जिले में आज शुरू होगा सात दिवसीय घर-घर कालाजार मरीज खोज अभियान

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– घर-घर जाकर आशा कार्यकर्ता कालाजार पीड़ित मरीजों की करेंगी पहचान
– अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने पत्र जारी कर दिए निर्देश

खगड़िया, 21 दिसंबर

पूरे प्रदेश में कालाजार उन्मूलन को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है । इसे सुनिश्चित करने को लेकर हर जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। जिसे सार्थक रूप देने के लिए गुरुवार से जिले में घर-घर कालाजार मरीज खोज अभियान चलेगा। जिसके माध्यम से संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता अपने-अपने पोषक क्षेत्र में कालाजार मरीजों की खोज करेंगी और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित इलाज के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी से अवगत कराते हुए ससमय इलाज शुरू कराने के लिए प्रेरित करेंगी। इसको लेकर अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम डाॅ अंजनी कुमार ने पत्र जारी कर राज्य के सभी जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

– घर-घर जाकर की जाएगी मरीजों की खोज :
जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डाॅ विजय कुमार ने बताया, बुधवार से जिले भर में घर-घर कालाजार मरीज खोज अभियान चलाया जाएगा। जिसके माध्यम से संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता मरीजों की पहचान कर उन्हें इलाज कराने के लिए प्रेरित करेंगी। ताकि संबंधित मरीजों का समय पर इलाज शुरू हो सके और बीमारी को आसानी से मात दी जा सके। वहीं, उन्होंने बताया, इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

– आशा कार्यकर्ताओं को दिया जा चुका है प्रशिक्षण :
डीभीबीडीसी बबलू सहनी ने बताया, घर-घर कालाजार मरीज खोज अभियान से संबंधित जिले के कई प्रखंडों की आशा कार्यकर्ताओं को हाल ही में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शेष बचे आशा कार्यकर्ताओं को भी जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, निर्धारित समय पर अभियान को शुरू कराने को लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। यह अभियान 15 दिनों तक चलेगा।

– सभी पीएचसी में नि:शुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध :
कालाजार मरीजों के इलाज की सुविधा जिले के सभी पीएचसी में नि:शुल्क उपलब्ध है। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पर श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में सरकार द्वारा 7100 रुपये की राशि दी जाती है। पीकेडीएल मरीजों को पूर्ण उपचार के बाद सरकार द्वारा 4000 रुपये श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दिये जाने के प्रावधान की जानकारी उन्हें दी जायेगी।

– 15 दिनों से अधिक समय तक बुखार का होना कालाजार के लक्षण:
15 दिनों से अधिक समय तक बुखार का होना कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। भूख की कमी, पेट का आकार बड़ा होना, शरीर का काला पड़ना कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। वैसे व्यक्ति जिन्हें बुखार नहीं हो लेकिन उनके शरीर की त्वचा पर सफेद दाग व गांठ बनना पीकेडीएल के लक्षण हो सकते हैं।

