दीपावली व छठ पूजा पर बाहर से आ रहे लोगों की हो रही कोविड-19 जांच व टीकाकरण

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– जमालपुर जंक्शन सहित अन्य रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर यात्रियों की कोरोना जांच एवं टीकाकरण
– अनुमण्डल अधिकारी ने जमालपुर जंक्शन पर कोरोना जांच का किया निरीक्षण
– रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर बनाए गए हैं कोविड-19 जांच एवं टीकाकरण केंद्र

मुंगेर, 02 नवंबर। दीपावली व छठ महापर्व के अवसर पर राज्य से बाहर रहने वाले बहुत से लोग अपने परिवार के साथ त्यौहार मनाने के लिए वापस घर लौट रहे हैं। ऐसे समय में बाहर से आ रहे लोगों से जिले में कोविड-19 संक्रमण की संख्या में इजाफा न हो इसके लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिले के बस स्टैंड तथा रेलवे स्टेशन पर बाहर से आ रहे लोगों की कोविड-19 जांच व टीकाकरण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब कोई भी बाहरी व्यक्ति बस स्टैंड तथा रेलवे स्टेशन पर बगैर कोरोना जांच कराए तथा टीका लगाए अपने घर नहीं पहुँच सकेंगे। सदर अनुमंडल पदाधिकारी खुशबू गुप्ता ने जमालपुर जंक्शन पर चल रहे कोरोना जांच अभियान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जंक्शन से बाहर निकलने वाले निकास द्वार का निरीक्षण करते हुए बाहर से आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इस अवसर पर जमालपुर रेलवे स्टेशन के मैनेजर ओंकार प्रसाद और जमालपुर पीएचसी के एमओआईसी बलराम प्रसाद सहित कई अन्य अधिकारी एवम कर्मचारी उपस्थित थे।

बिना जांच नहीं कर सकते शहर में प्रवेश :
रेलवे स्टेशन निरीक्षण के दौरान मुंगेर सदर अनुमंडल पदाधिकारी खुशबू गुप्ता ने कहा कि राज्य में कोविड-19 का संक्रमण अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसे रोकने के लिए सरकार द्वारा 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को मुफ्त टीका भी लगाया जा रहा है। दीपावली व छठ पूजा के अवसर पर जिले के बहुत से लोग बाहर से अपने घर वापस लौट रहे हैं। सभी लोग कोविड संक्रमण से सुरक्षित हैं, इसकी जांच आवश्यक है। अगर कोई व्यक्ति बाहर से संक्रमित होकर आ गया तो वह अपने घर के लोगों के साथ आसपास के लोगों को भी खतरे में डाल सकता है। इसे देखते हुए जमालपुर जंक्शन सहित जिला के रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड पर बाहर से आ रहे लोगों की कोविड जांच की जा रही है। जांच में कोविड निगेटिव होने पर ही व्यक्ति को जिले में प्रवेश की अनुमति होगी, कोरोना पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति की आरटीपीसीआर जांच करवाई जाएगी और उन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा। इसके साथ ही बाहर से आ रहे व्यक्ति ने अब तक कोविड-19 सुरक्षा का टीका नहीं लगाया है तो उसे जिले में प्रवेश करने से पहले कोविड-19 का टीका भी लगाया जाएगा। इसके लिए रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड पर टीकाकरण केंद्र भी बनाया गया है।

रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर बनाए गए हैं कोविड-19 जांच एवं टीकाकरण केंद्र :
जिला के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि जिला का सबसे महत्वपूर्ण जमालपुर जंक्शन, मुंगेर रेलवे स्टेशन सहित जिला के सभी रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड पर बाहर से आ रहे ऐसे लोग जिन्होंने अभी तक कोविड-19 टीका नहीं लगाया गया है उसके लिए टीकाकरण केंद्र खोला गया है। रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड से बाहर आ रहे सभी लोगों को निकलने से पूर्व अपने टीकाकरण की जानकारी देनी होगी। अगर किसी व्यक्ति द्वारा अब तक टीका नहीं लगाया गया है तो उसे वहीं पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा टीका लगाया जाएगा। इसके साथ ही सभी लोगों का अनिवार्य रूप से कोरोना जांच भी की जा रही है ताकि इससे वे लोग कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित रहने के साथ ही अपने परिवार के अन्य लोगों को भी सुरक्षित रखेंगे।

जिले में आयुष्मान कार्डधारियों को मिल रहा बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लाभ

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– खगड़िया के सुरेन्द्र प्रसाद का चयनित ग्लोकल अस्पताल में हुआ समुचित इलाज
– समुचित इलाज होने की उम्मीद छोड़ चुके सुरेन्द्र अब पूरी तरह हैं स्वस्थ

