कोरोना टीका की दूसरी डोज ले ली,अब राहत महसूस कर रही

0

-टीका की दोनों डोज लेने के बाद महिलाए कर रहीं राहत महसूस
-कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी

बांका, 25 अक्टूबर
जिले में कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। जांच, इलाज के बाद अब स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण पर जोर दे रहा है। जिले में काफी संख्या में लोगों ने कोरोना टीका की पहली डोज ले ली है, अब दूसरी डोज पर फोकस किया जा रहा है। सोमवार को बांका सदर प्रखंड के गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर काफी संख्या में महिलाओं ने टीका की दूसरी डोज ली। इसके बाद अब वह सुकून महसूस कर रही हैं।
सुपौल की रहने वाली जूली देवी ने टीका की दूसरी डोज लेने के बाद कहा कि अब राहत महसूस कर रही हूं। कोरोना से बचाव के लिए टीका ही एकमात्र उपाय है, इसलिए टीका लगवाना जरूरी है। यही सोचकर मैंने टीका लगवाया। अब जब दोनों डोज ले ली, तो अब लग रहा है कि कोरोना से मैं सुरक्षित हूं। बांका सदर प्रखंड की ही रहने वाली सीता देवी ने भी टीका की दूसरी डोज ले ली। उनका कहना है पहले थोड़ा संकोच जरूर था, लेकिन जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समझाया तो लगा कि कोरोना टीका लेना बहुत जरूरी है। इसके बाद मैंने टीका लगवाया। अब दोनों डोज ले ली तो अब लग रहा कि मैं कोरोना से सुरक्षित हूं।
बांका सदर प्रखंड की रहने वाली रुक्मिणी देवी ने बताया कि मैंने तो टीका की दोनों डोज ले ली है, लेकिन इसके बावजूद सतर्क रहूंगी। कोरोना से बचाव के लिए टीका लेना जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ सतर्कता भी उतना ही जरूरी है। इसलिए मैं टीका लेने के बावजूद सावधानी से रहूंगी। दोमूहन की रहने वाली चांदनी कुमारी ने भी कोरोना टीका की दोनों डोज ले ली। उनका कहना है कि टीका लेना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। मैंने यही सोचकर टीका की दोनों डोज ली है। अब मैं दूसरे लोगों को भी जल्द से जल्द टीका की दोनों डोज लेने के लिए कहूंगी। कोरोना को जड़ से समाप्त करना है तो टीका लेना बहुत जरूरी है। हर किसी को यह बात समझनी होगी।
दूसरी डोज लेना नहीं भूलेः बांका शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना टीका की दूसरी डोज बहुत जरूरी है। कोई भी व्यक्ति एक डोज लेने के बाद निश्चिंत नहीं हो जाएं। वह ये न समझें कि मुझे अब कोरोना नहीं होगा। इसके लिए आपको टीका की दोनों डोज लेना होगा। दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए समय पूरा हो जाने के बाद अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज अवश्य लें। साथ ही अभी पर्व-त्यौहार के मौसम में थोड़ा संभलकर रहें। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करें।

