-जिले में टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने के लिए चलाया जाएगा अभियान
-अभियान के दौरान दो लाख लोगों को कोरोना का टीका देने का है लक्ष्य
भागलपुर, 17 दिसंबर।
कोरोना टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने को लेकर शनिवार को जिले में एक बार फिर से अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर जिले में सैकड़ों केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर कि दो लाख लोगों को कोरोना का टीका देने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में कोरोना टीका की पहली डोज लेने वालों की संख्या अच्छी-खासी है, इसलिए इस बार भी टीका की दूसरी डोज पर फोकस किया जाएगा। हालांकि इसके साथ ही जिनलोगों ने अभी तक टीका की एक भी डोज नहीं ली है, उन्हें भी टीका दिया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को एक बार फिर से अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है। डेटा ऑपरेटर से लेकर एएनएम को समय से थोड़ा पहले आने के लिए कहा गया है, ताकि टीकाकरण समय से शुरू हो सके। दिनभर जिले के सभी टीकाकरण केंद्रों की निगरानी भी की जाएगी। अभियान के दौरान कोरोना टीका की दूसरी डोज पर फोकस किया जाएगा, इसलिए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को ड्यू लिस्ट भेज दी गई है। साथ ही अब तक टीका से वंचित रहे लोगों की सूची भेज दी गई है।
565 मोबाइल टीम रहेगी सक्रियः शनिवार को जिले में टीकाकरण अभियान के दौरान 565 बाइक टीम सक्रिय रहेगी। इसके अलावा टीका एक्सप्रेस को भी टीकाकरण अभियान में लगाया जाएगा। गांव-गांव, घर-घर और मोहल्लों और चौराहों पर जाकर लोगों का टीकाकरण किया जएगा। जिले के सभी लोगों का जल्द से जल्द टीकाकऱण हो जाए, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय है। यही वजह है कि लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण को लेकर व्यवस्था की गई है। अभियान के दौरान जिला प्रतिरक्षण कार्यालय टीका की व्यवस्था पर नजर रखेगा। जहां भी जरूरत होगी, वहां आपूर्ति की जाएगी।
बाहर से आने वालों की जांच जारी: एक तरफ जिले के सभी लोगों को कोरोना का जल्द से जल्द टीका देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है तो दूसरी तरफ बाहर से आने वाले लोगों की जांच जारी है। जिला स्वास्थ्य समिति के पास एक सूची है, जिसके अनुसार बाहर से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। लोगों को कॉल कर कोरोना जांच के लिए बुलाया जा रहा है। साथ ही जांच टीम भेजने की भी व्यवस्था है। जो लोग जांच कराने के नाम पर कतराते हैं, उन्हें भी समझाकर जांच के लिए तैयार कर लिया जाता है।
कोरोना टीकाकरण को लेकर आज चलेगा अभियान
निर्भया को याद कर महिलाओँ के लिए सुरक्षित माहौल बनाने का लिया संकल्प
पुरुष वर्चस्व की दीवार में सुराख़ करने की माँग
दिन हो या रात सुरक्षित गाँव, शहर और सड़क की माँग
पटना, 16 दिसंबर: देश की राजधानी दिल्ली में आज से 9 साल पूर्व हुई निर्भया की घटना ने हर दिल को झझकोर दिया था. इसे लेकर देशव्यापी आक्रोश भी देखा गया. इस आक्रोश के बाद ऐसा लगा था कि शायद महिला हिंसा में कमी आयेगी लेकिन कोविड काल के दौरान महिलाओं के प्रति बढ़ी हिंसा ने एक बार फिर लोगों को चिंता में डाल दिया है. निर्भया कांडा के नौ साल होने पर जिला के दानापुर तथा बिहटा के लगभग दस गांव के 500 से अधिक लोगों ने निर्भया को याद करते हुए महिलाओं एवं लड़कियों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाने पर ज़ोर दिया. इस दौरान इस बात पर चिंता जतायी गयी कि निर्भया की घटना के बाद भी महिलाओं तथा किशोरियों पर हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं. इस दौरान मौजूद महिलाओं, पुरुषों, किशोर व किशोरियों ने कैंडल मार्च निकाला और स्लोगन के माध्यम से अपने अधिकार और सुरक्षा पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया. महिलाओँ के लिए सुरक्षित माहौल बनाने का लिया संकल्प. पुरुष वर्चस्व की दीवार में सुराख़ करने की माँग भी उठी.