बेगूसराय, 02नवंबर

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। जिले में इस योजना के कार्डधारियों को समुचित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल रहा है। ताकि पैसे के अभाव में कोई समुचित इलाज से वंचित नहीं रह सके और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। एक ऐसी ही कहानी खगड़िया के मुरकाही निवासी सुरेन्द्र प्रसाद की है। जो पैसे के अभाव में इलाज और स्वस्थ्य होने की उम्मीद छोड़ चुके थे। किन्तु, आयुष्मान योजना से सुरेन्द्र को ना सिर्फ निःशुल्क समुचित इलाज हुआ बल्कि, इलाज के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लाभ भी मिला। सुरेन्द्र का इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित ग्लोकल अस्पताल बेगूसराय में हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ भी हैं। बताते चलें कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पूरे भारतवर्ष में बीपीएल परिवारों के लोगों को गंभीर बीमारी से बचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के सभी अस्पतालों एवं कुछ चिह्नित निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारियों के निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

– सड़क दुर्घटना के शिकार सुरेन्द्र इलाज की छोड़ चुके थे उम्मीद :
आयुष्मान भारत योजना के डीपीसी प्रभात कुमार ने बताया, एक वर्ष पहले घर से बाइक पर सवार होकर खगड़िया जाने के क्रम में सुरेन्द्र प्रसाद सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। जिसमें उनके घुटने में काफी चोटें आई थी। किन्तु, उस वक्त उनका समुचित इलाज नहीं हो पाया था। जिसके कारण दिनोंदिन उनकी परेशानियाँ बढ़ती ही गई। जिसके बाद उन्होंने स्थानीय चिकित्सकों से दिखाया। किन्तु, चिकित्सकों ने पटना जाने की सलाह दी। पटना जाने के लिए रुपये का प्रबंध सबसे बड़ी समस्या के रूप में उभर कर सामने आई। जिसके बाद सुरेन्द्र अपने परिवारों, रिश्तेदारों एवं दोस्तों से रुपये के प्रबंध कराने की सहयोग माँगने लगे। इसी दौरान उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने पहले कार्ड बनवाया, फिर उनका इलाज हुआ।

– गरीबों के लिए संजीवनी है आयुष्मान भारत योजना :
आयुष्मान भारत योजना को जिले में तकनीकी सहयोग दे रहे आद्री के प्रोजेक्ट मैनेजर इन्द्रजीत गोस्वामी एवं बेंकरेश पाण्डेय ने बताया, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीबों के लिए संजीवनी है। सुरेन्द्र की कहानी एक उदाहरण है। इस योजना के सहयोग से बड़ी संख्या में ऐसे गरीबों को नई स्वस्थ्य जिंदगी मिल चुकी है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण इलाज की उम्मीद के साथ-साथ जिंदगी जीने की भी उम्मीद छोड़ चुका था।

– आयुष्मान भारत योजना से मिली नई जिंदगी :
सुरेन्द्र प्रसाद ने बताया कि मुझे तीन पुत्र और तीन पुत्री हैं। पूरे परिवार की परवरिश का दूध व्यवसाय ही एकमात्र सहारा है, जो गुणवत्तापूर्ण परवरिश के लिए नाकाफी है। ऐसे में इलाज कराना संभव नहीं था। जिसके कारण अपने परिवारों, रिश्तेदारों एवं दोस्तों के यहाँ कर्ज ढूँढना शुरू किया। किन्तु, इसी दौरान मुझे आयुष्मान भारत योजना के तहत बनने वाली आयुष्मान कार्ड की जानकारी मिली। जिसके बाद तुरंत मैं कार्ड बनवाया, जो मेरी संजीवनी साबित हुई। यही नहीं, यह योजना के सहयोग से मुझे नई जिंदगी जीने का भी अवसर मिला। इसके लिए मैं सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ ग्लोकल अस्पताल की पूरी टीम का शुक्रगुजार हूँ। वहीं, उन्होंने बताया, यह योजना गरीबों के लिए संजीवनी है।

स्टेशन पर कोरोना जांच के साथ टीका भी दिया जा रहा

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-त्यौहार पर बाहर से आने वाले लोग जरूर कराएं कोरोना जांच
-अगर कोरोना टीका भी नहीं लिए हैं तो जल्द से जल्द लगवाएं

