एनटीडी :डेंगू एवं चिकनगुनिया के प्रति लोगों को जागरूक करने को जिलाभर में चल रहा अभियान 

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–  अभियान की सफलता के लिए सभी पीएचसी और सीएचसी के एमओआईसी को भेजी गयी  हैंडबिल /पम्पलेट
मुंगेर, 19 जनवरी-
नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज (एनटीडी) के अंतर्गत डेंगू एवं चिकनगुनिया बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिला भर में जागरूकता अभियान चल रहा है। इस संबंध में सिविल सर्जन के निर्देशानुसार जिला के सभी सीएचसी और पीएचसी के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जागरूकता अभियान को सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों को हैंड बिल/ पम्पलेट उपलब्ध करायी गयी ताकि लोगों को इसके लिए जागरूक किया जा सके।
 वेक्टर डिजीज कंट्रोल ऑफिसर संजय कुमार विश्वकर्मा  ने बताया कि नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज (एनटीडी) के अंतर्गत करीब 20 बीमारी (डिजीज) आती हैं। जिनमें  प्रमुख बीमारी मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार, डेंगू और चिकनगुनिया है। जो किसी न किसी मच्छर के काटने से होता है। इनमें  वर्षा का मौसम शुरू होने के साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया का संक्रमण काल भी शुरू हो जाता है। इसके लिए डेंगू एवं चिकनगुनिया बीमारी पर नियंत्रण के लिए चल रही गतिविधियों में और गतिशीलता लाने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत लार्विसाइडल स्प्रे, रैपिड रिस्पांस टीम का गठन करने के साथ ही टेक्नीकल मालाइथिल का, डेंगू केस रिपोर्टिंग के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव को ले राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए   हैंड बिल/पम्पलेट को जिला के सभी सीएचसी और पीएचसी के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को उपलब्ध करा दी गयी है। ये पदाधिकारी अपने क्षेत्र में कार्यरत आशा कार्यकर्ता को ये हैंड बिल /पम्पलेट देंगे जो घर-घर जाकर लोगों को इस पम्पलेट के माध्यम से  डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी से बचने के लिए जागरूक करेंगी। उन्होने बताया कि जिला में कहीं भी यदि डेंगू एवं चिकनगुनिया का संक्रमित मरीज पाया जाता है तो उस ब्यक्ति के घर से 500 मीटर की परिधि में टेक्नीकल मालाइथिलका फॉगिंग करायी जाती है। बरियारपुर पीएचसी क्षेत्र में भी लोगों को डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा पदाधिकरी विजय कुमार के नेतृत्व में हैंड बिल/ पम्पलेट लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया की बीमारी एडिस मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर दिन में काटता है एवं स्थिर साफ पानी में पनपता है।
डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण :
– तेज बुखार, बदन,सर एवं जोरों में दर्द तथा आंख के पीछे दर्द
– त्वचा पर लाल धब्बे/चकते का निशान
– नाक, मसूड़ों से उलटी के साथ रक्त श्राव होना
बचने के उपाय :
– दिन में भी मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली क्रीम का करें इस्तेमाल ।
– अपने आसपास  रखें साफ-सुथरा एवम जमा पानी में करें कीटनाशक दवाओं का छिड़काव ।
– गमला, फूलदानी का पानी हर दूसरे दिन बदलें, जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल डालें।

