9 अक्टूबर को जिलाभर में आयोजित होगा कोरोना टीकाकरण महाअभियान

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– जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया निर्णय

– बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ज़ूम कॉल के माध्यम से पदाधिकारियों के साथ की गई समीक्षा

मुंगेर, 06 अक्टूबर –

कोरोना टीकाकरण के प्रथम डोज सेचुरेशन के लक्ष्य प्राप्ति को ले जिला में एक बार फिर से 9 अक्टूबर को कोरोना टीकाकरण महाअभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसके के लिए जिला भर में 500 से अधिक टीकाकरण साइट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही कोरोना टीकाकरण की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी और आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका घर -घर जाकर बुजुर्ग, बीमार और लाचार व्यक्ति को कोरोना की पहली और दूसरी डोज़ देगी।

जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने बताया कि जिलाधिकारी नवीन कुमार कि अध्यक्षता में मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में कोरोना टीकाकरण के प्रथम डोज सेचुरेशन के लक्ष्य प्राप्ति को ले जिला में एक बार फिर से 9 अक्टूबर को कोरोना टीकाकरण महाअभियान आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि जिला भर में अब तक कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लेने वालों की संख्या मात्र 15000 शेष है। इसे पूर्ण करने के बाद मुंगेर जिला राज्य भर में कोरोना वैक्सीन की फर्स्ट डोज पूरी करने वाले जिलों की सूची में प्रथम स्थान पर आ जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को 9 अक्टूबर को आयोजित होने वाले कोरोना टीकाकरण महाअभियान की सफलता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ज़ूम कॉल के माध्यम से जिलास्तर, अनुमंडल स्तर और प्रखण्ड स्तर के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की गई।

मुंगेर के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया कि गांधी-शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को आयोजित कोरोना टीकाकरण महाअभियान में 20 हजार लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने के निर्धारित लक्ष्य से 6 हजार अधिक लोगों को कोविड वैक्सीन लगाई गयी थी। उस दिन कुल 26,471 लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी। उस दिन कोरोना टीकाकरण महाअभियान में मुंगेर जिला राज्य भर में पहले स्थान पर रहा था।

– त्यौहारों के मौसम में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के।लिए सभी लोग करें कोरोना गाइडलाइन का पालन

– अपने- अपने घरों से निकलने के बाद सभी लोग अपने मुंह और नाक को ढकने के लिए करें मास्क, रूमाल ,गमछा, दुपट्टा या साड़ी के पल्लू का इस्तेमाल क्योंकि नाक और मुंह के जरिये ही कोरोना के वायरस शरीर में कर सकते हैं प्रवेश।

– अपने आसपास साफ- सफाई का रखें विशेष ख्याल और एक निश्चित अंतराल के बाद हाथों की साफ-सफाई के लिए करें हैंड सैनिटाइजर का उपयोग।

– सभी लोग भीड़- भाड़ वाले स्थान पर जाने पर एक- दूसरे से बरतें कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी।

– अपनी बारी आने पर सभी लोग निश्चित रूप से कराएं वैक्सीनेशन और इसके लिए दूसरों को भी करें प्रेरित।

– कोरोना का कोई भी लक्षण महसूस होने पर तुरंत कराएं कोविड-19 की जाँच ।

बांका में 1600 से अधिक लोगों को लगे टीके, 325 की हुई जांच

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जिले में कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी

टीकाकरण केंद्रों पर बड़ी संख्या में टीका लेने को आ रहे लोग

बांका, 6 अक्टूबर

कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान युद्धस्तर पर जारी है। जांच और इलाज के साथ-साथ टीकाकरण अभियान भी जिले में जोर-शोर से चल रहा है। बुधवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 1600 से अधिक लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। इस दौरान पहला और दूसरा, दोनों डोज लगाया गया। उधर, दूसरी तरफ पीएचसी में 325 लोगों की कोरोना जांच हुई। जांच के दौरान कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। सभी को सतर्कता के साथ रहने की सलाह दी गई।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना का टीका लेने के लिए काफी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। जिस दिन अभियान नहीं भी चलता है, उस दिन भी अच्छी-खासी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आते हैं। बुधवार को शाम सात बजे तक 1600 लोगों का टीकाकरण हो गया था। इसके बाद भी टीकाकरण जारी था। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट की निगरानी में रखा गया। किसी तरह की कोई समस्या नहीं आने पर सभी को घर जाने दिया गया। साथ ही समय पर आकर दूसरा डोज निश्चित तौर पर लेने के लिए कहा गया।

