कोरोना टीकाकरण को लेकर आज चलेगा महाअभियान

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-अभियान को लेकर बनाए गए हैं लगभग 300 केंद्र

-हजारों लोगों को कोरोना का टीका देने का है लक्ष्य

बांका-
कोरोना टीकाकरण को लेकर शनिवार को एक बार फिर से महाअभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिले भर में लगभग 300 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं तो हजारों लोगों को इस दौरान कोरोना का टीका देने का लक्ष्य रखा गया है। सभी टीकाकरण केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है। इनलोगों को समय से थोड़ा पहले केंद्र पर पहुंचने के लिए कहा गया है, ताकि टीकाकरण अभियान में किसी तरह की देरी नहीं हो और लाभुकों को कोई परेशानी नहीं हो।
डीपीएम प्रभात कुमार राजू ने बताया कि महाअभियान को लेकर सारी तैयारी कर ली गई है। इस बार भी काफी संख्या में जिले के लोग कोरोना का टीका लें, इसे लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी केंद्रों पर पहली और दूसरी, दोनों डोज दिया जाएगा। इसलिए जिनलोगों का समय पूरा हो गया है, वे लोग टीके की दूसरी डोज अवश्य लें। साथ ही जिनलोगों ने एक भी डोज नहीं लिया है, वे तत्काल अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर टीका लें। त्यौहार को लेकर बाहर से आने वाले लोग अगर टीका नहीं लिए हैं तो वह जरूर टीका लें। बाहर से आने वाले लोग अपनी कोरोना जांच जरूर कराएं।
सदर प्रखंड में बनाए गए 25 केंद्रः महाअभियान को लेकर बांका सदर प्रखंड में 25 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों के लिए डाटा ऑपरेटर और एएनएम की नियुक्ति कर दी गई है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया है। साथ ही स्थानीय लोगों से अधिक से अधिक संख्या में आकर कोरोना का टीका लेने की अपील की गई है।
1100 लोगों ने लिया कोरोना का टीकाः उधर, शुक्रवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 1100 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। टीका लेने वालों में पहली और दूसरी, दोनों डोज लेने वाले लोग शामिल थे। टीका देने के बाद सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी को कोई परेशानी नहीं होने पर घर जाने दिया गया। साथ ही जिनलोगों ने कोरोना टीके की पहली डोज ली, उन्हें समय पर आकर दूसरी डोज लेने की हिदायत दी गई।
400 लोगों की हुई जांचः शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को 250 लोगों की एंटीजन किट से जांच हुई। साथ ही 150 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया। डॉ. चौधरी ने बताया कि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, इसके बावजूद सभी लोगों को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। भीड़भाड़ से बचने और एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया। साथ ही बाहर से घर आने पर हर हाल में 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई करने के लिए कहा गया।

जीविका दीदियों को सुरक्षित गर्भपात के बारे में दिया गया प्रशिक्षण

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-बौंसी में सुरक्षित गर्भपात पर जागरूकता लाने के बारे में कहा गया
-समाज के सभी लोगों को इस पर काम करने की बताई गई जरूरत
बांका-

