कोविड से मरने वालों के आश्रितों के लिए राहत, भेजी गई राहत सामग्री

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-समाहरणालय से जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर गाड़ी को किया रवाना
-समाज कल्याण मंत्रालय व केयर इंडिया के सहयोग से बांटी जा रही सामग्री
भागलपुर, 23 नवंबर
कोरोना की जांच, इलाज और टीकाकरण को लेकर तो स्वास्थ्य विभाग और सरकार गंभीर है ही, साथ ही जिन लोगों की जान कोरोना से चली गई है, उनके बच्चों के लिए भी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसी सिलसिले में कोरोना से जान गंवाने वालों के बच्चों के लिए मंगलवार को राहत सामग्री भेजी गई। राहत सामग्री से भरे वाहनों को जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर एसएसपी निताशा गुड़िया, डीडीसी प्रतिभा रानी, आईसीडीएस की डीपी और शिलिमा कुमारी केयर इंडिया की डॉ. सुपर्णा टाट, जितेंद्र कुमार सिंह, आलोक कुमार, आईसीडीएस के अरविंद पांडे, तबरेज, सीडीपीओ सुमन कुमारी और रूबी सिंह मौजूद थी. वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना से मरने वाले जितने भी लोग हैं, उन्हें जल्द से जल्द राहत पहुंचाएं। साथ ही जो लोग छूट गए हैं, उन्हें भी जल्द चिह्नित करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। उन्होंने इस काम में केयर इंडिया और आईसीडीएस को भी सहयोग करने के लिए कहा।
43 परिवार के सदस्यों की गई है जानः पिछले दिनों जिले के 13 प्रखंडों के 43 परिवार के सदस्यों की कोरोना से मौत हुई है। सभी लोगों को राहत सामग्री दी जाएगी। साथ ही जिस परिवार में पांच से अधिक सदस्य हैं, उस परिवार को राहत सामग्री के दो पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सभी 43 परिवारों को जल्द से जल्द यह राहत सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद जो नए लोग चिह्नित होंगे, उन्हें भी सभी तरह की सरकारी मदद मुहैया कराई जाएगी।
राहत सामग्री के तौर पर दिए गए हैं ये सामानः राहत सामग्री के पैकेट में चावल, आटा, मसूर दाल , चना , चूड़ा , सूजी , चीनी , मसाला पैकेट, नहाने वाला साबुन , कपड़ा धोने वाला साबुन,चॉकलेट और बिस्कुल के पैकेट कोरोना से मरने वालों के परिजनों को दिया गया है। सभी सामान को एक साथ पैक कर दिया जा रहा है। राहत सामग्री में परिवार के बड़े सदस्यों से लेकर बच्चों तक का ध्यान रखा गया है, ताकि लोगों को कुछ मदद मिल सके।
घर-घर जाकर दी जाएगी राहत सामग्रीः कोरोना से मरने वालों के अनाथ हुए बच्चों की सहायता को लेकर परिवारों को घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम सहायता उपलब्ध कराएगी। मृतक के आश्रितों को सामग्री लेने में कोई परेशानी नहीं हो, इसे ध्यान में रखकर ऐसा किया जा रहा है। इस काम में केयर इंडिया के कर्मी बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

कोरोना को हराने घर-घर दस्तक टीकाकरण अभियान

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– 45 टाइगर टीम प्रखंड स्तर पर कर रहा है टीकाकरण
– ड्यू लिस्ट के अनुसार 125 घरों तक पहुँच रही है टीम
– पोलियो टीकाकरण की तर्ज पर घरों की हो रही मार्किंग

