कोविड से बचाव को वैक्सीनेशन के साथ-साथ एहतियात भी जरूरी                 

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    –    जारी रखें मास्क का उपयोग और दो गज की दूरी का पालन
– लक्षण महसूस होने पर  तुरंत कराएं जाँच, आसानी से दे सकेंगे इस घातक महामारी को मात
– खुद के साथ दूसरों को भी करें जागरूक व प्रेरित, संक्रमण की रफ्तार को नहीं मिलेगी गति
लखीसराय, 14 जनवरी-
कोरोना के नये वैरिएंट के आगमन के साथ लगातार मिल रही संक्रमण की शिकायत को रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह सजग और संकल्पित है। साथ ही इसको लेकर नित्य आवश्यकतानुसार जरूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं। किन्तु, इसे सार्थक रूप देने के लिए आमलोगों का भी सकारात्मक सहयोग जरूरी है। सकारात्मक सहयोग यह कि जो अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन नहीं ले सकें, वह जल्द से जल्द वैक्सीनेशन कराएं और वैक्सीनेशन के साथ-साथ एहतियात भी जारी रखें। यही इस घातक महामारी के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सबसे बेहतर और अहम पहल होगी। इसी के बदौलत पिछली बार भी हम संक्रमण को रोकने में सफल रहेषथे। इसलिए, एकबार फिर से उसी संयम और सतर्कता का परिचय देते हुए इस घातक महामारी को मात देने की जरूरत है।
– वैक्सीनेशन के साथ मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखने की जरूरत :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, एकबार फिर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संक्रमण की शिकायत मिलने लगी हैं। इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड है। किन्तु, इसके लिए जिले वासियों के सकारात्मक सहयोग की जरूरत है। जिले वासी लगातार सहयोग कर भी रहे हैं, पर एकबार फिर से जिले वासी के पूर्व की तरह संयम और धैर्य के साथ सतर्कता से सहयोग की जरूरत है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि इस घातक महामारी को रोकने के लिए एहतियात का पालन कर जिम्मेदार नागरिक बनें। वहीं, उन्होंने कहा कि इस महामारी को रोकने के लिए वैक्सीनेशन के साथ मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखने की जरूरत है। क्योंकि, इस घातक महामारी के प्रभाव को खत्म करने के लिए सबसे बेहतर और कारगर उपाय यही है।
– खान-पान का रखें विशेष ख्याल, सही पोषण ही करेगा बचाव :
लगातार बदल रहें मौसम के कारण कोविड के साथ-साथ तरह-तरह के मौसमी बीमारी की भी संभावना बढ़ गई है। इसलिए, कोरोना के साथ इससे भी बचने के लिए हमें अधिक सावधान रहने की जरूरत है। इस दौरान किशोर व युवा को भी खासकर सही पोषण का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि, सही पोषण ही इन मौसमी बीमारियाँ से हमें बचाने में  संजीवनी साबित होगी। इसके अलावा रहन-सहन में बदलाव की भी बेहद दरकार है। इसलिए, इससे बचाव हेतु खान-पान का विशेष ख्याल रखना चाहिए और पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। खासकर बच्चों के सही पोषण का उनके माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को विशेष ख्याल रखना चाहिए और ससमय खाना खिलाना चाहिए।
– साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल :
साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और घर से लेकर आसपास के जगहों पर भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराएं। आसपास के लोगों को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक करें। इसके अलावा रहन-सहन के तरीके में भी बदलाव लाएं। जो हमें बीमारी के दायरे से बचाए एवं हम अस्पताल जाने से बचें।