स्टेशन पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच में तेजी

0

-सात नवंबर तक प्रतिदिन सात हजार लोगों की होगी कोरोना जांच
-दिवाली और छठ पूजा को लेकर जिले में कोरोना जांच में आई तेजी
भागलपुर, 25 अक्टूबर
दिवाली और छठ पूजा को लेकर जिले में कोरोना जांच की संख्या बढ़ा दी गई है। 25 अक्टूबर से सात नवंबर तक जिले में प्रतिदिन सात हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। खासकर स्टेशन पर बाहर से आने वाले लोगों के लिए जांच के लिए 12 टीम तैयार की गई है। स्टेशन पर सुबह सात से शाम सात बजे तक छह टीम और शाम सात बजे से दूसरे दिन सुबह सात बजे तक छह टीम स्टेशन पर बाहर से आने वाले लोगों की कोरोना जांच के लिए रहेगी।
यात्रियों की पहले रैपिड एंटीजन किट से जांच होगी। अगर जांच में कोई यात्री कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो उसका आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के आधार पर उस व्यक्ति का आगे इलाज किया जाएगा। स्टेशन पर बाहर से आने वाले किसी व्यक्ति की जांच छूट न जाए, इसे लेकर आरपीएफ के जवान को मुस्तैद किया गया है। जांच टीम सही तरीके से अपना काम कर रही है या नहीं, इसकी निगरानी एएसीएमओ, एसीएमओ, डीपीएम और सदर अस्पताल के अधीक्षक कर रहे हैं।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरतः सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह बात सही है कि अभी जिले में कोरोना का एक भी एक्टिव मरीज नहीं है, लेकिन इस रिकॉर्ड को बनाए रखने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अभी दुर्गापूजा समाप्त हुई है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग का कोरोना जांच से लेकर टीकाकरण के लिए व्यापक अभियान चला। अब दिवाली और छठ पूजा आने वाले हैं। इसे लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। स्टेशन पर जांच की संख्या बढ़ा दी गई है। 7 नवंबर तक विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया है, जिसकी शुरुआत सोमवार से हो गई।
परिजन समझें अपनी जिम्मेदारीः कोरोना का प्रसार फिर से भागलपुर में नहीं हो, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ आम आदमी को भी जागरूक होने की जरूरत है। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाकर रहें। बाहर से घर आएं तो 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई निश्चित तौर पर करें। साथ बाहर से घर आने वालों पर परिजन नजर रखें। उनकी कोरोना जांच सुनिश्चित कराएं। उन्हें रास्ते में ही जानकारी दे दें कि स्टेशन पर कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है, इसलिए वहां से जांच कराकर ही घर आएं। अगर वह जांच कराकर नहीं आते हैं तो घर आने से पहले उनकी सरकारी अस्पतालों में कोरोना जांच जरूर करा दें। जांच में अगर कोरोना की पुष्टि हो जाती है तो आइसोलेट कर दें और चिकित्सकीय सलाह के मुताबिक रहने के लिए कहें। ऐसा करने से बाहर से आने वाले लोगों से किसी स्थानीय व्यक्ति में कोरोना का प्रसार नहीं होगा।

The samajh की पहल ‘अखबार उपयोगी हर बार’ अभियान

0

इस वर्ष नवम्बर 2021 में ‘प्रोजेक्ट पुस्तकम’ के तहत लोगो से पुरानी पुस्तके, डायरी, और बहुत कम उपयोग हुई लिखने योग्य नोटबुक को एकत्रित करके उन्हें गाँव तथा शहरों के उन क्षेत्रो में बच्चो को दिया जाएगा जहाँ संसाधनों कि कमी के चलते बच्चे यह सब खरीद नहीं पाते.
दिल्ली स्थित एन.जी.ओ द समझ ने ग्रामीण भारत में संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों के लाभ के लिए लोगों को अपने घरों, कार्यालयों और स्कूलों से कम उपयोग की गई सामग्री का योगदान करने के लिए आमंत्रित करना शुरू कर दिया है। द समझ एन.जी.ओ. के संस्थापक तथा अध्यक्ष आर जे रावत के अनुसार यह अभियान आज के समय में जब लोग कोरोना के कारण अपना रोजगार खो चुके है खास तौर पर वह लोग जो रोजना सिर्फ एक दिन कि कमाई कर पाते थे आज उनके पास संसाधनों की शून्यता है. इसलिए यह अभियान उनके दुखो को कुछ हद तक कम कर सकेगा और उनकी खुशी हमे आगे कि योजनाएं बनाने पर मजबूर करेगी.

‘अखबार उपयोगी हर बार’ अभियान के द्वारा लोगो से अपील की जा रही है कि वह अपने पुराने अखबार द समझ को दान कर सकते है, हम इन अखबारों को पैकिंग के लिए सामग्री के तौर पर इन्स्तेमाल करेंगे.

शीत ऋतु का आगमन के साथ ही द समझ ने गरीब तथा बेसहारा लोगो के लिए गर्म कपड़ो का इन्तेजाम करने के लिए अपना योगदान आरंभ कर दिया है. ‘शीत मित्र’ अभियान के द्वारा हम लोगो से उनके द्वारा उपयोग न किये जाने वाले वस्त्रो को एकत्र करके उन लोगो तक पहुँचाएँगे जो शीत ऋतु में गर्म कपड़ो से अपने बच्चो और खुद को बचा पाने में असमर्थ है. हम दिल्ली के आस पास के क्षेत्रो में प्रारंभ करेंगे, कई लोग यह कार्य कर रहे हे और हमे इस कार्य को बड़े स्तर पर जारी रखना होगा खास करके सर्दियों के मौसम में.