400 केंद्रों पर 9805 लोगों ने लिए कोरोना के टीके

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-कोरोना टीकाकरण को लेकर जिले में फिर चला महाअभियान
-महाअभियान के दौरान टीके की दूसरी डोज पर रहा फोकस
बांका, 22 दिसंबर।
कोरोना टीकाकरण को लेकर बुधवार को एक बार फिर से महाअभियान चलाया गया। महाअभियान के दौरान काफी संख्या में जिले के लोग कोरोना का टीका लेने केंद्रों तक पहुंचे। इस बार भी पहली डोज के मुकाबले दूसरी डोज लेने वालों की संख्या ज्यादा रही। जिले के 400 केंद्रों पर 9805 लोगों ने कोरोना के टीके लिए। इनमें 8867 लोगों ने दूसरी तो लगभग 938 लोगों ने पहली डोज ली। सभी टीकाकरण केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मी समय से थोड़ा पहले आ गए थे। इस वजह से समय से टीकाकऱण शुरू हो गया। महाअभियान के दौरान कोरोना टीका की पहली डोज लेने वालों को समय से दूसरी डोज लेने की हिदायत दी गई।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि बुधवार को एक बार फिर महाअभियान सफल रहा। काफी संख्या में जिले के लोग कोरोना का टीका लेने के लिए केंद्रों तक पहुंचें। सभी केंद्रों पर पहली और दूसरी दोनों डोज की व्यवस्था थी। इस बार भी दूसरी डोज पर फोकस किया गया था, इसलिए दूसरी डोज लेने वालों की संख्या अधिक रही। महाअभियान के बाद भी जिले में कोरोना टीकाकरण जारी है। इसलिए लोगों से मेरी अपील है कि जिनका समय पूरा हो गया है, वह दूसरी डोज ले लें और जिनलोगों ने कोई भी डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज कोरोना टीका का ले लें।
टीम भेजकर लोगों का कराया गया टीकाकरणः महाअभियान के दौरान शनिवार को एक ही जगह पर अधिक लोग टीका लेने के लिए तैयार होने पर वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई। इसे लेकर जिले के कई क्षेत्रों से जिला स्वास्थ्य समिति को फोन आया। इसके बाद टीम भेजकर लोगों का टीकाकऱण कराया गया। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ा। मौके पर ही रजिस्ट्रेशन के साथ लोगों का टीकाकरण हो गया।
घर-घर जाने का अभियान रहेगा जारीः महाअभियान के दौरान दूसरी डोज लेने वालों को ढूंढने के लिए आशा कार्यकर्ता घर-घर गईं। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज ले ली थी और समय पूरा हो गया था उन्हें आशा कार्यकर्ता टीकाकरण केंद्रों तक ले गईं। ऐसे लोगों को महाअभियान के दौरान दूसरी डोज दिलाई गयी। आशा कार्यकर्ता यह काम महाअभियान के बाद भी करती रहेंगी। जब तक जिले के सभी लोगों का टीकाकरण नहीं हो जाएगा, तब तक यह अभियान चलेगा।
शहरी क्षेत्र में 785 लोगों ने लिए टीकेः महाअभियान के दौरान बांका शहरी क्षेत्र के 25 टीकाकरण केंद्रों पर 785 लोगो ने कोरोना के टीके लगवाए। यहां पर भी सभी केंद्रों पर डाटा ऑपरेटर और एएनएम समय से पहले पहुंच गई थीं। इस स समय से लोगों का टीकाकरण शुरू हो पाया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि अभियान के दौरान काफी संख्या में लोगों ने कोरोना का टीका लिया। स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले लोगों ने भी यहां पर कोरोना का टीका लिया। शहरी क्षेत्र में एक बार और महाअभियान सफल रहा।

कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर बच्चों का रखें विशेष ख्याल

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-आदमपुर में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को दी गई ट्रेनिंग

-कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए मास्क लगाने और सामाजिक दौरे का पालन करते रहने की सलाह

भागलपुर, 22 दिसंबर। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। विशेषकर बच्चों को लेकर सतर्कता बरतें। अगर अभी से ही तीसरी लहर को लेकर सतर्कता रहेगी तो हमलोग उससे निपटने में पूरी तरह से सक्षम रहेंगे। यह बातें सिविल सर्जन डॉ उमेश कुमार शर्मा ने बुधवार को आदमपुर स्थित एक होटल में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों की ट्रेनिंग के दौरान कही।
ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने सभी प्रभारियों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचने को लेकर तकनीकी जानकारी भी दी। उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि किस परिस्थिति में मरीज को रेफर करना है और किस परिस्थिति में उसे भर्ती करना है। उन्होंने प्रभारियों से कहा कि कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवाते रहें और मास्क पहनने व सामाजिक दूरी का पालन करते रहने की सलाह लोगों को दें। सिविल सर्जन ने सभी प्रभारियों को बच्चे के इलाज के दौरान परिजनों को सतर्क रहने की भी सलाह देने की बात कही।

