बांका में 1200 लोगों को पड़े टीके, 421 लोगों की जांच

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-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
टीकाकरण को लेकर क्षेत्र में जागरूकता अभियान जारी

बांका, 21 अक्टूबर

कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। गुरुवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 1200 लोगों को कोरोना के टीके दिए गए तो 421 लोगों की जांच की गई। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी को घर जाने दिया गया। साथ ही सभी लोगों को समय पर आकर टीका का दूसरा डोज लेने के लिए कहा गया। इसके अलावा सभी को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि गुरुवार को भी गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर काफी संख्या में लाभुक कोरोना का टीका लेने के लिए पहुंचे। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत गुरुवार को 1200 लोगों को टीके दिए गए। अच्छी बात यह रही कि 45 साल से अधिक उम्र के लोग भी अच्छी खासी संख्या में टीका लेने के लिए केंद्र पर पहुंचे। टीका को लेकर जागरूकता अभियान भी जारी है।

जांच में कोई भी संक्रमित नहीं मिला:
डॉ. चौधरी ने कहा कि गुरुवार को भी 271 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। इनमें से कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। वहीं आरटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए 150 लोगों के सैंपल लिए गए। जांच के बाद सभी लोगों को मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। बार-बार हाथ की धुलाई करने की सलाह भी दी गई। सभी को कहा गया कि बाहर से आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें।

टीका लेने के बाद भी गाइडलाइन का पालन जरूरी:
डॉ. चौधरी ने कहा कि जिनलोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है उन्हें भी कोरोना के खत्म होने तक गाइडलाइन का पालन करना है। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता है, तब तक पूरी सतर्कता के साथ रहना जरूरी है। कोरोना को खत्म होने के लिए सभी लोगों को टीका लेना जरूरी है। जिनलोगों ने टीका नहीं लिया है, उन्हें तो सतर्क रहना ही होगा। जिन्होंने टीका ले लिया है, वह भी गाइडलाइन का पालन करें। घर से बेवजह निकलने से परहेज करें।

फ्रंटलाईन वर्कर्स के साहसिक प्रयास एवं जनसहयोग ने कोरोना पर कसी नकेल

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– सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कोरोना संक्रमण से समुदाय को रखा सुरक्षित

– स्वास्थ्य ही पहली प्राथमिकता मान सभी विभागों ने की समेकित पहल

जमुई-

आज देश में कोरोनारोधी टीकाकरण को सौ करोड़ लाभार्थियों की संख्या पूर्ण होने से जश्न जैसा माहौल है ,सच में बड़ी उपलब्धि है। सर्वविदित है जिले में कोविड-19 के प्रसार ने सबसे अंतिम में अपना प्रभाव दिखाया । इसके लिए फ्रंटलाईन वर्कर्स के अथक प्रयासों और समुदाय के हरेक सदस्यों के सूझबूझ का बड़ा योगदान रहा है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम- आंगनबाड़ी सेविकाओं जैसे फ्रंटलाईन कोरोना योद्धाओं ने बेहद ही कांटो से भरे रास्ते तय किये हैं ।

खैरा प्रखण्ड के बानपुर गाँव की आशा मिता सरकार कहती हैं लाॅकडाउन के शुरुआती दौर में हम सभी को कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षा के लिए विभागीय प्रशिक्षण मिला। उसे गांठ बांध कर हम सभी स्वास्थ्य कर्मी अपने-अपने समुदाय को कोरोना से बचाने में जुट गये । अपने परिवार और समाज के लोगों का कई स्तर पर विरोध सहना पड़ा था । लेकिन हिम्मत नहीं छोड़ी ।

इसी क्रम में महोबदिया उप-स्वास्थ्य केंद्र, चकाई प्रखण्ड में पदस्थापित एएनएम रानी कुमारी बताती
हैं मेरे द्वारा डेढ़ वर्षों में करीब 55 हजार लाभार्थियों को कोरोनारोधी टीका लगाया जा चुका है। शुरुआती दिनों में कोरोना की चर्चा पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार भी किया गया पर धैर्य बनाये रखे। अपने वरीय पदाधिकारियों का लगातार सहयोग और परामर्श मिलता रहा है। वो शुकून भाव से कहती हैं अब लोगों में कोविड-19 को लेकर काफी जागरूकता आयी है।