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने नौ महीनों में 100 करोड़ के पार टीकाकरण किसी भी राष्ट्र के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है : सूर्या

0

भाजयुमो कार्यकर्ता जिला स्तर पर मोदी सरकार की उपलब्धि का करेंगे उल्लेख

नई दिल्ली
भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने केवल नौ महीनों में 100 करोड़ के पार टीकाकरण किया जो किसी भी राष्ट्र के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। मोदी सरकार की 100 करोड़ के पार टीकाकरण की उपलब्धि को भाजयुमो का कार्यकर्ता देश के गांव गांव और घर घर पहुंचाएगा। मीडिया के नाम जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि भारत ने गुरुवार को COVID-19 महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। माननीय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने केवल नौ महीनों में 100 करोड़ के पार टीकाकरण किया जो किसी भी राष्ट्र के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह आंकड़ा कुल पात्र भारतीय आबादी का लगभग 73% है। भारतीय जनता युवा मोर्चा इस उपलब्धि को जन जन तक पहुंचाएगा।

भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने इस उपलब्धि पर पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह भव्य उपलब्धि दृष्टि, समर्पण और निष्पादन के बीच सही तालमेल का परिणाम है। पीएम मोदी के विजन ने दुनिया की इस भव्य टीकाकरण परियोजना को अमलीजामा पहनाया है जिसे लाखों-लाखों समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, वैज्ञानिकों और भारत के उद्यमियों ने संभव बनाया है।

सूर्या ने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी के अनुकरणीय नेतृत्व में भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल टीकाकरण अभियान चलाया। श्री सूर्या ने याद किया कि कैसे सरकार को मणिपुर में COVID-19 टीके देने के लिए ड्रोन मिले, यह इस सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और टीकाकरण शिविरों का दौरा कर स्वास्थ्य कर्मियों का उनके दृढ़ प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने एक दिन में 2.5 करोड़ से अधिक टीकाकरण खुराक देकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है और हर दिन 1 लाख से अधिक खुराक का आंकड़ा लगातार बनाए रखा है। भाजयुमो कार्यकर्ता मोदी सरकार के सुशासन के काम को पूरे देश में फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कैंसर को मात देकर गन देवी ने ली वैक्सीन की पहली डोज, बोली – कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लेना जरूरी

0

– खगड़िया प्रखंड के भगतटोला मधुरापुर की रहने वाली हैं 67 वर्षीया गन देवी
– जिले के सभी प्रखंडों में विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर लोगों को दी गई वैक्सीन

खगड़िया, 22 अक्टूबर

शुक्रवार को जिले में फिर विशेष कोविड वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। जिसकी सफलता को लेकर इसबार जिले में कुल 212 सेशन साइटों पर वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन कर लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी गई। ताकि अधिकाधिक लोग वैक्सीनेटेड हो सकें और अभियान सफल हो सके। सभी सेशन साइटों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती एवं वैक्सीन वाइल की व्यवस्था कराई गई थी। ताकि एक भी लोग वैक्सीन की कमी के अभाव में वैक्सीनेशन कैम्प से से लौटकर वापस नहीं आयें और हर हाल में अभियान का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। वहीं, खगड़िया प्रखंड के भगत टोला मधुरापुर निवासी 67 वर्षीया गन देवी ने कैंसर को मात देने के बाद अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर आयोजित विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर में वैक्सीन की पहली डोज ली। सेंटर पर मौजूद टीम ने इस पहल के लिए गन देवी की सराहना की एवं उनके इस बुलंद हौसले और जज्बे के लिए सलाम की।

– कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लेना जरूरी, इसलिए सभी लोगों को लेना चाहिए वैक्सीन :
कैंसर जैसी बीमारी को मात देने के बाद वैक्सीन की पहला डोज लेने वाली गन देवी ने बताया, कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लेना बेहद जरूरी है। किन्तु, मैं गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। इसलिए, प्रोटोकॉल के अनुसार वैक्सीन नहीं ली थी। मैं जैसे ही स्वस्थ हुई, तुरंत वैक्सीन ली। मैं सकारात्मक सोच और चिकित्सा परामर्श का पालन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को भी मात देने में सफल रही। वहीं, उन्होंने बताया, मैं अन्य लोगों से भी अपील करती हूँ कि पूरी तरह निर्भीक होकर इस महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन जरूर लें।