बच्चों को मानसिक रूप से करें मजबूत: पटना से ट्रेनिंग लेकर आए सदर अस्पताल के डॉ कुंदन शर्मा ने सभी प्रभारियों को बताया कि तीसरी लहर से बच्चों को किस तरह से बचाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए उसके परिजन को भी सतर्क रहना चाहिए। अगर परिजन सतर्क रहेंगे तो बच्चे भी इससे बचे रहेंगे उन्होंने कहा कि स्कूल खुल गए हैं। बड़ी संख्या में भीड़ होने लगी है। ऐसे में बच्चे भी संक्रमण की जद में आ सकते हैं। इससे बचने के लिए एहतियात की जरूरत है। उन्होंने बच्चों की मानसिक देखभाल पर ध्यान देने की बात कही। डॉ शर्मा ने बताया कि छोटे बच्चे जो होते हैं वह अपनी परेशानी बताने में सक्षम नहीं होते हैं। इस वजह से उनकी परेशानी को ध्यान से समझने की जरूरत है। अगर हम बच्चे की परेशानी को समझ जाएंगे तो उसका इलाज भी बेहतर होगा।

बच्चों को टीका नहीं पड़ा है इसलिए रहे सतर्क: केयर इंडिया के डॉ राजेश मिश्रा ने बताया कोरोना का टीका बच्चों के लिए अभी नहीं आया है। इस वजह से उन्हें टीका नहीं लगाया गया। जबकि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका पड़ गया है। इस वजह से तीसरी लहर में बच्चे के चपेट में आने की आशंका ज्यादा है। इसलिए हमलोगों को बच्चों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इस भ्रांति में नहीं रहना चाहिए कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और उन्हें कोरोना नहीं होगा।

स्तनपान कराने से पहले हाथ को साफ कर ले और मास्क पहने: केयर इंडिया की सालवी राणा ने बताया कि बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए मां को भी सतर्क रहना चाहिए। स्तनपान कराने से पहले हाथ की सफाई कर लेनी चाहिए। मास्क लगा लेना चाहिए। ताकि बच्चे में मां से संक्रमण नहीं हो। अगर मां सतर्क रहेंगी तो बच्चे भी कोरोन से बचे रहेंगे। मौके पर डीपीएम फैजान आलम अशरफी और डैम विकास कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद थे।

बच्चों को तंबाकू के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने कसी कमर

