कोविड मेगा ड्राइव: जिले के विभिन्न प्रखंडों में विशेष कोविड वैक्सीनेशन आयोजित कर छूटे लोगों को दी गई वैक्सीन

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– लाभार्थियों के सुविधानुसार दी गई वैक्सीन, जरूरतमंदों के घरों तक पहुँची वैक्सीनेशन टीम
– सेकेंड डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरा करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर लगाया गया टीका

खगड़िया-

जिले में शत-प्रतिशत लोगों का कोविड-19 वैक्सीनेशन जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को लेकर लगातार विशेष वैक्सीनेशन के तहत शिविर आयोजित कर लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। साथ ही हर जरूरी निर्णय भी लिए भी लिए जा रहे और हर आवश्यक पहल भी की जा रही है। जिसका सार्थक परिणाम भी दिखने लगा है। वहीं, शनिवार को पुनः जिलेभर में कोविड मेगा ड्राइव चलाया गया। जिसके माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों में विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन से वंचित लोगों को वैक्सीनेटेड किया गया। साथ ही सेकेंड डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरी करने वाले लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी गई। इधर, विशेष अभियान के सफल संचालन के लिए सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, खगड़िया सदर पीएचसी डाॅ राजीव रंजन विभिन्न सेशन साइटों का भ्रमण कर आवश्यक निर्देश देते दिखे।

– सेकेंड डोज की वैक्सीन लेने वालों का प्राथमिकता के तौर पर लगाया गया टीका :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, जिले के सभी प्रखंडों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित की जाएगी। सभी सेशन साइटों पर दोनों डोज की वैक्सीन दी गई। किन्तु, इसबार सेकेंड डोज की वैक्सीन लेने के निर्धारित समयावधि पूरी करने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता के तौर पर सुरक्षा का टीका लगाया गया। विशेष अभियान के सफल संचालन के लिए सभी सेशन साइटों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती एवं वैक्सीन वाइल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। ताकि एक भी व्यक्ति को वैक्सीन के अभाव में लौटना नहीं पड़े। वहीं, उन्होंने बताया, जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए वैक्सीनेशन टीम को आवश्यक निर्देश दिए गए।

– जरूरतमंदों के घरों तक पहुँची वैक्सीनेशन टीम :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, मेगा वैक्सीनेशन ड्राइव के तहत जिले के सभी प्रखंडों में चयनित जगहों पर तो विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर आयोजित की गई। किन्तु, जो लोग शिविर स्थल तक आने में असमर्थ थे, उन्हें होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई, यानी उनके घर पर जाकर स्वास्थ्य टीम द्वारा वैक्सीन दी गई। ताकि ऐसे लाभार्थी भी वैक्सीन से वंचित नहीं रहें और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके तथा सामुदायिक स्तर पर लोग इस घातक महामारी के खतरे से सुरक्षित हो।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

समय पर कोरोना टीका का दूसरा डोज लेने वाले लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत

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– डीआरडीए परिसर में शिविर आयोजित कर जिले के छः प्रखंडों के विजेता लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत
– बंपर पुरुस्कार में तीन रूपये का तो सांत्वना पुरस्कार में एक हजार रूपये का मिला उपहार

भागलपुर, 18 दिसंबर।
डीआरडीए (समाहरनालय) परिसर में निर्धारित समय पर कोरोना टीका का दूसरा डोज लेने वाले लाभार्थियों को सम्मानित करने के लिए सेकेंड राउंड यानी दूसरे सप्ताह का पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उदघाटन डीडीसी प्रतिभा रानी, सीएस डॉ उमेश कुमार शर्मा, डीपीएम (हेल्थ) फैजान आलम अशर्फी, डैम विकास कुमार, केयर इंडिया के डाॅ सुपर्णा टाट, डाॅ खुशबु कुमारी, एफपीसी जितेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। शिविर में निर्धारित समयावधि के एक सप्ताह अंदर टीका का दूसरा डोज लेने वाले लाभार्थियों के बीच बम्पर एवं सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया। लक्की ड्रा के माध्यम से विजेता बने सभी लाभार्थियों को पुरस्कृत किया गया। वहीं, उपहार पाने के बाद सभी लाभार्थी काफी उत्साहित दिखे। वहीं, इस शिविर के माध्यम से जिले के छः प्रखंडों के विजेता लाभार्थियों को पुरस्कृत किया गया। जिसमें नवगछिया, जगदीशपुर, खरीक, सबौर, नाथनगर एवं गोराडीह के लाभार्थी शामिल थे।

