शिशु को डायरिया- निमोनिया से बचाने के लिए नियमित स्तनपान जरूरी

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– शिशु का जन्म के पहले एक घंटे में स्तनपान करना बनेगा जीवन का वरदान

लखीसराय-

कोरोना संक्रमण के दौर में शिशुओं को सुरक्षित रखने के लिए उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है। शिशुओं के भी पोषण का खास ख्याल रखा जाना जरूरी है। शिशुओं के लिए आधारभूत पोषण में स्तनपान मुख्य रूप से शामिल है। बच्चे के सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए माँ का दूध जरूरी है। माँ के दूध के अलावा 6 महीने तक के बच्चे को ऊपर से पानी देने की भी जरूरत नहीं होती है। स्तनपान कराने से बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होने के साथ वह कई अन्य रोगों से सुरक्षित भी रहते हैं। डायरिया एवं निमोनिया जैसे रोग भी नियमित स्तनपान के कारण बच्चों पर हावी नहीं हो पाते हैं।
निमोनिया- डायरिया से बच्चों को बचाने के लिए शुरुआती स्तनपान जरूरी: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया डायरिया व निमोनिया से बचाव में स्तनपान बहुत ही कारगर है। माँ के दूध की महत्ता को समझते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद कंगारू मदर केयर तकनीक अपनाते हुए बच्चे को माँ की छाती पर रखकर स्तनपान की शुरुआत लेबर रूम के अंदर ही की जाए। साथ ही माँ को स्तनपान की स्थिति, बच्चे का स्तन से जुड़ाव और माँ के दूध निकालने की विधि को समझाने में भी नर्स द्वारा पूरा सहयोग किया जाता है ताकि कोई भी बच्चा अमृत समान माँ के दूध से वंचित न रह जाये।

उन्होंने बताया कि यदि बच्चे को जन्म के पहले एक घंटे के अंदर माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध पिलाया जाये तो ऐसे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चे को छ्ह माह तक लगातार केवल माँ का ही दूध दिया जाना चाहिए और इसके साथ किसी अन्य पदार्थ जैसे पानी, घुट्टी, शहद, गाय अथवा भैंस का दूध नहीं देना चाहिए, क्योंकि 6 माह तक केवल स्तनपान सम्पूर्ण मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए सम्पूर्ण आहार के रूप में काम करता है। बच्चे को हर डेढ़ से दो घंटे में भूख लगती है। इसलिए बच्चे को जितना अधिक बार संभव हो सके माँ का दूध पिलाते रहना चाहिए। माँ का शुरुआती दूध कम होता है लेकिन वह बच्चे के लिए पूर्ण होता है। अधिकतर महिलाएं यह सोचती हैं कि उनका दूध बच्चे के लिए पूरा नहीं पड़ रहा है और वह बाहरी दूध देना शुरू कर देती हैं जो कि एक भ्रांति के अलावा और कुछ भी नहीं है। माँ के दूध में भरपूर पानी और पोषक तत्व होते हैं इसलिए बच्चे को बाहर का कुछ देने की जरूरत नहीं होती।

एक ही गांव में कालाजार के छह मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग गंभीर

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-विदेश से एक्सपर्ट बुलाकर गांव में कराई जा रही है जांच
-विदेशी एक्सपर्ट के साथ मिलकर सिविल सर्जन ने की बैठक

