सेकेंड डोज वैक्सीनेशन अभियान :निर्धारित समय पर दूसरा डोज लेने वाले लाभार्थियों को किया जाएगा पुरस्कृत

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– निर्धारित एवं इसके बाद एक सप्ताह के अंदर भी सेकेंड डोज लेने वाले लाभार्थियों को किया जाएगा पुरस्कृत
– 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक लकी ड्रा के माध्यम से किया जाएगा पुरस्कृत

लखीसराय, 24 नवंबर।
जिले में कोविड वैक्सीनेशन के सेकेंड डोज अभियान को गति देने के लिए सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का दोनों डोज सुनिश्चित हो सके और सेकेंड डोज अभियान को भी गति मिल सके। साथ ही सामुदायिक स्तर पर लोग इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर राज्य के सभी जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसमें निर्धारित समय पर एवं निर्धारित समय के बाद एक सप्ताह के अंदर सेकेंड डोज लेने वाले लाभार्थियों को पुरस्कृत करने को कहा है। साथ ही वैक्सीन लेने के दौरान लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुरक्षित माहौल में सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें। इसको लेकर लाभार्थियों की सुविधा का भी ख्याल रखने को कहा है।

– 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक लकी ड्रा के माध्यम से किया जाएगा पुरस्कृत :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, निर्धारित समय पर एवं निर्धारित समय के बाद एक सप्ताह के अंदर सेकेंड डोज लेने वाले लाभार्थियों को पुरस्कृत करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं। वहीं, उन्होंने बताया, 27 नवंबर से 31 दिसंबर तक लकी ड्रा के माध्यम से ऐसे लाभार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। वहीं, उन्होंने बताया, सेकेंड डोज अभियान को गति देने के लिए ऐसी पहल का निर्णय लिया गया है। इससे ना सिर्फ अभियान को गति मिलेगी बल्कि, इस महामारी से लोग सुरक्षित भी होंगे।

– 27 नवंबर से शुरू होगी ड्यू गणना और 31 दिसंबर को होगा समापन :
लाभर्थियों के ड्यू खुराक की गणना के लिए 27 नवंबर पहला दिन और 31 दिसम्बर 2021 अंतिम दिन होगा। इस दौरान प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक लकी ड्रा का भी आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 27 नवंबर 2021 से 31 दिसम्बर तक कुल पांच सप्ताह निर्धारित है। जिसमें पहला सप्ताह 27 नवंबर से 3 दिसम्बर तक, 4 से 10 दिसम्बर तक, 11 से 17 दिसम्बर तक, 18 से 24 दिसम्बर तक और 25 से 31 दिसम्बर तक है। 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक अर्थात पहले सप्ताह के लकी ड्रा से चयनित विजेताओं/लाभर्थियों का चयन 4 दिसम्बर को किया जाएगा एवं आने वाले अगले शनिवार तक देय उपहार उपलब्ध करा दिया जाएगा। लकी ड्रा के लिए निर्धारित समयावधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से द्वितीय खुराक के ड्यू लाभाथियों की सूची को अचूक रूप से शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ संचयी रूप से अगले 7 दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध कराए गए डीडीए द्वारा किया जाएगा । संकलित आंकड़ों में से द्वितीय खुराक का टीका लकी ड्रा के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जाएगी। लकी ड्रा के लिए सम्मलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा।

आयुष्मान कार्ड से बीचा गांव के मनोज कुमार साह के गॉल ब्लाडर का हुआ सफल ऑपरेशन

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– मुंगेर स्थित सिटी क्रिटिकल प्राइवेट लिमिटेड हॉस्पिटल में हुआ ऑपरेशन

– गॉल ब्लाडर के ऑपरेशन के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से मिली आर्थिक मदद