खड़गपुर, मुंगेर,22नवंबर।
कोविड-19 के संक्रमण को समूल नष्ट करने के लिए सरकार की ओर से घर-घर दस्तक अभियान चलाया जा रहा है । इसी क्रम में खड़गपुर प्रखंड के पहाड़ी और सुदूरवर्ती इलाकों के 18 वर्ष से अधिक उम्र के किन्ही कारणों से टीका लेने से छूटे हुए लोगों के टीकाकरण के लिए 45 टीमें लगायी गयी हैं। इन सभी टीम सुपरवाइजर के पास जीविका समूह और फ्रंटलाइन कर्मियों के सहयोग से बनाई गयी ड्यू लिस्ट उपलब्ध हैं। इन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा सौ से सवा सौ घरों तक पहुँचने का लक्ष्य दिया गया है ।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. लाल बहादुर गुप्ता कहते हैं कोरोना को हराने के लिए घर-घर दस्तक अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी लाभार्थी टीकाकरण से वंचित न रहे। इसके लिए फील्ड मॉनिटरिंग और सामाजिक उत्प्रेरण के लिए वरीय पदाधिकारियों को लगाया गया है। मेरी सभी से अपील है कि कोरोना संक्रमण को पूरी तरह समाप्त करने के लिए स्वयं भी टीका लें और पड़ोसियों को भी प्रेरित करें ।
प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक उमेश प्रसाद ने बताया हमारी टीम कोविड-19 टीकाकरण का कार्य प्रतिबद्धता के साथ कर रही है । इसकी दैनिक स्तर पर रिपोर्टिंग की जा रही है। यह अभियान 27 नवम्बर तक संचालित किया जाना है ।
प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक नीतू कुमारी ने बताया कि 185 आशा वर्कर और फैसिलिटेटर टीम का हिस्सा हैं। पोलियो टीकाकरण की तर्ज पर घरों की मार्किंग भी की जा रही है। टीम के सहयोग के लिए क्षेत्र भ्रमण और फ़ोन के माध्यम से परामर्श दिया जा रहा है।
वहीं टीम सुपरवाइजर राजेंद्र यादव और अन्जेश कुमार ने बताया घर-घर दस्तक अभियान के दौरान कुछ भ्रांतियों से ग्रस्त लाभार्थियों द्वारा चुनौतियां आ रहीं जो टीका लेने से इंकार करते हैं। इसमें अधिकांश तौर पर प्रवासी कर्मी और पुरुष वर्ग हैं। इन लोगों को समझा बुझाकर टीकाकरण के लिए राजी किया जा रहा है। उन्होंने उक्त अभियान को सफल बनाने के लिए प्रबुद्ध ग्रामीणों और युवाओं को जनजागरूकता के लिए आगे आने का भी अनुरोध किया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एल.बी. गुप्ता ने सभी से मास्क लगाने और हरसंभव सामाजिक दूरी को बनाने की सलाह दी।

वैक्सीन से वंचित गर्भवती और धातृ माताओं को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा टीकाकृत

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– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर सभी सिविल सर्जन को दिए निर्देश
– एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से गर्भवती व धातृ महिलाओं को किया जाएगा चिह्नित

लखीसराय, 22 नवंबर।
18 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले एक भी व्यक्ति कोविड-19 वैक्सीन से वंचित नहीं रहें, इसको लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है और इसे सुनिश्चित करने को लेकर नित्य नये-नये निर्णय भी लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एक भी गर्भवती और धातृ माताएं कोविड वैक्सीनेशन से वंचित नहीं रहें, इसके लिए ऐसे महिलाओं को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र टीकाकृत करने का निर्णय लिया गया है। इसे सुनिश्चित करने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर राज्य के सभी सिविल सर्जन एवं अस्पताल अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए हैं तथा अपने स्तर से भी जरूरी पहल कर इसे सुनिश्चित करने को कहा है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत गर्भवती और धातृ महिलाओं का भी वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके और सामुदायिक स्तर पर लोग इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

– गर्भवती और धातृ महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है कोविड वैक्सीन, बेहिचक कराएं वैक्सीनेशन :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, गर्भवती और धातृ महिलाओं के लिए भी कोविड वैक्सीन ना सिर्फ सुरक्षित है बल्कि, जरूरी और प्रभावी भी है। इसलिए, मैं जिले के तमाम ऐसी महिलाओं से अपील करता हूँ कि जो भी ऐसी महिलाएं किसी भी कारण वश अबतक वैक्सीन नहीं ले पायीं हैं, वह पूरी तरह निर्भीक होकर बेहिचक वैक्सीनेशन कराएं और इस महामारी के खिलाफ सुरक्षित समाज निर्माण में सहयोग के लिए आगे आएं। वैक्सीन लेने से किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी। बल्कि, आपके साथ-साथ गर्भस्थ शिशु भी इस महामारी के प्रभाव से सुरक्षित होगा। वहीं, उन्होंने बताया, इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

– एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से किया जाएगा चिह्नित :
वैक्सीन से छूटी गर्भवती और धातृ महिलाओं को चिह्नित करने के लिए संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा। इसके ही माध्यम ऐसे महिलाओं को चिह्नित कर सूची तैयार कर रजिस्ट्रेशन की जाएगी। जिसके बाद प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन सुनिश्चित की जाएगी।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– यात्रा के दौरान निश्चित रूप से सैनिटाइजर पास में रखें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– मुँह, नाक और ऑख को अनावश्यक छूने से बचें और छूने के पूर्व अच्छी तरह हाथों की सफाई करें।

कोरोना से मृत हुए दिवंगत के आश्रितों को उपलब्ध कराई गई राहत सामग्री

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– केयर इंडिया के सहयोग से मृतक के आश्रितों को उपलब्ध कराई गई राहत सामग्री
– जिलाधिकारी ने राहत वितरण समाग्री वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

खगड़िया, 22 नवंबर।
जिले में कोविड से मृत होने वाले सभी दिवंगत के आश्रितों की सहायता में केयर इंडिया की टीम भी सराहनीय भूमिका निभा रही है। ऐसे पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े, इसको लेकर जहाँ स्थानीय जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है। वहीं, इसे सार्थक रूप देने के लिए कोरोना से जिन व्यक्ति का निधन हो गया था, उनके आश्रितों के बीच राहत वितरण सामग्री वाहन के माध्यम से घर-घर जाकर राहत सामग्री का वितरण कर जिले के केयर इंडिया की टीम ने मानवता की मिसाल पेश की है। जो समाजहित में बेहतर और सराहनीय कदम है। इससे पूर्व जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष ने कलेक्ट्रेट परिसर में राहत सामग्री वितरण करने वाले वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके माध्यम से चिह्नित दिवंगत के आश्रितों को घर-घर जाकर राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी। ताकि ऐसे पीड़ित परिवारों को जीवन-यापन में सहायता प्रदान हो सके और गुणवत्तापूर्ण जीवन-यापन में सहयोग मिल सके। इस मौके पर वरीय उप समाहर्ता राज ऐश्वर्याश्री, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, डीटीओ-ऑन चंदन कुमार, डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक आदि मौजूद थे।

– केयर इंडिया की टीम का सराहनीय कदम : जिलाधिकारी
इस मौके पर जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष ने पीड़ित परिवारों के सहयोग के लिए केयर इंडिया की टीम द्वारा उठाए गए इस कदम की सराहना करते हुए कहा, यह मानवता का सबसे बड़ा धर्म और पहल है। मैं इसके लिए केयर इंडिया की पूरी टीम को धन्यवाद देता हूँ। वहीं, उन्होंने कहा, जिले के सभी पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री मिलेगी और घर-घर जाकर सुविधाजनक तरीके से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, उन्होंने बताया, जिले के सभी पीड़ित परिवारों को सरकारी स्तर से मिलने वाली तमाम सुविधाएं लगातार सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। इसके आगे भी जो भी सुविधाएं होगी, वह निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता का लाभ मिलने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए सभी पीड़ित परिवारों का डेटाबेस तैयार कर सुरक्षित रखा गया है। ताकि एक भी पीड़ित परिवार किसी प्रकार की सुविधा से वंचित नहीं रहे और सभी चिह्नित परिवारों को सुविधाजनक तरीके से सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

– पाँच से अधिक संख्या वाले पीड़ित परिवारों को दो पैकेट मिलेगी राहत सामग्री :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले में चिह्नित सभी पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री की पैकेट उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें चावल, आटा, मसूर दाल, चना, चूड़ा, सूजी, सरसो तेल, सब्जी मसाला, नहाने का साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, टॉफी और बिस्किट पैकेट समेत घरेलू उपयोग में आने वाली अन्य सामग्री को पैक किया गया है। वहीं, उन्होंने बताया, पाँच की संख्या तक वाले पीड़ित परिवारों को एक एवं इससे अधिक संख्या वाले पीड़ित परिवारों को दो किट राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि पीड़ित परिवारों को उचित मात्रा में सामग्री मिल सके और पूरे परिवारों के लिए पर्याप्त हो सके।