– सर्वे के आधार पर वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दी गई वैक्सीन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, इसबार वैक्सीनेशन महाअभियान की सफलता को लेकर जिले में कुल 212 वैक्सीनेशन सेंटर बनाएं गए थे। सभी सेंटरों पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन वाइल की व्यवस्था और पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती की गई थी। ताकि वैक्सीन लेने वालों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सके। वहीं, उन्होंने बताया, सर्वे के आधार पर अबतक वैक्सीन से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी गई।

– सभी सेशन साइटों पर दोनों डोज की दी गई वैक्सीन :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले के सभी सेटरों पर वैक्सीन की दोनों डोज दी गई। इसको लेकर सभी सेंटरों में व्यापक तैयारी की गई थी। ताकि लोगों की भीड़ होने के बाबजूद भी वैक्सीनेशन के दौरान किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सके। वहीं, उन्होंने बताया, विशेष वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को शिविर की जानकारी दी गई।

– मानसी में 9-टू-9 वैक्सीनेशन सेंटर का हुआ शुभारंभ :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए शुक्रवार को मानसी प्रखंड अंतर्गत चखुसैनी गाँव में 9-टू-9 वैक्सीनेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया। ताकि कामकाजी लोग भी अपने सुविधानुसार सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सके और जल्दसे जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, सेंटर के सफल संचालन के लिए सिफ्ट वाइज मेडिकल टीम की तैनाती की गई है। जिसमें चिकित्सक, एएनएम, डेटा ऑपरेटर समेत अन्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पहला शिफ्ट 09 बजे से दोपहर के 03 बजे तक और दूसरा 03 बजे से देर रात 09 बजे तक होगी।

– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।

100 करोड़ लोगों को कोरोना का टीका : सदर अस्पताल मुंगेर सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों और टीकाकरण सत्र स्थल पर मनाया गया दिवाली महोत्सव

0

– स्वास्थ्य केंद्र और टीकाकरण सत्र स्थल को आकर्षक रौशनी और गुब्बारों से सजाया गया

– धरहरा सीएचसी पर आकर्षक रंगोली,सदर अस्पताल में आतिशबाजी

मुंगेर, 22 अक्टूबर-

गुरुवार की सुबह लगभग 10 बजे दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बनारस के एक दिव्यांग को कोरोना का 100 करोड़वां टीका लगने के साथ ही पूरा देश इस उपलब्धि पर जश्न में डूब गया। मुंगेर में भी गुरुवार की शाम सदर अस्पताल मुंगेर सहित अनुमंडल अस्पताल तारापुर, सीएचसी धरहरा, पीएचसी असरगंज, जमालपुर के साथ 9 टू 9 वैक्सीनेशन साइट पर रंगीन बल्ब, एलईडी लाइट, के साथ – साथ गुब्बारों से सजाया गया । इस अवसर पर एक और जहां धरहरा सीएचसी पर आकर्षक रंगोली बनाई गई वहीं सदर अस्पताल मुंगेर में आतिशबाजी कर दिवाली उत्सव मनाया गया । ये सभी आयोजन केयर इंडिया के सहयोग से जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि आज बहुत ही खुशी की बात है कि हमारे देश में 100 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। मुंगेर में भी 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने के लक्ष्य को लगभग पूरा कर लिया गया है। जिला में जो लोग अभी तक कोरोना वैक्सीन की कोई भी डोज नहीं ले पाए हैं उनकी पहचान के लिए ग्रामीण स्तर पर वोटर लिस्ट के माध्यम से सर्वे का काम चल रहा है। वैक्सीन लेने से जो लोग बच गए हैं उन्हें सर्वे के जरिये वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने वैक्सीनेशन कार्य में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और जीविका दीदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इनकी कार्यकुशलता के कारण ही मुंगेर वैक्सीनेशन के कार्य में बिहार में बेहतर स्थान पर है।

जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने बताया कि वैक्सीनेशन के कार्य में जिला में बेहतर प्रदर्शन करने वाली सभी स्टाफ नर्स, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और जीविका दीदी के अलावा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गुरुवार को देश भर में कोरोना टीकाकरण का 100 करोड़ डोज का लक्ष्य पूरा होने के साथ ही मुंगेर में भी गुरुवार तक 9,01165 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। जिसमें 2,16,997
लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज दी जा चुकी है।