भागलपुर, 2 नवंबर
कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए जिले में विशेष व्यवस्था की गई है। जांच की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ टीकाकरण को लेकर भी लगातार व्यवस्था की जा रही है। रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले लोगों के कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की 12 टीम पहले से ही तैनात है, अब वहां पर बाहर से आने वाले लोगों के लिए टीकाकरण की भी व्यवस्था की गई है। काफी संख्या में बाहर से आने वाले लोग कोरोना का टीका ले भी रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा कहते हैं कि कोरोना को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति हर तरह की एहतियात बरत रही है। तीसरी लहर की किसी भी तरह की आशंका से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात है। स्टेशन पर जांच और टीकाकरण की व्यवस्था तो है ही, साथ ही जिले की अन्य जगहों पर भी जांच और टीकाकरण में तेजी लाई गई है। लोगों से मेरी अपील है कि बाहर से आने पर कोरोना जांच अवश्य कराएं। साथ ही अगर टीका नहीं लिए हैं तो जल्द टीका लगवा लें।
स्टेशन पर सुबह सात से रात नौ बजे तक हो रहा टीकाकरणः रेलवे स्टेशन पर सुबह सात से रात नौ बजे तक टीकाकरण हो रहा है। दो शिफ्ट में वहां पर स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। अगर किसी ने कोरोना टीका की पहली डोज दूसरे शहरों में ली है तो वह दूसरी डोज भी यहां ले सकते हैं। किसी तरह से की परेशानी नहीं होगी। आसानी से रजिस्ट्रेशन के साथ उनका टीकाकरण हो जाएगा।
प्रतिदिन सात हजार लोगों की हो रही जांचः 25 अक्टूबर से जिले में प्रतिदिन सात हजार लोगों की जांच हो रही है। स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग की 12 टीम सक्रिय है। छह टीम सुबह सात से शाम सात बजे तक तो छह टीम शाम सात से अगले दिन सुबह सात बजे तक तैनात हैं। ट्रेन से उतरने वाले कोई भी यात्री छूट नहीं जाए, इसे लेकर आरपीएफ की भी मदद ली जा रही है।
कोरोना गाइडलाइन का करें पालनः सिविल सर्जन ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी तो बेहतर है ही, लेकिन आमलोगों से भी मेरी अपील है कि वह भी सतर्क रहें। भीड़भाड़ में जाने से बचें। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क जरूर लगाएं। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी अवश्य बनाएं। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथों की धुलाई अवश्य करें। ऐसा करते रहने से कोरोना की तीसरी लहर नहीं आएगी।

दिवाली पर बीमारों और बुजुर्गों का रखें ख्याल

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-आतिशबाजी से परहेज कर इनका रखें खास ध्यान
-दिवाली में तेज आवाज वाले बम फोड़ने से करें परहेज
बांका, 2 नवंबर
रोशनी का त्यौहार दिवाली हमारे लिए तमाम खुशियां लेकर आया है। इस बार तो कोरोना भी लगभग खत्म हो गया है। तीसरी लहर की आशंका जरूर है, लेकिन उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने मुकम्मल तैयारी भी कर रखी है। ऐसे में हम दिवाली पर जमकर जश्न भी मनाएंगे, लेकिन सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है। खासकर वैसे लोग, जिनके घरों में बीमार और बुजुर्ग हैं। न सिर्फ अपने घर पर, बल्कि अगर पड़ोस के भी किसी घर में बीमार और बुजुर्ग हैं तो थोड़ा संभलकर रहें। आतिशबाजी से परहेज करें। ज्यादा आवाज वाले बम फोड़नें से बचें। फुलझड़ी छोड़कर अपनी खुशी का इजहार करें। इससे आपकी खुशी भी मन जाएगी और बीमार और बुजुर्ग लोगों को परेशानी भी नहीं होगी।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार कहते हैं कि दिवाली एक बड़ा त्यौहार है। इस मौके पर लोग जमकर आतिशबाजी करते हैं। ऐसा करने से लोगों को बचना चाहिए। खासकर तेज आवाज वाले पटाखे नहीं फोड़ना चाहिए। यह नुकसानदायक होता है। बीमार और बुजुर्ग लोगों को तो इससे परेशानी होती ही है। साथ में अन्य लोगों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए दिवाली जमकर मनाएं, लेकिन पटाखों के शोर से बचें।
पटाखों की आवाज से बढ़ता है ब्लड प्रेशरः डॉ. चौधरी कहते हैं कि जिनको हाइपरटेंशन की समस्या है, उन्हें दिवाली पर अपना खास ध्यान रखना चाहिए। पटाखों की आवाज से सीने में तेज दर्द हो सकता है। इस तरह की परेशानी से निपटने के लिए बेहतर होगा कि डॉक्टर से पहले ही दवा लिखवाकर रख लें। यह भी याद रखें कि पटाखों की आवाज से भी ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है। ये स्ट्रोक का कारण भी बना सकता है। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए कान में रुई लगाना बिलकुल नहीं भूलें। ब्लड प्रेशर के मरीज और दिल के रोगी दूर से ही आतिशबाजी का मजा लें।

खाना का भी रखें ख्यालः डॉ. चौधरी कहते हैं कि दिवाली में जश्न मनाने के दौरान आतिशबाजी के बीच अगर दिल के मरीजों को चक्कर या घबराहट महसूस हो तो वह तुरंत लेट जाएं। अगर पहले से ही इस परिस्थिति के लिए दवा है तो उसे लें या फिर डॉक्टर से संपर्क करें। आपके घर में अगर किसी ने हाल ही में एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी करवाई है तो उनका खास ख्याल रखें। आतिशबाजी से पूरी तरह से परहेज करें। उनके कान के पर्दे फटने का खतरा भी रहता है। मिठाई के अत्यधिक सेवन से भी करें परहेज। ज्यादा नमक, ज्यादा मीठा और तला-भुना खाना दिल की सेहत पर भी असर डालते हैं।
गर्भवती महिलाएं और बच्चों का भी रखें खास ध्यानः डॉ. चौधरी कहते हैं कि पटाखों से बीमारों और बुजुर्गों को तो नुकसान होता ही है, गर्भवती महिलाओं को भी इससे परहेज करने की जरूरत है। गर्भवती महिलाओं के गर्भस्थ बच्चों को पटाखे से नुकसान होता है। बच्चे के जन्म के बाद भी उसमें कई तरह की समस्या हो सकती है। वहीं पटाखों की तेज आवाज से बच्चों के कान के पर्दे फटने, त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है।