भागलपुर-

कहलगांव प्रखंड के कैरिया पंचायत के शक्ति महागामा गांव के मुसहर टोला में मई से सितंबर तक कालाजार के छह मरीज मिल चुके हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। गांव की जांच के लिए विदेश से एक्सपर्ट बुलाए गए हैं। केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक और विदेश से आए एक्सपर्ट डॉ. ऐना फ्रेंको ने गांव का दौरा भी किया। एक्सपर्ट ने अभी वहां पर बालूमक्खी को पकड़ने की बात कही है। इसके बाद बालूमक्खी की भी जांच की जाएगी। साथ ही गांव के तीन से अधिक उम्र के सभी लोगों के ब्लड सैंपल भी जांच के लिए जाएंगे।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने कहा कि जिले को कालाजार से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। एक ही गांव से छह मरीजों का मिलना गंभीर मामला है। इसे लेकर जांच चल रही है। जांच के परिणाम निकलने के बाद एहतियातन कदम उठाए जाएंगे। साथ ही आगे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गांव में कोई भी कालाजार के मरीज नहीं निकले। केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक ने बताया कि गांव में सितंबर में सिंथेटिक पायराथायराइड के छिड़काव के बाद से एक भी मरीज नहीं निकला है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम सतर्क है। अभी विदेश से आए एक एक्सपर्ट मामले की जांच कर रहे हैं कि आखिर क्या कारण है कि एक ही गांव के एक टोला से इतने मरीज निकल रहे हैं। आगे दो और विदेशी एक्सपर्ट आकर मामले की जांच करेंगे।
जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल पदाधिकारी डॉ. कुंद भाई पटेल ने बताया कि कालाजार से बचाव को लेकर लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए। लोग घरों के आसपास पानी नहीं जमने दें। यदि जलजमाव की स्थिति है तो उसमें किरासन तेल डालें। सोते समय मच्छरदानी लगाएं, साथ ही बच्चों को पूरा कपड़ा पहनायें व शरीर पर मच्छररोधी क्रीम लगाएं। कालाजार को देखते हुए अपने घरों की भीतरी दीवारों और बथानों में कीटनाशक का छिड़काव करने व आसपास के हिस्से को सूखा व स्वच्छ रखें।
कालाजार की ऐसे करें पहचान: डॉ. पटेल ने बताया कि कालाजार एक वेक्टर जनित रोग है। कालाजार के इलाज में लापरवाही से मरीज की जान भी जा सकती है। यह बीमारी लिश्मैनिया डोनोवानी परजीवी के कारण होता है। कालाजार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलने वाली बीमारी है। दरअसल, यदि किसी संक्रमित व्यक्ति को बालूमक्खी काट लेती है और वह फिर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटती है तो इस तरह से स्वस्थ व्यक्ति भी चपेट में आ जाता है। इस लिहाज से यह एक से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। यदि व्यक्ति को दो सप्ताह से बुखार और तिल्ली और जिगर बढ़ गया हो तो यह कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। साथ ही मरीज को भूख न लगने, कमजोरी और वजन में कमी की शिकायत होती है। यदि इलाज में देरी होती है तो हाथ, पैर व पेट की त्वचा काली हो जाती है। बाल व त्वचा की परत भी सूखकर झड़ते हैं। उन्होंने बताया कालाजार के संभावित लक्षण दिखने पर क्षेत्र की आशा से तुरंत संपर्क करना चाहिए और रोगी को किसी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए।

पूजा पंडालों में लगे टीकाकरण केंद्र पर काफी लोग ले रहे कोरोना टीका

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-दो दिनों में 15 सौ से अधिक लोगों ने लिया कोरोना का टीका
-शहरी क्षेत्र में 14 और प्रखंडों के एक-एक पंडालों में बने हैं केंद्र

भागलपुर-

कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है। जिले में प्रतिदिन टीकाकरण तो हो ही रहा है। समय-समय पर अभियान भी चलाया जा रहा है। अब दुर्गापूजा में बने पंडालों में भी कोरोना टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इसके तहत जिले के सभी प्रखंडों के एक-एक पूजा पंडालों और शहरी क्षेत्र के 14 पूजा पंडालों में कोरोना टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। इसकी शुरुआत मंगलवार से हुई और यह शुक्रवार तक चलेगा। सबसे खास बात यह है कि यहां पर सुबह नौ से रात नौ बजे तक टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इस 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर टीका और एएनएम की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई है तो डाटा ऑपरेटर समेत अन्य सुविधाएं केयर इंडिया उपलब्ध करा रही है। प्रचार-प्रसार का काम भी केयर इंडिया की तरफ से करवाया जा रहा है।
मंगलवार को पहले दिन शहरी क्षेत्र के 14 पूजा पंडालों में 330 तो ग्रामीण क्षेत्रों के 16 पंडालों में भी इतने ही लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। यानी कि पहले दिन 660 लोगों को पूजा पंडालों में कोरोना का टीका लगाया गया। बुधवार को तो शाम सात बजे तक ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के पूजा पंडालों में टीका लेने वालों का आंकड़ा 660 को पार कर गया था। केयर इंडिया के जितेंद्र कुमार ने बताया कि दो दिनों में टीका लेने वालों की संख्या 15 सौ को पार कर गई है। अभी दो दिन और यहां पर टीकाकरण होगा। उम्मीद है कि काफी संख्या में लोग कोरोना का टीका लेंगे।
दूसरी डोज लेना नहीं भूलेः जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। इसे लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पूजा पंडालों में भी 12 घंटे के टीकाकरण केंद्रों पर काफी संख्या में लोग टीका ले रहे हैं। इसके अलावा 18 से 20 अक्टूबर तक वोटर लिस्ट के जरिये टीका लेने और नहीं लेने वालों को चिह्नित किया जाएगा। टीका नहीं लेने वालों के लिए 22 अक्टूबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। लोगों से मेरी अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में कोरोना का टीका लें। साथ ही टीके की दूसरी डोज लेना नहीं भूलें। जब तक टीके की दोनों डोज नहीं लेंगे, तब तक आपके टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
स्टेशन पर बाहर से आने वालों की हो रही जांचः एक तरफ कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है ही, दूसरी तरफ कोरोना जांच भी काफी लोगों की हो रही है। अभी त्यौहारों को लेकर बड़ी संख्या में लोग बाहर से घर आ रहे हैं। इसे लेकर स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बाहर से आने वालों की जांच कर रही है। बाहर से आने वाले कोई भी व्यक्ति बिना जांच कराए बाहर न चला जाए, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग आरपीएफ से भी मदद ले रहा है। आरपीएफ के जवान ट्रेन से उतरने वाले लोगों की जांच सुनिश्चित करा रहे हैं।

