अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन द्वारा राज्य स्तरीय कन्वेंशन का आयोजन

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– बिहार से पलायन करने को मजबूर मजदूर
-सरकार मजदूरों के हित में काम नहीं कर रही है
-समाज में किसान व मजदूर पूंजीवाद से जूझ रहे हैं
पटना:
बिहार के आई.एम.ए हाल गांधी मैदान, पटना में गुरुवार को अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन द्वारा खेत मजदूरों का वर्तमान स्थिति पर संयुक्त राज्य स्तरीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कॉमरेड शशिकांत झा ने लोक संगीत के साथ की व मुख्य अतिथि के रूप में केरल से आए कॉमरेड शिवदासन ने की। कॉमरेड शिवदासन ने बताया कि किस तरह से नोटबंदी से किसान बैंक व इंश्योरेंस कर्मचारी और निजी क्षेत्र में काम कर रहे लोग प्रभावित हुए। अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बताया की आज के समाज में किसान व मजदूर किस तरह से पूंजीवाद से जूझ रहे हैं। बिहार की तुलना केरल राज्य से करते हुए उन्होंने बताया की केरल में सरकार द्वारा 75 वर्ष से ऊपर के मजदूर को प्रति माह 1700 रुपए व बिहार में 80 वर्ष से ऊपर के मजदूरों को मात्र 500 रुपए ही सरकार के तरफ से पेंशन के रूप में दिया जा रहा है।
बिहार के अलग अलग जिलों से आए मजदूर, किसान व सीपीआई के कार्यकर्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की उन्हें पिछले तीन महीनों से कोई भी राशि अनुदान के रूप में प्राप्त नहीं हुई है। जिसके बाद कॉमरेड शिवदासन ने बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनको व उनके मंत्रियों को अपने आराम व सुख सुविधाओं के लिए तो पैसे हैं किंतु बिहार के वरिष्ठ मजदूरों व किसानों को पेंशन के रूप में अनुदान के लिए राशि नही है। उन्होंने यह भी बताया की प्रतिदिन न्यूनतम आय बिहार के मजदूरों की 237 रुपए है जबकि केरल में यह प्रतिदिन न्यूनतम आय 600 रुपए है। बिहार से पलायन करने को मजबूर मजदूरों के हवाले से उन्होंने बताया की जमीन न होने के कारण वे लोग यहां खेती नहीं कर पा रहे हैं और दूसरे राज्य में पलायन को मजबूर हैं। अपनी बातों को खत्म करते हुए उन्होंने कहा की राज्य सरकार मजदूरों के हित में काम नहीं कर रही है। जिससे उन्हें रोजगार और उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो। अंतिम नारा उन्होंने “सबको सम्मान सबको जमीन” और “हम लड़ेंगे हम जीतेंगे” का लगाया।

कोरोना ओमिक्रोन वैरिएंट को  देखते हुए डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और एएनएम को 31 मार्च तक सेवा विस्तार 

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– राज्य स्वास्थ्य समिति  के कार्यपालक निदेशक ने सभी जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को जारी किया पत्र
मुंगेर, 30 दिसंबर
कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट की वजह से संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिला भर में कार्यरत एमबीबीएस डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और एएनएम को 31 मार्च 2022 तक सेवा विस्तार दिया गया है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति पटना के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने मुंगेर सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र जारी किया है।
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि मुंगेर सहित राज्य के सभी जिलों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने और नियंत्रित करने को ले सभी जिलों को एमबीबीएस डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और एएनएम को निर्धारित समय सीमा (3 से 6) माह के लिए रखने का निर्देश प्राप्त हुआ था। इसके साथ ही  30 सितंबर 2021 को राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी पत्र के अनुसार उक्त मानव बल की सेवा अवधि आवश्यकतानुसार 31 दिसम्बर 2021 तक विस्तारित की गई थी। अब कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट की वजह से संभावित तीसरी को देखते हुए मानव बल की सेवा अवधि पुनः 31 मार्च 2022 विस्तारित किया गया है।
संभावित तीसरी लहर को देखते हुए सभी जिलावासी करें कोरोनागाइड लाइन का पालन :
उन्होंने बताया कि इन दिनों कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट की वजह से पूरे देश में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है। मुंगेर में भी एक बार फिर से कोरोना संक्रमित मरीज मिलने शुरू ही गए हैं। इसको ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि जिला के वैसे लोग जिन्होंने किसी कारणवश अभी तक कोरोना की वैक्सीन नहीं ली  है या जिनका वैक्सीनेशन का सेकेंड डोज़ बाकी है वो अनिवार्य रूप से कोरोना वैक्सीन लगवा लें। क्योंकि ऐसा देखा जा है कि जो लोग कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवा चुके हैं उनको संक्रमित होने की संभावना  कम है। यदि वो संक्रमित हो भी जाते हैं तो वो बहुत ही जल्द स्वास्थ्य होते हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 3 जनवरी से 15 साल 18 के किशोरों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। इसके लिए 1 जनवरी से कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा सभी जिलावासी अनावश्यक भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। यदि आवश्यक हो तो जरूरी रूप से मास्क पहनें और एक दूसरे शारीरिक दूरी के कोरोना गाइड लाइन का पालन करें। इसके साथ ही किसी भी चीज को आवश्यक छूने से बचें और आवश्यकतानुसार छूने पर अनिवार्य रूप से साबुन या हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथों को साफ करें।

