ऊषा केबल ने भारत सरकार की सस्था आई.एस.आई और बी आइ एस के निर्देश पर लो स्मॉक फाग वाली केबल का निर्माण शुरू किया

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नई दिल्लीः-
ऊषा केबल ग्रुप के निदेशक अमन गुप्ता ने बताया कि हमारी कम्पनी अच्छी गुणवत्ता वाले केबल जैसे-(एफ आर एल एस, एच आर एफ आर तथा फायर सरवाइबल) का निर्माण शुरू कर दिया है, उन्होंने कहा कि अभी अक्टुबर माह की 6 तारीख को दिल्ली के ली मेरिडियन होटल मे भारत सरकार की सस्था आई. एस. आई के अधिकारियों ने देश के सभी बड़ी केबल निर्माता कम्पनियों को बुलाकर एक सभा का आयोजन किया था, जिसमें सभी केबल निर्माता कम्पनियों से अच्छी गुणवत्ता वाले केबल बनाने के लिए कहा गया था उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने कहा कि भारत के पावर सेक्टर मे हाई स्मॉक फॉग एक जटिल समस्या है, अग्नि दुर्गघटना के बाद पता चलता था की ज्यादा तर लोगों की मौतें दम घुटने से होती थी, सरकारी तथा गैरसरकारी दोनो संस्थाओं, पब्लिक सेक्टर के लोगों को भी इसकी वजह से काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
अमन गुप्ता ने कहा कि पहले ब्रिटिस मानक गुणवत्ता के अनुसार केबल बनाया जाता था लेकिन अब भारतीय मानक ब्योरो के पास (एफ आर एल एस, एच आर एफ आर तथा फायर सरवाइबल) केबल बनाने का खुद के पास लाइसेन्स है इस लिए अब हमारी कम्पनी अच्छी गुणवत्ता वाले भारतीय मानक ब्यूरो अनुसार ही केबल बना रही हैं जैसे-(एफ आर एल एस, एच आर एफ आर तथा फायर सरवाइबल केबल) इन केबल से सार्ट सर्किट की वजह से होने वाली दुर्घटनायों को कम किया जा सके ।

पत्रकार ने ली कोरोना की दूसरी डोज ,टीके को जीत का टीका बताया

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– टीके से वंचितों से तत्काल टीकाकरण की अपील

जमुई , 20 दिसम्बर ।
जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत मालवीय नगर , नवडीहा गांव निवासी सह वरिष्ठ पत्रकार डॉ. निरंजन कुमार और नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर मोहल्ला निवासी सह जिला संवाददाता अशोक कुमार सिंहा ने सोमवार को नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर मोहल्ला स्थित काली मंदिर के परिसर में संचालित टीका केंद्र पर जाकर कोरोना रोधी टीका लिया। एएनएम और आंगनबाड़ी सेविका ने पत्रकार द्वय को कोविशील्ड के दूसरे डोज का टीका लगाया और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। बेझिझक वैक्सीन की दोनों डोज लें-
पत्रकार डा निरंजन ने कोरोना रोधी टीका लेने के बाद कहा “यह जिंदगी का टीका है “। उन्होंने 18+ उम्र वर्ग के किन्हीं कारणों से कोविड-19 का टीका लेने से छूट जाने वाले लाभार्थी स्वजनों से अपील करते हुए कहा कि बेझिझक वैक्सीन की दोनों डोज लें और जमुई जिला समेत देश को संक्रमण से मुक्त करने में सहयोग दें।
जिला संवाददाता अशोक कुमार सिंहा ने वैक्सीन को जीत का टीका करार देते हुए कहा कि कोरोना की रोकथाम और इससे बचाव के लिए नामित इंसानों को अनिवार्य रूप से दोनों डोज का टीका लेना चाहिए। उन्होंने संक्रमण को हराने के लिए इसे आवश्यक करार दिया।
उधर कोरोना की रोकथाम के लिए टीका लेने के लिए स्थानीय नागरिक उत्साहित हैं। 18+ के लोग उन्मुक्त भाव से टीका ले रहे हैं।
कोविड की दोनों डोज जरूरी:डा अतुल
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा अतुल कुमार ने दोनों पत्रकारों के कोरोना रोधी का दोनों टीका लेने और वंचित लाभार्थियों से अपील के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने आमजनों से ओमिक्रोन और संभावित तीसरी लहर के प्रभाव को समाप्त करने के कोविड-19 के दोनों डोज लेने के साथ मास्क लगाने की अनिवार्यता को दुहराया।