जिले के 32 पूजा पंडालों में 09 टू 09 पाँच दिवसीय कोविड वैक्सीनेशन व जाँच शिविर का संचालन

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– सुरक्षित परिवार, खुशियाँ अपार इसलिए सुरक्षा के लिए जरूर कराएं वैक्सीनेशन
– वैक्सीनेशन के साथ-साथ कोविड की भी हो रही जाँच, वैक्सीन एवं बचाव को लेकर किया जाएगा जागरूक

बेगूसराय-

कोविड-19 संक्रमण से लोग सुरक्षित होकर त्यौहार मनाएं और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के लिए वैक्सीनेशन का कार्य बाधित नहीं हो, इस उद्देश्य से इसबार दुर्गा पूजा के अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों के पूजा पंडालों में कोविड वैक्सीनेशन एवं जाँच शिविर का आयोजन कर लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। साथ ही सुरक्षित परिवार, खुशियाँ अपार समेत अन्य स्लोगन लिखे बैनर-पोस्टर के माध्यम से लोगों को वैक्सीन के प्रति प्रेरित और बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और इस महामारी को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सके। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह के निर्देश के आलोक में सिविल सर्जन डाॅ विनय कुमार झा के निर्देशानुसार सोमवार से ही जिले के सभी पूजा पंडालों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर की शुरुआत कर दी गई है।

– 32 पूजा पंडालों में किया गया विशेष वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन :
सिविल सर्जन डाॅ विनय कुमार झा ने बताया, राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार जिले के 32 पूजा पंडालों में विशेष वैक्सीनेशन एवं जाँच शिविर आयोजित किया गया है। जिसके माध्यम से लोगों को वैक्सीनेट एवं जाँच की जा रही है। ताकि त्यौहार के अवसर पर बाहर से आने वाले लोगों की ससमय जाँच हो सके और वैक्सीन से वंचित लोगों को वैक्सीनेट किया जा सके। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो। वहीं, उन्होंने बताया, बेगूसराय शहरी क्षेत्र में 03 एवं ग्रामीण क्षेत्र 29 सेशन साइटों पर विशेष वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया है।

– शिविर के सफल संचालन के लिए शिफ्ट वाइज मेडिकल टीम की गई है तैनाती :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ गोपाल मिश्रा ने बताया, दुर्गा पूजा के अवसर पर संचालित विशेष वैक्सीनेशन शिविर के सफल संचालन के लिए जिले के सभी शिविर स्थलों पर शिफ्ट वाइज मेडिकल टीम की तैनाती की गई है। जिसमें चिकित्सक के साथ एएनएम, डेटा ऑपरेटर, जाँच कर्मियों की तैनाती की गई है। ताकि अधिकाधिक लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और एक भी लोग वैक्सीन से वंचित नहीं रहे। वहीं, उन्होंने बताया, बेगूसराय बीएमपी कैंप में भी विशेष वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया।

– 15 अक्टूबर तक चलेगा 05 दिवसीय विशेष वैक्सीनेशन शिविर :
केयर इंडिया के डीटीएल गुंजन गौरव ने बताया, पूजा पंडालों में संचालित 09 टू 09 वैक्सीनेशन व जाँच शिविर का समापन 15 अक्टूबर को होगा। इस दौरान पूजा पंडालों में आने वाले लोगों की कोविड-19 जाँच एवं वैक्सीन से वंचित लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। ताकि शत-प्रतिशत लोगों के वैक्सीनेशन सुनिश्चित के साथ-साथ संक्रमण का भी खतरा उत्पन्न नहीं हो।