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• तंबाकू नियंत्रण की गतिविधियों को संचालित करने हेतु नामित हुए सभी जिलों में नोडल पदाधिकारी
• तंबाकू उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग करेंगे आपसी सहयोग
• छात्रों का ब्रिगेड गठित कर फैलायी जायेगी तंबाकू सेवन के खिलाफ जागरूकता
• राज्य के 19 जिले धुम्रपान मुक्त घोषित
पटना/ 22 दिसंबर- “तंबाकू सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इस तथ्य से सभी वाकिफ हैं लेकिन फिर भी तंबाकू की लत से बाहर नहीं आ पाते हैं. युवाओं को तंबाकू सेवन से जुड़े खतरों के बारे में जागरूक करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरुरत है”, उक्त बातें शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के विशेष सचिव,मनोज कुमार ने शिक्षा विभाग के सभागार में आयोजित तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान बनाने हेतु सभी जिलों के शिक्षा विभाग के नोडल पदाधिकारियों के एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान अपने संबोधन में कही. हाल में प्रकाशित ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के आंकड़ों में बिहार के युवाओं में 7.3% तंबाकू उत्पाद के प्रयोग के आंकड़े सामने आए हैं। विदित हो कि वर्ष 2019 में यह सर्वे बिहार के 38 जिला में की गई थी। जिसमें बिहार के 7.3 प्रतिशत छात्र तंबाकू उत्पाद प्रयोग करने की बात सामने आई है। जिसमें 6.6% लड़के और 8.0% लड़कियां तंबाकू उत्पाद का प्रयोग करती हैं।
राज्य के 19 जिले धुम्रपान मुक्त हैं घोषित:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया, राज्य के 19 जिले धुम्रपान मुक्त घोषित किये जा चुके हैं. ये वैसे जिले हैं जहाँ सार्वजानिक जगहों पर तंबाकू सेवन नहीं करने वालों का प्रतिशत 80 फीसदी या उससे ज्यादा है. उन्होंने बताया कोटपा कानून का सख्ती से लागू करना और सभी शिक्षण संस्थानों में तंबाकू के दुष्प्रभाव को लेकर युवाओं को जागरूक करना बहुत आवश्यक है. सभी प्रकार के कैंसरों में तंबाकू के सेवन से जुड़े कैंसरों का हिस्सा 40 प्रतिशत है एवं 90 प्रतिशत मुँह का कैंसर तंबाकू के प्रयोग से होते हैं.
विश्व में तंबाकू सेवन से हर वर्ष 80 लाख लोगों की मृत्यु:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज कुमार, विशेष सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार ने बताया, पूरे विश्व में हर वर्ष करीब 80 लाख लोग तंबाकू सेवन से जनित रोगों के कारण अपनी जान गंवाते हैं. देश में हर वर्ष 13 लाख मृत्यु का आंकड़ा तंबाकू सेवन के कारण है. उन्होंने बताया, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को आपसी सामंजस्य से सभी शिक्षण संस्थानों में तंबाकू के दुष्प्रभाव को लेकर युवाओं में अलख जगाने की जरुरत है.
स्वास्थ्य विभाग करेगा पूरा सहयोग:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय कुमार सिंह, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिती, बिहार ने बताया तंबाकू सेवन पर रोक लगाने एवं साथ ही तंबाकू से होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर के बारे में वृहत पैमाने पर जन-जागरूकता फैलाने की जरुरत है. तंबाकू का दुष्प्रभाव सबसे अधिक स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है। युवा वर्ग जनमानस में तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने में अहम् भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने बताया विभाग पहले कुछ चयनित जिलों में तंबाकू उन्मूलन को लेकर अभियान चलायेगा और फिर इसे राज्य के सभी जिलों तक ले जाया जायेगा.
कार्यक्रम में सुशील कुमार, निदेशक, शिक्षा विभाग, दीपक मिश्रा, कार्यपालक निदेशक, सीड्स, मनोज कुमार, विशेष सचिव, शिक्षा विभाग, संजय कुमार सिंह, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समीति, द यूनियन के अमित यादव, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं कोटपा कानून के विशेषग्य, रणजीत सिंह, सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज कुमार झा एवं कई विशेषज्ञों ने अपनी जानकारी प्रतिभागियों के समक्ष रखी. कई विशेषज्ञों ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला में प्रतिभागियों से अपनी जानकारी साझा की.

फैशन शो में सितारों ने जलवा दिखाया – अभिषेक

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नई दिल्ली:

Dream Zon के बैनर तले दिल्ली के मोहन विला में सीजन 4 फैशन शो का आयोजन हुआ जिसमें फैशन से जुड़े देश के कोने कोने से लोग सामिल हुए ,फैशन डिजाइनर से लेकर बड़े बड़े दिग्गज लोगो ने हिस्सा लिया , इस मौके पर मीडिया से रूबरू होकर Dream zon के जोनल मैनेजर (नार्थ वेस्ट ,ईस्ट) अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ये प्रोग्राम हर साल अलग अलग जगह आयोजित होता है , हमारा खास मकसद है नए नए फैशन डिजाइनर व नए मॉडल को मंच पर लाना ताकि उनको एक नई पहचान मिल सके , dream zon कंपनी पिछले कई सालों से बच्चो का भविष्य संवारने का काम कर रही है। इस कार्यक्रम का सफल बनाने के लिए स्पांसर का काफी सहयोग रहा है , जिनका में दिल से शुक्रिया अदा करता हूं
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए mtv की एक्टर नील मिश्रा, dream zon के विकास पूरी से मंजीत सिकंद , गौरव सिकंद, पीतम पूरा से पंकज भाटिया, वैशाली से dr आलम, मयूर विहार से सीपी सिंह, new फ़्रेंड्स कॉलोनी से सईद, रियाज, हजरत गंज व आलम बाग से तिरंग सिंघल, हल्द्वानी से आशीष, विनीत, वाराणासी से रचित अग्रवाल, देहरादून से सुमित, विशाल, पठानकोट से अस्वनी चौधरी, इसके साथ ही mm atire से निकिता सिंह, edukhoj से अभिषेक, इवेंट सपोर्ट ,rks रुद्राक्ष, इवेंट से अमित वर्मा, फोटोग्राफी, अर्जुन, मेकअप योगदान, चंदा मेकओवर, लेक्मे से सिमरन ,सोनम, दीपिका, मनमीत मेकओवर, रिट्ज डिजाइन रितु अधिकृत मीडिया पार्टनर ,ओसियन मीडिया से रोहित शर्मा जितेंद्र पाल, डिजाईंग पार्टनर से मल्टी इमेज शुभ्रा अरोड़ा ,के अन्य गणमान्य लोग ने भी शिरकत की।