बारिश से तापमान में गिरावट, सावधान और सतर्क रहने की जरूरत

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– इस मौसम में गर्म कपड़े का करें उपयोग और परेशानी से रहें दूर
– दिन में तेज धूप देख शाम में नहीं बरतें लापरवाही

खगड़िया, 30 दिसंबर-

लगातार दो दिनों से हुई बेमौसम बारिश के कारण तापमान में अचानक गिरावट आ गई। जिसके कारण ठंड में वृद्धि हो गई। हालाँकि, गुरुवार को निकली धूप से जरूर लोगों को कुछ राहत मिली। किन्तु, जैसे-जैसे दिन ढला, वैसे-वैसे तापमान में गिरावट शुरू हो गई और शाम ढलते ही ठंड का अहसास होने लगा है। ऐसे में सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए, सुबह और शाम गर्म कपड़े का उपयोग करने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतें और ठंड के प्रभाव से होने वाली शारीरिक पीड़ा से दूर रहें।

– बदलते मौसम और गिरते तापमान में सतर्कता जरूरी :
खगड़िया सदर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राजीव रंजन ने बताया, बदलते मौसम और गिरते तापमान में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों को गर्म कपड़े का उपयोग करना चाहिए। खासकर सुबह और शाम तो ठंड से होने वाली शारीरिक पीड़ा से दूर रहने के लिए निश्चित रूप से गर्म कपड़े का उपयोग करना चाहिए। ताकि ठंड शरीर को प्रभावित नहीं करे और लोग स्वस्थ रहें।

– ठंड के मौसम में बच्चे और बुजुर्गों का रखें विशेष ख्याल :
ठंड के मौसम में खुद के साथ-साथ बच्चे और बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखना जरूरी है। दरअसल, बच्चे और बुजुर्गों का युवाओं के सापेक्ष रोग-प्रतिरोध क्षमता काफी कम होती है। जिसके कारण ठंड के मौसम में सतर्कता नहीं बरतने पर बच्चे और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ जाती है। ठंड से बच्चे और बुजुर्ग बहुत जल्द प्रभावित हो जाते हैं। इसलिए, ऐसे मौसम में बच्चे और बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें।

– ठंड के मौसम सर्दी-खाँसी और बुखार हो जाती आम बीमारी :
ठंड के आगमन के साथ ही सर्दी-खाँसी, बुखार, साँस संबंधी परेशानी समेत अन्य मौसमी बीमारियों का भी दौर शुरू हो जाता और यह आम बीमारी बन जाती है।  यह किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। ऐसे में सतर्क और सावधान रहना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रतिदिन धूप लगाएँ, इससे शरीर में प्राकृतिक रूप से गर्मी बनी रहेगी। जिससे आप उक्त परेशानी से दूर रह सकते हैं।

