कोरोना टीका की दूसरी डोज लगवाने पर मिलेगा पुरस्कार
जिले के सभी प्रखंडों में 31 दिसंबर तक चलेगी यह योजना
बांका, 26 नवंबर
कोरोना टीका की दूसरी डोज ड्यू डेट से सात दिनों के अंदर लगवाने पर लाभुकों को पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार के तहत लाभुकों को टीवी, फ्रीज, पानी बोतल, किक्रेट बैट, फुटबॉल इत्यादि सामान दिए जाएंगे। इस योजना की शुरुआत 27 नवंबर यानी आज से 31 दिसंबर तक चलेगी। कोरोना टीकाकरण की दूसरी डोज में बढ़ोत्तरी के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने लाभुकों के लिए प्रखंड स्तर पर साप्ताहिक और जिला स्तर पर मासिक पुरस्कार योजना की शुरुआत कर रही है। इसे लेकर 27 नवंबर से 31 दिसम्बर तक लगातार पांच सप्ताह प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक और जिला स्तर पर पांचों सप्ताह पूरा होने पर बम्पर और ग्रैंड पुरस्कारों की घोषणा की गई है। योजना के तहत प्रखण्ड स्तर पर प्रति सप्ताह एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया जाएगा। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट, इमरजेंसी लाइट, टिफिन, फुटबॉल, क्रिकेट बैट, योगा मैट, दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया जाएगा। साथ ही पांचों सप्ताह पूरा होने पर जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंट की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा। इसे लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को एक पत्र लिखा है।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। दूसरी डोज की गति में और तेजी लाने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक का पत्र मिला है। पत्र के अनुसार अगर लाभुक दूसरी खुराक के ड्यू डेट के 7 दिनों के अंदर अगर टीका ले लेते हैं तो उन्हें लकी ड्रॉ के माध्यम से उपहार देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
27 नवंबर से 31 दिसंबर तक दूसरी डोज लेने वाले लाभुकों को होगा फायदाः सिविल सर्जन ने बताया कि लकी ड्रॉ की अवधि 27 नवंबर से 31 दिसम्बर तक है। इसके लिए लाभुकों के ड्यू खुराक की गणना के लिए 27 नवंबर पहला दिन और 31 दिसम्बर 2021 अंतिम दिन होगा। इस दौरान प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक लकी ड्रॉ का भी आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 27 नवंबर 2021 से 31 दिसम्बर तक कुल पांच सप्ताह निर्धारित है। पहला सप्ताह 27 नवंबर से 3 दिसम्बर तक, दूसरा सप्ताह 4 से 10 दिसम्बर तक, तीसरा सप्ताह 11 से 17 दिसम्बर तक, चौथा सप्ताह 18 से 24 दिसम्बर तक और पांचवां सप्ताह 25 से 31 दिसम्बर तक है। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक अर्थात पहला सप्ताह के लकी ड्रॉ से चयनित विजेताओं या लाभर्थियों का चयन 4 दिसम्बर को किया जाएगा एवं आने वाले अगले शनिवार तक उपहार उपलब्ध करा दिया जाएगा।
केयर इंडिया उपलब्ध कराएगी सूचीः सिविल सर्जन ने बताया कि लकी ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध कराए गए डीडीए द्वारा किया जाएगा। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लकी ड्रॉ के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जाएगी और लकी ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार योजना के तहत प्रति प्रखण्ड एक विजेता को प्रति सप्ताह एक बम्पर पुरस्कार और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। इसी प्रकार पांचों सप्ताह समाप्त होने के बाद जिला स्तर पर 3 विजेताओं को ग्रैंड पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
आज से कोरोना टीका लगवाइए और इनाम पाइए
आज से कोरोना टीका लगवाइए और टीवी-फ्रीज पाइए
-कोरोना टीका की दूसरी डोज लगवाने पर मिलेगा पुरस्कार
-जिले के सभी प्रखंडों में 31 दिसंबर तक चलेगी यह योजना
भागलपुर, 26 नवंबर।
