राष्ट्रीय बालिका दिवस: लड़कियों ने कहा – हमें भी समान अवसर और अधिकार की है जरूरत

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• ‘मैं और मेरे सपने’ के जरिए लड़कियों ने विचार किए साझा
• लड़कियाँ समाज-परिवार पर बोझ नहीं
• लड़कियों ने खुलकर जीने की बात कही
पटना/ 24, जनवरी:  सोमवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर लड़कियों ने खुलकर अपने अधिकार एवं अवसर की बात कही. जिसमें सहयोगी संस्था ने पटना के दानापुर के रघुरामपुर, नरगद्दा, सराय तथा बिहटा के मुस्ताफापुर, अहियापुर, मुसेपुर गाँवों की किशोरियों-बालिकाओं को अलग-अलग कार्यक्रमों में प्रतिभागिता कराकर अपनी बात खुलकर कहने का अवसर प्रदान किया.
‘मैं और मेरे सपने’ के द्वारा साझा किया विचार:
इस मौके पर प्रतिभागियों को राष्ट्रीय बालिका दिवस के आयोजन के उद्देश्यों के बारे में बताया गया.  देश में प्रति वर्ष 24 जनवरी को बालिका दिवस के आयोजन की जरूरत पर संवाद स्थापित किया गया. समाज में लड़कियों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने की आवश्यकता पर ध्यान देते हुए  उनके प्रति समाज के दृष्टिकोण को बदलने की अनिवार्यता पर भी जोर दिया गया. इस अवसर पर उन्हें अपनी बात कहने के लिए ‘मैं और मेरे सपने’ के द्वारा उनके विचारों-आकांक्षाओं के बारे में जानने का प्रयास किया गया. साथ ही उनके मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी उनसे बात की गई. इसके अतिरिक्त उन्हें विभिन्न खेलों में प्रतिभागिता कराकर इस महत्वपूर्ण दिवस को मनाया गया.
लैंगिक असामनता को दूर करना चुनौती:
सहयोगी की कार्यक्रम निदेशिका रजनी ने प्रतिभागियों को बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हमारे समाज में लड़कियों के साथ होने वाली विषमताओं को उजागर करना, लड़कियों के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना और इसके महत्त्व पर जानकारी बनाना है. बेटियों के साथ-साथ समाज को भी लैंगिक भेदभाव के बारे में आगाह करना जरुरी है. लड़कियों के  शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के बारे में समाज को संवेदनशील बनाने की दिशा में लैंगिक भेदभाव को दूर करना काफ़ी जरुरी है. उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में लडकियाँ-बेटियाँ हर क्षेत्र में अपने सपने को साकार कर सफलता के परचम लहरा रही हैं. उन्होंने प्रतिभागियों को अपने सपनों के बारे में खुलकर अपनी बात कहने के लिए प्रोत्साहित किया.
भेदभाव दूर करने की है जरुरत:
इस मौके पर लड़कियों ने भी खुलकर अपने विचार रखें. लड़कियों ने कहा कि उनके घर-परिवार में लड़के-लड़कियों में भेदभाव किया जाता है. जबकि  उन्हें भी बराबरी का समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे बोझ नहीं हैं. जब लड़कियों से उनके मानसिक स्वाथ्य के बारे में जानने के लिए उनसे पूछा गया कि उनके जीवन में सबसे सुखद पल कौन-सा रहा एवं  उन्हें किस बात पर सबसे अधिक क्रोध या दुःख हुआ. सबों ने इस बारे में अपने अलग-अलग अनुभव साझा  किए. उन्होंने सभी प्रतिभागियों से उन्हें अपने शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सजग रहने के लिए कहा.
सामाजिक एकरूपता की दिशा में सहयोगी कर रही प्रयास:
यह ज्ञातव्य हो कि सहयोगी संस्था द्वारा समाज में व्याप्त घरेलु हिंसा एवं जेंडर भेदभाव को समाप्त करने के लिए समुदाय एवं सभी हितधारकों के साथ अलग-अलग स्तरों पर संवाद स्थापित कर लैंगिक समानता स्थापित करने का प्रयास किया जाता है. इसी कड़ी में राष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन भी सहयोगी संस्था द्वारा किया गया. लिंग आधारित भेदभाव एवं घरेलू हिंसा जैसे अति-संवेदनशील मुद्दों पर समय-समय पर सामुदायिक गतिविधि का आयोजन कर सहयोगी संस्था अलख जगाने का कार्य कर रही है.
सहयोगी संस्था की ओर से आज के कार्यक्रम में उन्नति, लाजवंती देवी, रूबी कुमारी, मुन्नी कुमारी, बिंदु देवी, निर्मला देवी, धर्मेन्द्र, मनोज, सुरेन्द्र ने भाग लिया