– गर्म व ताजा खाने का करें सेवन :
ठंड के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए गर्म व ताजा खाना का सेवन करें। सुबह गुनगुना पानी पीएं। इससे शरीर का तापमान बढ़ेगा और आंतरिक अंग सही तरीके से कार्य करेगा। इसके अलावा बाहर आने-जाने के दौरान गर्म कपड़े साथ जरूर रख लें। ताकि अगर लौटते वक्त शाम हो जाए तो आपको ठंड का सामना नहीं करना पड़े। चाय में अदरक और दूध में हल्दी का सेवन करें और गुड़  का भी भरपूर सेवन करें। यह न सिर्फ आपको ठंड से बचाव करेगा बल्कि अन्य बीमारियों से भी दूर रखेगा।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।

स्तनपान को लेकर महिलाओं को किया जागरूक

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-नवगछिया अनुमंडल के गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया दौरा
-जन्म से छह महीने तक स्तनपान कराने को लेकर माताओं को किया जागरूक
भागलपुर, 30 दिसंबर
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकारी अस्पतालों में तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसे लेकर क्षेत्र में लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। इसके बावजूद कुछ महिलाओं की डिलीवरी घर पर ही हो जाती है। ऐसी महिलाओं को बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक करना जरूरी हो जाता है। इसी सिलसिले में  स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को नवगछिया अनुमंडल के ढोलबज्जा समेत कई गांवों का दौरा किया। टीम में तैनात डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता ने महिलाओं को स्तनपान करने के लिए जागरूक किया। माताओं को स्तनपान से होने वाले फायदे के बारे में बताया और यह कितना जरूरी है इसकी जानकारी दी।
टीम में मौजूद डॉ. असद जावेद ने कहा कि बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करना बहुत ही जरूरी हो जाता है। उन्हें इस बात की ज्यादा जानकारी नहीं होती है कि अभी के समय में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, जिससे बच्चा स्वस्थ रहे। प्रसव के बाद महिलाओं को छह महीने तक स्तनपान कराने के लिए कहा गया। इसके बाद पूरक आहार देने के लिए कहा गया। पूरक आहार में खिचड़ी और खीर खिलाने की सलाह दी गई। साथ ही साफ-सफाई का ध्यान भी रखने के लिए कहा गया। गंदगी की वजह से भी नवजात के बीमार पड़ने की आशंका रहती है। इन बातों पर महिलाओं को सतर्क रहने के लिए कहा गया। साथ ही बच्चे को किसी तरह की परेशानी होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए कहा गया।
स्तनपान कराने से रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है मजबूतः डॉ. जावेद ने कहा कि छह महीने तक बच्चों को  स्तनपान कराने से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने से वह भविष्य में होने वाली किसी भी बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है। अगर बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी, तो वह जल्दी किसी बीमारी की चपेट में आएगा ही नहीं। अगर आ भी गया तो उस पर इसका हल्का असर होगा। इस वजह से वह जल्द ही उससे निजात पा लेगा। साथ ही दो बच्चों के बीच तीन वर्ष का अंतराल रखने के लिए भी कहा गया। इससे भी बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
परिवार नियोजन के प्रति भी किया गया जागरूकः स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दौरे के दौरान लोगों को परिवार नियोजन के प्रति भी जागरूक किया। जो महिला दो बच्चे के बाद भी गर्भवती मिली, उसे प्रसव होने के बाद बंध्याकरण कराने के लिए कहा गया। साथ ही क्षेत्र में जो भी महिलाएं गर्भवती मिलीं, उसे संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक किया गया। नजदीकी सरकारी अस्पतालों में सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। समय पूरा होने के बाद महिलाएं आशा कार्य़कर्ता से संपर्क कर सरकारी अस्पतालों का रुख करें। सरकारी अस्पतालों में प्रसव होने से जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहेगा। साथ ही गर्भवती महिलाओं को नियमित तौर पर जांच कराने के लिए भी कहा गया।