बांका में 20 लाख से अधिक लोगों का हो गया है टीकाकरण

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-कोरोना टीका को लेकर जिले में लगातार चल रहा है अभियान
-आमलोग कोरोना का टीका लेने में जमकर दिखा रहे उत्साह
बांका, 14 जनवरी
जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान काफी तेज गति से चल रहा है। लोग भी उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर इसमें अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि जिले में अबतक 20,41,067 लोगों का टीकाकरण हो चुका है। इसमें पहली और दूसरी, दोनों डोज लेने वाले लोग शामिल हैं। जिले में अब किशोरों का भी टीकाकरण शुरू हो गया है। 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में किशोर भी टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में टीकाकरण की रफ्तार अच्छी है। जिले के सभी लोगों का टीकाकरण जल्द से जल्द हो, इसे लेकर हमलोग लगातार प्रयार कर रहे हैं। पहली डोज लेने वालों की संख्या जिले में बेहतर है। साथ ही दूसरी डोज लेने के लिए भी लोग लगातार सामने आ रहे हैं। इसके अलावा अब किशोरों और किशोरियों को भी टीका लगाया जा रहा है। बड़ी संख्या में ये लोग भी टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। इसी तरह स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों, बीमारों और बुजुर्गों को कोरोना टीका की तीसरी डोज भी दी जा रही है। जिनलोगों ने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लिया है, उनसे मेरी अपील है कि जल्द से जल्द टीका लगवा लें।
बांका पीएचसी में सबसे अधिक 2,33,308 लोगों का टीकाकरणः अभी तक जिले में जो 20,41,067 लोगों को टीका लगाया गया है। उनमें अमरपुर में 2,33,308, बांका पीएचसी में 2,33,558, बाराहाट में 1,46,373, बेलहर में 1,68,468, बौंसी में 1,81,666, चांदन में 1,53,041, धोरैया में 2,24,609, फुल्लीडुमर में 1,37,007, कटोरिया में 1,91,986, रजौन में 1,92,003 और शंभूगंज में 1,79,048 लोगों को कोरोना टीका लगाया गया है। बचे हुए लोगों को भी टीका देने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। हालांकि अब काफी लोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है, इसलिए लोग खुद भी कोरोना का टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है।
तीसरी लहर से बचने के लिए कोरोना की गाइडलाइन का पालन जरूरीः जिले में कोरोना के नए मरीज फिर से मिलने लगे हैं। तीसरी लहर सामने खड़ी है। ऐसे में लोगों को इससे बचने के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है। कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की जरूरत है। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाकर रहें। साथ ही बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें। घर में अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़े तो उसको तत्काल डॉक्टर से दिखाने के लिए ले जाएं। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक उस व्यक्ति का इलाज करें। अगर कोरोना जांच कराने के लिए डॉक्टर कहते हैं तो उसकी कोरोना जांच कराएं।

परिवार नियोजन पखवाड़ा की तैयारी को लेकर हुई बैठक

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-17 जनवरी से शुरू हो रहा परिवार नियोजन पखवाड़ा
-रैली निकालने और मेला लगाने पर लिया गया फैसला
भागलपुर, 14 जनवरी
जिले में 17 जनवरी से परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू हो रहा है। इसे लेकर नाथनगर रेफरल अस्पताल में शुक्रवार को बैठक की गई। बैठक में अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय, सीडीपीओ मेरीलता किस्कू, केयर इंडिया के एफपीसी आलोक कुमार और जीविका दीदी, बीसीएम, आशा समेत कई लोग मौजूद थे। बैठक में शामिल सभी लोगों से परिवार नियोजन पखवाड़ा की तैयारी करने के लिए कहा गया। बैठक में तय किया गया कि 17 जनवरी को नाथनगर रेफरल अस्पताल में परिवार नियोजन को लेकर मेला का आयोजन किया जाएगा। साथ ही रैली भी निकाली जाएगी। इसे लेकर सभी लोगों को तैयारी करने के लिए कहा गया।
डॉ. अनुपमा सहाय ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा का आगाज 17 से हो रहा है। उसे लेकर क्या-क्या तैयारी करनी है, बैठक में इस पर चर्चा हुई। सभी को दो दिनों के अंतर प्रखंड स्तर पर तैयारी बैठक करने के लिए कहा गया। साथ ही अभी चल रहे दंपति संपर्क सप्ताह अभियान को भी तेज करने के लिए कहा गया। ताकि पखवाड़ा के तहत अधिक से अधिक लोग परिवार नियोजन कार्यक्रम से लाभान्वित हो सकें।
घर-घर जा रही आशा कार्यकर्ताः परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू होने से पहले अभी जिले दंपति संपर्क सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को ढूंढ रही हैं। एक योग्य दंपति को ढूंढकर उसका नाम रजिस्टर में दर्ज करने पर आशा कार्यकर्ता को 300 रुपये मिलेगा। साथ ही अगर कोई दंपति ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाता है तो उसके लिए आशा कार्यकर्ता को 100 रुपये अलग से दिया जाएगा। योग्य दंपति को मेला के दौरान परिवार नियोजन को लेकर उचित सलाह दी जाएगी। साथ ही काउंसिलिंग के जरिये उसे परिवार नियोजन के फायदे के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
15 से 19 जनवरी तक चलेगा प्रचार रथः 15 से लेकर 19 जनवरी तक प्रखंड क्षेत्र में परिवार नियोजन को लेकर प्रचार रथ चलाया जाएगा। प्रचार रथ के जरिये लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक किया जाएगा। पहला बच्चा 20 साल के बाद, दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी और दो बच्चे हो जाने के बाद ऑपरेशन कराने के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। साथ ही परिवार नियोजन को लेकर अस्थायी सामग्री के इस्तेमाल के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। अंतरा, छाया, कंडोम के इस्तेमाल के बारे में भी लोगों को इस दौरान जानकारी दी जाएगी।

