चंपारण के लाल को केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति ने बनाया छात्र प्रतिनिधि

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-शोधार्थियों व विद्यार्थियों में हर्ष का माहौल
-आबिद रज़ा को छात्र प्रतिनिधि बनाने से सत्याग्रह भूमि का मान बढ़ा
-छात्र हित से जुड़े मुद्दे को पहली प्राथमिकता

पटना
गांधी की कर्मभूमि वर्धा स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ला द्वारा छात्र प्रतिनिधि चंपारण के लाल आबिद रज़ा को बनाया गया है । गांधी के सत्याग्रह की प्रयोगभूमि चम्पारण के लाल को छात्र प्रतिनिधि बनाएँ जाने से शोधार्थियों व विद्यार्थियों में हर्ष का माहौल है। वही चंपारण निवासी व वर्धा केंद्रीय विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग के शोधार्थी व युवा गांधीवादी दीपेन्द्र बाजपेयी ने माननीय कुलपति जी का आभार जताते हुए कहा कि बिहार के सुदूरवर्ती क्षेत्र से आनेवाले आबिद रज़ा को छात्र प्रतिनिधि बनाने से सत्याग्रह भूमि का मान बढ़ाया है। विदित हो कि विश्वविद्यालय में आबिद रेज़ा जनसंचार विभाग के शोधार्थी है। आबिद का कहना कि कोरोनाकाल में जिस तरह से प्रो. शुक्ल ने इस विश्वविद्यालय के छात्रावासों में रह रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य, अकादमिक गतिविधियों का पूरा ध्यान में रखा। उसी प्रकार से छात्र हित से जुड़े मुद्दे को पहली प्राथमिकता दी जाएंगी। जिससे छात्र एवं छात्राएं अपनी शिक्षा पूरी कर इस विश्वविद्यालय के मान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाए। आबिद पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ पदमौल निवासी एजाजुल हक के सुपुत्र है।

सिंझा इंटरनेशनल जल्द करेगी बाकी राज्यों में भी विस्तार

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दिल्ली की आई एस ओ प्रमाणित कम्पनी सिंझा इंटरनेशनल माकेंट के अपने दो साल के अनुभव के साथ काफी अच्छी सफलता हासिल की है। कम्पनी बहुत ही कम समय में कई राज्यों मे अपना विस्तार कर चुकी है और जल्द ही गुजरात और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरो मे कदम रख सकती है।
कम्पनी के निदेषक दिनेश सिंदवानी और पंकज झा हैं। निदेषक दिनेश ने बताया की हमारी कम्पनी कॉस्मेटिक्स, आयूर्वेदिक तथा खाद्दय उत्पादन के क्षेत्र में काम करती है। हमारी कम्पनी आई एस ओ, जी एम पी,आयुष , एफ एस एस ए आई प्रमाणित है।

उन्होंने कहा हमारे उत्पादों की गुणवत्ता काफी उच्च स्तर की है जिससे हमें अच्छे परिणाम मिल रहे हैं, हम अभी अपने उत्पाद देश के कई राज्यों जैसे- पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में सिंझा ब्रांण्ड नेम से उत्पादों की आपूर्ति कर रहे हैं। हमें बाजार में अच्छा सहयोग मिल रहा है जिससे कम्पनी का मनोबल बढ़ा है। सर्दियों में होने वाली अलग अलग समस्यायों जैसे घुटनो व जोड़ो के दर्द के लिए आर्थो उत्पाद, त्वचा सम्बंधित समस्याओ के लिए कोल्ड क्रीम, बॉडी लोशन और मॉइस्चराइजर एवम इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सर्दियों का तोहफा शहद को भी बाजार में उपलब्ध कराया गया है सिंझा इंटरेनशनल का एकमात्र्र उद्देशय यही है की ग्राहक की हर कसौटी पर खरा उतरे

सीबीएसई ने ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल के साथ छात्रों को कुशल बनाने जॉब रोल्स के लिए एमओयू किया साईन

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सीबीएसई के साथ यह उपलब्धि हासिल करने वाला बीएंडडब्ल्यूएसएससी पहला सेक्टर स्किल काउंसिल बना