– कोविड-19 से बचाव के लिए किया जा रहा है जागरूक :
यूनिसेफ के बीएमसी मुकेश कुमार ने बताया, दुर्गा पूजा के अवसर पर पूजा पंडालों में आयोजित वैक्सीनेशन एवं जाँच शिविर के माध्यम से आने वाले लोगों को बैनर-पोस्टर के माध्यम से जहाँ इस महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, वैक्सीन से वंचित लोगों का वैक्सीनेशन भी किया जा रहा है। ताकि सामुदायिक स्तर पर लोग जागरूक हो सकें और हर हाल में इस महामारी को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सके।

– स्वास्थ्य विभाग की सराहनीय पहल :
बीएमपी कैंप के कमांडेंट मनोज कुमार तिवारी ने बताया, दुर्गा पूजा अवसर पर विशेष वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल सराहनीय है। इससे ना सिर्फ वैक्सीनेशन अभियान को गति मिलेगी बल्कि, पूजा के अवसर पर बाहर से आने वाले लोगों का भी समय पर सुविधाजनक तरीके से कोविड जाँच होगी और संक्रमण के खतरे पर विराम लगेगा। साथ ही वैक्सीन से वंचित लोगों का वैक्सीनेशन भी होगा।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें और प्रोटोकॉल का पालन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

पूजा पंडालों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित, लोगों को दी जा रही है वैक्सीन

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– 09 टू 09 पाँच दिवसीय वैक्सीनेशन शिविर का पंडालों में संचालन, मेडिकल टीम की तैनाती
– वैक्सीनेशन के साथ कोविड जाँच, वैक्सीन एवं बचाव को लेकर किया जा रहा जागरूक

खगड़िया-

दुर्गा पूजा के अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों के पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं को कोविड-19 से बचाव के लिए बैनर-पोस्टर के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। साथ ही अबतक किसी भी कारण जो व्यक्ति वैक्सीन नहीं ले पाएं, उन्हें पूजा पंडाल परिसर में आयोजित विशेष वैक्सीनेशन शिविर में वैक्सीन दी जा रही है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और इस महामारी को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सके। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह के निर्देश के आलोक में सिविल सर्जन डाॅ अजय कुमार सिंह के निर्देशानुसार सोमवार से ही जिले के सभी पूजा पंडालों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर की शुरुआत कर दी गई है। वहीं, खगड़िया सदर पीएचसी अंतर्गत बड़ी दुर्गा मंदिर सन्हौली के पूजा पंडाल में स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 09 टू 09 वैक्सीनेशन शिविर का संचालन हो रहा है।

– जिले के सभी प्रखंडों के पूजा पंडालों एवं रेलवे स्टेशन परिसर में शिविर का हो रहा है संचालन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर दुर्गा पूजा के अवसर पूजा पंडालों में विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित कर वैक्सीन से वंचित लोगों को वैक्सीनेटेड करने एवं कोविड-19 जाँच करने का निर्देश प्राप्त हुआ था। जिसके आलोक में सोमवार से जिले के सभी प्रखंडों के पूजा पंडालों एवं रेलवे स्टेशन परिसर में विशेष वैक्सीनेशन शिविर शुरू कर दिया है। जिसके माध्यम से लोगों को वैक्सीन दी जा रही एवं जाँच भी जा रही है। ताकि जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो।

– शिविर के सफल संचालन के लिए शिफ्ट वाइज मेडिकल टीम की गई है तैनाती :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, दुर्गा पूजा के अवसर पर संचालित विशेष वैक्सीनेशन शिविर के सफल संचालन के लिए जिले के सभी शिविर स्थलों पर शिफ्ट वाइज मेडिकल टीम की तैनाती की गई है। जिसमें चिकित्सक के साथ एएनएम, डेटा ऑपरेटर, जाँच कर्मियों की तैनाती की गई है। ताकि अधिकाधिक लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और एक भी लोग वैक्सीन से वंचित नहीं रहें।

– 15 अक्टूबर तक चलेगा 05 दिवसीय विशेष वैक्सीनेशन शिविर :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, पूजा पंडालों में संचालित 09 टू 09 वैक्सीनेशन व जाँच शिविर 15 अक्टूबर चलेगा। इस दौरान पूजा पंडालों में आने वाले लोगों की कोविड-19 जाँच एवं वैक्सीन से वंचित लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। ताकि शत-प्रतिशत लोगों के वैक्सीनेशन सुनिश्चित के साथ-साथ संक्रमण का भी खतरा उत्पन्न नहीं हो।