इस कार्यक्रम के दौरान संस्था से रजनी ने महिलाओं तथा किशोरियों से संवाद करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति बनाया जाना जरूरी है जो महिलाओं की रात या दिन हर समय सुरक्षा सुनिश्चित कर सके. इसके लिए संवदेनशील लोगों को आगे बढ़ने की नितांत आवश्यकता है. महिलाओं का रात में नहीं निकल पाना उन्हें अवसरों से दूर रखता है. समय के साथ रोजगार के नजरिये में बदलाव हुआ है. आज रातों में महिलाएं अस्पताल, पुलिस बल व ऐसी नौकरियों के माध्यम से अपनी सेवा दे रहीं हैं. प्रशासन व सरकार के लोग इस बात को सुनिश्चित करें कि दिन या रात, महिलाएं कभी भी कहीं भी आने जाने में सुरक्षित महसूस कर सकें.
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं व किशोरियां आज पढ़ लिख कर रोजगार कर रहीं हैं. शिक्षा प्राप्त करने से लेकर रोजगार करने तक सुबह से लेकर शाम होने तक महज इस बात की चिंता कर रहीं होती है कि वे सुरक्षित किस प्रकार रहें. शाम होने के साथ ही उनकी चिंताएं बढ़ती जाती हैं. यही नहीं शाम और रात होने के साथ घर पहुंचने की स्थिति में परिजनों व गली पड़ोस के सवालों का भी सामना करना पड़ता है. उन्हें इस स्थिति से उबारने की बहुत जरूरत है ताकि वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकें और अवसर प्राप्त कर सकें. उन्हें जीवन में अवसरों को प्राप्त करने में ऐसी स्थिति बड़े बाधक हैं.
रात के समय घर से नहीं निकलना पुरुष वर्चस्व वाले समाज की एक सोच है. यह सोच धीरे धीरे हर जगह फैल गयी है. रातों को निकलना महिलाओं के लिए अपराध या गलत समझा जाता है. लेकिन पुरुषों को भी इस सोच से बाहर निकलने की जरूरत है. शाम के समय महिलाएं घर से निकलें और इस पुरानी पंरपराओं को दरकिनार कर नयी सोच को अपनायें
समय पर कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने वालों को मिला पुरस्कार
-शंभूगंज प्रखंड में लाभुकों को बंपर और सांत्वना पुरस्कार दिया गया
-दूसरी डोज समय पर लेकर आप भी जीत सकते हैं पुरस्कार
बांका, 16 दिसंबर ।
जिले में कोरोना टीका की दूसरी डोज समय से लेने वालों को गुरुवार को फिर से पुरस्कृत किया गया। जिले के शंभूगंज प्रखंड के लाभुकों को दूसरे सप्ताह में निकाले गए लक्की ड्रा के तहत बंपर प्राइज और सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने पर पुरस्कार दिया जा रहा है। सभी प्रखण्ड से एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जा रहा है।
बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया गया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट और दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया गया। मालूम हो कि 27 नवंबर से 31 तक कोरोना टीका की दूसरी डोज समय पर लेने वालों को हर सप्ताह पुरस्कार देने की योजना है। इसके तहत कुल पांच सप्ताह तक लोगों को पुरस्कार दिया जाएगा। पांचों सप्ताह पूरा होने पर 31 दिसंबर को जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा।
छूटे हुए लोग टीका लेने में देरी नहीं करेः सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अब तो समय पर दूसरी डोज लेने वालों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। समय से कोरोना टीका की दूसरी डोज लीजिए, हो सकता है आप ही इनाम के भागीदार हों। साथ ही टीका लेने से कोरोना से भी आपका बचाव होगा, इसलिए देरी नहीं करें और जल्द से जल्द जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज लें। जिनलोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज नहीं ली है, वे जल्द से जल्द पहली डोज ले लें।
उपलब्ध करायी जा रही सूचीः लकी ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण उपलब्ध करायी जा रही है। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लक्की ड्रॉ की पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जा रही है और लक्की ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जा रहा है।
जिले के विभिन्न पीएचसी में द्वितीय साप्ताहिक सम्मानित सह पुरुस्कार वितरण शिविर आयोजित कर किया गया पुरस्कृत
– निर्धारित समय-सीमा के अंदर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लक्की ड्रा के माध्यम से विजेता लाभार्थियों को किया गया पुरस्कृत
– स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर आयोजित कर किया गया पुरस्कार वितरण
खगड़िया, 16 दिसंबर।
गुरुवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों के विभिन्न पीएचसी में निर्धारित समय पर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वाले लाभार्थियों को सम्मानित करने के लिए सेकेंड राउंड यानी दूसरे सप्ताह के पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें निर्धारित समयावधि के एक सप्ताह अंदर वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों के बीच बम्पर एवं सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया। लक्की ड्रा के माध्यम से विजेता बने सभी लाभार्थियों को पुरस्कार दिया गया। वहीं, सभी जगह उपहार पाने के बाद सभी लाभार्थी काफी उत्साहित दिखे एवं इस पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग को धन्यवाद दिया। वहीं, खगड़िया सदर पीएचसी में शिविर का उदघाटन जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष, सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार एवं केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंदन ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन ने लोगों से इस घातक महामारी से बचाव के लिए जल्द से जल्द वैक्सीनेशन कराने की अपील की। इस मौके पर खगड़िया सदर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ राजीव रंजन, बीएचएम चंद्रमोहन कुमार, केयर इंडिया की प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी, गुलशन कुमार, उदय कुमार आदि मौजूद थे।
– सभी जगह एक-एक लाभार्थियों को मिला बंपर पुरस्कार :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, जिले के विभिन्न प्रखंडों में गुरुवार को द्वितीय सम्मानित सह पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से नियमानुसार सभी जगह यानी प्रत्येक प्रखंड में एक-एक लाभार्थी को बंपर पुरस्कार दिया गया। जबकि, बड़ी संख्या में लोगों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, बम्पर पुरस्कार के रूप तीन हजार रुपये और सांत्वना पुरस्कार के रूप में एक हजार रुपये का सामान दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, जो लाभार्थी शिविर में किसी कारणवश नहीं आ पाएं, उनका उपहार सुरक्षित रहेगा और निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो पहली डोज ले चुके हैं और दूसरी डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरी कर चुके हैं, वह निश्चित रूप से निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन कराकर पुरस्कार का हकदार बनें। जो अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन नहीं ले पाए हैं, वह वैक्सीनेशन कराकर इस घातक महामारी से खुद को सुरक्षित करें।
– पाँच सप्ताह तक सप्ताह में एक दिन पुरस्कार का होगा वितरण :
डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार ने बताया, गुरुवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों सेकेंड राउंड यानी दूसरे सप्ताह में लक्की ड्रा के माध्यम से विजेता लाभार्थियों को पुरस्कार दिया गया। इसी तरह 31 दिसंबर तक प्रत्येक सप्ताह में एक दिन साप्ताहिक शिविर आयोजित कर विजेताओं को उपहार दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, लक्की ड्रा के लिए निर्धारित समयावधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से द्वितीय खुराक के ड्यू लाभाथियों की सूची को अचूक रूप से शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ संचयी रूप से अगले 7 दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध कराए गए डीडीए द्वारा किया जाएगा तथा संकलित आंकड़ों में से द्वितीय खुराक का टीका लकी ड्रा के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जाएगी और लकी ड्रा के लिए सम्मलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन और एनीमियामुक्त भारत कार्यक्रम के प्रति जागरूकता को ले उन्मुखीकरण कार्यशाला
– सदर अस्पताल के एएनएम स्कूल सभागार में उन्मुखीकरण कार्यशाला का सिविल सर्जन ने किया उद्घाटन
– उन्मुखीकरण कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी हुए शामिल
