बेगूसराय में प्रखंडवार शिविर आयोजित कर बनाया जाएगा आयुष्मान कार्ड

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– 01 नवंबर से जिले के बखरी प्रखंड से शिविर संचालन का होगा शुभारंभ
– आयुष्मान कार्डधारियों को पाँच लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज कराने का मिलता है लाभ

बेगूसराय-

जिले में प्रखंडवार शिविर आयोजित कर राशन कार्ड धारियों का भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के तहत आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। शिविर का शुभारंभ जिले के बखरी प्रखंड से 01 नवंबर को होगा। शिविर के सफल संचालन के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ताकि शिविर के दौरान लाभार्थियों को कार्ड बनाने में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सुविधाजनक तरीके से सभी लोग कार्ड बनवा सकें। बताते चलें कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पूरे भारतवर्ष में बीपीएल परिवार के लोगों को गंभीर बीमारी से बचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के सभी अस्पतालों एवं कुछ चिह्नित निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारियों के निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

– बखरी प्रखंड में 17 जगहों पर शिविर आयोजित कर बनाया जाएगा आयुष्मान कार्ड :
आयुष्मान भारत योजना के डीपीसी प्रभात कुमार एवं डीआईटीएम अभिजीत कुमार ने बताया, 01 नवंबर को जिले के बखरी प्रखंड से शिविर संचालन का शुभारंभ किया जाएगा। शिविर के सफल संचालन के लिए प्रखंड में 17 सेशन साइट को चिह्नित किया गया है। सभी जगहों पर निर्धारित समय पर शिविर आयोजित कर जिन लोगों का अब तक कार्ड नहीं बन पाया है उनका कार्ड बनाया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, 3 लाख 88 हजार 63 परिवारों के 19 लाख 54 हजार 596 लोगों का कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें अबतक मात्र 1 लाख 46 हजार 430 परिवारों के 3 लाख 28 हजार 960 लाभार्थियों का कार्ड बन चुका है। शेष परिवारों का भी शिविर के माध्यम से बनाया जाएगा। शिविर के दौरान कार्ड बनाने की रफ्तार को गति देने पर बल दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, जिले के सभी प्रखंडों में बारी-बारी से इस तरह का शिविर आयोजित कर लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा।

– जानें कहाँ-कहाँ शिविर होगी आयोजित :
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को गति देने के लिए बखरी प्रखंड में 17 जगहों पर शिविर आयोजित कर जिले में शिविर संचालन का शुभारंभ होगा। जिसमें मध्य विद्यालय बखरी, चख हामिद स्थित चौपाल, सलोना चौपाल व भगवती स्थान, जयलख अभिमान ऑगनबाड़ी केंद्र संख्या 16, मध्य विद्यालय जयलख बालक, घघरा के एचएससी सिमरी व भगवती स्थान, रौटन के ऑगनबाड़ी केंद्र संख्या 112 व रामप्रवेश यादव के दरवाजे पर, मोहनपुर के मिथुन यादव के दरवाजे पर व एचएससी मोहनपुर, चकचंद्र पथ स्थित यूएमएस सुग्गा, अभुहर के भगवान गाँव स्थित रघुनी सादा के दरवाजे को शिविर स्थल के लिए चयनित किया गया है।

– जिले के 15 अस्पतालों को आयुष्मान कार्डधारियों के इलाज के लिए किया गया है चिह्नित :
आयुष्मान भारत योजना को तकनीकी सहयोग दे रहे आद्री के प्रोजेक्ट मैनेजर इन्द्रजीत गोस्वामी एवं बेंकटेश पाण्डेय ने बताया, आयुष्मान कार्ड धारियों के इलाज के लिए जिले के 15 निजी अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। जहाँ इस योजना के तहत आयुष्मान कार्डधारियों की पाँच लाख रुपये तक की निःशुल्क इलाज की जाती है।

– क्या है आयुष्मान भारत योजना ?
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पूरे भारत में आयुष्मान कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत राशन कार्डधारी परिवार के सदस्यों को सरकारी एवं चयनित निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। इस योजना में वर्ष 2011 के सामाजिक- आर्थिक एवं जातिगत जनगणना में चिह्नित गरीब परिवारों को पात्र बनाया गया है। इस योजना के तहत लाभार्थी परिवार पैनल में शामिल सरकारी या निजी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करवा सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्र की बाध्यता एवं परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है। आयुष्मान भारत योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार निर्वहन करती है। योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने लोगों की सुविधा के लिए एक वेबसाइट और हेल्प नम्बर जारी किया है। बीपीएल परिवार के लोग लिस्ट में अपना नाम जांचने के लिए हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं या फिर mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर जाकर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं ।