कालाजार उन्मूलन को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण 

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– स्वास्थ्य विभाग द्वारा सदर अस्पताल में दिया गया प्रशिक्षण
– कालाजार के लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की दी गई विस्तृत जानकारी
लखीसराय, 29 दिसंबर-
सदर अस्पताल, लखीसराय में कालाजार उन्मूलन को लेकर कालाजार प्रभावित एरिया की आशा कार्यकर्ताओं का दो  दिवसीय प्रशिक्षण  बुधवार को शुरू हुआ। जिसका गुरुवार को समापन होगा। प्रशिक्षण के पहले दिन जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार ने  आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी आशा कार्यकर्ता अपने पोषक क्षेत्र के लोगों को भी कालाजार से बचाव के लिए आसानी के साथ आवश्यक जानकारी दे सके और  लोगों को समुचित इलाज के लिए प्रेरित कर ससमय सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भेज सके। साथ ही पूरे गाँव के लोग इस बीमारी से सुरक्षित हों। इस प्रशिक्षण में भीडीसीओ भगवान दास, गौतम प्रसाद, भीबीडीएस बिनोद कुमार चौबे, दिलीप कुमार मालाकार, केयर इंडिया की प्रखंड समन्वयक ललिता कुमारी आदि मौजूद थी।
– कालाजार से बचाव के लिए जागरूक और इलाज के लिए प्रेरित करने की दी गई जानकारी :
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही अपने-अपने क्षेत्र में गृह भेंट की तर्ज पर लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने एवं इस बीमारी केषलक्षण वाले व्यक्ति को इलाज के लिए प्रेरित करने की भी विस्तृत जानकारी दी गई। ताकि  लक्षण वाले व्यक्ति का समय पर जाँच के साथ आवश्यक इलाज शुरू हो सके और सामुदायिक स्तर पर भी लोगों को इस बीमारी के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी मिल सके। जिससे शुरुआती दौर में ही लोग सजग हो सकें और आवश्यक कदम उठा सकें। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त व समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, उन्होंने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए जमीन पर नहीं सोएं। मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। दिन में मच्छरदानी लगाकर ही सोएं। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
– कालाजार प्रभावित एरिया की आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण :
भीडीसीओ भगवान दास ने बताया, यह प्रशिक्षण जिले के कालाजार प्रभावित एरिया की आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया। जिसमें सभी आशा कार्यकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रशिक्षण दिया गया, ताकि आशा कार्यकर्ता प्रशिक्षण का उद्देश्य बेहतर तरीके से ग्रहण कर सकें और कालाजार से संबंधित मरीजों की आसानी के साथ शुरुआती दौर में ही पहचान कर सकें तथा मरीजों को उचित इलाज के लिए आवश्यक जानकारी सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध करा सकें। साथ ही सामुदायिक स्तर पर लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देते हुए बेहतर तरीके से जागरूक कर सकें।
– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।
– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरुनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल की अन्दरुनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं। छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

मुंगेर के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में होंगे परिणत

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– 6 प्रखण्ड के 13 गांवों में बनेंगे अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
– 7 प्रखण्ड के 31 गांव में बनेंगे एचएससी सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
मुंगेर, 29 दिसम्बर-
जिलाधिकारी नवीन कुमार के प्रयास से नये वर्ष 2022 में मुंगेर के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), जमालपुर, बरियारपुर, असरगंज और टेटिया बम्बर अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के रूप परिणत हो जाएंगे। इन सभी सीएचसी के भवन निर्माण के लिए भूमि का आवंटन होने के साथ ही एप्रूवल भी फाइनल हो गया है। इसके साथ ही छह प्रखण्ड बरियारपुर, असरगंज, संग्रामपुर, तारापुर, हवेली , धरहरा के 13 गांव में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) और 7 प्रखण्ड बरियारपुर, धरहरा, टेटिया बम्बर, तारापुर, संग्रामपुर, हवेली खड़गपुर और जमालपुर में हेल्थ सब सेंटर (एचएससी) सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण होगा । भवन निर्माण के लिए भूमि के आवंटन के साथ-साथ अप्रूवल भी फाइनल हो गया है।
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला योजना अधिकारी (डीपीसी) विकास कुमार ने बताया कि असरगंज प्रखण्ड के मकवा, बरियारपुर के झौवा बहियार, संग्रामपुर के दुर्गापुर, तारापुर के लौना और मानिकपुर, हवेली खड़गपुर में मुजफ्फरगंज और पहाड़पुर, धरहरा के शिवकुंड, रमनकबाद घटवारी और बाहा चौकी सुंदरपुर में एपीएचसी सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) डे केयर सेंटर के निर्माण के लिए भूमि के आवंटन के साथ ही अप्रूवल भी फाइनल हो चुका है। इसके साथ ही संग्रामपुर के रामपुर, हवेली खड़गपुर के प्रसांडो और सदर प्रखंड के चरौंन में भूमि आवंटन होने बाद अप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने बताया कि इसी तरह से बरियारपुर प्रखण्ड के हरिणमार, नीरपुर और घोरघट, धरहरा के मोहनपुर -खुशापुर, लारैयाटाउंड, महगामा और औड़ाबग़ीचा, टेटियाबम्बर के खागरौन और गौरवडीह, तारापुर के मधुरा, अफजलनगर, गनैली, लौना और परभरा, संग्रामपुर के सपौर जमुआ, कहुआ, कुमरसार, दुर्गापुर, रामपुर, चंदुकि और नवगई, हवेली खड़गपुर के सादोव, बिहाबे, बिलिया, अग्रहन, हथिया, जवायत, खण्डबिहारी और लोहची और जमालपुर प्रखण्ड के चंदनपुरा और फरदा पूर्वी टोला में हेल्थ सब सेंटर सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण होगा। इसके लिए भी भूमि के आवंटन के साथ अप्रूवल फाइनल हो चुका है। इसके साथ ही अन्य कई प्रखण्ड के बहुत से गांवों में हेल्थ सब सेंटर सह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निर्माण के लिए भूमि आवंटन के साथ अप्रूवल की प्रकिया चल रही  है ।

परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री के ऑनलाइन संचालन को लेकर दिया गया प्रशिक्षण 

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– जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, बीसीएम एवं फार्मासिस्ट को दिया गया प्रशिक्षण
– सिविल सर्जन कार्यालय परिसर स्थित सभाकक्ष में दिया गया प्रशिक्षण
खगड़िया, 29 दिसंबर।
सिविल सर्जन कार्यालय परिसर स्थित सभाकक्ष में परिवार नियोजन से संबंधित एफपीएलएमआईएस (फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक इनफॉरमेशन सिस्टम) का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा की अध्यक्षता में  दिया गया। जिसमें जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक,  बीसीएम, एवं फार्मासिस्ट शामिल हुए। प्रशिक्षण में परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री  ऑनलाइन प्राप्त करने सहित रिपोर्टिंग और अन्य संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। जिसके दौरान इंडेंट करने से लेकर रिसीव करने की प्रक्रिया विस्तारपूर्वक बताया गया। जैसे कि, कंडोम, कॉपर टी, अंतरा आदि सामग्री को ऑनलाइन प्राप्त करने की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। ताकि आसानी के साथ ऑनलाइन ऑपरेटिंग सुनिश्चित हो सके। इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीसीएम सुब्रत कुमार दास, केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग के जिला समन्वयक राजेश पांडेय आदि मौजूद थे।
– प्रशिक्षण प्राप्त पदाधिकारियों द्वारा पीएचसी स्तर पर दिया जाएगा प्रशिक्षण :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी पदाधिकारी अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों के सभी एएनएम, आशा कार्यकर्ता समेत अन्य संबंधित कर्मियों को पीएचसी स्तर पर प्रशिक्षण देंगे। जिसमें सभी कर्मियों को बेहतर तरीके से अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार एवं सामग्री वितरण करने की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी कर्मी अपने दायित्व का आसानी के साथ बेहतर तरीके निर्वहन कर सकें और ऑनलाइन सिस्टम का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।
– परिवार नियोजन को लेकर प्रचार-प्रसार करेंगी आशा कार्यकर्ता :
डीसीएम सुब्रत कुमार दास ने बताया, प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आशा कार्यकर्ता परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री को ऑनलाइन मंगवाकर उसे क्षेत्र में वितरण करने का काम करेंगी। साथ ही परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री के इंडेंट से लेकर प्राप्त करने के तरीके और इसका क्षेत्र में किस तरह से प्रचार-प्रसार करना है, इसकी जानकारी वे अपने सहयोगी को भी देंगी। साथ ही सामग्री के वितरण के दौरान इसको लेकर लोगों को जागरूक करने का काम करेंगी। जिसके दौरान लोगों को यह बताया जाएगा कि इसके इस्तेमाल से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है।
– तीन प्रकार से ऑनलाइन प्राप्त की जाएगी परिवार नियोजन की समाग्री :
केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग के जिला समन्वयक राजेश पांडेय ने बताया, परिवार नियोजन सामग्री को ऑनलाइन तीन तरीके से मंगाया जा सकता है। पहला मोबाइल एप के जरिये, दूसरा मोबाइल से मैसेज कर और तीसरा कंप्यूटर के जरिये ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। आशा कार्यकर्ता इसे मोबाइल एप और मैसेज के जरिये मंगा सकती हैं, जबकि स्टोरकीपर मैसेज और कंप्यूटर से ऑनलाइन इंडेंट कर भी मंगवा सकते हैं। पहले क्षेत्र के लोगों की जरूरतों के मुताबिक इंडेंट करेंगे। सामग्री आ जाने के बाद फिर उसका क्षेत्र के लोगों के बीच वितरण करेंगे।