फाइलेरिया उन्मूलन : आईडीए अभियान के माॅप-अप राउंड का समापन आज

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– जिले के शत-प्रतिशत लोगों को दवाई का सेवन सुनिश्चित कराने के लिए तेज हुआ आईडीए अभियान
– घर-घर जाकर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को खुद के सामने खिलाई जा रही है अल्बेंडाजोल, डीईसी, आईवरमेक्टिन की दवा
शेखपुरा, 19 जनवरी-
फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिलेभर में चल रहे  मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन(आईडीए) अभियान के तहत माॅप-अप राउंड का गुरुवार को समापन हो जाएगा। जिसके कारण हर हाल में निर्धारित समयावधि के अंदर शत-प्रतिशत लोगों को दवाई का सेवन सुनिश्चित करने को लेकर गठित स्वास्थ्य टीम ने पूरी ताकत झोंक दी है। अभियान की गति तेज कर दी गई है। ताकि हर हाल में निर्धारित समयावधि के अंदर अधिकाधिक लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवाई का सुनिश्चित रूप से सेवन कराया जा सके । जिससे अभियान सफल हो सके। अभियान को सार्थक रूप देने के लिए गठित मेडिकल टीम की देखरेख में संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गृह भेंट की तर्ज पर घर-घर जाकर लोगों को अल्बेंडाजोल, आईवरमेक्टिन और  डीईसी की दवा खिलाई जा रही है । साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। वहीं, अभियान को हर हाल में सफल बनाने के लिए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने पत्र जारी कर जिले के सभी स्वास्थ्य  संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को इसे सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
– कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ एवं तय मानकों के अनुसार खिलाई जा रही है दवा :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी  ने बताया, फाइलेरिया उन्मूलन को हर हाल में पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए जिले में आईडीए अभियान का माॅप-अप राउंड चल रहा है। जिसका समापन गुरुवार को होगा। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ एवं तय मानकों के अनुसार सुपरवाइजर के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा योग्य व्यक्तियों को दवाई खिलाई जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया, हर हाल में अभियान की सफलता एवं शत-प्रतिशत लोगों को दवाई का सेवन सुनिश्चित करने के लिए एक-एक व्यक्ति तक स्वास्थ्य टीम पहुँचकर दवाई का सेवन करा रही है। ताकि एक भी व्यक्ति दवाई खाने से वंचित नहीं रहे और हर हाल में अभियान सफल हो सके।
– फाइलेरिया से बचाव के लिए दवाई का सेवन जरूरी :
जिले के वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार ने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए दवाई का सेवन बेहद जरूरी है। क्योंकि, बचाव के लिए सबसे बेहतर और कारगर उपाय दवाई का सेवन ही है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि खुद एवं परिवार और समाज की सुरक्षा के साथ-साथ इस बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए निश्चित रूप से दवाई का सेवन करें। वहीं, उन्होंने बताया, दवाई के सेवन के साथ-साथ ही एहतियात भी जरूरी है। इसलिए, अभियान के दौरान योग्य व्यक्तियों को दवाई तो खिलाई ही जा रही है। इसके अलावा इस बीमारी से बचाव के लिए भी लोगों को आवश्यक जानकारी दी जा रही है। जैसे कि, घर के आस-पास गंदगी जमा नहीं होने दें एवं घरों में सोने से पहले मच्छरदानी का उपयोग करें। साथ ही अन्य लोगों को दवा सेवन के प्रति जागरूक भी करें, ताकि फाइलेरिया जैसी बीमारी जड़ से समाप्त हो सके। इस बीमारी को पूरी तरह से मिटाने के लिए जागरूकता भी बेहद जरूरी है। वहीं, उन्होंने बताया, दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफेक्ट सामान्य होते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं।