फ़ाइलेरिया रोधी दवाएं खाएं, स्वयं को और अपने परिजनों को फ़ाइलेरिया से बचाएं

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बिहार के तीन जिले में 21 दिसम्बर से शुरू हो रहा है मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (आई.डी.ए.)

शेखपुरा, 20 दिसम्बर 2021:

बिहार के तीन जिले में 21 दिसम्बर से फाइलेरिया रोग के उन्मूलन के लिए कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार शारीरिक दूरी (दो गज की दूरी), मास्क और हाथों की साफ़-सफाई संबंधी नियमों का अनुपालन करते हुए समुदाय को फाइलेरिया हाथीपांव रोग से बचाने के लिए तीन फ़ाइलेरिया रोधी दवाओं डी.ई.सी., अल्बंडाज़ोल तथा आईवरमेक्टिन के साथ मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (आई.डी.ए.) कार्यक्रमशुरू किया जा रहा है ।

इसी सम्बन्ध में मीडिया की सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति, सीफार एवं ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज द्वारा अन्य सहयोगी संस्थाओं यथा विश्व स्वास्थ्य संगठन, लेप्रा सोसाइटी, केयर और प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मीडिया सहयोगियों के साथ आज एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर डॉ.अशोक कुमार सिंह जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला । उन्होंने बताया कि फाइलेरिया से उन्मूलन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए, कोविड-19 महामारी के दौरान भी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों को जारी रखने के महत्व को स्वीकार करते हुए जिले शेखपुरा ने कल यानि 21 दिसम्बर से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (आई.डी.ए.) कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है । उन्होंने बताया कि इस अभियान में सभी योग्य लाभार्थियों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए डी.ई.सी.,अल्बंडाज़ोल तथा आईवरमेक्टिन की निर्धारित खुराक खिलाई जाएगी । इसके तहत 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को आईवरमेक्टिनदवा सहित 2 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को डी.ई.सी. और अल्बंडाज़ोल की निर्धारित खुराक स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने मुफ्त खिलाई जाएगी एवं किसी भी स्थिति में, दवा का वितरण नहीं किया जायेगा । दवा खिलाते वक़्त ध्यान देना है कि इस दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है । साथ ही साथ विशेष ध्यान रखना है कि यह दवा 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 1 सप्ताह पूर्व माँ बनी माताओं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं खिलाना है ।

जिले के सिविल सर्जन डॉ. पृथ्वी राज ने कहा कि इस दवा का सेवन रक्तचाप, शुगर, अर्थराईटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्ति भी कर सकते हैं और इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के कोई दुष्प्रभाव नहीं होते हैं । यदि किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं तो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं,जो दवा खाने केबाद नष्ट होते हैं ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल एनटीडी कोऑर्डिनेटर डॉ. शांतनु सेन ने बताया कि फाइलेरिया या हाथी पांव रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है। यह रोग मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लू.एच.ओ.) के अनुसार फाइलेरिया, दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है। फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे; हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन), लिम्फेडेमा (अंगों की सूजन) व काइलुरिया (दूधिया सफेद पेशाब) से ग्रसित लोगों को अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में फ़ाइलेरिया के 349 मरीज़ हैं ।

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि जिले के अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाते हुए पूरे प्रयास किये जा रहें हैं कि हर लाभार्थी तक फ़ाइलेरिया रोधी दवाएं पहुंचें और स्वास्थ्यकर्मियों के सामने ही उनका सेवन सुनिश्चित हो । उन्होंने सूचित किया कि जिले में कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए 315 टीमों का गठन किया गया है और किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात कर दी गयी है। डॉ. अशोक कुमार सिंह ने यह भी कहा कि फ़ाइलेरिया उन्मूलन अभियान में इस बात का विशेष ध्यान देना है कि जो लोग अभियान के दौरान घर पर नहीं हैं और दवा खाने से वंचित हो गए हैं, उनमें ऐसी भावना पैदा हो और उन्हें इस तरह जागरूक किया जाये कि वे घर वापस लौटने पर अपने गाँव की आशा के पास जाएँ औए अपने हिस्से की फ़ाइलेरिया रोधी अवश्य दवाएं खाएं ।