मुंगेर, 24 नवंबर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य (आयुष्मान भारत) योजनांतर्गत आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनने के बाद मुंगेर के लाभुकों को इलाज में आर्थिक सहायता मिल रही है। इस योजना के तहत मुंगेर के बीचा गांव के रहने वाले 43 वर्षीय मनोज कुमार साह जो माली का काम करते हैं को इलाज के लिए आर्थिक मदद मिली है। वह 14 मार्च 2021 को मुंगेर स्थित सिटी क्रिटिकल हॉस्पिटल में अपने गॉल ब्लाडर में ऑपरेशन के लिए भर्ती हुए। इस बीमारी से वो 2019 से ही पीड़ित थे। लेकिन मुंगेर में आयुष्मान हॉस्पिटल उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके गॉल ब्लाडर का ऑपरेशन नहीं हो पाया। इस दौरान वो सदर अस्पताल मुंगेर भी गए लेकिन वहां भी विशेषज्ञ सर्जन उपलब्ध नहीं होने की वजह से उन्हें निराशा हाथ लगी। इसके बाद अखबारों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्राइवेट हॉस्पिटल में आयुष्मान गोल्डन कार्ड से 5 लाख तक के इलाज में आर्थिक सहायता मिलने की जानकारी मिलने के बाद उम्मीद की किरण जगी। आयुष्मान गोल्डेन कार्ड बन जाने के बाद मनोज साह ने भी इस योजना के अंतर्गत मार्च 2021 में अपने गॉल ब्लाडर के ऑपरेशन में सरकार से 16,200 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त की।

इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने वाले मनोज कुमार साह माली का करते हुए छह लोगों के परिवार में एक मात्र कमाने वाले हैं। उनकी मासिक आमदनी 6000 रुपये हैं जिनसे वो अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होने बताया कि मेरे परिवार में पत्नी 35 वर्षीय कविता देवी के अलावा तीन बेटियां रितिका कुमारी 15 वर्ष, आशिका कुमारी, 11 वर्ष और अनुष्का शाह 6 वर्ष है। इसके अलावा एक बेटा अंकित कुमार है जो अभी बहुत छोटा है। मेरी बड़ी बेटी मैट्रिक, दूसरी सातवीं और तीसरी पहली कक्षा में पढ़ती है। इन सभी के पालन पोषण की पूरी जिम्मेवारी मेरे ऊपर ही है लेकिन पिछले दो वर्षों से गॉल ब्लाडर में परेशानी की वजह से मैं हमेशा बीमार रहता था। मैं माली का काम करता हूँ जिसमें मेरी पत्नी भी मेरी मदद करती है। अखबारों में विज्ञापन और अपने मित्र से आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिलने के बाद मैने अपना आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाया । इस कार्ड की मदद से मुंगेर स्थित सिटी क्रिटिकल हॉस्पिटल में मेरे गॉल ब्लाडर का ऑपरेशन संभव हो पाया। इस दौरान लगभग 4 दिनों तक मैं हॉस्पिटल में भर्ती रहा । इस दौरान ऑपरेशन और पूरे इलाज में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में मुझे 16,200 रुपये प्राप्त हुए। सरकार के द्वारा यह योजना चलाने से मेरे जैसे कितने परिवार के लोग जो किसी न किसी गम्भीर बीमारी से पीड़ित और पैसों के अभाव में अपना इलाज नहीं करवा पा रहे हैं उनके जान में जान आई है। अब मेरे जैसे गरीब से गरीब व्यक्ति भी निजी या सरकारी किसी अस्पताल में 5 लाख तक इलाज में आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य (आयुष्मान भारत) योजना मुंगेर की जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) ज्योति कुमारी ने बताया कि जिला में लगातार लाभुकों का आयुष्मान गोल्डन ई.कार्ड बनाने का काम जारी है। इसके साथ ही इस कार्ड की मदद से जिला सरकारी अस्पतालों के साथ- साथ दो प्राइवेट हॉस्पिटल सिटी क्रिटिकल और जीवन अवतार हॉस्पिटल में लगातार लाभुकों का इलाज और ऑपरेशन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुंगेर के बीचा गांव मुंगेर के रहने वाले मनोज कुमार साह का मुंगेर के सिटी क्रिटिकल हॉस्पिटल में गॉल ब्लाडर का ऑपरेशन मार्च 2021 में हुआ है।

