए हैं आवश्यक निर्देश :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, वर्तमान में भीषण गर्मी और लू बरसती धूप से होने वाली स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं से निपटने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर और समुचित चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित कराने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जल्द ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ बैठक कर हर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए एक्शन प्लान भी तैयार किया जाएगा। वहीं, उन्होंने कहा, मैं जिले वासियों से अपील करता हूँ कि भीषण गर्मी और लू बरसती धूप के प्रभाव से बचाव के लिए पानी का भरपूर सेवन, मौसमी फलों का सेवन, नमक-चीनी का घोल, छाछ, नींबू पानी, आम का शर्बत, लस्सी, तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी, कच्चे प्याज ,सत्तु, पुदीना, सौंफ आदि का सेवन करें। साथ ही अनावश्यक धूप में नहीं निकलें।
– इन बातों का रखें ख्याल और करें पालन :
– खाली पेट घर से बाहर नहीं निकलें।
– अधिक देर तक भूखा नहीं रहें और समय पर खाना खाएं।
– सुपाच्य और हल्का भोजन करें।
– अत्यधिक शीतल पेय पदार्थों के सेवन करने से बचें।
– लगातार पानी का सेवन जारी रखें।
– स्वास्थ्य संबंधित परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराएं।

भीषण गर्मी एवं लू से पीड़ित आमजनों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने को दिशा-निर्देश जारी 

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– राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के कार्यपालक निदेशक ने मुंगेर सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन को जारी किया पत्र
– जिला के सभी अस्पतालों में एंटी डायरिया, ओआरएस सहित अन्य आवश्यक दवाइयां और मेडिकल डिवाइस का भण्डारण सुनिश्चित करने का दिया निर्देश
मुंगेर, 15 अप्रैल। भीषण गर्मी एवं लू से पीड़ित आमजनों को समुचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने दिशा-निर्देश जारी किया है। सभी जिलों के सिविल सर्जन के नाम जारी पत्र में उन्होंने भीषण गर्मी और लू के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी डायरिया, एंटी एमोबिक, एंटी ईमेटिक, आईवी फ्लूइड/परेंटल्स, ओआरएस सहित अन्य आवश्यक दवाइयां और मेडिकल डिवाइस का भण्डारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मुंगेर के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि इन दिनों भीषण गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रही है। इसके अलावा आने वाले दिनों में तापमान के और भी अधिक बढ़ने की संभावना है। अत्यधिक गर्मी और उससे उत्पन्न लू से आमजनों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान खासकर छोटे बच्चे, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती और धातृ माताएं एवम काम करने के लिए घर से बाहर निकलने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में पेयजल संकट की भी स्थिति पैदा हो जाती है। इन सारी परिस्थितियों को देखते हुए जिला के सभी पीएचसी, सीएचसी, रेफरल और अनुमंडल अस्पताल के साथ-साथ सदर अस्पताल में भीषण गर्मी और लू से पीड़ित लोगों के समुचित चिकित्सकीय उपचार और प्रबंधन की विशेष कार्य योजना तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिला के सभी सरकारी अस्पतालों में भीषण गर्मी और लू को लेकर चिकित्सकीय प्रबंधन के लिए डेडिकेटेड वार्ड और बेड के साथ-साथ 24 घन्टे डॉक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ का रोस्टर बनाकर उनकी प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही यहां पर्याप्त मात्रा में  दवाइयां, आवश्यक उपकरण और अन्य मेडिकल डिवाइस उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिलान्तर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों के स्पेशल वार्ड और ओपीडी में मरीजों और उनके परिजनों के बैठने की समुचित ब्यवस्था के साथ ही वहां पर्याप्त रौशनी, पंखा, कूलर, पेयजल, शौचालय के साथ अन्य जनोपयोगी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही भीषण गर्मी और लू के दौरान संचालित होने वाले एम्बुलेंस में एयर कंडीशन के साथ-साथ ऑक्सीजन सहित अन्य आवश्यक उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएगा ।

