फाइलेरिया उन्मूलन के लिए संक्रमण की चेन तोड़ना आवश्यक- डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद

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• पेशेंट सपोर्ट ग्रुप के सौजन्य से पहली बार फाइलेरिया मरीजों का हुआ उन्मुखीकरण
• मरीजों को वितरित की गयी निशुल्क दवा
• 32 मरीजों को मिली फाइलेरिया प्रबंधन के टिप्स
पटना/ 28 दिसंबर- सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग फाईलेरिया से मुक्ति के लिए संकल्पित है और नियमित अंतराल पर एमडीए कार्यक्रम चलाकर लक्षित लोगों को दवा खिलाने की मुहिम चलाती है. सीफार(सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च) द्वारा गठित पेशेंट सपोर्ट ग्रुप के सौजन्य से सोमवार को पटना के दीघा स्थित गंगा वैली पार्क में दीघा क्षेत्र में पहली बार फाइलेरिया से होने वाली रुग्णता प्रबंधन एवं विकलांगता रोकने के लिए फाइलेरिया रोगियों का प्रशिक्षण एवं विमर्श का आयोजन किया गया. जिसमें जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय के पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया. आयोजित कार्यक्रम में फाइलेरिया मरीजों को रोग के समुचित प्रबंधन की जानकारी दी गयी और उनके बीच नि:शुल्क दवा का वितरण भी किया गया.
फाइलेरिया उन्मूलन के लिए संक्रमण की चेन तोड़ना आवश्यक:
मरीजों को फाइलेरिया प्रबंधन और नियमित दवा सेवन के महत्त्व के बारे में जानकारी देते हुए जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद ने बताया, संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जरुरी है कि मरीज नियमित रूप से बताये गए दवा का सेवन करें और अपने परिवारजनों को भी चाहे वो मरीज न भी हों तो एमडीए अभियान के दौरान डीइसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का सेवन जरुर करने के लिए प्रेरित करें. पाँच साल तक एक बार इन दवाओं के सेवन से कोई भी व्यक्ति आजीवन फाइलेरिया के खतरे से मुक्त हो सकता है. उन्होंने बताया स्वच्छता का ध्यान और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग फाइलेरिया से सुरक्षा देता है.
डॉ. प्रसाद ने बताया फाइलेरिया उन्मूलन के लिए रोग पर दोहरा प्रहार करने की जरुरत है. एक तरफ जहाँ मरीजों का उपचार एवं प्रबंधन तो दुसरे तरफ ज्यादा से ज्यादा लोगों को साल में एक बार डीइसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का सेवन कराना. जनमानस को दवा के लाभ के बारे में जागरूक करने की जरुरत है ताकि लोग फाइलेरिया रोग की गंभीरता और उसके खतरे से अवगत हो सकें.
32 मरीजों को मिली फाइलेरिया प्रबंधन के टिप्स:
कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया इंस्पेक्टर मोहम्मद मुस्तफा ने हाथीपाँव से पीड़ित मरीजों को अपने पाँव का सही तरीके से ख्याल रखने के विषय में विस्तार से जानकारी दी. साथ ही उन्होंने पैरों को कैसे साफ़ करना चाहिए, इसके विषय में प्रदर्शन कर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हाथीपाँव से पीड़ित रोगियों को अधिक समय तक खड़ा नहीं रहना चाहिए.साथ ही सोते समय उन्हें अपने पैरों के नीचे एक तकिये रख कर ही सोना चाहिए. बैठने के दौरान घुटने को नहीं मोड़ना चाहिए. इस दौरान 32 फाइलेरिया मरीजों को फाइलेरिया प्रबंधन की जानकारी दी गयी.
मरीजों को संबोधित करते हुए फाइलेरिया इंस्पेक्टर मोहम्मद मुस्तफा ने बताया कि फाइलेरिया को हाथीपावं रोग के नाम से भी जाना जाता है. यह एक दर्दनाक रोग है जिसके कारण शरीर के अंगों में सूजन आ जाती है. यह क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से फैलता है. आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लसिका (लिम्फैटिक) प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है. फाइलेरिया से जुडी विकलांगता जैसे लिंफोइडिमा( पैरों में सूजन) एवं हाइड्रोसील(अंडकोश की थैली में सूजन) के कारण पीड़ित लोगों के आजीविका एवं काम करने की क्षमता प्रभावित होती है. उन्होंने बताया कि मरीजों के लिए नियमित रूप से दवा का सेवन नितांत आवश्यक है और जरुरी सावधानियां अपनाकर ग्रसित मरीज भी सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है. नियमित दवा के सेवन के साथ ठंडी चीजों के सेवन से परहेज और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखकर रोगी काफी हद तक सामान्य जीवन व्यतीत किया जा सकता है.
इस अवसर पर वेक्टर जनित रोग सलाहकार कल्याणी कुमारी, पंकज कुमार, सीफार टीम के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, रणविजय कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय के अधिकारीगण एवं अन्य उपस्थित थे

