-आशा कार्यकर्ताओं से दवा वितरण की ली जानकारी
-अभियान को सफल बनाने को लेकर दिया निर्देश
भागलपुर, 23 सितंबर । फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान चल रहा है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम तो जिले में सक्रिय है ही, साथ में जिले के वरीय अधिकारी और जिम्मेदार लोग भी अपनी तरह से इसमें सहयोग कर रहे हैं। आशा कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर जाकर लोगों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिला रही हैं। जहां पर आशा कार्य़कर्ता नहीं हैं, वहां पर सेविका या फिर प्रेरक लोगों को दवा खिला रही हैं। अभियान ठीक तरीके से चल रहा है या नहीं, इसे लेकर सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने गुरावर को जगदीशपुर प्रखंड के मुखारिया गांव का दौरा किया। वहां पर उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से अभियान के बारे में जानकारी ली। उनसे अभियान की सफलता के बारे में पूछा। उनके साथ मौके पर केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक भी मौजूद थे।
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर एमडीए अभियान ठीक तरीके से चल रहा है। जगदीशपुर के मुखारिया में सभी कुछ सामान्य मिला। सुपरवाइजर मौके पर नहीं दिखे, उन्हें अभियान में अपना काम सही तरीके से करने के लिए कहा गया। साथ ही पीएचसी प्रभारी को भी इसे लेकर सख्त निर्देश दिया गया। अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो, इसे लेकर उन्हें इस पर नजर बनाए रखने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि जिले में सभी जगह पर अभियान की गति अच्छी है। उम्मीद है कि हमलोग हर हाल में लक्ष्य को हासिल कर रहेंगे। मालूम हो कि एमडीए अभियान के तहत जिले में 31 लाख लोगों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की दवा खिलानी है। अभी अभियान का पहला चरण चल रहा है। दूसरा चरण एक से 10 अक्टूबर तक चलेगा। दोनों चरणों में जिले के 31 लाख लोगों को दवा खिलानी है।
जिला जज ने फोनकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाया: एक तरफ जिले में एमडीए अभियान काफी सफल तरीके से चल रहा है तो दूसरी ओर जिले के वरीय अधिकारी भी इसकी गंभीरता को समझते हुए अपना योगदान कर रहे हैं। इसी सिलसिले में गुरुवार को जिला जल शिव गोपाल मिश्र ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाया। उनका फोन आते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके आवास पर पहुंची। इस दौरान जिला जज समेत उनके 64 सहयोगियों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा दी गई। सभी लोगों ने अल्बेंडाजोल की गोली को चबाकर खाया।
गर्भवती महिलाओं और गंभीर तौर पर बीमारों को नहीं खिलाई जा रही दवाः दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जा रही है। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खाने के लिए कहा जा रहा है। इसे लाभुकों को बताया जा रहा है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जा रही है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जा रही है।
एमडीए अभियान को लेकर सिविल सर्जन ने जगदीशपुर का किया दौरा
सदर अस्पताल में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ़ प्रेगनेंसी एक्ट के तहत सुरक्षित गर्भपात की सुविधा
बिहारशरीफ, आधुनिक परिवार नियोजन साधनों के इस्तेमाल नहीं किये जाने पर महिलाएं गर्भवती हो जाती है. अनचाहे गर्भ के कारण यह दंपति को तनाव देता है क्योंकि वे इसके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होते. ऐसे में दंपति सुरक्षित गर्भपात की नितांत आवश्यकता महसूस करते हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल टर्मिनेशन आॅफ प्रेगनेंसी एक्ट को ध्यान में रखते हुए अब सुरक्षित गर्भपात की सुविधा अस्पतालों में सुचारू रूप से क्रियान्वित करायी जा रही है.
सुरक्षित गर्भपात और परिवार नियोजन को लेकर लोगों में अधिकाधिक जागरूकता लाने के उद्देश्य से बुधवार को सिविल सर्जन कक्ष में समीक्षात्मक बैठक कर इस विषय पर चर्चा की गयी. इस दौरान गर्भपात संबंधी मासिक डाटा तथा सुरक्षित गर्भपात के दौरान महिलाओं के भावनात्मक सहयोग एवं गोपनीयता ऐवम दस्तावेजीकरण पर चर्चा की गयी.
सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील कुमार की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा में सुरक्षित गर्भपात व परिवार नियोजन को लेकर काम करने वाली पटना स्थित संस्था आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि शंकर दयाल सिंह. सुनील कुमार सहित अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर विजय कुमार सिंह, सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर सुमित कुमार, डॉक्टर कुमकुम, डॉक्टर अंकिता, डॉक्टर वीणा, डॉक्टर संगीता ऐवम नर्सिंग स्टॉफ ने हिस्सा लिया|
बैठक में पहले तथा दूसरी तिमाही के सुरक्षित गर्भपात एवं इसके उपरांत परिवार नियोजन विधि अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गयी|
एमटीपी एक्ट के तहत गर्भ समापन का प्रावधान:
आईपास प्रतिनिधि शंकर दयाल सिंह ने बताया कि कोरोना काल में बहुत सी महिलाएं अनचाहे रूप से गर्भवती हो गयी हैं और उन्हें गर्भ समापन की सुविधा लेने में परेशानी हुई है इस वजह से उनका गर्भ प्रथम से दूसरी तिमाही का हो गया है| इसलिए उन्हें चिकित्सीय सलाह एवं परामर्श की आवश्यकता है ताकि उनका सुरक्षित गर्भपात कराया जा सके| इसको लेकर सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है| परिचर्चा में बताया गया कि लोग स्वयं से गर्भपात कराने के विधियों को नहीं अपनाये| मेडिकल साइंस की मदद से सुरक्षित गर्भपात की विधि ही अपनायी जानी चाहिए| इसके लिए तकनीकी रूप से दक्ष चिकित्सक से परामर्श प्राप्त किया जाना चाहिए| सदर अस्पताल में 20 सप्ताह तक के गर्भ का समापन करने की सुविधा उपलब्ध है| अगर कोई महिला अपना गर्भ समापन कराना चाहती है तो एमटीपी एक्ट के तहत अपना गर्भ समापन करा सकती है|
सिविल सर्जन महोदय ने कहा भारत में मातृ मृत्यु दर का 8 प्रतिशत असुरक्षित गर्भपात के कारण होता है. इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि गर्भपात की सुविधा उपलब्ध हो और इसके तहत सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह सुरक्षित हों. सदर अस्पताल में सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं.
बार बार गर्भपात कराना खतरनाक:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार गर्भपात के बाद गर्भधारण में छः महीनो का अंतराल होनी चाहिए. अतः इस बात की चर्चा भी की गयी कि गर्भपात के बाद महिलाओ को गर्भनिरोधक साधन अपनाने के लिये प्रेरित करे |
सही पोषण से देश रोशन की अलख जगा रहीं सहायिका रिंकु देवी
कजरैली पंचायत के तेतरहाट स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 80 में हैं तैनात
गर्भवती और धात्री महिलाओं को लगातार पोषण के प्रति कर रहीं जागरूक
भागलपुर-
अभी पोषण माह चल रहा है। इस वजह से पूरे सितंबर महीने में पोषण को लेकर तमाम गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सालों भर इसमें लगे रहते हैं। वह क्षेत्र के लोगों को पोषण की जानकारी देते रहते हैं। नाथनगर प्रखंड की कजरैली पंचायत के तेतरहाट गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 80 की सहायिका इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेती है। क्षेत्र के लोगों में जागरूकता से लेकर केंद्र पर होने वाली गतिविधियों में अपनी भूमिका निभाती रहती हैं। घर में दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, इसके बावजूद वह अपने कर्तव्य पथ पर डटी रहती हैं।
रिंकू देवी कहती हैं कि 2004 से मैं अपने क्षेत्र में काम कर रही हूं। शुरुआत में थोड़ी परेशानी हो रही थी। चीजों को समझने में थोड़ी दिक्कते थीं, लेकिन एक बार जब काम को समझ गई तो फिर उसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया। जिस तरह से मैं अपने बच्चों के प्रति जागरूक रहती हूं, उसी तरह से अपने केंद्र पर आने वाले बच्चों का भी ध्यान रखती हूं। इतने दिनों तक काम करने के बाद क्षेत्र के एक-एक लोगों से मैं परिचित हो चुकी हैं। गांव के लोग भी समझ गए हैं कि अपने लिए नहीं, बल्कि मेरे लिए काम करती है। उसी केंद्र पर सेविका रंजना कुमारी कहती हैं कि रिंकु देवी को काम की अच्छी समझ है। इसलिए मेरा काम भी आसान हो जाता है। अगर आपकी सहायिका काम को बेहतर तरीके से करे तो उसका फायदा न सिर्फ सेविका को मिलता है, बल्कि क्षेत्र के लोगों को भी मिलता है।