वहीं लक्ष्मीपुर प्रखंड में कार्यरत सामुदायिक उत्प्रेरक गुड़िया कुमारी ने बताया स्वास्थ्य ही पहली प्राथमिकता मान सभी विभागों के कर्मियों ने कोरोना की रफ्तार को कम करने का प्रयास किया है । अभी के समय में स्वास्थ्य पर कोई भी मीटिंग हो उसमें कोरोना से बचने पर चर्चा होना अनिवार्य है ।

सिविल सर्जन डाॅ अजय कुमार भारती
ने कहा देश 100 करोड़ कोविड टीकाकरण पर गौरवान्वित है । यह हरेक स्तर पर लिए गए रणनीतिक निर्णय और फ्रंटलाईन वर्कर्स के साहसिक कदम का ही परिणाम है । इस संदर्भ में संभावित तीसरी लहर के लिए हमें और भी मुश्तैदी से कार्य करने होंगे । इसके साथ ही उन्होंने सावधानी न हटने देने ,सभी को मास्क लगाने व सामाजिक दूरी अपनाने की अपील की ।

आयोडिन अल्पता बचाव दिवस: सदर अस्पताल से लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक जागरूकता कार्यक्रम

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– एएनएम स्कूल की छात्राओं द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली, सिविल सर्जन, डीपीएम और एनसीडीओ ने दिखाई हरी झंडी

– हेल्थ एंड सेंटर इटहरी, नौवागढ़ी में पोस्टर के जरिये लोगों को किया गया जागरूक

मुंगेर-

वैश्विक आयोडिन अल्पता बचाव दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल मुंगेर से लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सदर अस्पताल में भोजन में आयोडिन युक्त नमक का इस्तेमाल करने और आयोडिन युक्त खाद्य पदार्थ के इस्तेमाल के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एएनएम स्कूल की छात्राओं द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली को सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि और एनसीडीओ डॉ. के. रंजन ने हरी झंडी दिखाई। जागरूकता रैली सदर अस्पताल से निकलकर विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः सदर अस्पताल पर आकर समाप्त हो गई। इस दौरान एएनएम स्कूल की छात्राएं मानव जीवन में आयोडिन के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के नारे भी लगा रही थी ।जैसे खाने- पीने में आयोडिन का करें इस्तेमाल, गवाइटर जैसी बीमारियों से पाएं निजात ! इस अवसर पर एएनएम स्कूल की प्रभारी प्राचार्य रागिनी कुमारी, लेखापाल उत्तम केशरी, एनसीडी कार्यालय की राखी मुखर्जी, नितिन कुमार, राहुल कुमार और राजीव कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुंगेर के गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. के. रंजन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को वैश्विक आयोडिन अल्पता बचाव दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष आज से 28 अक्टूबर तक सदर अस्पताल अनुमंडल अस्पताल तारापुर सहित सभी सीएचसी-पीएचसी के साथ -साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आयोडीन के महत्त्व, भोजन में आयोडिन की अनिवार्यता और आयोडिन की कमी से होने वाली बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। इसके के लिए अनुमण्डल अस्पताल तारापुर के अस्पताल उपाधीक्षक, सीएचसी और पीएचसी के एमओआईसी के साथ- साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सीएचओ को आईईसी मैटेरियल उपलब्ध कराने के साथ- साथ विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम के सफल संचालन के आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आयोडिन की कमी से होने वाली विभिन्न बीमारियों से बचने का एक मात्र यही उपाय है कि खाने में आयोडाइज्ड नमक का इस्तेमाल किया जाय । इसके साथ ही शरीर में आयोडिन की कमी को पूरा करने के लिए दूध, अंडा, मछली फल हरी सब्जी का इस्तेमाल करना चाहिए। ये गर्भवती महिलाओं, शिशु को स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए बहुत ही आवश्यक है।

इसके साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी, नौवागढ़ी मुंगेर में भी गुरुवार को कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) अर्चना कुमारी के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ता ने जागरूकता पोस्टर और नमक का प्रदर्शन कर उपस्थित महिलाओं को आयोडिन के महत्व के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं और शिशु को स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने भोजन में आयोडिन युक्त नमक और खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करना आवश्यक है। इसकी कमी से गवाइटर या घेंघा रोग के अलावा स्वतः गर्भपात, जन्मजात बहरापन, गूंगापन, थायराइड संबंधी समस्या के साथ -साथ मंद बुद्धि शिशु का जन्म और जन्म के बाद शिशु के बौना या ठिगना होने की भी समस्या संभवना रहती है।