मुंगेर, 16 दिसम्बर । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) और एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के प्रति जागरूकता को ले गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल सभागार में उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गयी। उन्मुखीकरण कार्यशाला का उद्घाटन मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि सिहित कई पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर तीन विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। जिला स्वास्थ्य समिति और सदर अस्पताल मुंगेर में पदस्थापित पदाधिकारी, डॉक्टर, एएनएम/जीएनएम , जिला के सभी सीएचसी/पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा के अलावा शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, समाज कल्याण विभाग के तहत सभी प्रखण्डों में कार्यरत सीडीपीओ और एलएस आदि मौजूद थे।
उन्मुखीकरण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम 10 अक्टूबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिला के रजिस्ट्रेशन से लेकर गुणवत्तापूर्ण सुरक्षित संस्थागत प्रसव, छह महीने तक मां और नवजात शिशु के स्वास्थ्य की सही देखभाल को सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिला की सम्मानपूर्ण तरीके से पूरी तरीके से निःशुल्क प्रसव सुनिश्चित करने के साथ ही अगले छह महीने तक मां और नवजात शिशु को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ताकि मातृ- शिशु मृत्यु को समाप्त करने के साथ ही उन्हें सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर और सकारात्मक अनुभव प्रदान करना है।
उन्मुखीकरण कार्यशाला में शामिल पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए डा नीलू ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत 100 परसेंट मैटरनल और चाइल्ड डेथ की रिपोर्टिंग और रिव्यु को सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं की 4 एएनसी जांच और 6 एचबीएनसी विजिट को सुनिश्चित करने के साथ -साथ सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर्स और नर्स की उपलब्धता भी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही प्रसव बाद मां को तत्काल स्तनपान और नियमित टीकाकरण के लिए भी प्रेरित करना है।
एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिला स्वास्थ्य समिति के जिला सामुदायिक उत्प्रेरक निखिल राज ने बताया कि गर्भवती महिलाओं सहित बच्चों एवं अन्य लोगों में खून की कमी या खून में हीमोग्लोबिन कि कमी होने के कारण एनीमिया की स्थिति पैदा हो जाती है। इसकी कमी से गर्भवती महिलाओं की मृत्यु तक हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए देश भर में एनीमिया मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ- साथ शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के कार्यरत समेकित बाल विकास निदेशालय (आईसीडीएस) के अधिकारी और कर्मचारी के रूप में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। इसी को ले गुरुवार को एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसमें सभी तीनों विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी सेविका के द्वारा 5 साल से कम उम्र के बच्चों को आयरन की सिरप पिलायी जाती है। वहीं 5 से 9 साल के बच्चों को गुलाबी टैबलेट और 9 से 18 साल के बच्चों को नीली टैबलेट स्कूलों में शिक्षकों की निगरानी में खिलाई जाती है। इसके साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एएनएम और आशा जबकि घर-घर जाकर आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा गर्भवती महिलओं एवं अन्य लोगों को आयरन की लाल टैबलेट खिलाई जाती है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में खून की कमी को दूर करते हुए मैटरनल डेथ को समाप्त करना है। इसके साथ बच्चे एवं अन्य लोगों को एनीमिया से बचाना है।
कालाजार प्रभावित पटना सदर और धनरुआ प्रखंडों की आशा कार्यकर्ताओं का हुआ उन्मुखीकरण
• कालाजार मरीजों को चिन्हित करने एवं इलाज कराने पर दी जाती है प्रोत्साहन राशि
• जिले के 18 प्रखंड हैं कालाजार प्रभावित
पटना/ 16 दिसंबर- जिले में कालाजार उन्मूलन को लेकर विभाग सजग है. पटना जिले के 18 प्रखंड कालाजार से अक्रांत हैं. चरणवार तरीके से कालाजार प्रभावित प्रखंडों की आशा कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण जिला मलेरिया कार्यालय में किया जा रहा है. प्रत्येक प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध 50 आशा कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण किया जा रहा है.