प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल के जिला प्रतिनिधि पूंजय शाही ने बताया कि आई.डी.ए. अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधानों के सहयोग से सोशल मोबिलाइजेशन से सम्बंधित गतिविधियां संचालित की जाएँगी।

सीफार के प्रतिनिधि श्याम त्रिपुरारी ने कहा कि इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मीडिया की भूमिका बहुत सशक्त माध्यम है क्योंकि समुदाय में प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूकता अत्यंत शीघ्रता से फैलती है। उन्होंने कहा कि जिले में स्थानीय मीडिया से समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है ताकि, मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम के संबंध में लोगों तक उचित और महत्त्वपूर्ण जानकारियां पहुँच सकें ।

मीडिया सहयोगियों से संवाद के दौरान कई प्रश्नों के उत्तर में विशेषज्ञों ने बताया कि फ़ाइलेरिया के लक्षण शुरुआत में नहीं नज़र आतें हैं इसीलिए, मीडिया द्वारा, समाज के हर वर्ग तक इस बीमारी से जुड़े मुख्य सन्देश और महत्वपूर्ण जानकारियां अवश्य पहुंचाएं । उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से किसी भी जानकारी को बहुत आसानी से पहुँचाया जा सकता है और इसीलिए, मीडिया द्वारा फाइलेरिया रोधी दवा के सेवन और इसके सकारात्मक परिणामों के बारे में जागरूकता फ़ैलाने की बहुत अधिक आवश्यकता है ताकि लोग स्वयं को और अपने परिवार को इस घातक बीमारी से सुरक्षित रख सकें । सभी ने कहा कि फाइलेरिया का पूर्ण रूप से उन्मूलन हो और आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ भविष्य मिल सके ।

अंत में जिले के वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार ने कहा कि मीडिया की भूमिका आई.डी.ए. कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है । उन्होंने मीडिया सहयोगियों से अनुरोध किया कि वे समाचारों और मीडिया कवरेज के माध्यम से लोगों को लिम्फैटिक फाइलेरियासिस (हांथीपांव, हाइड्रोसील आदि) से बचाव के लिए दवा खाने के लिए जागरूक करें ।

कार्यशाला में जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों के साथ ही जिले के मीडिया सहयोगी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एचओ), केयर इंडिया, प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल (पीसीआई)एवं सीफार के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे ।