6 प्रखण्ड के 12 गांवों में आज से 9 जनवरी तक कालाजार रोगी खोज अभियान

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– आशा और आशा फैसिलिटेटर घर-घर जाकर कालाजार रोगी की पहचान करेंगी
– बरियारपुर प्रखण्ड के 5 गांवों में 6 आशा और 6 आशा फैसिलिटेटर पता करेंगी कालाजार के मरीज का

मुंगेर, 28 दिसम्बर। जिलाभर के 6 प्रखण्ड सदर प्रखंड , जमालपुर, धरहरा, हवेली खड़गपुर, टेटिया बम्बर और बरियारपुर के 12 गांवों में 14 आशा कार्यकर्ता और 10 आशा फैसिलिटेटर के द्वारा 29 दिसम्बर से 9 जनवरी 2022 के दौरान घर- घर जाकर कालाजार रोगी की खोज की जाएगी। ताकि सही समय पर उनका सही इलाज संभव हो सके।

जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति पटना से प्राप्त निर्देश के अनुसार जिला में बुधवार से कालाजार रोगी खोज अभियान शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 29 दिसम्बर से लेकर 9 जनवरी 2022 तक जिला के 6 प्रखण्ड के कालाजार प्रभावित 12 गांवों में शुरू किया जा रहा है। इनमें से सर्वाधिक बरियारपुर प्रखण्ड के 5 गांव आशा टोला, हनसु सिंह टोला, विशनपुर, हरिणमार और गाँधीपुर में 6-6 आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर के द्वारा घर-घर जाकर कालाजार रोगी की पहचान की जाएगी ताकि सही समय पर उनका सही इलाज हो और उनकी प्राणों की रक्षा हो सके। इसके अलावा हवेली खड़गपुर और टेटिया बम्बर प्रखण्ड के दो-दो गांव के साथ-साथ सदर प्रखंड, जमालपुर और धरहरा प्रखण्ड के एक-एक गांव में यह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान के दौरान प्रत्येक प्रखण्ड में सुपरवाइजर के रूप में वेक्टर बोर्न डिजीज सुपरवाइजर और बीएचडब्ल्यू कार्य करेंगे। इस के साथ ही पूरे जिला भर में मेरे अलावा वेक्टर डिजीज कंट्रोल ऑफिसर संजय कुमार विश्वकर्मा और वेक्टर बोर्न डिजीज कंसलटेंट पंकज कुमार प्रणव मॉनिटरिंग करेंगे।

वेक्टर डिजीज कंट्रोल ऑफिसर संजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि सदर प्रखंड के शिवगंज दरियापुर गांव के 250 घरों में रहने वाले 1260 लोगों में 29 दिसम्बर से 4 जनवरी 2022 के दौरान कालाजार रोगी की खोज की जाएगी। इसी तरह जमालपुर प्रखण्ड क्षेत्र के अहरा मुसहरी गांव के 220 घरों में रहने वाले 12698 लोगों में और धरहरा प्रखण्ड के बिलोखर गांव के 150 घरों में रहने वाले 900 लोगों में कालाजार रोगी की खोज की जाएगी।

उन्होंने बताया कि हवेली खड़गपुर प्रखण्ड क्षेत्र के कथना गांव के 349 घरों में रहने वाले 1881 लोगों में और पौकरी गांव के 120 घरों में रहने वाले 938 लोगों में कालाजार मरीज की खोज की जाएगी। इसी तरह टेटिया बम्बर प्रखण्ड क्षेत्र के परैया गांव के 200 घरों में रहने वाले और सबिया गांव के 144 घरों में रहने वाले 746 लोगों में कालाजार रोगी की खोज की जाएगी।
इसके अलावा बरियारपुर प्रखण्ड क्षेत्र के आशा टोला गांव के 250 घरों में रहने वाले 1251लोगों, हनसु सिंह टोला गांव के 500 घरों में रहने वाले 2531लोगों, विशनपुर गांव के 250 घरों में रहने वाले 2251 लोगों, हरिण मार गांव के 250 घरों में रहने वाले 1253 लोगों और गाँधीपुर गांव के 250 घरों में रहने वाले 1251 लोगों में 05 जनवरी से 09 जनवरी 2022 के दौरान आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर के द्वारा घर-घर जाकर कालाजार के रोगी की पहचान की जाएगी।