प्रतिदिन 2200 आरटीपीसीआर व 90 तक ट्रूनेट जांच बढ़ाने का निर्देश

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–  राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने डीएम व सीएस को जारी किया पत्र
–  राज्य भर में प्रतिदिन 91100 आरटीपीसीआर और 3400 ट्रूनेट टेस्ट निर्धारित किया गया है लक्ष्य
मुंगेर, 13 जनवरी-
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड टीकाकरण के साथ – साथ प्रतिदिन कोरोना की जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला में प्रतिदिन आरटीपीसीआर व ट्रूनेट जांच बढ़ाने का निर्देश मिला है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार के द्वारा सभी जिलों के डीएम और सिविल सर्जन को पत्र के अनुसार प्रतिदिन आरटीपीसीआर और ट्रूनेट जांच का संशोधित  लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार मुंगेर में प्रतिदिन 2200 आरटीपीसीआर और 90   ट्रूनेट जांच करने का निर्देश दिया गया है।
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि को देखते हुये अधिक से अधिक लोगों की आवश्यक जांच करने का निर्णय लिया गया है। विभागीय निर्देश के अनुसार कोविड संक्रमण से उत्पन्न वर्तमान स्थिति में कोविड जांच को बढ़ाने के उद्देश्य से आरटीपीसीआर तथा ट्रूनेट के जिलावार लक्ष्य को पुन: संशोधित किया गया है। इस अनुरूप जांच की संख्या बढ़ायी गई है। संक्रमण की बढ़ती संख्या व विभाग से मिले निर्देशों के बाद सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को रोजाना लक्ष्य की प्राप्ति के लिये कहा गया है। दूसरी तरफ जिला में कोरोना संक्रमण को देखते हुए तमाम जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं। कई जगहों पर सघन मास्क चेकिंग अभियान जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है । लोगों से कोविड सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की जा रही है। इसके साथ ही जिला में कई जगह पर जांच के साथ सघन टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। जिसके तहत 15 से 18 वर्षीय किशोरों का टीकाकरण एवं 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को प्रीकॉशनरी डोज देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही फ्रंटलाइन वर्कर और हेल्थ वर्कर को भी प्रीकॉशनरी डोज लगायी जा रही है।
दवा किट मुहैया कराने का निर्देश :
उन्होंने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार रैपिड एंटिजन किट से जांच के बाद संक्रमित लोगों के बीच दवा किट मुहैया कराने का निर्देश है।  इसके साथ ही आरटीपीसीआर व ट्रूनेट जांच के बाद पॉजिटिव मिलने पर संबंधित मरीज को इंडिया पोस्ट से बीएमएसआइसिल की ओर से दवा किट भी मिलेगा । ताकि इससे मरीजों को ससमय उपचार शुरू हो सके। मालूम हो कि कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर विभाग की ओर से यह पहल की गई है। जांच के बाद मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजा जा रहा है। घर पर संक्रमितों को दवा मिलने से सुविधा बढ़ जाएगी ।
किट में दी जा रही दवा व मास्क :
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिये गये किट में एजीथ्रोमाइसिन , विटामिन सी , मल्टीविटामिन , जिंक टैबलेट , पैरासिटामोल  देने को कहा गया है । कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से काफी एहतियात बरती जा रही है।