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र प्रकाश ने बताया कालाजार मादा फाइबोटोमस अर्जेंटिपस(बालू मक्खी) के काटने के कारण होता है, जो कि लीशमैनिया परजीवी का वेक्टर (या ट्रांसमीटर) है। किसी जानवर या मनुष्य को काट कर हटने के बाद भी अगर वह उस जानवर या मानव के खून से युक्त है तो अगला व्यक्ति जिसे वह काटेगा वह संक्रमित हो जायेगा। इस प्रारंभिक संक्रमण के बाद के महीनों में यह बीमारी और अधिक गंभीर रूप ले सकती है, जिसे आंत में लिशमानियासिस या कालाजार कहा जाता है। डॉ. प्रकाश ने बताया हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कालाजार जांच की सुविधा उपलब्ध है। कालाजार की किट (आरके-39) से 10 से 15 मिनट के अंदर टेस्ट हो जाता है। हर सेंटर पर कालाजार के इलाज में विशेष रूप से प्रशिक्षित एमबीबीएस डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध हैं।
जिला के 18 प्रखंड हैं कालाजार प्रभावित:
पटना जिला के पटना सदर, धनरुआ, पालीगंज, फुलवारीशरीफ, नौबतपुर, मनेर, मसौढ़ी, पुनपुन, मोकामा, फतुआ, पंडारक, दनियांवा, अथमलगोला, खुसरुपुर, बख्तियारपुर, बिहटा, बिक्रम एवं दानापुर प्रखंड कालाजार प्रभावित हैं और इन सभी प्रखंडों की 50 आशा कार्यकर्ताओं का चरणवार तरीके से उन्मुखीकरण किया जा रहा है.
सरकार द्वारा रोगी को मिलती है आर्थिक सहायता :
वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कालाजार से पीड़ित रोगी को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में पैसे भी दिए जाते हैं। बीमार व्यक्ति को 6600 रुपये राज्य सरकार की ओर से और 500 रुपए केंद्र सरकार की ओर से दिए जाते हैं। यह राशि वीएल (ब्लड रिलेटेड) कालाजार में रोगी को प्रदान की जाती है। वहीं चमड़ी से जुड़े कालाजार (पीकेडीएल) में 4000 रुपये की राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाती है।
आशा कार्यकर्ताओं को दी जाती है प्रोत्साहन राशि:
वेक्टर जनित रोग कंसलटेंट कल्याणी कुमारी ने बताया कालाजार मरीजों को चिन्हित कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर उपचार कराने पर प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 500 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में स्प्रे के दौरान सहयोग करने पर 200 रूपए की प्रोत्साहन राशि आशा कार्यकर्ता को अलग से दी जाती है
बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए रहें सतर्क
-सर्दी से बचाएं, बाहर ले जाते वक्त गर्म कपड़े जरूर पहनाएं
-बच्चे में लक्षण दिखाई पड़े तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें
बांका, 16 दिसंबर।
सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। तापमान लगातार नीचे गिरता जा रहा है। ऐसे मौसम में बीमारियों से बचे रहने की जरूरत होती है। खासकर बच्चों को निमोनिया न हो, इसे लेकर खासा सतर्क रहना चाहिए। हालांकि सिर्फ सर्दी के ही मौसम में ही निमोनिया नहीं होता है। यह आम दिनों में भी होता है, लेकिन सर्दी के मौसम इसके होने की ज्यादा संभावना रहती है। इसी तरह यह बीमारी किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है, लेकिन बुजुर्गों और बच्चों में इसके होने की संभावना अधिक रहती है। विशेषकर बच्चों को बचाने के लिए इसे लेकर सावधान रहना जरूरी हो जाता है। इसलिए ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर बच्चों को कैसे रखें, जिससे कि वह निमोनिया की चपेट में नहीं आए।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इस वजह से उनके बीमार होने का खतरा अधिक रहता है। बच्चों की सेहत का अगर ध्यान ठीक से नहीं रखा जाए तो वह सर्दी के मौसम में निमोनिया की चपेट में भी आ सकता है। निमोनिया सांस से जुड़ी बीमारी है जो आमतौर पर दो सप्ताह में ठीक हो जाती है। यह सांस से जुड़ी गंभीर बीमारी है जो आमतौर पर वायरल से होता है। मौसम बदलने के कारण सर्दी लगने से यह बीमारी होती है। सर्दी के मौसम में यह बीमारी ज्यादा परेशान करती है, इसलिए अगर किसी के बच्चे में निमोनिया के लक्षण दिखे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