कोरोना टीका की दूसरी डोज ड्यू डेट से सात दिनों के अंदर लगवाने पर लाभुकों को पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार के तहत लाभुकों को टीवी, फ्रीज, पानी बोतल, किक्रेट बैट, फुटबॉल इत्यादि सामान दिए जाएंगे। इस योजना की शुरुआत 27 नवंबर यानी आज से 31 दिसंबर तक चलेगी। कोरोना टीकाकरण की दूसरी डोज में बढ़ोत्तरी के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने लाभुकों के लिए प्रखंड स्तर पर साप्ताहिक और जिला स्तर पर मासिक पुरस्कार योजना की शुरुआत कर रही है। इसे लेकर 27 नवंबर से 31 दिसम्बर तक लगातार पांच सप्ताह प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक और जिला स्तर पर पांचों सप्ताह पूरा होने पर बम्पर और ग्रैंड पुरस्कारों की घोषणा की गई है। योजना के तहत प्रखण्ड स्तर पर प्रति सप्ताह एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। बंपर प्राइज के तहत तीन हजार रुपये तक का मिक्सर, कूकिंग गैस स्टोव, पानी का फिल्टर, सीलिंग फैन, कंबल और इंडक्शन कूकटॉप में से कोई एक सामान दिया जाएगा। वहीं सांत्वना पुरस्कार के तहत एक हजार रुपये तक का पानी बोतल, कूकर, हेल्मेट, डिनर सेट, इमरजेंसी लाइट, टिफिन, फुटबॉल, क्रिकेट बैट, योगा मैट, दीवाल घड़ी में से कोई एक सामान दिया जाएगा। साथ ही पांचों सप्ताह पूरा होने पर जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। ग्रैंड प्राइज के तहत प्रखंड के सभी विजेताओं में से तीन को 25 हजार रुपये तक का 32 इंच की एलईडी टीवी या फिर डबल डोर वाला रेफ्रिजरेटर दिया जाएगा। इसे लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को एक पत्र लिखा है।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। दूसरी डोज की गति में और तेजी लाने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक का पत्र मिला है। पत्र के अनुसार अगर लाभुक दूसरी खुराक के ड्यू डेट के 7 दिनों के अंदर अगर टीका ले लेते हैं तो उन्हें लकी ड्रॉ के माध्यम से उपहार देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
27 नवंबर से 31 दिसंबर तक दूसरी डोज लेने वाले लाभुकों को होगा फायदाः सिविल सर्जन ने बताया कि लकी ड्रॉ की अवधि 27 नवंबर से 31 दिसम्बर तक है। इसके लिए लाभुकों के ड्यू खुराक की गणना के लिए 27 नवंबर पहला दिन और 31 दिसम्बर 2021 अंतिम दिन होगा। इस दौरान प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक लकी ड्रॉ का भी आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 27 नवंबर 2021 से 31 दिसम्बर तक कुल पांच सप्ताह निर्धारित है। पहला सप्ताह 27 नवंबर से 3 दिसम्बर तक, दूसरा सप्ताह 4 से 10 दिसम्बर तक, तीसरा सप्ताह 11 से 17 दिसम्बर तक, चौथा सप्ताह 18 से 24 दिसम्बर तक और पांचवां सप्ताह 25 से 31 दिसम्बर तक है। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक अर्थात पहला सप्ताह के लकी ड्रॉ से चयनित विजेताओं या लाभर्थियों का चयन 4 दिसम्बर को किया जाएगा एवं आने वाले अगले शनिवार तक उपहार उपलब्ध करा दिया जाएगा।
केयर इंडिया उपलब्ध कराएगी सूचीः सिविल सर्जन ने बताया कि लकी ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के डीडीए द्वारा किया जाएगा। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लकी ड्रॉ के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जाएगी और लकी ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार योजना के तहत प्रति प्रखण्ड एक विजेता को प्रति सप्ताह एक बम्पर पुरस्कार और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। इसी प्रकार पांचों सप्ताह समाप्त होने के बाद जिला स्तर पर 3 विजेताओं को ग्रैंड पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
न्यू हॉराइज़न स्कूल में मनाया गया तीन दिवसीय ‘16वाँ एन.एच.एस. मौलाना आज़ाद शैक्षणिक महोत्सव-2021’
नई दिल्ली-
न्यू हॉराइज़न स्कूल द्वारा तीन दिवसीय ‘सौलहवाँ एन.एच.एस. मौलाना आज़ाद शैक्षणिक महोत्सव-2021’ दिनांक 23,24,25 नवंबर को धूमधाम से मनाया। गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह आयोजन ऑनलाइन किया गया। सभी विषयों की प्रतियोगिता में इस वर्ष देष-विदेष के 38 विद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रथम सत्र उद्घाटन सत्र रहा। इस वर्ष मुख्य अतिथि के रूप में श्री ए. अन्नामलाई, डायरेक्ट राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, नई दिल्ली रहे। उनके द्वारा विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए तीन दिवसीय शैक्षणिक महोत्सव-2021 का षुभारंभ किया गया। उपरांत विद्यालय के प्रबंधक महोदय द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका धन्यवाद किया। इसके उपरांत हिंदी के साथ-साथ अन्य विषयों की अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न विषयों (हिंदी, इंग्लिष, उर्दू, गणित, विज्ञान, सोषल स्टडीज़, स्पोर्ट्स, आर्टस, म्यूज़िक, कोमर्स आदि) की प्रतियोगिताओं में दिल्ली एन.