सतर्क रहने की दी गई सलाह:
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को 225 लोगों की जांच एंटीजन किट से की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। वहीं 110 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए लिया गया। डॉ. चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी को अभी सतर्क रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया। मास्क पहनते हुए दो गज की दूरी बनाकर आवश्यक तौर पर रहने के लिए कहा गया।

बाजार में भीड़ लगाने से बचें:
डॉ. चौधरी ने कहा कि कोरोना के मामले कम होने के साथ ही अब सभी कुछ सामान्य होने लगा है। हालांकि नए केस जरूर कम मिल रहे हैं, लेकिन अगर सावधान नहीं रहेंगे तो फिर कोरोना जल्द खत्म नहीं होगा। इसलिए बाजार जाएं, लेकिन गाइडलाइन का पालन करें। अनावश्यक घरों से निकलने से बचें। ऐसा तब तक करें जब तक कि कोरोना खत्म नहीं हो जाता। सभी लोगों को कोरोना का टीका पड़ जाने के बाद कोरोना की चेन टूट जाएगी। तबतक सब्र बनाकर रहें।

त्यौहार में बाहर से घर आने पर कोरोना जांच जरूर कराएं

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-कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए सावधानी जरूरी
-कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
बांका, 6 अक्टूबर।
त्यौहारों का मौसम शुरू हो गया है। गुरुवार से दुर्गापूजा शुरू हो रहा है और कुछ ही समय बाद दीपावली और छठ पूजा भी आने वाला है। ऐसे समय में बड़ी संख्या में लोग बाहर से घर आने वाले हैं। कुछ लोगों ने तो आना शुरू कर दिया है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता ही कि बाहर से आने वाले अपनी कोरोना जांच करा लें। ऐसा करने से वह खुद तो सुरक्षित रहेंगे ही, परिवार और आसपास के लोग भी कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे। जिले में कोरोना टीकाकरण के साथ-साथ जांच भी लगातार हो रही है। इसलिए अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए लोग जरूर अपनी कोरोना जांच कराएं।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि बड़ी मेहनत के बाद कोरोना पर काबू पाया गया है। ऐसे में आमलोगों की भी जिम्मेदारी है कि वह इसमें अपनी भूमिका निभाएं। त्यौहार में घर आने वालों से मेरी अपील है कि वह जरूर अपनी कोरोना जांच कराएं। इससे उनके जरिये किसी को कोरोना होना का खतरा कम हो जाएगा। साथ ही उन्हें भी किसी के जरिये कोरोना नहीं होगा। यह एक संक्रामक रोग है, इसलिए सतर्कता बहुत जरूरी है। इस बीमारी पर काबू पाने के लिए दवाई के साथ कड़ाई भी जरूरी है।
टीकाकरण की भी है व्यवस्थाः डॉ. चौधरी ने बताया कि त्यौहारों पर बाहर से घर आने वाले न सिर्फ अपनी कोरोना जांच कराएं, बल्कि टीकाकरण भी करवा लें। अगर आपने अब तक कोरोना का टीका नहीं लिया है तो जांच कराने के बाद तत्काल टीका ले सकते हैं। बाहर से आने वालों के लिए भी एक सी प्रक्रिया है। अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर पास में रखें। तत्काल आपका टीकाकरण हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान है, इसलिए किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। समय पूरा हो जाने के बाद कोरोना टीका की दूसरी डोज लेना नहीं भूलें। आप अपनी जिम्मेदारी को समझें, आपके साथ आपके घर-परिवार के सदस्य भी कोरोना से सुरक्षित रहेंगे।
परिजन भी निभाएं अपनी जिम्मेदारीः डॉ. चौधरी ने कहा कि न सिर्फ बाहर से आने वाले, बल्कि उनके परिजनों को भी अपनी जिम्मेदारी को समझनी होगी। अगर उनके घर पर कोई बाहर से आता है और उसने कोरोना जांच नहीं करवाई है तो तत्काल उसे लेकर नजदीकि सरकारी अस्पताल ले जाएं। वहां पर कोरोना जांच की व्यवस्था आपको मिलेगी और बाहर से आने वाले व्यक्ति की कोरोना जांच कराएं। दूसरी लहर पर काबू पा लेने के बाद तीसरी लहर से बचने के लिए यह आवश्यक है। किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करें। साथ में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते रहें। मास्क पहनकर ही बाहर जाएं। भीड़भाड़ से बचें और सामाजिक दूरी का पालन करें।