नई दिल्ली: स्कूली छात्रों के बीच समग्र कल्याण और रोजगार कौशल को बढ़ावा देने की दृष्टि से, सीबीएसई ने ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल के साथ 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए ब्यूटी एंड वेलनेस के क्षेत्र में छात्रों को कुशल बनाने जॉब रोल्स के लिए एमओयू साईंन कर लिया है। सीबीएसई के साथ यह उपलब्धि हासिल करने वाला बीएंडडब्ल्यूएसएससी पहला सेक्टर स्किल काउंसिल बन गया है। सीबीएसई अध्यक्ष मनोज आहूजा की उपस्थिति में सीबीएसई निर्देशक कौशल शिक्षा और प्रशिक्षण, डॉ. बिस्वजीत साहा और बीएंडडब्ल्यूएसएससी सीईओ मोनिका बहल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस सहजीवी संघ का उद्देश्य स्कूली छात्रों के लिए चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत मुख्यधारा की शिक्षा के साथ-साथ कौशल शिक्षा में प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करना है।
इस संयुक्त पहल पर टिप्पणी करते हुए सीबीएसई अध्यक्ष मनोज आहूजा ने कहा, “हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुसार स्कूली छात्रों को कम से कम 50 प्रतिशत कौशल शिक्षा का अनुभव होना चाहिए। इस सहयोग में आगे स्कूल इकोसिस्टम में ‘कौशल शिक्षकों का प्रशिक्षण’ भी शामिल होगा; और बीएंडडब्ल्यूएसएससी के समर्थन से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सीबीएसई स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हों। मुझे बेहद गर्व है कि सीबीएसई ने बीएंडडब्ल्यूएसएससी के साथ मिलकर 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए कौशल के रूप में योगा जैसे विषय को भी लॉन्च किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, छात्रों के लिए शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और मानसिक कल्याण सहित समग्र शिक्षा की बात करती है; और योगा समग्र विकास का एक अभिन्न अंग है। स्कूली छात्रों के लिए योगा को एक कौशल विषय के रूप में संस्थागत बनाने का यह प्रयास ना सिर्फ उन्हें रोजगार योग्य बनाएगा बल्कि उनके अपने 360-डिग्री विकास में भी सहयोग देगा।
स्कूलों में कौशल शिक्षा की शुरूआत, छात्रों को परिभाषित करियर पथ की ओर केंद्रित करने में मदद देगा और उन्हें भारत की गिग अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने और सम्मानजनक आजीविका कमाने में भी मदद देगा।
मोनिका बहल सीईओ- बीएंड डब्ल्यूएसएससी के अनुसार “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी-2020) के तहत, नौवीं से बारहवीं कक्षा के सीबीएसई छात्रों के लिए सौंदर्य और योग एनएसक्यूएफ अनुपालन कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। बीएंडडब्ल्यूएसएससी इन विषयों में सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों के लिए ‘ट्रेन द ट्रेनर’ कार्यक्रम भी आयोजित करेगा, ताकि उनके छात्रों के उद्योग के लिए आवश्यक कौशल आधारित प्रशिक्षण को संरेखित किया जा सके। छात्र कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए एनएसक्यूएफ स्तर 3 पाठ्यक्रम और कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए एनएसक्यूएफ स्तर 4 पाठ्यक्रम चुन सकते हैं। ये कौशल आधारित पाठ्यक्रम छात्रों को उनकी स्कूली शिक्षा पूरी होने पर नौकरी/व्यवसाय के लिए तैयार कर देंगे और बीएंडडब्ल्यूएसएससी इसमें उनकी सहायता करेंगे।ये वोकेशनल कोर्स दो साल की अवधि के लिए चलेंगे और स्कूलों में केवल छात्रों को उनकी चुनी हुई स्ट्रीम में कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित किए जाएंगे। स्कूलों में कौशल-आधारित शिक्षा की शुरूआत से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अपने चुने हुए कौशल विषय में एक अच्छी तरह से परिभाषित करियर पथ पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी ऊर्जा का उपयोग करने में मदद मिलेगी और उन्हें भारत की गिग अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने और सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में भी मदद मिलेगी।