कड़ाके की ठंड में भी टीकाकरण में दिखा रहे उत्साह 

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-युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक टीका लेने के लिए आ रहे सामने
-जिले में कोरोना उन्मूलन को लेकर टीकाकरण अभियान जारी
बांका, 19 जनवरी
एक और कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो गई है तो दूसरी ओर कड़ाके की ठंड भी पड़ रही है। ऐसे मौसम में लोग घरों से निकलने से परहेज करते हैं, लेकिन कोरोना का टीका लेकर लोग अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैसे तो हर उम्र के लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं, लेकिन किशोर-किशोरियों में ज्यादा उत्साह देखा जा रहा है। जिले में कोरोना उन्मूलन को लेकर टीकाकरण अभियान जारी है। समुखिया स्कूल टीकाकरण केंद्र पर टीका लेने आए सागर कुमार कहते हैं कि हमलोग जल्द टीका की दोनों डोज लेना चाहते हैं। अगर पहली डोज ही लेने में देरी कर देंगे तो दूसरी डोज लेने में भी देरी होगी। अब तो तीसरी डोज की भी बात हो रही है। इसलिए हमलोग जल्द से जल्द टीका लेना चाह रहे हैं।
यशोदा कुमारी कहती है कि काफी प्रतिक्षा के बाद तो हमलोगों का टीकाकरण शुरू हुआ है। अब टीका लेने में भी देरी की तो कोरोना से कैसे बच पाएंगे। कोरोना की तीसरी लहर अभी चल रही है। ऐसे में हमलोग कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। जल्द से जल्द टीका की सभी डोज ले लूंगी। रामकृष्ण चौधरी कहते हैं कि हमलोगों के घरों में सभी लोगों ने टीका ले लिया था। हमलोग भी इंतजार कर रहे थे। अब हमलोगों के लिए टीका आ गया है तो भला इसे लेने में देरी कैसे कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति टीका नहीं लेता है तो उससे दूसरे लोग भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए टीका लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। नीरज कुमार कहते हैं कि हमलोग तो टीका ले ही लिए, दूसरे लोगों को भी जल्द टीका लेने के लिए कहेंगे। सभी लोगों का टीका लेना जरूरी है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि टीकाकरण की रफ्तार अच्छी है, लेकिन कोरोना से बचने के लिए सभी लोगों को सतर्क रहना चाहिए। जिनलोगों ने टीका लिया है, उन्हें भी सतर्क रहना चाहिए। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाना चाहिए। साथ ही लोगों को भीड़ से बचना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सभी लोगों को एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाकर रखनी चाहिए। बाहर से घर आने 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य कराएं। साथ ही घर में अगर कोई लक्षण वाले लोग दिखाई पड़ते हैं तो तत्काल उसकी जांत कराएं। ऐसा करते रहने से कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे।

मुखिया ने मदरसा में टीकाकरण कैंप लगाया, 17 युवक-युवतियों ने लिया टीका

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-बाराहाट प्रखंड की नारायणपुर पंचायत के मुखिया मोहम्मद असरार के प्रयास से हुआ टीकाकरण
-कोरोना से बचाव को लेकर जिले में अभियान जारी, टीकाकरण को लेकर लगातार चल रहा अभियान
बांका, 19 जनवरी।
कोरोना से बचाव को लेकर जिले में टीकाकरण अभियान जोर-शोर चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन टीकाकरण में अपनी भूमिका तो निभा ही रहा है, लेकिन समाजसेवी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इसमें अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में बाराहाट प्रखंड की नारायणपुर पंचायत के मुखिया मोहम्मद असरार ने कैथाटिक्कर मदरसा में 15 से 18 वर्ष के युवकों-युवतियों के लिए टीकाकरण कैंप का आयोजन करवाया और आसपास के कुल 17 युवकों व युवतियों को कोरोना का टीका दिलवाया। इस क्रम में टीकाकरण कैंप को सफल बनाने के लिए पिरामल के डीपीएल मासूम रेजा एवं बीएचएम अवध किशोर श्यामला ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुखिया मोहम्मद असरार ने बताया कि कोरोना को खत्म करने के लिए सभी लोगों को एक साथ आना होगा। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लोग इसमें सहयोग कर ही रहे हैं, लेकिन इसमें आमलोगों को भी सहभागिता निभानी चाहिए। अब जब तीसरी लहर आ चुकी है तो टीका लेने में लोगों को देर नहीं करनी चाहिए। जितना जल्द सभी लोग कोरोना का टीका ले लेंगे, उतना ही जल्द कोरोना पर हमलोग काबू पा लेंगे। हम जनप्रतिनिधियों की भूमिका बहुत ही अहम है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समझाने में हमलोग काफी महत्वपूर्ण काम करते सकते हैं। ऐसा कर भी रहे हैं।
अब युवाओं को कर रहे जागरूकः मोहम्म असरार कहते हैं कि टीककारण की जब शुरुआत हुई थी तो आमलोगों को इसके प्रति जागरूक करने का काम किया। अब युवाओं को जागरूक करने का काम कर रहा हूं। हालांकि युवाओं को जागरूक करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है। उन्हें यह समझ होती है कि कोरोना का टीका उन्हीं के फायदे के लिए है। पहले महिलाओं को समझाने में जरूर थोड़ी परेशानी होती है। हालांकि अब ऐसा नहीं है। अब सभी लोग समझ गए हैं। बस उन्हें जानकारी देकर केंद्र तक लाने का काम करना पड़ता है।
गाइडलाइन का पालन भी जरूरीः मुखिया कहते हैं कि अभी कोरोना की तीसरी लहर चल रही है। जब पहली लहर आई थी तो हमलोग उस दौरान काफी एक्टिव रहते थे। भीड़भाड़ नहीं लगाने देते थे। अब फिर से वहीं करना पड़ेगा। गांव के लोगों को फिर से जागरूक करना पड़ेगा। मास्क लगाने और हाथ की धुलाई के बारे में बताना पड़ेगा। बेवजह घरों से नहीं निकलने की अपील करना पड़ेगा। ऐसा हो भी रहा है, लेकिन इसे और तेज करने की जरूरत है।