अलौली के सूरजनगर में कालाजार जाँच शिविर,दो मरीज मिले संक्रमित

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– दोनों संक्रमित मरीजों को अलौली पीएचसी में कराया गया भर्ती, इलाज शुरू
– शिविर के साथ-साथ घर-घर भी पहुँची मेडिकल टीम और लोगों की सुविधाजनक तरीके से की गई जाँच

खगड़िया, 21 दिसंबर।
जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत कालाजार प्रभावित क्षेत्र के सूरजनगर गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को उक्त गाँव में विशेष कालाजार जाँच शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग खगड़िया द्वारा केयर इंडिया के सहयोग से अलौली पीएचसी प्रभारी डाॅ मनीष कुमार के नेतृत्व में किया गया। जिसमें मेडिकल टीम द्वारा लोगों की स्वास्थ्य जाँच की गई और कालाजार से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही जो लोग शिविर में नहीं आए, उनके घर तक मेडिकल टीम पहुँची। जहाँ सुविधाजनक तरीके से जाँच की गई। शिविर में कालाजार के अलावा सर्दी-खांसी समेत अन्य मौसमी बीमारी और अन्य शारीरिक पीड़ा से भी पीड़ित लोगों की जाँच की गई। जाँच के बाद आवश्यक दवाई भी उपलब्ध कराई गई और जरूरी चिकित्सा परामर्श भी दिया गया। वहीं, शिविर में जाँच के दौरान दो लोग कालाजार संक्रमित पाए गए। दोनों को समुचित इलाज के लिए अलौली पीएचसी भेजा गया। जहाँ दोनों का मेडिकल टीम की मौजूदगी में इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों मरीजों के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। मालूम हो कि इस गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सघन मरीज खोज अभियान चलाया जा रहा है। ताकि संदिग्ध मरीजों की शुरुआती ङदौर में ही पहचान सुनिश्चित हो सके और ससमय आवश्यक समुचित जाँच और इलाज उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही अन्य लोगों को भी बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाया जा सके। इस शिविर में डीभीबीडीसी बबलू सहनी, भीबीडीसी शहनवाज आलम, केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती, एएनएम रंजन कुमारी, लैब टेक्नीशियन किसन कुमार, विशन कुमार, केयर इंडिया के नवीन कुमार, संजय कुमार, आशा फेसीलीटेटर कुमारी मधु, आशा रेणु कुमारी आदि मौजूद थे।

– शिविर की सफलता को लेकर एक दिन पूर्व घर-घर जाकर दी गई जानकारी :
अलौली पीएचसी प्रभारी डाॅ मनीष कुमार ने बताया, शिविर की सफलता को लेकर संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सोमवार को घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाले शिविर की जानकारी दी गई। ताकि अधिकाधिक लोगों को शिविर की जानकारी मिल सके और सभी लोग आकर सुविधाजनक तरीके से जाँच करवा सकें। इसके बाबजूद भी जो लोग शिविर में नहीं आए, मेडिकल टीम खुद उनके घर जाकर जाँच की। वहीं, उन्होंने कहा, मैं पूरे गाँव के लोगों से अपील करता हूँ कि लक्षण दिखते ही सभी लोग खुद और समाजहित में जाँच के लिए आगे आएं। क्योंकि, किसी भी बीमारी का समय पर इलाज शुरू कराना जरूरी होता है। वहीं, उन्होंने बताया, संक्रमित मिले दोनों मरीजों का अलौली पीएचसी में इलाज चल रहा है। जहाँ दोनों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक पहल की जा रही है।

– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।

– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

जन-भागीदारी से फाइलेरिया रोग का समूल उन्मूलन संभव : सिविल सर्जन

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बिहार के शेखपुरा जिले में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (आई.डी.ए.) कार्यक्रम का शुभारम्भ

शेखपुरा, 21 दिसम्बर 2021: “फाइलेरिया जैसे गंभीर रोग के समूल उन्मूलन के लिए जन-भागीदारी अत्यंत आवश्यक है “ आज शेखपुरा के सिविल सर्जन डॉ. पृथ्वीराज ने मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (आईडीए) कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए उक्त विचार प्रकट किए । फाइलेरिया रोग के उन्मूलन के लिए शेखपुरा जिले में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार शारीरिक दूरी (दो गज की दूरी), मास्क और हाथों की साफ़-सफाई का अनुपालन करते हुए समुदाय को फाइलेरिया हाथीपांव रोग से बचाने के लिए मंगलवार से तीन फ़ाइलेरिया रोधी दवाओं डी.ई.सी.,अल्बंडाज़ोल तथा आईवरमेक्टिन के साथ मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (आईडीए) कार्यक्रम शुरू किया गया । कार्यक्रम का उदघाटन जिले के सिविल सर्जन डॉ. पृथ्वीराज ने स्वयं फ़ाइलेरिया रोधी दवाई खाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने स्कूली बच्चों सहित अन्य लाभार्थियों को भी अपने सामने फ़ाइलेरिया रोधी दवाई खिलवायीं। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जिले के हाथीपांव और हाइड्रोसील के मरीजों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है ताकि मोर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एम.एम.डी.पी.) के अंतर्गत लिम्फेडेमा और हाइड्रोसील के मरीजों का नि:शुल्क प्रबंधन जिला अस्पतालों में किया जा सके ।

सिविल सर्जन डॉ. पृथ्वीराज बताया कि शेखपुरा में आई.डी.ए. अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जायेगा कि सभी पात्र लाभार्थी, फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन स्वास्थ्य कर्मियों के सामने करें । उन्होंने बताया कि यह दवाई पूरी तरह से सुरक्षित हैं | उन्होंने लोगों से इस बात का भी अनुरोध किया कि इस अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों का पूर्ण सहयोग करें ।

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि फाइलेरिया या हाथीपांव के क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है । विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लू.एच.ओ.) के आंकड़ों के अनुसार फाइलेरिया दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है । आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है । फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन), लिम्फेडेमा (अंगों में सूजन) और दूधिया सफेद पेशाब (काईलूरिया) से ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक भेदभाव सहना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है । उन्होंने बताया कि जिला स्तर से ब्लॉक स्तर तक कार्यक्रम को सफल बनाए के लिए सारी तैयारियाँ की जा चुकी हैं । जिले के 688185 लाभार्थियों को फ़ाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करवाने के लिए कुल 315 टीमों का गठन किया जा चुका है और किसी भी विषम परिस्थितियों से निपटने हेतु रेपिड रेस्पॉन्स टीम का भी गठन किया गया हैं ।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविशंकर शर्मा ने कहा कि इस अभियान में 5 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को आईवरमेक्टिन दवा सहित 2 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को डी.ई.सी. और अल्बंडाज़ोल की निर्धारित खुराक स्वास्थ्य- कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने मुफ्त खिलाई जाएगी एवं किसी भी स्थिति में दवा का वितरण नहीं किया जायेगा । दवा खिलाते वक़्त ध्यान देना है कि इस दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है । इसके साथ ही विशेष ध्यान रखना है कि यह दवा 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 1 सप्ताह पूर्व माँ बनी माताओं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं खिलाना है ।