सुरक्षित गर्भपात कानूनी तौर पर वैध है या नहीं, इस बात की जानकारी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को नहीं है। इसी जानकारी देने के उद्देश्य से शुक्रवार को बौंसी प्रखंड में आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के तत्वावधान में जीविका दीदियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आईपास के रिसर्च एंड ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर रितेश रंजन ने सुरक्षित गर्भसमापन और गर्भपात कानून के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कई महिलाएं अनचाहे रूप से गर्भवती हो गईं। कोरोना के कारण वह अपना सुरक्षित गर्भपात भी नहीं करा पायीं। सरकारी अस्पतालों में मिल रही सुविधाओं से वह वंचित रह गईं। लिहाजा उन महिलाओं का गर्भ अब पहली तिमाही से दूसरी तिमाही में प्रवेश कर चुका है। इसलिए उनका सुरक्षित तरीके से चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है। इससे वह सुरक्षित तरीके से अपना गर्भपात करा सकेंगी। इसे लेकर समाज में जागरूकता लानी होगी। इस पर सभी लोगों को प्रयास करने की जरूरत है।
सुरक्षित गर्भपात को लेकर परिजनों को ध्यान देने की जरूरतः
रितेश रंजन ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट -1971 के तहत 20 सप्ताह तक के गर्भ को समाप्त करने की कानूनी तौर पर इजाजत है। 1971 में बने इस कानून को लेकर हालांकि कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। इसे लेकर परिजनों को खास ध्यान देने की आवश्यकता है। बिचौलिये के संपर्क में नहीं पड़ना चाहिए। समस्या होने पर पास के सरकारी अस्पताल से संपर्क करना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में कानूनी तौर पर निःशुल्क गर्भपात की सुविधा है। विशेष परिस्थिति पैदा होने पर एंबुलेंस के जरिये महिला मरीज को अच्छी जगह भेजने की व्यवस्था मौजूद है। 12 सप्ताह तक एक प्रशिक्षित डॉक्टर और 13 से 20 सप्ताह के अंदर तक दो प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी में सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पताल में गर्भपात होनी चाहिए।
दूसरी तिमाही में गर्भपात कराने के लिए जाएं मायागंजः
आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के रितेश रंजन ने कहा कि भारत में होने वाली मातृ मृत्यु में आठ प्रतिशत मृत्यु असुरक्षित गर्भपात के कारण होती है। यदि किसी महिला को माहवारी के दिन चढ़ गए हो या उससे अनचाहे गर्भ ठहरने की आशंका हो तो तत्काल आशा या एएनएम से संपर्क करना चाहिए। या फिर डॉक्टर को दिखाना चाहिए। यदि गर्भधारण की पुष्टि होती है और महिला गर्भ नहीं रखना चाहती है तो तत्काल गर्भपात का निर्णय लेना चाहिए। अगर गर्भ नौ सप्ताह तक का है तो गोलियों से भी गर्भपात हो सकता है। गर्भपात जितना जल्द कराया जाता है, उतना ही सरल और सुरक्षित रहता है। बौंसी रेफरल अस्पताल में सिर्फ पहली तिमाही में गर्भपात सेवा दी जाती है। दूसरी तिमाही में गर्भपात कराने के लिए भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल का रुख करना चाहिए। गर्भपात के साथ तत्काल गर्भनिरोधक साधनों का उपयोग करना चाहिए। गर्भपात और गर्भधारण के बीच छह महीने का अंतराल होना जरूरी है।

ग्रामीण विकास ट्रस्ट ने जल जीवन मिशन के साथ मनाई गांधी जयंती 2021

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जल जीवन मिशन के रूप में प्रधानमंत्री के प्रमुख कार्यक्रम के तहत दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए दृष्टि की कल्पना करते हुए, ग्रामीण विकास ट्रस्ट ने इस वर्ष गांधी जयंती के शुभ अवसर पर ‘ग्राम स्वराज’ की अवधारणा के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। ग्रामीण विकास ट्रस्ट कृषक भारती सहकारी समितियों की एक परोपकारी शाखा होने के नाते कृषि उत्थान के लिए और बेहतर पेयजल पहुंच और कमजोर क्षेत्रों की जल सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर कम सेवा वाले समुदायों के साथ मिलकर काम करता है।

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत कार्यान्वयन सहायता एजेंसी होने के नाते, ग्रामीण विकास ट्रस्ट ने 2 अक्टूबर के अवसर पर ग्राम सभाओं, ग्राम जल समितियों, ग्राम जल और स्वच्छता समितियों की बैठक, नुक्कड़ नाटकों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशालाओं के रूप में विभिन्न गतिविधियों को भी शामिल किया। संवाद सत्र के दौरान समुदाय के सदस्यों से अपने-अपने गांवों में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया गया। प्राथमिक विद्यालय के छात्रों द्वारा जागरूकता अभियान, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ पारस्परिक बैठक, लक्षित स्थानों के पुरुष और महिला सदस्यों के साथ सामुदायिक बैठक जैसी भागीदारी गतिविधियों के माध्यम से, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जल स्रोतों को अपशिष्ट और संदूषण से बचाने का अनुरोध किया गया था।

इस आयोजन में बागपत, राजापुर, भोजपुर, गौतम बौद्ध नगर, हापुड़, डिब्रूगढ़, शिवसागर और असम, जम्मू, राजस्थान, उत्तर प्रदेश राज्यों के 16 जिलों के 47 गांवों ने भाग लिया। प्रत्येक जिले के परियोजना समन्वयकों और टीम लीडरों ने सुनिश्चित किया कि सभी आयु वर्ग के लोगों को पानी बचाने के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाया जाए। ग्रामीण जल आपूर्ति में उचित संचालन और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए महिला प्रतिभागियों को राष्ट्रीय जल जीवन कार्यान्वयन गतिविधियों का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