फाइलेरिया उन्मूलन:  आईडीए अभियान का सेन्ट्रल टीम ने किया निरीक्षण 

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– जिले के सभी प्रखंडों का किया निरीक्षण, मेडिकल टीम को दिए आवश्यक निर्देश
– रात्रि रक्तपट संग्रह के सभी सेंटाइनल एवं रेंडम साइटों का भी किया निरीक्षण, ली आवश्यक जानकारी
शेखपुरा, 24 दिसंबर।
फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में संचालित आईडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान का निरीक्षण करने के लिए शुक्रवार को नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के पदाधिकारी डाॅ अतुल मित्तल के नेतृत्व में सेन्ट्रल टीम शेखपुरा पहुँची। जहाँ डाॅ अतुल के नेतृत्व में टीम द्वारा जिले के शेखपुरा, शेखोपुरसराय, अरियटी एवं बरबीघा प्रखंडों का भ्रमण कर निरीक्षण किया गया। जिसके दौरान मेडिकल टीम द्वारा गृह भेंट की तर्ज पर घर-घर जाकर लोगों को खिलाई जा रही अल्बेंडाजोल, डीईसी और आईवरमेक्टिन की दवा के बारे मेडिकल टीम से विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद मेडिकल टीम को आवश्यक निर्देश दिए। इससे पूर्व सेन्ट्रल टीम ने रात्रि रक्तपट संग्रह के सभी सेंटाइनल एवं रेंडम साइटों का भी निरीक्षण किया। जिसके दौरान मौजूद पदाधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली। इस मौके पर सिविल सर्जन डाॅ पृथ्वीराज, जिला वेक्टर बोर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह, जिला वेक्टर रोग जनित पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
– तीन जिले में राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में चलाया जा रहा है आईडीए अभियान :
निरीक्षण टीम का नेतृत्व कर रहे डाॅ अतुल मित्तल ने बताया, राज्य के तीन जिलों में आईडीए अभियान राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में चलाया जा रहा है। जिसमें शेखपुरा, औरंगाबाद और शिवहर जिला शामिल हैं। वहीं, उन्होंने बताया, इसबार फाइलेरियारोधी अर्थात फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए अल्बेंडाजोल, डीईसी और आईवरमेक्टिन की दवा, टीम में शामिल ऑगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, स्वयंसेवकों समेत अन्य कर्मियों के सहयोग से खिलाई जा रही है। अभियान को सफल बनाने में केयर इंडिया, डब्ल्यूएचओ, पीसीआई, यूनिसेफ समेत अन्य सहयोगी संगठन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सहयोग किया जा रहा है।
– निरीक्षण के दौरान संतोषप्रद मिला कार्य, बेहतर कार्य के लिए पूरी टीम की सराहना :
निरीक्षण के बाद सेन्ट्रल टीम स्थानीय जिले के पदाधिकारियों के साथ संध्याकालीन समीक्षात्मक बैठक की। जिसमें उन्होंने बताया, जिले में चल रहे आईडीए अभियान को लेकर कार्य संतोषप्रद मिला। इसके लिए यहाँ के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी धन्यवाद के पात्र हैं। बैठक में मौजूद स्वास्थ्य विभाग सहित केयर इंडिया, डब्ल्यूएचओ, पीसीआई, यूनिसेफ समेत अन्य सहयोगी संगठन के प्रतिनिधियों को बेहतर कार्य का संचालन कराने के लिए कार्यों की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।

कोरोना के बीच सही पोषण से ही मजबूत होगी बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, खानपान का रखें विशेष ख्याल