परिवार नियोजन जागरूकता सारथी रथ को सिविल सर्जन ने दिखाई हरी झंडी 

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– सदर अस्पताल परिसर से सभी 9 प्रखण्डों के लिए एक-एक सारथी रथ को किया गया रवाना
– ग्रामीण इलाकों में सारथी रथ के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन अपनाने के लिए किया जाएगा प्रेरित
मुंगेर , 18 जनवरी-
17 से 29 जनवरी तक जिला भर में मनाए जा रहे परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के बारे में जानकारी देने और परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने सारथी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुंगेर के सभी 9 प्रखण्ड क्षेत्र के लिए एक-एक सारथी रथ को रवाना किया गया है। इस अवसर पर सदर अस्पताल के अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पीएम सहाय, आरपीएम रूप नारायण शर्मा, डीपीएम नसीम रजि, डीसीएम निखिल राज, केयर इंडिया की डीटीओ ऑफ डॉ. नीलू, एफ़पीसी तस्नीम रजि सहित जिला स्वास्थ्य समिति और सदर अस्पताल के कई पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
सारथी रथ से लोगों को  परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थाई साधन अपनाने के लिए किया जाएगा प्रेरित :
सारथी रथ को रवाना करते हुए सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि मुंगेर के सभी 9 प्रखण्ड के लिए एक-एक सारथी रथ को रवाना किया जा रहा है। सारथी रथ में लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए डिजिटल आईईसी मैटेरियल उपलब्ध हैं। सारथी पर लगे लाऊडस्पीकर के जरिये परिवार नियोजन से संबंधित गीत और मैसेज से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में आशा कार्यकर्ता प्रिंटेड आईईसी के जरिये घर-घर जाकर लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थाई मैथेड के बारे में पूरी तरह से जानकारी देते हुए उन्हें परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित भी करेंगी।
केयर इंडिया कि फैमिली प्लानिंग कॉर्डिनेटर तस्नीम रजि ने बताया कि सारथी रथ में लोगों के लिए फैमिली प्लानिंग का च्वाइस ऑफ बास्केट उपलब्ध होगा। जहाँ से लोग परिवार नियोजन के अस्थाई साधन जैसे कंडोम, गर्भ निरोधक गोली ले सकते हैं । इसके साथ ही  उन्हें सारथी रथ में मौजूद प्रिंटेड आईईसी मैटेरियल से गर्भ निरोधक सुई, कॉपर टी लगवाने के साथ-साथ स्थायी साधन के रूप में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबन्दी कराने के लिए सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि मिशन परिवार विकास अभियान 10 से 29 जनवरी के दौरान 17 से 29 जनवरी तक जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान सभी जगहों महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी करायी जाएगी। लोगों में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़े इसी उद्देश्य से मंगलवार को सदर अस्पताल परिसर से सभी प्रखंड़ों के लिए सारथी रथ को रवाना किया गया।

