सिविल सर्जन ने बैठक कर कोविड वैक्सीनेशन से संबंधित कार्यों की ली जानकारी 

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– स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने बैठक में लिया भाग
– सिविल सर्जन ने कार्यों में गति लाने के लिए दिए आवश्यक निर्देश
खगड़िया, 17 जनवरी।
सोमवार को सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने जिले में कोविड से संबंधित संचालित तमाम कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी से अवगत होने के लिए एक समीक्षात्मक वर्चुअल बैठक की। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के अलावा केयर इंडिया के भी पदाधिकारी व कर्मी ने ऑनलाइन भाग लिया। बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने बारी-बारी से जिले में चल रहे कोविड से संबंधित संचालित तमाम कार्यों एवं गतिविधियों की मौजूद पदाधिकारियों एवं कर्मियों से फीडबैक ली और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक के दौरान सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तृत चर्चा की गई एवं अधिकाधिक लोगों को सभी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इस पर बल दिया गया। बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद सहित जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, बीसीएम सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी शामिल थे।
– कोविड वैक्सीनेशन अभियान की भी की गई समीक्षा :
सिविल सर्जन  ने बताया समीक्षात्मक बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अलावा जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर जिले में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन अभियान की भी समीक्षा की गई। जिसके पश्चात मौजूद संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। ताकि वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति मिल सके एवं जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा एवं स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया जा रहा है।
– किशोर-किशोरियों के वैक्सीनेशन का भी लिया गया अपडेट :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, बैठक के दौरान जिले में चल 15 से 18 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी युवाओं (किशोर-किशोरियों) के भी वैक्सीनेशन से संबंधित फीडबैक ली गयी। जिसके पश्चात हर हाल में अगले माह से शुरू होने वाले इंटर और मैट्रिक परीक्षा के पूर्व सभी परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। ताकि जल्द से जल्द सभी युवाओं का भी वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और सभी परीक्षार्थी सुरक्षित माहौल में परीक्षा में शामिल हो सकें। साथ ही परीक्षा का सुरक्षित माहौल में सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

परीक्षा शुरू होने के पूर्व सभी सेंटअप  छात्रों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को टीकाकरण अभियान जारी 

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– स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव सचिव ने पत्र जारी कर राज्य के सभी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को दिए निर्देश
– निर्धारित समयावधि के अंदर शत-प्रतिशत परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर तेज हुआ अभियान
लखीसराय, 17 जनवरी।
अगले माह  01 फरवरी से इंटरमीडिएट और 17 फरवरी से मैट्रिक की शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के पूर्व सभी सेंटअप छात्रों यानी परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसके माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों में चयनित एवं चिह्नित जगहों पर शिविर आयोजित कर 15 से 18 आयु वर्ग के सभी किशोर-किशोरियों का वैक्सीनेट किया जा रहा है। ताकि हर हाल में निर्धारित समयावधि के अंदर सभी परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके । जिससे दोनों बोर्ड परीक्षा के सुरक्षित माहौल में सफल संचालन को बढ़ावा मिल सके। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पत्र जारी कर राज्य के सभी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसमें हर हाल में दोनों बोर्ड परीक्षा शुभारंभ के पूर्व सभी परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन आच्छादित कराने को कहा।
– जिले में शत-प्रतिशत किशोर-किशोरियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर लगातार चल रहा है अभियान :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, दोनों बोर्ड परीक्षा शुरू होने के पूर्व सभी परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसे हर हाल में सार्थक रूप देने के लिए जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चलाकर 15 से 18 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी किशोर-किशोरियों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसके अलावा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि हर हाल में निर्धारित समय पर लक्ष्य को पूरा किया जा सके और सभी परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके।
– जिला एवं प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स का किया गया है गठन :
सभी परीक्षार्थियों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर जिला एवं प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। जिला स्तरीय टास्क फोर्स में सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। जबकि, प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स में प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। टास्क फोर्स में शामिल सभी सदस्य प्रतिदिन संध्याकालीन समीक्षात्मक बैठक कर दिनभर के कार्यों की समीक्षा करेंगे। जिसके दौरान बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को चिह्नित किया जाएगा। जिन्हें बाद में सम्मानित किया जाएगा।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।

जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा का आगाज

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-तरह-तरह के कार्यक्रम कर लोगों को परिवार नियोजन के प्रति किया गया जागरूक
-परिवार नियोजन को लेकर लोगों को अस्थायी सामग्री का इस्तेमाल करने की सलाह
बांका, 17 जनवरी-
जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा की सोमवार से शुरुआत हो गई। इसे लेकर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में तरह-तरह के कार्यक्रम किए गए। इस दौरान लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक किया गया। लोगों को अस्थायी सामग्री के इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी, केयर इंडिया के डीटीएल तौसीफ कमर और कन्हैया कुमार मौजूद थे।
डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने कहा कि जिले में परिवार नियोजन को लेकर लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। अभी 29 जनवरी तक पखवाड़ा चलेगा। इस दौरान विशेष तौर पर लोगों को इसे लेकर जागरूक किया जाएगा। 29 जनवरी तक जिले में परिवार नियोजन से संबंधित लगातार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही लोगों को अंतरा, छाया और कंडोम जैसे अस्थायी सामग्री के इस्तेमाल करने की सलाह दी जाएगी। सोमवार को भी काफी लोगों को इस तरह की सलाह दी गई।
 दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी: डॉ. चौधरी ने बताया कि दो बच्चों को बीच तीन साल का अंतराल जरूरी होता है। इससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहता है। साथ ही बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है, जिससे वह भविष्य में कम बीमार पड़ता है। साथ ही अगर बीमार भी पड़ेगा तो उससे वह आसानी से उबर जाएगा। इसलिए लोगों को दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रखने की सलाह दी जा रही है। साथ ही पहला बच्चा 20 साल के बाद पैदा करने की सलाह दी गई।
योग्य दंपति की काउंसिलिंग की गई: परिवार नियोजन पखवाड़ा के आगाज के मौके पर योग्य दंपति की काउंसिलिंग की गई। दो बच्चे वाले दंपति को बंध्याकरण की सलाह दी गई। उन्हें इसके फायदे के बारे में बताया गया। ऐसा करने से न सिर्फ स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि आर्थिक तौर पर भी लोगों को आजादी रहती है। इसलिए जिनके दो बच्चे हो गए हैं, वह बंध्याकरण करा लें।

नाथनगर रेफरल अस्पताल में लगा परिवार नियोजन मेला

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-परिवार नियोजन को लेकर लोगों को किया गया जागरूक
-जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा की हो गई शुरुआत
भागलपुर, 17 जनवरी।
जिले में सोमवार से परिवार नियोजन पखवाड़ा की शुरुआत हो गई। इसे लेकर नाथनगर रेफरल अस्पताल में परिवार नियोजन मेला का आयोजन किया गया। मेला में लगे स्टॉल पर लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी देकर जागरूक किया गया। लोगों को परिवार नियोजन को लेकर अस्थायी सामग्री के इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। मौके पर अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय, अकाउंटेंट पिंकी और बीएम मनीषा मौजूद थीं।
अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा 29 जनवरी तक चलेगा। तब तक प्रतिदिन कोई न कोई गतिविधि का आयोजन किया जाएगा और लोगों को परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया जाएगा। सोमवार को मेला में आए लोगों को परिवार नियोजन को लेकर अंतरा और छाया के इस्तेमाल के बारे में बताया गया। साथ ही कंडोम के इस्तेमाल करने की भी जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि किसी भी तरह के भ्रम में वे लोग नहीं रहें। इसके इस्तेमाल से किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है। इससे परिवार नियोजन सही तरीके से हो पाता है।
पहला बच्चा 20 साल के बाद: मेला के दौरान लोगों की काउंसिलिंग भी की गई। जिसमें बताया गया कि पहला बच्चा 20 साल के बाद ही पैदा करें और दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूर रखें। इससे जच्चा और बच्चा दोनों, मजबूत रहेगा और बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने से बच्चा कम बीमार पड़ेगा और यदि बीमार पड़ भी गया तो वह उससे जल्द उबर जाएगा।
प्रचार रथ से भी लोगों को किया जा रहा जागरूक: लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार रथ भी चलाया जा रहा है। प्रचार रथ को सिविल सर्जन ने रविवार को सदर अस्पताल से रवाना किया था। पांच दिनों तक प्रचार रथ से क्षेत्र के लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्हें दो बच्चों को बीच तीन साल का अंतराल रखने के लिए कहा जा रहा है। दो बच्चा हो जाने पर बंध्याकरण की सलाह दी जा रही है।