– विजेता लाभार्थी अन्य लोगों को भी टीका लेने को करें प्रेरित :
डीडीसी प्रतिभा रानी ने शिविर को संबोधित करते हुए मौजूद विजेता लाभार्थियों से अपील करते कहा, आपलोग अपने माध्यम से अन्य लोगों को भी टीका लेने के लिए भी अपील करें। यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी भी है और समाजहित में बेहतर कदम भी है। वहीं, उन्होंने कहा, इस घातक महामारी से बचाव के लिए टीका ही सबसे बेहतर और कारगर उपाय है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करती हूँ कि जल्द से जल्द सभी लोग टीकाकरण कराएं और सुरक्षित रहें।

– सभी प्रखंडों के एक-एक लाभार्थियों को मिला बंपर पुरस्कार :
सिविल सर्जन डाॅ उमेश कुमार शर्मा ने बताया, शनिवार को द्वितीय सम्मानित सह पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से नियमानुसार प्रत्येक प्रखंड के एक-एक लाभार्थी को बंपर पुरुस्कार दिया गया। जबकि, बड़ी संख्या में लोगों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, बम्पर पुरस्कार के रूप तीन हजार रुपये और सांत्वना पुरस्कार के रूप में एक हजार रुपये का समान दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, जो लाभार्थी शिविर में किसी कारणवश नहीं आ पाएं, उनका उपहार सुरक्षित रहेगा और निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो पहला डोज ले चुके हैं और दूसरे डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरी कर चुके हैं, वह निश्चित रूप से निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन कराकर पुरस्कार का हकदार बनें। जो अबतक किसी भी कारण वश वैक्सीन नहीं ले पाएं है, वह वैक्सीनेशन कराकर इस घातक महामारी से खुद को सुरक्षित करें।

धोरैया प्रखंड में लाभुकों को मिला बंपर और सांत्वना पुरस्कार

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-समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को मिला पुरस्कार

-दूसरी डोज समय पर लेकर आप भी जीत सकते हैं पुरस्कार

बांका-

जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को शनिवार को फिर से पुरस्कृत किया गया। जिले के धोरैया प्रखंड के लाभुकों को दूसरे सप्ताह में निकाले गए लक्की ड्रा के तहत बंपर प्राइज और सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने पर केयर इंडिया के सहयोग से पुरस्कार दिया जा रहा है। सभी प्रखण्ड से एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जा रहा है।

बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट और दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया गया। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।

छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करेः सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।

लक्की ड्रा के तहत विजेताओं को किया जा रहा पुरस्कृत: लक्की ड्रा के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लकी ड्रा के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लक्की ड्रा के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है।

-नेल्सन मंडेला नोबेल पीस अवार्ड सम्मान और शब्द यात्रा का विमोचन दिल्ली में भव्य आयोजन