– पीड़ित परिवारों के लिए लगातार लिए जा रहे जरूरी निर्णय :
वरीय उप समाहर्ता राज ऐश्वर्याश्री ने बताया, जिले के सभी पीड़ित परिवारों के लिए शासन-प्रशासन द्वारा लगातार जरूरी निर्णय लिए जा रहे और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्य में केयर इंडिया का भी काफी सहयोग मिल रहा है, जो ना सिर्फ सराहनीय है बल्कि, समाजहित में बेहतर कदम भी है। वहीं, उन्होंने बताया, इसके अलावा सभी पीड़ित परिवारों का जिला प्रशासन द्वारा हर संभव विशेष ख्याल रखा जा रहा है।

लक्ष्य की टीम ने सदर अस्पताल की व्यवस्था को परखा

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-लेबर रूम और ओटी का लिया जायजा, कर्मियों से ली जानकारी
-राज्यस्तरीय टीम के आकलन के मुताबिक व्यवस्था को देखा
भागलपुर, 22 नवंबर
लक्ष्य की केंद्रीय टीम ने सोमवार को सदर अस्पताल का जायजा लिया। दिल्ली से नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर (एनएचएसआरसी) की टीम ने लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की व्यवस्था को देखा। दिल्ली से आईं डॉ. श्वेता चोपड़ा और श्रीमती जीना प्रदीप ने लेबर रूम और ओटी जाकर खुद से सभी व्यवस्था को देखा। वहां पर तैनात कर्मियों से व्यवस्था की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि दिल्ली से आई टीम सदर अस्पताल की व्यवस्था से संतुष्ट दिखी। मालूम हो कि कुछ दिन पहले लक्ष्य की राज्यस्तरीय टीम ने भी सदर अस्पताल का जायजा लिया था। यहां की व्यवस्था से संतुष्ट होकर लेबर रूम को 91 और ओटी को 93 प्रतिशत अंक दिया था। 2019 से लक्ष्य कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। उस साल लेबर रूम को 27 और ओटी को 30 प्रतिशत अंक मिले थे। महज दो साल में अंकों में इतना बड़ा उछाल यह बताता है कि अस्पताल में मरीजों की इलाज की व्यवस्था बेहतर हुई है। लेबर रूम और ओटी में सभी कुछ पटरी पर आ गई है।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि दिल्ली से आई टीम ने अस्पताल की व्यवस्था को देखा। सभी चीजों के बारे में जाना और कर्मियों से भी जानकारी ली। लेबर रूम और ओटी में जाकर एक-एक चीज को देखा। उम्मीद है कि जिस तरह से राज्य की टीम यहां की व्यवस्था से संतुष्ट हुई, उसी तरह केंद्र की टीम भी संतुष्ट हुई होगी। हमलोगों को उम्मीद है कि इस बार कायाकल्प की ही तरह लक्ष्य कार्यक्रम के तहत भी अस्पताल को जरूर पुरस्कार मिलेगा। निरीक्षण के दौरान केयर इंडिया के डीटीओ फैसिलिटी डॉ. राजेश मिश्रा, डीपीएम फैजान आलम अशर्फी, सदर अस्पताल के मैनेजर डॉ. जावेद मंजूर करीमी और लेखापाल आदित्य भी मौजूद थे।
बेहतर रैंक मिलने पर मिलेगा पुरस्कारः लक्ष्य की रैंकिंग में अगर सदर अस्पताल को बेहतर रैंक मिलती है तो दिल्ली में पुरस्कार मिलेगा। साथ ही ठीकठाक राशि भी मिलेगी। मालूम हो कि लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्लेटिनम, गोल्डन और सिल्वर रैंक मिलती है। तीनों ही रैंक मिलने के बाद प्रमाण पत्र के साथ एक निश्चित राशि सदर अस्पताल को सरकार की ओर से दी जाती है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रतिदिन प्रति बेड के हिसाब से भी एक निश्चित राशि मिलती है। अस्पताल को यह व्यवस्था तीन साल तक मेंटेन करनी होगी। तीन साल तक लगातार सभी तरह की सुविधा अस्पताल को मिलती रहेगी।
कायाकल्प में सूबे में मिला है दूसरा स्थानः सदर अस्पताल में इलाज समेत अन्य व्यवस्थाएं लगातार बेहतर होती जा रही हैं। इसी का परिणाम है कि पिछले दिनों कायाकल्प की रैंकिंग में सदर अस्पताल भागलपुर को सूबे में दूसरा स्थान मिला था। इसके तहत 20 लाख रुपये की राशि भी मिली थी। साथ ही राज्य सरकार की ओर से प्रमाण पत्र भी मिला था। अब सदर अस्पताल प्रशासन को लक्ष्य के तहत बेहतर रैंकिंग मिलने की उम्मीद है।

जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा का आगाज

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-सिविल सर्जन ने प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
-अस्पतालों में लगे मेले पर परिवार नियोजन की सामग्री बंटी
बांका, 22 नवंबर।
जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा का सोमवार को आगाज हो गया। सदर अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में मेले का भी आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो और एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने परिवार नियोजन पखवाड़ा का उद्घाटन किया। साथ ही सभी प्रखंडों के लिए प्रचार रथ को भी रवाना किया। प्रचार रथ के जरिये सभी प्रखंडों में लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक किया जाएगा। परिवार नियोजन पखवाड़ा 4 दिसबंर तक चलेगा। इस दौरान जिले के लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित अस्थाई सामग्री का वितरण किया जाएगा। साथ ही योग्य दंपति को बंध्याकरण के लिए जागरूक किया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा का आगाज हो गया है। आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं। योग्य दंपति को अस्पताल लाकर बंध्याकरण कराया जाएगा। इसे लेकर 15 से 21 नवंबर तक दंपति संपर्क सप्ताह मनाया गया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के योग्य दंपतियों को चिह्नित किया। एक सूची बनाई गई। अब उसके अनुसार काम किया जाएगा। साथ ही जिनलोगों का नाम सूची में दर्ज नहीं हो सका और वह बंध्याकरण के इच्छुक हैं तो उनका भी ऑपरेशन किया जाएगा।
मेले में परिवार नियोजन की सामग्री का वितरणः परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत जिले के सरकारी अस्पतालों में लगे मेले के स्टॉलों पर लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित अस्थाई सामग्री दी गई। कंडोम, कॉपर-टी और अंतरा का वितरण किया गया। लोगों को परिवार नियोजन में इसका इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया गया। उन्हें समझाया गया कि इससे किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसलिए परिवार नियोजन को लेकर निःसंकोच इसका इश्तेमाल करें।

पुरुष नसबंदी पर रहेगा फोकसः एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने कहा कि परिवार नियोजन पखवाड़ा में इस बार पुरुष नसबंदी पर फोकस किया जाएगा। इसे लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। लोगों को समझाया जा रहा है कि महिला के मुकाबले पुरुष की नसबंदी ज्यादा आसान है और इससे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। इसलिए लोग अपने अंदर से डर को निकालें और पुरुष नसबंदी के लिए आगे आएं। परिवार नियोजन के कई फायदे हैं। छोटा और सुखी परिवार रहने से न सिर्फ स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि परिवारों को आर्थिक सुविधा भी मिलती है।
एक बच्चे बाले दंपति की होगी काउंसिलिंगः परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत जिले के एक बच्चे ञवाले दंपति की काउंसिलिंग की जाएगी। उन्हें दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रखने की सलाह दी जाएगी। दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रहने से जच्चा और बच्चा, दोनों स्वस्थ रहता है। बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। भविष्य में होने वाली किसी भी तरह की बीमारी से वह लड़ने में सक्षम होता है। साथ ही नवविवाहिताओं को पहले बच्चे की योजना 20 साल के बाद ही करने की भी सलाह दी जाएगी। बुधवार और शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर एएनएम सभी लोगों को जागरूक करने का काम करेंगी।

परिवार नियोजन पखवाड़ा आज से, सीएस ने हरी झंडी दिखा जागरूकता रथ को किया रवाना

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– जिले के सभी पीएचसी में चलेगा यह पखवाड़ा, कोविड-19 के गाइडलाइन का रखा जाएगा ख्याल
– परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार का आधार बनाया थीम पर आयोजित होगा पखवाड़ा