लगातार मौसम में हो रहा है बदलाव, रहें सावधान 

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– बदलते मौसम में नवजातों का रखें विशेष ख्याल और अनावश्यक परेशानियों से रहें दूर
– थोड़ी सी लापरवाही बन सकती है बड़ी मुसीबत, स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग
खगड़िया, 15 अप्रैल।
तापमान में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण गर्मी  ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जिसके कारण मौसमी बीमारियों की संभावना बढ़ गई है। पिछले कई दिनों से दिन में लू व आग बरसाती धूप और रात में अचानक तापमान में आ रही गिरावट के कारण लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। ताकि मौसमी बीमारियों से दूर रह सकें। अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत बन सकती है। इन बदलते मौसम में खासकर नवजातों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। क्योंकि, युवाओं के सापेक्ष नवजात और बुजुर्गों की रोग-प्रतिकारक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए, नवजात और बुजुर्गों के खान-पान समेत अन्य दिनचर्या का ख्याल रखने की जरूरत है।
– पौष्टिक आहार का करें सेवन, मौसमी बीमारियों से रहेंगे दूर :
खगड़िया सदर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राजीव रंजन ने बताया, मौसम में लगातार बदलाव होने  से लोगों को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि, थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। मौसमी बीमारी से बचाव के लिए पौष्टिक और प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन करना चाहिए। साथ ही इस बदलते मौसम में नवजातों व बुजुर्गों का भी विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। इसके अलावा इस मौसम में स्वस्थ शरीर के लिए साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखें। दरअसल, साफ-सफाई हमें ना सिर्फ मौसमी बीमारियों से बचाती है बल्कि, हर संक्रामक बीमारी से भी दूर रखती । साथ में  स्वस्थ शरीर निर्माण में भी सहयोग करती है।
– बच्चों को धूप में अनावश्यक नहीं निकलने दें बाहर :
लगातार तापमान में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण मौसमी बीमारियों की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में इससे बचाव के लिए हर आयु वर्ग के लोगों को खाली पेट और अनावश्यक घरों से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। अगर निकलते भी हैं तो निश्चित तौर पर खाना खाकर और निकलने के पूर्व नींबू-पानी जरूर ले लें। यह लू व आग बरसाती धूप के प्रभाव से बचाव के लिए काफी हद तक कारगर होगी। साथ ही खासकर बच्चों को अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने दें और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।
– नियमित रूप से करें व्यायाम :
बदलते मौसम में स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए व्यायाम पर भी बल दें और नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही समय पर खाना खाएं। किसी प्रकार की स्वास्थ्य पीड़ा होने पर तुरंत चिकित्सकों से आवश्यक जाँच करानी चाहिए।
– रहन-सहन में भी करें सकारात्मक बदलाव :
मौसमी व संक्रामक बीमारी से दूर रहने के लिए पूर्व की भाँति रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव करें। इसके लिए शौचालय, बाथरूम समेत घर के अन्य जगहों की नियमित साफ-सफाई करें। आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराएं। घर के आसपास जलजमाव नहीं होने दें। कूड़ेदान का उपयोग करें।

18 को बांका और रजौन प्रखंड में लगेगा स्वास्थ्य मेला

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-आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में मेला का आयोजन
-अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का लक्ष्य
बांका, 15 अप्रैल।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले में 18 से 22 अप्रैल तक स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जा रहा है। इन पांच दिनों में सभी प्रखंडों को एक-एक दिन मेले का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत बांका सदर और रजौन प्रखंड से हो रही है। स्वास्थ्य मेला के सफल आयोजन को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने बांका जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए हैं। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य समिति में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. रविंद्र नारायण ने बताया कि मेला के तहत जिले के अधिक से लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का लक्ष्य है। जांच से लेकर इलाज तक की सुविधा मेला के दौरान लोगों को मिलेगी। सामान्य रोग से लेकर गंभीर से गंभीर बीमारियों के इलाज की व्यवस्था की जाएगी। जिस बीमारी का इलाज मेला के दौरान हो जाएगा, उसका वहीं पर किया दिया जाएगा। अगर किसी मरीज में गंभीर बीमारी की शिकायत आती है तो उसके लिए भी व्यवस्था की जाएगी। गंभीर बीमारियों की जांच और एक्सरे की जरूरत पड़ने पर व्यक्ति को उपयुक्त जगह पर भेजा जाएगा, जहां पर उसे वह सुविधा प्राप्त होगी। मेले के दौरान एएनसी, टीबी, मलेरिया इत्यादि रोगों की जांच की सुविधा भी रहेगी। इसे लेकर सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों समेत जिम्मेदार लोगों को दिशा-निर्देश जारी किया जा चुका है। इस मेला के दौरान लोग अपने स्वास्थ्य संबंधी जांच करवाना के साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य सेवाओं का लाभ लेते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी हासिल कर सकते हैं।
प्रत्येक प्रखंड में लगेगा स्वास्थ्य मेलाः सिविल सर्जन ने बताया कि इस वर्ष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के चौथे वर्षगांठ पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत गुरुवार और शुक्रवार को ई. संजीवनी टेलीमेडिसीन सेवाओं के ड्राई रन के आयोजन के बाद 16 अप्रैल को जिलाभर के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ई. संजीवनी टेलीमेडिसीन सेवा  उपलब्ध करायी जाएगी। इसके अगले दिन 17 अप्रैल को सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर योगाभ्यास के साथ-साथ वेलनेस सत्र का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 18 से 22 अप्रैल के बीच किसी एक दिन प्रत्येक प्रखण्ड में स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा। सिविल सर्जन ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति से प्राप्त दिशा-निर्देश के अनुसार स्वास्थ्य मेला का आयोजन स्वास्थ्य विभाग के अलावा विभिन्न विभाग जैसे खेल एवं युवा मामले, आयुष, स्कूली शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क, कला संस्कृति, पंचायती राज, शहरी विकास, खाद्य सुरक्षा के आपसी समन्वय, सहयोग और भागीदारी से किया जाना है। इसे लेकर उन विभागों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है।