नाथनगर रेफरल अस्पताल में टीबी मरीजों के समाधान को लेकर हुई बैठक

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-मरीज के साथ उसके परिजनों ने भी शिविर में लिया भाग
-शिविर में सभी लोगों को टीबी से बचाव की दी गई जानकारी
भागलपुर, 20 दिसंबर।
जिला को 2025 से पहले टीबी से मुक्त कराना है। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य समिति ने पूरी ताकत झोंक दी है। स्वास्थ्य विभाग को इस काम में कर्नाटका हेल्थ प्रमोशन ट्रस्ट (केएचपीटी) भी सहयोग कर रहा है। इसी सिलसिले में नाथनगर रेफरल अस्पताल में फॉरमेशन ऑफ केयर एंड सपोर्ट ग्रुप बनाने को लेकर सोमवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में टीबी के 12 मरीज, 3 आशा कार्यकर्ता और कुछ टीबी मरीज की देखभाल करने वाले परिजन शामिल थे। इस दौरान सभी लोगों को टीबी से बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही इलाज को लेकर उचित परामर्श दिया गया। टीवी मरीजों को होने वाली परेशानी को दूर करने के उपाय बताए गए और साथ ही टीबी की दवा बीच में नहीं छोड़ने की अपील की गई। ऐसा करने से एमडीआर टीबी होने का खतरा रहता है, जिसका इलाज ज्यादा दिनों तक चलता है। मौके पर केएचपीटी के कई सदस्य शामिल थे।
संतुलित आहार लें :शिविर में आए लोगों को रेफरल अस्पताल की प्रभारी डॉ. अनुपमा सहाय ने कहा कि क्षेत्र टीबी से मुक्त बनाने के लिए हमलोग प्रयासरत हैं। इसे लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को टीबी से बचने के लिए सलाह दी जा रही है। इसी सिलसिले में सोमवार को शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लोगों को टीबी से बचाव की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि टीबी से बचाव के लिए सही पोषण भी जरूरी है। अगर सही पोषण नहीं मिलेगा तो लोग कुपोषण के शिकार हो जाएंगे और उस पर टीबी की चपेट में आने का खतरा रहता है। इसलिए लोगों को संतुलित आहार लेना चाहिए। आहार में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और मिनरल्स की मात्रा जरूर होनी चाहिए।
ज्यादातर मामले घनी आबादी वाले इलाके मेः डॉ. सहाय ने कहा कि टीबी के अधिकतर मामले घनी आबादी वाले इलाके में पाए जाते हैं। वहां पर गरीबी रहती है। लोगों को सही आहार नहीं मिल पाता है और वह टीबी की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए हमलोग घनी आबादी वाले इलाके में लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। लोगों को बचाव की जानकारी दे रहे हैं और साथ में सही पोषण लेने के लिए भी जागरूक कर रह हैं।
सरकारी अस्पतालों में टीबी के इलाज की मुफ्त व्यवस्थाः डॉ. सहाय ने कहा कि दरअसल, टीबी उन्मूलन को लेकर सरकार गंभीर है। इसी के तहत टीबी की जांच से लेकर इलाज तक की सुविधा मुफ्त है। साथ ही पौष्टिक भोजन करने के लिए टीबी मरीज को पांच सौ रुपये महीने छह महीने तक मिलता भी है। इसलिए अगर कोई आर्थिक तौर पर कमजोर भी है और उसमें टीबी के लक्षण दिखे तो उसे घबराना नहीं चाहिए। नजदीकि सरकारी अस्पताल में जाकर जांच करानी चाहिए। दो सप्ताह तक लगातार खांसी होना या खांसी में खून निकलने जैसे लक्षण दिखे तो तत्काल सरकारी अस्पताल जाना चाहिए।

पुरस्कार जीतने वाले दूसरे लोगों को भी टीका लेने के लिए करें जागरूकः सीएस

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-समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को मिला पुरस्कार
-बांका सदर, अमरपुर और बाराहाट प्रखंड के लाभुकों को मिला पुरस्कार

बांका, 20 दिसंबर-

कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेकर पुरस्कार लेने वाले लोगों को क्षेत्र के अन्य लोगों को भी टीका लेने के लिए जागरूक करने का काम करना चाहिए। 31 दिसंबर तक जो लोग भी समय पर टीका की दूसरी डोज लेंगे, वह पुरस्कार के भागीदार बन सकते हैं। लक्की ड्रॉ के तहत अगर उनका नाम आता है तो उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। इसलिए पुरस्कार लेने वाले लोग घर जाने के बाद लोगों को टीका लेने के लिए समझाएं। उन्हें बताएं कि इससे कोई नुकसान नहीं होता है, बल्कि कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी से बचाव होता है।
ये बातें सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने सोमवार को बांका सदर प्रखंड के लाभुकों को पुरस्कार देने के बाद कही। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें। मौके पर डीपीएम प्रभात कुमार राजू, डैम सोमेश झा, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी और केयर इंडिया के डीटीएल तौसीफ कमर मौजूद थे। उधर, अमरपुर और बाराहाट में भी समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कृत किया गया।
आखिर में मिलेगा ग्रैंड प्राइजः मालूम हो कि केयर इंडिया के सपोर्ट से जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को पुरस्कृत किया जा रहा है। सभी प्रखंडों से हर सप्ताह एक व्यक्ति को बंपर प्राइज और 10 को सांत्वना पुरस्कार दिया जा रहा है। बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया जा रहा है। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट और दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया जा रहा है। 27 नवंबर से शुरू हुई यह योजना 31 दिसंबर तक चलेगी। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।