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-नेल्सन मंडेला नोबेल पीस अवार्ड कार्यक्रम के आयोजन से भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर- फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री
नईदिल्ली-
नेल्सन मंडेला नोबेल पीस अवार्ड एकेडमी ने दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इस खास आयोजन में जहां केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन कुलस्ते ने संबोधित किया। वहीं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने सम्मान पाने वाले अवार्डी का हौसला आफजाई किया।
नेल्सन मंडेला नोबेल पीस अवार्ड एकेडमी के इस खास प्रोग्राम को संबोधितं करते हुए केंद्रीय इस्पाल राज्य मंत्री फगन्न कुलस्ते कहा कि इस कार्यक्रम में खचाखच भरे हॉल से यह साबित होता है कि लोगों को ऐसे इंटीग्रेसन की जरूरत थी जिसकी अभी पूर्ति हो गई है। जिसके लिए डॉ राम कुमार टॉक को जितनी बधाई दी जाए कम है। कोरोना काल के समय बहुत से ऐसे योद्धा हुए जिन्हें सम्मानित करने की जरूरत थी। आज ऐसे कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है। फगन्न कुलस्ते ने कहा कि सम्मान पाने से समाज में किए गए कार्यों को जहां विशेष स्थान मिलता है वहीं आगे और अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है। इतने अच्छे आयोजन के लिए डॉ राम कुमार टाक को बहुत बहुत बधाई। फगन्न कुलस्ते ने कहा कि यह अवार्ड पद्मश्री जैसा है जिसे पाकर लोगों को सम्मान बढ़ा है.
इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि जिन्हें सम्मान मिला है पहले तो उन्हें बधाई। कई ऐसे विशिष्ट व्यक्ति भी हैं जो सम्मान पाने के लिए उन्हें प्रेरणा मिल रही होगी। ऐसे कार्यक्रम से देश में इंटिग्रेशन होता है। सभी एक जगह एकजुट होते हैं तो देश के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हैं।
राम दास अठावले ने कांस्टिट्यूशन क्लब के खचाखच भरे हॉल को संबोधित करते हुए कहा कि यह अद्भूत पल है जहां कई विधा के लोग यहां उपस्थित हैं। आज इसकी जरूरत थी कि विभिन्न सेक्टरों क्षेत्रों के लोग साथ में कार्य करें जिसकी आज यहां पूर्ति हो रही है। यह आसान काम नहीं है। जिस कार्य को नेलसन मंडेला पीस अवार्ड एकेडमी के फाउंडर चेयरमैन डॉ राजकुमार टॉक ने पूरा किया। राजकुमार टॉक की जितनी तारीफ की जाए कम है।
इस खास आयोजन में प्रह्लाद भाई मोदी ने अवार्डियों का हौसला आफजाई किया ओर सबकी प्रशंसा की।
इस मौके पर मिसेस इंडिया यूनिवर्स रूपल मेहता ने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने को कहा। मंच पर रूपल मेहता के होने भर से लोगों में उत्साह दोगुनी साफ दिख रही थी। जिस आत्मविश्वास के साथ रूपल मेहता ने सबका अभिवादन किया उसकी खूब प्रशंसा की गई।
दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में नेल्सन मंडेला नोबेल पीस अवार्ड में कई नामी कलाकारों को सम्मान दिया गया जिसमें मैथिली ठाकुर, राज कुमार नाहर, संतोष कुमार नाहर सहित अन्य कलाकार थे। इस मौके पर मैथिली ठाकुर ने एक गीत गाकर लोगों का मन मोह लिया।
इसके साथ ही कैलाश बिहारी सिंह की शब्द यात्रा पुस्तक का विमोचन किया गया। इस मौके पर शब्द यात्रा पुस्तक के बारे में बताते हुए डॉ कैलाश बिहारी सिंह ने कहा कि इस पुस्तक में हमारी पचास वर्षो की यात्रा है। साथ में सेल्स प्रोफेशलन रहते हुए संघर्षों ओर चुनौतियों के बारे में विशेष चर्चा है। महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के बावजूद संवेदनशील रचना को रखने की कोशिश की है।
कैलाश बिहारी सिंह ने कहा कि 2009 से 2014 के बीच चुनौतियां काफी थी जब मैं अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा था लेकिन इस समय में भी कविता लिखता रहा। जो रिश्तों का आभास हुआ वह कविताओं में व्यक्त किया है।
इस मौके पर नेंल्सन मंडेला नॉबेल पीस अवार्ड एकेडमी के फाउंडर चेयरमैन डॉ राज कुमार टाक ने कहा कि हमारी कोशिश है कि देश और समाज के उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाए जो समाज के लिए अतिमहत्वपूर्ण कार्य करते हैं। जिससे उनका उत्साह बढ़ता रहे। इसी कड़ी में आज दिल्ली में कार्यक्रम किया गया है। जिसमें कई अतिमहत्वपूर्ण हस्तियों ने भाग लिया है। आज कोरोना काल में सभी लोग निकल रहे हैं ऐसे में आज के समय में मिलना जुलना भी है ओर सेहत का भी खास ख्याल रखना है।
डॉ राम कुमार टाक ने कहा कि फाउडेंशन समाज में निचले तबके के लोगों के लिए भी लगातार कार्य करता रहा है जिसमें कई हस्तियों का भी सहयोग रहा है। हमारी कोशिश है कि ऐसे अवार्ड देश के हर शहर में किया जाए जिसके लिए वे प्रयत्नशील हैं।
इस मौके पर श्याम नारायण सिंह को याद किया गया। जब उनके वृत्त चित्र दिखाए जा रहे थे तो लोगों ने अपनी जगह से उठकर उनको याद किया।
गौरतलब है कि नेल्सन मंडेला पीस अवार्ड एकेडमी का अगला कार्यक्रम पुणे में आयोजित किए जाने की घोषणा भी की गई।