मोबाइल टीम ने एक दिन में सुदूरवर्ती इलाके के चार गाँवों में घर-घर जाकर लोगों को दी कोविड वैक्सीन

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– लखीसराय के चानन क्षेत्र के सतघरवा, महजनवां , बासकुंड एवं कछुआ गाँव के लोगों को दी गई वैक्सीन
– सेकेंड डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरा करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर दी गई वैक्सीन

लखीसराय, 28 दिसंबर।
जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और एक भी लोग वैक्सीन से वंचित नहीं रहें। इसको लेकर जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को लखीसराय पीएचसी अंतर्गत सुदूरवर्ती इलाके में स्थित चानन क्षेत्र के चार गाँवों में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की सकारात्मक पहल से वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। जिसके माध्यम से चार मोबाइल वैक्सीनेशन टीम द्वारा चार गाँवों का भ्रमण कर एक ही दिन में घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेट किया गया। सभी गाँवों के लोगों ने उत्साह के साथ वैक्सीन ली और सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन देने के लिए वैक्सीनेशन टीम को धन्यवाद दिया। वहीं, वैक्सीन लेने वाले लोगों ने कहा, स्थानीय स्वास्थ्य विभाग का यह कदम काफी सराहनीय है। स्वास्थ्य विभाग की पहल से हमलोगों को घर में सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन लेने का अवसर मिला।

– सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन देने के लिए गाँव-गाँव चलाया जा रहा वैक्सीनेशन अभियान :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, किसी भी क्षेत्र के लोगों को वैक्सीन लेने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें, इसको लेकर गाँव-गाँव लगातार वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। जिसे गति देने के लिए मंगलवार को पीएचसी के सुदूरवर्ती इलाके के चानन क्षेत्र के सतघरवा, महजन्मा, बासकुंड एवं कछुआ गाँव में मोबाइल वैक्सीनेशन टीम के सहयोग से वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। जिसके माध्यम घर-घर जाकर लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी गई।

– सेकेंड डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरा करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर दी गई वैक्सीन:
लखीसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आरआई नोडल पदाधिकारी डॉ ब्रजेंद्र कुमार ने बताया, चार गाँवों के लिए चार मोबाइल वैक्सीनेशन टीम की तैनाती की गई थी। प्रत्येक गाँव में एक-एक टीम ने घर-घर जाकर लोगों का टीकाकृत किया। वहीं, उन्होंने बताया, इस दौरान सेकेंड डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरा करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी गई। ताकि सेकेंड डोज अभियान को भी गति मिल सके और लोग इस घातक महामारी से सुरक्षित हो सकें। वैक्सीनेशन के दौरान सभी गाँवों के लोगों का काफी सहयोग मिला एवं लोगों ने उत्साह के साथ वैक्सीन ली।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

चुनौतियों के बावजूद कर्तव्य पथ पर अनवरत सेवा दे रही एएनएम प्रियंका

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– जिले में कोविड वैक्सीनेशन अभियान के शुरू से ही लगातार दे रही सेवा
– घर-घर जाकर लोगों को दे रही वैक्सीन, अबतक छः हजार से अधिक लोगों का कर चुकी हैं वैक्सीनेशन

खगड़िया, 28 दिसंबर।
जिले में कोविड के नये वैरिएंट के खतरे को हर हाल में रोकने के लिए इस महामारी के खिलाफ जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों के वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है। किन्तु, तमाम समस्याओं और चुनौतियों को झेलने के बाबजूद स्वास्थ्यकर्मी इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर हैं। ताकि एक भी व्यक्ति वैक्सीन से वंचित नहीं रहे और इस महामारी को पूरी तरह जड़ से मिटाया जा सके। ऐसे ही कर्मियों में रेफरल अस्पताल, गोगरी की एएनएम प्रियंका कुमारी का नाम जिले में शुमार है। प्रियंका, रेफरल अस्पताल के अंतर्गत दुर्गम इलाके में बसे पकरैल गाँव स्वास्थ्य उपकेंद्र में तैनात हैं। वह जबसे वैक्सीन अभियान का जिले में शुभारंभ हुआ था, तब से वैक्सीनेशन कार्य में जुटी हैं । वह अपने कर्तव्य पथ पर बगैर थकी लोगों को अनवरत बेहतर स्वास्थ्य सेवा दे रही हैं। वर्तमान में अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर योग्य लोगों का वैक्सीनेशन कर रही हैं। इतना ही नहीं, वैक्सीनेशन के साथ-साथ लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। इसके लिए वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच कर लोगों को वैक्सीन की सही जानकारी, वैक्सीन लेने के फायदे समेत अन्य जानकारियाँ दे रही हैं। ताकि लोग अफवाहों से बाहर आकर वैक्सीन लें और शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके।