सीपीजे कॉलेज नरेला ने किया फ्रेशर्स स्वागत समारोह “आगमान-2021 का आयोजन

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नईदिल्ली-
सीपीजे कॉलेज, नरेला (गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से संबद्ध) ने एमसीआईटी और कानून विभाग के लिए क्रमशः 17 और 18 दिसंबर, 2021 को फ्रेशर्स वेलकम पार्टी “आगमन-2021” का आयोजन किया।
फ्रेशर्स के स्वागत का जश्न राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ। सबसे पहले, 2 मिनट का मौन रखकर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के अलावा अन्य रक्षा कर्मियों की दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनकी हाल ही में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद, डॉ अभिषेक जैन, महासचिव,श्री युगांक चतुर्वेदी, महानिदेशक, डॉ. आशुतोष अग्रवाल, निदेशक, डॉ. अमित जैन, उपनिदेशक एवं सीपीजे कॉलेज के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस अवसर पर महानिदेशक श्री युगांक चतुर्वेदी ने उद्घाटन भाषण दिया और फ्रेशर्स वेलकम कार्यक्रम की सफलता के लिए सीपीजे के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद जैन द्वारा भेजे गए आशीर्वाद से अवगत कराया. उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया। सेना में अनुकरणीय अनुशासन को याद करते हुए उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि यदि वे जीवन में इस एक गुण का पालन करते हैं तो उन्हें अपनी पढ़ाई और करियर में वांछित सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता।
पार्टी की थीम ‘वेलकम’ थी और अधिकांश छात्रों ने इसका पालन किया। इंट्रोडक्शन राउंड के बाद विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। एक बैंड प्रदर्शन ने भीड़ को और अधिक चाहने के लिए छोड़ दिया। सीनियर छात्रों द्वारा शास्त्रीय और आधुनिक नृत्य प्रदर्शन ने उनका उत्साहवर्धन किया। लेकिन इस आयोजन का मुख्य बिंदु एक शानदार रैंप वॉक था। शौक और मंत्रमुग्ध कर देने वाली नृत्य कला ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। टैलेंट हंट राउंड के दौरान फ्रेशर्स ने अपनी क्षमता का परिचय दिया और जजों द्वारा पूछे गए जटिल प्रश्नों के त्वरित उत्तर दिए। . दीपक खत्री और यशिका पसरीचा एमसीआईटी विभाग के क्रमशः मिस्टर फ्रेशर और मिस फ्रेशर का खिताब जीते तथा श्वेताभ और निर्झरा ने विधि विभाग के क्रमशः मिस्टर फ्रेशर और मिस फ्रेशर का खिताब जीते ।

कॉलेज परिसर में फ्रेशर पार्टी आयोजित करने के बारे में अपनी सकारात्मक भावना व्यक्त करते हुए नव प्रवेशित छात्रों ने सीपीजे के प्रबंधन और संकाय को हार्दिक धन्यवाद दिया, जिन्होंने छात्रों को अपने विचार व्यक्त करने और मजेदार खेल, गीत, नृत्य कला और रैंपवॉक के रूप में अपनी क्षमता दिखाने के लिए इतना शानदार मंच प्रदान किया। . सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि नए छात्र जजों द्वारा उनसे पूछे गए प्रश्नों के स्वतःस्फूर्त उत्तर देने में सक्षम थे।
सुश्री इश्मीत कौर सोढ़ी, सहायक प्रोफेसर द्वारा प्रस्तावित धन्यवाद प्रस्ताव के साथ फ्रेशर्स स्वागत कार्यक्रम का समापन हुआ।