कोरोना से मृत हुए दिवंगत के आश्रितों के बीच राहत सामग्री का किया गया वितरण

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– जिले के रजौन प्रखंड अंर्तगत नवटोलिया, हरिजन टोला कैथा एवं बौसी में किया गया वितरण
-केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से मृतक के आश्रितों को उपलब्ध कराई गई राहत सामग्री

बाँका, 24 नवंबर।
जिले में कोरोना से मृत होने वाले दिवंगत के आश्रितों की सहायता में जिला प्रशासन के साथ केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग की टीम भी सराहनीय भूमिका निभा रही है। ऐसे पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े, इसको लेकर जहाँ स्थानीय जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है वहीं, इसे सार्थक रूप देने के लिए केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग की टीम घर-घर जाकर पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। ऐसी पहल कर जिले के केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग की टीम ने मानवता की मिसाल पेश की है। जो समाजहित में बेहतर और सराहनीय कदम है। वहीं, बुधवार को केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग की टीम ने जिले के रजौन प्रखंड के नवटोलिया एवं हरिजन टोला कैथा के अलावा बौसी में चिह्नित पीड़ित परिवारों के बीच राहत समाग्री के पैकेट का वितरण किया।

– कोरोना के शुरुआती दौर से ही केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग की टीम का मिल रहा है सकारात्मक सहयोग :
सिविल सर्जन डाॅ सुधीर कुमार महतो ने बताया, कोरोना के शुरुआती दौर से ही जिले के केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग की टीम का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है। वहीं, उन्होंने पीड़ित परिवारों के सहयोग के लिए केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग की टीम द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना करते हुए कहा, यह मानवता का सबसे बड़ा धर्म और पहल है। मैं इसके लिए केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग की पूरी टीम को धन्यवाद देता हूँ।

– पाँच से अधिक संख्या वाले पीड़ित परिवारों को दो पैकेट: पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री का पैकेट उपलब्ध कराई जा रही। जिसमें चावल, आटा, मसूर दाल, चना, चूड़ा, सूजी, सरसो तेल, सब्जी मसाला, नहाने का साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, टॉफी और बिस्किट पैकेट समेत घरेलू उपयोग में आने वाले अन्य समाग्री को पैक किया गया है। पाँच की संख्या तक वाले पीड़ित परिवारों को एक एवं इससे अधिक संख्या वाले पीड़ित परिवारों को दो किट राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि पीड़ित परिवारों को उचित मात्रा में सामग्री मिल सके और पूरे परिवारों के लिए पर्याप्त हो सके।

पीड़ित परिवारों के लिए लगातार लिए जा रहे जरूरी निर्णय : जिले के सभी पीड़ित परिवारों के लिए शासन-प्रशासन द्वारा लगातार जरूरी निर्णय लिए जा रहे और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्य में केयर इंडिया और समाज कल्याण विभाग का भी काफी सहयोग मिल रहा है, जो ना सिर्फ सराहनीय है बल्कि, समाजहित में बेहतर कदम भी है। इसके अलावा सभी पीड़ित परिवारों का जिला प्रशासन द्वारा हर संभव विशेष ख्याल रखा जा रहा है।

सस्ते मकानों की मांग बढ़ना निजी निवेशकों के लिए अवसर-मानवेंद्र कुमार, डायरेक्टर, आईसीसीआई