– मुश्किल वक्त में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद के साथ कर्तव्य पथ पर डटी रही :
एएनएम प्रियंका बताती हैं कि वक्त जरूर मुश्किल था, पर मेरी जिम्मेदारी बड़ी थी। इसलिए, सकारात्मक परिणाम की उम्मीद के साथ अपने कर्तव्य पथ पर डटी रही । इस दौरान तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दरअसल, जिले में वैक्सीनेशन अभियान के साथ अफवाहों का भी दौर शुरू हो गया था, जो ना सिर्फ मेरे लिए बल्कि पूरे सिस्टम के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप उभर कर सामने आई। किन्तु, तमाम स्वास्थ्य कर्मी इसे चुनौती नहीं, बल्कि अवसर समझकर अपने कर्तव्य पथ पर डटे रहे। जिसका परिणाम यह रहा कि लोगों में वैक्सीन के प्रति विश्वास बढ़ा और अब लोग खुद वैक्सीन लेने के प्रति आगे आने लगे हैं। इससे ना सिर्फ वैक्सीनेशन अभियान को गति मिली, बल्कि लोगों के सकारात्मक सहयोग से अफवाहों को भी मात मिली।

– छः हजार से अधिक लोगों का कर चुकी हैं वैक्सीनेशन :
रेफरल अस्पताल, गोगरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ चंद्रप्रकाश एवं डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, प्रियंका हमेशा अपने कार्य के प्रति मुस्तैद और सजग रहती हैं। वह तमाम चुनौतियों के बावजूद कभी अपने कर्तव्य पथ पर नहीं थकी और पूरी मुस्तैदी के साथ डटी रहीं। जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि प्रियंका की इस पहल का लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और अफवाहों को मात मिली। वह अबतक छः हजार से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन कर चुकी है और एक भी लोग वैक्सीन लेने से वंचित नहीं रहें, इसके लिए हमेशा तत्पर रहती हैं।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री ऑनलाइन लेने के बताए गए तरीके

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-आशा कार्यकर्ता ऑनलाइन सामग्री मंगवाकर क्षेत्र के लोगों में बांटेंगी
-शाहकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एफपीएलएमआईएस का प्रशिक्षण
भागलपुर, 28 दिसंबर
शाहकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मंगलवार को क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक इनफॉरमेशन सिस्टम (एफपीएलएमआईएस) का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण केयर इंडिया के परिवार नियोजन के जिला समन्वयक आलोक कुमार ने दिया। प्रशिक्षण के दौरान सभी को परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री को ऑनलाइन कैसे प्राप्त करना है, इसकी जानकारी दी गई। इंडेंट करने से लेकर रिसीव करने के तरीके प्रशिक्षण के दौरान बताए गए। कंडोम, कॉपर टी, अंतरा आदि सामग्री को ऑनलाइन प्राप्त करने की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी गई। सामग्री प्राप्त कर क्षेत्र में इसका प्रचार-प्रसार से लेकर वितरण करने तक के बारे में प्रशिक्षण के दौरान बताया गया। मौके पर अस्पताल प्रभारी डॉ. जयप्रकाश सिंह, बीएचएम कुमार रोहित, बीसीएम राकेश कुमार और बीएम सुनील मौजूद थे। प्रशिक्षण ले रही आशा को सभी बारीकी को समझ कर क्षेत्र में बेहतर तरीके से काम करने के लिए कहा गया।
परिवार नियोजन को लेकर क्षेत्र में प्रचार-प्रसार भी करेंगी आशा कार्यकर्ता: प्रशिक्षण समाप्त हो जाने के बाद आशा कार्यकर्ता अब परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री को ऑनलाइन मंगवाकर उसे क्षेत्र में वितरण करने का काम करेंगी। साथ ही परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री के इंडेंट से लेकर प्राप्त करने के तरीके और इसका क्षेत्र में किस तरह से प्रचार-प्रसार करना है, इसकी जानकारी वे अपने सहयोगी को भी देंगी। साथ ही सामग्री के वितरण के दौरान इसे लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी आशा कार्यकर्ता करेंगी। लोगों को समझाएंगी कि इसके इस्तेमाल से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है।
तीन तरीके से प्राप्त कर सकेंगे परिवार नियोजन की सामग्रीः प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि परिवार नियोजन सामग्री को ऑनलाइन तीन तरीके से मंगाया जा सकता है। पहला मोबाइल एप के जरिये, दूसरा मोबाइल से मैसेज कर और तीसरा कंप्यूटर के जरिये ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। आशा कार्यकर्ता इसे मोबाइल एप और मैसेज के जरिये मंगा सकती हैं, जबकि स्टोरकीपर मैसेज और कंप्यूटर से ऑनलाइन इंडेंट कर भी मंगवा सकते हैं। पहले क्षेत्र के लोगों की जरूरतों के मुताबिक इंडेंट करेंगे। सामग्री आ जाने के बाद फिर उसका क्षेत्र के लोगों के बीच वितरण करेंगे।
परिवार नियोजन पर किया जा रहा फोकसः जिले में परिवार नियोजन को लेकर लगातार फोकस किया जा रहा है। इसे लेकर परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री के वितरण से लेकर समय-समय पर कैंप और मेला भी लगाया जाता है। जहां पर कि लोगों को परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया जाता है। साथ ही किस तरह से बच्चे की प्लानिंग करती है, इसकी जानकारी दी जाती है। दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल और पहला बच्चा 20 साल से पहले नहीं हो, इस बारे में बताया जाता है।