टीबी उन्मूलन के लिए सक्रिय टीबी रोगियों की हो रही पहचान 

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• वर्ष 2021 में 2973 नए टीबी रोगियों की हुयी पहचान
• ड्रग रेजिस्टेंट मरीजों के लिए ट्रू-नेट मशीन बना वरदान
मुंगेर, 24 जनवरी 2022 : वर्ष 2025 तक भारत से टीबी बीमारी के उन्मूलन के लिए देश भर में  चलाए जा रहे नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम (एंटीईपी) के तहत मुंगेर जिला में सक्रिय टीबी रोगियों की पहचान की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत मुंगेर के लगभग सभी प्रखंड़ों में आशा कार्यकर्ता घर-घर  जाकर लोगों से मिलकर टीबी मरीजों को चिन्हित कर रही है। आशा कार्यकर्ता सी बैक फॉर्म पर लोगों का डिटेल इन्फॉर्मेशन प्राप्त करती है और उसके आधार पर टीबी मरीजों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल टीबी का इलाज शुरू करने की सलाह देती है। इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 में जिला भर में कुल 1570 और 2021 में कुल 2973 टीबी के मरीज चिन्हित किए गए हैं। जिसमें पब्लिक और प्राइवेट दोनों संस्थाओं के द्वारा नोटिफाइड मरीज शामिल हैं ।
ट्रू नेट मशीन के माध्यम से ड्रग रेसिस्टेंट टीबी मरीजों की पहचान :
डिस्ट्रिक्ट टीबी सेंटर मुंगेर में कार्यरत डिस्ट्रिक्ट टीबी/एचआईवी कॉर्डिनेटर शैलेन्दु कुमार ने बताया कि ट्रू नेट मशीन के माध्यम से अब मुंगेर के लगभग सभी प्रखण्ड मुख्यालयों में ही ड्रग रेस्पॉन्स और ड्रग रेजिस्टेंट टीबी मरीजों की पहचान की जा रही है. ताकि सही समय पर टीबी मरीजों का सही इलाज किया जा सके । उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 तक जिला से टीबी उन्मूलन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत प्राइवेट और पब्लिक दोनों संस्थाओं के द्वारा लगातार टीबी मरीजों को नोटिफाइ किया जा रहा है। वर्ष 2020 में 1 जनवरी से 31 दिसम्बर के दौरान में जिला भर में पब्लिक संस्थाओं के द्वारा कुल 789 और प्राइवेट संस्थाओं के द्वारा कुल 781 टीबी मरीजों को नोटिफाइड किया गया । इस प्रकार से वर्ष 2020 में कुल 1570 टीबी मरीजों को नोटिफाइड कर उसका ईलाज उपलब्ध कराया गया जिसमें से कई लोग टीबी से पूरी तरह मुक्त हुए। इसी तरह वर्ष 2021 में 1 जनवरी से 31 दिसम्बर के दौरान जिला भर में पब्लिक संस्थाओं के द्वारा कुल 927 और प्राइवेट संस्थाओं के द्वारा कुल 2046 टीबी मरीजों को नोटिफाइड किया गया। इस प्रकार से वर्ष 2021 में कुल 2973 टीबी मरीजों को नोटिफाइड कर उनको ईलाज उपलब्ध कराया गया । उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि टीबी की तरह ही कोरोना भी है एक संक्रामक बीमारी है.  इसलिए सभी लोग साफ-सफाई के साथ मास्क और शारीरिक दूरी का भी अनिवार्य रूप से पालन करें।

परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा : जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी में परिवार नियोजन मेले का हुआ आयोजन