बढ़ते ठंड में कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ रहें सतर्क और सावधान

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– लक्षण दिखते ही कराएँ कोविड जाँच, चिकित्सा परामर्श का करें पालन
– अलौली पीएचसी में पुरस्कार वितरण सह सम्मान शिविर आयोजित, विजेता लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत
खगड़िया, 18 जनवरी-
बर्फीली हवाओं के कारण लगातार बढ़ रही ठंड के मौसम में कोविड से सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को विशेष सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल, बढ़ रही ठंड के कारण जहाँ सर्दी-खाँसी, बुखार समेत अन्य ठंडजनित बीमारी का दौर शुरू हो गया है। वहीं, कोविड की तीसरी लहर के दौर में संक्रमण की शिकायत भी तेजी के साथ बढ़ने लगी है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से थोड़ी सी लापरवाही भी ठीक नहीं है। क्योंकि, लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए, हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। सावधानी और सतर्कता ना सिर्फ आपको कोविड संक्रमण के दायरे से दूर रखेगी, बल्कि अन्य ठंडजनित बीमारियों से भी दूर रखेगी।
– कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ-साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन भी जरूरी :
सिविल सर्जन  डॉ अमरनाथ झा ने बताया, कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन तो सबसे बेहतर और कारगर उपाय है ही। इसके साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन भी बेहद जरूरी है। इसलिए, हर व्यक्ति को मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन करना जरूरी है। दरअसल, बढ़ते ठंड के कारण जहाँ ठंडजनित बीमारी आम हो गई वहीं, कोविड संक्रमण की भी शिकायत बढ़ रही है। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति हर व्यक्ति को सतर्क रहने की जरूरत है। ताकि किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। मास्क ना सिर्फ कोविड से बचाता है बल्कि, अन्य संक्रामक बीमारी से भी दूर रखता है।
– सर्द हवाओं से रहें दूर, लगाएँ धूप :
ठंड के मौसम में ठंडजनित और कोविड- 19 से बचाव के लिए सर्द हवाओं से दूर रहें और नियमित रूप से सुबह में धूप लगाएँ। इससे आपके शरीर का तापमान बढ़ेगा और नई ऊर्जा प्राप्त होगी। जिससे आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही ठंड से बचाव के लिए उपयुक्त गर्म कपड़े का उपयोग करें और प्रतिदिन व्यायाम करें। इसके अलावा गर्म व ताजा खाना उपयोग करें। बासी खाना से बिल्कुल दूर रहें।
– निर्धारित समयावधि के अंदर वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत :
इधर, जिले के अलौली पीएचसी में निर्धारित समय-सीमा के अंदर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण सह सम्मान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के सहयोग से किया गया। जिसमें अलौली पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अशोक कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, प्रखंड प्रबंधक रमन कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों के हाथों लक्की ड्रा के माध्यम से चयनित विजेता लाभार्थियों को बंपर एवं सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

छोटा व खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन के साधन को अपनाना जरूरी