कोविड के दौर में भी ऑगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को मिल रहा है सुविधाओं का लाभ

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– कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ बच्चों को दिया जा रहा है तमाम सुविधाओं का लाभ
– जिले के सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर गाइडलाइन का पालन कर हो रहा ह टीएचआर, पोषाहार समेत गोदभराई और अन्नप्राशन
लखीसराय, 15 जनवरी-
कोविड संक्रमण की तीसरी लहर के इस मुश्किल भरे दौर में भी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों को सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर  आईसीडीएस के पदाधिकारी एवं कर्मी काफी सजग हैं। ताकि सभी बच्चों को बेहतर सुविधा का लाभ सुनिश्चित रूप से मिल सके और एक भी बच्चा लाभ से वंचित नहीं रहे। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर तमाम चुनौतियों के बाबजूद भी बच्चों, गर्भवती व धातृ महिलाओं को सरकारी स्तर से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का भी ख्याल रखा जा रहा है। यानी प्रोटोकॉल का पालन के साथ सभी लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। ताकि किसी प्रकार संक्रमण की समस्या उत्पन्न नहीं हो । सभी लोग सुरक्षित माहौल में सुविधाजनक तरीके से सुविधाओं का लाभ ले सकें।
– कोविड से बचाव को लेकर भी किया जा रहा है जागरूक :
लखीसराय के आईसीडीएस  की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ)आभा कुमारी ने बताया, सुविधाओं का लाभ लेने केंद्र पर आने वाले बच्चे, लाभार्थी एवं उनके अभिभावकों को कोविड से बचाव के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। जैसे कि, जो व्यक्ति वैक्सीन नहीं लिए हैं उन्हें वैक्सीनेशन कराने के लिए, जिसमें लक्षण दिखता है उन्हें जाँच कराने के लिए जागरूक किया जाता है। इसके अलावा इस घातक महामारी से बचाव के लिए अन्य जानकारियाँ भी दी जाती है। ताकि सभी लोगों का जल्द से जल्द वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और सामुदायिक स्तर पर लोग इस घातक महामारी से सुरक्षित हो सकें। वहीं, उन्होंने बताया, सभी योजनाओं का कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ संचालन हो रहा है। ताकि संचालन के दौरान किसी प्रकार के संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो और सभीलोग सुरक्षित माहौल में सुविधाजनक तरीके से योजनाओं का लाभ ले सकें।
– टीएचआर, पोषाहार समेत गोदभराई और अन्नप्राशन का प्रोटोकॉल का पालन के साथ हो रहा संचालन :
जिले के सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ टीएचआर, पोषाहार, गोदभराई, अन्नप्राशन कार्यक्रम का संचालन हो रहा है। जिसके माध्यम से सभी लाभार्थियों को सुविधाजनक तरीके से लाभ दी जा रही है। ताकि एक भी व्यक्ति लाभ लेने से वंचित नहीं रहें और सभी लोगों को लाभ मिलना सुनिश्चित हो सके।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन : स्वास्थ्य कर्मियों व एनसीडी क्लीनिक के मरीजों की बनेगी डिजिटल आईडी