सी.आर., बनारस, मुज्ज़फर नगर, लखनउ उत्तर-प्रदेष, के साथ-साथ साउदी अरब के विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं के निर्णय के लिए राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय से श्री अंसार अली (संग्रहाध्क्ष) व डॉ. कृष्णकांत (बिरला विद्या निकेतन) दिल्ली विष्वविद्यालय से प्रोफेसर आदि को आमंत्रित किया गया। प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कृत सभी प्रतिभागियों को नगद राषि व भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र दिया गए।
सभी प्रतिभागियों ने इस आयोजन की बहुत प्रंषसा की। समापन समारोह में विद्यालय के प्रबंधक महोदय द्वारा सभी अतिथियों व प्रतिभागियों को प्रोत्साहित व प्रषंसा की गई कि ऑनलाइन होते हुए भी विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह व लगन के साथ इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया। अंत में प्रधानाचार्या महोदया सुश्री सुलेखा मेहरा द्वारा सभी का धन्यवाद किया
सुपोषित बच्चे रखेंगे पोषित समाज की नीव- माननीय मंत्री, समाज कल्याण विभाग
• मंत्री, समाज कल्याण विभाग की अध्यक्षता में आईसीडीएस की प्रथम समीक्षात्मक बैठक का हुआ आयोजन
• कोरोनाकाल के बाद खुले केन्द्रों की व्यवस्थात्मक आवश्यकताओं एवं सुधारों पर हुई चर्चा
• केन्द्रों पर मेन्यू के अनुसार खाना देने की हुई समीक्षा
पटना/ 25 नवंबर- समाज कल्याण विभाग अंतर्गत “अपना घर” सक्षम के सभागार में माननीय मंत्री, समाज कल्याण विभाग, श्री मदन साहनी की अध्यक्षता में समेकित बाल विकास विभाग के जिला प्रोग्राम पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग श्री अतुल प्रसाद, विशेष सचिव, श्री दयानिधान पांडेय, श्री राज कुमार, प्रभारी निदेशक, आईसीडीएस, सामाजिक सुरक्षा एवं माननीय मंत्री के आप्त सचिव. श्री अभिजीत कुमार एवं श्री विजय कुमार चौधरी तथा आईसीडीएस निदेशालय के सभी नोडल पदाधिकारी एवं सभी जिलों के डीपीओ उपस्थित थे.
सुपोषित बच्चे रखेंगे पोषित समाज की नीव- मदन साहनी
बैठक में अपने संबोधन में श्री मदन साहनी ने कहा, आंगनवाड़ी केंद्र समाज कल्याण विभाग की पहचान हैं और इनका समुचित संचालन सबका कर्तव्य है. केन्द्रों में नामांकित बच्चों को समुचित पोषण की उपलब्धता एक पोषित समाज के निर्माण में अहम् भूमिका अदा करता है. केन्द्रों पर बच्चों को मिलने वाले भोजन के मेन्यू में विविधता और पौष्टिकता रहनी चाहिए ताकि बच्चे केंद्र की तरफ आकर्षित हों और उन्हें पोषणयुक्त भोजन प्राप्त हो सके. माननीय मंत्री ने बताया कि केन्द्रों पर बांटे जा रहे पौष्टिक लड्डू पोषक हैं किन्तु रागी के समावेश के कारण उनके स्वाद में जो कड़वापन आता है उसे दूर करने की आवश्यकता है. इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह लेकर रागी का कोई विकल्प तलाश किया जा सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि इस विभाग में सभी स्तर पर मुख्यतः महिला पदाधिकारी और कर्मी है जिनपर बच्चों के सर्वांगीण विकास का दायित्व है इसलिए उनके व्यव्हार में ममत्व झलकना चाहिए,ऐसी अपेक्षा है।
केंद्र पर हो बच्चों के नामांकन में पारदर्शिता:
बैठक को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग श्री अतुल प्रसाद ने कहा, सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर वास्तविक लाभार्थियों का नामांकन हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चे पर्याप्त संख्या में केन्द्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करायें. नवंबर माह के अंत तक सभी केन्द्रों में नामांकित बच्चों का सत्यापन किया जाये. श्री अतुल प्रसाद ने कहा, “आँगन” एप के माध्यम से इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि केंद्र पारदर्शी एवं सुचारू तरीके से संचालित हों. अब आंगनवाड़ी केंद्र के लाभार्थियों को पोषाहार की राशि डीबीटी के माध्यम से की जानी है और जहानाबाद एवं लखीसराय जिलों में इसकी शुरुआत हो चुकी है.