जिले में आज विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर: वैक्सीन से वंचित लोगों को दी जाएगी वैक्सीन

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– जिले के सभी प्रखंडों में लगेगा विशेष शिविर, सर्वे के आधार पर चिह्नित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी वैक्सीन
– सभी सत्र स्थलों पर पर्याप्त कर्मियों की तैनाती और वैक्सीन वाइल की रहेगी उपलब्धता

खगड़िया, 21 अक्टूबर

जिले में शत-प्रतिशत लोगों का कोविड वैक्सीनेशन जल्द से जल्द सुनिश्चित करने को लेकर लगातार विशेष वैक्सीनेशन के तहत शिविर आयोजित कर लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। साथ ही हर जरूरी निर्णय भी लिए भी लिए जा रहे और हर आवश्यक पहल भी की जा रही है। जिसका सार्थक परिणाम भी दिखने लगा है। वहीं, शुक्रवार को पुनः जिलेभर में विशेष वैक्सीनेशन अभियान चलाया जाएगा। जिसके माध्यम से जिले के सभी प्रखंड में विशेष कोविड वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर अबतक किसी भी कारणवश वैक्सीन से वंचित लोगों को टीकाकृत किया जाएगा। विशेष शिविर के सफल संचालन के लिए सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। ताकि शिविर में वैक्सीन लेने वालों लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें तथा विशेष अभियान का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

– वैक्सीन से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी वैक्सीन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले के सभी प्रखंडों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया जाएगा। जिसमें वैक्सीन से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जाएगी। इसको लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई है। साथ ही सभी सेशन साइटों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती एवं वैक्सीन वाइल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। ताकि एक भी लोग को वैक्सीन के अभाव में लौटना नहीं पड़े।

– सभी सेशन साइटों पर पर दोनों डोज की दी जाएगी वैक्सीन :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित विशेष वैक्सीनेशन शिविर के दौरान दोनों डोज की वैक्सीन दी जाएगी। इसलिए, जो व्यक्ति पहला डोज ले चुके हैं और दूसरा डोज लेने की निर्धारित समय पूरा हो चुका है, वह अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर वैक्सीन ले सकते हैं। ताकि सेकेंड डोज को भी गति मिल सके और इस महामारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

जिले के अंतिम व्यक्ति के टीकाकरण से पहले दम नहीं लेंगे

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-सभी के सहयोग से हासिल हुआ यह गौरव का पल
-कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही है विकल्प
बांका, 21 अक्टूबर।
100 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर देश ने नया मुकाम हासिल किया है। इतने कम समय में इतने लोगों का टीकाकरण आसान नहीं था, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों के साथ आमलोगों के सहयोग से यह संभव हो पाया है। जिले में भी टीकाकरण की स्थिति काफी अच्छी है। अधिकतर लोगों ने पहली डोज ले ली है, जबकि दूसरी डोज देने का काम भी चल रहा है। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो कहते हैं कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही विकल्प है, इसलिए जब तक जिले के आखिरी व्यक्ति तक टीका नहीं पहुंचेगा तब तक स्वास्थ्य विभाग दम नहीं लेगा। हमारे स्वास्थ्यकर्मियों ने यहां तक पहुंचने में महत्वपूर्ण योगदान किया है।
सिविल सर्जन कहते हैं कि जब कोरोना की शुरुआत हुई थी तो लोग इसका नाम सुनकर ही कांपते थे, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों ने उस विपरीत परिस्थितयों में भी मोर्चा संभाले रखा। जांच से लेकर इलाज तक में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 16 जनवरी को टीकाककरण की शुरुआत हुई तो उस समय लोग टीका लेने से संकोच कर रहे थे, लेकिन सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने पहले खुद टीका लेकर दूसरे लोगों को प्रेरित किया। इससे लोगों में संदेश गया कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसके बाद लोग टीका लेने के लिए काफी संख्या में लोग सामने आए।
शहरी क्षेत्र में डॉ. चौधरी ने संभाली कमानः बांका शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में शत प्रतिशत टीकाकरण हो गया है। इसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीका एक्सप्रेस से लेकर 12 घंटे तक के टीकाकरण केंद्र की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाकर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। गली-मोहल्लों में जाकर लोगों को टीका की उपयोगिता को समझाकर केंद्रों तक लाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। वह कहते हैं कोरोना से बचाव को लेकर टीकाकरण ही सबसे बेहतर विकल्प है, लोगों को इस बात को समझाने में हमलोग कामयाब रहे। इसी का नतीजा है कि काफी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आए। अब तो इतने लोगों ने टीका ले लिया है कि बचे हुए लोग खुद ब खुद जागरूक हो जा रहे हैं। केंद्रों पर काफी संख्या में लोग टीका लेने के लिए पड़ोस और जान-पहचान वाले लोगों के टीका लेने के बाद भी आ रहे हैं।
डॉ. बजरंग और डॉ. आबिद 12 घंटे के केंद्र पर डटे रहेः वैसे तो जिले में सभी दिन टीकाकरण हो रहा है, लेकिन नौकरीपेशा और कामकाजी लोग भी अपनी सुविधानुसार टीका ले सके, इसे लेकर गांधी चौक पर 12 घंटे का टीकाकरण केंद्र की शुरुआत की गई। यहां पर सुबह नौ से रात नौ बजे लोग कोरोना का टीका ले सकते हैं। जिनलोगों को दिन में फुर्सत नहीं रहता है, वे लोग यहां पर रात में आकर भी टीका लेते हैं। गांधी चौक पर सुबह के समय में डॉ. बजरंग और दोपहर के बाद डॉ. आबिद मोर्चा संभालते हैं। लोगों को कोई परेशानी नहीं हो, इसका खास ध्यान रखते हैं।