कोविड वैक्सीन सेकेंड डोज अभियान को गति देने को लगातार चल रहा वैक्सीनेशन अभियान

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– खगड़िया के बेला एचएससी समेत विभिन्न प्रखंडों के सेशन साइटों पर वैक्सीनेशन अभियान
– स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर शिविर की जानकारी देकर वैक्सीनेशन के लिए किया जा रहा प्रेरित

खगड़िया-

जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और संपूर्ण जिलेवासी कोविड-19 टीका से टीकाकृत हों, इसको लेकर स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी तरह तत्पर हैं। आईसीडीएस व केयर इंडिया की टीम भी कदम से कदम मिलाकर इसे सफल बनाने के लिए सहयोग कर रही है। ताकि जल्द से जल्द संपूर्ण जिले वासी पूर्ण रूप से टीकाकृत हो सकें। इसके साथ-साथ वैक्सीनेशन के सेकेंड डोज को भी गति देने के लिए जिले में वैक्सीनेशन अभियान को तेज कर दिया गया है। ताकि हर हाल में गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित समय पर सभी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा सके और लोगों को इस दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। इसे सुनिश्चित करने को लेकर शनिवार को खगड़िया सदर पीएचसी अंतर्गत बेला स्वास्थ्य उपकेंद्र समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों के विभिन्न सेशन साइटों पर वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया गया। वहीं, बेला एचएससी में आयोजित शिविर में केयर इंडिया के सीभीसी गुलशन कुमार, एएनएम आशा कुमारी, आशा फैसिलिटेटर रंजू कुमारी, आशा कार्यकर्ता रंजना कुमारी, डेटा ऑपरेटर राणा मोहित कुमार की मेडिकल टीम के रूप में ड्यूटी लगाई गई थी।

– सेकेंड डोज लेने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है वैक्सीन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले के विभिन्न सेशन साइटों पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इस दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखा जा रहा है कि वैक्सीन लेने के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो। ताकि लोगों को वैक्सीनेशन शिविर में आने में किसी प्रकार की हिचक नहीं हो और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, सभी सेशन साइटों पर पहला एवं दूसरे दोनों डोज की वैक्सीन दी जा रही है। जिसमें सेकेंड डोज लेने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार वैक्सीन दी जा रही है। ताकि दूसरे डोज के वैक्सीनेशन अभियान को भी गति मिल सके और जल्द से जल्द संपूर्ण जिला पूरी तरह टीकाकृत हो सके।

– कोविड से स्थाई निजात के लिए वैक्सीन की पूरी डोज के साथ-साथ प्रोटोकॉल का पालन भी जरूरी :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, कोविड से स्थाई निजात के सभी व्यक्ति को वैक्सीन की पूरी यानी दोनों डोज लेना जरूरी है। तभी हम इस महामारी से खुद को सुरक्षित कर सकते हैं। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि निर्धारित समयावधि पूरा होने पर निश्चित रूप से दूसरा डोज भी ले और खुद के साथ अपने परिवार और समाज को भी इस महामारी से सुरक्षित करें। वहीं, उन्होंने बताया, जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन की दोनों डोज दी जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाले वैक्सीनेशन शिविर स्थल की जानकारी देकर वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ताकि इच्छुक और योग्य व्यक्ति अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें और वैक्सीनेशन अभियान को गति मिल सके।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