– कोविड-19 से बचाव के लिए किया जा रहा है जागरूक :
खगड़िया सदर पीएचसी में तैनात केयर इंडिया की प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी ने बताया, दुर्गा पूजा के अवसर पर पूजा पंडालों में आयोजित वैक्सीनेशन एवं जाँच शिविर के माध्यम से आने वाले लोगों को बैनर-पोस्टर के माध्यम से जहाँ इस महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, वैक्सीन से वंचित लोगों का वैक्सीनेशन भी किया जा रहा है। ताकि सामुदायिक स्तर पर लोग जागरूक हो सकें और हर हाल में इस महामारी को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सके।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें और प्रोटोकॉल का पालन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

माँ चंडिका स्थान, बड़ी दुर्गा स्थान सहित जिलाभर के पूजा पंडालों में कोरोना जांच एवं टीकाकरण का विशेष सत्र स्थल

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– 11 से 15 अक्टूबर तक सभी पूजा- पंडालों में विशेष सत्र का आयोजन

– सत्र स्थल पर सफाई, पेयजल और बैठने की व्यवस्था

मुंगेर, 12 अक्टूबर-

देश के 52 शक्तिपीठों में से एक माँ चंडिका स्थान, बड़ी दुर्गा स्थान सहित जिला भर के पूजा पंडालों में कोरोना जांच एवं टीकाकरण का विशेष सत्र स्थल बनाया गया है। शारदीय नवरात्र के दौरान 11 से 15 अक्टूबर तक जिला भर के सभी प्रमुख पूजा- पंडालों में विशेष सत्र यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को चिट्ठी जारी की है।

मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक द्वारा जारी चिट्ठी के अनुसार जिला के वैसे लाभार्थी जिन्होंने नियमित सत्र के दौरान अभी तक किसी कारणवश कोरोना का टीका नहीं लिया है और वैसे प्रवासी जो दुर्गा पूजा की छुट्टियों में अपने-अपने घर आये हैं उन सभी के लिए प्रखण्ड स्तर पर सुबह 9 बजे से रात्रि के 09 बजे तक यानी 9 टू 9 कोविड वैक्सीनेशन और टेस्टिंग के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही दुर्गा पूजा के अवसर पर राज्य से बाहर से आने वाले प्रवासी और स्थानीय लोग भी काफी संख्या में पूजा के दौरान आयोजित किए जाने वाले मेला/समारोह में घूमते-फिरते हैं इस दौरान भी कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसको ध्यान में रखते हुए जिलास्तर, अनुमंडल स्तर और प्रखण्ड स्तर पर विशेष सत्र आयोजित कर सभी लोगों के लिए कोरोना जांच और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है।

जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) नसीम रजि ने बताया कि केयर इंडिया के सहयोग से जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के द्वारा शहर के चंडिका स्थान, बड़ी दुर्गा स्थान, शादीपुर मुंगेर सहित सभी प्रमुख पूजा पंडालों में कोरोना जांच और टीकाकरण के विशेष सत्र का आयोजन किया गया है। इन सभी सत्र स्थलों पर साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ-साथ लाभार्थियों के लिए पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, सेल्फी स्टेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण चीजों की व्यवस्था की गई है। इन विशेष सत्र स्थल पर टीका कर्मी दल की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की गयी है।

त्यौहारों के इस मौसम में सभी लोग इन सावधानियों का रखें विशेष ख्याल :

– त्यौहार के दौरान पूजा पंडाल या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले सभी लोग अनिवार्य रूप से मास्क का इस्तेमाल करें ।

– इस दौरान हाथों कि नियमित साफ-सफाई के लिए साबुन या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

– भीड़ भाड़ वाले जगह पर जाने से पर सभी शारीरिक दूरी के नियम के तहत एक-दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी बरतें।

करहरिया और विजयनगर में 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र की शुरुआत

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-जिले के सभी प्रखंड के एक केंद्र पर सुबह नौ से रात नौ बजे तक शुरू हुआ टीकाकरण
-टीकाकरण केंद्र पर अधिक से अधिक लोग ले टीका, प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है