बेलहर, फुल्लीडुमर, रजौन, बौंसी, कटोरिया और चांदन के लाभुकों को मिला पुरस्कार

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-समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को दिया गया पुरस्कार
-टीका की दूसरी डोज समय पर लेने पर आप भी जीत सकते हैं पुरस्कार
बांका, 17 दिसंबर ।
जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को पुरस्कार देने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को जिले के बेलहर, फुल्लीडुमर, रजौन, बौंसी, कटोरिया और चांदन प्रखंड के लाभुकों को कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने की वजह से लक्की ड्रॉ के तहत पुरस्कार दिया गया। सभी प्रखंडों से एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जा रहा है। आप भी बन सकते हैं पुरस्कार के भागीदार, इसलिए देर मत कीजिए। कोरोना टीका की पहली डोज लेने के बाद समय पूरा हो गया है तो जल्द दूसरी डोज लगवा लें। आपको भी मिल सकता है इनाम।
बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट और दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया गया। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।
छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करें -सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।
उपलब्ध करायी जा रही सूचीः लकी ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लक्की ड्रॉ की पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लक्की ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है।

कोरोना वैक्सीन की सेकेंड डोज़ लेने वाले प्रखण्डस्तर के लाभार्थियों के नाम घोषित

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– कोविन पोर्टल पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चुने गए विजेता लाभार्थी

– सिविल सर्जन, डीपीएम और डीआईओ ने की दूसरे सप्ताह के विजेता लाभार्थी की घोषणा

मुंगेर, 17 दिसंबर। सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि और डीआईओ डॉ. राजेश कुमार रौशन ने संयुक्त रूप से कोविन पोर्टल पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से दूसरे सप्ताह 4 से 10 दिसम्बर के बीच कोरोना वैक्सीन की सेकेंड डोज़ लेने वाले भाग्यशाली विजेताओं के नामों की घोषणा की। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से बरियारपुर प्रखण्ड को छोड़कर शेष सभी प्रखंड़ों से बम्पर प्राइज के लिए एक- एक भाग्यशाली लाभार्थी के नामों की घोषणा की गई। इसके साथ ही सांत्वना पुरस्कारों के लिए धरहरा प्रखण्ड से सात लाभार्थी और शेष सभी प्रखंड़ों से 10-10 भाग्यशाली लाभार्थियों के नामों की घोषणा की गई है। मालूम हो कि कोरोना टीकाकरण के द्वितीय खुराक के आच्छादन स्तर में वृद्वि लाने के उद्देश्य से ड्यू डेट के सात दिनों के अंदर द्वितीय खुराक लेने और उनके टीकाकरण कि स्थिति की नियत अवधि के अंदर अपडेट करने के बाद कोविन पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चुने गए लाभार्थी को केयर इंडिया के सहयोग से पुरस्कार देकर सम्मानित किया जा रहा है।

मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि 4 से 10 दिसम्बर के बीच कोरोना वैक्सीन की सेकेंड डोज़ लेने वाले कोविन पोर्टल पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चुने गए भाग्यशाली विजेताओं में बरियारपुर प्रखण्ड को छोड़कर जिला के सभी प्रखण्डों से बम्पर पुरस्कार के लिए एक- एक लाभार्थी और सांत्वना पुरस्कार के लिए 10 -10 भाग्यशाली विजेता लाभार्थी का चयन किया गया है। सिर्फ धरहरा प्रखण्ड में सांत्वना पुरस्कार के लिए सात भाग्यशाली विजेता लाभार्थी का चयन किया गया है। इन सभी लोगों को आगामी एक से दो दिनों के अंदर प्रखण्ड स्तर पर स्थानीय मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बम्पर पुरस्कार के लिए असरगंज प्रखण्ड से अब्दस सलाम रहमान, धरहरा प्रखण्ड से सूमा देवी, तारापुर प्रखण्ड से सोनी देवी, टेटिया बम्बर प्रखण्ड से रतनी देवी, संग्रामपुर गोल्डन कुमार, जमालपुर प्रखण्ड से पूनम देवी, मुंगेर सदर प्रखंड से लूसी कुमारी और हवेली खड़गपुर प्रखण्ड से अंजनी देवी विजेता घोषित किए गए हैं।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि मुंगेर के सभी प्रखंड़ों से बम्पर प्राइज के लिए चुने गए एक भाग्यशाली विजेता को 3000 रुपये तक मूल्य का मिक्सर ग्राइंडर, गैस स्टोव, वाटर फ़िल्टर, ब्लैंकेट और इंडक्शन स्टोव में से कोई एक पुरस्कार स्वरूप मिलेंगे । वहीं सांत्वना पुरस्कार के लिए प्रत्येक प्रखण्ड से चुने गए 10 भाग्यशाली विजेता लाभार्थी को 1000 रुपये मूल्य तक के इन्सुलेटेड वाटर बोतल, कैसरोल सेट, रिचार्जएबल लालटेन और लंच बॉक्स में से कोई एक पुरस्कार स्वरूप दिए मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार 27 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक प्रत्येक सप्ताह प्रखण्ड स्तर पर दिए जाएंगे। इसके बाद जिला स्तर पर 3 भाग्यशाली विजेता लाभार्थी को ग्रैंड पुरस्कारों के लिए चुना जाएगा जिन्हें पुरस्कार स्वरूप 32 इंच का एलईडी टीवी सहित डबल डोर का रेफ्रिजरेटर सहित अन्य पुरस्कार दिए जाएंगे।