छूटे हुए लोगों को अभियान चलाकर दी जाएगी दूसरी डोज

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-दो लाख से अधिक लोग समय पूरा होने पर नहीं ली है दूसरी डोज
-कोरोना टीकाकरण को लेकर जिले में लगातार चल रहा है अभियान
भागलपुर, 6 अक्टूबर।
जिले में कोरोना टीकाकरण को लेकर लगातार विशेष अभियान चल रहा है। साथ ही प्रतिदिन लोगों का टीकाकरण हो रहा है। इसके बावजूद जिले के दो लाख से अधिक लोग ऐसे हैं, जिन्होंने समय पूरा होने के बावजूद कोरोना टीका की दूसरी डोज नहीं ली है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर विशेष अभियान चलाया जाएगा और इन लोगों का हर हाल में कोरोना टीका की दूसरी डोज दी जाएगी।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि जिले के आखिरी व्यक्ति को कोरोना का टीका जल्द से जल्द लगे, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। शहरी क्षेत्र से लेक ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कोरोना का टीका दिया जा रहा है। अभी पंचायतों में अभियान चलाकर लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। हालांकि इतना होने के बावजूद कुछ लोग ने समय पूरा होने के बावजूद कोरोना टीका की दूसरी डोज नहीं ली है। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। जो बचे हैं, उन्हें भी जल्द ही चिह्नित कर लिया जाएगा। ऐसे लोगों के लिए विशेष अभियान चलाकर इन्हें टीका की दूसरी डोज दी जाएगी।
दोनों टीका लेने के बाद ही प्रक्रिया पूरीः जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि कोरोना टीका की दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया होगी। इसलिए लोग एक टीका लेने के बाद निश्चिंत न हो जाएं। पहला टीका लगने के बाद ही मोबाइल पर दूसरा टीका लगाने की तिथि मैसेज के जरिये आ जाती है। इसलिए जैसे ही समय पूरा हो जाए, अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर कोरोना टीका की दूसरी डोज ले लें। जब तक कोरोना टीका की दोनों डोज नहीं लेते हैं, तब तक आपके कोरोना की चपेट में आने की आशंका रहेगी। टीका की दोनों डोज ले लेंगे तो यह आशंका खत्म हो जाएगी। साथ ही अगर कोरोना होगा भी तो वह बहुत ही साधारण होगा, जिससे आप आसानी से उबर जाएंगे। इसलिए कोरोना टीका की दूसरी डोज लेना नहीं भूलें।
गाइडलाइन का करते रहें पालनः कोरोना उन्मूलन को लेकर एक तरफ जहां जिले में टीकाकरण अभियान चल रहा है, वहीं दूसरी ओर कोरोना के मरीज नहीं होने के बावजूद जिले में जांच की गति तेज है। ऐसे में लोगों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह सतर्कता बरतें। जबतक जिले के सभी लोगों का टीकाकरण नहीं हो जाता है, तब तक घर से बाहत जाते वक्त मास्क लगाएं। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाकर रहें। भीड़भाड़ से बचें। अभी त्यौहार का मौसम चल रहा है। ऐसे समय में बाहर जाते वक्त सतर्क रहें। बाहर से घर आने पर हर हाल में 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई करें। ऐसा करते रहने से कोरोना से आप बचे रहेंगे। साथ ही आपके घर, आस-पड़ोस, रिश्तेतार भी कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे।