100 करोड़ टीकाकरण का सफर: जिले में सबसे पहले टीका लिया, अब एक-एक व्यक्ति का टीकाकरण कर रहे सुनिश्चित

0

-शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी टीकाकरण में निभा रहे अपना योगदान
-शहर से लेकर गांव तक के लोगों को कोरोना टीका के प्रति कर रहे हैं जागरूक, गिना रहे हैं इसके फायदे
बांका, 22 अक्टूबर।
जिले में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत 16 जनवरी को हुई। सबसे पहले कोरोना का टीका कौन लेगा, जब इस बात पर बहस चल ही रही थी कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी सामने आए और सबसे पहले कोरोना का टीका लगवाने को तैयार हो गए। सबसे पहले तो कोरोना का टीका ली ही, इसके बाद वह टीकाकरण अभियान में इस कदर लग गए कि अभी तक बांका शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में शत प्रतिशत टीकाकरण करवा दिया है। बांका सदर प्रखंड में कुछा पंचायतें भी आती हैं, इसलिए टीकाकरण को लेकर गांवों में चल रहे अभियान में वह भागीदार रहते हैं।
डॉ. चौधरी कहते हैं कि टीका के प्रति मेरे मन में शुरू से ही कोई संदेह नहीं था। आखिर सरकार ने कई लोगों पर शोध के बाद इसे जारी किया था। इसलिए संदेह का कोई प्रश्न ही नहीं था, इसलिए जिले में सबसे पहले मैं कोरोना का टीका लेने के लिए तैयार था। इसका काफी फायदा हुआ। लोग यह समझने लगे कि जब यह डॉक्टर होकर पहले टीका ले रहे हैं तो जरूर इससे फायदा होगा। इसके बाद अन्य स्वास्थ्यकर्मी और फिर आम आदमी टीका लेने के लिए बड़े पैमाने पर सामने आने लगे।
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही एकमात्र विकल्पः डॉ. चौधरी कहते हैं कि मैं क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह समझाता हूं कि कोरोना से बचाव का टीकाकरण ही एकमात्र विकल्प है। जब तक सभी लोगों को कोरोना का टीका नहीं लग जाता है, तब तक हम कोरोना से पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रहेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि लोग भी अब इस बात को समझने लगे हैं। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग कोरोना का टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं।
दूसरी डोज पर फोकसः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना टीका की पहली डोज काफी लोगों ने ले ली है। बहुत सारे लोगों ने दूसरी डोज भी ले ली है, लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो पहली डोज ले लेने के बाद समय पूरा हो जाने पर भी दूसरी डोज नहीं ली है। अब हमलोग ऐसे लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्हें समझा रहे हैं कि टीके की दोनों डोज ले लेने के बाद ही आप कोरोना से पूरी तरह सुरक्षित हो पाएंगे। इसलिए एक डोज लेने के बाद यह नहीं समझें कि मेरा टीकाकरण हो गया। जब तक टीके की दोनों डोज नहीं लेंगे, तब तक आपकी टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। इसलिए समय पूरा हो जाने पर टीके की दूसरी डोज अवश्य लें।

जेएन मेडिकल कालेज में मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेगनेंसी एक्ट के तहत सुरक्षित गर्भपात की सुविधा

0

भागलपुर, 22 अक्टूबर-

आधुनिक परिवार नियोजन साधनों के इस्तेमाल नहीं किये जाने पर महिलाएं गर्भवती हो जाती है। अनचाहे गर्भ के कारण यह दंपति को तनाव देता है क्योंकि वे इसके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होते।. ऐसे में दंपति सुरक्षित गर्भपात की नितांत आवश्यकता महसूस करते हैं।. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल टर्मिनेशन आॅफ प्रेगनेंसी एक्ट को ध्यान में रखते हुए अब सुरक्षित गर्भपात की सुविधा अस्पतालों में सुचारू रूप से क्रियान्वित करायी जा रही है।

सुरक्षित गर्भपात और परिवार नियोजन को लेकर लोगों में अधिकाधिक जागरूकता लाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के सभा कक्ष में समीक्षात्मक बैठक कर इस विषय पर चर्चा की गयी। इस दौरान गर्भपात संबंधी मासिक डाटा तथा सुरक्षित गर्भपात के दौरान महिलाओं के भावनात्मक सहयोग एवं गोपनीयता एवं दस्तावेजीकरण पर चर्चा की गयी।