सदर अस्पताल में एफपीएलएमआईएस का दिया गया प्रशिक्षण

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-सभी प्रखंड के अस्पताल प्रभारी और बीसीएम और बीएचएम हुए शामिल
-परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री ऑनलाइन लेने के बताए गए तरीके
भागलपुर, 30 अक्टूबर।
सदर अस्पताल में शनिवार को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों, बीसीएम और बीएचएम, स्टोरकीपर और डाटा ऑपरेटर को फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक इनफॉरमेशन सिस्टम (एफपीएलएमआईएस) का प्रशिक्षण दिया गया। दो दिवसीय प्रशिक्षण का शनिवार को पहला दिन था। रविवार को प्रशिक्षण का समापन होगा। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी भी पहुंचे। दोनों ने प्रशिक्षण ले रहे लोगों को सभी बारीकी को समझ कर क्षेत्र में बेहतर तरीके से काम करने के लिए कहा।
प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर केयर इंडिया के डीटीओ फैसिलिटी डॉ. राजेश कुमार मिश्रा, आलोक कुमार और डीएम एंड ई धनंजय कुमार ने दिया। प्रशिक्षण के दौरान सभी लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री को ऑनलाइन कैसे प्राप्त करना है, इसकी जानकारी दी गई। इंडेंट करने से लेकर रिसीव करने के तरीके प्रशिक्षण के दौरान बताए गए। कंडोम, कॉपर टी, अंतरा आदि सामग्री को ऑनलाइन प्राप्त करने की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी गई। सामग्री प्राप्त कर क्षेत्र में इसका प्रचार-प्रसार से लेकर वितरण करने तक के बारे में प्रशिक्षण के दौरान बताया गया।
बीसीएम और बीएचएम क्षेत्र में देंगे प्रशिक्षणः दो दिवसीय प्रशिक्षण समाप्त हो जाने के बाद बीसीएम और बीएचएम अपने क्षेत्र की एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को इसका प्रशिक्षण देंगे। परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री के इंडेंट से लेकर प्राप्त करने के तरीके और इसका क्षेत्र में किस तरह से प्रचार-प्रसार करना है, इसकी जानकारी वे लोग अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को देंगे। साथ ही सामग्री के वितरण के दौरान इसे लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी आशा कार्यकर्ता करेंगी। लोगों को समझाएंगी कि इसके इस्तेमाल से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है।
तीन तरीके से प्राप्त कर सकेंगे परिवार नियोजन की सामग्रीः प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि परिवार नियोजन सामग्री को ऑनलाइन तीन तरीके से मंगाया जा सकता है। पहला मोबाइल एप के जरिये, दूसरा मोबाइल से मैसेज कर और तीसरा कंप्यूटर के जरिये ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। आशा कार्यकर्ता इसे मोबाइल एप और मैसेज के जरिये मंगा सकती हैं, जबकि स्टोरकीपर मैसेज और कंप्यूटर से ऑनलाइन इंडेंट कर भी मंगवा सकते हैं। पहले क्षेत्र के लोगों की जरूरतों के मुताबिक इंडेंट करेंगे। सामग्री आ जाने के बाद फिर उसका क्षेत्र के लोगों के बीच वितरण करेंगे।
परिवार नियोजन पर किया जा रहा फोकसः जिले में परिवार नियोजन को लेकर लगातार फोकस किया जा रहा है। इसे लेकर परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री के वितरण से लेकर समय-समय पर कैंप और मेला भी लगाया जाता है। जहां पर कि लोगों को परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया जाता है। साथ ही किस तरह से बच्चे की प्लानिंग करनी है, इसकी जानकारी दी जाती है। दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल और पहला बच्चा 20 साल से पहले नहीं हो, इस बारे में बताया जाता है।

एमए इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

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पटना:स्कूल ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन अपने पहले बैच की शुरुआत करने जा रहा है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम में पाठ्यक्रम की मंजूरी को देखते हुए आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 03 नवम्बर, 2021 तक बढ़ा दी गई है। सत्र की विधिवत शुरुआत अब 12 नवम्बर को की जाएगी। गौरतलब है कि स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पटना के मीठापुर में अवस्थित है। यहाँ पर छात्रों को मीडिया लैब से जुड़ी हुई तमाम आधुनिक संसाधन मुहैया कराई जाएगी जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में मददगार होगी। छात्रों के लिए कंप्यूटर के साथ ही साथ अत्याधुनिक उपकरण तथा उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल इस संस्थान की विशेषता है।
अब बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम की सुविधा
बिहार सरकार द्वारा आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के पत्रकारिता और जनसंचार में एमए (सत्र 2021-23) के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं अब बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम का लाभ उठा सकेंगे। शिक्षा विभाग ने संकल्प जारी कर एमए इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पाठ्यक्रम को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत मान्य कर दिया है। इस पाठ्यक्रम से सम्बंधित आवेदनों के आवेदन की स्वीकृति एवं वितरण का कार्य नियमानुसार किया जाएगा। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है तथा इस प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। स्कूल ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन ने हर वर्ग के विद्यार्थियों को मौक़ा देने के उद्देश्य से पत्र लिखकर शिक्षा विभाग को एम ए इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पाठ्यक्रम को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में शामिल करने के लिए अनुरोध किया था।
बिहार के छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
अभी तक बिहार के छात्रों को पत्रकारिता एवं जनसंचार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए बिहार से बाहर जाना पड़ता था। इस संस्थान की स्थापना से विद्यार्थियों के सामने एक उत्कृष्ट एवं आधुनिक संस्थान विकल्प के तौर पर सामने आया है। बिहार सरकार द्वारा स्थापित संस्थान में तमाम सुविधाएँ न सिर्फ मुहैया कराई गई हैं बल्कि प्रशिक्षण देने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था है। संस्थान का उद्देश्य न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश के लिए इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।
संस्थान के डायरेक्टर जाने-माने शिक्षाविद हैं
इस संस्थान के डायरेक्टर देश के जाने माने शिक्षाविद डॉ. इफ्तेख़ार अहमद हैं। यहाँ से पहले पुणे स्थित फ़िल्म और टेलिविज़न संस्थान (एफटीआईआई) तथा जामिया मिलिया इस्लामिया में कार्यरत थे। इनका पूरा ज़ोर संस्थान के द्वारा छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना तथा इंडस्ट्री के लिए तैयार करना है। यह चाहते हैं कि यहाँ से निकलने वाले छात्र-छात्राओं को नौकरी की तलाश में भटकना न पड़े। वे चाहते हैं कि अगर छात्र-छात्राएं चाहें तो वे स्वयं मीडिया इंटरप्रेन्योर होकर स्वावलंबी बनें।
एमए में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र और दिशानिर्देश संस्थान के वेबसाइट https://sjmc.ac.in/ma-sjmc.php पर उपलब्ध है। e-mail: sjmcpatna@gmail.com; Tel: 0612-2952742