टीकाकरण महाअभियान की गति को रफ्तार देने को टाइगर मोबाइल सर्विस का शुभारंभ

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– जिला के सभी 9 प्रखण्ड क्षेत्र के 101 पंचायत में शुरू की गई टाइगर मोबाइल सेवा
– वैक्सीनेटर और वेरिफायर की टीम पंचायतवार रोस्टर के अनुसार छूटे हुए लोगों को लगाएगी वैक्सीन

मुंगेर, 01 नवम्बर।

कोरोना टीकाकरण महाअभियान की गति को रफ्तार देने के लिए सोमवार से मुंगेर के सभी 9 प्रखंडों के 101 पंचायतों में टाइगर मोबाइल सर्विस का शुभारंभ हुआ।

मुंगेर के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि जिला के प्रत्येक पंचायत के सभी लोगों को कोरोना टीकाकरण से आच्छादित करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के द्वारा सोमवार से टाइगर मोबाइल सर्विस के नाम से एक नई सेवा का शुभारंभ किया गया है। इस सर्विस के तहत जिला के सभी 9 प्रखण्डों के कुल 101 पंचायतों में एक- एक टाइगर मोबाइल सर्विस बाइक के माध्यम से क्षेत्र में जाकर अभी तक कोरोना वैक्सीन के किसी भी डोज से वंचित लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगायी जाएगी। उन्होंने बताया कि पंचायतवार रोस्टर के अनुसार एक पंचायत में एक टाइगर मोबाइल बाइक पर एक वैक्सीनेटर और एक वेरिफायर की टीम पूरे पंचायत में भ्रमण करेंगे। ताकि सभी लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा सके। पंचायत का कोई भी व्यक्ति वैक्सीन लगाने से वंचित न रह सके।

केयर इंडिया के डीटीओ ऑन तबरेज आलम ने बताया कि सोमवार को सदर प्रखंड मुंगेर सहित जिला के सभी प्रखण्ड क्षेत्र में पंचायत वार रोस्टर के अनुसार प्रत्येक पंचायत में एक-एक टाइगर मोबाइल बाइक पर एक वैक्सीनेटर और एक वेरिफायर की टीम कोरोना वैक्सीनेशन के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि जिला के सभी पंचायतों के लिए एक-एक टाइगर मोबाइल की व्यवस्था की गई है। इनके सहयोग से पंचायत के सभी गांवों में जाकर दीपावली और छठ महापर्व के अवसर पर घर आने वाले सभी प्रवासी सहित वैसे लोग किसी कारणवश अभी तक कोरोना वैक्सीन की कोई भी डोज नहीं ले पाए हैं उन्हें वैक्सीन की पहली डोज और वैसे लोग जिन्हें वैक्सीन की पहली डोज लिए 84 दिन से अधिक हो गया है उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज लगायी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग मुंगेर के द्वारा इस सर्विस को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि जल्द से जल्द मुंगेर के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीनेशन से अच्छादित कर दिया जाए।

: दीपावली और छठ सहित अन्य त्यौहार के दौरान इन मानकों का करें पालन ताकि न हो सके कोरोना संक्रमण का शिकार

– सभी लोग जिन्होंने ने भी अभी तक कोरोना का पहला या दूसरा टीका नहीं लिया है वो तत्काल किसी स्वास्थ्य कर्मी से सम्पर्क कर कोरोना का टीका लगवा लें।

– अपने गांव या मुहल्ले में त्यौहारों में आने वाले प्रवासी लोगों को कोरोना जांच और कोरोना टीकाकरण के लिए करें प्रेरित।

– सभी लोग अनिवार्य रूप से मास्क और सोशल डिस्टेंस का करें पालन ।

– अनावश्यक किसी भी चीज को छूने से परहेज करें और छूने कि स्थिति में साबुन या हैंड सैनिटाइजर का करें प्रयोग।

सुरक्षित परिवार, खुशियाँ अपार नारे को सार्थक रूप देने को त्यौहारी दौर में भी नहीं रुकी वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार

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– विशेष वैक्सीनेशन अभियान:जिले के विभिन्न सेशन साइटों पर विशेष वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन
– वैक्सीन से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है वैक्सीन