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– कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए बच्चों के साथ ही किशोर व युवा भी रहें सावधान
– मास्क और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए साफ-सफाई का भी रखें विशेष ख्याल
मुंगेर, 24 दिसम्बर ।
जिले में कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच लगातार बदल रहें मौसम के कारण तरह- तरह की मौसमी बीमारी के होने की संभावना भी काफी बढ़ गई है। इसीलिए कोरोना के साथ ही इससे भी बचने के लिए हमें और अधिक सावधान रहने की जरूरत है। इस दौरान बच्चों के साथ ही किशोर व युवाओं को भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सही पोषण का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि सही पोषण ही लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है जो कोरोना संक्रमण से बचने के साथ ही मौसमी बीमारियों से हमें बचाने में भी संजीवनी साबित होगी । इसके साथ ही अभी भी लोगों को मास्क और शारीरिक दूरी के नियम का पूरी सावधानी के साथ पालन करना आवश्यक है।
मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने को पौष्टिक आहार का करें सेवन:-
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के डीपीसी एवं एनआरसी के नोडल अधिकारी विकास कुमार ने बताया, बदलते मौसम में कई तरह की मौसमी बीमारियों के होने की भी संभावना काफी बढ़ जाती है। जैसे कि एलर्जी, सर्दी-खाँसी, बुखार सहित अन्य वायरल टाइप की बीमारियों के भी चपेट में लोग आ जाते हैं। इसलिए इससे बचाव के लिए हरी सब्जी, दाल, साग समेत अन्य पौष्टिक आहार का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। बच्चों के सही पोषण का उनके माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को विशेष ख्याल रखना चाहिए और ससमय खाना खिलाना चाहिए।
कोरोना सहित अन्य मौसमी बीमारियों के संक्रमण से बचने को समय पर खाएं खाना :—-
उन्होने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए प्रत्येक दिन समय पर खाना खाएं और पर्याप्त मात्रा में उचित व शुद्ध पानी का सेवन करें। हरी सब्जी व साग का ज्यादा उपयोग करें। इससे हमारे शरीर में पोषक तत्व बढ़ता है और हमें बीमारी से लड़ने में सहयोग करता।
बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए साफ -सफाई का भी रखें विशेष ख्याल :
उन्होंने बताया कि सभी तरह की बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए सभी लोग साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखें और घर से लेकर आसपास की जगहों पर भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। ब्लीचिंग पाउडर का नियमित रूप से छिड़काव कराएं। साथ ही आसपास के लोगों को भी साफ- सफाई के प्रति जागरूक करें। इसके अलावा रहन-सहन के तरीके में भी वदलाव लाएं। जो हमें बीमारी के दायरे से बचाए एवं हम अस्पताल जाने से बचें।
शरीर में पानी की नहीं होने दें कमी:
उन्होंने बताया कि शरीर में पानी की कमी होने के कारण भी तरह- तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। इसके लिए लगातार शुद्ध पानी पीएँ। बाहर निकलने यानी यात्रा के दौरान पानी साथ लेकर चलें।
सभी लोग अनिवार्य रूप से करें कोरोना गाइडलाइन का पालन :
– सभी लोग घर से बाहर निकलने की स्थिति में मास्क, गमछा, रुमाल या अन्य कपड़े से अपने नाक और मुंह को ढकें ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को कम से कमतर किया जा सके।
– सभी लोग भीड़ भाड़ वाले स्थान पर जाने की स्थिति में शारीरिक दूरी के नियम के तहत कम से कम दो गज या छह फीट के नियम का पालन करें ।
– सभी लोग कुछ भी छूने कि स्थिति में साबुन या हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथों को एक निश्चित अंतराल के बाद साफ करें ताकि हाथों के जरिये कोरोना वायरस का संक्रमण न फैलने पाए।
– संक्रमण वाली जगहों या जहां पर पर साफ -सफाई नहीं हो वहा खाना खाने से बचना चाहिए।
– घर के आसपास गंदगी जमा नहीं होने दें।
– संक्रमण वाले स्थानों से दूर रहें।

कोविड मेगा ड्राइव: विशेष वैक्सीनेशन शिविर में वैक्सीन से वंचित लोगों को लगाया गया टीका