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▪️ पखवाड़ा की सफलता को लेकर दी गई परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधन अपनाने की जानकारी
▪️बच्चे दो ही अच्छे…छोटा परिवार सुखी परिवार… समझदारी दिखाइए, परिवार नियोजन का साधन अपनाइये जैसे नारे हुए बुलन्द
लखीसराय, 24 जनवरी।
परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के तहत सोमवार को जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी में परिवार नियोजन मेला का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से योग्य एवं इच्छुक लाभार्थियों को परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधन की जानकारी दी गई। ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी- अपनी सुविधा से परिवार नियोजन के साधन को अपनाने के लिए आगे आ सकें। मेले में अलग-अलग स्टॉल लगाकर सभी लोगों को परिवार नियोजन के महत्व, आवश्यकता और अपनाने से होने वाले फायदे की विस्तृत जानकारी दी गई। मेले में लोगों के बीच वितरण के लिए परिवार नियोजन के साधन जैसे अंतरा, छाया, निरोध, कॉपर-टी, माला एन के साथ ही निक्षय किट की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। ताकि अस्थाई साधन को अपनाने वाले योग्य लाभार्थियों को सुविधाजनक तरीके से सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
– कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए लोगों को किया गया जागरूक :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि मेले में कोविड प्रोटोकॉल का ख्याल रखा गया। ताकि संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो और सभी लोग सुरक्षित माहौल में सुविधा का लाभ ले सके। उन्होंने बताया कि यह पखवाड़ा 29 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान अभियान चलाकर प्रत्येक लाभार्थियों तक पखवाड़े के संदेश को पहुँचाया जाएगा।
छोटे और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन जरूरी :
केयर इंडिया के परिवार नियोजन के जिला समन्वयक अनुराग गुंजन ने बताया कि इस दौरान योग्य दंम्पत्तियों एवं उनके परिवार वालों को परिवार नियोजन की सुविधा अपनाने के लिए जागरूक किया गया। इस साधन को अपनाने से होने वाले फायदे, सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई तमाम सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। ताकि योग्य महिलाएं इस साधन को अपनाने के लिए बेहिचक आगे आ सकें। उन्होंने कहा कि छोटे और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन के उपाय करना  बेहद जरूरी है। क्योंकि, जब आपका परिवार छोटा होगा तभी आपके पूरे परिवार को उचित परवरिश मिलेगी और आप अपने बच्चे को उचित शिक्षा देने में सक्षम रहेंगे। बच्चे का उचित रहन-सहन के साथ परवरिश होगा। इसलिए शादी के साथ ही परिवार की संख्या की योजना तैयार करनी चाहिए।
चानन सीएचसी में बंध्याकरण और नसबंदी की सुविधा शीघ्र शुरू होगी :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया कि चानन सीएचसी में महिला बंध्याकरण और पुरूष नसबंदी की सुविधा शीघ्र शुरू होगी। ताकि चानन क्षेत्र के लोग आसानी से इस सुविधा का लाभ ले सकें। इसको लेकर करीब-करीब सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि मेले में फैमिली प्लानिंग कार्नर की भी स्थापना की गई है। जहाँ तैनात एएनएम द्वारा महिलाओं को स्थाई और अस्थाई संसाधनों की जानकारी दी जाएगी। इसमें अगर कोई महिला परिवार नियोजन ऑपरेशन के लिए इच्छुक हैं। किन्तु, वह शारीरिक रूप से ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं हैं तो ऐसे महिलाओं को कंडोम, काॅपर-टी, छाया, अंतरा समेत अन्य अस्थाई संसाधनों की जानकारी देकर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्नर पर ही उक्त संसाधन मुफ्त में उपलब्ध कराएं जाएंगे। जिससे अस्थाई संसाधनों को भी गति मिल सके और लोगों को आसानी से सुविधा का लाभ मिल सकें। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित है। इसका किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं है। किन्तु, किसी भी प्रकार के वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाने के पूर्व हर हाल में चिकित्सकों से सलाह लें और चिकित्सा परामर्श के बाद ही अपनाएं। ताकि अपनाने के बाद किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