घर में मौजूद खाद्य पदार्थों से एनीमिया पर करें वार

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• विटामिन एनीमिया से लड़ने में कारगर
• हरी साग-सब्जी का नियमित सेवन काफ़ी जरुरी
• पोषक तत्वों की कमी के साथ संक्रामक रोग एनीमिया का प्रमुख कारण
लखीसराय / 13, जनवरी:
एनीमिया यानी खून की कमी एक ऐसी स्थिति है जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या या उनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा सामान्य से कम जाती है. ऑक्सीजन ले जाने के लिए हीमोग्लोबिन की आवश्यकता होती है. यदि शरीर में बहुत कम या असामान्य लाल रक्त कोशिकाएं हैं, या पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं है, तो शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाने के लिए रक्त की क्षमता कम हो जाती है. इसके परिणामस्वरूप थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. एनीमिया के कारण बच्चों में उम्र के मुतबिक वजन एवं लंबाई भी कम जाती है एवं वे एवं दुबलापन एवं नाटापन के शिकार हो जाते हैं. जिससे बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाती है.
पोषक तत्वों की कमी के साथ संक्रामक रोग ज़िम्मेदार:
एनीमिया के सबसे आम कारणों में पोषक तत्वों की कमी, विशेष रूप से आयरन की कमी शामिल होती है.  साथ ही विटामिन की कमी भी एनीमिया के लिए जिम्मेदार होते हैं. शरीर में विटामिन सी, ए, डी, बी12 एवं ई की भूमिका अधिक होती है. विटामिन सी शरीर में आयरन के चयापचय को प्रभावित करने के लिए जाना जाता है.  विशेष रूप से यह आयरन के अवशोषण एवं इसकी गतिशीलता को भी बढ़ाता है. इसलिए विटामिन सी युक्त आहार जैसे आँवला, नीबूं एवं अमरुद जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन जरुर करना चाहिए. ये खाद्य पदार्थ आसानी से घरों में उपलब्ध हो जाते हैं. एनीमिया के प्रमुख कारणों में पोषक तत्वों की कमी के साथ कई संक्रामक रोग भी शामिल होते हैं. जिसमें मलेरिया, टीबी, एचआईवी और अन्य परजीवी संक्रमण शामिल हैं. इन रोगों से ग्रसित होने के बाद अमूमन शरीर में खून की कमी हो जाती है.
2 साल से कम उम्र के बच्चों के आहार पर दें ध्यान:
एनीमिया किसी भी आयुवर्ग के लोगों को हो सकता है. लेकिन 2 साल से कम उम्र के बच्चों में खून की जरूरत अधिक होती है. 2 साल से कम उम्र के बच्चों की वृद्धि दर बहुत अधिक होती है. 6 से 24 महीने की उम्र के बीच, शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम आयरन की आवश्यकता जीवन के अन्य चरणों की तुलना में अधिक होती है. जन्म के समय कम वजन और समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं को अधिक जोखिम होता है. 2 साल की उम्र के बाद विकास की दर धीमी हो जाती है एवं  हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाती है. इस लिहाज से इस दौरान शिशु के आहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. जन्म से 6 माह तक केवल स्तनपान जरुरी होता है. इस दौरान ऊपर से पानी भी शिशु को नहीं देना चाहिए. वहीं, 6 माह के बाद स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार जरुरी होता है. जिसमें बच्चे को अर्ध ठोस आहार देना चाहिए. साथ ही यह ध्यान भी देना चाहिए कि उनके आहार में आनाज, विटामिन एवं वसा की मात्रा शामिल हो.
एनीमिया को दूर करने के लिए सरल खाद्य पदार्थ:
• हरी साग-सब्जी
• चना  एवं गुड़
• मौसमी फ़ल
• मीट, मछली एवं चिकन
दवा से अधिक जागरूकता की जरूरत :
 जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती  ने बताया एनीमिया से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग कई प्रयास कर रहा है. पाँच से 59 महीने के बालक और बालिकाओं को आईएफए की सिरप एवं 5 से 9 साल के लड़के और लड़कियाँ, 10 से 19 साल के किशोर और किशोरियां,  20 से 24 वर्ष के प्रजनन आयु वर्ग की महिलाएँ( जो गर्भवती या धात्री न हो), गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आईएफए की गोली निशुल्क दी जा रही है. ताकि एनीमिया के दंश से उन्हें बचाया जा सके. साथ ही यह जरुरी भी है कि सभी आयुवर्ग के लोग अपने खाद्य पदार्थों पर ध्यान भी दें एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें. दवा से अधिक एनीमिया को लेकर जागरूकता की जरूरत है