जिले के वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार ने बताया कि फ़ाइलेरिया दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और इन दवाओं को साल में केवल 1 बार, लगातार 3 साल तक खाने से फ़ाइलेरिया जैसे गंभीर रोग से सुरक्षित रहा जा सकता है ।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, केयर, प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल(पीसीआई) और सीफार के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे ।

सबौर सीएचसी में एफपीएलएमआईएस का दिया गया प्रशिक्षण

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-परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री ऑनलाइन लेने के बताए गए तरीके
-आशा कार्यकर्ता ऑनलाइन सामग्री मंगवाकर क्षेत्र के लोगों में उसे बांटेंगी
भागलपुर, 21 दिसंबर।
सबौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मंगलवार को क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक इनफॉरमेशन सिस्टम (एफपीएलएमआईएस) का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण केयर इंडिया के परिवार नियोजन के जिला समन्वयक आलोक कुमार ने दिया। प्रशिक्षण के दौरान सभी को परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री को ऑनलाइन कैसे प्राप्त करना है, इसकी जानकारी दी गई। इंडेंट करने से लेकर रिसीव करने के तरीके प्रशिक्षण के दौरान बताए गए। कंडोम, कॉपर टी, अंतरा आदि सामग्री को ऑनलाइन प्राप्त करने की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी गई। सामग्री प्राप्त कर क्षेत्र में इसका प्रचार-प्रसार से लेकर वितरण करने तक के बारे में प्रशिक्षण के दौरान बताया गया। मौके पर सीएचसी प्रभारी डॉ शुभ्रा वर्मा, बीएम मुकेश और केयर इंडिया के आईसीटी कोऑर्डिनेटर रोशन मौजूद थे। प्रशिक्षण ले रही आशा को सभी बारीकी को समझ कर क्षेत्र में बेहतर तरीके से काम करने के लिए कहा। इस दौरान परिवार नियोजन दिवस में मनाया गया और इससे संबंधित सामग्री लोगों में बांटी गई.

परिवार नियोजन को लेकर क्षेत्र में प्रचार-प्रसार भी करेंगी आशा कार्यकर्ता: प्रशिक्षण समाप्त हो जाने के बाद आशा कार्यकर्ता अब परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री को ऑनलाइन मंगवाकर उसे क्षेत्र में वितरण करने का काम करेंगी। साथ ही परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री के इंडेंट से लेकर प्राप्त करने के तरीके और इसका क्षेत्र में किस तरह से प्रचार-प्रसार करना है, इसकी जानकारी वे अपने सहयोगी को भी देंगी। साथ ही सामग्री के वितरण के दौरान इसे लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी आशा कार्यकर्ता करेंगी। लोगों को समझाएंगी कि इसके इस्तेमाल से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है।
तीन तरीके से प्राप्त कर सकेंगे परिवार नियोजन की सामग्रीः प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि परिवार नियोजन सामग्री को ऑनलाइन तीन तरीके से मंगाया जा सकता है। पहला मोबाइल एप के जरिये, दूसरा मोबाइल से मैसेज कर और तीसरा कंप्यूटर के जरिये ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। आशा कार्यकर्ता इसे मोबाइल एप और मैसेज के जरिये मंगा सकती हैं, जबकि स्टोर कीपर मैसेज और कंप्यूटर से ऑनलाइन इंडेंट कर भी मंगवा सकते हैं। पहले क्षेत्र के लोगों की जरूरतों के मुताबिक इंडेंट करेंगे। सामग्री आ जाने के बाद फिर उसका क्षेत्र के लोगों के बीच वितरण करेंगे।
परिवार नियोजन पर किया जा रहा फोकसः जिले में परिवार नियोजन को लेकर लगातार फोकस किया जा रहा है। इसे लेकर परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री के वितरण से लेकर समय-समय पर कैंप और मेला भी लगाया जाता है। जहां पर कि लोगों को परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया जाता है। साथ ही किस तरह से बच्चे की प्लानिंग करती है, इसकी जानकारी दी जाती है। दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल और पहला बच्चा 20 साल से पहले नहीं हो, इस बारे में बताया जाता है।