निर्धारित समय-सीमा के अंदर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत

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▪️समाहरनालय परिसर में शिविर आयोजित कर मानसी प्रखंड के विजेता लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत
▪️बंपर पुरस्कार में तीन हजार रुपये का तो सांत्वना पुरस्कार में एक हजार रुपये का मिला उपहार
खगड़िया, 24 जनवरी।
जिला समाहरणालय परिसर स्थित सभागार कक्ष में निर्धारित समय-सीमा के अंदर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण सह सम्मान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्वास्थ्य विभाग द्वारा केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसका उदघाटन जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष, सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, एफपीसी राजेश पांडेय ने संयुक्त रूप से किया तथा विजेता लाभार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। शिविर में निर्धारित समयावधि के एक सप्ताह के अंदर वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों के बीच बम्पर एवं सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया। लकी ड्रा के माध्यम से विजेता बने सभी लाभार्थियों को पुरस्कृत किया गया। सभी लाभार्थी पुरस्कार प्राप्त कर काफी उत्साहित दिखे।
विजेता लाभार्थी अन्य लोगों को भी वैक्सीनेशन कराने के लिए करें जागरूक : जिलाधिकारी
जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष ने बताया कि कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर काफी सजग है। इसके लिए जिले भर में वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान तेज कर दी गई है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके और इस घातक महामारी के प्रभाव पर विराम सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विजेता लाभार्थियों से अपील करते हुए कहा कि आपलोग भी अपने स्तर से जो लोग किसी भी कारणवश अबतक वैक्सीन नहीं ले पाएं हैं, उन्हें वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें। कोविड लक्षण वाले लोगों को जाँच कराने के लिए भी प्रेरित करें। यह सरकारी कर्मी के साथ-साथ आमलोगों की भी जिम्मेदारी है। इसलिए, सभी लोग इस घातक महामारी के खिलाफ सहयोग कर जिम्मेदार नागरिक बनें।
जिले के सभी प्रखंड में नियमित तौर पर लगातार चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया कि जिले के सभी प्रखंड में नियमित तौर पर लगातार वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से चयनित एवं चिन्हित जगहों पर शिविर आयोजित कर योग्य व्यक्तियों को वैक्सीन दी जा रही है एवं संदिग्ध व्यक्ति की जाँच भी जा रही है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि वैक्सीन से वंचित लोग शीघ्र वैक्सीनेशन और लक्षण से पीड़ित लोग शीघ्र अपने नजदीकी सेंटर पर जाँच कराएं। इस घातक महामारी को रोकने के लिए यही सबसे बेहतर और कारगर उपाय है।
लगातार शिविर आयोजित कर लाभार्थियों को किया जा रहा है पुरस्कृत :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंड में लगातार निर्धारित तिथि के अनुसार शिविर आयोजित कर समय पर दोनों डोज की वैक्सीन लेने वालों को पुरस्कृत किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि लोगों में वैक्सीन के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
▪️मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
▪️बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
▪️विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
▪️नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थ से अच्छी तरह हाथ धोएं।
▪️लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

आज से आईएमए बिल्डिंग में शुरू होगा 15 घंटे का टीकाकरण केंद्र

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▪️यहां पर सुबह छह से रात नौ बजे तक लोगों का किया जाएगा टीकाकरण
▪️किशोरों, युवाओं व बुजुर्गों, सभी को यहां पर लगाया जाएगा कोरोना टीका
भागलपुर, 24 जनवरी।मंगलवार से आईएमए बिल्डिंग में 15 घंटे का टीकाकरण केंद्र शुरू हो जाएगा। यहां पर लाभुकों को सुबह छह से रात नौ बजे तक कोरोना का टीका दिया जाएगा। 15 से 18 साल के किशोरों और छात्रों को भी यहां पर कोरोना का टीका दिया जाएगा। इसके अलावा 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना टीका की पहली और दूसरी डोज दी जाएगी। स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों और बीमारों व बुजुर्गों को यहां पर प्रीकॉशनरी डोज भी दी जाएगी। पहले 15 घंटे का टीकाकरण केंद्र घंटाघर स्थित टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में चल रहा था, लेकिन वहां पर बारकोडिंग के काम के चलते अब 15 घंटे के टीकाकरण केंद्र को आईएमए बिल्डिंग में चलाने का फैसला किया गया है।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि अब आईएमए बिल्डिंग में 15 घंटे का टीकाकरण केंद्र चलेगा। इस केंद्र के लिए सभी प्रकार के प्रशिक्षित पारामेडिकल स्टाफ, वेरीफायर, हाउसकीपिंग स्टाफ की उपलब्धता डीआरयू, भागलपुर द्वारा की जाएगी। इस केंद्र पर कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा गया है। सभी लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है और सामाजिक दूरी हर हाल में बनाकर रखने के लिए कहा गया है। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने के लिए कहा गया है।
लोग अपनी सुविधानुसार ले सकते हैं टीकाः
इस केंद्र पर लोग अपनी सुविधा से टीका ले सकते हैं। सुबह छह से रात नौ बजे तक टीकाकरण केंद्र चलने से यह सुविधा लोगों को मिलेगी। कामकाजी और दफ्तर जाने वाले लोग सुबह के समय में या फिर शाम के वक्त यहां पर आकर कोरोना का टीका ले सकते हैं। इसके अलावा छात्र और बीमार व बुजुर्ग लोगों को भी जब समय मिलेगा, यहां पर कोरोना का टीका ले सकेंगे। आमलोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ही 15 घंटे के टीकाकरण केंद्र को चलाया जा रहा है। पहले घंटाघर स्थित टीकाकरण केंद्र पर काफी संख्या में लोग टीका लेने के लिए आते थे। इस वजह से वहां बंद होने के बावजूद इसे दोबारा शुरू किया गया।
इमरजेंसी से लेकर मनोरंजन तक की सुविधाः
 इस टीकाकरण केंद्र की खास बात यह भी है कि यहां पर इमरजेंसी से लेकर लाभुकों के मनोरंजन तक की व्यवस्था रहती है। मनोरजंन के लिए टीवी की व्यवस्था रहती है तो महिलाओं के लिए अलग से पिंक बूथ भी रहता है। वहां पर परदे में भी महिलाएं कोरोना का टीका ले सकती हैं। इसके अलावा टीका लेने वाले को किसी भी तरह की परेशानी होने पर इमरजेंसी की व्यवस्था भी रहती है। डॉक्टर यहां पर लगातार निगरानी करते रहते हैं। साफ-सफाई की भी यहां पर बेहतर व्यवस्था रहती है।