परिवार नियोजन को लेकर 17 को लगेगा मेला, निकलेगी रैली

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-17 जनवरी से शुरू हो रहा परिवार नियोजन पखवाड़ा
-तैयारी को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति में हुई बैठक
भागलपुर, 13 जनवरी
जिले में 17 जनवरी से परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू हो रहा है। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य समिति में गुरुवार को बैठक की गई। बैठक में एसीएमओ डॉ. अंजना, डीपीएम फैजान आलम अशर्फी, केयर इंडिया के डीटीओ फैसिलिटी डॉ. राजेश मिश्रा, आशा के जिला समन्वयक जफरूल इस्लाम और केयर इंडिया के एफपीसी आलोक कुमार व जितेंद्र कुमार सिंह मौजूद रहे। बैठक का आय़ोजन ऑनलाइन किया गया, जिससे सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारी, मैनेजर और सभी प्रखंडों की सीडीपीओ भी जुड़ीं। बैठक में तय किया गया कि 17 जनवरी को सभी सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन को लेकर मेला का आयोजन किया जाएगा। साथ ही रैली भी निकाली जाएगी। इसे लेकर सभी लोगों को तैयारी करने के लिए कहा गया।
डीपीएम फैजान आलम अशर्फी ने कहा कि परिवार नियोजन पखवाड़ा का आगाज 17 से हो रहा है। उसे लेकर क्या-क्या तैयारी करनी है, बैठक में इस पर चर्चा हुई। सभी प्रभारियों को दो दिनों के अंतर प्रखंड स्तर पर तैयारी बैठक करने के लिए कहा गया। साथ ही अभी चल रहे दंपति संपर्क सप्ताह अभियान को भी तेज करने के लिए कहा गया, ताकि पखवाड़ा के तहत अधिक से अधिक लोग परिवार नियोजन कार्यक्रम से लाभान्वित हो सकें।
घर-घर जा रही आशा कार्यकर्ताः परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू होने से पहले अभी जिले दंपति संपर्क सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को ढूंढ रही हैं। एक योग्य दंपति को ढूंढकर उसका नाम रजिस्टर में दर्ज करने पर आशा कार्यकर्ता को 300 रुपये मिलेगा। साथ ही अगर कोई दंपति ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाता है तो उसके लिए आशा कार्यकर्ता को 100 रुपये अलग से दिया जाएगा। योग्य दंपति को मेला के दौरान परिवार नियोजन को लेकर उचित सलाह दी जाएगी। साथ ही काउंसिलिंग के जरिये उसे परिवार नियोजन के फायदे के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
15 से 19 तक चलेगा प्रचार रथः 15 से लेकर 19 जनवरी तक जिले के सभी प्रखंडों में परिवार नियोजन को लेकर प्रचार रथ चलाया जाएगा। प्रचार रथ के जरिये लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक किया जाएगा। पहला बच्चा 20 साल के बाद, दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी और दो बच्चे हो जाने के बाद ऑपरेशन कराने के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। साथ ही परिवार नियोजन को लेकर अस्थायी सामग्री के इस्तेमाल के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। अंतरा, छाया, कंडोम के इस्तेमाल के बारे में भी लोगों को इस दौरान जानकारी दी जाएगी।