बांका, 12 अक्टूबर
दुर्गापूजा के दौरान अधिक से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगे, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर रखी है। मंगलवार को बांका शहर के विजयनगर और करहरिया स्थित पूजा पंडालों में टीकाकरण केंद्र का उद्घाटन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र मंडल ने दोनों टीकाकरण केंद्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। मौके पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी और केयर इंडिया के डीटीएस डॉ. तौसीफ कमर भी मौजूद थे। इसके अलावा जिले के सभी प्रखंडों में भी 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र का उद्घाटन किया गया। यहां पर सुबह नौ से रात नौ बजे तक लोगों को कोरोना का टीका दिया जाएगा। इस केंद्र पर एएनएम और टीका की व्यवस्था जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से रहेगी। इसके अलावा डाटा ऑपरेटर से लेकर अन्य सभी तरह के इंतजाम केयर इंडिया करेगी। इसे लेकर केयर इंडिया की तरफ से प्रचार- प्रसार का भी काम कराया जा रहा है। इसके अलावा गांधी चौक पर 9 टू 9 टीकाकरण की व्यवस्था पहले की ही तरह चलती रहेगी।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि त्यौहार में बड़ी संख्या में बाहर से लोग घर आते हैं। ऐसे लोगों में से जिन लोगों ने कोरोना का टीका नहीं लिया है, उनका टीकाकरण इन केंद्रों पर किया जाएगा। साथ ही जिले में रह रहे लोगों में से अब तक जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लिया है, उन्हें भी टीका लेने के लिए जागरूक किया जाएगा। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा नियमित टीकाकरण पहले की ही तरह चलता रहेगा। लोगों से मेरी अपील है कि अगर आपने अब तक कोरोना का टीका नहीं लिया है तो जल्द से जल्द टीका ले लें। साथ ही जिनका समय पूरा हो गया है, वे दूसरी डोज अवश्य ले लें। टीके की दोनों डोज लेना जरूरी है। एक डोज लेकर टीकाकरण की प्रक्रिया को पूरी नहीं समझें।
बाहर से आने वाले व्यक्ति जांच जरूर करवाएं : सिविल सर्जन ने कहा कि त्यौहार पर बाहर से आने वाले लोग अपनी जांच जरूर करवाएं। इससे कोरोना का संक्रमण नहीं होगा। अगर बाहर से आने वाले व्यक्ति में कोरोना के लक्षण होंगे तो जांच में यह बात स्पष्ट हो जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें आइसोलेट कर इलाज किया जाएगा। इससे दूसरे लोगों में संक्रमण नहीं होगा, इसलिए बाहर से आने वाले व्यक्ति अपनी कोरोना जांच जरूर करवाएं। साथ ही यह परिजनों की भी जिम्मेदारी है कि वह बाहर से घर आने वालों की नजदीकि अस्पताल ले जाकर कोरोना जांच कराएं।
भीड़भाड़ से बचेः त्यौहार के मौसम में हमेशा भीड़भाड़ की संभावना रहती है। एक साथ कई लोग पूजा करने और मेला देखने के लिए घर से निकलते हैं, इसलिए भीड़ लगने की आशंका रहती है। इसलिए भीड़ से बचें। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करें। एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाकर रहें। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई आवश्यक तौर पर करें। ऐसा करते रहने से आप भी कोरोना से बचे रहेंगे, साथ ही दूसरे लोगों में भी संक्रमण नहीं होगा।

वोटर लिस्ट के जरिये कोरोना का टीका लेने वालों का किया जाएगा सर्वे

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-18 से 20 अक्टूबर तक जिले के सभी प्रखंडों में किया जाएगा सर्वे
-छूटे हुए लोगों के लिए 22 अक्टूबर को चलाया जाएगा विशेष अभियान