कोरोना टीकाकरण महाअभियान : बेहतर काम करने वाले समुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी होंगे सम्मानित

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– आगामी 4 जनवरी 2022 को जिलाधिकारी के द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों को किया जाएगा सम्मानित

– जिला के 9 सीएचसी/पीएचसी क्षेत्र में 18 से 60 आयुवर्ग के 80 प्रतिशत से अधिक लोग टीकाकृत

मुंगेर, 27 दिसंबर। जिला भर में 18 से 60 आयु वर्ग के लोगों के लिए चलाए गए टीकाकरण महाअभियान में बेहतर काम करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, आई सीडीएस के अधिकारी और कर्मचारी, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि को आगामी 4 जनवरी 2022 को जिलाधिकारी नवीन कुमार के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। मालूम हो कि जिला में कार्यरत सभी 9 सीएचसी और पीएचसी क्षेत्र में 25 दिसम्बर 2021 के आंकड़ों के अनुसार निर्धारित लक्ष्य के 80 प्रतिशत से अधिक की आबादी का कोरोना टीकाकरण किया जा चुका है। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला के सभी सीएचसी/पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, सीडीपीओ सहित सहयोगी संस्थाओं के प्रखण्ड प्रतिनिधि सहित कई अन्य लोगों को सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि बिहार शीघ्र ही 10 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने वाला राज्य बन जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने में मुंगेर जिला के स्वास्थ्य कर्मियों का अहम योगदान है।

मुंगेर के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकरी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि 25 दिसम्बर 2021 के आंकड़ों के अनुसार जिलाभर के सभी सीएचसी/पीएचसी क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 80 प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है। जिला भर में निर्धारित 14,61,586 के लक्ष्य के विरुद्ध कुल 10,16,889 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है। जिसमें 8,38,662 लोगों को वैक्सीन की फर्स्ट डोज़ और 6,22924 लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज़ लगायी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि मुंगेर शहरी क्षेत्र में निर्धारित 2,60,232 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,64,988 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है। जिसमें 1,53,105 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 1,07,127 लोगों को दोनों डोज़ दिया चुका है । धरहरा प्रखण्ड क्षेत्र में निर्धारित 1,32,553 के लक्ष्य के विरुद्ध 92,798 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 75341 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 57212 लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है। असरगंज प्रखण्ड क्षेत्र में निर्धारित 81585 के लक्ष्य के विरुद्ध 56336 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 45708 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 35877लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है। सदर प्रखंड मुंगेर क्षेत्र में निर्धारित 1,32,047 के लक्ष्य के विरुद्ध 93,627 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 75419 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 56,628 लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है। हवेली खड़गपुर प्रखंड क्षेत्र में निर्धारित 2,07,688 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,58,165 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 1,27,186 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 80,502 लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है। बरियारपुर प्रखंड क्षेत्र में निर्धारित 1,25,778 के लक्ष्य के विरुद्ध 85,745 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 68,877 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 56,901 लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है। टेटिया बम्बर प्रखंड क्षेत्र में निर्धारित 75,012 के लक्ष्य के विरुद्ध 52,726 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 42,346 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 32666 लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है। तारापुर प्रखंड क्षेत्र में निर्धारित 1,20,864 के लक्ष्य के विरुद्ध 85,108 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 68,326 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 52,538 लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है। जमालपुर प्रखंड क्षेत्र में निर्धारित 2,22,264 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,52, 150 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 1,22,019 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 1,00,245 लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है। संग्रामपुर प्रखंड क्षेत्र में निर्धारित 1,03,563 के लक्ष्य के विरुद्ध 75,246 लोगों को वैक्सीनेटेड किया जा चुका है जिसमें 60,335 लोगों को फर्स्ट डोज़ और 43,228 लोगों को दोनों डोज़ दी जा चुकी है।