विभिन्न प्रतिष्ठित और प्रभावशाली व्यक्तित्व इन अभियानों का हिस्सा थे और स्थानीय चुनौतियों और स्थानीय समस्याओं के लिए महिलाओं के नेतृत्व में जल समुदाय की भागीदारी द्वारा उनके समाधान को संबोधित किया।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास ट्रस्ट के मुख्य संचालन अधिकारी श्री शिव शंकर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा, “महामारी को देखते हुए जल संरक्षण एक बड़ी चिंता है, हम सभी को अधिक से अधिक जल बचत लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए।” संभावित कार्यान्वयन दल के नेता के रूप में, ग्रामीण विकास ट्रस्ट के व्यवसाय विकास के प्रमुख श्री शैलेश कोटरू ने भी अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “हम जल सुरक्षा अभियान में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सामान्य दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। , यह हमारे समाज को सर्वश्रेष्ठ देने की हमारी प्रतिज्ञा है।” अंत में एक राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रमुख के रूप में, सुश्री तृप्ति खन्ना ने कहा, “समाज में पानी की खपत के लिए मानसिकता में बदलाव की दिशा में काम करना आसान नहीं है, लेकिन जिस तरह से ग्रामीण की पूरी टीम गुणवत्ता कार्यक्रम के लिए विकास ट्रस्ट के कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन कार्यक्रम, गर्व और सीखने दोनों का विषय है। हम अंतिम मील तक वंचित समाजों को गुणवत्तापूर्ण हाथ पकड़ और क्षमता निर्माण समर्थन की ओर देखते हैं।” जमीनी समर्थन पर श्री जनार्दन चुटिया ने असम से कार्यक्रम को लागू किया।

फाइलेरिया उन्मूलन: लोग दवा खाने के लिए खुद आगे आ रहे हैं

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– जिले में तेज हुआ एमडीए का सेकेंड राउंड अभियान
– घर-घर जाकर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को खुद के सामने खिलाई जा रही है अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली
– 05 अक्टूबर से पूरे जिले में चल रहा है सेकेंड राउंड अभियान

खगड़िया, 07 अक्टूबर| परबत्ता की आशा कार्यकर्ता किरण देवी एमडीए अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगों को दवाई का सेवन करा रही हैं| वह बताती हैं कि इस दौरान सभी लोगों का काफी सहयोग मिल रहा है। लोग दवा खाने के लिए खुद आगे आ रहे हैं, जो सबसे अच्छी बात है। इससे ना सिर्फ अभियान को गति मिल रही है बल्कि, हमलोगों को भी काफी सहयोग मिल रहा है। दरअसल जिले में नियमित तौर पर संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गृह भेंट की तर्ज पर घर-घर जाकर लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जा रही है| साथ हीं इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
अभियान को तेज गति देने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं
खगड़िया जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर एमडीए(मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान के दूसरे चरण की गति तेज कर दी गई है। ताकि हर हाल में निर्धारित समयावधि के अंदर अधिकाधिक लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन करा लिया जाए ताकि अभियान सफल हो सके। जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ विजय कुमार एवं डीभीबीडीसी बबलू सहनी भी अभियान की सफलता को लेकर लगातार संबंधित कर्मियों से नियमित रूप से अपडेट ले रहे हैं |साथ हीं अभियान को तेज गति देने के लिए आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
– कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ एवं तय मानकों के अनुसार खिलाई जा रही है दवा :
जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीएमओ) डॉ विजय कुमार ने बताया, अभियान को हर हाल में पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए जिले में लगातार एमडीए अभियान चल रहा है। जिसके दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ एवं तय मानकों के अनुसार सुपरवाइजर के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा योग्य व्यक्तियों को दवा खिलाई जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया, हर हाल में अभियान की सफलता एवं शत-प्रतिशत लोगों को दवाई का सेवन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक दिन जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से दैनिक रिपोर्ट ली जा रही है। ताकि एक भी व्यक्ति दवाई खाने से वंचित नहीं रहे, इसका अवलोकन किया जा सके और अवलोकन के पश्चात जरूरी पहल की जा सके।
– सामुदायिक स्तर पर लोगों का मिल रहा है सकारात्मक सहयोग :
डीभीबीडीसी बबलू सहनी ने बताया, अभियान के दौरान जिले के सभी प्रखंडों में स्थानीय लोगों का भी सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक सहयोग मिल रहा है एवं सभी लोग दवाई खाने के लिए आगे आ रहे हैं, जो सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव का बड़ा संकेत है। वहीं, उन्होंने बताया, हर धर्म, हर समुदाय के लोग दवाई के सेवन के लिए आगे आ रहे हैं और अभियान को लगातार गति मिल रही है।