भागलपुर, 21 नवंबर

सोमवार से जिलेभर में परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू होगा। जिसकी सफलता को लेकर सीएस डाॅ उमेश कुमार शर्मा ने रविवार को अपने कार्यालय परिसर से जिले के सभी प्रखंडों के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके माध्यम से जिलेभर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा एवं सामुदायिक स्तर पर परिवार नियोजन पखवाड़ा के संदेश और उद्देश्य को पहुँचाया जाएगा। ताकि अधिकाधिक लोग इसका लाभ ले सकें और अभियान सफल हो सके। इस मौके पर एसीएमओ डॉ अंजना कुमारी, केयर इंडिया के परिवार नियोजन के जिला समन्वयक आलोक कुमार, डीटीओ डाॅ राजेश मिश्रा, जितेंद्र कुमार सिंह, सुष्मिता कुमारी, आशा के जिला समन्वयक जफरुल इस्लाम, सदर अस्पताल के मैनेजर जावेद मंजूर करीमी, लेखापाल आदित्य कुमार आदि मौजूद थे।

– परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार का आधार बनाया :
जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ उमेश कुमार शर्मा ने बताया, इस बार परिवार नियोजन अपनाया, सुखी परिवार का आधार बनाया थीम पर जिले में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा सोमवार से शुरू होगा। इस दौरान एक भी इच्छुक और योग्य लाभार्थी इस पखवाड़े की सुविधा से वंचित नहीं रहें, इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है। ताकि लाभार्थियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, उन्होंने बताया, उक्त पखवाड़ा के दौरान कोविड-19 के सभी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित रूप से हो, इसको लेकर जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

– पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने पर दिया जाएगा बल :
एसीएमओ डॉ अंजना कुमारी ने बताया, पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक इस पखवाड़ा के उद्देश्य एवं महत्व का संदेश पहुँचाया जाएगा। साथ ही पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने पर बल दिया जाएगा। इस दौरान एएनएम, स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर पखवाड़ा की जानकारी देंगे और इच्छुक एवं योग्य लाभार्थी को पखवाड़े का लाभ लेने के लिए प्रेरित करेंगे।

– अस्थाई उपायों की भी दी जाएगी जानकारी :
केयर इंडिया के फैमिली प्लानिंग के जिला समन्वयक आलोक कुमार ने बताया, पखवाड़ा के दौरान अस्थाई उपायों की भी जानकारी दी जाएगी। ताकि अगर कोई महिला परिवार नियोजन ऑपरेशन को अपनाने के लिए इच्छुक है। किन्तु, उनका शरीर ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसी महिला को वैकल्पिक व्यवस्था में शामिल कंडोम, काॅपर-टी, छाया, अंतरा समेत अन्य अस्थाई उपायों को अपना सकती है। वहीं, उन्होंने बताया, अस्थाई उपाय भी पूरी तरह सुरक्षित है।

निर्धारित तिथि से पांच दिनों के अंदर सेंकेंड डोज लेने पर जीत सकते हैं पांच हजार का नकद इनाम

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– यह स्कीम 27 नवंबर 2021 तक मान्य, कोविन पोर्टल पर ही ऑनलाइन निकाला जाएगा लकी ड्रा
– लकी ड्रा में पहला स्थान पाने वाले लकी ड्रा विजेता को मिलेगा पांच हजार का नकद इनाम