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– कोविड के दौर में भी जिले में चल रहा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा, -अस्पतालों में सुरक्षा के हर मानकों का रखा जाता है ख्याल
– 17 से 29 जनवरी तक जिले के सभी पीएचसी में चलेगा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा
लखीसराय, 18 जनवरी-
हर परिवार खुशहाल परिवार की जिंदगी जीने और अपने बच्चे को उचित रहन-सहन के बीच रखना चाहते हैं। किन्तु, ऐसा आसान भी नहीं है। थोड़ी सी लापरवाही इन सारे सपनों को पूरा होने के पूर्व ही तोड़ देते हैं। इसलिए, खुशहाल परिवार के लिए छोटा और सीमित परिवार होना जरूरी है। इसको लेकर सरकार तमाम गतिविधि  भी आयोजन कर समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक भी कर रही है। स्थानीय पीएचसी स्तर पर मुफ्त परिवार नियोजन ऑपरेशन की व्यवस्था उपलब्ध है। दरअसल, छोटा और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन के साधन को अपनाना  बेहद जरूरी है। इसलिए, अफवाहों से दूर रहें और पुराने ख्यालात से बाहर आकर परिवार नियोजन के साधन को अपनाने पर बल दें। जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड के दौर में भी परिवार नियोजन पखवाड़ा जारी है। सभी जगह कोविड-19 के प्रोटोकॉल के पालन के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के हर मानकों का भी ख्याल रखा जाता है।
– अफवाहों से रहें दूर, निर्भीक होकर कराएं ऑपरेशन :
डीसीएम पारस मणि ने बताया, जिले के सभी पीएचसी में परिवार नियोजन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। ताकि इच्छुक लोगों को ऑपरेशन के दौरान किसी प्रकार परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में आसानी के साथ ऑपरेशन करा सकें। वहीं, उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के लिए इच्छुक महिलाओं को अफवाहों से दूर रहना चाहिए और निर्भीक होकर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ऑपरेशन करानी चाहिए। ऑपरेशन के दौरान अस्पतालों में सुरक्षा के हर मानकों का ख्याल रखा जाता है।
– 17 से 29 जनवरी तक चलेगा पखवाड़ा :
केयर इंडिया के एफपीसी अनुराग गुंजन ने बताया, जिले के सभी पीएचसी में 17 जनवरी  से ही परिवार नियोजन (बंध्याकरण) सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ हो चुका है। जो आगामी 29 जनवरी तक चलेगा। जिसके दौरान योग्य और सक्षम इच्छुक लाभार्थियों का कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के बीच ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
– एएनएम और आशा के सहयोग से लोगों को किया जा रहा है जागरूक :
इस पखवाड़े के सफल क्रियान्वयन के लिए एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता द्वारा लोगों को ऑपरेशन के लिए जागरूक किया जा रहा है । इच्छुक महिलाओं की सूची तैयार स्थानीय पीएचसी को सुपुर्द की जाती है। महिलाओं को ऑपरेशन के दौरान पीएचसी की सुरक्षा-व्यवस्था की भी जानकारी दी जा रही है। ताकि अधिक से अधिक लोग ऑपरेशन के प्रति रुचि लें और कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
– महिलाओं को वैकल्पिक व्यवस्था की भी दी जा रही है जानकारी :
पखवाड़े की सफलता को लेकर जिले में योग्य लाभार्थियों को जागरूक करने के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की भी जानकारी दी जा रही है। जैसे कि कोई महिला ऑपरेशन के लिए इच्छुक है किन्तु, वह शारीरिक रूप से कमजोर है। मसलन, उनका शरीर ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसे महिलाओं को वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। जिसमें कंडोम, अंतरा, छाया, काॅपर-टी समेत अन्य अस्थाई उपायों को अपनाकर अनचाहे गर्भ से दूर रहने की जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कंडोम ना सिर्फ अनचाहे गर्भ से दूर रखता है, बल्कि यौन संचारित रोगों से भी बचाव करता है।
– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।

शाहकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवार नियोजन को लेकर किया जागरूक