केन्द्रों का हो सुचारू रूप से संचालन:
माननीय मंत्री ने कहा, सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जानी चाहिये. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए की सभी नामांकित बच्चों की केंद्र पर नियमित उपस्थिति दर्ज हो और आईसीडीएस द्वारा दी जानेवाली सभी सेवाएं प्रदान की जाएं . आमजनों को भी आइसीडीएस की सेवाओं के प्रति जागरुक करने हेतु व्यापक प्रचार प्रसार करवाया जाए।
खगड़िया सदर पीएचसी में विशेष दूरस्थ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, मरीजों की उमड़ी भीड़
– मरीजों को मिला बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवा का लाभ, जाँच के पश्चात दी गई दवाई और उचित चिकित्सा परामर्श
– शिविर में पीएचसी स्तर पर मिलने वाली सभी सुविधाएं थी उपलब्ध, जाँच से लेकर उचित इलाज तक की थी व्यवस्था
खगड़िया, 25 नवंबर।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाएं समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुँच सके, इसको लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है और इसे सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक प्रयास भी जारी है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए गुरुवार को खगड़िया सदर पीएचसी परिसर में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य समिति खगड़िया एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खगड़िया के बैनर तले विशेष दूरस्थ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उदघाटन सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा, हेल्थ डीपीएम पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव कुमार ने संयुक्तरूप से किया। वहीं, शिविर में विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या मरीज पहुँचे। जिसके कारण शिविर स्थल पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। किन्तु, मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसको लेकर पीएचसी प्रबंधन द्वारा व्यापक तैयारी की गई थी। साथ ही जाँच सहित समुचित इलाज और पर्याप्त दवाई की भी व्यवस्था उपलब्ध थी।
– जाँच के पश्चात मरीजों को उपलब्ध कराई गई जरूरी दवाई और दी गई आवश्यक चिकित्सा परामर्श :
सिविल सर्जन डाॅ अमरनाथ झा ने बताया, शिविर में जाँच के साथ पीएचसी स्तर मिलने वाली तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुरक्षित माहौल में सुविधाजनक तरीके से लाभ ले सकें। सभी मरीजों को जरूरी जाँच के साथ-साथ आवश्यक दवाई और उचित चिकित्सा परामर्श दी गई। वहीं, उन्होंने बताया, शिविर में अधिक मरीज सीजनल बीमारी की समस्या से पीड़ित मिले। सभी उचित दवाई के साथ-साथ ठंड के वर्तमान दौर के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ की भी जानकारी दी गई। वहीं, उन्होंने बताया, शिविर के सफल संचालन में केयर इंडिया की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
– कोविड वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को किया गया जागरूक :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, शिविर के दौरान जहाँ मरीजों को सुविधाजनक तरीके से बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई गई। वहीं, मौजूद सभी लोगों को कोविड वैक्सीनेशन के प्रति भी जागरूक किया गया। वहीं, उन्होंने बताया, इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है कि समाज के आखिरी व्यक्ति तक सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिल सके और जरूरतमंद लोग सुविधाजनक तरीके से लाभ ले सके। इसे सुनिश्चित करने को लेकर लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रति मोटिवेट भी किया गया।
– शिविर के सफल संचालन के लिए घर-घर जाकर लोगों को दी गई जानकारी :