समय पर लोग ले रहे कोरोना टीका की दूसरी डोज

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जिले में जागरूकता अभियान का हो रहा है असर

टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी

बांका-

कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। पहले जांच फिर इलाज के बाद अब टीकाकरण भी जोर-शोर से चल रहा है। जिले में काफी संख्या में लोग कोरोना टीका की पहली डोज ले चुके हैं। अब दूसरी डोज पर फोकस किया जा रहा है। पिछले दिनों कुछ ऐसे लोग भी सामने आए थे, जिन्होंने समय पूरा हो जाने के बाद टीका की दूसरी डोज नहीं लिया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं ने क्षेत्र में जाकर सर्वे भी किया। सर्वे में टीका नहीं लेने वालों को चिह्नित भी किया। चिह्नित लोगों के लिए 28 अक्टूबर को अभियान भी चलाया गया। ऐसे लोगों के लिए आगे भी अभियान चलेगा। इसके अलावा प्रतिदिन जिले में टीकाकरण हो रहा है। साथ में सदर प्रखंड के गांधी चौक समेत सभी प्रखंड में सुबह नौ से रात नौ बजे तक भी लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि लोगों पर जागरूकता अभियान का असर पड़ रहा है। जिन्होंने टीका नहीं लिया है, वह तो टीका लेने के लिए सामने आ ही रहे हैं। जिनलोगों ने पहली डोज ले ली है और समय पूरा हो गया है, वे दूसरी डोज लेने के लिए भी सामने आ रहे हैं।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधऱी कहते हैं कि लोगों में जागरूकता अभियान का असर हो रहा है। पहली डोज के साथ अब लोग समय पूरा हो जाने पर दूसरी डोज भी ले रहे हैं। यह बहुत ही सकारात्मक बात है। लोगों के उत्साह को देखकर लग रहा है कि जल्द ही सभी लोग कोरोना टीका की दोनों डोज ले लेंगे। लोगों का लगातार टीकाकरण किया जा रहा है। टीका लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों से यही अपील है कि यह उत्साह बनाएं रखें, ताकि जल्द से जल्द सभी का टीकाकरण हो जाए और कोरोना का खतरा टल जाए।
सावधानी बरतना नहीं भूलेः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना टीका लेने के बाद भी लोगों को सतर्क रहना चाहिए। खासकर अभी पर्व त्योहार के मौके पर काफी संख्या में लोग बाहर से भी आ रहे हैं। साथ ही काली पूजा और छठ के दौरान मेला में भीड़ से बचना चाहिए। बाहर से आने वाले लोगों की कोरोना जांच अवश्य करा लेना चाहिए। अगर उनलोगों ने टीका नहीं लिया है तो टीका भी दिलवा देना चाहिए। अगर बाहर से आने वाले लोग लापरवाही करे तो घर के सदस्यों को आगे आकर कोरोना जांच और टीकाकरण करवा देना चाहिए। साथ ही घर से बाहर जाते वक्त मास्क जरूर लगाएं। भीड़भाड़ से बचते हुए दो गज की दूरी पालन अवश्य करें। साथ ही बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई भी अवश्य करें। ऐसा करते रहने से कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे और दूसरे लोग भी सुरक्षित रहेंगे।

अलौली के सूरजनगर गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर सघन खोज अभियान

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– स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के सहयोग से पटना से आई कालाजार सूट वैन की टीम द्वारा की जा रही खोज
– बालू मक्खी को संग्रहित कर उनकी क्षमता को जानने के लिए की जा रही है जाँच