हर तबके के  सकारात्मक सहयोग से जल्द ही 10 करोड़ वैक्सीनेशन का लक्ष्य पार कर जाएगा बिहार 

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– लोगों के सहयोग से पूरी टीम की  मेहनत लाई रंग
– शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को  विभिन्न स्तर पर चलाए जा रहे अभियान
लखीसराय, 29 दिसंबर
बिहार में वैक्सीनेशन का आंकड़ा साढ़े नौ करोड़ के करीब पहुँच चुका है और जल्द ही 10 करोड़ का  आँकड़ा पार कर जाएगा। यह परिणाम सामुदायिक स्तर पर हर तबके के लोगों के सहयोग और चुनौतीपूर्ण दौर में भी स्वास्थ्य विभाग समेत फ्रंटलाइन वर्करों में शामिल अन्य विभागों के पदाधिकारी और कर्मियों की मेहनत से संभव हुआ। प्रदेश में जहाँ 10 करोड़ का आकड़ा पार हो जाएगा। वहीं, लखीसराय जिला भी इस उपलब्धि में अपनी सशक्त भूमिका निभाएगा, जो संपूर्ण जिले वासियों के लिए इस घातक महामारी से बचाव के लिए सबसे सुखद खबर है । इस महामारी को मात देने के लिए बेहतर उपलब्धि भी है। इस उपलब्धि को हासिल करने में स्वास्थ्य विभाग सहित आईसीडीएस, प्रशासन, जीविका, केयर इंडिया, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ समेत अन्य विभागों के एक-एक पदाधिकारी व कर्मी के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं और पूरे जिले वासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
– जिले के  पदाधिकारियों और कर्मियों के सकारात्मक सहयोग से सफलता की राह पर लखीसराय :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, पूरे प्रदेश में 10 करोड़ वैक्सीनेशन के आंकड़ा के साथ  जिला लखीसराय भी बहुत जल्द 10 लाख की उपलब्धि पूरा कर लेगा, जो इस  महामारी से बचाव के लिए सबसे बेहतर उपलब्धि है। किन्तु, यह जिले के तमाम विभागों के एक-एक पदाधिकारी एवं कर्मियों की कडी  मेहनत के साथ-साथ पूरे जिले वासियों के सकारात्मक सहयोग का परिणाम है। इस मुहिम को सफल बनाने  में इन सभी लोगों का सराहनीय योगदान रहा है। मुश्किल भरे दौर में भी जहाँ जिले के तमाम विभागों के पदाधिकारी और कर्मी अपनी जिम्मेदारी पर डटे रहे। वहीं, सामुदायिक स्तर पर लोगों का भी सकारात्मक सहयोग मिलता रहा। मैं जिले वासियों से इस सहयोग को जारी रखते हुए जो भी लोग किसी कारण वश वैक्सीन नहीं ले सके हैं, उनसे जल्द से जल्द वैक्सीनेशन कराने की अपील करता हूँ।
– जिले में लगातार चलाए जा रहे हैं तमाम अभियान :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, इस उपलब्धि में निश्चित तौर पर एक-एक विभागीय पदाधिकारी  एवं कर्मियों का अहम योगदान रहा है। साथ ही सामुदायिक स्तर पर जिलेवासियों का सकारात्मक सहयोग मिलता रहा। इसके अलावा लोगों को वैक्सीनेशन कराने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए लगातार तमाम माध्यमों से अभियान चलाकर जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित करने का प्रयास जारी है। जैसे कि, लगातार मेगा ड्राइव के तहत वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन, घर-घर दस्तक वैक्सीनेशन अभियान, 9-टू-9 वैक्सीनेशन सेंटर की स्थापना समेत अन्य अभियान।
– वैक्सीनेशन अभियान के दौरान सामुदायिक स्तर पर लोगों का मिला साथ :
लखीसराय पीएचसी अंतर्गत चानन क्षेत्र की एएनएम शांति कुमार ने बताया, शुरुआती दौर में लोगों को जागरूक करना निश्चित रूप से थोड़ा कठिन लगा और वक्त भी मुश्किलों से भरा था। किन्तु, मैं सकारात्मक उम्मीद के साथ अपनी जिम्मेदारी की राह पर डटी रही। जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि धीरे-धीरे लोग खुद सहयोग के लिए आगे आने लगे और उत्साह के साथ वैक्सीनेशन का हिस्सा बनने लगे। आज सामुदायिक स्तर पर हुए सकारात्मक बदलाव की  स्थिति यह है कि लाभार्थी खुद फोन कर पूछते हैं कि दीदी मेरे गाँव में वैक्सीनेशन शिविर कब और कहाँ लगेगा।