जिले में चल रहा है सघन कालाजार मरीज खोज अभियान

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– घर-घर जाकर की जा रही है मरीजों की खोज, दिया जा रहा चिकित्सा परामर्श
– सभी प्रखंडों में चल रहा है सघन कालाजार मरीज खोज अभियान

खगड़िया, 27 दिसंबर।
कालाजार उन्मूलन को लेकर बीते 23 दिसंबर से ही जिले भर में सघन कालाजार मरीज खोज अभियान चल रहा है। जिसके माध्यम से संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता अपने-अपने पोषक क्षेत्र में कालाजार मरीजों की खोज कर रही और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी से अवगत करा रही हैं। साथ ही इस बीमारी के शुरुआती लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की भी जानकारी दे रही हैं। ताकि ऐसे मरीज समय पर अपना इलाज शुरू करा इस बीमारी को आसानी से मात दे सकें। इस अभियान को सफल बनाने के लिए केयर इंडिया, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ समेत अन्य सहयोगी संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है। वहीं, अभियान को सफल बनाने के लिए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ विजय कुमार, डीभीबीडीसी बबलू सहनी, भीडीसीओ शहनवाज आलम, केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती समेत अन्य पदाधिकारी विभिन्न प्रखंडों का भ्रमण कर मरीज खोज अभियान की मॉनिटरिंग करते दिखे।

– घर-घर जाकर की जा रही है मरीजों की खोज :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ विजय कुमार ने बताया, बुधवार से जिले भर में घर-घर कालाजार मरीज खोज अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता मरीजों की पहचान कर उन्हें इलाज कराने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ताकि संबंधित मरीजों का समय पर इलाज शुरू हो सके और बीमारी को आसानी से मात दी जा सके। वहीं, उन्होंने बताया, इसके अलावा लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।

– सभी पीएचसी में नि:शुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध :
डीभीबीडीसी बबलू सहनी ने बताया, कालाजार मरीजों के इलाज की सुविधा जिले के सभी पीएचसी में नि:शुल्क उपलब्ध है। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पर श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में सरकार द्वारा 7100 रुपये की राशि दी जाती है। पीकेडीएल मरीजों को पूर्ण उपचार के बाद सरकार द्वारा 4000 रुपये श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दिये जाने के प्रावधान की जानकारी उन्हें दी जायेगी। वहीं, उन्होंने बताया, 15 दिनों से अधिक समय तक बुखार का होना कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। भूख की कमी, पेट का आकार बड़ा होना, शरीर का काला पड़ना कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। वैसे व्यक्ति जिन्हें बुखार नहीं हो लेकिन उनके शरीर की त्वचा पर सफेद दाग व गांठ बनना पीकेडीएल के लक्षण हो सकते हैं।

कालाजार उन्मूलन :ग्रामीण चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण

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– सूर्यगढ़ा और पिपरिया के ग्रामीण चिकित्सकों को मिला प्रशिक्षण
– जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया गया प्रशिक्षण