खगड़िया, 29 अक्टूबर ।
जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत सूरजनगर गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर बीमारी फैलने के कारणों का पता लगाने के लिए सघन खोज अभियान चल रहा है। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के सहयोग से पटना से आई कालाजार सूट वैन की स्टेट टीम द्वारा चल रहा है। ताकि इन गांवों में बीमारी फैलने के कारणों की सही और सटीक जानकारी मिल सके और गाँव को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए आवश्यक पहल की जा सके। वहीं, शुक्रवार को लैब टीम कलेक्ट्रेट पहुँची। जहाँ डीएम डाॅ आलोक रंजन घोष ने टीम से विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह अभियान जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ विजय कुमार के नेतृत्व में केयर इंडिया के डीपीओ-भीएल कृष्णा कुमार भारती, डीभीबीडीसीओ बबलू सहनी, बीभीडीएस अरूण कुमार, केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक नवीन कुमार के उपस्थिति में चल रहा है।

– बालू मक्खी को संग्रहित कर उनकी क्षमता की जाँच :
जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीएमओ) डाॅ विजय कुमार ने बताया, जिले में सूरजनगर गाँव सबसे अधिक कालाजार से प्रभावित है। जिसके कारण इस गाँव को उक्त बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए हर आवश्यक पहल की जा रही है। पटना से आई स्टेट टीम द्वारा इस गाँव में सबसे अधिक कालाजार मरीजों के मिलने के कारणों का पता लगाने के लिए सघन खोज की जा रही है। इसके लिए टीम द्वारा गुरुवार की शाम बालू मक्खी को संग्रहित करने के लिए मरीजों के घर के पास जाल की तरह (लाइक ट्रेप) मक्खी को स्टोर करने वाली एक यंत्र लगायी गयी। जिसमें जमा मक्खी को शुक्रवार की सुबह निकला गया। जिसके बाद मक्खी की क्षमता समेत अन्य जानकारी के लिए मक्खी की लैब में जाँच की जा रही है।

– गाँव में सामुदायिक स्तर पर चलाया जाएगा जाँच अभियान, प्रत्येक व्यक्ति की होगी जाँच :
केयर इंडिया के डीपीओ-भीएल कृष्णा कुमार भारती एवं डीभीबीडीसीओ बबलू सहनी, ने बताया, गाँव को कालाजार से पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए सामुदायिक स्तर पर जाँच अभियान चलाया जाएगा। जिसके माध्यम से गाँव के एक-एक व्यक्ति की जाँच के लिए ब्लड सैंपल लिया जाएगा। इसके अलावा गाँव में पीड़ित मरीजों की लगातार फॉलोअप किया जाएगा।

– लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, लोगों को कालाजार का लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाँच करानी चाहिए और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उचित व समुचित इलाज कराना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही इन बीमारियों से बचने के लिए जमीन (सतह) पर नहीं सोएं। मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।

– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रूक-रूक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।

– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल की अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं । छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन समाग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का हो रहा है निःशुल्क इलाज, मिल रहा समुचित स्वास्थ्य सेवा का लाभ

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– आरबीएसके टीम के सहयोग से पीड़ित बच्चों को चिह्नित कर कराया जा रहा है इलाज
– जिले के दो बच्चे हो चुके हैं पूरी तरह स्वस्थ्य, स्थाई निजात के लिए समय पर इलाज शुरू कराना जरूरी

लखीसराय-

लोगों को बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने को लेकर जहाँ सरकार पूरी तरह गंभीर है वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सजग और कटिबद्ध है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए आरबीएसके टीम की पहल पर जिले के हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का पूरी तरह निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है। जिसका सार्थक परिणाम यह है कि समुचित इलाज और स्वस्थ्य होने की उम्मीद छोड़ चुके पीड़ित बच्चे पूरी तरह स्वस्थ रहे हैं और बच्चों को नई स्वस्थ जिंदगी जीने का अवसर मिल रहा है। ऐसे पीड़ित बच्चों का जिले के आरबीएसके टीम द्वारा स्क्रीनिंग कर चिह्नित किया जा रहा और आवश्यकता के अनुसार समुचित इलाज के लिए पटना या अहमदाबाद भेजा जा रहा है। जहाँ बच्चों का सरकारी स्तर से निःशुल्क समुचित इलाज हो रहा है।