2022 में भाजपा को ऐतिहासिक जीत दीलाएगी रा•क्रा•स•पा• – गोपाल राय*

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नोएडा 19 दिसंबर राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राजनीतिक विकल्प महासंघ के संयोजक श्री गोपाल राय ने आज नोएडा सेक्टर 25A में एक कार्यक्रम में श्री गौरव कुमार देशवाल को व्यवसाईक प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष नियुक्त करते हुए बैठक को संबोधित करते कहा कि देश में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक तरफ जहां विकास हो रहा है वहीं धारा राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी का उद्देश भाजपा को प्रचंड बहुमत से जिताना है उन्होंने कहा कि योगी सरकार को प्रचंड बहुमत दिलाने हेतु 3 नवंबर को लखनऊ से निकली प्रदेश व्यापी जनक्रांति यात्रा के माध्यम से योगी जी को सत्ता में प्रचंड बहुमत से वापसी कराने हेतु हम सभी संकल्पित हैं योगीराज में प्रदेश भय भूख अपराध और भ्रष्टाचार से मुक्त हो रहा है उत्तर प्रदेश में विकास तेजी से हुआ है और योगी सरकार 1 साल के शासन काल में जिस तरह विकास हुआ है वही अपराध व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सरकार कर्म चाहिए जो वाकई काबिले तारीफ है श्री राय ने कहा कि जन क्रांति ऐतिहासिक यात्रा साबित होगी जिसके द्वारा योगी जी के प्रदेश में किए गए कार्यों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा वह प्रदेश के सभी जाति व धर्म के बीच पहुंचकर सरकार द्वारा किए गए कार्यो के आधार पर उत्तर प्रदेश मैं भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाने की जन-जन से अपील की जाएगी ज्ञातव्य हो कि पूर्व की सरकारों में अपराध के पैमाने बहुत उच्च स्तर पर थे योगी सरकार के आगमन के पश्चात प्रदेश कानून का राज स्थापित हो गया है।

साथ ही साथ उन्होंने यह मांग भी की जितने भी रास्तों के नाम मुगल कालीन शासकों पर है उसको स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखा जाए।
उक्त अवसर पर श्री राम सागर राय जी,श्री आशीष कुमार राय जी, श्री नीतीश कुमार मिश्रा जी, श्री गौरव कुमार देशवाल जी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

एसजेएमसी के छात्रों ने डॉ दिवाकर से बिहार और पत्रकारिता के विषय में जाना

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पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ है
हमें कैसा समाज चाहिए ये हमें खुद तय करना है
किसी भी समाज को विकसित होने के लिए कभी देर नहीं होती
हर घर में संविधान भी रखा जाना चाहिए

पटना: पटना के आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में स्थित स्कूल ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ए एन सिन्हा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज के पूर्व निदेशक डॉ डी एम दिवाकर के साथ संस्थान के विद्यार्थियों ने एक सार्थक परिचर्चा में हिस्सा लिया. चर्चा में उन्होंने बिहार के सामाजिक, आर्थिक और ग्रामीण व्यवस्था पर पैनी नजर डाली. उन्होंने कहा कि अगर समाज में कोई भी बीमारी है तो वह समाज के विभिन्न हिस्सों में नज़र आएगी.
ग्रामीण पत्रकारिता जरुरी
बिहार में ग्रामीण पत्रकारिता पर नए ढंग से काम करने की जरूरत हैं. उन्होंने बिहार में आर्थिक असमानता को भी उजागर किया, कहा कि जनसंख्या के अनुपात में बिहार में आर्थिक संभावनाओं में बहुत विरोधाभास है. उन्होंने कहा कि बिहार का सबसे बड़ा संसाधन जमीन, पानी और बिहार के लोग हैं, जो बिहार का परिदृश्य बदलने की क्षमता रखते है. हमें मानव संसाधन के विकास के लिए बेहतर योजनाएं बनाने की जरूरत हैं.