लोगों की खाने-पीने की दिनचर्या तक बदलवा डालीः
रिंकु देवी कहती हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में आमतौर पर आसानी से उपलब्ध होने वाली चीजों के प्रति लोगों की दिलचस्पी कम रहती है, जैसे सहजन, हरी सब्जियां इसे लेकर लोगों में उतनी समझ नहीं रहती है। जब मैंने सहजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया तो लोग आश्चर्य करने लगे। इसी तरह से हरी सब्जियों से होने वाले फायदे को भी लोगों को बताया। गर्भवती और धात्री महिलाओं को समझाया कि हरी सब्जियां उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है। आज के समय में कई महिलाओं ने इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। इसी तरह छह माह के बच्चों को सिर्फ मां का दूध देने के फायदे लोगों को बताया। छह माह के बाद ऊपरी आहार देने के लिए कहा। लोग अब इसे मानते हैं। इसका फायदा भी लोगों को हो रहा है।
कोरोना काल में बढ़-चढ़कर निभाई अपनी भूमिकाः रिंकु देवी कहती हैं कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान काम थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो गया था। लोग समझने को तैयार नहीं थे। ऐसे समय में जब लोग घर से भी नहीं निकल रहे हैं तो वैसे समय में ये घर-घर जा रही है। लोगों को मास्क पहनने के लिए कह रही है। हाथ की बार-बार धुलाई करवा रही है। ये सब अपने लिए नहीं कर रही है। इसका फायदा हम सभी लोगों को मिलेगा। इस तरह से लोगों ने कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने की आदत बना ली। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कोरोना काल में भी पोषण को लेकर जागरूकता जारी रही। उस दौरान भी गर्भवती से लेकर धात्री महिलाओं को सही पोषण के प्रति जागरूक करती रही।
वोट डालने के साथ अपना टीकाकरण भी करवाइए
पंचायत चुनाव के पहले चरण में धोरैया प्रखंड में होगा मतदान
45 केंद्रों पर मतदान देने के बाद टीकाकरण की व्यवस्था की गई
बांका-
जिले में पंचायत चुनाव के तहत पहले चरण का मतदान शुक्रवार को धोरैया प्रखंड में हो रहा है। यहां पर वोटरों के लिए मतदान के साथ-साथ टीकाकरण की भी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग जिले में शत प्रतिशत टीकाकरण को लेकर प्रतिबद्ध है। इसी के तहत यह व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में लोग मतदान करने के लिए आएंगे। ऐसे में काफी संख्या में लोग टीकाकरण करवाएंगे। इसे लेकर धोरैया प्रखंड में 45 साइट बनाए जा रहे हैं। जहां पर कि लोग वोट डालने के साथ कोरोना का टीका ले सकेंगे। इसे लेकर स्वास्थ्यकर्मियों और नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले के सभी व्यक्ति का जल्द से जल्द टीकाकरण करवाना है। इसे लेकर ये व्यवस्था की गई है। सभी लोगों को कोरोना टीका दोनों का डोज जल्द से जल्द पड़े, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। इसे लेकर प्रतिदिन टीकाकरण हो रहा है और साथ में बीच-बीच में कोरोना टीकाकरण को लेकर महाअभियान भी चलाया जाता है। लोगों से मेरी अपील है कि वे यह मौका नहीं चूकें। वोट डालने के साथ आपको टीका देने की व्यवस्था की गई है। जिन लोगों ने पहला डोज लिया है वे समय पूरा होने पर दूसरा डोज लें और जिन्होंने एक भी डोज नहीं लिया है, वे अपना पहला डोज जल्द से जल्द लें।
कोरोना गाइडलाइन का किया जाएगा पालन: मतदान के दौरान टीकाकरण के वक्त भीड़ न हो, इसे लेकर कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवाया जाएगा। लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करवाया जएगा। साथ ही सभी लोग इस दौरान मास्क भी पहने रहेंगे। इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए टीकाकरण हो, इसका विशेष तौर पर ध्यान रखा जाएगा।