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-स्टॉल पर लोगों को परिवार नियोजन को लेकर दी गई अस्थायी सामग्री
अंतरा, छाया के इस्तेमाल की सलाह,
-दो बच्चे के बाद  कराएं ऑपरेशन
भागलपुर, 18 जनवरी-
जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा की शुरुआत हो गई है, जो 29 जनवरी तक चलेगा। इसे लेकर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में कार्यक्रम किए जा रहे हैं तो क्षेत्र में भी लोगों को प्रचार रथ के जरिये जागरूक किया जा रहा है। इसी सिलसिले में शाहकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में परिवार नियोजन मेला का आयोजन किया गया। मेला में लगे स्टॉल पर लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री दी गई। साथ ही उसके इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई।
मौके पर अस्पताल प्रभारी डॉ. जयप्रकाश सिंह और केयर इंडिया के सुनील कुमार समेत सभी स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
अस्पताल प्रभारी डॉ. जयप्रकाश सिंह ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा 29 जनवरी तक चलेगा। तब तक प्रतिदिन कोई न कोई गतिविधि का आयोजन किया जाएगा और लोगों को परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया जाएगा। मेला में आए लोगों को परिवार नियोजन को लेकर अंतरा और छाया के इस्तेमाल के बारे में बताया गया। साथ ही कंडोम के इस्तेमाल करने की भी जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि किसी भी तरह के भ्रम में वे लोग नहीं रहें। इसके इस्तेमाल से किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है। इससे परिवार नियोजन सही तरीके से हो पाता है।
सभी अस्पतालों में बंध्याकरण भी शुरूः वैसे तो पूरे साल सरकारी अस्पतालों में बंध्याकरण चलता रहता है, लेकिन परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत मंगलवार से सभी अस्पतालों में बंध्याकरण शुरू हो गया। परिवार नियोजन पखवाड़ा से पहले एक सप्ताह तक दंपति संपर्क पखवाड़ा के तहत योग्य दंपतियों को आशा कार्यकर्ताओं ने चिह्नित किया है। उनमें से जिनलोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, सभी लोगों का ऑपरेशन पखवाड़ा के तहत किया जाएगा। इसके अलावा अन्य इच्छुक लोगों का भी बंध्याकरण कराया जाएगा।
 दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी: मेला के दौरान लोगों की काउंसिलिंग भी की गई। जिसमें बताया गया कि पहला बच्चा 20 साल के बाद ही पैदा करें और दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूर रखें। इससे जच्चा और बच्चा दोनों, स्वस्थ रहेगा और बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने से बच्चा कम बीमार पड़ेगा और यदि बीमार पड़ भी गया तो वह उससे जल्द उबर जाएगा।
प्रचार रथ से भी लोगों को किया जा रहा जागरूक: लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार रथ भी चलाया जा रहा है। प्रचार रथ को सिविल सर्जन ने रविवार को सदर अस्पताल से रवाना किया था। पांच दिनों तक प्रचार रथ से क्षेत्र के लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्हें दो बच्चों को बीच तीन साल का अंतराल रखने के लिए कहा जा रहा है। दो बच्चा हो जाने पर बंध्याकरण की सलाह दी जा रही है।

किशोरों-किशोरियों में टीकाकरण को लेकर उत्साह

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-कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
-तीसरी लहर आने के कारण टीका लेने वाले लोगों की संख्या बढ़ी
बांका, 18 जनवरी
जिले में कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। टीकाकरण अभियान लगातार चल रहा है। किशोरों और किशोरियों ने भी टीकाकरण में उत्साह दिखाया है। अभी तक 26 प्रतिशत से अधिक किशोरों और किशोरियों ने कोरोना टीका की पहली डोज ले ली है। जिले में 150494 किशोरों और किशोरियों को टीका देने का लक्ष्य है, जिसमें 39274 को टीका लग चुका है। जल्द ही लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है।
शहरी पीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि कोरोना टीकाकरण की गति अच्छी है। लगातार लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। कोरोना टीका की पहली डोज लेने वालों की संख्या काफी अधिक है, जबकि दूसरी डोज लेने वाले भी काफी हो गए हैं। अब किशोरों और किशोरियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। खासकर तीसरी लहर आने के बाद बचे हुए लोग भी टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। उन्हें इस बात का अहसास हो रहा है कि कोरोना से बचने के लिए टीका लेना बहुत जरूरी है।
अमरपुर में सबसे ज्यादा 5051 किशोरों-किशोरियों का टीकाकरणः अमरपुर में 5051, बांका पीएचसी में 4653, बाराहाट में 4015, बेलहर में 4070, बौंसी में 2257, चांदन में 1778, धोरैया में 2042, फुल्लीडुमर में 4759, कटोरिया में 3139, रजौन में 3984 और शंभूगंज में 3526 किशोरों और किशोरियों ने कोरोना का टीका ले लिया है। सभी जगहों पर जल्द से लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार टीकाकरण हो रहा है। छात्रों को टीका देने के लिए स्कूलों में भी टीका दिया जाता है। इसके अलावा किशोरों-किशोरियों को अन्य केंद्रों पर भी प्रतिदिन कोरोना का टीका दिया जा रहा है।
प्रीकॉशन डोज लेने वालों की संख्या भी अच्छी खासीः जिले में प्रीकॉशन डोज यानी कि तीसरी डोज लेने वालों की संख्या भी अच्छी खासी है। 4705 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रीकॉशन डोज देने का लक्ष्य रखा गया है, इनमें से 3332 लोगों ने प्रीकॉशन डोज ले ली है। यानी कि लगभग 71 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रीकॉशन डोज ले ली है। इसी तरह 2226 फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रीकॉशन डोज देने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें 1025 फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रीकॉशन डोज लग चुकी है। यानी कि 46 प्रतिशत से अधिक लोगों को प्रीकॉशन डोज लग चुकी है। साथ ही 1319 बीमारों और बुजुर्गों को कोरोना टीका की प्रीकॉशन डोज लग चुकी है। साफ है कि जिले में कोरोना टीका लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
टीका लेने के बाद भी गाइडलाइन का करें पालनः डॉ. चौधरी कहते हैं कि अब जब जिले में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो चुकी है तो लोग थोड़ा सावधान रहें। टीका लेने वाले लोग भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन करें। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए भीड़भाड़ से बचें। एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाएं रखें। साथ ही बेवजह घरों से बाहर नहीं निकलें। जरूरी पड़ने पर ही घरों से बाहर जाएं।