कोरोना टेस्ट कराने के बाद रिपोर्ट आने तक होम आइसोलेशन में ही रहें

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-रिपोर्ट आने से पहले खुलेआम घूमना हो सकता है खतरनाक
-पॉजिटिव हुए तो कई लोगों में हो सकता है कोरोना का प्रसार
बांका, 13 जनवरी।
कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है। काफी संख्या में नए मरीज मिलने लगे हैं। इस पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच अभियान को तेज कर दिया है। लोगों को थोड़ी से भी परेशानी होने पर कोरोना जांच की सलाह दी जा रही है। एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट तो तुरंत आ जाती है, लेकिन आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लगता है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि जिनलोगों ने आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल दिया है, वे लोग रिपोर्ट आने तक होम आइसोलेशन में ही रहें। ऐसे लोगों का होम आइसोलेशन में नहीं रहना खतरनाक हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है और वह होम आइसोलेशन में नहीं रहा है तो उससे कई लोगों में कोरोना का प्रसार हो सकता है। इसलिए रिपोर्ट आने तक होम आइसोलेशन में ही रहें।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए सावधानी बहुत ही जरूरी है। लोगों को न सिर्फ खुद सचेत रहना चाहिए, बल्कि यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उसकी लापरवाही की वजह से किसी और लोगों में कोरोना का प्रसार नहीं हो। इसके लिए कोरोना की गाइडलाइन का पालन बहुत ही जरूरी है। खासकर जिनलोगों ने आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल दिया है, उसे तो रिपोर्ट आने तक बिल्कुल ही होम आइसोलेशन में ही रहना चाहिए। इससे लोगों में कोरोना का प्रसार नहीं होगा। अगर उस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो डॉक्टर की सलाह के मुताबिक तत्काल इलाज शुरू कर देना चाहिए।
कोरोना के लक्षण दिखे तो जरूर जांच कराएः डॉ. चौधरी कहते हैं कि अगर किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखे तो उसे तत्काल जांच कराने के लिए आगे आना चाहिए। सर्दी, बुखार, बदन में दर्द, खांसी, गले में खराश की शिकायत हो ते तत्काल कोरोना जांच कराएं। इसके अलावा बिना लक्षण वाले लोग भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। साथ ही पेट खराब होने पर कोरोना के शिकार लोग हो रहे हैं। इसलिए अगर ये सब लक्षण दिखे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं।
कोरोना की गाइडलाइन का पालन जरूरीः अभी के माहौल में सबसे जरूरी है, कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना। घर से बाहर निकलते वक्त अनिवार्य तौर पर मास्क लगाएं। भीड़भाड़ में जाने से बचें और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाए रखें। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें। बेवजह घरों से बाहर निकलने से परहेज करें। जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। घर में कोई संक्रमित व्यक्ति है तो उसका इलाज करवाएं और कोरोना गाइडलाइन का पालन करें। ऐसा करते रहने से आप भी संक्रमित होने से बचे रहेंगे और आपसे दूसरे लोगों में भी कोरोना का प्रसार नहीं होगा।