– फाइलेरिया क्या है ?
– फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है।
– किसी भी उम्र का व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है।
– फाइलेरिया का लक्षण हाथ और पैर में सूजन (हाँथीपाँव) व हाईड्रोसिल (अण्डकोष में सूजन) है।
– किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते हैं।

– इन बातों का रखें ख्याल :
– भूखे पेट दवा नहीं खिलानी है।
– किसी के बदले किसी अन्य को दवा ना दें और स्वास्थ्य कर्मी के सामने दवा खाएं।
– गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलानी है।
– 02 वर्ष छोटे बच्चे को दवा नहीं खिलानी है।
– गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी दवा नहीं खिलानी है।

– फाइलेरिया से बचाव के उपाय :
– सोने के समय मच्छरदानी का निश्चित रूप से प्रयोग करें।
– घर के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें।
– अल्बेंडाजोल व डीईसी दवा का निश्चित रूप से सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

यक्ष्मा के तहत संभावित एक्टिव केस फाइंडिंग कर रहे हैं कर्मी

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– 2 सितम्बर से 9 नवम्बर तक चलाया जा रहा है अभियान
– घर-घर जाकर टी.बी. पर्यवेक्षक कर रहे हैं स्क्रीनिंग

जमुई, 7 सितम्बर

“ दो हफ्ते की खांसी टी.बी. के डर को जगाता है” जैसे स्लोगन के माध्यम से यक्ष्मा के संभावित मरीजों की पहचान विगत एक महीने से किया जा रहा है, यह कार्यक्रम आगामी 9 नवम्बर तक होना है | राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम-2025 जो प्रधानमंत्री के महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है | इसके तहत संभावित एक्टिव केस फाइंडिंग वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षकों द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा है |
इसको लेकर राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने बताया केन्द्रीय टी.बी.प्रभाग की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राष्ट्रव्यापी अभियान है | ताकि कोई भी मरीज जाँच और इलाज से वंचित न हो | आगे कहते हैं मंडल करा में 417 कैदियों में से 44 का संभावित के तहत सैंपल लिया गया है वहीं बाल संरक्षण गृह में 12 में से 1 के सैंपल लिया गया है |
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रमेश प्रसाद ने बताया सभी दसों प्रखंड में यक्ष्मा पर्यवेक्षक एक्टिव केस की स्क्रीनिंग के माध्यम से खोज किया जा रहा है | उन्होंने बताया चिन्हित मरीजों का डॉट्स के माध्यम से इलाज किया जायेगा | इसकी मोनिटरिंग नियमित स्तर पर किया जा रहा है |
जाँच के लिए मुख्य लक्षण :
• दो सप्ताह से खांसी आ रहा हो
• बलगम में खून आना
• रात्रि में हमेशा बुखार का होना
• वजन का लगातार कम होना
निम्नलिखित स्थानों पर यक्ष्मा के संभावित एक्टिव केस का स्क्रीनिंग हो रहा है :
• मंडल कारा
• बाल सुधार गृह
• नारी निकेतन
• बृद्धा आश्रम
• शहरी मलिन बस्ती
• महादलित टोला
• ईंट भट्ठा

जिला स्तर पर संगठन कर रहा है जागरूक :
इसके लिए जिला स्तर पर टीबी मुक्त वाहिनी संगठन से जुड़े राजीव रावत ने बताया जिला के सभी 10 प्रखंड में लगातार जागरूकता के लिए स्वैच्छिक तौर पर प्रयास जारी है | प्रत्येक महीने में विभाग द्वारा टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप की बैठक भी सभी प्रखंडों में आयोजित की जा रही है, जिससे समुदाय में टीबी पर चर्चा होना शुरू हो गया है | बैठक में जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्टर एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के बीच राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क जाँच, उपचार एवं निश्चय पोषण योजना में मिल रहे प्रति माह पांच सौ आदि तमाम विषय पर व्यापक जानकारी दी जा रही है |