वेडज़िला फैशन एंड एंटरटेनमेंट द्वारा कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उत्कर्ष कार्यों के लिए सम्मानित किया

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दिल्ली:
वेडज़िला फैशन एंड एंटरटेनमेंट ने 3 अक्टूबर को होटल रैडिसन ब्लू, द्वारका, नई दिल्ली में मेगा इवेंट “होलिस्टिक अवार्ड्स एंड वॉक फॉर कॉज़” का सफलतापूर्वक आयोजन किया। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शाहबाज खान ने इस अवसर पर बतौर सेलिब्रिटी गेस्ट और चीफ गेस्ट शिरकत की। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पंजाबी गायक विक्की सिंह भी शामिल हुए।

सेलिब्रिटी एंकर काशफी के साथ साथ कई ज्योतिषियों और टैरो कार्ड रीडर्स को समाज के लिए उनकी समग्र सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। श्री शर्मा सिमरोन कोहली, मुंबई से अर्पिता ठक्कर, कवयित्री मीनाक्षी, गायक गुलशन आदि को सम्मानित किया गया। इस आयोजन का विशेष आकर्षण बच्चों के ब्रांड एंबेसडर “बेबी रायशा” को ताज पहनाया गया। वहीं नन्नी रायशा की वॉक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

देश के हर कोने से आई मॉडल्स ने खूबसूरत कॉस्ट्यूम और मेकअप के साथ रैंप वॉक किया। वहीं सेव द एनवायरनमेंट की थीम पर मॉडल्स ने वॉक कर जीवन में पर्यावरण के महत्व को दर्शाया।

इवेंट की आयोजक लीना गुप्ता ने वेडज़िला टीम- निधि बख्शी, राइशा जैन रीमा, रूप वेद तिवारी, दीप्ति शर्मा, चेतना, निधि गुलाटी, चित्रा शर्मा आदि ने साबित किया कि कैसे महिलाएं जो कुछ भी करती हैं उसमें हमेशा सर्वश्रेष्ठ होती हैं।

शांतीलाल मुथा को दूसरा ‘गांधीयन फिलॉसॉफी अवॉर्ड’ ‘सूर्यदत्त ग्लोबल पीस रिसर्च फाउंडेशन’ द्वारा घोषित

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पुणे : सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट संचालित सूर्यदत्त ग्लोबल पीस रिसर्च फाउंडेशन द्वारा दूसरा ‘गांधीयन फिलॉसॉफी अवॉर्ड’ भारतीय जैन संगठन और शांतिलाल मुथा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष शांतिलाल मुथा को घोषित किया गया. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की १५२ वी जयंती के अवसर पर यह पुरस्कार विशेष मानचिन्ह, प्रमाणपत्र और स्कार्फ के रूप में प्रदान किया जायेगा. सेनापति बापट रोड स्थित वर्धमान प्रतिष्ठान में गांधी सप्ताह के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया जायेगा, ऐसी जानकारी सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने दी.

यह पुरस्कार हर साल गांधी जी के विचारों को अमल में लाकर हर कार्य करने वाले तपस्वी को दिया जाता है. शांतिलाल मुथा ने भारतीय जैन संगठन और शांतिलाल मुथा फाउंडेशन के माध्यम से किया कार्य मानवीय है. भूकंप पीड़ितों की मदद, कोरोना पीड़ितों की मदद, जरूरतमंद छात्रों को मदद, वैद्यकीय सेवा और एम्बुलैंस के साथ अन्य कई उपक्रम उन्होंने अम्मल में लाए है. उन्होंने किए इसी कार्य को सराहने के लिए उन्हें इस साल का ‘गांधीयन फिलॉसॉफी अवॉर्ड’ दिया जानेवाला है.