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नईदिल्ली-
इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के डायरेक्टर मानवेंद्र कुमार ने रियल एस्टेट को रफ्तार पकड़ने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कोविड लहर के बाद लगातार अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। रियल एस्टेट में अभी लाखों करोड़ रुपए के निवेश की संभावनाएं हैं जिसके लिए इस सेक्टर को तैयार रहना होगा।
मानवेंद्र कुमार ने कहा कि शहरी इलाकों में अभी 3.5 करोड़ गुणवत्तापूर्ण मकानों की है इस अनुसार अभी इस सेक्टर में करीब 45 लाख करोड़ रुपए की निवेश की संभावनाएं बन रही है। खास बात यह है कि निजी फंड हाउस एवं अन्य निवेशकों के लिए इस सेक्टर में निवेश का बेहतरीन मौका है।
मानवेंद्र कुमार ने कहा कि भारत में आवासीय सेक्टर में 359.7 करोड़ डॉलर का निजी निवेश आ चुका है। वर्ष 3333 तक भारत की 44 फीसदी से भी अधिक आबादी शहरी इलाकों में रह रही होगी जो अभी 35 फीसदी है।
आईसीसीआई के डायरेक्टर ने कहा कि बाजारों की निराशाजनक स्थिति ने संपत्ति की बिक्री ओर संबंधित कीमतों को भी प्रभावित किया है। बाजार में मंदी के बीच किफायती मकान एक ऐसी सेक्टर है जो डेवलपर, वित्तीय संस्थानों, निवेशकों, नीति निर्माताओं के साथ साथ अंतिम ग्राहक सहति सभी हितधारकों को ध्यान आकर्षित किया है। जिस प्रकार से अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है वह देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

कोरोना टीका की दूसरी डोज में बढ़ोत्तरी के लिए पुरस्कार योजना 27 से

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-प्रखंड स्तर पर प्रति सप्ताह एक विजेता को बंपर प्राइज, 10 को सांत्वना पुरस्कार
-पांचों सप्ताह पूरा होने पर जिला स्तर पर तीन विजेताओं ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा
बांका, 24 नवंबर।
कोरोना टीकाकरण की दूसरी डोज में बढ़ोत्तरी के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने लाभुकों के लिए प्रखंड स्तर पर साप्ताहिक और जिला स्तर पर मासिक पुरस्कार योजना की शुरुआत कर रही है। इसे लेकर 27 नवंबर से 31 दिसम्बर तक लगातार पांच सप्ताह प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक और जिला स्तर पर पांचों सप्ताह पूरा होने पर बम्पर और ग्रैंड पुरस्कारों की घोषणा की गई है। योजना के तहत प्रखण्ड स्तर पर प्रति सप्ताह एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही पांचों सप्ताह पूरा होने पर जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। इसे लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को एक पत्र लिखा है।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। दूसरी डोज लेने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। दूसरी डोज की गति में और तेजी लाने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक का पत्र मिला है। पत्र के अनुसार अगर लाभुक दूसरी खुराक के ड्यू डेट के 7 दिनों के अंदर अगर टीका ले लेते हैं तो उन्हें लकी ड्रॉ के माध्यम से उपहार देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
27 नवंबर से 31 दिसंबर तक दूसरी डोज लेने वाले लाभुकों को होगा फायदाः सिविल सर्जन ने बताया कि लकी ड्रा की अवधि 27 नवंबर से 31 दिसम्बर तक है। इसके लिए लाभुकों के ड्यू खुराक की गणना के लिए 27 नवंबर पहला दिन और 31 दिसम्बर 2021 अंतिम दिन होगा। इस दौरान प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक लकी ड्रॉ का भी आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 27 नवंबर 2021 से 31 दिसम्बर तक कुल पांच सप्ताह निर्धारित है। पहला सप्ताह 27 नवंबर से 3 दिसम्बर तक, दूसरा सप्ताह 4 से 10 दिसम्बर तक, तीसरा सप्ताह 11 से 17 दिसम्बर तक, चौथा सप्ताह 18 से 24 दिसम्बर तक और पांचवां सप्ताह 25 से 31 दिसम्बर तक है। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक अर्थात पहला सप्ताह के लकी ड्रॉ से चयनित विजेताओं/लाभर्थियों का चयन 4 दिसम्बर को किया जाएगा एवं आने वाले अगले शनिवार तक उपहार उपलब्ध करा दिया जाएगा।
केयर इंडिया उपलब्ध कराएगा सूचीः सिविल सर्जन ने बताया कि लकी ड्रॉ के लिए निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से दूसरी खुराक के ड्यू लाभुकों की सूची को शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ अगले सात दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध कराए गए डीडीए द्वारा किया जाएगा। संकलित आंकड़ों में से दूसरी खुराक का टीका लकी ड्रॉ के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जाएगी और लकी ड्रॉ के लिए सम्मिलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार योजना के तहत प्रति प्रखण्ड एक विजेता को प्रति सप्ताह एक बम्पर पुरस्कार और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। इसी प्रकार पांचों सप्ताह समाप्त होने के बाद जिला स्तर पर 3 विजेताओं को ग्रैंड पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर प्रचार-प्रसार तेज