अलौली के सूरजनगर में मिली कालाजार पीड़ित महिला को उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवा

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– सदर अस्पताल में पीड़ित महिला का चल रहा है इलाज, मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ
– घर-घर सघन मरीज खोज अभियान के दौरान पीड़ित महिला की हुई पहचान
– मंगलवार को सूरजनगर गाँव में शिविर आयोजित कर की जाएगी लोगों की जाँच

खगड़िया-
जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत सूरजनगर गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गये सघन मरीज खोज अभियान के दौरान एक 45 वर्षीया महिला में कालाजार के लक्षण पाए गये। जिसके बाद महिला की जाँच कराई गई। जिसमें संक्रमित पाई गई। इसके बाद महिला को स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई। पीड़ित महिला का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहाँ महिला को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार महिला के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। मालूम हो कि इस गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सघन मरीज खोज अभियान चलाया जा रहा है। ताकि लक्षण वाले मरीजों की शुरुआती दौर में ही पहचान सुनिश्चित हो सके और ससमय आवश्यक समुचित जाँच और इलाज उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही अन्य लोगों को भी बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाया जा सके।

– लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया, सरकारी अस्पतालों में कालाजार की जाँच एवं समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए, कालाजार का लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाँच कराएं। जाँच के पश्चात चिकित्सा परामर्श का पालन करते हुए आगे कदम उठाएं। वहीं, उन्होंने बताया, जाँच में संक्रमित पाए जाने पर संबंधित मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इन बीमारियों से बचने के लिए जमीन पर नहीं सोऐं। मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

– 30 दिनों से बुखार से पीड़ित थी महिला :
उन्होंने बताया, महिला बीते 30 दिनों से बुखार से पीड़ित थी। जिसके कारण सघन मरीज खोज अभियान के दौरान उसमें कालाजार के लक्षण पाये गये। जिसके बाद उनकी जाँच कराई गई, जिसमें वह संक्रमित पाई गई। इसके बाद उन्हें समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई गई। वहीं, उन्होंने बताया, मरीज का अकाउंट डिटेल्स ले लिया गया है। जिसके माध्यम से मिलने वाली सरकारी सहायता की राशि दो दिनों के अंदर भेज दी जाएगी। साथ ही मंगलवार को मरीज के गाँव में विशेष जाँच शिविर का आयोजन किया जाएगा।

– कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय :
कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय है। साथ ही इससे बचाव के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिए लोगों को साफ-सफाई समेत रहन-सहन में बदलाव करने की आवश्यकता है। दरअसल, कालाजार मादा बालू मक्खी (सैन्ड फ्लाई) के काटने से फैलता है। एसपी पाउडर के छिड़काव से ही बालू मक्खी के प्रभाव को पूर्णत: खत्म किया जा सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एसपी पाउडर का छिड़काव कराया जाता है। जिससे बालू मक्खी को समाप्त किया जा सके।

– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रूक-रूक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।

– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन समाग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

सुरक्षित गर्भपात को बढ़ावा देने के लिए समीक्षात्मक बैठक का आयोजन

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– बरौनी में आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के सहयोग से हुई बैठक
– द्वितीय तिमाही के गर्भवती का विशेष ख्याल रखने का दिया गया निर्देश