बिहार में 10 करोड़ टीकाकरण गौरव का क्षण

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-स्वास्थ्यकर्मियों और आमलोगों की भूमिका महत्वपूर्ण
-जल्द ही सभी लोग ले लेंगे कोरोना टीका की दोनों डोज
भागलपुर, 29 दिसंबर
बिहार में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 10 करोड़ पहुंचने वाला है। यह एक चमत्कारिक उपलब्धि है। एक साल से भी कम समय में इस मुकाम तक पहुंचना कोई आसान काम नहीं है। इससे एक सुखद अनुभूति हो रही है। इसमें एक-एक व्यक्ति का योगदान है। स्वास्थ्यकर्मी से लेकर सरकारी कर्मचारी तक। आमलोगों से लेकर जनप्रतिनिध तो डॉक्टर से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसा कहना है  जिले के अलग-अलग क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का।
टीका लेने में लोग दिखा रहे उत्साहः खरीक प्रखंड के मिरजाफरी स्थित मध्य विद्यालय के हेडमास्टर विवेकानंद झा कहते हैं कि हमलोग शुरू से ही लोगों को कोरोना का टीका लेने के लिए जागरूक करते रहते थे। हालांकि किसी भी नई चीज को लेकर लोगों के मन में शंकाएं रहती हैं, कोरोना टीका को लेकर भी था। लेकिन समय के साथ ये सारी बातें पीछे छूट गईं। अब तो लोग टीका लेने में काफी उत्साह दिखा रहे हैं। अगर किसी व्यक्ति ने अभी तक टीका नहीं लिया है तो उसके मन में यह भाव जरूर आता है कि हम पीछे हैं। यही कारण है कि वह तत्काल टीका लेने के लिए केंद्रों तक पहुंच जाते हैं।
टीकाकरण को लेकर बेहतर व्यवस्थाः खरीक बाजार पंचायत की मुखिया इंदु देवी कहती हैं कि कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए सरकार ने टीकाकरण के लिए जो इतने बड़े पैमाने पर व्यवस्था की, वह काफी सराहनीय है। हमलोग क्षेत्र में रहते हैं, इसलिए हमलोगों का भी दायित्व था कि सरकार के प्रयास को सफल बनाएं। ऐसा ही हमलोगों ने किया। पंचायत के एक-एक लोगों तक टीका पहुंचाने में हमलोगों ने दिन-रात एक कर दिया। अब जब यह सुनती हूं कि बिहार में टीकाकरण का आंकड़ा 10 करोड़ पहुंचने वाला है तो सुकून मिलता है। इसमें मेरी पंचायत के लोगों का भी अहम योगदान है।
लोग आसानी से टीका लेने के लिए हो जाते हैं तैयारः एएनएम अनुपम रंजन कहती हैं कि बाढ़ प्राभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों का टीकाकरण करना, चुनौतीपूर्ण तो था ही लेकिन इसमें मजा भी आता था। अभी भी लोगों का टीकाकरण करने के लिए क्षेत्र के सुदूर क्षेत्रों में जा रही हूं। सबसे अच्छी बात टीका के प्रति वहां के लोगों के मन में जो भ्रांतियां थीं, उसे दूर करती रही। लोगों के मन में बहुत छोटी-छोटी बातों को लेकर शंकाएं हैं, जो कि दूर भी आसानी से हो जाया करती हैं। अब तो सभी लोग समझदार हो गए हैं। बचे हुए लोग खुद ही टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं।
आमलोगों की भूमिका सराहनीयः खरीक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नीरज कुमार कहते हैं कि हमारे क्षेत्र के लोग कोरोना के प्रति शुरू से ही जागरूक रहे हैं। जब इसकी शुरुआत हुई थी तो लोग जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। जब टीका आया तो लोग टीकाकरण में अपनी भूमिका निभाने लगे। 10 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचने में आमलोगों की भूमिका सरहानीय है। अगर सभी लोगों का सहयोग नहीं मिलता तो ऐसा नहीं हो पाता। क्षेत्र के छूटे हुए लोगों का भी जल्द ही टीकाकरण हो जाएगा।