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-जिले के सभी प्रखंडों में चल रहा प्रचार अभियान, आज आखिरी दिन
-4 दिसंबर तक चलेगा परिवार नियोजन पखवाड़ा, अस्पतालों में हो रही नसबंदी
भागलपुर, 24 नवंबर।
परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर जिले में प्रचार-प्रसार अभियान तेज कर दिया गया है। ई-रिक्शा के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। परिवार नियोजन पखवाड़ा 4 दिसंबर तक चलेगा। इसे लेकर ई-रिक्शा से प्रचार-प्रसार अभियान गुरुवार तक चलेगा। प्रचार की शुरुआत रविवार को हुई है। इसके तहत गांव के लोगों को परिवार नियोजन के बारे में बताया जा रहा है। इसके क्या फायदे हैं, इसकी जानकारी दी जा रही है। साथ ही परिवार नियोजन में अस्थाई संसाधनों के इस्तेमाल के बारे में लोगों को बताया जा रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत जिले के सभी अस्पतालों में बंध्याकरण की व्यवस्था की गई है। हालांकि सभी अस्पतालों में सालोंभर यह सुविधा रहती है और लोग आकर नसबंदी करवाते भी हैं। अभी परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर एक अभियान के तहत यह काम किया जा रहा है। पखवाड़ा शुरू होने से पहले आशा कार्यकर्ताओं ने 15 से 21 नवंबर तक क्षेत्र में जाकर योग्य दंपतियों से संपर्क कर उनकी एक सूची बनाई है। सूची के अनुसार जिसे काउंसिलिंग की जरूरत है, उसकी काउंसिलिंग की जा रही है। जिसे नसबंदी करवानी है, उसकी नसबंदी की जा रही है।
अस्थाई सामग्री का भी हो रहा वितरणः परिवार नियोजन में अस्थाई सामग्री की बहुत अच्छी भूमिका रहती है। इसलिए लोगों में इसका वितरण किया जा रहा है। केयर इंडिया के परिवार नियोजन के जिला समन्वय जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रचार-प्रसार के साथ ही लोगों को अस्थाई संसाधन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सभी प्रखंडों में लोगों को कंडोम और छाया उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके साथ लोगों को बेझिझक इसके इश्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। लोगों को समझाया जा रहा है कि परिवार नियोजन के लिए अस्थाई संसाधनों के इश्तेमाल से किसी भी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसलिए परिवार नियोजन के लिए इसका इस्तेमाल लोग बिना डरे हुए करें।
पुरुष नसबंदी पर फोकसः केयर इंडिया के परिवार नियोजन के जिला समन्वयक आलोक कुमार कहते हैं कि इस बार परिवार नियोजन पखवाड़ा में पुरुष नसबंदी पर फोकस किया जा रहा है। वैसे तो पुरुषों के साथ महिलाओं की भी नसबंदी की जा रही है, लेकिन इस बार प्रयास हो रहा कि अधिक से अधिक पुरुषों की नसबंदी भी हो। लोगों को इसे लेकर जागरूक भी किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में पुरुष नसबंदी को लेकर थोड़ी झिझक है, जिसे जागरूकता कार्य़क्रम के तहत दूर किया जा रहा है। उन्हें समझाया जा रहा है कि पुरुष नसबंदी महिलाओं के बंध्याकरण के मुकाबले ज्यादा आसान है। इससे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है, इसलिए बिना किसी संकोच के पुरुष नसबंदी कराने के लिए आगे आएं।

लखीसराय के संतर मोहल्ला में 25 नवंबर को आयोजित होगा स्वास्थ्य शिविर

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– कोविड वैक्सीनेशन सहित जाँच और समुचित स्वास्थ्य सुविधा रहेगी उपलब्ध
– शिविर में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा की दी जाएगी जानकारी