परिवार नियोजन दिवस पर अस्पतालों में लगे मेले

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-मेले में परिवार नियोजन को लेकर दंपति को किया गया जागरूक
-परिवार नियोजन के अस्थाई संसाधनों का किया गया वितरण
भागलपुर, 21 अक्टूबर
हर महीने की 21 तारीख को अब परिवार नियोजन दिवस मनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में गुरुवार को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन दिवस मनाया गया। इसे लेकर सभी अस्पतालों में मेले का भी आयोजन किया गया। सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेले का आगाज एसीएमओ डॉ. अंजना कुमारी ने फीता काटकर किया। मेले में विभिन्न तरह के काउंटर लगाए गए थे। काउंटर पर परिवार नियोजन से संबंधित अस्थाई सामग्री का वितरण किया जा रहा था। लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा था और इससे होने वाले फायदे के बारे में बताया जा रहा था। इस मौके पर डीपीएम फैजान आलम अशर्फी, आशा के जिला समन्वयक जफरूल इस्लाम और केयर इंडिया के आलोक कुमार व जितेंद्र कुमार भी मौजूद थे।
एसीएमओ डॉ. अंजना कुमारी ने बताया कि पिछले महीने परिवार नियोजन दिवस का आगाज हुआ। अब यह हर महीने मनाया जाएगा। इससे परिवार नियोजन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। परिवार नियोजन दिवस के मौके पर गुरुवार को कई तरह के आयोजन किए गए, जिससे लोगों में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ी। ऐसा मुझे उम्मीद है। मेले में किसी काउंटर पर परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री का वितरण हो रहा था तो कहीं लोगों की काउंसिलिंग की जा रही थी। लोगों को परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में भी बताया गया। उन्होंने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण है लोगों को परिवार नियोजन के प्रति अस्थाई संसाधनों पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करना। लोगों में इसके प्रति थोड़ा भ्रम रहता है। उसे दूर करने की जरूरत है। लोगों में यह सोच विकसित करनी पड़ेगी कि कंडोम, अंतरा जैसे अस्थायी संसाधनों के इस्तेमाल से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है।
दो बच्चों के बीच 3 साल का अंतराल जरूरीः डॉ. अंजना कुमारी ने बताया कि दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी है। इसे लोगों को समझाना बहुत आवश्यक है। अगर दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल रहता है तो जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहता है। इससे बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित रहने से बच्चा भविष्य में होने वाली किसी भी तरह की बीमारी से सुरक्षित रहता है। इन सब बातों को लोगों को समझाने की जरूरत है।
काउंसिलिंग पर जोरः डॉ. अंजना कुमारी ने बताया कि परिवार नियोजन दिवस पर योग्य दंपतियों की काउंसिलिंग पर फोकस किया जा रहा है। एक बच्चे वाले दंपति को दूसरा बच्चा के लिए तीन साल का गैप रखना, 20 साल के बाद ही पहला बच्चा और अगर दो बच्चे हो गए हैं तो दंपती को बंध्याकरण के लिए मार्गदर्शन करने पर फोकस किया जा रहा है। ऐसा करने से होने वाले फायदे के बारे में भी दंपति को समझाया गया। काउंसिलिंग वाले काउंटर पर एएनएम ने कई योग्य दंपतियों की काउंसिलिंग की। जरूरत पड़ने पर वहां पर डॉक्टर भी जाकर दंपति को समझाने का काम करते दिखे।