प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने कहा, ‘सूर्यदत्त पिछले दो दशकों से गांधीवादी विचारधारा को आदर्श मानकर काम कर रहां हैं. इस वर्ष १५२ वीं गांधी जयंती के अवसर पर गांधी सप्ताह का आयोजन छात्रों और शिक्षकों में गांधीवादी विचारों को जगाने के लिए किया गया है. इसमें विभिन्न विभागों के तहत प्रतियोगिताएं व गतिविधियां आयोजित की जाएगी. यह पुरस्कार इस सप्ताह में शांतिलाल मुथा को गणमान्य व्यक्तियों के हाथों प्रदान किया जायेगा. इससे पहले गांधीजी की १५० वीं जयंती के मौके पर विशेष खादी को बढ़ावा देने के लिए सूर्यदत्त के छात्रों ने एक बड़ी प्रदर्शनी का आयोजन किया था. साथ ही खादी के कॉन्सेप्ट पर फैशन शो भी किया था. सूर्यदत्त ग्लोबल पीस रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना गांधी विचारों को छात्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और इन विचारों के साथ जीने वालों को सम्मानित करने के लिए की गई है. पहला ‘गांधीयन फिलॉसॉफी अवॉर्ड’ वरिष्ठ गांधीवादी नेता, विचारक डॉ. कुमार सप्तर्षि को पिछले साल सम्मानित किया गया था.”

आदिशक्ति डिवाइन फाउंडेशन का ऐतिहासिक कदम आयोजन में महान ज्योतिषियों और समाज सेवी एक साथ एक मंच पर

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आदिशक्ति डिवाइन फाउंडेशन द्वारा 03 अक्टूबर 2021 को दिल्ली मे राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का आयोजन किया गया जिसमें पूरे भारतवर्ष से ज्योतिषियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम का लाभ उठाया इस कार्यक्रम में विभिन्न ज्योतिषियों को ज्योतिष के क्षेत्र में किए गए उनके कार्य के लिए सम्मानित किया गया वहीं साथ में इस कार्यक्रम में कुछ लोगों को विशेष नेशनवाइड ग्लोबल आइकन अवार्ड व आदिशक्ती ज्योतिष सम्राट से भी सम्मानित किया गया जिसमें हमारे जाने-माने नाम स्वामी ध्यान रहस्य जी, ज्योतिषाचार्य सीएल अस्थाना जी, डॉ आर के श्रीवास्तव, डॉ रेखा बांका, आचार्य अरविंद मिश्रा, आचार्य दीपक सिक्का, ज्योतिषाचार्य सुरेश कुमार जी ज्योतिषाचार्य पूनम मिढ्ढा , पंडित शुभेश शर्मन जी , प अमित शर्मा जी, ज्योतिषाचार्य आशा रस्तोगी जी, आचार्य बाल्मीकि प्रसाद, आचार्य अशोक, जितेंद्र मोनू, प्रिया पार्वती, ललित पंत जी, बेटी एक लक्ष्य फाउंडेशन से सिमरन वार्ष्णेय व उनकी समस्त टीम आदि अनेकों ज्योत्षियो को गोल्डन नेशनवाइड ग्लोबल आइकन अवार्ड से सम्मानित किया गया सभी ज्योतिषियों को यहां पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच प्रदान किया जिससे कि सभी ज्योतिष सामने आए और उन्होंने अपनी अपनी प्रतिभाएं लोगों के सामने रखी साथ ही बच्चो द्वारा राधा कृष्ण पर लीला प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया उपस्थित गणमान्य अतिथि सीएल अस्थाना जी, पंडित शुभेष शर्मन जी, स्वामी ध्यान रहस्य जी, धर्माचार्य कृष्ण ठाकुर जी, आदि अन्य सभी उपस्थित ज्योतिषियों द्वारा आदिशक्ति कृष्ण कालीपीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य मनीष खंडेलवाल जी एवं संस्थापिका रेमीका खंडेलवाल जी का भी अभिवादन एवं सम्मान किया गया कि उनके द्वारा इस प्रकार का मंच उपलब्ध कराया जाता है साथ ही बेटी एक लक्ष्य फाउंडेशन द्वारा भी आदिशक्ति डिवाइन फाउंडेशन को जन कल्याण के लिए किए जा निरंतर कार्यों के लिए सम्मानित किया गया संस्था द्वारा प्रतिभाओं को सामने आने का मौका दिया जाता है उनके द्वारा आयोजित इस सफल आयोजन के लिए सभी ज्योतिषी द्वारा उनका आभार प्रकट किया गया उनको कार्यक्रम के अंत में सम्मान दिया गया । संस्था द्वारा आदिशक्ती कृष्ण काली पीठ से लोगो को जोडने हेतु आरंभ किया राष्ट्रीय सदस्यता अभियान की घोषणा के साथ ही समापन किया गया।