लखीसराय, 23 नवंबर।
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर 25 नवंबर को लखीसराय पीएचसी अंतर्गत आने वाले संतर मोहल्ला में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। जिसकी सफलता को लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। शिविर में कोविड वैक्सीनेशन सहित पीएचसी स्तर पर मिलने वाली सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी। ताकि लोगों को बेहतर एवं समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही कोविड वैक्सीनेशन के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा और अबतक वैक्सीन से वंचित लोगों को शिविर में ही ऑन द स्पॉट वैक्सीन दी जाएगी।

– जाँच और दवाई की सुविधाएं भी रहेगी उपलब्ध :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, शिविर की सफलता को लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है और शिविर के सफल संचालन के लिए मेडिकल टीम गठित कर दी गयी है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्तर से लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद लोगों को सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से संतर मोहल्ला में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। शिविर में जाँच से लेकर दवाई तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। यानी लोगों को पीएचसी में जो सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है, वह शिविर में भी उपलब्ध रहेगी। ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और शिविर का सफल संचालन हो सके।

– एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर लोगों को दी जाएगी शिविर की जानकारी :
शिविर का लाभ अधिकाधिक लोगों को मिल सके, इसको लेकर संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा कार्यकर्ता संयुक्त रूप से अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाली शिविर की जानकारी देंगी। ताकि अधिक से अधिक लोग शिविर में भाग ले सकें और शिविर का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता द्वारा वैक्सीन से वंचित लोगों को चिह्नित कर सूची तैयार की जाएगी और तैयार सूची के आधार पर शिविर के दौरान वंचित लोगों को शिविर में वैक्सीन दी जाएगी।

– स्वास्थ्य सुविधाओं की दी जाएगी जानकारी :
शिविर के दौरान मौजूद लोगों को पीएचसी स्तर पर मिलने वाली तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। ताकि अधिकाधिक लोग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का सुविधाजनक तरीके से लाभ सकें और लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति विश्वास बढ़े।

सेंकेंड डोज़ कोविड वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने को 27 नवंबर से 31 दिसम्बर तक लकी डॉ के माध्यम से पुरस्कृत होंगे लाभार्थी

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– सेकेंड डोज़ के लिए निर्धारित तिथि के 7 दिनों के अंदर वैक्सीनेशन कराने वाले लाभार्थी होंगे पात्र

– इस योजना के तहत प्रति प्रखण्ड 1 विजेता को प्रति सप्ताह बम्पर पुरस्कार और 10 विजेता को मिलेगा पुरस्कार

– पांच सप्ताह पूरा होने के बाद साप्ताहिक विजेताओं में से जिलास्तर पर चुने जाएंगे 3 ग्रैंड पुरस्कार विजेता