बेगूसराय, 17 दिसंबर।
शुक्रवार को बरौनी के एक निजी होटल में क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई मुंगेर के द्वारा आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के सहयोग से सुरक्षित गर्भपात विषय पर एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय अपर निदेशक डाॅ विजेंद्र सत्यार्थी ने की। बैठक में मुंगेर प्रबंधन इकाई के सभी जिले मुंगेर, बेगूसराय, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा एवं खगड़िया के प्रशिक्षित चिकित्सक, उपाधीक्षक एवं स्वास्थ्य प्रबंधक शामिल हुए। बैठक में मासिक डेटा पर विस्तृत चर्चा करते हुए मौजूद पदाधिकारियों से फीडबैक ली गयी। इसके अलावा सुरक्षित गर्भपात सेवा को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। ताकि शिशु-मृत्यु दर में कमी आ सके और इच्छुक गर्भवती महिलाएं सुविधाजनक तरीके से अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सके। इस दौरान ऐसे गर्भवती का विशेष ख्याल रखने पर बल दिया गया, जो किसी कारण गर्भधारण के द्वितीय तिमाही स्टेप में पहुँच गईं हैं। बैठक में बेगूसराय के सिविल सर्जन डाॅ विनय कुमार झा, आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के शंकर दयाल सिंह समेत सभी जिले के प्रशिक्षित चिकित्सक, उपाधीक्षक एवं प्रबंधक मौजूद थे।

– मातृ-मृत्यु का कारण असुरक्षित गर्भपात :
क्षेत्रीय अपर निदेशक डाॅ विजेंद्र सत्यार्थी ने बताया, देश में 08% मातृ-मृत्यु असुरक्षित गर्भपात के कारण ही होता है। इसलिए, सुरक्षित गर्भपात को बढ़ावा देने की जरूरत है। इसके लिए गर्भपात के दौरान गर्भधारण अवधि का विशेष ख्याल रखना बेहद जरूरी है। ताकि गर्भपात के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी उत्पन्न नहीं हो और इच्छुक महिलाएं सुविधाजनक तरीके से गर्भपात कराकर अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सकती है। इसको लेकर द्वितीय तिमाही के स्टेप में पहुँच चुकी गर्भवती को सुरक्षित गर्भपात के लिए सदर अस्पताल भेजने का निर्देश दिया गया है।

– द्वितीय तिमाही स्टेप में पहुँच चुकी गर्भवती का एमटीपी एक्ट के तहत कराया जाएगा सुरक्षित गर्भपात :
क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक रूप नारायण शर्मा ने बताया, ऐसी गर्भवती महिलाएं, जो किसी कारणवश जाने-अनजाने में द्वितीय तिमाही स्टेप में जा चुकी है उन गर्भवती का एमटीपी एक्ट के तहत सुरक्षित गर्भपात करायी जाएगी। इससे ना सिर्फ सुरक्षित गर्भपात को बढ़ावा मिलेगा बल्कि, लाभार्थियों को भी सुविधा होगी और मातृ-मृत्यु दर में कमी आएगी। इसके अलावा गर्भपात सुविधा के साथ परिवार नियोजन साधन को भी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ताकि परिवार नियोजन साधन को बढ़ावा मिल सके और लाभार्थियों को स्थाई निजात मिल सके। इसके लिए लाभार्थियों को भी अनचाहे गर्भ से स्थाई निजात मिलेगी। वहीं, उन्होंने बताया, मुंगेर इकाई के द्वारा वर्ष 2016 से 2021 के बीच 69 चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षित चिकित्सक अपने संस्थान में सुरक्षित गर्भपात की सेवा दे रहे या नहीं, इस विषय पर भी चर्चा की गई। जिसके बाद चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

– सुरक्षित गर्भपात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता जरूरी :
आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के शंकर दयाल सिंह ने कहा, सुरक्षित गर्भपात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता जरूरी है। इसलिए, महिलाओं को जागरूक करें और एमटीपी एक्ट के संबोधित नियमों की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया, एमटीपी एक्ट 1971 के तहत सशर्त 20 सप्ताह तक का गर्भपात कराना वैध था। किन्तु, संबोधन के बाद इस अवधि को बढ़ाकर 24 सप्ताह कर दिया गया।

सुरक्षित गर्भसमापन महिला स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक:सांझा प्रयास

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• असुरक्षित गर्भसमापन मातृ मृत्यु का एक मुख्य कारण
• आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा कार्यशाला का हुआ आयोजन
• 80 गैर सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में लिया हिस्सा
पटना/17 दिसंबर। सुरक्षित गर्भसमापन के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से आईपास के द्वारा पटना के एक निजी होटल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें सांझा प्रयास के नेटवर्क के सदस्यों ने सुरक्षित गर्भ समापन की सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए रणनीति पर चर्चा की साझा प्रयास नेटवर्क द्वारा सुरक्षित गर्भ समापन की जागरूकता के लिए विभिन्न गतिविधियां की गई। जिसमें मुख्य रुप से फ्रंटलाइन वर्कर जैसे आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका तथा जीविका दीदियों का उन्मुखीकरण जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों यथा स्वास्थ्य, सामेकित बाल विकास परियोजना, पंचायती राज्य सदस्य तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी इत्यादि के साथ सरकारी तथा विधायी सदस्यों, नीति निर्धारकों मीडिया कर्मी एवं स्थानीय गैर सरकारी संस्थान के सदस्यों के साथ वार्ता के साथ ही अलग अलग मंच का उपयोग करके सुरक्षित गर्भ समापन के लिए जागरूक करने की बात कही गयी।