मुंगेर, 20 नवंबर
मुंगेर में शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन मुंगेर ने 5 हजार रुपये नकद इनाम की घोषणा की है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि इस अभियान के तहत कोरोना वैक्सीन का फर्स्ट डोज लेने के बाद 84 दिनों की निर्धारित तिथि पूरा होने के पांच दिनों के अंदर जो कोई भी लोग कोरोना वैक्सीन की सेकेंड डोज लेंगे । उन सभी लोगों का कोविन पोर्टल पर ही ऑनलाइन लकी ड्रा लॉटरी निकाला जाएगा। इसमें विजेता प्रतिभागी को पुरस्कार के रूप में 5 हजार रुपये का नकद इनाम मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह स्कीम आगामी 27 नवम्बर तक ही मान्य है। इसलिए जिस किसी लाभुक का 27 नवम्बर से पहले वैक्सीन की फर्स्ट डोज लिए 84 दिन पूरा हो रहा है और वो वैक्सीन की दूसरी डोज 27 नवंबर से लेते हैं तो वो सभी लकी ड्रा के जरिए विजेता चुने जाने पर 5 हजार रुपये का पुरस्कार जीतने के हकदार हो सकते हैं। 27 नवंबर से पहले कोरोना वैक्सीन की फर्स्ट डोज अवश्य ले लें मुंगेर वासी : डीआईओ कोरोना वैक्सीनेशन के लिए लोगों से अपील करते हुए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार 27 नवंबर के बाद कोरोना वैक्सीन की फर्स्ट डोज बंद हो रही है इसलिए उक्त तिथि तक जिस किसी ने भी अभी तक कोरोना वैक्सीन की फर्स्ट डोज नहीं ली है वो अनिवार्य रूप से फर्स्ट डोज लेकर अपना नाम कोविन पोर्टल पर दर्ज करवा लें ताकि 84 दिनों के बाद उन सभी लोगों को वैक्सीन की सेकेंड डोज लगायी जा सके । उन्होंने बताया कि 27 नवंबर तक वैक्सीन की फर्स्ट डोज नहीं लेने वाले लोग कोरोना वैक्सीनेशन से वंचित भी सकते हैं क्योंकि 27 नवंबर के बाद वैक्सीन की फर्स्ट डोज नहीं मिल पायेगी। उन्होंने बताया कि इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मुंगेर के विभिन्न सड़कों और मुहल्लों में लगातार माइकिंग की जा रही है। इसके साथ ही जिला प्रतिरक्षण कार्यालय मुंगेर के द्वारा सुबह 9 से रात के 9 बजे तक जिला के 11 स्थानों पर वैक्सीनेशन सत्र स्थल संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला के सभी अस्पताल, प्राथमिक/सामुदायिक और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लगातार लगायी जा रही है। जिला भर में प्रतिदिन 4 से 5 हजार लोगों का प्रतिदिन वैक्सीनेशन किया जा रहा है।

कालाजार उन्मूलन को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण

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– स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के सहयोग से जिले के गोगरी रेफरल अस्पताल में दिया गया प्रशिक्षण
– कालाजार के लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की दी गई विस्तृत जानकारी

खगड़िया, 20 नवंबर।
शनिवार को जिले के गोगरी रेफरल अस्पताल में कालाजार उन्मूलन को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के सहयोग से आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया। जिसमें कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली आशा कार्यकर्ता अपने पोषक क्षेत्र के लोगों को भी कालाजार से बचाव के लिए आसानी के साथ आवश्यक जानकारी दे सके और लक्षण वाले लोगों को समुचित इलाज के लिए प्रेरित कर ससमय सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भेज सके। साथ ही पूरे गाँव के लोग इस बीमारी से सुरक्षित हों। यह प्रशिक्षण डीभीबीडीसी बबलू सहनी, भीडीसीओ शहनवाज, गोगरी रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ चंद्र प्रकाश, परबत्ता के भीबीडीएस मनीष कुमार की मौजूदगी में रघुनायक कुमार एवं केयर बीसी-भीएल श्रवण कुमार द्वारा दिया गया।

– कालाजार से बचाव के लिए जागरूक और लक्षण वाले व्यक्ति को इलाज के लिए प्रेरित करने की दी गई जानकारी :
डीभीबीडीसी बबलू सहनी ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान मौजूद आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही अपने-अपने क्षेत्र में गृह भेंट की तर्ज पर लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने एवं लक्षण वाले व्यक्ति को इलाज के लिए प्रेरित करने की भी विस्तृत जानकारी दी गई। ताकि इस बीमारी के लक्षण वाले व्यक्ति का समय पर जाँच के साथ आवश्यक इलाज शुरू हो सके और सामुदायिक स्तर पर भी लोगों को इस बीमारी के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी मिल सके। जिससे शुरुआती दौर में ही लोग सजग हो सकें और आवश्यक कदम उठा सकें। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, उन्होंने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए जमीन पर नहीं सोएं। मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। दिन में मच्छरदानी लगाकर ही सोएं। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।