हेल्थ डीपीएम पवन कुमार ने बताया, शिविर का लाभ अधिकाधिक लोगों को मिल सके, इसको लेकर संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा कार्यकर्ता द्वारा संयुक्त रूप से अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को शिविर की जानकारी देकर शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। ताकि अधिक से अधिक लोग शिविर में भाग ले सकें और शिविर का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, शिविर में लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसको लेकर व्यापक तैयारी की गई थी।
लखीसराय के संतर मोहल्ला में शिविर का आयोजन, 150 मरीजों का इलाज
– शिविर में मरीजों को उपलब्ध करायी गयी समुचित स्वास्थ्य सेवा, जाँच के बाद आवश्यक दवाई भी दी गई
– स्थानीय पीएचसी प्रबंधन द्वारा आयोजित शिविर में कोविड वैक्सीनेशन के प्रति भी किया गया जागरूक
लखीसराय, 25 नवंबर।
लोगों को बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर लखीसराय पीएचसी अंतर्गत आने वाले संतर मोहल्ला में गुरुवार को प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। जिसका उदघाटन पीएचसी प्रभारी डॉ संदीप कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज सहित पीएचसी के चिकित्सक डाॅ प्रेमचंद कुमार, डाॅ पूनम लता, डाॅ शालिनी शर्मा एवं डाॅ हरी प्रिया ने संयुक्तरूप से किया। जबकि, शिविर के सफल संचालन में फार्मासिस्ट किशोर कुमार, एएनएम विजया लक्ष्मी, लैब टेक्नीशियन मोनी कुमारी, रवि कुमार, चंदा कुमारी का सराहनीय योगदान रहा। वहीं, शिविर में कोविड वैक्सीनेशन सहित पीएचसी स्तर पर मिलने वाली सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई थी। ताकि लोगों को आवश्यकतानुसार सुविधाजनक तरीके से बेहतर एवं समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
– शिविर में 150 मरीजों का हुआ इलाज, दी गई आवश्यक चिकित्सा परामर्श :
लखीसराय पीएचसी प्रभारी डॉ संदीप कुमार ने बताया, लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति मोटिवेट करने एवं लोगों के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति नजरिया बदलने के लिए इस शिविर का आयोजन किया गया। ताकि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की लोगों को जानकारी मिल सके और लोग उपलब्ध सुविधाओं का लाभ ले सकें। इससे ना सिर्फ लोगों की परेशानी कम होगी बल्कि, सरकार की मंशा भी फलीभूत होगी। वहीं, उन्होंने बताया, शिविर में कुल 150 मरीजों का इलाज हुआ।
– सभी मरीजों को जाँच के पश्चात जरूरी दवाई भी कराई गई उपलब्ध :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, शिविर में लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए व्यापक तैयारी की गई थी। ताकि मरीजों को सुविधाजनक तरीके से बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, उन्होंने बताया, शिविर में आए सभी मरीजों को आवश्यक जाँच के पश्चात जरूरी दवाई भी उपलब्ध कराई गई। साथ ही आवश्यक चिकित्सा परामर्श भी दिया गया। इसके अलावा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। ताकि लोग जरूरत पड़ने पर सरकारी स्वास्थ्य संस्थान आकर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ ले सकें। वहीं, उन्होंने बताया, शिविर का लाभ अधिकाधिक लोगों को मिल सके, इसको लेकर संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा कार्यकर्ता द्वारा संयुक्त रूप से अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाले शिविर की जानकारी देकर शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। ताकि अधिक से अधिक लोग शिविर में भाग ले सकें और शिविर का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके। साथ ही शिविर में मौजूद लोगों को कोविड वैक्सीनेशन के प्रति भी जागरूक किया गया।
सर्दियों के मौसम में शिशुओं को निमोनिया से बचाने को लें हमेशा रहें सतर्क
– इन दिनों विभिन्न बीमारियों के संक्रमण से बच्चों की सुरक्षा आवश्यक
– पांच साल से कम उम्र के बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए लगवाएं पीसीवी के टीके