ये हैं लक्षणः डॉ. चौधरी कहते हैं कि तेज बुखार, तेज सांस चलना, बढ़ती सर्दी और खांसी और छाती का अंदर धंसना। अगर किसी के बच्चे में यह लक्षण दिखे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इलाज में देरी खतरनाक हो सकता है। नवजात शिशुओं में निमोनिया के संक्रमण का कोई भी लक्षण जल्दी नजर नहीं आता है, इसलिए अगर सर्दी, खांसी, बुखार और सांस तेज चलने की शिकायत हो तो उसे तत्काल डॉक्टर से दिखाएं। डॉक्टर निमोनिया के लक्षण एक्सरे और सिटी स्कैन से भी पता लगा सकते हैं।
बचाव के हैं ये उपायः डॉ चौधरी कहते हैं कि बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए सबसे जरूरी है, उसका टीकाकरण कराना। इसके अलावा आहार में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजों को शामिल करना। अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है तो बच्चे इससे बचा रहता है। इसके अलावा साफ-सफाई का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। बच्चे को छूने से पहले हाथ की सफाई जरूरी है। इससे वह संक्रमण से मुक्त रहता है। बच्चे को गर्म कपड़े पहनाएं। बाहर ले जाते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें। बच्चे की छाती और सिर पर हवा नहीं लगने दें। ठंडा पानी देने से परहेज करें। बच्चे की नींद पूरी हो, इस बात का ध्यान रखें।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना: प्रत्येक महीने 9 तारीख को होने वाले एएनसी जांच को ले एएनएम, बीसीएम एवं लैब टेक्नीशियन का उन्मुखीकरण कार्यक्रम
– सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल सभागार में उन्मुखीकरण कार्यक्रम, -प्रशिक्षकों ने दी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी सहित अन्य तकनीकी जानकारी
– एएनसी जांच के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और सीवियर एनीमिक वाली गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक महीने की 21 तारीख को किया जाएगा स्पेशल केयर
मुंगेर 15 दिसम्बर। जिला के सभी अस्पतालों और सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के अन्तर्गत प्रत्येक महीने होने वाले एंटी नेंटल केयर टेस्ट (एएनसी) जांच के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी), एचबी %, एचआईवी ,सिम्फिल्स, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि के परीक्षण को गुणवत्तापूर्ण बनाने को ले सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल सभागार में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्मुखीकरण कार्यशाला में हिस्सा लेने के लिए जिला के सभी अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम, ब्लॉक कम्युनिटी मैनेजर और लैब टेक्नीशियन को बुलाया गया था।
उन्मुखीकरण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने बताया कि जिला के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में प्रत्येक महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं का एंटी नेंटल केयर टेस्ट (एएनसी) टेस्ट किया जाता है। इस दौरान सभी गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी टेस्ट, डायबिटीज, एचआईवी, ब्लड एनियमिक टेस्ट, सिम्फिल्स टेस्ट सहित कई टेस्ट किए जाते हैं । ताकि पता लगाया जा सके कि किसी गर्भवती महिला में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी या सीवियर एनीमिक का केस तो नहीं है । यदि एनीमिक लेवल 7 या उससे कम होता है तो उसे सीवियर एनीमिक केस में रखा जाता है। आज के उन्मुखीकरण कार्यशाला में शामिल एएनएम, बीसीएम और लैब टेक्नीशियन को एएनसी जांच को गुणवत्ता पूर्ण बनाने को ले विशेषज्ञ के द्वारा तकनीकी जानकारी दी जा रही है ताकि इस तरह का केस होने पर प्रत्येक महीने की 21 तारीख को इन सभी गर्भवती महिलाओं को बुलाकर उनका स्पेशल केयर करते हुए उनका ख्याल रखा जा सके ।ताकि आने वाली परेशानी से समय रहते हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के दौरान माता और नवजात शिशु दोनों को सुरक्षित बचाया जा सके ।
उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षक के तौर पर मौजूद सदर अस्पताल मुंगेर में कार्यरत एनसीडी इंचार्ज सबा नाज़, आईसीटीसी इंचार्ज राजेश विश्वकर्मा और लेबर रूम इंचार्ज सिस्टर नीतू ने एएनसी जांच के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों सहित तमाम तरह की तकनीकी जानकारियों से उपस्थित सभी एएनएम, बीसीएम और लैब टेक्नीशियन को अवगत कराया ताकि सही समय पर सही जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गर्भवती महिलाओं को उसके अनुसार से देखभाल किया जा सके और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के दौरान भी सुरक्षित संस्थागत प्रसव को संभव बनाया जा सके। उन्होंने मैटरनल और चाइल्ड डेथ के रेट को कम से कमतर करने को ले सही एएनसी जांच को सबसे महत्वपूर्ण बताया ताकि गर्भावस्था की गंभीर जटिलताओं को समय रहते दूर करते हुए माता और शिशु कि प्राणों की रक्षा की जा सके।
इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला योजना समन्वयक विकास कुमार, जिला आरबीएसके समन्वयक डॉ. बिंदु, जिला टीबी/एचआईवी समन्वयक शैलेन्दु कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
अलौली के सूरजनगर में कालाजार उन्मूलन को लेकर फिर चला सघन मरीज खोज अभियान
– केयर इंडिया के टीम द्वारा घर-घर जाकर चलाया गया खोज अभियान
– कालाजार से बचाव के लिए किया गया जागरूक, दी गई आवश्यक जानकारी
खगड़िया, 15 दिसंबर-
जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत सूरजनगर गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर लगातार सघन कालाजार मरीज खोज अभियान चल रहा है। बीते सितंबर माह चलाए गए खोज अभियान और सेंड फ्लाई रिसर्च के बाद भी दिसंबर माह में फिर इस गाँव में एक मरीज मिला। जिसके बाद केयर इंडिया की टीम द्वारा गाँव में मरीज खोज अभियान चलाया गया। यह अभियान केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती के नेतृत्व में केयर इंडिया के ही स्थानीय प्रखंड समन्वयक संजय राम एवं नवीन कुमार के सहयोग से चलाया गया। ताकि लक्षण वाले मरीजों की शुरुआती दौर में ही पहचान सुनिश्चित हो सके और ससमय आवश्यक समुचित जाँच और इलाज उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही अन्य लोगों को भी बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाया जा सके। वहीं, अभियान के दौरान घर-घर जाकर परिवार एक-एक सदस्यों की जाँच कर मरीजों की खोज की गई। जिसके दौरान संदिग्ध व्यक्ति को आवश्यक सलाह दी गई और शेष लोगों को बचाव के लिए जागरूक किया गया। ताकि शुरुआती दौर में मरीजों की पहचान हो सके और संबंधित मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करायी जा सके। साथ ही पूरे गाँव के लोग इस बीमारी से सुरक्षित हों।
– अलौली में कालाजार के 13 हैं एक्टिव केस :
केयर इंडिया के डीपीओ कृष्ण कुमार भारती ने बताया, वर्तमान में अलौली प्रखंड में कालाजार के कुल 13 एक्टिव केस हैं। जिसमें 09 केस सूरजनगर गाँव में ही है। जिसके कारण यहाँ लगातार सघन मरीज खोज अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, उन्होंने बताया, अभियान के दौरान जो भी व्यक्ति लक्षण वाले मिले, उन्हें समुचित जाँच एवं इलाज के लिए आवश्यक सलाह दी गई। साथ ही अन्य लोगों को भी इस बीमारी से दूर रहने के लिए बरती जाने वाली सतर्कता व सावधानी की जानकारी दी गई।
– मरीजों को आर्थिक सहायता का मिलता है लाभ :
कालाजार से पीड़ित रोगी को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में बीमार व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा 6600 रुपए और केंद्र सरकार द्वारा 500 रुपए दिए जाते हैं। यह राशि कालाजार संक्रमित व्यक्ति को संक्रमण के समय में दिया जाता है। वहीं, चमड़ी से जुड़े कालाजार संक्रमित रोगी को केंद्र सरकार की तरफ से 4000 रुपए दिए जाते हैं।
– कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय :
कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय है। साथ ही इससे बचाव के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिए लोगों को साफ-सफाई समेत रहन-सहन में बदलाव करने की आवश्यकता है। दरअसल, कालाजार मादा बालू मक्खी (सैन्ड फ्लाई) के काटने से फैलता है। एसपी पाउडर के छिड़काव से ही बालू मक्खी के प्रभाव को पूर्णत: खत्म किया जा सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एसपी पाउडर का छिड़काव कराया जाता है। जिससे बालू मक्खी को समाप्त किया जा सके।