बिहार की शिक्षा व्यवस्था यहां के छात्रों को अप्रवासी पक्षी बनाती है
उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ है और उन्हें इस जिम्मेदारी को समझना होगा. आज जब सही आंकड़े नहीं उपलब्ध होने के कारण दिक्कतें हो रही हैं पत्रकारों को इसकी पूर्ति करनी चाहिए. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी अपनी बात रखी, कहा बिहार की शिक्षा व्यवस्था यहां के छात्रों को अप्रवासी पक्षी बनाती है, जो ज्ञान लेने के बाद किसी और प्रांत के विकास में हिस्सेदार बनते हैं. उन्होंने संवैधानिक साक्षरता की भी चर्चा की,कहा कि हर घर में संविधान भी रखा जाना चाहिए. डॉ दिवाकर के अनुसार हमें कैसा समाज चाहिए ये हमें खुद तय करना है और उसी तरह के संस्थान विकसित करने की जरूरत हैं. अच्छी पत्रकारिता समाज को किसी भी मुद्दे पर एक स्वस्थ बहस का मौका देती हैं. उन्होंने अपनी बात ये कहते हुए समाप्त की कि बिहार को समझने के लिए पहले आपको बिहार के इतिहास और भौगोलिक परिदृश्य को समझने की जरूरत है. किसी भी समाज को विकसित होने के लिए कभी देर नहीं होती, आप जहां है, जिस भी क्षेत्र में है उसमें बेहतर करके समाज के विकास में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं.
इस परिचर्चा में स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के निदेशक, डॉ इफ्तेख़ार अहमद, कोऑर्डिनेटर डॉ मनीषा प्रकाश और शिक्षक डॉ अजय कुमार सिंह, डॉ अमित कुमार, डॉ अफ़ाक हैदर ने भी हिस्सा लिया

एचआईवी जांच एवं परामर्श के लिए आयोजित हो रहा सीबीएस और ईएमटीसीटी से संबंधित हेल्थ कैम्प

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– नाको के निर्देशानुसार मुंगेर सहित राज्य के 30 जिलों में किया जा रहा है हेल्थ कैम्प का आयोजन

– बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के अपर परियोजना निदेशक और राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने 30 जिलों के सिविल सर्जन को जारी किया पत्र

मुंगेर-
नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नाको) के निर्देशानुसार मुंगेर सहित राज्य के 30 जिलों में स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाएं, यौन संक्रमित रोगी, टीबी मरीज, कालाजार के रोगी एवं उच्च जोखिम वाले समूह (एचआरजी) को एचआईवी जांच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला भर में कम्युनिटी बेस्ड स्क्रीनिंग (सीबीएस) और एलिमिनेशन ऑफ मदर टू चाइल्ड ट्रांसमिशन (ईएमटीसीटी) से संबंधित हेल्थ कैम्प आयोजित किया जा रहा है।

मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि जिला के वैसे यौन संक्रमित रोगी, टीबी मरीज, कालाज़ार के मरीज और उच्च जोखिम वाले समूह के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच और परामर्श के लिए इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन जिला के विभिन्न प्रखण्डों में किया जा रहा है। ये आयोजन पिछले महीने से आगामी 15 फरवरी तक किया जाना है। इस कैम्प को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य उनलोगों तक पहुंचना है जो शायद कभी एचआईवी जांच करवायी हो या जिन्हें इसकी आवश्यकता हो। हेल्थ कैम्प का आयोजन जिलास्तर, अनुमण्डल स्तर और प्रखण्ड स्तर पर कार्यरत आईसीटीसी/एसटीडी/आरएनटीसीपी के कर्मियों के साथ-साथ एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से किया जा रहा है। इस आयोजन का नियंत्रण जिला संचारी रोग पदाधिकारी और जिला एड्स पदाधिकारी के अधीन है।