– जिले को दो बच्चे पूरी तरह हो चुके हैं स्वस्थ्य, छः बच्चे को स्क्रीनिंग के लिए भेजा गया है आईजीआईसी :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, समय पर इलाज शुरू होने से जिले के दो बच्चे पूरी स्वस्थ हो चुके हैं। जिसमें सूर्यगढ़ा प्रखंड के जगदीशपुर निवासी नीरज महतो का डेढ़ वर्षीय पुत्र अंश कुमार एवं लखीसराय प्रखंड के पंजाबी मोहल्ला, वार्ड नंबर 17 निवासी छोटू राज का 04 वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार शामिल हैं। दोनों जन्मजात यानी जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित था। जिसके कारण दोनों बच्चे के अभिभावक अपने बच्चों का समुचित इलाज और स्वस्थ होने की उम्मीद छोड़ चुके थे। दोनों बच्चों को फॉलोअप के लिए आईजीआईसी (पीएमसीएच) पटना भेजा गया था, जहाँ सफल जाँच हो चुकी है। वहीं, उन्होंने बताया, जिले में छः अन्य ऐसे पीड़ित बच्चों को आरबीएसके टीम द्वारा चिह्नित किया गया है। सभी बच्चों को स्क्रीनिंग के लिए आईजीआईसी भेजा गया है। जाँच के उपरांत सभी बच्चे का आवश्यकतानुसार इलाज शुरू किया जाएगा।

– हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का स्थाई निजात के लिए समय पर इलाज जरूरी :
आरबीएसके टीम के जिला कंसल्टेंट डाॅ शिवशंकर कुमार ने बताया, हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का स्थाई निजात के लिए समय पर इलाज शुरू कराना जरूरी है। अन्यथा, परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, उन्होंने बताया, जिन बच्चों के होठ कटे हैं, उसका 03 सप्ताह से 03 माह के अंदर, जिसके तालु में छेद (सुराग) है, उसका 06 से 18 माह एवं जिसका पैर टेढ़े-मेढ़े हैं, उसका 02 सप्ताह से 02 माह के अंदर शत-प्रतिशत सफल इलाज संभव है। इसलिए, जो उक्त बीमारी से पीड़ित बच्चे हैं, उसके अभिभावक अपने बच्चों का आरबीएसके टीम के सहयोग से समय पर मुफ्त इलाज शुरू करा सकते हैं। वहीं, उन्होंने बताया, जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित बच्चे को साँस लेने में परेशानी होती है। हमेशा सर्दी-खांसी रहती है। चेहरे, हाथ, होंठ नीला पड़ने लगता है। जिसके कारण गंभीर होने पर बच्चों के दिल में छेद हो जाता है।

– स्क्रीनिंग से लेकर आने-जाने का खर्च सरकार करती है वहन :
बच्चों में होने वाले जन्मजात रोगों में हृदय में छेद होना एक गंभीर समस्या है। उक्त बीमारी से पीड़ित बच्चे का बाल हृदय योजना के तहत सरकार द्वारा पूरा निःशुल्क इलाज कराया जाता है। यही नहीं, इलाज के साथ-साथ इलाज के लिए आने-जाने के लिए पीड़ित बच्चा सहित उनके अभिभावक का खर्च सरकार ही वहन करती है।

सर्वे में टीका लेने कर दिया था इनकार, स्वास्थ्य अधिकारियों ने समझाया तो हुईं तैयार

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-बुजुर्ग महिलाओं के मन से कोरोना टीका को लेकर था डर
-टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज

भागलपुर-

कोरोना का टीका जिले के सभी व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। इसी सिलसिले में पिछले दिनों टीका लेने और नहीं लेने वालों का सर्वे कराया गया था। जिनलोगों ने टीका नहीं लिया था, उसे चिह्नित किया गया था और गुरुवार को विशेष अभियान चलाकर उनलोगों को टीका दिया गया। जो लोग बच गए हैं, उनके लिए फिर से अभियान चलाया जाएगा। साथ ही आम दिनों में भी वे लोग टीका ले सकते हैं। जिले में प्रतिदिन लोगों को टीका दिया जा रहा है। सर्वे के दौरान कुछ ऐसे भी लोग मिले, जिन्होंने टीका लेने से इनकार कर दिया। अब उन्हें समझाकर कोरोना का टीका दिलवाया जा रहा है। इसी सिलसिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और केयर इंडिया की टीम नारायणपुर प्रखंड की सिहपुर पंचायत के मधुरापुर के वार्ड नंबर 11 पहुंची। यहां पर कुछ बुजुर्ग महिलाएं टीका लेने से डर रही थीं। उनके मन में डर था टीका लेने से कहीं बीमार न हो जाएं, लेकिन जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समझाया तो आखिरकार वे लोग तैयार हो गईं।
खुद के साथ परिवार के अन्य सदस्यों को खतरे में क्यों डालेः शकीला खातून कहती हैं कि पहले सोच रही थी कि उम्र हो गई है। टीका ले लेने से और बीमार हो जाउंगी। इससे अच्छा टीका नहीं लेना ही है, लेकिन जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समझाया कि टीका लेने से न सिर्फ आप सुरक्षित रहेंगी बल्कि परिवार के अन्य लोग भी सुरक्षित हो जाएंगे तो मैंने टीका ले लिया। आखिर खुद के चलते परिवार के अन्य सदस्यों को क्यों खतरे में डालें। इसी तरह रूबैदा खातून ने कहा कि टीका से खुद के साथ परिवार का भी बचाव होता है। यह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया तो लगा कि अब लापरवाही नहीं करनी चाहिए। इसके बाद मैंने टीका ले लिया। हालिमा खातून तो अब दूसरों को भी टीका लेने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा कि पहले यह नहीं समझ पायी थी कि कोरोना का टीका कितना जरूरी है। अब तो दूसरे लोगों को भी इसे लेकर समझाउंगी। शाहीन परवीन कहती हैं कि परिवार के अन्य लोगों को कोरोना से बचाने के लिए मैंने टीका ले लिया। समय पर दूसरी डोज भी ले लूंगी। पहले सोच रही थी बुजुर्ग हूं। कहीं टीका लेने से बीमार न पड़ जाउं, लेकिन अब समझ गई टीका लेना कितना जरूरी है।
टीका नहीं लेने वालों को करूंगी जागरूकः सिहपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 107 की सेविका काजल कुमारी ने कहा कि पहले भी मैंने काफी समझाया था, लेकिन ये लोग टीका लेने के लिए तैयार नहीं हुए थे। भागलपुर से जब केयर इंडिया की टीम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आए तो मैं उनलोगों को यहां लायी। उनलोगों ने जब समझाया तो ये लोग टीका लेने के लिए मान गए। सर्वे में इनकार करने वाले अन्य लोगों को भी जागरूक कर टीका दिलवाउंगी। लोगों को जागरूक करने के दौरान केयर इंडिया के आलोक कुमार और डॉ. अरशद जावेद भी मौजूद थे।

जिले के सभी 12 प्रखंड में चल रहा 9 टू 9 टीकाकरण केंद्र

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-ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का जल्द से जल्द टीकाकरण पर जोर
-कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज

बांका, 29 अक्टूबर
जिले के सभी लोगों का जल्द से जल्द टीकाकरण हो, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज हो गया है। इसी सिलसिले में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी 9 टू 9 टीकाकरण केंद्र की शुरुआत हो गई है। पहले सिर्फ बांका सदर प्रखंड के गांधी चौक पर 9 टू 9 टीकाकरण केंद्र चल रहा था, लेकिन अब जिले के सभी 12 प्रखंड में यह केंद्र चल रहा है। यहां पर लाभुक अपनी सुविधा के अनुसार आकर कोरोना टीका की पहली और दूसरी डोज ले सकते हैं। इस केंद्र पर भी एएनएम और टीका की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई है, जबकि डाटा ऑपरेटर और अन्य तरह के इंतजाम केयर इंडिया की ओर से किया गया है। इसे लेकर प्रचार-प्रसार का काम भी केयर इंडिया की तरफ से करवाया जा रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि शहरी क्षेत्र में टीकाकरण की गति काफी बेहतर रही है। अधिकतर लोगों ने कोरोना का पहला टीका ले लिया है। अब यहां पर दूसरी डोज पर फोकस किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी काफी संख्या में टीका लेने के लिए लोग सामने आ रहे हैं। ऐसे में वहां पर भी सुबह नौ से रात नौ बजे तक टीकाकरण की व्यवस्था होने पर टीका लेने वालों की संख्या और बढ़ेगी। अन्य केंद्रों पर भी पहले की ही तरह प्रतिदिन टीकाकरण चलता रहेगा। 12 घंटे के केंद्र पर लोग अपनी सुविधा के अनुसार भी टीका लेने के लिए आ सकते हैं। नौकरीपेशा और कामकाजी लोग, जिन्हें दिन में फुर्सत नहीं रहती है, वह शाम में आकर टीका ले सकते हैं। यहां पर रात नौ बजे तक टीकाकरण की व्यवस्था रहेगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी प्रखंडों में 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र की व्यवस्था की गई है।
दूसरी डोज पर फोकसः कोरोना टीका का पहला डोज लेने वालों की संख्या अच्छी खासी है। सभी लोगों को टीके की दोनों डोज लेना जरूरी है। कुछ लोग समय पूरा हो जाने के बाद भी दूसरी डोज नहीं ले सके हैं। ऐसे लोगों को लगातार चिह्नित किया जा रहा है। उसे फोन कर टीके की दूसरी डोज लेने के लिए कहा जा रहा है। सभी लाभुकों को टीके की दोनों डोज पड़ने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी, इसलिए एक डोज ले लेने के बाद ऐसा नहीं सोचें कि हमने टीका ले लिया है। दोनों डोज लेना जरूरी है, इसलिए समय पूरा होने पर दूसरी डोज अवश्य लें।
लोगों के डर को किया जा रहा दूरः कोरोना टीका को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद कुछ लोगों के मन में डर अभी भी बना हुआ है। ऐसे लोगों के मन से डर को दूर किया जा रहा है। पिछले दिनों डोर टू डोर सर्वे कर ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया। इसमें से काफी लोगों को 28 अक्टूबर को चले महाअभियान में कोरोना का टीका दिया गया। बचे हुए लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। उन्हें समझाया जा रहा है कि कोरोना का टीका से किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। जल्द से जल्द आकर कोरोना का टीका लें। जितना जल्द टीका लेंगे, उतना ही जल्द जिला पूरी तरह कोरोना से मुक्त हो जाएगा।