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला में एक बार फिर से शुरू हुआ एमडीए कार्यक्रम

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– जिला के कुल 14.64 लाख लोगों को खिलायी जानी है डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली

– मोबाइल टीम द्वारा सरकारी / गैर सरकारी कर्मियों, स्कूली छात्रों, दुकानदारों एवं मजदूरों को उनके कार्यस्थल पर जाकर खिलाई जाएगी दवा

मुंगेर, 05 अक्टूबर-

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष नियमित अंतराल पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाता है। इसी क्रम में विगत 20 सितंबर से मुंगेर सहित राज्य के 22 जिलों में एम.डी.ए कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है । इसी दौरान 26 से 30 सितंबर तक पोलियो की दवा खिलाने का अभियान भी चलाया गया, जिसके कारण 24 सितंबर से 30 सितंबर तक एम.डी.ए कार्यक्रम को स्थगित रखा गया। सोमवार से दुबारा जिला के बरियारपुर , खड़गपुर, मुंगेर सदर सहित कई प्रखंड़ों में एमडीए कार्यक्रम की शुरुआत हुई । इसके तहत स्वास्थ्य विभाग सभी लक्षित लाभार्थियों को डीईसी और अल्बेंडाजोल दवा का सेवन करवाने के लिए संकल्पित है। इसी क्रम में घर में न मिल पाने वाले कामकाजी लोगों को दवा खिलाने के लिए मोबाइल टीम का गठन कर ऐसे लोगों को उनके कार्यस्थल पर ही दवा खिलाने का निर्णय लिया गया है ।
मोबाइल टीम द्वारा सरकारी/ गैर सरकारी कर्मियों, स्कूली छात्रों, दुकानदारों एवं मजदूरों को उनके कार्यस्थल पर जाकर खिलाई जाएगी दवा :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि एम.डी.ए कार्यक्रम के तहत मोबाइल टीम द्वारा सरकारी/ गैर सरकारी संस्थाओं के पदाधिकारी/ कर्मियों, स्कूल के शिक्षकों/ विद्यार्थियों, हाट बाजार के दुकानदारों एवं मजदूरों, माल कर्मियों को उनके कार्यस्थल पर जाकर दवा खिलानी है। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यक्ति जो सुबह से लेकर शाम तक अपने घरों में नहीं रहते हैं इन्हें मोबाइल टीम द्वारा उनके कार्यस्थल पर जाकर ही दवा खिलाई जाएगी।
मंडल कारा के कैदियों, जेल स्टाफ और उनके परिवारजनों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाई गई
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार पंकज कुमार प्रणव ने बताया कि पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के दौरान जिला में 24 से 30 सितंबर तक एमडीए कार्यक्रम को स्थगित रखा गया था। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग और डेवलपमेन्ट पार्टनर के प्रतिनिधियों के सहयोग से विगत 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को मंडल कारा मुंगेर के सभी कैदियों, जेल स्टाफ और उनके परिवार जनों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाई गई। उन्होंने बताया को सोमवार से एक बार फिर से जिला के विभिन्न प्रखंड़ों में एमडीए कार्यक्रम शुरू हो गया है। जिला भर के करीब 14 लाख 64 हजार 378 लोगों को फाइलेरिया उन्मूलन के लिए डीईसी और अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जानी है। उन्हें उनके उम्र के अनुसार ही गोलियां दी जा रही और सभी लोगों को अपने सामने ही दवा खिलायी जा रही है। गर्भवती महिलाओं, दो साल से कम उम्र के बच्चों और किसी गंभीर रोग ग्रसित लोगों को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलानी है।
अल्बेंडाजोल की गोली चबाकर खाएं और खाली पेट कभी भी नहीं खाएं
उन्होंने बताया कि दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को डीईसी एक और अल्बेंडाजोल की एक गोली देनी है। पांच से 15 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली देनी है। वहीं, 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन व अल्बेंडाजोल की एक गोली देनी है। अल्बेंडाजोल की गोलियां हमेशा चबाकर खाएं और खाली पेट कभी भी नहीं खाएं। अन्यथा नुकसानदायक हो सकता है। अगर दवा खाने के बाद किसी तरह की परेशानी हो तो नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह दें।