भागलपुर, 12 अक्टूबर-

जिले की कितनी आबादी ने अब तक कोरोना का टीका लिया और कितने लोगों ने टीका नहीं लिया है, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग सर्वे कराएगा। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि 18 से 20 अक्टूबर तक जिले के सभी 16 प्रखंड में टीका लगवाने वालों का सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे में वोटर लिस्ट के जरिये लोगों के पास स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचेगी और पता करेगी कि कितने लोगों ने लगवाया है और कितने लोगों ने नहीं। इससे जिले में टीकाकरण की सही वस्तुस्थिति को जाना जा सकेगा।
इसे लेकर जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी और सीडीपीओ को जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष सह जिलाधिकारी डॉ. सुब्रत कुमार सेन ने पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि जिले में कोरोना टीकाकरण को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। 16 जनवरी से हमलोगों ने बेहतरीन कार्य किया है। पूरी आबादी कोरोना का टीका ले, इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। सर्वे को हाल ही में पूरा करना है। यह सर्वे पंचायत चुनाव के वोटर लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। सर्वे के बाद जिनलोगों ने कोरोना का टीका नहीं लिया है, उन्हें 22 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विशेष टीकाकरण अभियान में टीका लगवाया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में 98 प्रतिशत से अधिक लोगों ने लगवाया टीकाः जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि अब तक शहरी क्षेत्र के 98 प्रतिशत से अधिक आबादी ने कोरोना का टीका ले लिया है। इसलिए यह सर्वे शहरी क्षेत्र में नहीं होगा। ग्रामीण क्षेत्र में टीका लेने वालों की संख्या कम है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कराकर टीका नहीं लेने वालों को चिह्नित कर उन्हें टीका दिलवाने का काम कराया जाएगा। लोगों से मेरी अपील है कि जिनलोगों ने कोरोना का टीका नहीं लिया है, वे लोग जल्द से जल्द टीका ले लें। साथ ही जिनलोगों ने कोरोना का एक टीका लिया है और उनका समय पूरा हो गया है, वे लोग अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर टीका की दूसरी डोज अवश्य लें। टीके की दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी और कोरोना से सुरक्षित रहेंगे।
जिले के 35 पंडालों में 12 घंटे का टीकाकरण केंद्र शुरूः उधर, सोमवार को प्रखंडों के बाद मंगलवार को शहरी क्षेत्र के भी 15 पंडालों में 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र की शुरुआत हो गई। इससे पहले सोमवार को 16 प्रखंडों के 20 दुर्गापूजा पंडालों में 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र की शुरुआत सोमवार को हुई थी। इन केंद्रों पर सुबह नौ से रात 12 बजे तक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। इन केंद्रों पर टीका और एएनएम की व्यवस्था जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से की गई है। डॉटा ऑपरेटर और अन्य तरह के इंतजाम केयर इंडिया ने किया है। केयर इंडिया की ओर से प्रचार-प्रसार भी करवाया जा रहा है।

फाइलेरिया से बचाव को हर किसी को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा का सेवन जरूरी : सुभद्रा देवी

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– 10 वर्षों से फाइलेरिया से पीड़ित सुभद्रा देवी ने खुद भी खाई दवा और लोगों से भी की खाने की अपील की
– बोली सुभद्रा कैसे हो गई पीड़ित पता नहीं, पर कहीं ना कहीं लापरवाही तो जरूर हुई

खगड़िया-

फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में चल रहे एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ केयर इंडिया की टीम भी कदम से कदम मिलाकर अपनी जिम्मेदारी में जुटी हुई है। ताकि हर हाल में निर्धारित समयावधि के अंदर शत-प्रतिशत लोगों को दवाई का सेवन सुनिश्चित हो सके और अभियान सफल हो सके। इसी कड़ी में केयर इंडिया के डीपीओ-भीएल कृष्णा कुमार भारती के नेतृत्व में जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत राका गाँव में एमडीए अभियान चलाया गया। इस दौरान दवाई का सेवन कराने वाली स्वास्थ्य टीम 10 वर्ष से फाइलेरिया से पीड़ित सुभद्रा देवी (पति पवन साह) के घर पहुँची कि सुभद्रा ने उत्साह के साथ दवाई का सेवन किया एवं इस बीमारी से बचाव के लिए अन्य लोगों से भी दवाई सेवन करने की अपील की। सुभद्रा दाएं पैर में हाथी पाँव से पीड़ित हैं।

– कैसे हो गई पीड़ित पता नहीं, पर कहीं ना कहीं लापरवाही तो जरूर हुई :
दवाई सेवन के बाद सुभद्रा देवी ने बताया, मैं कैसे पीड़ित हो गई, इस बात की जानकारी तो नहीं है। पर यह सच है कि कहीं ना कहीं हमसे लापरवाही जरूर हुई होगी। इसलिए, मैं अन्य सभी लोगों से अपील करती हूँ कि इस बीमारी से बचाव के लिए निश्चित रूप से दवाई का सेवन करें। साथ ही बचाव के लिए सजग भी रहें और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बताए गए बचाव से संबंधित बातों का पालन करें। यही सबसे बेहतर कदम है। अन्यथा, थोड़ी सी चूक भी बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।