मुंगेर , 23 नवंबर। राज्यभर में कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत सेकंड डोज़ वैक्सीनेशन रेट में बढ़ोतरी के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के द्वारा लाभर्थियों के प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक और जिला स्तर पर मासिक पुरस्कार योजना की शुरुआत की जा रही है। इस योजना के तहत आगामी 27 नवंबर से 31 दिसम्बर लगातार पांच सप्ताह तक प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक और जिला स्तर पर पांचों सप्ताह पूरा होने पर बम्पर और ग्रैंड पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इसके तहत प्रखण्ड स्तर पर प्रति सप्ताह एक विजेता को बम्पर प्राइज और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जाना है। इसके साथ ही पांचों सप्ताह होने पर जिला स्तर पर तीन विजेताओं को ग्रैंड प्राइज दिया जाएगा। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने मुंगेर सहित राज्य के सभी ज़िलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को एक चिट्ठी जारी की है।
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक के निर्देशानुसार जिला में कोरोना टीकाकरण के द्वितीय ख़ुराक के आच्छादन स्तर में वृद्वि लाने के उद्देश्य से द्वितीय खुराक के ड्यू लाभर्थियों के द्वारा ड्यू डेट के 7 दिनों के अंदर द्वितीय खुराक प्राप्त करने और उनके टीकाकरण की स्थिति को नियत अवधि के अंदर अपडेट करने पर उन्हें लकी ड्रा के माध्यम से उपहार देकर पुरस्कृत किया जाना है।
उन्होंने बताया कि लकी ड्रा की अवधि 27 नवंबर से 31 दिसम्बर तक निर्धारित है। इसके लिए लाभर्थियों के ड्यू खुराक की गणना के लिए 27 नवंबर पहला दिन और 31 दिसम्बर 2021 अंतिम दिन होगा। इस दौरान प्रखण्ड स्तर पर साप्ताहिक लकी ड्रा का भी आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 27 नवंबर 2021 से 31 दिसम्बर तक कुल पांच सप्ताह निर्धारित है । जिसमें पहला सप्ताह 27 नवंबर से 3 दिसम्बर तक, 4 दिसम्बर से 10 दिसम्बर तक, 11 दिसम्बर से 17 दिसम्बर तक, 18 दिसम्बर से 24 दिसम्बर तक और 25 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक है। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक अर्थात पहला सप्ताह के लकी ड्रा से चयनित विजेताओं/लाभर्थियों का चयन 4 दिसम्बर को किया जाएगा एवं आने वाले अगले शनिवार तक देय उपहार उपलब्ध करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लकी ड्रा के लिए निर्धारित समयावधि के दौरान प्रतिदिन कोविन पोर्टल से द्वितीय खुराक के ड्यू लाभाथियों की सूची को अचूक रूप से शाम 6 बजे तक अपडेट करने के साथ संचयी रूप से अगले 7 दिनों तक इसका संधारण केयर इंडिया के द्वारा उपलब्ध कराए गए डीडीए द्वारा किया जाएगा तथा संकलित आंकड़ों में से द्वितीय खुराक का टीका लकी ड्रा के पात्रता अनुरूप प्राप्त लाभर्थियों की सूची संधारित की जाएगी और लकी ड्रा के लिए सम्मलित करते हुए पत्र के साथ संलग्न एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुंगेर के जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि उक्त पुरस्कार योजना के तहत प्रति प्रखण्ड 1 विजेता को प्रति सप्ताह एक बम्पर पुरस्कार और 10 विजेता को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। इसी प्रकार पांचों सप्ताह समाप्त होने के बाद जिला स्तर पर 3 विजेताओं को ग्रैंड पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

घर-घर दस्तक वैक्सीनेशन अभियान में आयी तेजी, टीका से छूटे व्यक्ति को चिह्नित कर सुविधाजनक तरीके से दी जा रही है वैक्सीन

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– संभावित तीसरे लहर को रोकने के लिए वैक्सीनेशन कराना जरूरी, इसलिए जरूर लें वैक्सीन
– कोविड के प्रभाव से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ- साथ सावधानी और सतर्कता भी जरूरी

खगड़िया, 23 नवंबर।
जिले में एक भी व्यक्ति कोविड 19 वैक्सीन लेने से छूटे नहीं, इसे सुनिश्चित करने को लेकर नित्य हर जरूरी निर्णय लिए जा रहे और आवश्यक पहल भी की जा रही है। मिशन, जल्द से जल्द जिले में वैक्सीन से छूटे व्यक्तियों की संख्या शून्य हो और संपूर्ण जिलेवासी पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड हों। जिसे सार्थक रूप देने के लिए जिले में घर-घर दस्तक वैक्सीनेशन अभियान को तेज कर दिया गया है। जिसके माध्यम से वैक्सीनेशन टीम घर-घर दस्तक देकर एक-एक व्यक्ति तक पहुँच रही और किसी भी कारणवश अबतक जो वैक्सीन नहीं ले पाएं, उन्हें प्रेरित कर वैक्सीनेट कर रहे हैं। वहीं, इस अभियान को सार्थक रूप देने के लिए केयर इंडिया की टीम भी स्वास्थ्य विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर अग्रणी भूमिका निभा रही है।