जिले में पोलियो सुपरवाइजर की सहभागिता के साथ चल रहा है कोविड वैक्सीनेशन अभियान

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– पूरे जिले में 190 सेशन साइटों पर लोगों को दी जा रही है पहली एवं दूसरी डोज की वैक्सीन
– जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज हुआ वैक्सीनेशन और जाँच अभियान

खगड़िया, 05 अक्टूबर-

जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के लिए जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसे और तेज गति देने के लिए पोलियो सुपरवाइजर की सहभागिता के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान तेज कर दी गई है। ताकि एक भी व्यक्ति वैक्सीन से वंचित नहीं रहें और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो। इसको लेकर जिले में बनाए गए सभी सेशन साइटों पर पहली एवं दूसरी दोनों डोज की वैक्सीन दी जा रही है। ताकि पहला डोज ले चुके व्यक्ति को निर्धारित समय पर दूसरा डोज भी दिया जा सके और पूरा डोज लेने वाले लोगों की संख्या को गति मिल सके।
– वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं निर्देश :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक के निर्देशानुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पोलियो सुपरवाइजर की सहभागिता के साथ वैक्सीनेशन अभियान तेज कर दिया गया है। वहीं, उन्होंने बताया, सभी सेशन साइटों पर पोलियो सुपरवाइजर के सहयोग से वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है।

– 190 सेशन साइटों पर लोगों को दी जा रही है वैक्सीन :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए कुल 190 सेशन साइट बनाये गए हैं। सभी सेशन साइटों पर लोगों को तय मानकों के अनुसार एवं कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन के साथ वैक्सीन दी जा रही है। साथ ही कोविड जाँच भी जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया, पोलियो सुपरवाइजर के सहयोग से वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति मिलेगी। दरअसल, पोलियो सुपरवाइजर के सहयोग से पोलियो की ही तर्ज पर वैक्सीनेशन का कार्य किया जाएगा। इससे ना सिर्फ अभियान को गति मिलेगी। बल्कि, शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन भी सुनिश्चित होगा।
– पोलियो सुपरवाइजर के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए कर रहीं हैं प्रेरित :
वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए पोलियो सुपरवाइजर के नेतृत्व में संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता घर-घर दस्तक दे रही हैं और लोगों को नजदीकी वैक्सीनेशन शिविर स्थल की जानकारी दे रहीं हैं। साथ ही लोगों को इस महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के प्रति प्रेरित भी कर रहीं हैं।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– सभी जगह प्रोटोकॉल का पालन का पालन करें।

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है टीबी बीमारी की जाँच और समुचित इलाज

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– जिले के सदर अस्पताल, बड़हिया रेफरल अस्पताल एवं सूर्यगढ़ा सीएचसी में ट्रूनेट मशीन से हो रही है जाँच
– लक्षण दिखते ही तुरंत कराएं जाँच…क्योंकि, अब टीबी लाइलाज नहीं, पर समय पर इलाज शुरू कराना जरूरी