सीपीजे में लॉ की पढ़ाई की हर सुविधा उपलब्ध- न्यायमूर्ति एमएल मेहता, पूर्व जज, दिल्ली हाई कोर्ट

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-सीपीजे कॉलेज नरेला में प्रथम वर्ष के विधि छात्रों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम

नईदिल्ली-
सीपीजे कॉलेज में दो दिनों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसे संबोधित करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व जज एमएल मेहता ने कहा कि छात्रों को यह अपनाना होगा कि लॉ इज लाइफ। तभी आप सफल होंगे। आज लॉ के छात्रों के लिए कई अवसर हैं, बस पहचानने की जरूरत है।
न्यायाधीश एमएल मेहता ने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। लॉ प्रोफेशन सबसे अच्छा प्रोफेशन है। अनुशासित होकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
न्यायाधीश एमएल मेहता ने सीपीजे कॉलेज में सुविधाओं को देखते हुए कहा कि सीपीजे में वह सब सुविधा उपलब्ध है जो एक लॉ कॉलेज में होना चाहिए। सीपीजे आधुनिकतम लैब से भी सुसज्जित है। यहां के फैकल्टी को देखकर पता चलता है कि किस प्रकार से संस्थान ने उन्हें तैयार किया है। यही कारण है कि यहां के छात्र आज देश विदेश में नाम कर रहे हैं।
न्यायाधीश एमएल मेहता ने कहा कि आज लॉ प्रोफेशन में भी स्वरोजगार की संभावनाएं काफी हैं। लेकिन शुरुआत में इसका निर्णय न करें कि आपको अभी क्या करना है अभी आपको अच्छे से पढ़ाई करना है उसके बाद आप निर्णय करें कि क्या और कैसे करियर को आगे बढ़ाना है।
इस मौके पर सीपीजे के डीजी युंगाक चतुर्वेदी ने कहा कि सीपीजे संस्थान छात्रों से सीधा इंट्रेक्ट होता है जिससे की उनकी हर समस्या का समाधान यहीं पर हो। इसके लिए फैकल्टी सदा तैयार रहते हैं। युगांक चतुर्वेदी ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान भी ऑन लाइन क्लासेस में छात्रों को उत्कृष्ट ज्ञान दिया गया है छात्रों से लगातार सामंजस्य बनाया रखा गया यहीं कारण है कि आज नए सत्र में छात्र की पहली पसंद सीपीजे ही है।
सीपीजे कॉलेज, नरेला में बी.ए. एलएलबी और बीबीए एलएलबी के छात्रों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम दो दिनों तक आयोजित किया गया। राष्ट्रगान के साथ उन्मुखीकरण समारोह की शुरुआत हुई। तत्पश्चात् मुख्यअतिथि मानननीय न्यायमूर्ति एमएल मेहता, पूर्व जज दिल्ली उच्च न्यायालय, सीपीजे के महासचिव डॉ अभिषेक जैन, सीपीजे के डीजी युगांक चतुर्वेदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ सरस्वती वंदना के बीच शुभ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
छात्रों ने रूचिबद्ध होकर कार्यक्रम में भाग लिया और अपने कौतूहल प्रश्नों का उत्तर भी जाना। ओरियेन्टेशन कार्यक्रम का समापन फैकल्टी सदस्य सुश्री गरिमा बैंस द्वारा प्रस्तावित धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए सीपीजे के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद जैन का गहरा आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम को अच्छी तरह से सफल बनाने के लिए उनके योगदान और प्रयासों के लिए मुख्य अतिथि, विधि, छात्रों, फैकल्टी, कर्मचारी को हार्दिक धन्यवाद दिया।

खगड़िया के अलौली में 9-टू-9 कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का शुभारंभ, अभियान को मिलेगी गति

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– सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकेंगे लोग, अलौली के हरिपुर गाँव में सेंटर का शुभारंभ
– सुरक्षित परिवार, खुशियाँ अपार, एक अधूरा, दो से पूरा… नारे के बैनर-पोस्टर से किया जा रहा जागरूक