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– आयुष्मान कार्ड के पात्र लाभार्थियों को मिलेगी नि:शुल्क चिकित्सीय सुविधा
– कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर सिविल सर्जन को दिया आवश्यक दिशा निर्देश
मुंगेर, 15 जनवरी-
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधारों और अच्छी व्यवस्था के लिए कई तरह की योजनाएं लागू की हैं। ताकि लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इसके लिए सरकार की ओर से लगातार नई घोषणाएं की जा रही हैं। सरकार के नए दिशा निर्देश के अनुसार अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य कर्मियों व एनसीडी क्लीनिक में इलाजरत मरीजों की डिजिटल आईडी बनाई जाएगी। प्रखंड स्तर पर सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक की डिजिटल आईडी बनाई गई है। वहीं अब प्रत्येक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के सभी कर्मियों की भी डिजिटल आईडी बनाई जाएगी । इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा http://facility.abdm.gov.in पर पंजीयन किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल किर्यान्वयन के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा राज्य के सभी जिला के मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। आने वाले दिनों में जिला स्तर से प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक को नोडल ऑफिसर एवं जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी को जिला वेरिफायर बनाया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने भी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया है।
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन अंतर्गत रोगी को एक आईडी कार्ड दी जाएगी। जिस पर उसका सारा मेडिकल डाटा डिजिटल स्टोर होगा। जैसे कि उसके इलाज, डिस्चार्ज,ब्लड ग्रुप, रिपोर्ट्स , डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन और दवाइयों से संबंधित जानकारी आदि होगी। डिजिटल हेल्थ कार्ड 14 डिजिट की होगी। इस कार्ड पर एक यूनिक क्यूआर कोड होगा। योजना के तहत लाभार्थियों के आलावा डॉक्टर, सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल, क्लीनिक, डिस्पेंसरी आदि सबको जोड़ा जायेगा। बिना यूज़र की जानकारी के डिटेल्स नहीं देखी जा सकती है। उनके पास पासवर्ड और ओटीपी होना चाहिए। मरीज को अपना इलाज करवाने के लिए पुर्जा/ रिपोर्ट ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीज का सारा डाटा इस हेल्थ आईडी कार्ड में स्टोर होगा और हेल्थ आईडी के माध्यम से डॉक्टर मरीज का सारा डाटा देख पाएंगे। इस योजना के अंतर्गत अस्पताल क्लीनिक तथा डॉक्टर सभी एक केंद्रीय सरवर से जुड़े होंगे। इस योजना के अंतर्गत हेल्थ आईडी कार्ड लेने वाले नागरिकों को एक यूनिक आईडी दी जाएगी जिसके माध्यम से वह सिस्टम में लॉगिन कर सकेंगे।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य  :
 – स्वास्थ्य सुविधाओं को कुशल बनाना।
 – सभी नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना।
– नागरिकों के स्वास्थ्य डेटाबेस को गोपनीय रखना।
– डेटाबेस को समय पर उपलब्ध करवाना।
– हेल्थ केयर सुविधाओं को सुलभ बनाना।
क्या है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन ?
नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत देश के डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे को एकत्रित किए जाने का एक प्रयास है। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत सरकार द्वारा कई ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिसके माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार आए। हेल्थ आईडी कार्ड भी नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का एक हिस्सा है। जिसके माध्यम से सभी मरीज का स्वास्थ्य संबंधित डाटा इस आईडी कार्ड में डिजिटल स्टोर किया जाएगा।