कार्यशाला में आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन की सीनियर डायरेक्टर हेल्थ डॉक्टर छाया तिवारी ने एमटीपी एक्ट 1971 में हुए संशोधन के विषय से अवगत कराया। साथ ही यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों के विषय पर भी चर्चा की। उनके द्वारा यह बताया गया कि दूरस्थ क्षेत्रों में ग्रामीणों को सुरक्षित गर्भ समापन की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है।इस हेतु बिहार तथा उत्तर प्रदेश की 20 स्वयं सेवी संस्थान ने सांझा प्रयास नाम का एक नेटवर्क बनाया है। सांझा प्रयास का उद्देश्य समाज के विभिन्न व्यक्ति तथा संस्थाएं जैसे कि सरकारी विभाग मीडिया समुदाय इत्यादि को महिला स्वास्थ्य विशेषकर सुरक्षित गर्भ समापन के विषय पर जागरूक करना तथा सुरक्षित गर्भ समापन सेवाओं को बढ़ाने के लिए उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।इस कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 80 गैर सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सुरक्षित गर्भ समापन के प्रति समुदायस्तर पर जागरूकता जरूरी:

बिहार वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन के कार्यपालक निदेशक स्वपन मजूमदार ने समुदाय स्तर पर सुरक्षित गर्भ समापन हेतु लोगों को जागरूक करने के लिए रणनीति पर चर्चा की। आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के वरीय राज्य निदेशक निलेश कुमार ने सांझा प्रयास नेटवर्क के अंतर्गत कार्य करने वाली सभी नेटवर्क सदस्यों को अपने कार्य क्षेत्र में सभी बैठकों में युवाओं एवं प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर निरंतर चर्चा करने हेतु बताया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो सके और सुरक्षित गर्भपात की सेवाओं का लाभ उठा सकें।

असुरक्षित गर्भ समापन मातृ मृत्यु का एक मुख्य कारण:

अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य पत्रिका लैंसेट में छपे एक लेख के अनुसार भारत में होने वाले कुल गर्भ समापन में लगभग दो-तिहाई स्वास्थ्य केंद्र के बाहर होते हैं बिहार में 1 वर्ष में होने वाले 12.5 लाख गर्भ समापन में से 84% स्वास्थ्य केंद्र के बाहर होते हैं तथा 5% गर्भ समापन अप्रशिक्षित सेवा प्रदाता द्वारा किए जाते हैं और असुरक्षित गर्भ समापन मातृ मृत्यु का एक मुख्य कारण है। इसलिए इस विषय पर कार्य करने की आवश्यकता है। पिछले 5 दशकों के दौरान महिलाओं की यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य विशेषकर सुरक्षित गर्भपात के क्षेत्र में काफी बदलाव देखा गया है। केंद्र एवं राज्य सरकारों के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप सुरक्षित गर्भ समापन की जानकारी व सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है। एमटीपी एक्ट 1971 के पारित होने से गर्भ समापन को कानूनी दर्जा मिला तथा महिलाओं के गर्भ समापन सेवाओं के लिए कुशल माहौल बना इसके बावजूद आज भी प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं की कमी, कानूनी गर्भ समापन की कम जानकारी तथा इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के कारण कई महिलाओं को सुरक्षित गर्म समापन सेवा नहीं मिल पाती हैं तथा उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। भारत में प्रतिदिन 10 महिलाओं की मृत्यु और सुरक्षित गर्म समापन से जुड़ी जटिलताओं के कारण होती है तथा असंख्य महिलाओं को जीवन पर्यंत परेशानी का सामना करना पड़ता है।

हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का हो रहा निःशुल्क इलाज, उपलब्ध कराई जा रही है समुचित स्वास्थ्य सेवा

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– आरबीएसके टीम के सहयोग से पीड़ित बच्चों को चिह्नित कर कराया जा रहा है इलाज
– पीड़ित बच्चे को सुविधाजनक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को आरबीएसके टीम ने जारी किया मोबाइल नंबर