खगड़िया, 20 अक्टूबर
जिले में जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और संकल्पित है। इसके लिए जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इसके अलावा हर जरूरी कदम भी उठाए जा रहे और आवश्यक निर्णय भी लिए जा रहे हैं। जिसे सार्थक रूप देने के लिए केयर इंडिया की भी टीम स्वास्थ्य विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर चल अपनी जिम्मेदारी में जुटी है। इसी कड़ी में बुधवार को जिले के अलौली प्रखंड अंर्तगत हरिपुर गाँव में 9-टू-9 कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का शुभारंभ हुआ। जहाँ 09 बजे सुबह से लेकर देर रात 09 बजे तक नियमित तौर पर वैक्सीनेशन का कार्य होगा। इस सेंटर का उदघाटन अलौली पीएचसी प्रभारी डाॅ मनीष कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अशोक कुमार, केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार, डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक, प्रखंड प्रबंधक रमण कुमार ने संयुक्त रूप से किया।

– लोग अपनी सुविधानुसार ले सकेंगे वैक्सीन :
अलौली पीएचसी प्रभारी डाॅ मनीष कुमार ने बताया, 9-टू-09 वैक्सीनेशन सेंटर का सुबह के 09 बजे से लेकर 09 बजे रात संचालन होगा। जिससे खासकर वैसे लोगों को सुविधा होगी, जो कामकाजी हैं। यानी ऐसे लोग अपने कार्य का निष्पादन कर देर शाम भी वैक्सीन ले सकेंगे। इससे ना सिर्फ लोगों को सुविधा होगी बल्कि, वैक्सीनेशन अभियान को भी गति मिलेगी।

– वैक्सीनेशन सेंटर के सफल संचालन के लिए शिफ्टवाइज मेडिकल टीम की तैनाती:
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, अलौली के हरिपुर गाँव में शुरू हुए 9-टू-9 कोविड वैक्सीनेशन सेंटर के सफल संचालन के लिए शिफ्ट वाइज मेडिकल टीम की तैनाती की गई है। जिसमें चिकित्सक, एएनएम, डेटा ऑपरेटर समेत अन्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पहला शिफ्ट 09 बजे से दोपहर के 03 बजे तक और दूसरा 03 बजे से देर रात 09 बजे तक होगा।

– वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार को गति देने के लिए शुरू हुआ सेंटर :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, जिले में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार को और तेज गति देने के लिए 9-टू-9 वैक्सीनेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया। इससे जो अपनी दैनिक कार्य में व्यस्तता के कारण वैक्सीन नहीं ले पाए थे अब वह भी सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकेंगे। जिससे लोगों को भी सुविधा होगी और अभियान को गति मिलेगी। वहीं, उन्होंने बताया, वैक्सीन से वंचित लोगों का सर्वे कर वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।

आयोडिन के प्रति लोगों को जागरूक करने को आज से ग्लोबल आयोडिन अल्पता बचाव सप्ताह

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– प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है ग्लोबल आयोडिन अल्पता बचाव दिवस

– सदर अस्पताल सहित सभी अनुमंडल, रेफ़रल अस्पताल, और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम

मुंगेर, 20 अक्टूबर। आयोडिन युक्त नमक का सेवन और मानव जीवन में आयोडिन के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार से 28 अक्टूबर तक ” ग्लोबल आयोडिन अल्पता बचाव सप्ताह मनाया जा रहा है। मालूम हो कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को “ग्लोबल आयोडिन अल्पता बचाव दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर जिलाभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को ले राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी जिलों के सिविल को एक चिट्ठी जारी की है।

जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के सदस्य सचिव और सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि गुरुवार को सदर अस्पताल मुंगेर, अनुमंडल अस्पताल तारापुर सहित जिला के सभी रेफ़रल अस्पताल, सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा सभी हेल्थ और वेलनेस सेन्टर पर भोजन में आयोडिन युक्त नमक की महत्ता के साथ-साथ सम्पूर्ण मानव जीवन में आयोडीन के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना है। इसके लिए सभी अस्पताल के अस्पताल उपाधीक्षक, सभी सीएचसी और पीएचसी के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सीएचओ को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।

21 से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा ” ग्लोबल आयोडिन अल्पता बचाव सप्ताह ” :
उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर के साथ- साथ अगले एक सप्ताह यानी 28 अक्टूबर तक जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभगिता से ” आयोडिन युक्त नमक के सेवन का मानव जीवन में महत्व” विषय पर जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरुकता रैली का आयोजन, सेमिनार, परिचर्चा सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इसके लिए जिला मुख्यालय सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में कम से कम एक रंगीन फ्लैक्स बैनर साइज 7×5 के साथ -साथ हैंड बिल, पोस्टर आदि का भी मुद्रण कराना है। इनके माध्यम से ही जागरूकता रैली, सेमिनार के अलावा घर-घर जाकर के बीच आयोडिन के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार करना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को आयोडिन के महत्व के बारे जागरूक करेगी आशा कार्यकर्ता :
उन्होंने बताया कि जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता हैंड बिल, पोस्टर सहित प्रचार- प्रसार के अन्य मुद्रित माध्यम के सहयोग से घर -घर जाकर लोगों को भोजन में आयोडिन युक्त नमक का इस्तेमाल करने और मानव जीवन में आयोडिन के महत्व के बारे में भी जागरूक करने का प्रयास करेगी । इसके साथ ही वो लोगों को ये भी बताएगी कि आयोडिन की कमी से कौन-कौन से बीमारियां हो सकती हैं। इस दौरान वो गर्भवती महिलाओं को भी अपने भोजन में आयोडिन युक्त नमक का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेगी ताकि उसके आने वाले बच्चे में आयोडिन की कमी से कोई अन्य बीमारी न हो।

लोगों को प्रतिदिन मिलेगी टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा, मरीजों की होगी ऑनलाइन स्वास्थ्य जाँच

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– स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने पत्र जारी कर सभी सिविल सर्जन को दिए निर्देश
– एएनएम के सहयोग से मरीजों को मिलेगी ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा की सुविधा

लखीसराय, 20 अक्टूबर
लोगों को सुविधाजनक तरीके से बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और संकल्पित है। खासकर दुर्गम इलाके के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले, इसके लिए सरकार काफी गंभीर और प्रयासरत है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिदिन लोगों को टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा मिलेगी। जिसके माध्यम से ऑनलाइन मरीजों की स्वास्थ्य जाँच होगी। इस सुविधा को हर हाल में बहाल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग (बिहार सरकार) के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पत्र जारी कर राज्य के सभी सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। पत्र में यह भी कहा है कि यह सेवा eSanjeevani.in के प्रत्येक सोमवार, गुरुवार एवं शनिवार को तथा eSanjeevani OPD के माध्यम से प्रत्येक मंगलवार, बुधवार एवं शुक्रवार को 09 बजे से 02 तक उपलब्ध है। किन्तु, अब यह सेवा प्रत्येक दिन 09 बजे से 04 बजे तक उपलब्ध कराया जाना है।

– जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं आवश्यक निर्देश :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रतिदिन टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा बहाल कराने को लेकर निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं, उन्होंने बताया, इस सेवा के माध्यम से मरीजों की ऑनलाइन स्वास्थ्य जाँच होगी। उन्हें आवश्यक चिकित्सा परामर्श एवं उचित दवाई के सेवन की जानकारी दी जाएगी। इससे ना सिर्फ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगी बल्कि, आने-जाने के लिए लंबी दूरी का सफर भी नहीं करना पड़ेगा। साथ ही अन्य अनावश्यक परेशानियों का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।

– एएनएम के सहयोग से मरीजों को मिलेंगी ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा की सुविधा :-
टेलीमेडिसीन की स्वास्थ्य सुविधा लेने के लिए मरीजों को अपने नजदीकी चयनित स्वास्थ्य संस्थान पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिसके बाद वहाँ तैनात एएनएम द्वारा ऑनलाइन विभाग द्वारा जारी पोर्टल के माध्यम के टेलीमेडिसीन स्वास्थ्य सेवा की सुविधा दिलाई जाएगी। जिसके बाद चिकित्सा परामर्श के अनुसार एएनएम मरीजों को दवाई समेत अन्य चिकित्सा सेवा सुनिश्चित कराएगी। यानी अब इलाज कराने के लिए मरीजों को अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बल्कि, सुविधाजनक तरीके से पूरी तरह निःशुल्क ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– समय पर खाना खाएं और अधिक देर तक भूखा नहीं रहें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।