समय-सीमा में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत 

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– समाहरणालय परिसर में शिविर आयोजित कर खगड़िया सदर प्रखंड के विजेता लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत
– बंपर पुरस्कार में तीन हजार रुपये व सांत्वना पुरस्कार में एक हजार रुपये का उपहार
खगड़िया, 15 जनवरी।
शनिवार को जिला समाहरणालय परिसर स्थित सभागार कक्ष में निर्धारित समय-सीमा के अंदर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।   पाँचवें सप्ताह के पुरस्कार वितरण सह सम्मान शिविर का आयोजन   स्वास्थ्य विभाग द्वारा केयर इंडिया के सहयोग से हुआ। जिसका उदघाटन जिला उप विकास आयुक्त अभिलाषा कुमारी शर्मा ने किया। मौके पर सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद एवं प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी ने भी  विजेता लाभार्थियों को पुरस्कार प्रदान किया। शिविर में निर्धारित समयावधि के एक सप्ताह के अंदर वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों के बीच बम्पर एवं सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया। लक्की ड्रा के माध्यम से विजेता बने सभी लाभार्थियों को पुरस्कृत किया गया। सभी लाभार्थी पुरस्कार प्राप्त कर काफी उत्साहित दिखे।
– विजेता लाभार्थी अन्य लोगों को भी वैक्सीनेशन कराने के लिए करें जागरूक : डीडीसी
डीडीसी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने बताया कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर काफी सजग है। इसके लिए जिले भर में वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान तेज कर दिया गया है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके। जिससे इस घातक महामारी के प्रभाव पर विराम सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने, शिविर में मौजूद विजेता लाभार्थियों से अपील करते हुए कहा कि आप लोग भी अपने स्तर से जो लोग किसी भी कारणवश अबतक वैक्सीन नहीं ले पाएं, उन्हें वैक्सीनेशन कराने के लिए प्रेरित करें। साथ ही कोविड लक्षण वाले लोगों को जाँच कराने के लिए भी प्रेरित करें। यह सरकारी कर्मी के साथ-साथ आमलोगों की भी जिम्मेदारी है। इसलिए, सभी लोग इस घातक महामारी के खिलाफ सहयोग कर जिम्मेदार नागरिक बनें।
– जिले के सभी प्रखंडों में नियमित तौर पर चल रहा वैक्सीनेशन अभियान :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, जिले के सभी प्रखंडों में नियमित तौर पर लगातार वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से चयनित एवं चिह्नित जगहों पर शिविर आयोजित कर योग्य व्यक्तियों को वैक्सीन दी जा रही है। साथ ही लक्षणवाले व्यक्ति की जाँच भी की जा रही है। इसलिए,  तमाम जिले वासियों से अपील  है कि वैक्सीन से वंचित लोग शीघ्र वैक्सीनेशन और लक्षण से पीड़ित लोग शीघ्र अपने नजदीकी सेंटर पर जाँच कराएं। इस घातक महामारी को रोकने के लिए यही सबसे बेहतर और कारगर उपाय है।
– लगातार शिविर आयोजित कर लाभार्थियों को किया जा रहा है पुरस्कृत :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगातार निर्धारित तिथि के अनुसार शिविर आयोजित कर समय पर दोनों डोज की वैक्सीन लेने वालों को पुरस्कृत किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि लोगों में वैक्सीन के प्रति जागरूकता बढ़ सके। वहीं, प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी ने बताया, मीरा देवी को बंपर पुरस्कार के रूप में तीन हजार रुपये का उपहार दिया गया। जबकि, शेष विजेता लाभार्थियों को सांत्वना पुरस्कार रूप में एक हजार रुपये का उपहार दिया गया।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

कोरोना मरीजों पर हिट एप से रखी जा रही है नजर

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-होम आइसोलेशन के मरीजों को इलाज की मिल रही बेहतर सुविधा
-कोरोना मरीजों को दवा से लेकर हर तरह की दी जा रही है जानकारी
बांका, 15 जनवरी-
कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो गई है। ऐसे में कोरोना की चेन को खत्म करने में स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर लगा हुआ है। जिले में जांच से लेकर टीकाकरण अभियान को लगातार तेज किया जा रहा है। इसमें कामयाबी भी मिल रही है। हिट एप से एक्टिव मरीजों की देखभाल की जा रही है। हिट एप के जरिये कोरोना मरीजों की ट्रैकिंग शुरू होने से होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज हो रहा और वह जल्द स्वस्थ भी हो जा रहे हैं। मालूम हो कि हिट एप के जरिये मरीजों की ट्रैकिंग कर ऑक्सीजन लेवल मापा जाता है। अगर ऑक्सीजन का लेवल 94 से कम रहता है तो उसे भर्ती होने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन कर उसे हिट एप पर अपलोड किया जाता है। जिस पर जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक की नजर रहती है।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो कहते हैं कि जिले में कोरोना मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज चल रहा है। हिट एप से ट्रैकिंग के बाद मरीजों के बारे में लगातार अपडेट मिलता रहता है। इससे यह फायदा होता है कि अगर जरा सी मरीजों की हालत बिगड़ती है तो उसे तत्काल इलाज की सुविधा मुहैया करा दी जाती है। इससे मरीजों को भी सहूलियत मिली है और स्वास्थ्यकर्मियों को भी। एप के जरिये सभी मरीजों की बेहतर तरीके से देखभाल हो रही है। स्वास्थ्यकर्मी मरीजों के घर-घर जाकर ऑक्सीजन लेवल जांच कर रहे हैं। साथ ही अन्य परेशानी को भी नोट किया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों से मरीज अपनी परेशानी भी बता रहे हैं और परेशानी का तत्काल समाधान भी किया जा रहा है। मरीजों को इससे यह फायदा मिल रहा है कि उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ होने पर स्वास्थ्य विभाग को न ही फोन करना पड़ रहा है और सामान्य परिस्थिति में न ही इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा है।
कोरोना की गाइडलाइन का करें पालनः डॉ. महतो कहते हैं कि जिले में कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए गाइडलाइन का पालन करने की अभी जरूरत है। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना नहीं भूलें। भीड़-भाड़ में जाने से बचें। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाए रखें। अगर गाइडलाइन का पालन करने में परेशानी हो रही है तो घर से कम निकलें। बहुत जरूरत पड़ने पर ही बाहर जाएं। ऐसा करने से आप भी कोरोना की चपेट में आने से बचेंगे और दूसरे लोग भी संक्रमित नहीं होंगे। साथ ही घर में अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई दे तो उसे तत्काल डॉक्टर के पास ले जाएं। अगर डॉक्टर कोरोना जांच की सलाह देते हैं तो कोरोना जांच कराएं। रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो डॉक्टर के मुताबिक इलाज शुरू कर दें।