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– 206 जगहों पर घर-घर जाकर सुविधाजनक तरीके से दी गई वैक्सीन
– प्रत्येक लाभार्थियों को प्राथमिकता के तौर पर लगाया गया सुरक्षा का टीका
लखीसराय, 24 दिसंबर।
जिले में शत-प्रतिशत लोगों का कोविड-19 वैक्सीनेशन जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को लेकर लगातार विशेष वैक्सीनेशन के तहत शिविर आयोजित कर लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। जिसका सार्थक परिणाम भी दिखने लगा है। वहीं,  फिर जिलेभर में कोविड मेगा ड्राइव चलाया गया। जिसके माध्यम से जिले के सभी प्रखंड में विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर वैक्सीन से वंचित लोगों को वैक्सीनेटेड किया गया। शिविर के सफल संचालन के लिए सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती समेत अन्य पदाधिकारी विभिन्न सेशन साइटों का मॉनिटरिंग करते दिखे।
– लोगों के सकारात्मक सहयोग से वैक्सीनेशन अभियान को मिल रही गति :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, जिले में कुल 206 जगहों पर घर-घर जाकर मेगा कोविड ड्राइव के तहत स्वास्थ्य टीम द्वारा वैक्सीनेशन  किया गया। सभी जगह लोग उत्साह के साथ वैक्सीनेशन कराते दिखे, जो सामुदायिक स्तर पर  बड़े सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने बताया, लगातार लोगों का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है। जिसका परिणाम यह है कि अबतक जहाँ पूरे प्रदेश में टीका लेने वालों की संख्या 09 करोड़ पार गई। वहीं, लखीसराय में साढ़े आठ लाख से अधिक लोग वैक्सीनेशन करा चुके हैं। जो जिले वासियों के सकारात्मक सहयोग का परिणाम है।  उन्होंने बताया, अगर इसी तरह लोगों का सहयोग मिलता रहेगा तो ना सिर्फ सरकार के डेडलाइन के अनुसार 10 करोड़ का आकड़ा पूरा होगा बल्कि, टीका लेने वालों की संख्या बहुत जल्द ही  इससे भी बड़ी हो जाएगी।
– एक-एक लाभार्थी का प्राथमिकता के तौर किया गया वैक्सीनेशन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, मेगा ड्राइव के तहत जिले के सभी प्रखंडों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित की गई। सभी सेशन साइटों पर दोनों डोज की वैक्सीन दी गई। जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो, इसको लेकर वैक्सीन से वंचित प्रत्येक व्यक्ति का प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन किया गया। इसको लेकर सभी सेशन साइटों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती एवं वैक्सीन वाइल की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। ताकि एक भी व्यक्ति को वैक्सीन के अभाव में लौटना नहीं पड़े। वहीं, उन्होंने बताया, मेगा वैक्सीनेशन ड्राइव के तहत जिले में कुल 206 जगहों पर घर-घर जाकर वैक्सीन दी गई। ताकि जो लोग शिविर स्थल तक आने में असमर्थ थे, उन्हें भी सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा सके और ऐसे  लाभार्थियों का भी वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और अभियान सफल हो सके।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

तृतीय साप्ताहिक पुरस्कार वितरण शिविर आयोजित, विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

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– वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले विजेता लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत
– जिले के विभिन्न पीएचसी में शिविर आयोजित कर किया गया पुरस्कार वितरण

खगड़िया, 24 दिसंबर
शुक्रवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों के विभिन्न पीएचसी में निर्धारित समय पर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को सम्मानित करने के लिए तीसरे सप्ताह का पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्वास्थ्य विभाग द्वारा केयर इंडिया के सहयोग से आयोजित हुआ । जिसमें निर्धारित समयावधि के एक सप्ताह अंदर वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों के बीच बम्पर एवं सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया। लक्की ड्रा के माध्यम से विजेता बने सभी लाभार्थियों को पुरस्कृत किया गया। वहीं, सभी जगह उपहार पाने के बाद सभी लाभार्थी काफी उत्साहित दिखे एवं इस पहल की सराहना की। सिविल सर्जन डॉ अमरनाथ झा, डीआईओ डाॅ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, डीटीओ-ऑन चंदन कुमार, डीटीओ-एफ हरि कृष्णा नायक, एफपीसी राजेश पांडेय, प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी, करण कुमार समेत अन्य पदाधिकारी विभिन्न शिविर स्थलों का निरीक्षण करते दिखे।

– सभी जगह एक-एक लाभार्थी को मिला बंपर पुरस्कार :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, जिले के विभिन्न प्रखंडों में तृतीय साप्ताहिक सम्मान सह पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से नियमानुसार सभी जगह यानी प्रत्येक प्रखंड में एक-एक लाभार्थी को बंपर पुरस्कार दिया गया। जबकि, बड़ी संख्या में लोगों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, बम्पर पुरस्कार के रूप तीन हजार रुपये और सांत्वना पुरस्कार के रूप में एक हजार रुपये का सामान दिया गया। उन्होंने बताया, जो लाभार्थी शिविर में किसी कारणवश नहीं आ पाएं, उनका उपहार सुरक्षित रहेगा और निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो पहला डोज ले चुके हैं और दूसरा डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरी कर चुके हैं, वह निश्चित रूप से निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन कराकर पुरस्कार का हकदार बनें। जो अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन नहीं ले पाएं है, वह वैक्सीनेशन कराकर इस घातक महामारी से खुद को सुरक्षित करें।