लखीसराय, 05 अक्टूबर –

टीबी एक संक्रामक बीमारी जरूर है, पर अब यह लाइलाज नहीं है। किन्तु, इससे बचाव एवं स्थाई निजात के लिए समय पर जाँच एवं समुचित इलाज कराना जरूरी है। इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत स्वास्थ्य संस्थान में जाएँ और वहाँ जाँच कराएं। जाँचोपरांत चिकित्सा परामर्श का पालन करें। यही इस बीमारी से स्थाई निजात और बचाव का सबसे कारगर उपाय है। वहीं, लोगों को जाँच कराने में किसी प्रकार की असुविधा और अनावश्यक परेशानी नहीं हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग भी काफी सजग और गंभीर है। साथ ही लोगों की सुविधा के मद्देनजर स्थानीय स्तर पर भी समुचित जाँच एवं इलाज की व्यवस्था की गई। ताकि लोगों को जाँच कराने में ना ही किसी प्रकार की असुविधा हो और नहीं लंबी दूरी का सफर करने की परेशानी उठानी पड़े। मसलन, सभी लोग सुविधाजनक तरीके से अपनी जाँच करवा सकें । वहीं, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पीसी वर्मा ने बताया, जिले के सदर अस्पताल, बड़हिया रेफरल अस्पताल एवं सूर्यगढ़ा सीएचसी में संभावित मरीजों की ट्रूनेट मशीन से जाँच की जा रही है। साथ ही जाँच में पीड़ित पाए जाने पर समुचित इलाज की भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जाँच से लेकर इलाज तक की सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं ।

– टीबी संक्रमित मरीजों को प्रोत्साहन राशि का भी दिया जाता है लाभ :
संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पीसी वर्मा ने बताया, टीबी संक्रमित मरीजों को निःशुल्क जाँच और इलाज के साथ-साथ सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि भी देने की व्यवस्था की गई है। प्रोत्साहन राशि संबंधित मरीजों को उनके खाते के माध्यम से दी जाती है। ताकि मरीजों को उचित एवं प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करने में मदद मिल सके। वहीं, उन्होंने बताया, किसी भी व्यक्ति को लक्षण महसूस होने पर तुरंत जाँच करानी चाहिए। क्योंकि, किसी भी बीमारी की शुरुआती दौर में जानकारी मिलती है तो उससे आसानी के साथ जल्द ही निजात भी मिलती है।

– बचाव के उपाय :
1- 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर डॉक्टर को दिखाएं। दवा का पूरा कोर्स लें। डॉक्टर से बिना पूछे दवा बंद न करें ।
– मास्क पहनें या हर बार खांसने या छींकने से पहले मुंह को पेपर नैपकिन से कवर करें।
– मरीज किसी एक प्लास्टिक बैग में थूकें और उसमें फिनाइल डालकर अच्छी तरह बंद कर डस्टबिन में डाल दें। यहां-वहां नहीं थूकें।
– पौष्टिक खाना खाएं, व्यायाम व योग करें ।
– बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तंबाकू, शराब आदि से परहेज करें।
– भीड़-भाड़ वाली और गंदी जगहों पर जाने से बचें।

– ये हैं टीबी के लक्षण :
– भूख न लगना, कम लगना तथा वजन अचानक कम हो जाना।
– बेचैनी एवं सुस्ती रहना, सीने में दर्द का एहसास होना, थकावट व रात में पसीना आना।
– हलका बुखार रहना।
– खांसी एवं खांसी में बलगम तथा बलगम में खून आना। कभी-कभी जोर से अचानक खांसी में खून आ जाना।
– गर्दन की लिम्फ ग्रंथियों में सूजन आ जाना तथा वहीं फोड़ा होना।
– गहरी सांस लेने में सीने में दर्द होना, कमर की हड्डी पर सूजन, घुटने में दर्द, घुटने मोड़ने में परेशानी आदि।
– महिलाओं को बुखार के साथ गर्दन जकड़ना, आंखें ऊपर को चढ़ना या बेहोशी आना ट्यूबरकुलस मेनिन्जाइटिस के लक्षण हैं।
– पेट की टीबी में पेट दर्द, अतिसार या दस्त, पेट फूलना आदि होते हैं।
– टीबी न्यूमोनिया के लक्षण में तेज बुखार, खांसी व छाती में दर्द होता है।