मुंगेर, 25 नवम्बर-
निमोनिया सर्दियों के मौसम में बच्चों के छींकने या खांसने से फ़ैलने वाला संक्रामक बीमारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के शोध के अनुसार निमोनिया से ग्रसित होने का खतरा 5 साल से कम उम्र के बच्चों को सबसे ज्यादा है। दुनिया भर में होने वाली बच्चों की मौतों में 15 प्रतिशत केवल निमोनिया की वजह से होते हैं। यह रोग शिशुओं की मृत्यु के 10 प्रमुख कारणों में से एक है। जिसका कारण कुपोषण और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी है। निमोनिया से बच्चों के ग्रसित होने की संभावना सर्दियों के मौसम में अधिक होती है। विगत एक महीने से बच्चों में निमोनिया से संक्रमण के आंकड़ों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
क्या है निमोनिया और कैसे करें शिशुओं का बचाव :
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया यह रोग बैक्टीरिया, वायरस या फंगस से फेफड़ों में संक्रमण से होता है। इसमें एक या दोनों फेफड़ों के वायु के थैलों में द्रव या मवाद भरकर उसमें सूजन पैदा हो जाती है जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। बच्चों को सर्दी में निमोनिया होने का खतरा सबसे अधिक होता है जो जानलेवा भी हो सकता है। सुखद बात यह है की इस गंभीर रोग को नियमित टीकाकरण द्वारा पूरी तरह रोका जा सकता है। इसलिए अपने बच्चों को सम्पूर्ण टीकाकरण के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर निः शुल्क उपलब्ध पीसीवी का टीका जरूर लगवाएं। पीसीवी या न्यूमोकॉकल कॉन्जुगगेट वैक्सीकन का टीका शिशु को दो माह, चार माह, छह माह, 12 माह और 15 माह पर लगाने होते हैं। यह टीका ना सिर्फ निमोनिया बल्कि सेप्टिसीमिया, मैनिंगजाइटिस या दिमागी बुखार आदि से भी शिशुओं को बचाता है।
रोग के लक्षण को पहचान कर हो जाएँ सतर्क :
उन्होंने बताया कि अभी कोरोना का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। ऊपर से सर्दियों के आगमन से आपके शिशुओं को कई तरह के संक्रामक रोग हो सकते हैं। यदि शिशु में कंपकपी के साथ बुखार हो, सीने में दर्द या बेचैनी, उल्टी, दस्त सांस लेने में दिक्कत, गाढ़े भूरे बलगम के साथ तीव्र खांसी या खांसी में खून, भूख न लगना, कमजोरी, होठों में नीलापन जैसे कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। ये निमोनिया के संकेत हैं जिसमें जरा सी भी लापरवाही आपके शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है।
पोषण और सफाई पर दें ध्यान :
डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि निमोनिया एक संक्रामक रोग है इसलिए भीड़-भाड़ और धूल-मिट्टी वाले स्थानों से बच्चों को दूर रखें। जरूरत पड़ने पर मास्क और हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करवाएँ। समय- समय पर बच्चे के हाथ धुलवायेँ। उन्हें प्रदूषण से बचाएं ताकि सांस संबंधी समस्या न रहें। मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता से इस बीमारी से लड़ना आसान होता है। इसलिए 6 माह तक के शिशुओं को पूर्ण रूप से स्तनपान और उससे बड़े शिशुओं को स्तनपान के साथ- साथ ऊपरी आहार के रूप में संतुलित पोषण दें।
कोरोना का टीका लिया तो बेखौफ होकर दूसरे को भी कर रहे जागरूक
-शाहकुंड के गौरा के मो. फारुक टीका लेने के लिए दूसरे को कर रहे प्रेरित
-जिले में कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
भागलपुर, 25 नवंबर।
जिले में कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। जिले में कोरोना टीका की पहली डोज लेने वालों की संख्या अच्छी खासी हो गई है। अब तो दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। जिले के सभी लोगों को जल्द से जल्द कोरोना टीका की दोनों डोज लग जाए, इसे लेकर अब स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को टीका लगा रही है। अगर किसी के मन में कोई भ्रम है तो उसे भी दूर किया जा रहा है। इस दौरान कुछ ऐसे लोग भी मिल रहे हैं, जिन्हें पहले कोरोना टीका लेने में डर था, लेकिन जब से उन्होंने टीका लिया है राहत महसूस कर रहे हैं।