टीकाकरण के लक्ष्य तक पहुंचने में सभी लोगों की भूमिका महत्वपूर्णः सीएस

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-बिहार कभी भी 10 करोड़ के टीकाकऱण के आंकड़े को कर सकता है पार
-बांका में भी कोरोना टीका की पहली व दूसरी डोज लेने वालों की संख्या संतोषजनक
बांका, 29 दिसंबर
बिहार 10 करोड़ के टीकाकरण के आंकड़ों को पार करने वाला है। बांका में भी कोरोना टीका की पहली और दूसरी डोज लेने वालों की संख्या काफी संतोषजनक है। इसमें सभी लोगों की भूमिका सराहनीय है। स्वास्थ्यकर्मियों से लेकर आमलोग इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जागरूकता कार्यक्रम से लेकर लोगों को समय पर टीका पहुंचाने में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वास्थ्यकर्मी तो लगातार कोरोना की जांच से लेकर टीकाकरण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अगर प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों ने इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
ऐसा कहना है सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. सुधीर कुमार महतो का। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान में जिस तरह से जिले के लोग अपना उत्साह दिखा रहे हैं, हमलोग जल्द ही लक्ष्य को पा लेंगे। जिले में सभी लोगों का टीकाकरण हो जाने के बाद कोरोना का खतरा कम हो जाएगा। जिले के सभी लोगों का टीकाकरण करने को लेकर प्रतिदिन टीकाकरण हो रहा है। महाअभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। घर-घर जाकर लोगों को कोरोना का टीका दिया जा रहा है। जिले के सभी लोगों के टीकाकरण को लेकर हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
लोगों के मन में कोरोना टीका के प्रति कोई शंका नहीः अमरपुर प्रखंड की भदरिया पंचायत की मुखिया निधि नेहा का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण ही सबसे बेहतर विकल्प है। यही कारण है कि हमलोग लगातार टीकाकरण अभियान में सहयोग कर रहे हैं। लोगों को जागरूक करने से लेकर टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचा रहे हैं। शुरुआत में कोरोना टीका को लेकर लोगों के मन में जरूर भ्रम था, लेकिन अब वह दूर हो गया है। उत्क्रमित उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सरोज कुमार का कहना है कि अब लोगों के मन में टीका के प्रति कोई भ्रम नहीं है। जो भी था वह दूर हो गया है। हमलोगों ने लोगों को समझाया तो अब उनके मन से हर तरह की शंका दूर हो गई है। अब जिले के काफी लोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है, इस वजह से भी लोगों के मन से टीका के प्रति भ्रम दूर हो गया है। इस वजह से भी काफी सारे लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं।
घर-घर जाकर एक-एक लोगों का टीकाकरण हो रहा सुनिश्चितः लखनोदी पंचायत की आशा कार्यकर्ता कविता देवी कहती हैं  एक-एक घर जाकर हर किसी का टीकाकरण सुनिश्चित कर रही हूं। कोई भी व्यक्ति कोरोना का टीका लेने से छूट नहीं जाए, इसलिए घर-घर के एक-एक सदस्यों की जानकारी लेती हूं। इसमें अब लोग भी काफी सहयोग कर रहे हैं। हमारे क्षेत्र में अधिकतर लोगों का टीकाकरण हो गया है। जिनलोगों की दूसरी डोज बाकी है, उन्हें समय पर जाकर लगवा आउंगी। लोगों के मन में टीका के प्रति अब कोई संदेह नहीं है। पहले जरूर लोग टीका लेने से हिचकते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।