लोगों को किया जाएगा जागरूक: मतदान के दौरान टीका लेने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। अधिक से अधिक लोग इस दौरान टीका ले सकें, इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं। अगर लोगों के मन में कोरोना टीका के प्रति किसी तरह का भ्रम होगा तो उसे भी दूर किया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण हो, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है।
500 लोगों को लगे टीके,322की हुई जांच
जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला
कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
बांका-
कोरोना को खत्म करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। इसी सिलसिले में बुधवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 500 लोगों को कोरोना के टीके दिए गए। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट की निगरानी में रखा गया। किसी को भी कोई समस्या नहीं आने पर सभी लाभुकों को घर जाने दिया गया। साथ ही समय पर आकर दूसरा डोज लेने के लिए भी कहा गया। वहीं दूसरी ओर 322 लोगों की कोरोना जांच हुई। हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि बुधवार को 500 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। कोरोना को खत्म करने के लिए टीकाकरण काफी तेज गति से चल रहा है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा अन्य केंद्रों पर लोगों को कोरोना के टीके लगाए जा रहे हैं। साथ ही केंद्रों पर लाभुकों के लिए भी बेहतर व्यवस्था की गई है।
टीका का दोनों डोज लेने के बाद ही प्रक्रिया होगी पूरीः डॉ. चौधरी ने बताया कि टीका लेने के लिए आने वाले सभी लाभुकों को यह समझाया जाता है कि टीका के दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए समय पर आकर दूसरा डोज अवश्य लें। साथ ही टीका लेने के बाद यह नहीं समझें कि हम कोरोना की चपेट में आने से पूरी तरह से मुक्त हो गए। जबतक सभी लोग टीका नहीं ले लेंगे, तबतक खतरा बना रहेगा। इसलिए टीका का दोनों डोज ले लेने के बाद भी सतर्क रहें।
जांच में आई तेजीः बुधवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 322 लोगों की जांच हुई। 212 लोगों की एंटीजन किट के जरिये जांच हुई, जिसमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। वहीं 110 लोगों के सैंपल आरटीपीआर मशीन के लिए लिए गए। डॉ चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत 22 एवं 23 सितंबर को मनाया जा रहा है मॉप अप दिवस
– जिले भर में 16 से 21 सितंबर तक आयोजित किया गया राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम
– घर- घर जाकर बच्चों को खिलाया जा रहा है एल्बेंडाजोल का टेबलेट
लखीसराय, 22 सितंबर 2021: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत 22 एवं 23 सितंबर तक मॉप अप दिवस मनाया जा रहा है। इससे पूर्व 16 से 21 सितंबर तक जिला भर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम मनाया गया । जिसमें जिले के सभी प्रखण्डों में 1 से 19 साल के बच्चों को कृमि मुक्ति को ले एल्बेंडाजोल का टेबलेट खिलाया गया । इस दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी सेविका अपने पोषक क्षेत्र के सभी बच्चों को घर-घर जाकर एल्बेंडाजोल का टेबलेट खिलाई। इसके साथ ही सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्यतर माध्यमिक विद्यालयों में क्लास टीचर पहले खुद बच्चों के सामने एल्बेंडाजोल का टैबलेट खाकर बच्चों के सामने कृमि मुक्ति का विश्वास दिलाने के बाद बच्चों को टेबलेट खिलाए।
जिला सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति से प्राप्त निर्देश के अनुसार कार्यक्रम के अनुश्रवण के दौरान यह पाया गया है कि आवंटित लक्ष्य के विरुद्ध कार्यक्रम का आच्छादन आशा के अनुरूप नहीं हो पाई और बहुत सारे बच्चे एल्बेंडाजोल की दवा खाने से वंचित रह गए हैं। इसी को ध्यान में रखकर 22 एवं 23 सितंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की सफलता के लिए मॉप अप दिवस आयोजित कर बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जा रही है। उन्होने बताया कि जिले के सभी प्रखण्डों में आशा कार्यकर्ता के सहयोग से आंगनबाड़ी सेविका घर- घर जाकर बच्चों को एल्बेंडाजोल का टेबलेट खिला रही है। उन्होने बताया कि 1 से 19 वर्ष के सभी बच्चों को यह टेबलेट खिलाया जाना है। इसके तहत 1 से 2 साल के बच्चों को आधा टेबलेट और 2 से 19 साल के बच्चों को एक – एक टेबलेट खिलाया जाना है।
राष्ट्रीय पोषण अभियान के पोषण एवं वानिकी कार्यक्रम के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी में पोषण वाटिका निर्माण के लिए किया गया पौधारोपण
– “कुपोषण छोड़ पोषण कि ओर, थामें स्थानीय भोजन की डोर” थीम के तहत 01 से 30 सितंबर तक मनाया जा रहा है राष्ट्रीय पोषण माह
– हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी, नौवागढ़ी मुंगेर कि सीएचओ अर्चना कुमारी के नेतृत्व में पोषण वाटिका के निर्माण के लिए किया गया फल, सब्जी और औषधीय पौधों का पौधारोपण
मुंगेर, 22 सितंबर 2021 : राष्ट्रीय पोषण अभियान के पोषण एवं वानिकी कार्यक्रम के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी नौवागढ़ी मुंगेर में सीएचओ अर्चना कुमारी के नेतृत्व में पोषण वाटिका निर्माण के लिए फल, सब्जी और औषधीय पौधों का पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर सीएचओ अर्चना कुमारी के अलावा एएनएम मालती कुमारी, योग शिक्षक शैलेश कुमार के साथ – साथ आशा कार्यकर्ता मौजूद थी।
इस अवसर पर सीएचओ अर्चना कुमारी ने बताया कि “कुपोषण छोड़ पोषण कि ओर, थामें भोजन की डोर” थीम के तहत 01 से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इस दौरान पोषण एवं वानिकी कार्यक्रम के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर पोषण वाटिका का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए फल, सब्जी के साथ कुछ औषधीय पौधों को लगाया गया है। इसके साथ ही यहां गर्भवती और धातृ महिलाओं को पोषण युक्त आहार लेने के लिए प्रेरित करने के लिए पोषण परामर्श केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जिसमें इन सभी महिलाओं को अपने -अपने घरों में पोषण वाटिका का निर्माण करने के साथ- साथ उसके उत्पाद का अधिक से अधिक खुद के साथ अपने परिवार के सही पोषण के लिए इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है ताकि उनके परिवार में कुपोषण की समस्या समाप्त हो सके। इसके साथ ही वैसी महिलाएं जो अपने घरों में पोषण वाटिका का निर्माण कर चुकी हैं वो अपने अनुभवों से अन्य महिलाओं को पोषण वाटिका से होने वाले लाभ के बारे में बताकर उन्हें पोषण वाटिका लगाकर अपने परिवार को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए प्रेरित कर रही है।
उन्होंने बताया कि यहां गर्भवती और धातृ महिलाओं को पोषण युक्त आहार के प्रति प्रेरित करने के लिए स्लोगन लेखन और पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। परियोजना स्तर पर सर्वश्रेष्ठ पोषण वाटिका को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके साथ ही प्रसव पूर्व देखभाल एवम गर्भवती धातृ महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषण के साथ-साथ योगाभ्यास और आयुषभ्यास के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
दो मोबाइल टीम द्वारा एक दिन में सुदूरवर्ती इलाके के चार गाँवों के 95 प्रतिशत लोगों को दी गई कोविड वैक्सीन
– लखीसराय पीएचसी अंतर्गत सुदूरवर्ती इलाके में स्थित चानन क्षेत्र सतघरवा, महजन्मा, बासकुंड एवं कछुआ गाँव के लोगों को दी गई वैक्सीन
– पहलीबार सुदूरवर्ती इलाके में चलाया वैक्सीनेशन अभियान, लोगों ने उत्साह के साथ ली वैक्सीन
लखीसराय, 21 जुलाई- जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और एक भी लोग वैक्सीन से वंचित नहीं रहें, इसको लेकर जिले में लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को लखीसराय पीएचसी अंतर्गत सुदूरवर्ती इलाके में स्थित चानन क्षेत्र के चार गाँवों में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के साकारात्मक पहल से पहली बार वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। जिसके माध्यम दो मोबाइल वैक्सीनेशन टीम द्वारा चार गाँवों का भ्रमण कर एक ही दिन में 95 प्रतिशत लोगों को वैक्सीनेट किया गया। सभी गाँवों के लोगों ने उत्साह के साथ वैक्सीन ली और सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन देने के लिए वैक्सीनेशन टीम को धन्यवाद दिया। वहीं, वैक्सीन लेने वाले लोगों ने कहा, स्थानीय स्वास्थ्य विभाग का यह कदम काफी सराहनीय है और स्वास्थ्य विभाग के पहल से हमलोगों को घर में सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन लेने का अवसर मिला।
सभी लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन देने के लिए गाँव-गाँव चलाया जा रहा है वैक्सीनेशन अभियान :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, किसी भी क्षेत्र के लोगों को वैक्सीन लेने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सके। इसको लेकर गाँव-गाँव वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। जिसे गति देने के लिए मंगलवार को पीएचसी के 40 किमी की दूरी पर स्थित सुदूरवर्ती इलाके के चानन क्षेत्र के सतघरवा, महजन्मा, बासकुंड एवं कछुआ गाँव में मोबाइल वैक्सीनेशन टीम के सहयोग से वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। जिसके माध्यम एक ही दिन 95 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन दी गई। उक्त सभी गाँव पीएचसी से तो 40 किमी दूर है ही, इसके अलावा एपीएचसी भी 15 किमी दूर है। यानी स्वास्थ्य सुविधा कठिन है।
दो गाँवों में एक मोबाइल वैक्सीनेशन टीम द्वारा लोगों को दी गई वैक्सीन:
आरई नोडल पदाधिकारी डॉ ब्रजेंद्र कुमार ने बताया, चार गाँवों के लिए दो मोबाइल वैक्सीनेशन टीम की तैनाती की गई थी। दोनों टीम ने दो-दो गाँवों के एक ही दिन 95 प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन किया। वहीं, उन्होंने बताया, सभी लोगों को वैक्सीन का पहला डोज दिया गया।
वैक्सीनेशन के दौरान लोगों का मिला सहयोग :
वैक्सीन टीम में शामिल एएनएम सुनीता कुमारी एवं शांति कुमारी ने बताया, वैक्सीनेशन के दौरान सभी गाँवों के लोगों का काफी सहयोग मिला एवं लोगों ने उत्साह के साथ वैक्सीन ली। वहीं, बताया कि लोगों का इस तरह सहयोग मिला कि हमलोगों को पता ही नहीं चला कि हम क्षेत्र वो भी सुदूरवर्ती क्षेत्र में वैक्सीनेशन कर रही हूँ। बल्कि, ऐसा लगा कि पीएचसी में वैक्सीनेशन का कार्य कर रही हूँ।
इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सेनेटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
सदर अस्पताल मुंगेर सहित जिला के सभी चिकित्सा संस्थानों में मंगलवार को मनाया गया परिवार नियोजन दिवस
– सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन, डीपीएम, केयर इंडिया कि डीटीओएफ सहित कई स्वास्थ्य कर्मी थे उपस्थित
– सदर अस्पताल के अलावा अनुमंडल अस्पताल तारापुर, सभी सीएचसी, पीएचसी, यूपीएचसी और एपीएचसी में आयोजित किया गया परिवार नियोजन दिवस
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन प्रत्येक महीने के 9 तारीख को होगा परिवार नियोजन संबंधी परामर्श व पंजीकरण का इंतजाम
मुंगेर, 21 सितंबर : सदर अस्पताल मुंगेर, अनुमंडल अस्पताल तारापुर सहित जिला के सभी सामुदायिक,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को परिवार नियोजन दिवस का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी परिवार नियोजन दिवस का आयोजन किया गया। सदर अस्पताल मुंगेर में आयोजित कार्यक्रम में मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि, हॉस्पिटल मैनेजर तौसिफ हसनैन, केयर इंडिया की डीटीओएफ डॉ. नीलू, केयर इंडिया कि फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर तस्नीम रजि और सदर अस्पताल मुंगेर में कार्यरत परिवार नियोजन के परामर्श दाता योगेश कुमार मौजूद थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के इस दौर में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका विपरित प्रभाव पड़ा है। इसकी वजह से मातृ-शिशु मृत्यु दर के प्रभावित होने की चुनौतियों को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति आम जनों को बेहतर मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके लिए परिवार नियोजन की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए नियोजन संबंधी विभिन्न उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करने व योग्य दंपतियों को तत्काल परिवार नियोजन की सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला के सभी चिकित्सा संस्थानों में प्रत्येक महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस के मनाया जाना है। इसके साथ ही प्रत्येक महीने के 09 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन एएनसी जांच के लिये आने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद अगले बच्चे के जन्म में कम से तीन साल का अंतराल व अनचाहे गर्भ से बचने के लिये गर्भनिरोध से जुड़े विभिन्न संसाधनों के बारे में जरूरी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रत्येक महीने के 21 तारीख को मनाया जायेगा परिवार नियोजन दिवस :
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) नसीम रजि ने राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए बताया कि परिवार नियोजन संबंधी उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस विशेष दिन जिला से लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में स्थित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में परिवार नियोजन सेवा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाना है। उन्होंने हाल ही में जारी किए गए रिसर्च रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि परिवार नियोजन सेवाओं को सुलभ बनाकर अनचाहे गर्भ के मामले में 70 फीसदी, मातृत्व मृत्यु दर में 67 फीसदी नवजात मृत्यु दर में 77 फीसदी व प्रसव संबंधी जटिलता के मामलों में दो तिहाई तक कमी लाई जा सकती है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों तक परिवार नियोजन संबंधी सेवाओं की आसान पहुंच से ही असुरक्षित गर्भपात के मामलों में कमी आयेगी । इसके साथ ही मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में गिरावट, एचआईवी संक्रमण से बचाव, महिला सशक्तिकरण के साथ- साथ सामाजिक व आर्थिक विकास को भी तेज करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि विशेष दिवस के अलावा प्रत्येक दिन नियोजन संबंधी सेवाओं का संचालन पूर्व की तरह ही संचालित होगा। 21 तारीख के दिन नियोजन संबंधी विभिन्न विकल्पों में से ही यदि इच्छुक दंपति किसी एक का चयन करते हैं तो तत्काल उन्हें ये सुविधा उपलब्ध कराने का सारा इंतजाम होगा । सरकारी अवकाश होने की स्थिति में नियोजन दिवस का आयोजन इसके अगले दिन किया जायेगा।
प्रत्येक माह कि 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य :
कार्यक्रम में मौजूद केयर इंडिया कि डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया प्रत्येक माह की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य कम उम्र में शादी से उत्पन्न समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और दम्पतियों के पसंद के अनुसार गर्भ निरोध कि सेवा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही नव विवाहित दम्पतियों को शादी के कम से कम एक साल के बाद गर्भ धारण करने के प्रति प्रेरित करने एवं बच्चों के जन्म में कम से कम तीन साल का अंतराल रखने के लिए का साथ चयनित गर्भ निरोध की सेवा उपलब्ध कराना है. उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन दिवस प्रत्येक महीने की 21 तारीख को वैसे दम्पति जो परिवार नियोजन अपनाना चाह रहे हैं पर उपयोग नहीं कर पा रहे हैं को गर्भ निरोधक के विभिन्न साधनों की जानकारी देने के साथ ही पसंद के अनुसार सेवा उपलब्ध कराना है। इसके अलावा इस दिन दम्पतियों को अनचाहे गर्भ से बचाव के जानकारी देने के साथ ही गर्भपात के बाद गर्भ धारण से बचाव के लिए सेवा उपलब्ध कराना है। मंगलवार को आयोजित परिवार नियोजन दिवस के दिन जिला भर के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में इन्ही उद्देश्यों को पूरा करने के लिए योग्य दम्पतियों को काउंसलिंग करने के साथ ही गर्भ निरोध के उचित साधनों की जानकारी दी गई।
जिले के नवनियुक्त जीएनएम के लिए पाँच दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शुरू
– सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल में स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ
– एक बैच में 30 नवनियुक्त जीएनएम को दिया जा रहा प्रशिक्षण
खगड़िया, 21 सितंबर- जिले के नवनियुक्त जीएनएम को दी जाने वाली पाँच दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण का मंगलवार से शुभारंभ हो गया। इस प्रशिक्षण का स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में सदर अस्पताल खगड़िया परिसर स्थित एएनएम स्कूल में शुभारंभ हुआ। जिसके माध्यम से जिले के नवनियुक्त जीएनएम को विस्तार पूर्वक बुनियादी प्रशिक्षण दी जाएगी। जिसमें अस्पताल के तमाम सुविधाओं समेत अन्य आवश्यक जानकारी दी जाएगी। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी जीएनएम अपने कर्तव्य का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सके और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके। यह प्रशिक्षण केयर इंडिया के सीमांक सह प्रशिक्षक सलीला टंडी एवं नर्सिंग मेंटर प्रियंका टंडन एवं प्रखंड प्रबंधक रेणुका कुमारी द्वारा डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक के मानिटरिंग में दी जा रही है। वहीं, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. योगेन्द्र नारायण प्रयसी ने प्रशिक्षण का निरीक्षण किया एवं आवश्यक जानकारी दी।
बेहतर कार्य के बुनियादी प्रशिक्षण जरूरी :
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. योगेन्द्र नारायण प्रयसी ने बताया, बेहतर कार्य यानी अपने कर्तव्य का मजबूती और बेहतर तरीके से निर्वहन के लिए बुनियादी प्रशिक्षण जरूरी है। क्योंकि, किसी भी कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिए हर व्यक्ति को बुनियादी जानकारी होना अति आवश्यक है और इसी के बदौलत कोई भी लोग अपने कार्य का बेहतर क्रियान्वयन कर सकते हैं।
प्रशिक्षण समापन के मौके पर सभी जीएनएम को दिया जाएगा प्रमाण-पत्र :
केयर इंडिया के डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक ने बताया, सीएस के निर्देशानुसार जिले के नवनियुक्त जीएनएम को पाँच दिवसीय प्रशिक्षण दी जा रही है। प्रशिक्षण समापन के मौके पर सभी प्रशिक्षित जीएनएम को प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवनियुक्त जीएनएम को सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही तमाम स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर संचालन की जानकारी सुनिश्चित कराना है। ताकि सभी जीएनएम लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में खुद को सक्षम महसूस करे और लोगों को सुविधाजनक तरीके से सभी सुविधाओं का लाभ मिल सके। इसके लिए प्रशिक्षण के दौरान अस्पताल में होने वाले तमाम सुविधाएं एवं उसका क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
30 नवनियुक्त जीएनएम को दी जा रही है प्रशिक्षण :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, एक बैच में मात्र 30 नवनियुक्त जीएनएम को प्रशिक्षण दी जा रही है। ताकि सभी जीएनएम को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके और सभी जीएनएम प्रशिक्षण के महत्व और उद्देश्य को समझ सके। वहीं, उन्होंने बताया, यह प्रशिक्षण कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ दी जा रही है।