मेडिकल कालेज अस्पताल के स्त्री रोग की विभागाध्यक्ष डॉ अनुपमा सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा में सुरक्षित गर्भपात व परिवार नियोजन को लेकर काम करने वाली पटना स्थित संस्था आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि शंकर दयाल सिंह तथा नरेश कुमार सहित नर्सिंग स्टॉफ ने हिस्सा लिया|
बैठक में पहले तथा दूसरी तिमाही के सुरक्षित गर्भपात एवं इसके उपरांत परिवार नियोजन विधि अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गयी।

एमटीपी एक्ट के तहत गर्भ समापन का प्रावधान:
आईपास प्रतिनिधियों ने बताया कि कोरोना काल में बहुत सी महिलाएं अनचाहे रूप से गर्भवती हो गयी हैं और उन्हें गर्भ समापन की सुविधा लेने में परेशानी हुई है। इस वजह से उनका गर्भ प्रथम से दूसरी तिमाही का हो गया है। इसलिए उन्हें चिकित्सीय सलाह एवं परामर्श की आवश्यकता है। ताकि उनका सुरक्षित गर्भपात कराया जा सके। इसको लेकर सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है| परिचर्चा में बताया गया कि लोग स्वयं से गर्भपात कराने के विधियों को नहीं अपनायें। मेडिकल साइंस की मदद से सुरक्षित गर्भपात की विधि ही अपनायी जानी चाहिए। इसके लिए तकनीकी रूप से दक्ष चिकित्सक से परामर्श प्राप्त किया जाना चाहिए। इस अस्पताल में एमटीपी एक्ट के तहत 24 सप्ताह तक के गर्भ का समापन करने की सुविधा उपलब्ध है। अगर कोई महिला अपना गर्भ समापन कराना चाहती है तो एमटीपी एक्ट के तहत अपना गर्भ समापन करा सकती हैं।

विभागाध्यक्ष ने कहा भारत में मातृ मृत्यु दर का 8 प्रतिशत असुरक्षित गर्भपात के कारण होता है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि गर्भपात की सुविधा उपलब्ध हो और इसके तहत सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह सुरक्षित हों

बार बार गर्भपात कराना खतरनाक:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार गर्भपात के बाद गर्भधारण में छः महीनों का अंतराल होनी चाहिए।. अतः इस बात की चर्चा भी की गयी कि गर्भपात के बाद महिलाओ को गर्भनिरोधक साधन अपनाने के लिये प्रेरित करें ।

25 अक्टूबर से 7 नवम्बर तक कोरोना जांच को लेकर चलेगा महाअभियान

0

-बाहर से आने वाले सभी व्यक्तियों पर रहेगी नजर
-प्रतिदिन 7 हजार से अधिक लोगों की होगी जांच

भागलपुर, 22 अक्टूबर

कोरोना की दूसरी लहर भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन तीसरी लहर नहीं आए इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। अभी जिले में कोरोना का एक भी एक्टिव मरीज नहीं है। इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। दुर्गापूजा की ही तरह दिवाली और छठ पूजा पर भी बाहर से आने वाले लोगों की कोरोना जांच को लेकर महाअभियान चलाया जाएगा। 25 अक्टूबर से सात नवंबर तक जिले में प्रतिदिन सात हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच करने का लक्ष्य रखा गया है।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह बात सही है कि अभी जिले में कोरोना का एक भी एक्टिव मरीज नहीं है, लेकिन इस रिकॉर्ड को बनाए रखने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अभी दुर्गापूजा समाप्त हुई है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग का कोरोना जांच से लेकर टीकाकरण के लिए व्यापक अभियान चला। अब दिवाली और छठ पूजा आने वाले हैं। इसे लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। स्टेशन पर जांच की संख्या बढ़ा दी गई है। साथ ही 25 अक्टूबर से लेकर 7 नवंबर तक विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।
परिजन समझें अपनी जिम्मेदारीः कोरोना का प्रसार फिर से भागलपुर में नहीं हो, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ आम आदमी को भी जागरूक होने की जरूरत है। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाकर रहें। बाहर से घर आएं तो 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई निश्चित तौर पर करें। साथ बाहर से घर आने वालों पर परिजन नजर रखें। उनकी कोरोना जांच सुनिश्चित कराएं। उन्हें रास्ते में ही जानकारी दे दें कि स्टेशन पर कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है, इसलिए वहां से जांच कराकर ही घर आएं। अगर वह जांच कराकर नहीं आते हैं तो घर आने से पहले उनकी सरकारी अस्पतालों में कोरोना जांच जरूर करा दें। जांच में अगर कोरोना की पुष्टि हो जाती है तो आइसोलेट कर दें और चिकित्सकीय सलाह के मुताबिक रहने के लिए कहें। ऐसा करने से बाहर से आने वाले लोगों से किसी स्थानीय व्यक्ति में कोरोना का प्रसार नहीं होगा।
प्रखंडों में 12 घंटे के चल रहे टीकाकरण केंद्र:डॉ. शर्मा ने बताया शहर में टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, नाथनगर के घोषी टोला और आईएमए में सुबह नौ से रात नौ बजे तक कोरोना टीकाकरण की व्यवस्था है। इसके साथ ही अब सभी प्रखंड में भी 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र चल रहे हैं, जहां पर कि लोग अपनी सुविधा के अनुसार टीका लगवा सकते हैं। जिनको दिन में समय है, वह दिन में और जिन्हें शाम में समय मिलता है, वह शाम में जाकर कोरोना का टीका ले लें। बाहर से आने वाले लोग भी जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लिया है, वह नजदीकी केंद्रों पर जाकर कोरोना का टीका ले लें। पहली डोज लेने के बाद जिनका समय पूरा हो गया है, वह दूसरी डोज समय पर अवश्य लें।