परिवार नियोजन सेवा पखवाड़े की सफलता को लेकर बैठक  

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– जिले के मानसी पीएचसी में डीपीएम ने की बैठक, दिए निर्देश
– 17 जनवरी तक चलेगा दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा
  – योग्य और सक्षम इच्छुक लाभार्थियों को चिह्नित कर रही हैं आशा
खगड़िया, 14 जनवरी
जिले में 10 जनवरी से शुरू हुए परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के तहत दंपत्ति संपर्क अभियान की सफलता को लेकर डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार एवं केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने संयुक्त रूप से मानसी पीएचसी में स्थानीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ एक बैठक की। जिसमें संबंधित विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हुए। बैठक के दौरान मौजूद स्थानीय पदाधिकारियों से दंपत्ति संपर्क अभियान की फीडबैक ली गयी। जिसके बाद हर हाल में पखवाड़े के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। ताकि हर हाल में निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके और पखवाड़े का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।  बैठक में मानसी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राजीव रंजन, केयर इंडिया के एफपीसी राजेश पांडेय सहित बीसीएम, आशा कार्यकर्ता समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।
– 17 जनवरी तक चलेगा दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा :
डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार ने बताया, जिले में 10 जनवरी से शुरू दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा 17 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान संबंधित क्षेत्र की एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर योग्य दंम्पत्तियों को जागरूक किया जाएगा। जबकि, 17 से 29 जनवरी तक बंध्याकरण पखवाड़ा चलेगा। जिसके दौरान घर-घर जाकर योग्य और सक्षम इच्छुक दंम्पत्तियों को परिवार नियोजन के स्थाई साधन को अपनाने के लिए प्रेरित कर जागरूक किया जाएगा। ताकि योग्य और सक्षम इच्छुक दंपत्ति इसका लाभ उठा सकें। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर चल रही जरूरी तैयारियाँ को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, उन्होंने बताया, उक्त पखवाड़ा के दौरान कोविड-19 के सभी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित हो, इसको लेकर भी जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को जारी गाइडलाइन की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।
– एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा  दंम्पत्तियों को जागरूक :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले में  दंपत्ति संपर्क पखवाड़े के दौरान संबंधित क्षेत्र की एएनएम के नेतृत्व में स्थानीय आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग्य और सक्षम इच्छुक दंम्पत्तियों को परिवार नियोजन के साधन को अपनाने के लिए जागरूक कर रही  हैं। जिसे बैठक में और तेज गति देने के लिए निर्देशित किया गया। ताकि अधिकाधिक लोगों तक परिवार नियोजन का संदेश पहुँच सके और सभी योग्य लाभार्थी सुविधाजनक तरीके से लाभ उठा सकें। इस परिवार नियोजन को अपनाने से होने वाले फायदे की भी जानकारी देकर योग्य लाभार्थियों को जागरूक किया जा रहा है।
– वैकल्पिक उपायों की भी दी जा रही है जानकारी :
केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग के जिला समन्वयक राजेश पांडेय ने बताया, दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा के दौरान वैकल्पिक उपायों की भी जानकारी दी जा रही है। ताकि अगर कोई महिला परिवार नियोजन ऑपरेशन को अपनाने के लिए इच्छुक है किन्तु, उनका शरीर ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसी महिला वैकल्पिक व्यवस्था में शामिल कंडोम, काॅपर-टी, छाया, अंतरा समेत अन्य उपायों को अपना सकती हैं। वहीं, उन्होंने बताया, वैकल्पिक उपाय भी पूरी तरह कारगर और सुरक्षित है।
– निर्धारित समय पर वैक्सीन लेने वाले लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत :
बैठक समापन के बाद मानसी पीएचसी परिसर में ही निर्धारित समय पर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले व लक्की ड्रा के माध्यम से चयनित  विजेता लाभार्थियों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण सह सम्मान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें डीपीएम (हेल्थ) , केयर इंडिया के डीटीएल , मानसी पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव रंजन एवं एफपीसी  के हाथों विजेता लाभार्थियों को बंपर एवं सांत्वना पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित रूप से लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।