कोरोना का रंग और होगा फीका,लोगों ने लगवाया सुरक्षा का टीका

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– 18 वर्षीया छात्रा पिंकी कुमारी ने लिया टीका, खुशी का किया इजहार
– गर्भवती महिला मोनी कुमारी ने भी ली वैक्सीन, बोली – हर गर्भवती महिला को वैक्सीन लेने की जरूरत

लखीसराय, 28 अक्टूबर।
गुरुवार को जिले में विशेष कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। जिसकी सफलता को लेकर जिले में सभी प्रखंडों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन कर लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी गई। ताकि अधिकाधिक लोग टीकाकृत हो सके और अभियान सफल हो सके। सभी सेशन साइटों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती एवं वैक्सीन वाइल की व्यवस्था कराई गई थी। ताकि एक भी व्यक्ति वैक्सीन के अभाव में वैक्सीनेशन कैम्प से लौटकर वापस नहीं आयें और हर हाल में अभियान का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। वहीं, लखीसराय प्रखंड अंतर्गत जानकीडीह बेलदरिया गाँव निवासी 18 वर्षीया छात्रा पिंकी कुमारी ने अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन की पहली डोज ली। जिसके बाद खुद की सुरक्षा की खुशी का इजहार करते हुए अन्य योग्य व्यक्तियों से भी वैक्सीन लेने की अपील की। वहीं, इसी प्रखंड के सीसमा निवासी 20 वर्षीया गर्भवती महिला मोनी कुमारी ने वैक्सीन की पहली डोज ली।

– कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लेना जरूरी, इसलिए सभी लोगों को लेनी चाहिए वैक्सीन :
वैक्सीन की पहला डोज लेने वाली 18 वर्षीया छात्रा पिंकी कुमारी ने बताया, कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लेना बेहद जरूरी है। इसलिए, मैं अन्य लोगों से भी अपील करती हूँ कि इस महामारी को जड़ से मिटाने के लिए पूरी तरह निर्भीक होकर वैक्सीन जरूर लें। बचाव के लिए यही सबसे बेहतर और कारगर उपाय है।

– भारतीय वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों पर विश्वास कर हर गर्भवती महिला को लेनी चाहिए वैक्सीन :
गर्भवती महिला मोनी कुमारी ने वैक्सीन लेने के बाद कहा, मैं भी गर्भावस्था से गुजरने के कारण वैक्सीन लेने में डर रही थी। किन्तु, स्थानीय आशा दीदी समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने मुझे बताया कि आप भी वैक्सीन ले सकती हैं। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। जिसके बाद मैं स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों समेत भारतीय वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों पर विश्वास करते हुए वैक्सीन की पहली डोज ली और पूरी तरह स्वस्थ हूँ। इसलिए, मैं अन्य गर्भवती महिलाओं से भी अपील करती हूँ कि भारतीय वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों पर विश्वास कर इस महामारी के खिलाफ जरूर वैक्सीन लें।

– सर्वे के आधार पर वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दी गई वैक्सीन :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, वैक्सीनेशन महाअभियान की सफलता को लेकर जिले में सभी प्रखंडों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया गया। सभी सेंटरों पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन वाइल की व्यवस्था और पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती की गई थी। ताकि वैक्सीन लेने वालों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें। वहीं, उन्होंने बताया, सर्वे के आधार पर अबतक वैक्सीन से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी गई। सभी सेटरों पर वैक्सीन की दोनों डोज दी गई। इसको लेकर सभी सेंटरों में व्यापक तैयारी की गई थी। ताकि लोगों की भीड़ होने के बाबजूद भी वैक्सीनेशन के दौरान किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें। उन्होंने बताया, विशेष वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को शिविर की जानकारी दी गई।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।