व्हाट्सएप पर एक मैसेज भेजकर जानें परिवार नियोजन से जुड़ी सारी जानकारी

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▪️9031691691 पर व्हाट्सएप मैसेज कर लोग ले सकते हैं जानकारी
▪️इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं को किया जा रहा है प्रशिक्षित
भागलपुर, 24 जनवरी।
अभी परिवार नियोजन पखवाड़ा चल रहा है। 29 जनवरी तक जिले में परिवार नियोजन से संबंधित काम काफी तेज गति से चल रहा है। बंध्याकरण को लेकर लोगों की काउंसिलिंग हो रही है। व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर भी लोग परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी ले रहे हैं। तकनीक के जमाने में लोग इसका भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। जिनलोगों के पास ज्यादा समय नहीं रहता है, वे लोग एक मैसेज भेजकर परिवार नियोजन से संबंधित हर तरह की जानकारी ले रहे हैं।
आशा के जिला समन्वयक जफरूल इस्लाम कहते हैं कि यह बात सही है कि अभी जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा चल रहा है, लेकिन सालोंभर इससे संबंधित काम जिलेभर में होते रहते हैं। हां, यह बात सही है कि व्हाट्सएप नंबर पर सेवा मिलने से लोगों को काफी सहूलियत हो गई है। जिस काम में घंटों लग जाते थे, वह अब मिनटों में हो रहा है। घर बैठे एक मैसेज भेजकर लोग परिवार नियोजन से संबंधित सारी जानकारी जुटा ले रहे हैं। हां, अगर लोग व्हाट्सएप के जरिये नहीं समझ पाते हैं तो उनके लिए तो हमलोग हैं ही। व्हाट्सएप सेवा शुरू होने के बावजूद हमलोग पूरी तन्मयता से अपने काम में लगे हुए हैं। यह सुविधा सिर्फ लाभुकों के लिए है।
व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज भेज ऐसे लें जानकारीः
इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए सबसे पहले 9031691691 पर हाय लिखकर व्हाट्सएप करें। इसके बाद उधर से आपका नाम और पता पूछा जाएगा। फिर एक-एक कर परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी आपको मिलती रहेगी। आप अपनी समस्या व्हाट्सएप करें फिर उधर से उसका समाधान आएगा। यह सेवा केयर इंडिया उपलब्ध करवा रही है और यह सेवा उनलोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है, जो किसी के सामने अपनी परेशानी साझा करने से झिझक रखते हैं। चाहे वह डॉक्टर या कोई अन्य स्वास्थ्यकर्मी ही क्यों न हों।
आशा कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा प्रशिक्षणः
इस सेवा को लोगों तक पहुंचाने के लिए आशा कार्य़कर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सबौर में आशा कार्यकर्ताओं को इसे लेकर प्रशिक्षण दिया गया। केयर इंडिया के एफपीसी आलोक कुमार और जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस सेवा का लाभ लोग कैसे उठाएंगे, इसकी जानकारी आशा कार्यकर्ताओं को दी जा रही है। प्रशिक्षण लेने के बाद आशा कार्य़कर्ता क्षेत्र में घूमने के दौरान लाभुकों से भी इस जानकारी को साझा करेंगी। इससे ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसे लेकर अभी सबौर में प्रशिक्षण हुआ है। आगे भी जल्द सभी जगहों पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

ट्रांसफोर्मिंग इंडिया -ट्रांसफोर्मिंग वर्ल्ड इकोनॉमी हेतू आईसेक्ट ग्रुप के छात्रों को स्व उद्यमिता से पहल करनी होगी -डॉ एन.पी. गाँधी अन्तराष्ट्रीय करियर कोच