लखीसराय, 27 दिसंबर।
जिले में कालाजार उन्मूलन अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए सोमवार को जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय में ग्रामीण चिकित्सकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कालाजार प्रभावित एरिया में आने वाले सूर्यगढ़ा एवं पिपरिया के ग्रामीण चिकित्सकों को दिया गया। प्रशिक्षण में मौजूद ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षक सह जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार ने कालाजार के लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त ग्रामीण चिकित्सक कालाजार से संबंधित मरीजों की आसानी के शुरुआती दौर में ही पहचान कर सकें और मरीजों को उचित इलाज के लिए आवश्यक जानकारी सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध करा सकें। साथ ही सामुदायिक स्तर पर लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देते हुए बेहतर तरीके से जागरूक कर सकें। इस प्रशिक्षण में भीडीसीओ भगवान दास, गौतम प्रसाद, भीबीडीएस बिनोद कुमार चौबे, दिलीप कुमार मालाकार, केयर इंडिया की प्रखंड समन्वयक ललिता कुमारी आदि मौजूद थी।

– लक्षण वाले मरीजों को जाँच के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान भेजने में करेंगे सहयोग :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार ने बताया, ग्रामीण चिकित्सक अपने क्षेत्र के लक्षणों वाले मरीजों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में जाँच कराने के लिए प्रेरित करेंगे। ताकि ससमय उन्हें बीमारी की सही जानकारी मिल सके और उचित इलाज शुरू हो सके। इसके अलावा ऐसे मरीजों को जाँच कराने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए ग्रामीण चिकित्सक नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुँचने में भी सहयोग करेंगे। साथ ही ऐसे मरीजों को चिह्नित कर स्थानीय पीएचसी को भी जानकारी उपलब्ध करेंगे। इससे ना सिर्फ ऐसे मरीजों की समय पर जाँच और सही बीमारी की जानकारी सुनिश्चित होगी। बल्कि, मरीजों को गंभीर परेशानियाँ का भी सामना नहीं करना पड़ेगा और सुविधाजनक तरीके से आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी।

– लखीसराय और बड़हिया के ग्रामीण चिकित्सकों को आज मिला प्रशिक्षण :
प्रशिक्षक सह जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया, मंगलवार को लखीसराय एवं बड़हिया प्रखंड के ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और प्रशिक्षण में शामिल होने वाले सभी ग्रामीण चिकित्सकों को जानकारी दे गई है।

– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।

– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरुनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं । छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

घर-घर जाकर दी जा रही है टीका की दूसरी डोज

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-राज्य में 10 करोड़ लोगों के टीकाकरण के लक्ष्य में स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका
-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी, टीका के साथ जांच भी चल रही
बांका, 27 दिसंबर।
सूबे में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 10 करोड़ पहुंचने ही वाला है। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका काफी अहम है। 16 जनवरी, जब से टीकाकरण शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक लोगों तक कोरोना का टीका पहुंचाने में स्वास्थ्यकर्मी पूरी भूमिका निभा रहे हैं। शुरुआत में लोगों में टीका के प्रति थोड़ी झिझक थी, जिसे जागरूकता कार्यक्रम के जरिये दूर किया गया। लोगों को समझाया गया कि कोरोना का टीका लेना कितना फायदेमंद है। अब जब काफी संख्या में लोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है तो दूसरी डोज के छूटे हुए लाभुकों को पहले लोगों को टीका देने के लिए स्वास्थ्यकर्मी घर-घर तक पहुंच रहे हैं।

सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो कहते हैं कि जिले में सभी लोगों का जल्द से जल्द टीकाकरण करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। हालांकि बड़ी संख्या में जिले के लोग कोरोना का टीका ले चुके हैं। पहली ही नहीं, बल्कि दूसरी डोज लेने वालों की संख्या लगभग 60 प्रतिशत हो चुका है। लेकिन हमलोगों का लक्ष्य शत प्रतिशत है। इसलिए लोगों के घर तक पहुंचा जा रहा है। खासकर दूसरी डोज देने के लिए स्वास्थ्यकर्मी लोगों के घरों तक जा रहे हैं। इस दौरान अगर कोई पहली डोज भी नहीं लिए रहते हैं तो उनका भी टीकाकरण किया जा रहा है।
लोगों में उत्साह के लिए प्राइज दिया जा रहाः इतना ही नहीं, समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को केयर इंडिया की तरफ से पुरस्कार भी दिया जा रहा है। 31 दिसंबर तक हर सप्ताह लाभुकों को दूसरी डोज समय पर लेने वालों को पुरस्कार दिया जा रहा है। अभी यह योजना चल ही रही है। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक टीका नहीं लिया है, वे लोग जल्द से जल्द नजदीकी केंद्रों पर जाकर दूसरी डोज ले लें, हो सकता आप भी पुरस्कार के भागीदार बनें।
जिले में प्रतिदिन हो रहा टीकाकरणः जिले में प्रतिदिन कोरोना का टीकाकरण हो रहा है। बीच-बीच में अभियान भी चलाया जा रहा है। इसे लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। जिले के सभी लोग जल्द से जल्द टीका ले लें, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। साथ ही कोरोना की तीसरी लहर से जिलेवासी बचे रहें, इसे लेकर जांच भी लगातार हो रही है। जांच या टीकाकरण के बाद लोगों को गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी रखने को कहा जा रहा है। साथ ही बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई करने के लिए कहा जा रहा है। ऐसा करते रहने से तीसरी लहर आने की संभावना कम होगी।

