22 फरवरी को पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों द्वारा आयोजित की जायेगी आमसभा
लखीसराय ने एक लाख लोगों की कोविड आरटीपीसीआर जाँच की उपलब्धि की पूरी
मुंगेर जिला में कोविड के साथ नियमित टीकाकरण पर भी दिया जा रहा जोर
– गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी
– संस्थागत प्रसव को लेकर भी गर्भवती महिलाओं को किया गया जागरूक
मुंगेर, 18 फरवरी-
जिला में नियमित तौर पर लगातार कोविड वैक्सीनेशन अभियान तो चल ही रहा व साथ ही गर्भवती और शिशु के नियमित टीकाकरण पर भी जोर दिया जा रहा है । ताकि गर्भवती एवं शिशु का ससमय नियमित टीकाकरण भी सुनिश्चित हो सके और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिल सके। इसे सार्थक रूप देने के लिए जिला के विभिन्न ऑगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ ही संबंधित क्षेत्र की एएनएम द्वारा सेविका एवं आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से गर्भवती एवं शिशु का नि
लखीसराय जिले में 126 वीएचएसएनडी साइट पर ई-टेलीमेडिसीन सेवा का ड्राईरन
– ड्राईरन के सफल संचालन को लेकर जिले में बनाए गए थे 14 हब
– मरीजों की मोबाइल एप व वीडियो काॅल के जरिए ऑनलाइन हुई स्वास्थ्य जाँच, दी गई चिकित्सा परामर्श
लखीसराय, 18 फरवरी।
मरीजों को सुविधाजनक तरीके से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है। इसे सुनिश्चित करने को लेकर लगातार हर जरूरी प्रयास भी किए जा रहे हैं। जिसे सार्थक रूप देने के लिए शुक्रवार को जिले में ई-टेलीमेडिसीन सेवा का ड्राईरन हुआ। जिसके तहत मोबाइल एप के माध्यम से वीडियो काॅल के जरिए मरीजों की ऑनलाइन स्वास्थ्य जाँच हुई । जाँच के पश्चात आवश्यक चिकित्सा परामर्श दी गई। साथ ही जरूरतमंद मरीजों को दवाई भी उपलब्ध कराई गई। वहीं, इस ड्राईरन के सफल संचालन को स्थानीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई थी। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी मरीजों सुविधाजनक तरीके से इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सके।
– ड्राईरन के सफल संचालन को लेकर जिले में बनाए गए थे 126 साइट और 14 हब :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, ई-टेलीमेडिसीन सेवा के ड्राई रन के सफल संचालन को लेकर जिले में जहाँ 126 वीएचएसएनडी साइट बनाया गया था। वहीं, 14 हब भी बनाया गया था। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और हर हाल में ड्राईरन का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा पर्याप्त कर्मियों की तैनाती समेत अन्य व्यापक व्यवस्था की गई थी। वहीं, उन्होंने बताया, सभी हब पर तैनात चिकित्सक वीडियो काॅल के जरिए मरीजों की स्वास्थ्य जाँच की। साइट पर तैनात कर्मियों द्वारा चिकित्सा परामर्श के अनुसार आवश्यक दवाई उपलब्ध कराई गई।
– सभी वीएचएसएनडी साइट पर गर्भवती महिलाओं की देखी गई अधिक संख्या :
ई-टेलीमेडिसीन सेवा के ड्राईरन के दौरान जिले के सभी वीएचएसएनडी साइट पर मौजूद मरीजों में सबसे अधिक गर्भवती महिलाओं की संख्या देखी गई। सभी मरीजों ने बारी-बारी सुविधाजनक तरीके से अपनी स्वास्थ्य जाँच करायी । जाँच के बाद चिकित्सा परामर्श के अनुसार दवाई प्राप्त की। सभी वीएचएसएनडी साइट पर एएनएम, स्थानीय आँगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई थी।
अलौली के सूरजनगर में कालाजार के चार संभावित मरीजों की स्वास्थ्य जाँच
बांका में 350 साइट पर टेलीमेडिसीन सेवा का आगाज
टेली मेडिसीन सेवा का आगाज, पहले ही दिन सैकड़ों मरीजों ने उठाया लाभ