सभी निःसंकोच कोविड-19 का टीका लें: गार्गी

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– जमुई में कोरोना रोधी टीकाकरण के लिए चलाया गया महाअभियान
– 15 से 18 वर्ष के बीच के किशोर – किशोरियों को दी जा रही है वैक्सीन
– 345 सत्र स्थल पर 16 हजार से अधिक लाभार्थी को लगाया गया टीका
डीएम बोले : टीका है रक्षा कवच
जमुई, 12 जनवरी ।
जिले में 15 से 18 वर्ष के बीच के किशोर – किशोरियों को कोरोना रोधी टीकाकरण किए जाने के लिए   महाअभियान चलाया गया। तय कार्यक्रम के अंतर्गत 345 सत्र स्थल पर 16 हजार से अधिक संबधित लाभार्थियों को वैक्सीन की खुराक दी गई। वैक्सिनेशन उत्साह और उमंग के वातावरण में जारी है।
जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने महाअभियान की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार के निर्देश पर जमुई जिला में  15 से 18 वर्ष के किशोर – किशोरियों को कोरोना रोधी वैक्सीन देने के लिए तय कार्यक्रम के अंतर्गत 345 सत्र स्थल का गठन कर वहां टीकाकरण का कार्य किया गया। उन्होंने 16 हजार से अधिक सुयोग्य जनों को टीका लगाए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि तमाम सम्बंधित बच्चों को वैक्सीन की दोनों खुराक दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने वैक्सीन को सुरक्षा कवच की संज्ञा देते हुए कहा कि उत्साह और उमंग के साथ टीका लें। कहा कि जिला के साथ देश को इस महामारी से मुक्त करने में सहयोग दें। उन्होंने पूरे जिले में सौहार्दपूर्ण वातावरण में टीकाकरण किए जाने की जानकारी दी।
सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार भारती ने कहा कि टीकाकरण के लिए 345 सत्र स्थल का गठन किया गया है। जहां आधे घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन रूम भी बनाया गया है। आधे घंटे निगरानी के बाद बच्चों को उनके गंतव्य के लिए छोड़ा जा रहा है। टीकाकरण केंद्र पर अभिभावक और बच्चों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि किशोर – किशोरियों को टीकाकरण के लिए स्कूल से सर्टिफिकेट अथवा उनका आधार कार्ड  मान्य होगा। उन्होंने कहा कि जिनका जन्म 2005 , 2006 और 2007 के बीच हुआ है , उन्हें ही टीकाकृत किया जाएगा।   डॉ. भारती ने महाअभियान के अंतर्गत जमुई जिला में 32 हजार किशोर – किशोरियों को टीका दिए जाने का लक्ष्य बताया।   कहा कि लक्ष्य के विरुद्ध 16 हजार से अधिक बच्चों को वैक्सीन दी गयी है। उन्होंने महाअभियान को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने की जानकारी को साझा किया।
15 + उम्र की ग्यारहवीं विज्ञान संकाय में अध्ययनरत छात्रा गार्गी ने कोविड-19 की प्रथम डोज लेकर सभी से निःसंकोच टीका लेने की अपील की। उन्होंने 15 से 18 उम्र वर्ग के लाभार्थियों को कोरोना रोधी टीका के लिए बीएलओ द्वारा किये गये सर्वेक्षण के आधार पर फोन कर टीकाकरण की सूचना के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया ।