लखीसराय, 17 दिसंबर। लोगों को बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने को लेकर जहाँ सरकार पूरी तरह गंभीर है वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सजग और कटिबद्ध है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए आरबीएसके टीम की पहल पर जिले के हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का पूरी तरह निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है। जिसका सार्थक परिणाम यह है कि समुचित इलाज और स्वस्थ होने की उम्मीद छोड़ चुके पीड़ित बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो रहे हैं और बच्चों को नई स्वस्थ जिंदगी जीने का अवसर मिल रहा है। ऐसे पीड़ित बच्चों का जिले के आरबीएसके टीम द्वारा स्क्रीनिंग कर चिह्नित किया जा रहा है और आवश्यकता के अनुसार समुचित इलाज के लिए पटना या अहमदाबाद भेजा जा रहा है। जहाँ बच्चों का सरकारी स्तर से निःशुल्क समुचित इलाज हो रहा है।

– चार बच्चे को स्क्रीनिंग के लिए भेजा गया आईजीआईसी, दो और भेजा जाएगा :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, समय पर इलाज शुरू होने से जिले के कई बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि, वर्तमान में जिले के चार बच्चों को स्क्रीनिंग के लिए आईजीआईसी (पीएमसीएच) पटना भेजा गया है। जिसमें लखीसराय के पुरानी बाजार निवासी राजेश कुमार का पुत्र सूर्यदेव सत्यम, सूर्यगढ़ा के बरियारपुर निवासी यतन कुमार का पुत्र संहया कुमार, रामनगर के रामचंद्रपुर निवासी सिंटु कुमार की पुत्री राधिका कुमारी एवं रामगढ़ चौक प्रखंड के नन्दनामा निवासी उमेश यादव का पुत्र अंकुश कुमार शामिल हैं। जबकि, लखीसराय के गढ़ी विशनपुर निवासी मुकेश मोदी का पुत्र चिराग कुमार एवं रामगढ़ चौक प्रखंड के फुलैया निवासी मुकेश यादव का पुत्र आजाद कुमार को स्क्रीनिंग के लिए आईजीआईसी भेजा जाएगा। सभी बच्चे होठ एवं तालु की समस्या से पीड़ित हैं। जाँच के उपरांत सभी बच्चे को आवश्यकतानुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

– हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के अभिभावक नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में आरबीएसके टीम से संपर्क कर ले सकते हैं लाभ :
जिला समन्वयक डाॅ शिवशंकर कुमार ने बताया, हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में आरबीएसके टीम से संपर्क कर निःशुल्क समुचित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिला सकते हैं। वहीं, उन्होंने बताया, ऐसे पीड़ित बच्चों के अभिभावक मेरे मोबाइल नंबर 9835620562 पर काॅल या व्हाट्स एप के माध्यम से भी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। जानकारी उपलब्ध कराने के पश्चात आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, उन्होंने बताया, नंबर जारी करने का मुख्य उद्देश्य है, पीड़ित बच्चे को सुनिश्चित रूप से सुविधाजनक तरीके से समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना। वहीं, उन्होंने बताया, इस समस्या से पीड़ित बच्चों के स्थाई निजात के लिए समय पर इलाज शुरू कराना जरूरी है। अन्यथा, परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिन बच्चों के होठ कटे हैं, उसका 03 सप्ताह से 03 माह के अंदर, जिसके तालु में छेद (सुराग) है, उसका 06 से 18 माह एवं जिसका पैर टेढ़े-मेढ़े हैं, उसका 02 सप्ताह से 02 माह के अंदर शत-प्रतिशत सफल इलाज संभव है। इसलिए, जो उक्त बीमारी से पीड़ित बच्चे हैं, उसके अभिभावक अपने बच्चों का आरबीएसके टीम के सहयोग से समय पर मुफ्त इलाज शुरू करा सकते हैं। वहीं, उन्होंने बताया, जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित बच्चे को साँस लेने में परेशानी होती है। हमेशा सर्दी-खांसी रहती है। चेहरे, हाथ, होंठ नीला पड़ने लगता है। जिसके कारण गंभीर होने पर बच्चों के दिल में छेद हो जाता है।

– स्क्रीनिंग से लेकर आने-जाने का खर्च सरकार करती है वहन :
बच्चों में होने वाले जन्मजात रोगों में हृदय में छेद होना एक गंभीर समस्या है। उक्त बीमारी से पीड़ित बच्चे का बाल हृदय योजना के तहत सरकार द्वारा पूरी निःशुल्क इलाज कराया जाता है। यही नहीं, इलाज के साथ-साथ इलाज के लिए आने-जाने का पीड़ित बच्चा सहित उनके अभिभावक का खर्च सरकार ही वहन करती है।