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इंदौर आईसेक्ट शैक्षणिक ग्रुप की तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय कांफ्रेंस में मुख्य वक्ता के रूप में कोटा के डॉ एन.पी.गांधी ने की सहभागिता

निःशुल्क रूप से उद्यमिता प्रबंधन सॉशेल स्टार्टअप हेतु हज़ारों छात्रों को किया प्रशिक्षित

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विश्व मे कोरोना महामारी से उद्यमिता के क्षेत्र में प्रभावों को अवलोकन करने तथा इस महामारी से उतपन्न हो रही उद्यमियता के क्षेत्र में चुनोतियो से निपटने तथा भविष्य में सम्भावनाओ के अवसरों को अवलोकन करने हेतु, कॉम्पफ़ीडर्स आईसेक्ट कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज इंदौर एवं युवा इनकुबेटेड ग्रुप द्वारा भारत सरकार के अमृत महोत्सव के अंतर्गत एवं डिजिटल इंडिया ,आत्मनिर्भर भारत की मुहिम के तहतकोविड पक्षात विश्व मे उद्यमियता एवं शुरुआत , संभावनाए तथा चुनोतियाँ” विषय पर तीन दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनका आयोजन किया गया। इस अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में संरक्षक संस्था के अध्यक्ष श्री अवधेश दवे ,निर्देशक श्री दिव्यांश दवे, संयोजक प्रोफेसर पुष्पराज मिश्रा एवं कार्यक्रम सहसंयोजक सस्था की शैक्षणिक विभाग प्रमुख डॉ. प्रिया त्रिवेदी ,पुष्पराज मिश्रा एवं उनकी समस्त एकेडमिक टीम आदि ने कार्यक्रम में कांफ्रेंस मुख्य समन्वयक की भूमिका अदा की ।आगे युवा इनकुबेटेड फाउंडर मनीष गौर एवं कांफ्रेंस समन्वयक डॉ प्रिया ने सेशन चेयर एवं मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित मल्टीनेशनल कैडिला फार्मा के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं वर्टिकल हेड अन्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कारपोरेट प्रोफेशनल डॉ .पी के राजपूत , ग्लोबल कॉरपोरेट ट्रेनर ,इंडस्ट्री साइकोलॉजी एक्सपर्ट कोच डॉ.वी एन रघुरामन ,दिल्ली से डॉ.शीतल, बेंगलोर से डॉ.प्रदीप, डॉ.इक़बाल अहमद, पुणे से नीराजा जैन,मोहाली से डॉ.मनजीत कौर, आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी जयपुर से डॉ. शीतल जैन,इंदौर से डॉ.अमित कुमार मरवाह, बंगलादेश से शबनम मोस्त्री, राजस्थान कोटा शिक्षा नगरी के एकमात्र युवा इंटरनेशनल करियर लीडरशिप कोच एवं जिलसे इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी घना से मैनेजमेंट फेकल्टी एवं इंटरनेशनल डायरेक्टर एवं एमएसएमई चेम्बर ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया के ग्लोबल सेकेरेट्री एवं यूएन वर्ल्ड युथ संस्था के एशियाई सयुक्त निदेशक ,आईआईएम अहमदाबाद ,एनईआरडी हैदराबाद,आईआईपीएस मुम्बई आदि से प्रशिक्षित ग्लोबल युवा मैनेजमेंट विश्लेषक डॉ.नयन प्रकाश गांधी, तथा श्रीलंका से डॉ.सुजीवा पोलगम्पाला, फिलीपींस से जॉल एम. डाबलर आदि सभी वक्ताओं ने हज़ारों छात्रों ,स्कलर्स ,स्टार्टअप बिगिनर्स आदि को तीनो दिन सम्मिलित रूप से प्रशिक्षित किया साथ ही डिजिटल रूप से इस सम्मेलन की वर्चुअल प्रशिक्षण से आगे यूट्यूब के माध्यम से तकनीकी सहयोगी युवाइंक्यूबेटेड द्वारा डिजिटल प्रसारित कर लाखो युवाओ को इससे निःशुल्क जोड़ा जाएगा । प्रिया त्रिवेदी ने बताया कि उनका प्रमुख उद्देश्य कंफीडर्स आईसेक्ट इंदौर ग्रुप को सेमिनार ,ट्रेनिंग डेवलपमेंट एवं कांफ्रेंस के माध्यम से डॉ. अवधेश सर के अटूट नेतृत्व में उत्कृष्ट शेक्षणिक आयामो तक पहुचाना है ।
समन्वयक डॉ .प्रिया ने बताया कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन के आयोजन समिति में मुख्य रूप से
सीमा वर्मा , रवींद्र शुक्ला ,डॉ.शैली ,सुनैना निषाद ,डॉ विभा ,डॉ.रितेश आदि मौजूद रहे ।
साथ ही वेबिनार आयोजक सदस्य में डॉ प्रिया के नेतृत्व में सम्पूर्ण निष्ठा के साथ कार्यरत टीम में प्रोफेसर ऋषिराज गुप्ता, पूजा चौधरी , तरुना शर्मा, विश्वेश चौहान, रंजना शुक्ला , शैलबाला गौर आदि ने तीनो दिवस पूरी वेबिनार को सफल बनाने में मौजूद रहे ।उपरोक्त वेबिनार का मुख्य उद्देश्य ,वर्तमान परिप्रेक्ष में जिस प्रकार कोरोना महामारी से उभरी राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय चुनोतियो पर विचार विमर्श करना उन पर विभिन्न शिक्षाविदों,उद्योगपतियों एवं युवा स्कॉलर्स रिसर्चर के समावेशी अनुभव द्वारा मध्यप्रदेश के विशेष रूप से पूरे राज्य भर से पंजीकृत उधमिता के बारे में इच्छुक छात्रों को प्रशिक्षित करने उनके तकनीकी नवोन्मेष ,वर्तमान भरतबके परिदृश्य की जानकारी प्रदान करना था ,इस तीन दिवसीय अन्तराष्ट्रीय कांफ्रेंस का मुख्य आकर्षण यह था कि इसमें कई देशों के प्रतिनिधि शिक्षाविद एवं स्कॉलर्स ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया ।