जिला संचारी रोग पदाधिकारी सह जिला जिला एड्स पदाधिकारी डॉ. ध्रुव कुमार शाह ने बताया कि बिहार राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के निर्देशानुसार मुंगेर में कम से कम हेल्थ कैम्प आयोजित किया जाना है। प्रत्येक कैम्प के माध्यम से कम से कम 500 सामान्य स्त्री/पुरुष सिहित गर्भवती महिलाओं और गम्भीर बीमारी से ग्रसित मरीजों का एचआईवी टेस्ट और परामर्श दिया जाना है। उन्होंने बताया कि पिछले 8 दिसम्बर को हवेली खड़गपुर के पहाड़पुर और बनबरसा में हेल्थ कैम्प आयोजित किया गया था। अब संग्रामपुर प्रखण्ड में 21 दिसम्बर को पत्र घाघर, एमएस कटियारी और रामपुर पीएस बद्रीविशाल में तथा 23 दिसम्बर को खपरा पीएस समदा मुसहरी और मनिया पीएस मनिया मुसहरी के साथ -साथ 25 दिसम्बर को दुर्गापुर एमएस कठोर मुसहरी और सरकटिया (सामुदायिक भवन खम्हार दास टोला) में हेल्थ कैम्प आयोजित किया जाएगा। इसी तरह टेटिया बम्बर में 17 जनवरी 2022 को सामुदायिक भवन भलगुरी टेटिया बम्बर और सामुदायिक भवन, टेटिया बम्बर के साथ-साथ 14 फरवरी 2022 को जागीर टेटिया बम्बर और यज्ञशाला ठारा,टेटिया बम्बर में हेल्थ कैम्प आयोजित किया जाएगा। इसी तरह हवेली खड़गपुर में एक बार फिर से 15 जनवरी और 12 फरवरी और जमालपुर में 27 दिसम्बर, 20 जनवरी, 24 जनवरी और 25 जनवरी को हेल्थ कैम्प आयोजित किया जाएगा। इन सभी कैम्प के मॉनिटरिंग मैंबर डिस्ट्रिक्ट टीबी/एचआईवी कॉर्डिनेटर शैलेन्दु कुमार, टीबी के डीपीसी सुमित सागर, परामर्शी आदित्य राज और एलटी प्रियांशु राज होंगे।

कोविड मेगा ड्राइव: विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर वैक्सीन से वंचित लोगों को लगाया गया टीका

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– 206 सेशन साइटों पर आयोजित हुई विशेष वैक्सीनेशन शिविर, जरूरतमंदों के घरों तक पहुँची वैक्सीनेशन टीम
– सेकेंड डोज की वैक्सीन लेने वालों को प्राथमिकता के तौर पर लगाया गया सुरक्षा का टीका

लखीसराय-

जिले में शत-प्रतिशत लोगों का कोविड-19 वैक्सीनेशन जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को लेकर लगातार विशेष वैक्सीनेशन के तहत शिविर आयोजित कर लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। जिसका सार्थक परिणाम भी दिखने लगा है। वहीं, शनिवार को फिर जिलेभर में कोविड मेगा ड्राइव चलाया गया। जिसके माध्यम से जिले के सभी प्रखंड में विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर वैक्सीन से वंचित लोगों को वैक्सीनेटेड किया गया। वहीं, शिविर के सफल संचालन के लिए सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती समेत अन्य पदाधिकारी विभिन्न सेशन साइटों का मॉनिटरिंग करते दिखे।
– सेकेंड डोज की वैक्सीन लेने वालों का प्राथमिकता के तौर किया गया वैक्सीनेशन :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, मेगा ड्राइव के तहत जिले के सभी प्रखंडों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित की गई। सभी सेशन साइटों पर दोनों डोज की वैक्सीन दी गई। किन्तु, इसबार सेकेंड डोज की वैक्सीन लेने के निर्धारित समयावधि पूरी करने वाले व्यक्तियों को ससमय वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। इसको लेकर सभी सेशन साइटों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती एवं वैक्सीन वाइल की व्यवस्था कराई गई थी। ताकि एक भी व्यक्ति को वैक्सीन के अभाव में लौटना नहीं पड़े। वहीं, उन्होंने बताया, जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए वैक्सीनेशन टीम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

– जरूरतमंदों के घर जाकर किया गया वैक्सीनेशन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, मेगा वैक्सीनेशन ड्राइव के तहत जिले में कुल 206 चयनित जगहों पर तो विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर आयोजित की गई थी। किन्तु, जो लोग शिविर स्थल तक आने में असमर्थ थे, उन्हें होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, यानी उनके घर जाकर स्वास्थ्य टीम द्वारा वैक्सीन दी गई। ताकि इन लाभार्थियों का भी वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और अभियान सफल हो सके।

– विशेष कोविड वैक्सीनेशन अभियान में इनका रहा सहयोग :
जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग, यूनिसेफ, आईसीडीएस, केयर इंडिया, डब्ल्यूएचओ, जीविका समेत अन्य विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी भी सहयोग करते दिखे।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।