कायाकल्प की टीम ने नाथनगर और रंगरा अस्पताल का किया निरीक्षण
-अस्पताल के अंदर और परिसर की सफाई व्यवस्था को देखा और जानकारी ली
-दोनों ही अस्पतालों की सफाई व्यवस्था से कायाकल्प की टीम संतुष्ट दिखी
भागलपुर, 18 फरवरी
पटना से आई कायाकल्प की टीम ने शुक्रवार को नाथनगर स्थित रेफरल अस्पताल और रंगरा पीएचसी का निरीक्षण किया। टीम में पटना से आए डॉ. विजय कुमार झा, डॉ. विजय कुमार चौधरी और डॉ. राकेश कुमार थे। उनके साथ डीएचएस के डॉ. प्रशांत और केयर इंडिया के डीटीओ फैसिलिटी डॉ. राजेश मिश्रा भी थे। सभी ने दोनों अस्पतालों की सुविधाओं को देखा। खासकर अस्पताल की सफाई व्यवस्था की टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया। मालूम हो कि कायाकल्प की जिले की टीम के निरीक्षण में दोनों ही अस्पताल खरा उतरा है। इसके बाद अब राज्य की टीम निरीक्षण कर रही है। इसमें भी खरा उतरने पर अस्पताल को पुरस्कार के तौर पर मोटी राशि मिलेगी।
टीम ने सबसे पहले रंगरा पीएचसी का निरीक्षण किया। यहां पर प्रभारी डॉ. रंजन कुमार से अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सारी सुविधाओं की जानकारी ली। पटना से आए डॉ. विजय कुमार झा ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था संतोषजनक थी। प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थियेटर साफ-सुथरा था। हालांकि सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है, लेकिन व्यवस्था फिर भी ठीक-ठाक थी। वहीं प्रभारी डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि अस्पताल में सफाई पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को यहां से किसी तरह का संक्रमण नहीं हो, इसका हमलोग ख्याल रखते हैं। उम्मीद है कि कायाकल्प की टीम यहां की व्यवस्था से संतुष्ट हुई होगी और अस्पताल को बेहतर अंक मिलेगा।
रंगरा में निरीक्षण करने के बाद कायाकल्प की टीम नाथनगर रेफरल अस्पताल गई। वहां पर भी सभी लोगों ने अस्पताल के अंदर से लेकर परिसर तक की सफाई व्यवस्था को परखा। पटना से आए डॉ. विजय कुमार चौधरी और डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि यहां व्यवस्था अच्छी थी। खासकर सफाई का बेहतर तरीके से ध्यान रखा जाता है। न सिर्फ अस्पताल के अंदर, बल्कि परिसर भी साफ-सुथरा था। प्रसव कक्ष, ओपीडी और ऑपरेशन थियेटर में गंदगी नहीं दिखी। प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय ने बताया कि हमलोगों ने ठीक से तैयारी की थी। अब कायाकल्प की टीम कितनी संतुष्ट हुई, यह अंक मिलने के बाद पता चलेगा। उन्होंने बताया कि सिर्फ कायाकल्प के निरीक्षण के दौरान ही नहीं, बल्कि आम दिनों में भी अस्पताल में साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। मरीजों का स्वच्छ माहौल में यहां पर इलाज किया जाता है।
टॉप करने पर 17 लाख की मिलती है राशिः कायाकल्प की टीम के निरीक्षण में राज्य भर में टॉप करने पर अस्पताल को 17 लाख रुपये की राशि मिलती है। दूसरे और तीसरे स्थान वाले को भी राशि मिलती है। उस राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा अस्पताल में सुविधाओं को बढ़ाने पर खर्च किया जाता है, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि अस्पताल के कर्मियों में उत्साह बढ़ाने के लिए खर्च किया जाता है। दोनों ही अस्पताल पहले जिला स्तरीय टीम के निरीक्षण में खरा उतर चुकी है। अब अगर राज्य स्तरीय कायाकल्प टीम के निरीक्षण में खरा उतरता है तो पुरस्कार का हकदार हो जाएगा।