पीरपैंती, सुल्तानगंज और सबौर में लाभुकों को मिला बंपर और सांत्वना पुरस्कार

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-समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को मिला पुरस्कार

-दूसरी डोज समय पर लेकर आप भी जीत सकते हैं पुरस्कार

भागलपुर, 21 दिसंबर

जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को मंगलवार को फिर से पुरस्कृत किया गया। जिले के पीरपैंती, सुल्तानगंज और सबौर प्रखंड के लाभुकों को दूसरे सप्ताह में निकाले गए लक्की ड्रा के तहत बंपर प्राइज और सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने पर केयर इंडिया के सहयोग से पुरस्कार दिया जा रहा है। सभी प्रखण्ड से एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जा रहा है।

बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट और दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया गया। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।

छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करेः जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।

लक्की ड्रा के तहत विजेताओं को किया जा रहा पुरस्कृत: लक्की ड्रा के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लकी ड्रा के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लक्की ड्रा के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है। मौके पर केयर इंडिया के डॉक्टर राजेश मिश्रा, जितेंद्र कुमार सिंह, आलोक कुमार, पूनम और शंभू समेत सभी अस्पताल के प्रभारी बीएचएम और बीसीएम मौजूद थे

कोरोना टीकाकरण को लेकर महाअभियान आज

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-जिलेभर में बनाए गए लगभग 400 टीकाकरण केंद्र
-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
बांका, 21 दिसंबर
कोरोना टीकाकरण को लेकर बुधवार को एक बार फिर से महाअभियान चलाया जाएगा। इस बार भी दूसरी डोज पर फोकस किया जाएगा। जिले की अधिकतर आबादी कोरोना टीका की पहली डोज ले चुकी है, इसलिए इस बार भी महाअभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों को कोरोना टीका की दूसरी डोज देने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ-साथ अभी तक टीका की पहली डोज नहीं लेने वालों को ढूंढ-ढूंढकर कोरोना का टीका दिया जाएगा। इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिले भर में लगभग 400 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर अधिक से अधिक लोगों को कोरोना का टीका देने का लक्ष्य रखा गया है। सभी टीकाकरण केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है। सभी को समय से थोड़ा पहले केंद्र पर पहुंचने के लिए कहा गया है, ताकि टीकाकरण अभियान में किसी तरह की देरी नहीं हो और लाभुकों को कोई परेशानी नहीं हो।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि महाअभियान को लेकर सारी तैयारी कर ली गई है। इस बार भी काफी संख्या में जिले के लोग कोरोना का टीका लें, इसे लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी केंद्रों पर पहली और दूसरी दोनों डोज दी जाएगी। इस बार भी दूसरी डोज पर फोकस किया गया है। जिनलोगों का समय पूरा हो गया है, वे लोग टीके की दूसरी डोज अवश्य लें। साथ ही जिनलोगों ने एक भी डोज नहीं लिया है, वे तत्काल अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर टीका लें।
दूसरी डोज लेकर पुरस्कार का भागीदार बनेः सिविल सर्जन ने बताया कि समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को अभी पुरस्कार दिया जा रहा है। यह योजना 31 दिसंबर तक चलेगी। इसलिए पहला डोज लेने वाले लोगों का समय अगर पूरा हो गया है तो वह तत्काल कोरोना का टीका ले लें। लकी ड्रॉ के तहत वह पुरस्कार के भागीदार बन सकते हैं। साथ ही जिनलोगों को पुरस्कार मिल रहा है, वे क्षेत्र के अन्य लोगों को कोरोना का टीका लेने के लिए प्रेरित करें और उन्हें भी पुरस्कार क भागीदार बनाएं।
सदर प्रखंड में बनाए गए 25 केंद्रः महाअभियान को लेकर बांका सदर प्रखंड में 25 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों के लिए डाटा ऑपरेटर और एएनएम की नियुक्ति कर दी गई है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया है। साथ ही स्थानीय लोगों से अधिक से अधिक संख्या में आकर कोरोना का टीका लेने की अपील की गई है। आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका टीका नहीं लेने वालों को घरों से केंद्र तक लाने का काम कर रही हैं।