खगड़िया, 01 नवंबर

जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का कोविड-19 वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो एवं इस महामारी से लोगों को स्थाई निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और संकल्पित है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले में लगातार विशेष वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसके माध्यम से वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर लोगों को सुविधाजनक तरीके वैक्सीन दी जा रही है। यही नहीं, सुरक्षित परिवार, खुशियाँ अपार नारे को भी सार्थक रूप देने के लिए त्यौहारी दौर शुरू होने के बाद वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार नहीं रुकी। बल्कि, त्यौहारी दौर में भी अभियान को और तेज गति देने के लिए जिले के तमाम पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी (वैक्सीनेशन टीम) अपनी त्यौहारी छुट्टी छोड़ कर लोगों को इस महामारी से सुरक्षित करने के लिए ड्यूटी पर डटे हुए हैं। जो ना सिर्फ सराहनीय है बल्कि, देश हित में सबसे बेहतर कदम भी है। वहीं, सोमवार को भी विशेष वैक्सीनेशन अभियान के तहत जिले के विभिन्न सेशन साइटों पर विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित हुई। जहाँ सभी लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी गई।

– वैक्सीन से वंचित लोग जरूर कराएं वैक्सीनेशन और सुरक्षित माहौल में मनाएं त्योहार :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, इस माह दीपावली एवं लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा है। सभी लोग सुरक्षित माहौल में त्यौहार मना सकें, इसके लिए हर जरूरी निर्णय लेकर आवश्यक पहल की जा रही है। किन्तु, इसे सफल बनाने के लिए जिले वासियों का सहयोग भी अपेक्षित है। इसलिए, जिलेवासियों से भी मेरी अपील है कि अगर जो व्यक्ति किसी भी कारणवश अबतक वैक्सीन नहीं ले पाएं हैं, वह निश्चित रूप से अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर वैक्सीनेशन कराएं। आपकी यही पहल सबसे बड़ा सहयोग का कदम होगा। क्योंकि, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी आपकी ही सुरक्षा के लिए ही त्यौहारी छुट्टी छोड़ कर आपके बीच अपनी जिम्मेदारी पर डटे हुए हैं।

– दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों लोगों को रही कोविड जाँच :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, त्योहार का दौर शुरू होने के साथ दूसरे प्रदेशों में रहने वाले लोगों की आने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। किन्तु, दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों की घर प्रवेश करने के पूर्व कोविड जाँच सुनिश्चित हो, इसके लिए जिले के विभिन्न रेलवे स्टेशनों एवं बस स्टैंडों पर कोविड-19 जाँच सह वैक्सीनेशन शिविर की व्यवस्था की गई है। जहाँ बड़ी संख्या में प्रतिदिन दूसरे प्रदेशों से आ रहे लोगों की कोविड जाँच की जा रही है। ताकि जिले में किसी प्रकार की संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो। यहीं नहीं, जाँच के साथ संबंधित व्यक्ति का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जाँची जा रही है। इस दौरान जो भी लोग वैक्सीन से वंचित मिलते हैं, उन्हें शिविर में वैक्सीन दी जा रही है। इसके बाद ही गंतव्य जाने की अनुमति दी जाती है।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बाहर से आने पर या लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
– प्रोटोकॉल के पालन के साथ त्यौहार मनाएं।

सुरक्षित त्यौहार मनाने की पहल: संक्रमण का खतरा नहीं हो, इसलिए दूसरों प्रदेशों से आने वालों की हो रही कोविड जाँच

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– जिले के रेलवे स्टेशनों एवं बस स्टैंडों पर दूसरे प्रदेशों से आने वाले कामगारों की हो रही है जाँच, वंचितों को दी जा रही है वैक्सीन
– लखीसराय एवं किउल रेलवे स्टेशन पर कोविड जाँच सह वैक्सीनेशन शिविर का डीएम ने किया निरीक्षण, दिए जरूरी निर्देश

लखीसराय, 01 नवंबर।
त्यौहार का दौर शुरू होते ही देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाले लोगों का भी अपने परिवार के साथ त्यौहार मनाने के लिए अपने घर आने का सिलसिला शुरू हो चुका और प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रवासी आ रहे हैं। किन्तु, संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो और सभी लोग सुरक्षित माहौल में त्यौहार मनाएं, इसको लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग सजग है। इसके जिले के विभिन्न रेलवे स्टेशनों एवं बस स्टैंडों पर कोविड-19 जाँच व वैक्सीनेशन शिविर शुरू लगाया गया है। ताकि दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों की ऑन द स्पॉट कोविड जाँच और वैक्सीनेशन से वंचित लोगों को वैक्सीन दी जा सके। वहीं, सोमवार को जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने लखीसराय एवं किउल रेलवे स्टेशन पर संचालित कोविड-19 जाँच सह वैक्सीनेशन शिविर का निरीक्षण किया। जिसके दौरान उन्होंने दोनों जगहों पर ड्यूटी पर तैनात मेडिकल टीम से जाँच एवं वैक्सीनेशन से संबंधित आवश्यक जानकारी ली। जिसके बाद उन्होंने मेडिकल टीम को जरूरी निर्देश दिए।