– जिले में लगातार चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान, घर-घर जाकर दी जा रही है वैक्सीन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। अबतक वैक्सीन लेने से छूटे व्यक्ति की घर-घर जाकर पहचान की जा रही और उन्हें सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन भी दी जा रही है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और सामुदायिक स्तर पर लोग इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इसके अलावा स्वास्थ्य टीम में शामिल एएनएम, ऑगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य कर्मियों द्वारा अभियान चलाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।

– संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए वैक्सीनेशन के साथ-साथ सावधानी और सतर्कता जारी रखने की जरूरत :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, कोविड संक्रमण वायरस की संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए वैक्सीनेशन के साथ सावधानी और सतर्कता रखने की जरूरत है। क्योंकि, इसी के बदौलत जिले में पहली और दूसरी लहर का करीब-करीब समापन हो चुका है, जो जिले वासियों के लिए बेहद सुखद खबर है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि जो भी व्यक्ति अबतक किसी कारणवश वैक्सीन नहीं ले पाएं है, वह निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें। साथ ही इस महामारी को पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए सावधानी और सतर्कता भी जारी रखें। क्योंकि, वैक्सीनेशन के साथ-साथ सतर्कता और सावधानी जारी रखने पर तीसरी लहर आने की कोई संभावना नहीं रहेंगी।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

कोविड प्रभावित आश्रितों को समाज कल्याण मंत्रालय व केयर इंडिया के सहयोग से बांटी जा रही सामग्री

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कोविड से मरने वालों के आश्रितों के लिए राहत भेजी गई राहत सामग्री
समाहरणालय से डीडीसी ने हरी झंडी दिखाकर गाड़ी को किया रवाना
बांका, 23 नवंबर
कोरोना की जांच, इलाज और टीकाकरण को लेकर तो स्वास्थ्य विभाग और सरकार गंभीर है ही, साथ ही जिन लोगों की जान कोरोना से चली गई है, उनके बच्चों के लिए भी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसी सिलसिले में कोरोना से जान गंवाने वालों के बच्चों के लिए मंगलवार को राहत सामग्री भेजी गई। राहत सामग्री से भरे वाहनों को डीडीसी रवि प्रकाश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मौके पर आईसीडीएस की डीपीओ हेमा कुमारी और केयर इंडिया के डीटीएल तौसीफ कमर भी मौजूद थे। वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद डीडीसी ने कहा कि कोरोना से मरने वाले जितने भी लोग हैं, उन्हें जल्द से जल्द राहत पहुंचाएं। साथ ही जो लोग छूट गए हैं, उन्हें भी जल्द चिह्नित करने का निर्देश डीडीसी ने दिया। उन्होंने इस काम में केयर इंडिया और आईसीडीएस को भी सहयोग करने के लिए कहा।
राहत सामग्री के तौर पर दिए गए हैं ये सामानः राहत सामग्री के पैकेट में पांच किलो चावल, पांच किलो आटा, मसूर दाल दो किलो, चना दो किलो, चूड़ा दो किलो, सूजी दो किलो, चीनी दो किलो, मसाला के दो पैकेट, नहाने वाला साबुन दो, कपड़ा धोनो वाला दो साबुन, 100 चॉकलेट वाला एक पैकेट और बिस्कुल के दो पैकेट कोरोना से मरने वालों के परिजनों को दिया गया है। सभी सामान को एक साथ पैक कर दिया जा रहा है। राहत सामग्री में परिवार के बड़े सदस्यों से लेकर बच्चों तक का ध्यान रखा गया है, ताकि लोगों को कुछ मदद मिल सके।
घर-घर जाकर दी जाएगी राहत सामग्रीः कोरोना से मरने वालों के अनाथ हुए बच्चों की सहायता को लेकर परिवारों को घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम सहायता उपलब्ध कराएगी। मृतक के आश्रितों को सामग्री लेने में कोई परेशानी नहीं हो, इसे ध्यान में रखकर ऐसा किया जा रहा है। इस काम में केयर इंडिया के कर्मी बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभा रहे हैं।