मिशन परिवार विकास अभियान: 29 जनवरी तक मनाया जाएगा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा 

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– 10 से 16 जनवरी तक मनाया जा रहा है सम्पर्क सप्ताह
–  तैयारियों को ले 5 जनवरी को डीएम की अध्यक्षता में हुई थी बैठक
मुंगेर, 14 जनवरी। जिला में  मिशन परिवार विकास अभियान 10 से 29 जनवरी तक संचालित होगा। 17 से 29 जनवरी तक जिलाभर के सभी पीएचसी और सीएचसी क्षेत्र में  परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा । पूरे अभियान की  मॉनिटरिंग , संबंधित पीएचसी और सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) करेंगे। अभियान की सफलता के लिए अभियान शुरू होने से पूर्व विगत 5 जनवरी 2022 को जिलाधिकारी नवीन कुमार कि अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभाग जैसे समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस), समाज कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, जीविका और महादलित विकास मिशन के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जा चुकी है।  इस बैठक में मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक के अलावा मुंगेर के सभी पीएचसी और सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, आईसीडीएस की डीपीओ, सभी प्रखण्ड की सीडीपीओ, जीविका के डीपीएम सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
 सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि 10 जनवरी से शुरू हुए मिशन परिवार विकास अभियान को पांच भागों में विभक्त किया गया है।
1. मिशन परिवार विकास अभियान पूर्व योजना – इसके तहत विगत 5 जनवरी को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई ।
2. दम्पत्ति सम्पर्क सप्ताह (10 से  16 जनवरी)- इसके तहत सभी सभी पीएचसी और सीएचसी के एमओआईसी के नेतृत्व में आईईसी मैटेरियल के जरिये जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
3. परिवार नियोजन दिवस का आयोजन : इसके तहत जिला भर के सभी स्वास्थ्य संस्थान में आगामी 21 जनवरी को परिवार नियोजन दिवस मनाया जाएगा ।
4. परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा (17 से 29 जनवरी) – इसके तहत जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन की गतिविधियां संचालित की जाएगी।
5. अभियान की समाप्ति के बाद समेकित भौतिक एवं वित्तीय प्रतिवेदन – इसके तहत 1फरवरी तक उक्त प्रतिवेदन को क्षेत्रीय कार्यक्रम इकाई या परिवार कल्याण कोषांग के ईमेल आईडी पर भेजना सुनिश्चित करना है।
केयर इंडिया मुंगेर की परिवार नियोजन समन्वयक (एफ़पीसी) तस्नीम रजि ने बताया कि  दम्पति सम्पर्क अभियान को सफल बनाने के लिए आईईसी मैटेरियल के रूप में जिला भर में एमपीवी के 16 फ्लैक्स , अंतरा एमपीए के 14 फ्लैक्स बैनर,पोस्ट पार्टम एफपी के 11 फ्लैक्स , पोस्ट एबॉर्शन एफपी के 11 फ्लैक्स बैनर और एफपी कमोडिटीज के 16 फ्लैक्स बैनर सभी पीएचसी और सीएचसी के बीच वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी से शुरू हो रहे परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के पहले दो दिन सभी पीएचसी/सीएचसी क्षेत्र में 17 और 18 जनवरी को स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाना है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान  जिला भर में कुल 915 महिला बंध्याकरण, 55 पुरुष नसबंदी, 315 पीपीआईयूसीडी/ पीएआईयू सीडी, 1570 आईयूसीडी और 1910 एमपीए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।