– कोविड-19 जाँच के बाद ही दूसरों प्रदेशों से आने वालों को गंतव्य जाने की दी जा रही है अनुमति :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, त्यौहार का दौर शुरू होने के साथ ही दूसरों प्रदेशों में रहने वाले जिले के लोगों का बड़ी संख्या में गाँव आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। किन्तु, किसी प्रकार के संक्रमण नहीं हो, इस उद्देश्य से जिले के लखीसराय, किउल, बड़हिया समेत विभिन्न रेलवे स्टेशनों एवं बस स्टैंडों पर जाँच एवं वैक्सीनेशन शिविर की व्यवस्था की गई है। जहाँ जाँच एवं वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाने के बाद ही बाहर से आने वाले लोगों को उनके गंतव्य जाने की अनुमति दी जा रही है। जो व्यक्ति अबतक वैक्सीन से वंचित हैं उन्हें वैक्सीनेटेड भी किया जा रहा है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन भी सुनिश्चित हो।
– सभी लोग सुरक्षित माहौल में मनाएं त्यौहार, इसलिए अपनी छुट्टी छोड़ ड्यूटी में डटे स्वास्थ्य कर्मी :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, सभी सुरक्षित माहौल में त्यौहार मनाएं। इसलिए, हमारे स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी त्यौहारी छुट्टी छोड़ कर अपनी ड्यूटी पर डटे हुए हैं। इसलिए, मैं तमाम लोगों से अपील करता हूँ कि जो भी व्यक्ति अबतक किसी कारण वश वैक्सीन नहीं ले पाएं, वह जरूर वैक्सीन लें। साथ सी बाहर से आने वाले लोगों से भी अपील है कि जाँच के बाद ही अपने घर में प्रवेश करें। क्योंकि, यह पहल ना सिर्फ आपके लिए सबसे कारगर उपाय है बल्कि, आपके पूरे परिवार और समाज हित में भी अनूठी पहल है और इस महामारी को पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए सबसे बड़ा कदम भी है।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बाहर से आने पर या लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
– प्रोटोकॉल के पालन के साथ त्योहार मनाएं।

सर्वे में टीका नहीं लेने वालों को जगारूक करने का उठाया बीड़ा

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-खुद के साथ परिवार के सदस्यों को दिलवा चुके कोरोना का टीका
-गोराडीह प्रखंड के कुरुडीह गांव के जिम्मेदार लोगों ने किया फैसला
भागलपुर, 1 नवंबर
जिले के सभी लोगों को जल्द से जल्द कोरोना का टीका पड़े, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग तो अभियान चला ही रहा है। इसमें समाज के लोग भी अपना योगदान दे रहे हैं। गोराडीह प्रखंड के कुरुडीह गांव के जिम्मेदार लोगों ने गांव के सभी लोगों को जल्द से जल्द टीका दिलवाने का बीड़ा उठाया है। इनलोगों ने खुद भी कोरोना का टीका लिया है और पूरे परिवार के लोगों को भी दिलवाया है। अब गांव के बचे हुए लोगों का टीकाकरण करवाना चाह रहे हैं। खासकर वैसे लोग, जिन्होंने पिछले दिनों सर्वे के दौरान टीका लेने से मना कर दिया था। सोमवार को इसे लेकर मस्जिद में एक बैठक भी की।
छूटे हुए लोगों को कोरोना का टीका दिलवाना हैः बैठक के बाद मो. नजमुल होदा ने कहा कि कोरोना को जड़ से समाप्त करना बहुत जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि सभी लोग जितना जल्द हो सके, कोरोना का टीका ले लें। हमलोगों ने काफी पहले ही टीका ले लिया है। अब गांव के छूटे हुए लोगों को टीका दिलवाना है। खासकर वैसे लोग, जिनलोगों ने पिछले दिनों सर्वे के दौरान टीका नहीं लेने की बात कही थी। उनलोगों को समझाना है कि कोरोना का टीका लेना किताना जरूरी है। बैठक में शामिल मास्टर इस्लाम ने कहा कि ऐसा नहीं है कि लोग कोरोना का टीका नहीं लेना चाह रहे हैं, लेकिन उनमें कुछ लोगों के मन में डर है, जिसे दूर करना जरूरी है। मुझे पूरी उम्मीद है कि जिनलोगों ने न कहा है, वह भी टीका लेने के लिए जरूर सामने आएंगे। इसके लिए जो भी करना होगा करेंगे।
लोगों के मन से डर होगा खत्मः मोहम्मद मुस्तग्नी कहते हैं कि लोगों के मन से डर खत्म हो जाएगा। हमलोगों ने टीका ले लिया है, इससे दूसरे लोगों में भी भरोसा बढ़ेगा। जागरूकता बढ़ेगी। इसके बाद जिनलोगों ने कोरोना का टीका नहीं लिया है, वे लोग भी जल्द ही ले लेंगे। अनिशुल रहमान कहते हैं कि सामाजिक जिम्मेदारी से ही कोरोना का खात्मा होगा। सिर्फ कोरोना का टीका लेने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए दूसरे लोगों को भी टीका दिलवाना पड़ेगा। आखिर सभी लोग जब टीका ले लेंगे, तभी कोरोना पूरी तरह से खत्म होगा। इसलिए मैं गांव के आखिरी व्यक्ति तक टीका पहुंचवाकर ही दम लूंगा।
कोरोना गाइडलाइन का भी पालन करवाउंगाः मोहम्मद जुम्मन कहते हैं कि सिर्फ टीका लेने से काम नहीं चलेगा, बल्कि टीका लेने के बाद भी जागरूक रहना होगा। कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना होगा। घर से बाहर जाते वक्त मास्क पहनना होगा। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी का पालन करना होगा। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई करनी होगी। ऐसा करते रहने से कोरोना से हमलोग बचे रहेंगे। सभी लोगों को ऐसा करते रहने के लिए हमलोग जागरूक करेंगे। बैठक के दौरान केयर इंडिया के डीटीओ ऑन आउटरीच डॉ. असद जावेद भी मौजूद थे।