शाहकुंड प्रखंड के गौरा गांव के मो. फारुक को पहले टीका लेने में डर लग रहा था, लेकिन समझाने के बाद जब से उन्होंने कोरोना का टीका लिया है, तब से वह राहत महसूस कर रहे हैं। खुद तो कोरोना का टीका लिया ही, अब वह दूसरे लोगों को भी टीका लेने के लिए जागरूक कर रहे हैं। फारुक कहते हैं, पहले थोड़ी झिझक जरूर थी, लेकिन जब से टीका लिया है मन हल्का हो गया है। अब लग रहा है कि कोरोना का टीका मुझे पहले ही ले लेना चाहिए था। लेकिन कोई बात नहीं अब तो ले लिया है। अब मैं दूसरे लोगों को भी अपना अनुभव बताता हूं। आसपास के लोग भी मेरी बात पर विश्वास कर कोरोना का टीका लेने के लिए आ रहे हैं।
टीका लेने से दोहरा फायदा हुआः फारुक कहते हैं कि मुझे दमा की बीमारी थी। सांस लेने में परेशानी थी। इस वजह से मैं थोड़ा झिझक रहा था। लग रहा था कि कोरोना का टीका लेने के बाद कुछ हो न जाए, लेकिन जब डॉक्टर साहब ने समझाया तो मैं टीका लेने के लिए तैयार हो गया। खुशी की बात यह है कि अब मैं कोरोना से तो सुरक्षित हो ही गया। साथ ही अब सांस लेने में भी परेशानी नहीं हो रही है। इस तरह से कोरोना का टीका लेने के बाद मुझे दोहरा फायदा हुआ। साथ ही मैं बाहर जाते वक्त मास्क भी लगाए रहता हूं और सामाजिक दूरी का पालन करता हूं। इसका भी फायदा मुझे मिल रहा है।
क्षेत्र में मिल रहे अच्छे अनुभवः स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गांवों का दौरा करने वाले केयर इंडिया के डीटीओ डॉ असद जावेद कहते हैं कि क्षेत्र में अच्छे अनुभव भी मिल रहे हैं। कोरोना टीका के प्रति नकारात्मक बात करने वाले लोगों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। अब ग्रामीण क्षेत्र में भी काफी लोगों ने टीका ले लिया है, इसलिए उन्हें जो राहत मिली है, उसे वह दूसरे लोगों को बता रहे हैं। इसका फायदा हो रहा है। पहले जो लोग टीका लेने से साफ मना कर देते थे, वह भी अब टीका लेने के लिए तैयार हो रहे हैं।
प्रचार-प्रसार अभियान का समापन, अब नसबंदी पर जोर
-जिले में 4 दिसंबर तर चलेगा परिवार नियोजन पखवाड़ा
-परिवार नियोजन को लेकर लोगों में बढ़ रही जागरूकता
बांका, 25 नवंबर
जिले में अभी परिवार नियोजन पखवाड़ा चल रहा है। इसके तहत जिले के लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नसबंदी भी हो रही है। पखवाड़ा को लेकर 15 से 21 नवंबर तक आशा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र का दौरा कर योग्य दंपतियों को चिह्नित किया और एक सूची बनाई। सूची के मुताबिक जिसे जिस तरह की सुविधा की जरूरत थी, उसे वह मुहैया कराई जा रही है। किसी को काउंसिलिंग की जरूरत थी तो उसकी काउंसिलिंग कराई जा रही है। जो नसबंदी के इच्छुक थे, उसकी नसबंदी हो रही है। 22 नवंबर से इसे लेकर ई-रिक्शा से जिले में प्रचार-प्रसार अभियान भी चल रहा था, जिसका समापन गुरुवार को हो गया। अब अधिक से अधिक लोगों की नसबंदी पर जोर दिया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो कहते हैं कि जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा सफलतापूर्वक चल रहा है। पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए पहले से तैयारी की गई थी। इसके तहत पहले क्षेत्र के लोगों की सूची बनाई गई। इसके बाद प्रचार-प्रसार किया गया। अब नसबंदी पर जोर रहेगा। परिवार नियोजन में जागरूकता का अहम रोल होता है। यही कारण है कि पहले जिले में प्रचार-प्रसार अभियान को तेज किया गया। इसका असर यह होगा कि लोग परिवार नियोजन के प्रति जागरूक होंगे।