दिवाली एवं छठ में दूसरे प्रदेशों से घर आने वाले लोगों की होगी कोविड जाँच

0

– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर सभी सिविल सर्जन को दिए आवश्यक निर्देश
– जिले के सभी रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों पर होगी जाँच

लखीसराय, 22 अक्टूबर

अगले महीने दिवाली, काली पूजा एवं लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा है। जिसके कारण त्यौहार मनाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाले बड़ी संख्या में कामकाजी लोगों के घर आने की संभावना है। ऐसे राज्यों से भी लोगों के घर आने की संभावना है, जहाँ संक्रमण का प्रसार अधिक है। जिसके कारण संक्रमण से सुरक्षा के मद्देनजर दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों के घर प्रवेश करने के पूर्व कोविड-19 जाँच कराने की तैयारी की गई है। ताकि जिले में संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो और सभी सामुदायिक स्तर पर लोग सुरक्षित माहौल में त्यौहार मना सकें। इसको लेकर जिले के सभी रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों एवं एयरपोर्ट पर बाहर से आने वाले लोगों की कोविड जाँच करने का निर्णय लिया गया है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार ने पत्र जारी कर राज्य के सभी सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

– जिले के सभी रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों पर होगी कोविड जाँच :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, त्यौहार के अवसर पर दूसरे राज्यों से घर आने वाले लोगों की घर प्रवेश करने के पूर्व कोविड जाँच करने का निर्देश प्राप्त हुआ। जिसके आलोक में जिले के सभी रेलवे स्टेशनों एवं बस स्टैंडों पर शिविर आयोजित कर दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों की कोविड जाँच की जाएगी। ताकि जिले में किसी प्रकार के संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो और सभी लोग सुरक्षित रहकर त्यौहार मना सकें। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं उन्होंने बताया, जाँच के बाद ही गंतव्य जाने की अनुमति दी जाएगी।

– एंटीजन में संक्रमित पाए जाने वालों की आरटी-पीसीआर जाँच भी होगी :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, इस दौरान एंटीजन किट से जाँच के दौरान संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्ति की तुरंत आरटी-पीसीआर जाँच के लिए भी सैंपल लिया जाएगा। आरटी-पीसीआर जाँच रिपोर्ट आने तक होने तक उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा। आरटी-पीसीआर में निगेटिव आने पर घर भेजा जाएगा और पाॅजिटिव आने पर उन्हें आइसोलेट में रखकर प्रोटोकॉल के पालन के साथ उनका इलाज कराया जाएगा। ताकि किसी भी स्थिति में जिले में संक्रमण का प्रसार नहीं हो और सामुदायिक स्तर पर लोग सुरक्षित रहें। वहीं, उन्होंने बताया, इसको लेकर जागरूकता अभियान चला कर भी बाहर से आने वाले लोगों को घर प्रवेश करने के पूर्व कोविड-19 जाँच कराने के लिए जागरूक किया जाएगा।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।