– वैक्सीन वंचित लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें विजेता लाभार्थी :
डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार ने विजेता लाभार्थियों से अपील करते कहा, आपलोग अपने माध्यम से भी अन्य लोगों को वैक्सीन लेने के लिए भी अपील करें। यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी भी है और समाजहित में बेहतर कदम भी । वहीं, उन्होंने कहा, इस घातक महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन ही सबसे बेहतर और कारगर उपाय है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि जल्द से जल्द सभी लोग वैक्सीनेशन कराएं और सुरक्षित रहें।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता द्वारा मरीजों को वितरित किया गया कंबल

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• महावीर वात्सल्य अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में वितरित किये गये 30 कंबल
• डॉ. सुरेंद्र, निदेशक, महावीर वात्सल्य अस्पताल ने जताया लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता का आभार
पटना/ 24 दिसंबर- सिहरन वाली सर्दी में चैन से सोने के लिए सभी को कंबल और रजाई का सहारा है. ऐसे में किसी स्वास्थ्य परेशानी के कारण अगर व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होना पड़े तो समस्या और बढ़ जाती है. खासकर गर्भवती और धात्री माताओं को सर्दी के मौसम में विशेष सावधानी रखने की जरुरत होती है. सर्दी से बचना माँ और बच्चे दोनों के लिए आवश्यक होता है. इन बातों का ध्यान रखते हुए लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता के सौजन्य से आज महावीर वात्सल्य अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में मरीजों के बीच में 30 कंबल वितरित किये गये.
मैटरनिटी वार्ड में वितरित किये गये 30 कंबल:
लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता द्वारा महावीर वात्सल्य अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में आज 30 कंबल मरीजों के बीच वितरित किये गए. डॉ. सुरेंद्र, निदेशक, महावीर वात्सल्य अस्पताल ने वार्ड में मरीजों के बीच कंबल का वितरण किया. इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. सुरेंद्र ने लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की इस पहल का आभार जताया और बताया, संस्थान में मरीजों की सभी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाता है और लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की इस पहल से मरीजों को और राहत मिलेगी.
लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता ने निभाया अपना कर्तव्य:
लायंस क्लब ऑफ़ पटना- अनंता की डॉ. नंदा गर्ग ने बताया, मरीजों के बीच कंबल का वितरण कर हमने अपना मानवीय कर्तव्य निभाया है. महावीर वात्सल्य अस्पताल अपने मरीजों का पूरी तरह से ध्यान रखने में सक्षम है और कंबल वितरित कर हमने सिर्फ मरीजों को थोड़ी और राहत दी है. कडकडाती सर्दी में मरीजों को थोड़ी सहूलियत हो जाये, बस यही हमारा उद्देश्य है. डॉ. गर्ग ने बताया, आने वाले दिनों में और कुछ जगहों पर कंबल का वितरण किया जायेगा

फुल्लीडुमर, चांदन, बेलहर और रजौन के लाभुकों को मिला पुरस्कार

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-समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को दिया गया पुरस्कार
-टीका की दूसरी डोज समय पर लेने पर आप भी जीत सकते हैं पुरस्कार
बांका, 24 दिसंबर ।
जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को पुरस्कार देने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को जिले के फुल्लीडुमर, चांदन, बेलहर और रजौन के लाभुकों को कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने की वजह से लक्की ड्रॉ के तहत पुरस्कार दिया गया। सभी प्रखंडों से एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जा रहा है। आप भी बन सकते हैं पुरस्कार के भागीदार, इसलिए देर मत कीजिए। कोरोना टीका की पहली डोज लेने के बाद समय पूरा हो गया है तो जल्द दूसरी डोज लगवा लें। आपको भी मिल सकता है इनाम।
बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट और दिवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया गया। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।
छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करेः सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।
उपलब्ध करायी जा रही सूचीः लकी ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लक्की ड्रॉ की पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लक्की ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है।