अस्थाई सामग्री का भी हो रहा वितरणः परिवार नियोजन में अस्थाई सामग्री की बहुत अच्छी भूमिका रहती है। इसलिए लोगों में इसका वितरण किया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों को अस्थाई संसाधन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सभी प्रखंडों में लोगों को कंडोम और छाया उपलब्ध करवायी जा रही है। इसके साथ लोगों को बेझिझक इसके इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। लोगों को समझाया जा रहा है कि परिवार नियोजन के लिए अस्थाई संसाधनों के इस्तेमाल से किसी भी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसलिए परिवार नियोजन के लिए इसका इस्तेमाल लोग बिना डरे हुए करें।
पुरुष नसबंदी पर फोकसः इस बार परिवार नियोजन पखवाड़ा में पुरुष नसबंदी पर फोकस किया जा रहा है। वैसे तो पुरुषों के साथ महिलाओं की भी नसबंदी की जा रही है, लेकिन इस बार प्रयास हो रहा कि अधिक से अधिक पुरुषों की नसबंदी भी हो। लोगों को इसे लेकर जागरूक भी किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में पुरुष नसबंदी को लेकर थोड़ी झिझक है, जिसे जागरूकता कार्य़क्रम के तहत दूर किया जा रहा है। उन्हें समझाया जा रहा है कि पुरुष नसबंदी महिलाओं के बंध्याकरण के मुकाबले ज्यादा आसान है। इससे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है, इसलिए बिना किसी संकोच के पुरुष नसबंदी कराने के लिए आगे आएं।
सदर अस्पताल में एसएनसीयू की सुविधाएं और होगी सुदृढ़, नवजातों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा
– जिलाधिकारी ने केयर इंडिया की टीम के साथ बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश
– उपलब्ध सुविधाओं का होगा विस्तार, समुचित स्वास्थ्य सेवा का मिलेगा लाभ
खगड़िया, 24 नवंबर।
खगड़िया सदर अस्पताल में संचालित एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में उपलब्ध तमाम सुविधाएं और सुदृढ़ होगी एवं जरूरतमंद नवजातों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। ताकि पीड़ित नवजातों का स्थानीय स्तर पर ही समुचित इलाज हो सके और परिजनों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़े। इसको लेकर मंगलवार की देर शाम जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष ने केयर इंडिया की स्थानीय सहित राज्यस्तरीय टीम के साथ एक बैठक की। जिसमें एसएनसीयू में उपलब्ध सुविधाओं को और विस्तार करने के लिए केयर इंडिया की टीम के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान बैठक में मौजूद केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद को इसे सुनिश्चित करने को लेकर नियमित तौर पर एसएनसीयू की मानिटरिंग करने का निर्देश दिया। साथ ही जिलाधिकारी ने भी इसे सुनिश्चित करने को लेकर खुद भी हर संभव आवश्यक मदद का आश्वासन दिया। बैठक में केयर इंडिया की राज्यस्तरीय टीम के डाॅ नीरज कुमार एवं डाॅ पंकज कुमार के अलावा स्थानीय डीटीएल अभिनंदन आनंद सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।
– केयर इंडिया की राज्य मस्तरीय टीम ने एसएनसीयू का निरीक्षण कर जिलाधिकारी को सौंपी रिपोर्ट :
पटना से आई केयर इंडिया की राज्य स्तरीय टीम ने स्थानीय डीटीएल अभिनंदन आनंद के साथ जिलाधिकारी की बैठक के पूर्व एसएनसीयू का निरीक्षण किया। इस दौरान एसएनसीयू में उपलब्ध सुविधाओं एवं सुविधाओं के विस्तार से संबंधित एक रिपोर्ट तैयार की, जिसे बैठक के दौरान जिलाधिकारी णको सौंपा। जिसपर जिलाधिकारी ने सकारात्मक आश्वासन देते हरसंभव मदद की बात कही।
– साँस से पीड़ित नवजात को दी जाती है एसएनसीयू की सेवा :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, साँस से पीड़ित नवजात को एसएनसीयू की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जहाँ बच्चे के सुरक्षा के मद्देनजर स्वास्थ कर्मी पूरी सतर्कता के साथ नवजात को यह सुविधा उपलब्ध कराते हैं। ताकि नवजात को अन्य परेशानियाँ से नहीं जूझना पड़े। इस दौरान अस्पतालों में कर्मियों द्वारा साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जाता है एवं नवजात के परिजनों को भी आवश्यक जानकारी देते हुए जागरूक किया जाता है। साथ ही साथ सरकार के गाइलाइन का भी पालन किया जाता है।