मरीजों के लिए एम्बुलेंस से अस्पताल आने- जाने का किराया हुआ निर्धारित 

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 – कोरोना से उत्पन्न परिस्थिति को लेकर उठाया गया कदम
– निर्धारित दर से अधिक किराया लेने वालों पर होगी कार्रवाई
लखीसराय , 12 जनवरी 2022 :
कोरोना के तीसरी लहर के मद्देनजर सरकार कई स्तर पर कार्य कर रही है। कोरोना की रोकथाम और संक्रमितों के इलाज के लिए स्वास्थ्य महकमा तत्परता से जुटा है। कई कोरोना मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। इसके लिए सरकारी स्तर पर एम्बुलेंस लगाये गए हैं। साथ ही निजी एम्बुलेंस वाले मनमानी किराया वसूल नहीं कर सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा हर एम्बुलेंस के लिए किराया निर्धारित किया गया है। तय दर से अधिक किराया लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एम्बुलेंस संबंधित किसी तरह की शिकायत दर्ज करने के किए टॉल फ्री नंबर(06202751107) भी जारी की गई है।
50 किलोमीटर तक 1500 से 2500 रुपया किराया तय :
जिला के सिविल सर्जन डॉ. दवेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान गत वर्ष भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी एम्बुलेंस के लिए किराया तय किया गया था। कोरोना की तीसरी लहर के कारण उत्पन्न स्थिति को देखकर निजी एम्बुलेंस के लिए किराया निर्धारित  किया गया है। 50 किमी तक आने – जाने के लिए छोटी कार ( सामान्य) के लिए 1500 रुपये, छोटी कार ( एसी) के लिए 1700 रुपये, बोलेरो, सुमो व मार्शल ( सामान्य) के लिए 1800 रुपये, बोलेरो, सुमो व मार्शल (एसी) के लिए 2100 रूपये, मैक्सी, विंगर, सिटी राइडर, टेम्पो, ट्रेवलर व समकक्ष वाहन (14 से 22 सीट) सामान्य के लिए 2500 रुपये, जाइलो, क्वालिस, स्कॉर्पियो व टवेरा (एसी ) के लिए 2500 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।
50 किलोमीटर से अधिक परिचालन होने पर 18 रूपये से 25 रूपये किलोमीटर का अतिरिक्त किराया :
उन्होंने बताया की 50 किमी से अधिक परिचालन करने पर निर्धारित दर के किलोमीटर के हिसाब से अतिरिक्त किराया को भी तय किया गया है। छोटी कार ( सामान्य), छोटी कार (एसी), बोलेरो, सुमो व मार्शल ( सामान्य), बोलेरो, सुमो व मार्शल (एसी) के लिए 18 रुपये प्रति किमी, मैक्सी, विंगर, सिटी राइडर, टेम्पो, ट्रेवलर व समकक्ष वाहन (14 से 22 सीट) सामान्य और क्वालिस, स्कॉर्पियो व टवेरा (एसी) के लिए 25 रुपये प्रति किमी के हिसाब से अतिरिक्त किराया निर्धारित किया गया है। तय किराया से अधिक राशि की मांग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कोविड:स्वास्थ्य संस्थानों के एक- एक डॉक्टर और एएनएम को दिया जाएगा प्रशिक्षण

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–  प्रशिक्षण प्राप्त डॉ फ़ैज़ और स्टाफ नर्स ज्योति कुमारी होगी डिस्ट्रिक्ट ट्रेनर की भूमिका
–  प्रशिक्षण में  मिलेगी  ऑक्सीजन के युक्ति संगत उपयोग व अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी
मुंगेर, 12 जनवरी।  कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट की वजह से जिला में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इससे निपटने को ले जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग काफी सजग है। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार नेशनल ऑक्सीजन स्टिववार्डशिप प्रोग्राम के तहत के सभी स्वास्थ्य संस्थानों (एपीएचसी लेवल तक) में कार्यरत एक- एक डॉक्टर और एएनएम नर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा ।
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति पटना के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह द्वारा जारी किए गए पत्र के आलोक में जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थान  से चयनित एक-एक डॉक्टर और एएनएम नर्स को नेशनल ऑक्सीजन स्टिववार्डशिप प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य संस्थान में ऑक्सीजन की उपलब्धता एवं युक्ति संगत उपयोग तथा कम्प्लीट ऑक्सीजन मैनेजमेंट के सिस्टेमेटिक मॉनिटरिंग के बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नेशनल ऑक्सीजन स्टिववार्डशिप प्रोग्राम का उद्धाटन  22 दिसम्बर 2022 को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार के द्वारा किया गया था। इसके बाद एम्स दिल्ली के विशषज्ञों के द्वारा ऑक्सीजन थेरेपी और प्रबंधन के विषय पर ऑनलाइन तकनीकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया । इस ट्रेनिंग में जिला से चयनित डॉ. फ़ैज़ और स्टाफ नर्स ज्योति कुमारी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
डॉ. फ़ैज़ और ज्योति कुमारी निभाएंगे डिस्ट्रिक्ट ट्रेनर की भूमिका :
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने बताया कि जिला से चयनित डॉ. फ़ैज़ और ज्योति कुमारी डिस्ट्रिक्ट ट्रेनर के रूप में नेशनल ऑक्सीजन स्टिववार्ड प्रोग्राम के तहत जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थान से चयनित  डॉक्टर और एएनएम को ऑक्सीजन थेरेपी,  प्रबंधन और ऑक्सीजन के युक्ति संगत उपयोग विषय पर प्रशिक्षण देंगे।