– 50 आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण :
भीडीसीओ शहनवाज ने बताया, यह प्रशिक्षण जिले के तीन प्रखंडों के कुल 50 आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया। ताकि सभी आशा कार्यकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रशिक्षण दिया जा सके और सभी लोग प्रशिक्षण का उद्देश्य बेहतर तरीके से ग्रहण कर सकें। प्रशिक्षण में गोगरी की 30 एवं चौथम व परबत्ता से 10-10 आशा कार्यकर्ता शामिल हुई।

– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।

– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

कोरोना से निधन होने वाले के आश्रितों को दी जाएगी घरेलू सामग्री की किट

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– केयर इंडिया के सहयोग से शुरू हुआ राहत सामग्री का वितरण , जिले के कोरोना से दिवंगत के आश्रितों को मिलेगा लाभ

लखीसराय, 20 नवंबर।
जिले में कोविड-19 संक्रमण से मृत होने वाले सभी दिवंगत के आश्रितों को किसी प्रकार की कोई परेशानियाँ का सामना करना पड़े, इसको लेकर स्थानीय जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है। ऐसे परिवारों की परेशानियों को दूर करने के लिए जिले में राहत सामग्री वितरण शुरू किया गया है। जिसे सफल बनाने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में राहत सामग्री वितरण करने वाले दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके माध्यम से चिह्नित दिवंगत के आश्रितों को घर-घर जाकर राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी। ताकि ऐसे पीड़ित परिवारों को जीवन-यापन में सहायता प्रदान हो सके और गुणवत्तापूर्ण जीवन-यापन कर सकें। पीड़ित परिवार के लिए यह सकारात्मक पहल केयर इंडिया के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा जिले में शुरू की गई है। इस मौके पर केयर इंडिया के डीटीएल नावेद-उर-रहमान, लखीसराय सदर सीडीपीओ आभा कुमारी आदि मौजूद थी।

– जिले के 18 पीड़ित परिवारों को मिलेगी राहत सामग्री :
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया, जिले में कुल 18 पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री मिलेगी। सभी परिवारों को घर-घर जाकर सुविधाजनक तरीके से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, उन्होंने बताया, जिले के सभी पीड़ित परिवारों को सरकारी स्तर से मिलने वाली तमाम सुविधाएं लगातार सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके आगे भी जो भी सुविधाएं होगी, वह निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता का लाभ मिलने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो, इसके लिए सभी पीड़ित परिवारों की डेटाबेस तैयार कर सुरक्षित रखा गया है। ताकि एक भी पीड़ित परिवार किसी प्रकार की सुविधा से वंचित नहीं रहे और सभी चिह्नित परिवारों को सुविधाजनक तरीके से सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

– पाँच से अधिक संख्या वाले पीड़ित परिवारों को दो किट मिलेगी राहत सामग्री :
केयर इंडिया के डीटीएल नावेद-उर-रहमान ने बताया, जिले में चिह्नित कुल 18 पीड़ित परिवारों के बीच वितरण करने के लिए कुल 28 किट राहत समाग्री तैयार की गई है। जिसमें चावल, दाल, आटा, नमक, तेल, सूखा सब्जी, मसाला समेत घरेलू उपयोग में आने वाले अन्य सामग्री को पैक किया गया है। वहीं, उन्होंने बताया, पाँच की संख्या तक वाले पीड़ित परिवारों को एक एवं इससे अधिक संख्या वाले पीड़ित परिवारों को दो किट राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि पीड़ित परिवारों को उचित मात्रा में सामग्री मिल सके और पूरे परिवारों के लिए पर्याप्त मात्रा में मिल सके।

– पीड़ित परिवारों के लिए लगातार लिए जा रहे जरूरी निर्णय :
सदर सीडीपीओ आभा कुमारी ने बताया, जिले के सभी पीड़ित परिवारों के लिए शासन-प्रशासन द्वारा लगातार जरूरी निर्णय लिए जा रहे हैं और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्य में केयर इंडिया का भी काफी सहयोग मिल रहा है, जो ना सिर्फ सराहनीय है बल्कि, समाजहित में बेहतर कदम भी है। वहीं, उन्होंने बताया, इसके अलावा सभी पीड़ित परिवारों का जिला प्रशासन द्वारा हर संभव विशेष ख्याल रखा जा रहा है।