महाअभियान में टीका लेने वालों ने दिखाया उत्साह

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-588 टीकाकरण केंद्रों पर काफी लोगों ने लिया कोरोना का टीका
-शहरी क्षेत्र के 53 केंद्रों पर भी काफी लोगों ने लिया कोरोना टीका
भागलपुर, 27 दिसबंर
सूबे में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 10 करोड़ पहुंचने जा रहा है तो इसमें भागलपुर का योगदान भी कम नहीं है। यहां प्रतिदिन तो टीकाकरण हो ही रहा है, साथ ही इसे गति देने के लिए बीच-बीच में महाअभियान भी चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को एक बार फिर से महाअभियान चलाया गया, जिसमें काफी संख्या में लोग कोरोना का टीका लेने के लिए सामने आए। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग लोगों तक टीका पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है तो दूसरी आमलोग भी टीका लेने के लिए बड़ी संख्या में सामने आ रहा है। लोगों का उत्साह सोमवार को अभियान के दौरान दिखा भी। इसे लेकर जिले में कुल 588 टीकाकरण केंद्र बनाए गए थे, इनमें से सिर्फ शहरी क्षेत्र में ही 53 केंद्र थे। सभी केंद्रों पर काफी संख्या में लोग कोरोना का टीका लेने के लिए सामने आए। पांच बजे तक इन केंद्रों पर 26554 हजार लोगों ने कोरोना का टीका ले लिया था।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि कोरोना टीकाकरण को लेकर लोगों का उत्साह काफी सकारात्मक संकेत है। स्वास्थ्यकर्मी तो दिन-रात एक किए ही हुए हैं, लेकिन आमलोगों का भी टीका लेने के लिए सामने आना अच्छी बात है। जब तक जिले के सभी लोगों का टीकाकऱण नहीं हो जाता है, तब तक जिले में लगातार टीकाकरण चलता रहेगा। लोगों से मेरी अपील है कि जल्द से जल्द आप कोरोना का टीका ले लें, जिससे कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना कम हो जाए। अगर लोग सावधानी का पालन करेंगे तो तीसरी लहर आने की संभावना कम से कम रहेगी।
दूसरी डोज देने के लिए बनाई गई है स्पेशल टीमः कोरोना टीका की दूसरे डोज देने के लिए आठ प्रखंडों के लिए बनाई गई है स्पेशल टीम। सबौर और नाथनगर की कमान संभाल रहे हैं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी तो कहलगांव की जिम्मेदारी डीपीएम फैजान आलम अशर्फी के पास है। सन्हौला में लोगों को दूसरी डोज पूरी करने की जिम्मेदारी संभाल रही हैं केयर इंडिया की डीटीओ डॉ. सुपर्णा टाट, जबकि सुल्तानगंज, शाहकुंड और शहरी क्षेत्र की जिम्मेदारी सिविल सर्जन खुद निभा रहे हैं। इन प्रखडों में छुटे हुए लाभुकों को दूसरी डोज दिलवाने के लिए ये लोग लगातार निगरानी कर रहे हैं।
इंकार करने वालों को भी दिया जा रहा टीकाः जिले के जिन लोगों ने कोरोना का टीका लेने से इंकार कर दिया था, उनलोगों के घरों तक भी स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच रही है। ऐसे लोगों को भी समझाकर कोरोना का टीका दिया जा रहा है। उनके मन में जो भी भ्रम था, उसे दूर कर कोरोना का टीका दिया जा रहा है। अब तक ऐसे सैकड़ों लाभुकों को भी कोरोना का टीका दिया जा चुका है। एक-दूसरे को कोरोना का टीका लेता देख भी लोगों के मन से इसके प्रति भ्रम दूर होता जा रहा है।