– लक्षण दिखते ही कराऐ इलाज, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था :
लोगों को कालाजार का लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाँच कराना चाहिए और चिकित्सकों के सलाह के अनुसार समुचित इलाज कराना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही इन बीमारियों से बचने के लिए जमीन पर नहीं सोएं। मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने।
– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।
– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।
निर्धारित समय पर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों को किया गया पुरस्कृत
– जिले के लखीसराय एवं चानन प्रखंड के विजेताओं को मिला उपहार
– सदर अस्पताल परिसर स्थित सीएस कार्यालय में दूसरे सप्ताह के पुरस्कार वितरण शिविर का हुआ आयोजन
लखीसराय, 15 दिसंबर।
बुधवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित सीएस कार्यालय में निर्धारित समय पर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों को सम्मानित करने के लिए सेकेंड राउंड यानी दूसरे सप्ताह के पुरस्कार वितरण शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उदघाटन सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ रामप्रीत सिंह, डीआईओ अशोक कुमार भारती, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक (डीएस) डाॅ विपिन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल नावेद उर रहमान, यूनिसेफ के एसएमसी नैय्यर उर आजम ने संयुक्त रूप से किया। शिविर में निर्धारित समयावधि के एक सप्ताह अंदर वैक्सीन की दूसरी डोज लेने वालों के बीच बम्पर एवं सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया। वहीं, सिविल सर्जन एवं डीटीएल के हाथों बम्पर पुरुस्कार तो शेष उदघाटनकर्ता के हाथों सांत्वना पुरस्कार का वितरण किया गया।
– बंपर पुरुस्कार में तीन हजार रुपये तो सांत्वना पुरस्कार में एक हजार रुपये का दिया गया समान :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, एक विजेता को बम्पर और सात विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। बम्पर पुरस्कार के रूप तीन हजार रुपये और सांत्वना पुरस्कार के रूप में एक हजार रुपये का समान दिया गया। वहीं, उन्होंने बताया, लक्की ड्रा के माध्यम से चयनित शेष सभी विजेताओं को भी शीघ्र ही उपहार उपलब्ध करा दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जो पहला डोज ले चुके हैं और दूसरा डोज लेने की निर्धारित समयावधि पूरा कर चुके हैं, वह निश्चित रूप से निर्धारित समय पर वैक्सीनेशन कराकर पुरस्कार का हकदार बनें। जो अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन नहीं ले पाएं है, वह वैक्सीनेशन कराकर इस घातक महामारी से खुद को सुरक्षित करें।
– पाँच सप्ताह तक सप्ताह में एक दिन पुरस्कार का होगा वितरण :
केयर इंडिया के डीटीएल नावेद उर रहमान ने बताया, बुधवार को सीएस कार्यालय में दूसरे सप्ताह में लक्की ड्रा के माध्यम से चयनित लाभार्थियों को पुरस्कार दिया गया। इसी तरह 31 दिसंबर तक प्रत्येक सप्ताह में एक दिन साप्ताहिक शिविर आयोजित कर विजेताओं को उपहार दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, लक्की ड्रा के लिए निर्धारित समयावधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से द्वितीय खुराक के ड्यू लाभाथियों की सूची को अचूक रूप से शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ संचयी रूप से अगले 7 दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध कराए गए डीडीए द्वारा किया जाएगा तथा संकलित आंकड़ों में से द्वितीय खुराक का टीका लक्की ड्रा के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जाएगी और लक्की ड्रा के लिए सम्मलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा।
– इन्हें बम्पर और सांत्वना पुरस्कार :
लक्की ड्रा के माध्यम से चयन के आधार शैलेंद्र यादव को बम्पर पुरस्कार मिला। जबकि, सबिया देवी, रेखा कुमारी, मुन्नी देवी, रिंकु देवी, रूबी खातुन, जहाना खातुन, संगीता देवी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।