– स्वास्थ्य टीम के सामने करें दवाई का सेवन :
सुभद्रा देवी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य टीम के सामने ही दवाई का सेवन करें। दवाई पूर्णतः सुरक्षित है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। मैं पीड़ित होने के बाबजूद भी स्वास्थ्य टीम के सामने दवाई का सेवन की और सुरक्षित हूँ। स्वास्थ्य टीम के सामने दवाई खाने से सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर आपको सामान्य साइड इफेक्ट होता भी है तो उसका तुरंत उपाय भी होगा। वहीं, उन्होंने कहा, मैं दूसरे पैर समेत शरीर के अन्य हिस्सों को सुरक्षित रखने के लिए दवाई का सेवन किया और आप पूरी सुरक्षित रहने के लिए निश्चित रूप से दवाई का सेवन करें।

– कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ एवं तय मानकों के अनुसार खिलाई जा रही है दवा :
केयर इंडिया के डीपीओ-भीएल कृष्णा कुमार भारती ने बताया, अभियान को हर हाल में पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए जिले में लगातार एमडीए अभियान चल रहा है। जिसके दौरान कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ एवं तय मानकों के अनुसार सुपरवाइजर के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा योग्य व्यक्तियों को दवाई खिलाई जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया, अभियान के दौरान जिले के सभी प्रखंडों में स्थानीय लोगों का भी सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक सहयोग मिल रहा है एवं सभी लोग दवाई खाने के लिए आगे आ रहे हैं, जो सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव का बड़ा संकेत है। वहीं, उन्होंने बताया, हर धर्म, हर समुदाय के लोग दवाई का सेवन के लिए आगे आ रहे हैं और अभियान को लगातार गति मिल रही है।

मुंगेर को फाइलेरिया से मुक्त बनाने को संकल्पित हों जिलावासी : मेयर

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– जिला में 20 सितंबर से चल रहा है सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम

– लोग खुद के साथ अपने परिजनों और दोस्तों को दवा सेवन के लिए करें प्रेरित

मुंगेर –

फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से मुंगेर को मुक्त बनाने में जिला के सभी लोग संकल्पित होकर आगे आएं और स्वास्थ्य कर्मी के सामने खुद दवा खाने के साथ ही अन्य लोगों को भी दवा खाने के लिए प्रेरित करें। उक्त बातें सोमवार को नवरात्रि के अवसर पर जिले में सर्वजन दवा सेवन अभियान की सफलता को ले मुंगेर की जनता से अपील करते हुए मुंगेर नगर निगम की मेयर रूमा राज ने कही। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया या हाथी पांव एक गम्भीर बीमारी है। इस बीमारी से मुंगेर जिला भी काफी प्रभावित है। हाथी पांव के साथ-साथ हाइड्रोसिल का बढ़ जाना भी फाइलेरिया के ही कारण होता है। हालांकि एक छोटे से ऑपरेशन के बाद बढ़े हुए हाइड्रोसिल से तो निजात मिल जाती है लेकिन यदि किसी को हाथी पांव की बीमारी हो जाती है तो उसे ताउम्र उसके साथ ही गुजारना पड़ता है। इस बीमारी से बचने का एक ही जरिया है कि दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग साल में कम से कम एक बार अवश्य फाइलेरिया की दवा के रूप में अल्बेंडाजोल और डीईसी की टैब्लेट का सेवन करें। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवम किसी गम्भीर बीमारी से ग्रसित लोग इस दवा का सेवन नहीं करें। हालांकि बच्चों को स्तनपान कराने वाली माताएं फाइलेरिया के दवा के रूप में अल्बेंडाजोल और डीईसी की टैब्लेट का सेवन कर सकती हैं।

जिला में 20 सितंबर से चल रहा है एमडीए अभियान :
उन्होंने बताया कि विगत 20 सितंबर से ही जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंड़ों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सहयोग से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा के रूप में अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिला रहे हैं। आमलोगों से अपील करते हुए उन्होने कहा कि फाइलेरिया जैसी बीमारी को मुंगेर से दूर भगाने के लिए सभी जिला वासी जब भी उन्हें फाइलेरिया की दवा खिलाने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता की टीम उनके घर जाए तो वो स्वयं उनके सामने दवा खाने के साथ ही अपने परिवार के सभी लोगों, आस पास रहने वाले सभी लोगों और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक टैब्लेट, पांच वर्ष से 15 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक तथा 15 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी की तीन एवं अल्बेंडाजोल की एक टैब्लेट दिया जाना है। अल्बेंडाजोल की गोली को चबाकर कर डीईसी की गोली पानी के साथ निगल का खाना है। इन दवाओं को खाली पेट कभी भी नहीं खाना है । यदि फाइलेरिया की दवा खाने के बाद किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी महसूस होती है तो तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं।