बांका प्रखंड में में 1400 लोगों ने लगवाए टीके

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• सदर प्रखंड में टीकाकरण को लेकर लगातार चल रहा अभियान
• कोरोना को लेकर जिले में स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी

बांका, 5 अक्टूबर

कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। जांच और इलाज के बाद टीकाकरण अभियान भी तेज रफ्तार के साथ चल रहा है। मंगलवार को बांका सदर प्रखंड के तहत 1400 लोगों ने कोरोना के टीके लगवाए। टीका देने के बाद सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी लोगों को घर जाने दिया गया। टीका लेने वालों में पहले और दूसरे, दोनों तरह के डोज लेने वाले शामिल थे।
फिर से टीकाकरण को लेकर अभियान चलाया गया
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि मंगलवार को एक बार फिर से टीकाकरण को लेकर अभियान चलाया गया। इस बार भी काफी संख्या में टीका लेने के लिए लोग सामने आए। इसके अलावा गांधी चौक पर रात नौ बजे तक टीकाकरण होता है। वहां का आंकड़ा शाम सात बजे तक का ही है, इसलिए आंकड़े में बढ़ोतरी भी हो सकती है। टीकाकरण के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी जारी है। स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। जल्द से जल्द सभी लोगों को कोरोना टीका का दोनों डोज देने का लक्ष्य है, जिसे जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा।
सरकारी कर्मियों ने भी किया सहयोगः
सभी अधिकारियों के मातहत काम करने वाले कर्मियों ने भी टीकाकरण अभियान में मंगलवार को सहयोग किया। सभी लोगों ने नजदीकी टीकाकरण केंद्र तक लाभुकों को लाने का काम किया। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता और सेविका व सहायिका ने भी लोगों को टीकाकरण केंद्र तक लाने में सहयोग किया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सभी लाभुकों को टीके की दूसरी डोज अवश्य तौर पर लेने के लिए कहा गया। आशा कार्यकर्ता समझाती दिखीं कि दोनों डोज लेने के बाद ही आपके टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। पूर्ण टीकाकरण के बाद ही लोग कोरोना से सुरक्षित रहेंगे।
330 लोगों की हुई जांचः
उधर, दूसरी ओर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को 220 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही 100 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया। डॉ. चौधरी ने बताया कि जांच में किसी के संक्रमित नहीं मिलने के बावजूद सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का ख्याल रखने के लिए कहा गया। इसके अलावा बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करने के लिए कहा गया। इन उपायों को व्यवहार में लाने से लोग कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे। साथ ही दूसरे लोग भी चपेट में नहीं आएंगे।

कोरोना के बूस्टर(दूसरा) डोज लगाने पर रहेगा जोरः मंगल पांडेय

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• स्वास्थ्य मंत्री ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक
• कोरोना जांच की रफ्तार को नहीं होने दी जाएगी धीमी
• जल्द तैयार होगा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटलः
• बूस्टर डोज से वंचित लोगों को विशेष अभियान चलाकर कोरोना का दूसरा टीका लगाया जाएगा

भागलपुर, 5 अक्टूबर-

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि पांच अक्टूबर तक जिले के 13 लाख 60 हजार 698 लोगों को कोरोना का पहला और 4 लाख 36 हजार 185 लोगों को दूसरा टीका लगाया जा चुका है। जिले के दो लाख दो हजार 293 लोग कोरोना के दूसरे टीके यानी बूस्टर डोज से वंचित हैं, उन्हें विशेष अभियान चलाकर कोरोना का दूसरा टीका लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को सर्किट हाउस में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के बाद बातचीत करते हुए कहा कि अबतक कोरोना संक्रमण के मामले भले ही जिले में शून्य है। इसके बावजूद सिविल सर्जन को आदेश दिया गया है कि कोरोना जांच की रफ्तार किसी भी सूरत में धीमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही जिले में नियमित टीकाकरण और संचारी रोग व गैरसंचारी रोगियों के इलाज पर फोकस करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में चल रहे कैंसर डिटेक्शन सेंटर के लिए जल्द ही और डॉक्टर मिलेंगे। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में एक ऑक्सीजन प्लांट लग चुका है जबकि दो हजार क्षमता वाले दूसरे प्लांट के लिए क्रायोजेनिक इंजन जल्द ही आ रहा है। सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल हो चुका है, जबकि अनुमंडल अस्पताल नवगछिया और कहलगांव में ऑक्सीजन प्लांट के लिए ऑक्सीजन पाइपलाइन बिछ चुकी है।

जल्द तैयार होगा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटलः
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना के कारण भागलपुर में बन रहे सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की निर्माण की गति तेज की जाएगी। जल्द ही यह अस्पताल तैयार हो जाएगा, जहां पूर्वी बिहार के किडनी, ब्रेन और हार्ट के मरीजों का इलाज भागलपुर में शुरू हो जाएगा। मालूम हो कि जेएलएनएमसीएच में बिहार और झारखंड समेत 15 जिलों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार से बड़ी संख्या में मरीज यहां पर इलाज के लिए आते हैं।

टर्शियरी कैंसर केयर सेंटर को लेकर भी होगा प्रयासः
जेएलएनएमसीएच में प्रस्तावित टर्शियरी कैंसर केयर सेंटर के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि वह पटना पहुंचकर इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करेंगे और नक्शा बनाने और उसे पास कराने का प्रयास करेंगे। मालूम हो कि जेएलएनएमसीएच में टर्शियरी कैंसर केयर सेंटर बनना है। इसके बन जाने के बाद कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
हड़ताली सफाईकर्मियों से बात करें अधीक्षक:
जेएलएनएमसीएच में चल रहे सफाईकर्मियों की हड़ताल की बाबत स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने अस्पताल अधीक्षक को आदेश दिया है कि वे हड़ताली सफाईकर्मी से बात कर उनकी समस्या का निदान कराएं। जेएलएनएमसीएच में कार्यरत निजी एजेंसी पर सफाईकर्मी के पीएफ की राशि गबन करने की बाबत मंत्री ने कहा कि अधीक्षक इसकी जांच करें। दोषी पाए जाने पर एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

फाइलेरिया से बचने के लिए डीईसी और अल्बेंडाजोल की दवा लेना जरूरी

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• समाज के जागरूक लोग लोगों से अभियान में सहयोग की कर रहे हैं अपील
• जिले के 31 लाख लोगों को खिलायी जानी है डीईसी व अल्बेंडाजोल की गोली

भागलपुर, 5 अक्टूबर-

जिले में अभी एमडीए (मास ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान का दूसरा चरण चल रहा है। इसके तहत जिले के 31 लाख लोगों को दवा खिलानी है। पहला चरण 20 से 23 अक्टूबर तक चला। इस अभियान के तहत फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की दवा खिला रही हैं। जहां पर आशा कार्यकर्ता नहीं हैं, वहां पर आंगनबाड़ी सेविका या फिर प्रेरक भी इस काम को कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान को समाज के प्रबुद्ध लोगों का भी सहयोग मिल रहा है।
हर किसी को दवा लेना जरूरी
खरीक प्रखंड की तेलघी पंचायत के निवर्तमान वार्ड सदस्य अली अहमद वारसी कहते हैं कि सरकार के इस अभियान में लोगों को बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। आखिर सरकार हमारे कल्याण के लिए ही तो यह अभियान चला रही है। मैं कोशिश करूंगा कि मेरे क्षेत्र के सभी लोग दवा ले लें। मीरजाफरी स्थित उर्दू मध्य विद्यालय के शिक्षक शंभू दास कहते हैं कि फाइलेरिया जैसी बीमारी लोगों को नहीं हो, इसे लेकर हर किसी को दवा लेना जरूरी है। मैं इसे लेकर लगातार लोगों को जागरूक कर रहा हूं। जब तक अभियान चलेगा, कोशिश करूंगा कि मेरे जानकार सभी लोग यह दवा ले लें। भाजपा नेता रमीज राजा कहते हैं कि सरकार के साथ आमलोगों को भी अभियान को सफल बनाने के लिए आगे आना चाहिए। किसी भी अभियान में अगर आम लोग शामिल हो जाते हैं तो वह पूरी तरह से सफल हो जाता है। इसलिए सभी लोग जरूर डीईसी और अल्बेंडाजोल की दवा ले लें। प्राथमिक मध्य विद्यालय, नगरह के शिक्षक तौफीक आलम कहते हैं कि पढ़ाने के साथ-साथ मेरी जिम्मेदारी लोगों को जागरूक भी करना है। इसलिए मैं तो आमलोगों को जरूर डीईसी और अल्बेंडाजोल दी गोली लेने के लिए कहूंगा।
दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलायी जा रही
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने बताया कि अभियान के दौरान दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जा रही है। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खानी है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जा रही है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जा रही है। दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफ़ेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफ़ेक्ट सामान्य होते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरियाः
जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ) ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने देना चाहिए। घर के आसपास साफ-सफाई रखना चाहिए। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें, इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले में आज से पुनः शुरू होगा एमडीए अभियान का सेकेंड राउंड

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– जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने पत्र जारी कर सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए निर्देश
– नियमित तौर पर चलेगा एमडीए अभियान, घर-घर जाकर लोगों को खिलाई जाएगी अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा

खगड़िया-

फाइलेरिया उन्मूलन को एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान को सफल बनाने के लिए मंगलवार से जिले में पुनः पूर्ववत एमडीए अभियान का सेकेंड राउंड शुरू होगा। जिसको लेकर जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने पत्र जारी कर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ताकि शत-प्रतिशत लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जा सके और अभियान सफल हो सके। वहीं, जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीएमओ) ने बताया, पूर्व की भाँति ही तय मानकों के अनुसार सुपरवाइजर के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर दवाई खिलाई जाएगी। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का भी ख्याल रखा जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को संध्याकालीन समीक्षात्मक बैठक कर दैनिक प्रतिवेदन भी प्रतिदिन भेजने का निर्देश दिया गया है।

– पल्स पोलियो अभियान के कारण एमडीए अभियान को किया गया था स्थगित :
डीभीबीडीसी बबलू सहनी ने बताया, 24 सितंबर से 04 अक्टूबर तक जिले में पल्स पोलियो अभियान का आयोजन सुनिश्चित हुआ था। जिसके कारण एमडीए अभियान स्थगित किया गया था। जिसका कल यानी 05 अक्टूबर से पुनः पूर्ववत शुभारंभ हो जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, फाइलेरिया जैसी गंभीर से लोगों को स्थाई निजात दिलाने को लेकर शत-प्रतिशत लोगों को दवाई का सेवन कराने की पहल की जा रही है। ताकि एक भी व्यक्ति दवाई खाने से वंचित नहीं रहें और सामुदायिक स्तर पर लोग इस बीमारी से खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें । इसको लेकर गृह भेंट की तर्ज पर आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर लोगों को खुद के सामने अल्बेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं खिलाई जा रही है। उन्होंने कहा, इस गंभीर बीमारी से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल व डीईसी की दवा का सेवन बहुत जरूरी है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि निश्चित रूप से पूरी तरह निःसंकोच होकर दवा खिलाने वाली टीम के सामने दवा का सेवन करें।

– निर्धारित डोज के अनुसार खिलाई जा रही है दवा :
भीडीसीओ मो0 शहनवाज ने बताया, सभी आयु वर्ग के लोगों निर्धारित डोज के अनुसार दवाई खिलाई जा रही है। जिसमें 2 से 5 साल तक के बच्चों को 100 मिलीग्राम की डीईसी एवं 400 मिलीग्राम की अल्बेंडाजोल की एक-एक गोली, 6 से 14 साल तक के किशोरों को डीईसी की दो एवं अल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी की तीन गोलियां एवं अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जा रही है।

– फाइलेरिया क्या है ?
– फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है।
– किसी भी उम्र के व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है।
– फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर में सूजन (हाँथीपाँव) व हाईड्रोसिल (अण्डकोष में सूजन) है।
– किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते हैं।

– इन बातों का रखें ख्याल :
– भूखे पेट दवा नहीं खिलानी है।
– किसी के बदले किसी अन्य को दवा ना दें और स्वास्थ्य कर्मी के सामने दवा खाएं।
– गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलानी है।
– 02 वर्ष छोटे बच्चे को दवा नहीं खिलानी है।
– गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी दवा नहीं खिलानी है।

– फाइलेरिया से बचाव के उपाय :
– सोने के समय मच्छरदानी का निश्चित रूप से प्रयोग करें।
– घर के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें।
– एल्बेंडाजोल व डीईसी दवा का निश्चित रूप से सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

कोविड वैक्सीनेशन अभियान में पोलियो सुपरवाइजर का भी लिया जा रहा है सहयोग

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– जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान में पोलियो सुपरवाइजर की सहभागिता शुरू
– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर डीएम एवं सीएस को दिए थे निर्देश

लखीसराय-

जिले में जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन हो और संपूर्ण जिला वासी वैक्सीनेटेड हों , इसको लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग और संकल्पित है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए पोलियो सुपरवाइजर का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को हर हाल में इसे सुनिश्चित कराने का निर्देश दिए थे। ताकि एक भी लोग वैक्सीन से वंचित नहीं रहें एवं वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति दी जा सके। साथ ही जल्द से जल्द संपूर्ण जिले वासी पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड हो सकें ।

– जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं निर्देश :
सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए पोलियो सुपरवाइजर की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन कराने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हर हाल में पोलियो सुपरवाइजर का टीकाकरण के दौरान सहयोग लेने के लिए कहा गया है एवं वैक्सीनेशन में पोलियो सुपरवाइजर की सहभागिता शुरू भी हो चुकी है।

– वैक्सीनेशन अभियान को मिलेगी गति :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, पोलियो सुपरवाइजर के सहयोग से जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति मिलेगी। दरअसल, पोलियो सुपरवाइजर के सहयोग से पोलियो की ही तर्ज पर वैक्सीनेशन का कार्य किया जाएगा। इससे ना सिर्फ अभियान को गति मिलेगी। बल्कि, शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन भी सुनिश्चित होगा।

– जानें कब होगा वैक्सीनेशन अभियान :
जिले में 04 से 06 एवं 08 व 09 तथा 11 अक्टूबर को वैक्सीनेशन अभियान चलाया जाएगा। जिसका सोमवार से ही शुभारंभ हो चुका है एवं पुनः अगले निर्धारित तिथि पर होगा। इसलिए, जो भी व्यक्ति अबतक किसी कारण वश वैक्सीन नहीं ले पाएं, वह निर्धारित तिथि पर अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर में जाकर वैक्सीन जरूर लें।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– सभी जगह प्रोटोकॉल का पालन का पालन करें।

कोविड वैक्सीनेशन एवं जांच अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों, पदाधिकारियों सहित अन्य लोग होंगे पुरस्कृत

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– जश्न- ए- टीका पोर्टल पर डाटा बेस तैयार कर सभी लोगों को किया जाएगा पुरस्कृत
– इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को दिया निर्देश

मुंगेर-

कोविड-19 वायरस के संक्रमण को पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए 16 जनवरी 2021 से मुंगेर सहित राज्य के सभी जिलों में लगातार कोविड-19 वैक्सीनेशन महाअभियान चलाया जा रहा है। इससे पूर्व से ही कोरोना संक्रमित मरीज का पता लगाने के लिये सघन कोरोना जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कोरोना गाइड लाइन का पालन करने, कोरोना जांच और कोरोना वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य सरकार एवम अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं के द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस पूरे महाअभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ- साथ केयर इंडिया, आईसीडीएस के अधिकारी और सेविका-सहायिका, जीविका दीदी सहित कई अन्य प्रशासनिक विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मियों के अलावा अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि लगातार अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ डटे हुए हैं। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी भी अभियान को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग कर रहे हैं ताकि हर हाल में सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव और अभियान का उद्देश्य सफल हो सके। इस अभियान को और भी तेज गति देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 21 जून से छह माह में छह करोड़ लोगों के टीकाकरण के लिए अभियान की शुरुआत की गई है। इस दौरान कोरोना टीकाकरण और कोरोना जांच अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ- साथ अन्य लोगों को चिह्नित कर पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
– जश्न- ए- टीका पोर्टल पर डाटा बेस अपलोड कर किया जाएगा पुरस्कृत :
सिविल सर्जन डाॅ, हरेन्द्र आलोक ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मुश्किल भरे दौर में भी बेहतर कार्य करने वाले तमाम पदाधिकारियों एवं कर्मियों सहित अन्य लोगों को पुरस्कृत करने के लिए जश्न- ए- टीका पोर्टल का मुख्यमंत्री द्वारा शुरुआत की गई है। जिस पर कोविड- 19 वैक्सीनेशन एवं टेस्टिंग कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को चिह्नित कर उनके कार्यों की पूरी जानकारी अपलोड की जाएगी जिसके आधार पर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा ।
– जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं आवश्यक निर्देश :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार रौशन ने बताया, कोविड के मुश्किल भरे दौर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तमाम पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ- साथ अन्य लोगों को भी पुरस्कृत करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। हर हाल में निर्देश का पालन सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं जिसमें कहा गया है कि कोविड के मुश्किल भरे दौर में वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को चिह्नित कर उनका डेटाबेस तैयार कराना सुनिश्चित करना है। ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सरकार के निर्देशानुसार पुरस्कृत किया जा सके।

– त्योयौहारों के मौसम में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के।लिए सभी लोग करें कोरोना गाइड लाइन का पालन
– अपने- अपने घरों से निकलने के बाद सभी लोग अपने मुंह और नाक को ढंकने के लिए करें मास्क, रूमाल ,गमछा, दुपट्टा या साड़ी के पल्लू का इस्तेमाल क्योंकि नाक और मुंह के जरिये ही कोरोना के वायरस शरीर में कर सकते हैं प्रवेश|

– अपने आसपास साफ- सफाई का रखें विशेष ख्याल और एक निश्चित अंतराल के बाद हाथों कि साफ-सफाई के लिए करें हैंड सैनिटाइजर का उपयोग ।
– सभी लोग भीड़- भाड़ वाले स्थान पर जाने पर एक- दूसरे से बरतें कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी।
– अपनी बारी आने पर सभी लोग निश्चित रूप से कराएं वैक्सीनेशन और इसके लिए दूसरों को भी करें प्रेरित।
– कोरोना का कोई भी लक्षण महसूस होने पर तुरंत कराएं कोविड-19 की जाँच ।

1900 लोगों को पड़े टीके, 338 की हुई जांच

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-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी

-टीका लेने वालों की संख्या में लगातार हो रही है बढ़ोतरी

बांका-

कोरोना उन्मूलन को लेकर जिले में टीकाकरण अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जगह-जगह पर लोगों का टीकाकरण कर रही है। इसी सिलसिले में सोमवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 1900 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया और किसी तरह की समस्या नहीं आने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। साथ ही सभी लोगों को आकर समय पर दूसरा डोज लेने की भी सलाह दी गई। उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 338 लोगों की कोरोना जांच भी की गई, जिसमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना को लेकर हमलोगों का अभियान जारी है। लोगों की जांच से लेकर टीकाकरण तक हो रहा है। टीका लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। टीका केंद्रों पर सभी सुविधा मौजूद रहती है। टीका लेने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाती है। टीकाकरण केंद्रों पर आने वाले लाभुकों के मन में अगर किसी तरह का भ्रम रहता है तो उसे दूर किया जाता है। साथ ही लाभुकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान रहती है। सबसे ज्यादा लाभुक गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर आते हैं।

जागरूकता अभियान भी जारीः डॉ. चौधरी कहते हैं कि यह बात सही है कि अब बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं, लेकिन हमलोग आखिरी व्यक्ति तक जल्द से जल्द कोरोना का टीका पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए टीका को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी जारी है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। टीकाकरण जितना अधिक होगा, लोगों के मन से इसके प्रति भ्रम भी दूर होगा। साथ ही एक-दूसरे को देखकर भी लोग टीकाकरण के लिए आएंगे। कोरोना को मात देने में आमलोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। यही कारण है कि जागरूकता अभियान में हमलोग आमलोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं। आमलोग भी एक दूसरे को जागरूक करें तो अच्छा है।
सावधानी अभी भी जरूरीः वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 227 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही आरटीपीआर मशीन से जांच के लिए 111 लोगों के सैंपल लिए गए। डॉ. चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता, तबतक सभी लोगों को बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना होगा। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाकर रखनी होगी। ये नियम सभी के लिए लागू है। जिन्होंने कोरोना का टीका लिए हैं उसके लिए भी और जिन्होंने नहीं लिया है उनके लिए भी।

गरीबों को मिल रही मुफ्त डायलिसिस की सुविधाः मंगल पांडेय

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राज्य में एक हजार से अधिक मरीज उठा रहें हैं लाभ
पीपीपी मोड पर 175 डायलिसिस मशीन संचालित

पटना-

स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार गरीब मरीजों को निःशुल्क बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है। इसके लिये कई योजनाएं संचालित की जा रही है। किडनी रोग से पीड़ित गरीब मरीजों को मुफ्त में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 38 में से 35 जिलों में मेडिकल कॉलेज अस्पताल या सदर अस्पताल में मुफ्त डायलिसिस की सुविधा की व्यवस्था है। अभी तक 1077 मरीज मुफ्त डायलिसिस का लाभ उठा रहे हैं।
श्री पांडेय ने कहा कि किडनी रोग का इलाज काफी महंगा होता है। आर्थिक रूप से कमजोर किडनी रोग के मरीजों के लिए डायलिसिस करा पाना संभव नहीं हो पाता है। किडनी रोग के इलाज के लिये दिसम्बर 2020 को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में तहत गरीब मरीजों को मुफ्त में डायलिसिस की सुविधा दी जाती है। राशन कार्डधारी मरीजों को डायलिसिस कराने के एवज में कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। श्री पांडेय ने कहा कि पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में 35 जिलों के सदर या मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पांच-पांच डायलिसिस मशीनें क्रियाशील हैं।
श्री पांडेय ने कहा कि कुल 175 डायलिसिस मशीन के माध्यम गरीब मरीजों को डायलिसिस किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर मशीनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शेष बचे तीन जिले जहानाबाद, कटिहार और सहरसा में भी मशीन लगाने की प्रक्रिया चल रही है। डाययलिसिस मशीन रखने के लिये सहरसा और कटिहार के जिला अस्पताल में नया भवन और जहानाबाद में भवन के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया चल रही है।

पंचायत स्तर पर छह दिवसीय कोरोना टीकाकरण अभियान का आगाज

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• 4, 5, 6, 8, 9 व 11 अक्टूबर को विशेष अभियान के तहत होगा टीकाकरण

• कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज

भागलपुर-

कोरोना उनमूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। यही वजह है कि जिले के आखिरी व्यक्ति तक टीका पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिले में प्रतिदिन लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। बीच-बीच में अभियान भी चलाया जा रहा है। दो अक्टूबर को चलाए गए अभियान में जिले में रिकॉर्ड एक लाख 30 हजार से अधिक लोगों ने कोरोना का टीका लिया था। अभी छह दिनों के टीकाकरण अभियान की शुरुआत भी सोमवार को हो गई। 4, 5, 6, 8, 9 और 11 अक्टूबर को जिले की पंचायतों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करना है। इस छह दिवसीय टीकाकरण अभियान में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका देने के लिए पोलियो सुपरवाइजर की भी मदद ली जा रही है। सोमवार को जिले में इसे लेकर 400 से भी अधिक केंद्र बनाए गए थे, जहां की काफी संख्या में लोग कोरोना का टीका लेते दिखे।
बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने के साथ टीकाकरण की भी जानकारी जुटाई गई है
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि पोलियो अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर टीका नहीं लेने वालों की जानकारी इकट्ठी की। आशा कार्यकर्ताओं ने पांच साल तक के बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने के साथ टीकाकरण की भी जानकारी जुटाई। जिस घर के सदस्यों ने कोरोना का टीका नहीं लिया, उसके घर को चिह्नित कर लिया गया। ऐसे लोगों को इस अभियान के दौरान कोरोना का टीका लगवाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी चिह्नित लोगों को कोरोना का टीका दिलवाने के लिए केंद्रों पर ला रहे हैं। साथ ही अन्य लोगों को भी टीका दिया जा रहा है।
नजदीकी केंद्रों पर जाकर लें कोरोना का टीकाः
सिविल सर्जन ने बताया कि जिन लोगों ने अब तक कोरोना का टीका नहीं लिया है, वे नजदीकी केंद्रों पर जाकर जल्द कोरोना का टीका लें। अब काफी संख्या में लोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है, इसलिए लोगों के मन में टीका के प्रति कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। शहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने टीका ले लिया है। ग्रामीण स्तर पर जिनलोगों ने टीका नहीं लिया है, वे जल्द लें। विशेष अभियान में पंचायतों में बड़ी संख्या में टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं, इसलिए टीका लेने के लिए दूर भी नहीं जाना पड़ेगा।
दूसरी डोज अवश्य लें: सिविल सर्जन ने बताया कि दोनों डोज लेने के बाद ही कोरोना टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए अगर एक डोज ले ली है तो समय पूरा होने पर दूसरी डोज अवश्य लें। जिले में सभी लोगों को जब कोरोना टीके की दोनों डोज लग जाएगी, तभी कोरोना से सुरक्षित होंगे। इसलिए टीके की दूसरी डोज अवश्य लें। साथ ही टीका लेने के बाद भी घर से बाहर निकलते वक्त कोरोना की गाइडलाइन का पालन करें औ मास्क पहनें। भीड़भाड़ से बचें और दो गज की दूरी एक-दूसरे के बीच बनाए रखें। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें।

फाइलेरिया से बचने के लिए डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली अवश्य लें

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• कोरोना से बचने को टीका जितना जरूरी, उतना ही फाइलेरिया से बचने को डीईसी-अल्बेंडाजोल लेना जरूरी
• जिले के फाइलेरिया रोग से पीड़ित व्यक्ति आमलोगों से हर हाल दवा का सेवन करने की कर रहे हैं अपील
बांका, 4 अक्टूबर-

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर एमडीए ( मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान का दूसरा चरण रविवार से चल रहा है। पहला चरण 20 से 23 सितंबर तक चला। इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिला रही हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए एक तरफ जहां आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में मेहनत कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर फाइलेरिया से पीड़ित लोग भी लोगों से दवा लेने की गुजारिश कर रहे हैं। फाइलेरिया से पीड़ित लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि जिस तरह कोरोना से बचने के लिए टीका ले रहे हैं, उसी तरह फाइलेरिया से बचने के लिए डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली अवश्य लें।
महिलाओं ने लोगों से हर हाल में दवा लेने की अपील की
सोमवार को ककवारा पंचायत के सोनारी गांव की महिलाओं ने लोगों से हर हाल में दवा लेने की अपील की। 70 साल की मोनिका देवी कहती हैं मैं जो परेशानी झेल रही हूं, दूसरे लोग इससे बचे रहें तो यह बहुत ही अच्छा है। स्वास्थ्व विभाग लोगों को घर-घर में दवा मुहैया करा रहा है। इससे अच्छा क्या होगा। सरकार जब फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर गंभीर है तो आमलोगों को भी इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी चाहिए। जिस तरह कोरोना से बचने के लिए लोग टीका लेने में उत्साह दिखा रहे हैं, उसी तरह लोगों को फाइलेरिया से बचने के लिए दवा एमडीए अभियान के तहत दवा लेने के लिए आगे आना चाहिए। इसी गांव की 55 वर्षीय उषा झा कहती हैं मुझे जो झेलना था, वह तो झेल ही रही हूं। अब तक जिसे यह बीमारी होनी थी , उसे हो गयी । अब आगे कोई इसकी चपेट में नहीं आए। यह जरूरी है। इसके लिए लोगों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली हर हाल में खाना चाहिए। मैं तो हर किसी से इसका सेवन करने के लिए कहती हूं। अभी अभियान चल रहा है। लोगों को आगे बढ़कर दवा लेना चाहिए।
आठ दिन और चलेगा अभियानः
पर्यवेक्षण वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरिफ इकबाल कहते हैं कि अभियान अभी आठ दिन और चलेगा। पूरे अभियान के दौरान जिले के 24 लाख से अधिक लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलायी जानी है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं की 970 टीम बनाई गई है। जहां पर आशा कार्यकर्ता नहीं हैं, वहां पर आंगनबाड़ी सेविका या फिर प्रेरक इस काम को कर रही हैं। अभियान के दौरान लाभुकों को अल्बेंडाजोल की गोली चबाकर खिलाई जा रही है। आशा कार्यकर्ताओं की टीम को क्षेत्र में लोगों को अपने सामने दवा खिला रही हैं। दवा खिलाने के बाद आशा कार्यकर्ता रजिस्टर में लाभुकों का नाम भी दर्ज कर रही हैं। साथ ही अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को केयर इंडिया और पीसीआई भी सहयोग कर रही है।
गंभीर रूप से बीमारों को नहीं खिलाई जा रही दवाः
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि अभियान के दौरान दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जा रही है। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खानी है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जा रही है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जा रही है। दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफ़ेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफ़ेक्ट सामान्य होते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरियाः
जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ) ने बताया कि कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने देना चाहिए। घर के आसपास साफ-सफाई रखना चाहिए। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।