मॉडलिंग जगत का उभरता हुआ बाल कलाकार-तनिश आर्य

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जब बच्चे जोश और कुछ कर गुजरने की इच्छा से परिपूर्ण होजायें तो वैभव और तरक्की मिलना तो निश्चित है। हम यहाँ बात कर रहे हैं तनिश आर्य की, जो की दिल्ली में स्थित नॉएडा सेक्टर – 122 के निवासी हैं, और मात्र 11 वर्ष की उम्र में मॉडलिंग जगत के उभरते हुए बाल कलाकार के रूप में जाने जा रहे हैं। इस बच्चे का आत्मविश्वास देख कर उसकी उम्र का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। ये कामयाबी उसकी दृढ़ साहस और जी तोड़ मेहनत का फल है।

छठी कक्षा के इस छात्र ने न केवल कई नामी फैशन शोज और इवेंट्स में हिस्सा लिया है, साथ ही वेदज़िल्ला फैशन एंड एंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित “होलिस्टिक अवार्ड्स एंड वाक फॉर कॉज” में मशहूर फिल्म अभिनेता शाहबाज़ खान और पंजाबी गायक विकी सिंह के हाथों से अवार्ड भी ले चुका है। इतनी कम उम्र में इस कदर सफलता पाने का जीता जागता उदाहरण हैं तनिश आर्य।

बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, यही कारण है की बच्चों की सही परवरिश बेहद जरुरी है। तनिश की इस छोटी उम्र की कामयाबी का सारा श्रेय उसके माता पिता वीना और पंकज आर्य को जाता है जिन्होंने अपने बच्चे को कभी हार मानने नहीं दिया और हमेशा जीत की तरफ प्रोत्साहित करते रहे। हमे उम्मीद है की इसी गति से तनिश आर्य अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते रहेंगे और मॉडलिंग जगत में नाम कमाकर हमारे देश का नाम रोशन करेंगे।

कोविड से बचाव के लिए सर्तकता और सावधानी को जारी रखने की जरूरत,  नहीं करें लापरवाही 

