एनटीडी :डेंगू एवं चिकनगुनिया के प्रति लोगों को जागरूक करने को जिलाभर में चल रहा अभियान
फाइलेरिया उन्मूलन : आईडीए अभियान के माॅप-अप राउंड का समापन आज
कड़ाके की ठंड में भी टीकाकरण में दिखा रहे उत्साह
मुखिया ने मदरसा में टीकाकरण कैंप लगाया, 17 युवक-युवतियों ने लिया टीका
-बाराहाट प्रखंड की नारायणपुर पंचायत के मुखिया मोहम्मद असरार के प्रयास से हुआ टीकाकरण
-कोरोना से बचाव को लेकर जिले में अभियान जारी, टीकाकरण को लेकर लगातार चल रहा अभियान
बांका, 19 जनवरी।
कोरोना से बचाव को लेकर जिले में टीकाकरण अभियान जोर-शोर चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन टीकाकरण में अपनी भूमिका तो निभा ही रहा है, लेकिन समाजसेवी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इसमें अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में बाराहाट प्रखंड की नारायणपुर पंचायत के मुखिया मोहम्मद असरार ने कैथाटिक्कर मदरसा में 15 से 18 वर्ष के युवकों-युवतियों के लिए टीकाकरण कैंप का आयोजन करवाया और आसपास के कुल 17 युवकों व युवतियों को कोरोना का टीका दिलवाया। इस क्रम में टीकाकरण कैंप को सफल बनाने के लिए पिरामल के डीपीएल मासूम रेजा एवं बीएचएम अवध किशोर श्यामला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुखिया मोहम्मद असरार ने बताया कि कोरोना को खत्म करने के लिए सभी लोगों को एक साथ आना होगा। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लोग इसमें सहयोग कर ही रहे हैं, लेकिन इसमें आमलोगों को भी सहभागिता निभानी चाहिए। अब जब तीसरी लहर आ चुकी है तो टीका लेने में लोगों को देर नहीं करनी चाहिए। जितना जल्द सभी लोग कोरोना का टीका ले लेंगे, उतना ही जल्द कोरोना पर हमलोग काबू पा लेंगे। हम जनप्रतिनिधियों की भूमिका बहुत ही अहम है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समझाने में हमलोग काफी महत्वपूर्ण काम करते सकते हैं। ऐसा कर भी रहे हैं।
अब युवाओं को कर रहे जागरूकः मोहम्म असरार कहते हैं कि टीककारण की जब शुरुआत हुई थी तो आमलोगों को इसके प्रति जागरूक करने का काम किया। अब युवाओं को जागरूक करने का काम कर रहा हूं। हालांकि युवाओं को जागरूक करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है। उन्हें यह समझ होती है कि कोरोना का टीका उन्हीं के फायदे के लिए है। पहले महिलाओं को समझाने में जरूर थोड़ी परेशानी होती है। हालांकि अब ऐसा नहीं है। अब सभी लोग समझ गए हैं। बस उन्हें जानकारी देकर केंद्र तक लाने का काम करना पड़ता है।
गाइडलाइन का पालन भी जरूरीः मुखिया कहते हैं कि अभी कोरोना की तीसरी लहर चल रही है। जब पहली लहर आई थी तो हमलोग उस दौरान काफी एक्टिव रहते थे। भीड़भाड़ नहीं लगाने देते थे। अब फिर से वहीं करना पड़ेगा। गांव के लोगों को फिर से जागरूक करना पड़ेगा। मास्क लगाने और हाथ की धुलाई के बारे में बताना पड़ेगा। बेवजह घरों से नहीं निकलने की अपील करना पड़ेगा। ऐसा हो भी रहा है, लेकिन इसे और तेज करने की जरूरत है।
परिवार नियोजन जागरूकता सारथी रथ को सिविल सर्जन ने दिखाई हरी झंडी
बढ़ते ठंड में कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ रहें सतर्क और सावधान
छोटा व खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन के साधन को अपनाना जरूरी
शाहकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवार नियोजन को लेकर किया जागरूक
किशोरों-किशोरियों में टीकाकरण को लेकर उत्साह
थैलेसीमिया के इलाज के लिए जिला के ब्लड बैंक में दवा क्रय को राशि का आवंटन
– वित्तीय वर्ष 2021-22 के तहत बीएमएसआईसीएल के माध्यम से क्रय करनी है दवा
– राज्य स्वास्थ्य समिति के एसपीओ ब्लड बैंक ने सिविल सर्जन को जारी की चिट्ठी
मुंगेर, 17 जनवरी। थैलेसीमिया जैसी बीमारी से पीड़ित रोगियों के बेहतर इलाज के लिए मुंगेर जिला के सभी ब्लड बैंक में आयरन चेलेटिंग एजेंट (ड्रग्स) क्रय करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के तहत 1, 75, 500 रुपये का आवंटन हुआ है। राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी(ब्लड बैंक) नरेंद्र कुमार ने एनएमसीएच पटना , एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर के सुपरिटेंडेंट के साथ- साथ मुंगेर सहित कई जिलों के सिविल सर्जन को इससे संबंधित पत्र जारी किया है।
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि आयरन चेलेटिंग एजेंट (ड्रग्स) के रूप में डेसाफेरॉक्स डिटी 100 और 400 एमजी दवा को बीएमएसआईसीएल के माध्यम से क्रय करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के द्वारा मुंगेर जिला को कुल 1,75, 500 रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है। इस राशि से जिला के ब्लड बैंक में उक्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने बताया कि थैलेसीमिया के मरीजों में खून नहीं बनने के कारण उन्हें बार-बार ब्लड ट्रांस्फ्यूजन का सहारा लेना पड़ता है। इसकी वजह से उनके शरीर में आयरन की मात्रा ओवरलोड हो जाता और उन्हें कई प्रकार की कॉम्प्लिकेशन से भी गुजरना पड़ता है। चेलेटिंग थेरेपी के द्वारा शरीर के एक्सेस आयरन को शरीर से दूर कर दिया जाता है। वर्तमान में बीएमएसआईसीएल के द्वारा आयरन चेलेटिंग ड्रग्स के रूप में डेसाफेरॉक्स डिटी 100 और 400 एमजी उपलब्ध है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में चेलेटिंग एजेंट्स मेडिसिन का इस्तेमाल शरीर से टॉक्सिक मेटल को दूर हटाने के लिए किया जाता है। यह एक केमिकल कंपाउंड है जो बहुत ही मजबूती से मेटल आयन से जुड़े होते हैं।