थैलेसीमिया के इलाज के लिए जिला के ब्लड बैंक में दवा क्रय को राशि का आवंटन 

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– वित्तीय वर्ष 2021-22 के तहत बीएमएसआईसीएल के माध्यम से क्रय करनी है दवा

– राज्य स्वास्थ्य समिति के एसपीओ ब्लड बैंक ने सिविल सर्जन को जारी की चिट्ठी

मुंगेर, 17 जनवरी। थैलेसीमिया जैसी बीमारी से पीड़ित रोगियों के बेहतर इलाज के लिए मुंगेर जिला के सभी ब्लड बैंक में आयरन चेलेटिंग एजेंट (ड्रग्स) क्रय करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के तहत 1, 75, 500 रुपये का आवंटन हुआ है। राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी(ब्लड बैंक) नरेंद्र कुमार ने एनएमसीएच पटना , एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर के सुपरिटेंडेंट के साथ- साथ मुंगेर सहित कई जिलों के सिविल सर्जन को इससे संबंधित पत्र जारी किया है।
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि आयरन चेलेटिंग एजेंट (ड्रग्स) के रूप में डेसाफेरॉक्स डिटी 100 और 400 एमजी दवा को बीएमएसआईसीएल के माध्यम से क्रय करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के द्वारा मुंगेर जिला को कुल 1,75, 500 रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है। इस राशि से जिला के ब्लड बैंक में उक्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने बताया कि थैलेसीमिया के मरीजों में खून नहीं बनने के कारण उन्हें बार-बार ब्लड ट्रांस्फ्यूजन का सहारा लेना पड़ता है। इसकी वजह से उनके शरीर में आयरन की मात्रा ओवरलोड हो जाता और उन्हें कई प्रकार की कॉम्प्लिकेशन से भी गुजरना पड़ता है। चेलेटिंग थेरेपी के द्वारा शरीर के एक्सेस आयरन को शरीर से दूर कर दिया जाता है। वर्तमान में बीएमएसआईसीएल के द्वारा आयरन चेलेटिंग ड्रग्स के रूप में डेसाफेरॉक्स डिटी 100 और 400 एमजी उपलब्ध है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में चेलेटिंग एजेंट्स मेडिसिन का इस्तेमाल शरीर से टॉक्सिक मेटल को दूर हटाने के लिए किया जाता है। यह एक केमिकल कंपाउंड है जो बहुत ही मजबूती से मेटल आयन से जुड़े होते हैं।