टीबी मरीजों की पहचान को लेकर जीविका दीदियों को दिया गया प्रशिक्षण

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-नवगछिया में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से केएचपीटी ने दिया प्रशिक्षण
-क्षेत्र की जीविका दीदियों को टीबी के लक्षण के बारे में दी गई जानकारी
भागलपुर, 24 दिसंबर।
2025 से पहले भागलपुर को टीबी से मुक्त करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। इसी सिलसिले में गुरुवार को नवगछिया के कदम संकुल स्तरीय संघ तेतरी में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से कर्नाटका हेल्थ प्रमोशनल ट्रस्ट (केएचपीटी) की ओर से जीविका दीदियों को टीबी मरीजों की पहचान को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। केएचपीटी के राज्य प्रमुख सौरव आनंद और जिला प्रमुख आरती झा ने जीविका दीदियों को क्षेत्र में भ्रमण के दौरान टीबी मरीजों की पहचान कैसे करनी है, इसका प्रशिक्षण दिया। इस दौरान जीविका दीदियों को बताया गया कि जब आप क्षेत्र में भ्रमण करती हैं तो उस दौरान कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसे लगातार तीन सप्ताह से खांसी आ रही हो और बलगम में खून आ रहा हो तो उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल जांच के लिए ले जाएं। रात में पसीना आना, लगातार बुखार रहना, वजन घटना और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या हो तो उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर जांच करवाएं। मौके पर एसटीएलएस जमशेद अहमद संगीता दीदी, निशा दीदी और अन्य लोग भी मौजूद थे।
ज्यादातर मामले घनी आबादी वाले इलाके में मौके पर जीविका दीदियों को बताया गया कि टीबी के अधिकतर मामले घनी आबादी वाले इलाके में पाए जाते हैं। वहां पर गरीबी रहती है। लोगों को सही आहार नहीं मिल पाता है और वह टीबी की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए हमलोग घनी आबादी वाले इलाके में लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। लोगों को बचाव की जानकारी दे रहे और साथ में सही पोषण लेने के लिए भी जागरूक कर रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में टीबी के इलाज की मुफ्त व्यवस्थाः दरअसल, टीबी उन्मूलन को लेकर सरकार गंभीर है। इसी के तहत टीबी की जांच से लेकर इलाज तक की सुविधा मुफ्त है। साथ ही पौष्टिक भोजन करने के लिए टीबी मरीज को पांच सौ रुपये महीने छह महीने तक मिलता भी है। इसलिए अगर कोई आर्थिक तौर पर कमजोर भी है और उसमें टीबी के लक्षण दिखे तो उसे घबराना नहीं चाहिए। नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर जांच करानी चाहिए। दो सप्ताह तक लगातार खांसी होना या खांसी में खून निकलने जैसे लक्षण दिखे तो तत्काल सरकारी अस्पताल जाना चाहिए।
बीच में दवा नहीं छोड़ेः टीबी की दवा आमतौर पर छह महीने तक चलती है। कुछ पहले भी ठीक हो जाते हैं और कुछ लोगों को थोड़ा अधिक समय भी लगता है। इसलिए जब तक टीबी की बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं हो जाए, तब तक दवा का सेवन छोड़ना नहीं चाहिए। बीच में दवा छोड़ने से एमडीआर टीबी होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर कोई एमडीआर टीबी की चपेट में आ जाता तो उसे ठीक होने में डेढ़ से दो साल लग जाते हैं। इसलिए टीबी की दवा बीच में नहीं छोड़ें। जब तक आप पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते हैं तब तक दवा खाते रहें।
टीबी के लक्षण
1. दो हफ़्ते या अधिक खांसी आना- पहले सूखी खांसी तथा बाद में बलगम के साथ खून का आना।
2. रात में पसीना आना-चाहे मौसम ठंड का क्यों न हो।
3. लगातार बुखार रहना
4.थकावट होना
5.वजन घटना
6.सांस लेने में परेशानी होना

बचाव के तरीके-
1. जांच के बाद टी.बी.रोग की पुष्टि होने पर दवा का पूरा कोर्स लें।
2.मास्क पहनें तथा खांसने या छींकने पर मुंह को पेपर नैपकीन से कवर करें।
3.मरीज किसी एक प्लास्टिक बैग में थूकें।
4.मरीज हवादार और अच्छी रौशनी वाले कमरे में रहें। एसी से परहेज करें।
5.पौष्टिक खाना खाएं। योगाभ्यास करें।
6.बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तम्बाकू, शराब आदि से परहेज करें।
7. भीड़भाड़ वाली गंदी जगहों पर जानें से बचें।