डेंगू एवं चिकनगुनिया को लेकर जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखण्डों में चल रहा है जागरूकता अभियान

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– अभियान को लेकर जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर की अध्यक्षता में हुई बैठक
– 31 अक्टूबर तक चलेगा जागरूकता अभियान
– जिला के सभी पीएचसी और सीएचसी के एमओआईसी को भेजा गया राज्य सरकार द्वारा जारी हैंडबिल /पम्पलेट

मुंगेर, 07 अक्टूबर| डेंगू एवं चिकनगुनिया बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखण्डों में जागरूकता अभियान चल रहा है। इस संबंध में सिविल सर्जन मुंगेर के निर्देशानुसार जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला के सभी सीएचसी और पीएचसी के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जागरूकता अभियान को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर जनजागरूकता के लिए जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों ने राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए हैंड बिल/ पम्पलेट को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया।
महीने भर डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए चलेगा जनजागरूकता अभियान
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ.हरेन्द्र अलोक ने बताया कि बारिश शुरू होने के साथ ही जिला में डेंगू और चिकनगुनिया का संक्रमण काल भी शुरू हो जाता है । इसके लिए डेंगू एवं चिकनगुनिया बीमारी पर नियंत्रण के लिए चल रही गतिविधियों में और गतिशीलता लाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके तहत लार्विसाइडल स्प्रे, रैपिड रिस्पांस टीम का गठन करने के साथ ही टेक्निकल मालाइथिलका से फॉगिंग , डेंगू केस रिपोर्टिंग के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके लिए जिला भर में अक्टूबर के महीने भर डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान प्रारंभ किया गया है। इस संबंध में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह अपर निदेशक अंजनी कुमार का पत्र भी प्राप्त हुआ है।
डेंगू और चिकनगुनिया से बचने के लिए हैंड बिल /पम्पलेट से जागरूक किया जा रहा
जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव को ले राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए हैंड बिल/पम्पलेट को जिला के सभी सीएचसी और पीएचसी के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को उपलब्ध करा दिया गया है। ये पदाधिकारी अपने क्षेत्र में कार्यरत आशा कार्यकर्ता को ये हैंड बिल /पम्पलेट देंगे जो घर-घर जाकर लोगों को इस पम्पलेट के माध्यम से डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी से बचने के लिए जागरूक करेंगी । उन्होंने बताया कि जिला में कहीं भी यदि डेंगू एवं चिकनगुनिया का संक्रमित मरीज पाया जाता है तो उस ब्यक्ति के घर से 500 मीटर की परिधि में टेक्निकल मालाइथिलका फॉगिंग करायी जाती है।
नया टोला में डेंगू का एक संक्रमित मरीज मिलने के बाद वहां फॉगिंग करायी गयी
जिला वेक्टर बोर्न डिजीज सलाहकार पंकज कुमार प्रणव ने बताया कि सदर प्रखंड के नोवागढ़ी भगत चौकी के पास नया टोला में डेंगू का एक संक्रमित मरीज मिलने के बाद वहां फॉगिंग करायी गयी है। बाद में मरीज की जानकारी मिली कि वो दिल्ली से आया था। बरियारपुर पीएचसी में भी लोगों को डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा पदाधिकरी विजय कुमार के नेतृत्व में हैंड बिल/ पम्पलेट लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया । उन्होंने बताया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया की बीमारी एडिस मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर दिन में काटता है एवं स्थिर साफ पानी में पनपता है।

डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण :
– तेज बुखार, बदन,सर एवं जोड़ो में दर्द तथा आंख के पीछे दर्द
– त्वचा पर लाल धब्बे/चकते का निशान
– नाक, मसूड़ों से उलटी के साथ रक्त श्राव होना

बचने के उपाय :
– दिन में भी मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली क्रीम का करें इस्तेमाल ।
– अपने आसपास रखें साफ-सुथरा एवम जमा पानी में करें कीट नाशक दवाओं का छिड़काव ।
– गमला, फूलदानी का पानी हर दूसरे दिन बदलें, जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल डालें।

बांका में 800 लोगों को पड़े टीके, 400 की जांच

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• कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
• टीकाकरण को लेकर क्षेत्र में जागरूकता अभियान जारी