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– जिले में लगातार चल रहा है हर आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन अभियान, बारी आने पर जरूर लें वैक्सीन
– लक्षण महसूस होने पर तुरंत कराएं कोविड जाँच, संक्रमण की रफ्तार को नहीं मिलेगी गति
खगड़िया, 21 जनवरी-
जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर एवं सामुदायिक स्तर पर लोगों को इस घातक महामारी से सुरक्षित करने के लिए जिले में नियमित तौर पर वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसके माध्यम से हर आयु वर्ग के लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा रही है। ताकि इस घातक महामारी के खतरे से सामुदायिक स्तर पर लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और संक्रमण की रफ्तार पर विराम लग सके। किन्तु, इस घातक महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए वैक्सीनेशन के साथ-साथ अभी और सावधान व सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए, वैक्सीन ले चुके व्यक्ति भी इस घातक महामारी से सुरक्षित रहने के लिए एहतियात जारी रखें और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।
– वैक्सीन के साथ-साथ सावधानी भी जरूरी :
सिविल सर्जन  डॉ अमरनाथ झा ने बताया, इस घातक महामारी के खतरे से दूर रहने के वैक्सीनेशन कराना तो जरूरी है ही। इसके साथ-साथ सतर्क और सावधान रहने की भी जरूरत है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि जो भी व्यक्ति अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन नहीं ले पाएं है, वह यथाशीघ्र वैक्सीनेशन कराएं और सभी लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन भी जारी रखें। मैं भी बूस्टर डोज ले चुका और खुद को सुरक्षित व स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ। इसलिए, जो लोग बूस्टर डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरा कर चुके हैं, वह भी जल्द से जल्द बूस्टर डोज लें और इस घातक महामारी से खुद को सुरक्षित करें।
– जिले में किशोर-किशोरियों का भी नियमित तौर पर चल रहा है वैक्सीनेशन :
जिले में सामान्य वैक्सीनेशन यानी हर आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन के साथ-साथ बूस्टर डोज अभियान भी चल रहा है। जिसके माध्यम से योग्य लाभार्थियों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसके अलावा किशोर-किशोरियों का वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। ताकि मैट्रिक एवं इंटर का बोर्ड परीक्षा शुरू होने के पूर्व सभी परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और सभी छात्र-छात्राएँ सुरक्षित माहौल में परीक्षा दे सकें।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

चुनौतियों के बाबजूद जिले में संचालित है पोषण पुनर्वास केंद्र, मिल रही है बेहतर सुविधा 

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– एडमिट बच्चे को मिलती है बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ, दी जाती है आवश्यक चिकित्सा परामर्श
– अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर भेजा जाता है पोषण पुनर्वास केंद्र
लखीसराय, 21 जनवरी-
कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुई तमाम चुनौतियों और समस्याओं के बाबजूद जिले में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का संचालन जारी है। तमाम चुनौतियों के  बाबजूद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पोषण पुनर्वास केंद्र में मिलने वाली तमाम सुविधाओं का बेहतर तरीके से प्रदान कराने को लेकर अग्रसर है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर पोषण पुनर्वास केंद्र का संचालन जारी है। जहाँ बेहतर सुविधा के साथ-साथ उचित चिकित्सा परामर्श भी मिल रही है। ताकि केंद्र में एडमिट बच्चे जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने घर वापस लौट सकें और कुपोषण की समस्या से स्थाई रूप से निजात मिल सके। इसके लिए केंद्र में तैनात मेडिकल टीम द्वारा बच्चों का उचित ख्याल रखा जा रहा है।
– कुपोषित बच्चों के लिए संजीवनी है पोषण पुर्नवास केंद्र :
सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में भी बच्चों में पोषण की कमी से निपटने के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई है। जो कुपोषण की समस्या से पीड़ित बच्चों के बीच संजीवनी साबित हो रही है। वहीं, उन्होंने बताया, कुपोषण की समस्या से जूझ रहे बच्चों को 14 दिनों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में रखा जाता है। जहाँ कुपोषित बच्चों को डाक्टर की सलाह के अनुसार ही खानपान का विशेष ख्याल रखा जाता है। यहां रखे गए बच्चे यदि 14 दिनों के अंदर कुपोषण से मुक्त नहीं हो पाते हैं तो वैसे बच्चों को एक माह तक विशेष रूप से देखभाल की जाती है। पोषण पुर्नवास केंद्र में मिलने वाली सभी सुविधाएं नि:शुल्क होती है। यहां भर्ती हुए बच्चों के वजन में न्यूनतम 15 प्रतिशत की वृद्धि के बाद ही उसे यहां से डिस्चार्ज किया जाता है। वहीं, उन्होंने बताया, कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ जरूरतमंद बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
– पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती होने के लिए तय किए गए है ये मानक :
डीपीसी सुनील कुमार ने बताया, कुपोषण के शिकार बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती करने के लिए कुछ मानक निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत बच्चों की विशेष जांच, जैसे उनका वजन व बांह आदि का माप किया जाता है। इसके साथ ही छह माह से अधिक एवं 59 माह तक के ऐसे बच्चे जिनकी बांई भुजा 11.5 सेमी हो और उम्र के हिसाब से लंबाई व वजन न बढ़ता हो वो कुपोषित माने जाते है। वैसे बच्चों को ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है। इसके साथ ही दोनों पैरों में पिटिंग एडीमा हो तो ऐसे बच्चों को भी यहां पर भर्ती किया जाता है।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।