इंडस्ट्री एकेडमी के गैप को ब्रिज करता है यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनीज- डॉ. अनिल डी सहस्त्रबुद्धे, चेयरमैन, एआईसीटीई 

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यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनीज का 8 वां वार्षिक मिट का भव्य आयोजन

-इंटरनेशनल व नेशनल लेवल इंटरनशिप में यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनीज का बड़ा योगदान – डॉ. अनिल डी सहस्त्रबुद्धे, चेयरमैन, एआईसीटीई

– डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी ने यूएएस ग्रुप के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

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नईदिल्ली-

यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनीज का आठवां वार्षिक मिट द्वारिका के आईटीसी वेलकम होटल में आयोजित किया गया। इस आयोजन में देशभर के एकेडमिशियन और कंपनियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया जहां एमओयू भी साईन किए गए। वहीं एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ अनिल डी सहस्त्रबुद्धे को लाइफ टाइम एचिवमेंट अवार्ड से नवाजा गया।

यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनीज का आठवां वार्षिक मिट द्वारिका के आईटीसी वेलकम होटल में आयोजित किया गया। इस खास आयोजन में देश भर के एकेडमिशीयन, डायरेक्टर, विभिन्न कंपनियों के एमडी व सीईओ ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इस खास आयोजन पर कंपनियों के साथ एमओयू भी साइन किए गए।

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में एआईसीटीई के चेयरमैन अनिल डी सहस्त्रबुद्धे मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस खास कार्यक्रम में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ अनिल डी सहस्त्रबुद्धे को लाइफ टाइम एचिवमेंट का पुरस्कार से नवाजा गया। अनिल डी सहस्त्रबुद्धे ने इस एचिवमेंट को एआईसीटीई के सभी सहयोगियों को समर्पित किया।

इस मौके पर डॉ अनिल डी सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि पिछले दो वर्षों से हर आदमी संघर्ष के दौर से गुजर रहा है इस संघर्ष दिनों में भी जो संस्थाएं एकजुट होकर कार्य करती रही है उसमें एक यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनीज है। खास तौर पर इसके लिए यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीईओ व एमडी ईसान तनेजा बधाई के पात्र हैं जिन्होंने इस महामारी में भी शिक्षा से जुड़े युवा, फैक्लटी, कॉलेज मेम्बर को जोड़े रखा ओर रेगुलेटर ओर एकडेमी के बीच पुल का कार्य करते रहे। अनिल डी सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि आज बदलाव का दौर है ओर एआईसीटीई ने इंटर्नशिप अनिवार्य कर दिया है जिसमें यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनीज ने बेहतरीन कार्य आज छात्रों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इंटरनेशनल एक्सपोजर यहीं दिया जाता है। इस कंपनी से जुड़कर छात्र आज कई कंपनियों के सीईओ तक के पद पर कार्य कर रहे हैं। जो संस्थान की एचीवमेंट तो हैं ही साथ में ऐसे संस्थान जो पुल का कार्य करते हुए व्यक्तित्व के विकास पर काफी जोर देता है। जिससे छात्रों का ओवरओल विकास होता है।

मुख्य अतिथि के तौर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईसीएफएआई के ब्राइंडिंग डायरेक्टर सुधाकर राव ने कहा कि आज देश में ऐसे संस्थानों की जरूरत है जिसकी भरपाई यूएएस ग्रुप लगातार कर रहा है।

सुधाकर राव ने कहा कि आज शिक्षा में सबसे बड़ा गैप इंडस्ट्री ओर एकेडमिया में है, जिसे पाटना आवश्यक है। ऐसे ही कोशिश में लगातार कर रहा है यूएएस ग्रुप। इसके लिए यूएएस ग्रुप के सीईओ ईशान तनेजा लगातार संस्थानों से नेटवर्किंग ओर उनकी समस्याओं का खास ख्याल रखते हैं।

इस मौके पर डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी की वीसी सयाली गंकर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्रों में व्यावसायिक कुशलता की उन्नति करना है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है। जिसकी पूर्ति यूएएस ग्रुप लगातार कर रहा है। यूएएस ग्रुप का ध्यान लगातार छात्रों में व्यावसायिक क्षमता की उन्नति करना है जिससे उनकी कार्यकुशलता को बढ़ावा मिले। इसके लिए कई तरह की बाउंडिंग भी करता है। छात्रों को यहीं इंटरनेशनल एक्सपोजर भी मिलता रहा है।

इस खास मौके पर डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी ने यूएएस ग्रुप के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी यूएएस ग्रुप का ओफिसियल पार्टनर हो गए जहां दोनों कंपनियां प्लेसमेंस इंटर्नसिप ओर ग्लोबल एक्सपोजर पर कार्य करेंगे। जिसके लिए यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनी जाना जाता है।

यूएएस ग्रुप ऑफ कंपनी के सीईओ ईसान तनेजा ने वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों में चार कंपनियों को वे सफलतापूर्वक चला रहे हैं। जिसमें यूएएस इंटरनेशनल वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी, यूएएस इंटरनेशनल हॉस्टल चेन, यूएएस इंटरनेशनल हॉलिडेज प्रा. लि. है और अभी एलोफ्ट करियर नाम से ओन लाइन एजुकेशन का नया प्लेटफोर्म तैयार किया गया है जिसको लेकर युवाओं में उत्साह है।

ईसान तनेजा ने कहा कि कंपनी में सफलता कर्मचारियों के साथ सभी संस्थानों का जाता है जिन्होंने हम पर विश्वास बनाए रखा और हमसे जुड़े रहे।

यूएएस ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री के आठवें एनुअल मिट में एकेडमिशियन ओर वरिष्ठ अधिकारियों को उनके विशिष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया। इसके साथ ही इंटर्नशीप में उत्कृष्ट कर रहे छात्रों को सम्मानित किया गया। यूएएस ग्रुप विगत आठ वर्षों से लगातार तालमेल बनाकर आगे बढ़ रहा है जिससे आज कंपनियों की उत्तरोत्तर वृद्धि भी हो रही है। यूएएस ग्रुप आज के समय को देखते हुए ऑनलाइन एजुकेशन की नई कंपनी को भी आगे लाया है ताकि आने वाले समय में छात्रों को लाभ मिल सके वहीं संस्थानों को भी सहायता मिल सके।

एमडीए मॉपअप राउंड में छूटे हुए चिह्नित व्यक्तियों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया की दवा

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– दो चरणों में चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन के एमडीए का मॉपअप राउंड

– राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, फाइलेरिया ने दिये आवश्यक निर्देश

मुंगेर-

जिला में फाइलेरिया को नियंत्रित एवं उन्मूलन के लिए एक बार फिर से एमडीए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। एमडीए कार्यक्रम मॉपअप राउंड के दौरान 29 अक्टूबर शुक्रवार से ही चिह्नित लोगों को घर- घर जाकर फाइलेरिया की दवा खिलाई जा रही है। मालूम हो कि फाइलेरिया की दवा खिलाने के कार्यक्रम को अपरिहार्य कारणों से बीच में रोकना पड़ा था ,लेकिन मॉप अप राउंड चला कर पुन: दवा खिलाने का काम किया जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, फाइलेरिया डॉ. बिपिन कुमार सिन्हा ने पत्र जारी कर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये हैं।

दो चरणों में चलेगा मॉपअप राउंड :
जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि जारी किए गए पत्र के अनुसार 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जिलाभर में मॉपअप राउंड का प्रथम चरण चलाया जाएगा एवं दीपावली एवं छठ पूजा के उपरांत 15 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक दूसरे मॉपअप राउंड के जरिये छूटे हुए क्षेत्रों में पुनः भ्रमण कर सभी छूटे हुए लाभुकों को दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।इसको ले जिला के सभी सीएचसी और पीएचसी के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को मॉपअप राउंड चलाने को ले आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं । इस दौरान फैमिली रजिस्टर में छूटी हुई प्रविष्टियों को इसी समय सीमा में पूरा कर लेना है।

आशा कर्मी देंगी दवा खिलाने का प्रमाणीकरण :
उन्होंने बताया कि प्राप्त निर्देश के अनुसार आशा दलकर्मी द्वारा इस बात का प्रमाणीकरण किया जाएगा कि सभी योग्य लाभुकों को एमडीए की दवा खिला दी गयी है। यह प्रमाणित कराने के उपरांत ही आशा कर्मियों के मानदेय का भुगतान किया जाएगा । इसके साथ ही कार्यक्रम का संकलित प्रतिवेदन राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय में 25 नवंबर तक अवश्य प्रेषित करना है।

दवा सेवन फाइलेरिया से सुरक्षा का मार्ग:
उन्होंने बताया कि मुंगेर को फाइलेरिया मुक्त जिला बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आम जन के सहयोग की जरूरत है। मॉपअप राउंड के दौरान सभी छूटे हुए लाभार्थी से अपील है कि वो आगे आकर दवा खाएं और फाइलेरिया उन्मूलन में अपना अहम योगदान दें ।