बांका, 7 अक्टूबर| कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। गुरुवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 800 लोगों को कोरोना के टीके दिए गए तो 400 लोगों की जांच की गई। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी को घर जाने दिया गया। साथ ही सभी लोगों को समय पर आकर टीका का दूसरा डोज लेने के लिए कहा गया। इसके अलावा सभी को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया।
45 साल से अधिक उम्र के लोग भी अच्छी संख्या में टीका लेने पहुंचे
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि गुरुवार को भी गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर काफी संख्या में लाभुक कोरोना का टीका लेने के लिए पहुंचे। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत गुरुवार को 800 लोगों को टीके दिए गए। अच्छी बात यह रही कि 45 साल से अधिक उम्र के लोग भी अच्छी खासी संख्या में टीका लेने के लिए केंद्र पर पहुंचे। टीका को लेकर जागरूकता अभियान भी जारी है।

जांच में कोई भी संक्रमित नहीं मिला:
डॉ. चौधरी ने कहा कि गुरुवार को भी 250 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। इनमें से कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। वहीं आरटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए 150 लोगों के सैंपल लिए गए। जांच के बाद सभी लोगों को मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। बार-बार हाथ की धुलाई करने की सलाह भी दी गई। सभी को कहा गया कि बाहर से आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें।

टीका लेने के बाद भी गाइडलाइन का पालन जरूरी:
डॉ. चौधरी ने कहा कि जिनलोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है उन्हें भी कोरोना के खत्म होने तक गाइडलाइन का पालन करना है। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता है, तब तक पूरी सतर्कता के साथ रहना जरूरी है। कोरोना को खत्म होने के लिए सभी लोगों को टीका लेना जरूरी है। जिनलोगों ने टीका नहीं लिया है, उन्हें तो सतर्क रहना ही होगा। जिन्होंने टीका ले लिया है, वह भी गाइडलाइन का पालन करें। घर से बेवजह निकलने से परहेज करें।

विश्व दृष्टि दिवस के मौके पर नेत्र जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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– 168 स्वास्थ्य कर्मियों के नेत्र की हुई जाँच

-डॉ. श्रुति प्रिया चेन्ज मेकर नेत्र बसंत अवार्ड एवं सर्टिफिकेट से हुई सम्मानित

पटना: गुरुवार को परिवार कल्याण संस्थान शेखपुरा स्थित राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विश्व दृष्टि दिवस के उपलक्ष्य में नेत्र जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक श्री संजय कुमार सिंह द्वारा किया गया।

राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार एवं साईटसेवर्स के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस नेत्र शिविर मंद राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार में कार्यरत कुल 168 स्वास्थ्यकर्मियों के नेत्र की जांच की गई, जिसमें से 100 लोगों को चश्मा लगाने की सलाह दी गई।

इस अवसर पर सरकारी सहायता प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री मसूद आलम एवं तकनिकी चिकित्सीय सहयोग प्रदान करने हेतु डॉ. श्रुति प्रिया को चेन्ज मेकर नेत्र बसंत के अवार्ड एवं सर्टिफिकेट से नवाजा गया। इस शिविर में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के पदाधिकारीगण के अलावा साईटसेवर्स की ओर से सुदिप्ता मोहन्ती, क्षेत्र निदेशक, राज्य कार्यक्रम प्रमुख शुभेंदू मित्रा एवं सुजाता रानी, कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थ

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं एवं गतिविधि की समीक्षात्मक बैठक आयोजित

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– सिविल सर्जन ने की स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ की बैठक, दिए निर्देश
– स्वास्थ्य विभाग के अलावा केयर इंडिया के पदाधिकारी व कर्मी भी हुए शामिल

खगड़िया, 06 अक्टूबर

बुधवार को सिविल सर्जन डाॅ अजय कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित जिले में संचालित तमाम योजनाओं एवं गतिविधि की समीक्षात्मक बैठक की। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के अलावा केयर इंडिया के भी पदाधिकारी व कर्मी शामिल हुए। बैठक के दौरान सिविल सर्जन ने बारी-बारी से जिले में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित संचालित तमाम योजनाओं एवं गतिविधि की मौजूद पदाधिकारियों एवं कर्मियों से फीडबैक ली और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक के दौरान सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तृत चर्चा की गई एवं अधिकाधिक लोगों को सभी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इस पर बल दिया गया। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ रवीन्द्र नारायण, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, डीएमओ डॉ विजय कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, समेत तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।

– कोविड वैक्सीनेशन अभियान की भी की गई समीक्षा :
सिविल सर्जन डाॅ अजय कुमार सिंह ने बताया, समीक्षात्मक बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अलावा जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने को लेकर जिले में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन अभियान की भी समीक्षा की गई। जिसके पश्चात मौजूद संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। ताकि वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति मिल सके एवं जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है एवं स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया जा रहा है।

– एमडीए अभियान की भी समीक्षा कर दिए निर्देश :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, बैठक के दौरान फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले में चल रहे एमडीए अभियान की भी विस्तृत जानकारी ली गई और समीक्षा की गई। जिसके बाद संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि हर हाल में निर्धारित समयावधि के अंदर शत-प्रतिशत लोगों को दवाई का सेवन सुनिश्चित कराया जा सके। इसके अलावा अन्य विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई एवं संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

कोविड-19 वैक्सीनेशन से अबतक वंचित लोगों का होगा सर्वे

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-अपर मुख्य सचिव ने पत्र जारी कर दिए निर्देश

– ऑगनबाड़ी सेविका एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाता सूची के अनुसार किया जाएगा सर्वे
– 18 से 20 अक्टूबर तक जिले में चलेगा सर्वे अभियान

लखीसराय, 06 अक्टूबर।
कोविड-19 संक्रमण को पूरी तरह जड़ से मिटाने एवं शत-प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेट करने के लिए सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और संकल्पित है। जिसे हर हाल में सुनिश्चित करने को लेकर किसी भी कारणवश अबतक वैक्सीन से वंचित लोगों का विभाग द्वारा सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है। ताकि किसी भी स्थिति-परिस्थिति में एक भी लोग वैक्सीन से वंचित नहीं रहें और सभी लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पत्र जारी कर पूरे राज्य के सभी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। साथ ही इसे सुनिश्चित कराने को लेकर सर्वे टीम गठित कर हर हाल में निर्धारित समयावधि के अंदर सर्वे कार्य पूरा कराने को कहा है।

– जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं आवश्यक निर्देश :
सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, किसी भी कारणवश अबतक कोविड-19 वैक्सीनेशन से वंचित लोगों को सर्वे कराने का निर्देश प्राप्त हुआ। जिसके आलोक में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं एवं अपने स्तर से भी सर्वे का कार्य सुनिश्चित कराने को लेकर आवश्यक पहल करने को कहा गया है। वहीं, उन्होंने बताया, सर्वे का कार्य संबंधित क्षेत्र की ऑगनबाड़ी सेविका एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर किया जाना है। जबकि, इस कार्य की मानिटरिंग संबंधित बीसीएम एवं आशा फैसिलिटेटर को करने की जिम्मेदारी दी गई है।

– मतदाता सूची के अनुसार होगा तीन दिवसीय सर्वे :
वैक्सीनेशन से वंचित लोगों का मतदाता सूची के अनुसार सर्वे होगा। यह कार्य 18 से 20 अक्टूबर तक यानी तीन दिनों तक होगा। इसी निर्धारित समयावधि के अंदर सर्वे का कार्य पूरा किया जाना है। इस दौरान सर्वे टीम को वैक्सीन से वंचित लोगों की सूची भी तैयार करनी है।

– 22 अक्टूबर को विशेष वैक्सीनेशन अभियान के तहत वंचित लोगों को दी जाएगी वैक्सीन :
सर्वे के पश्चात वैक्सीन से वंचित लोगों की सूची जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। जिसके बाद 22 अक्टूबर को विशेष कोविड वैक्सीनेशन अभियान का आयोजन कर सभी वंचित लोगों को वैक्सीनेट किया जाएगा। ताकि सभी वंचित लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित और शत-प्रतिशत लोग वैक्सीनेटेड हो सकें।

– पूजा पंडालों में भी लगाया जाएगा जागरूकता से संबंधित पोस्टर-बैनर :
दुर्गा पूजा के अवसर पर जिले के विभिन्न इलाकों में बनाए पूजा पंडालों में भी कोविड-19 से बचाव एवं वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने से संबंधित पोस्टर-बैनर लगाए जाएंगे। ताकि बचाव एवं वैक्सीनेशन से संबंधित प्रचार-प्रसार को बढ़ावा मिल सके और सामुदायिक स्तर पर लोग जागरूक हो सकें।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।