कोरोना के प्रति लोग अभी भी जागरूकता, दोनों टीका लेने के बाद भी हैं सतर्क
जिले में कोरोना पर लगाम लगाने को लेकर आमलोगों में जागरूकता कायम
बांका, 21 सितंबर
कोरोना के प्रति लगातार अभियान चलते रहने से लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इसी का नतीजा है कि लोग कोरोना टीका का दोनों डोज लेने के बाद भी सतर्कता के साथ रह रहे हैं। घर से बाहर जाने पर मास्क लगाते हैं और सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं। कोरोना टीका का दोनों डोज लेने वाले विश्वकर्मा शर्मा कहते हैं कि कोरोना एक संक्रामक रोग है। इससे बचने के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है। मैंने टीका का दोनों डोज ले लिया है, इसके बावजूद सतर्क रह रहा हूं। मैं लगातार यह कोशिश करता आ रहा हूं कि किसी से मेरे में इसका संक्रमण नहीं हो और न ही मेरे से किसी दूसरे व्यक्ति में। इसके लिए सतर्क रहने जरूरी है।
बबीता कुमारी ने भी कोरोना टीका का दोनों डोज ले लिया है। वह कहती हैं सिर्फ टीका से ही बचाव नहीं होगा। टीका लेना जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। सतर्कता इस बीमारी का सबसे बड़ा बचाव है। इसलिए दोनों टीका ले लेने के बाद भी लोगों को सतर्क रहना बहुत जरूरी है। विनय कुमार कहते हैं कि लोग भी इस बात को समझ रहे हैं कि सिर्फ टीका ले लेने से काम नहीं चलेगा। इसके साथ सतर्कता जरूरी है। इसलिए लोग इसका पालन कर रहे हैं। कोरोना के मामले अगर नहीं आ रहे हैं तो लोगों का भी इसमें योगदान है। अगर लोग सतर्क नहीं होते तो इतनी तेजी से कोरोना की दूसरी लहर शांत नहीं होती। इसलिए लोग भी जागरूक हो रहे हैं।
किसी भी मामवे में लापरवाही नहीं करना चाहिएः शिवशंकर दास कहते हैं कि टीका लेना और सतर्क रहना दोनों जरूरी है। जो लोग टीका ले लिए हैं, वे सतर्क भी रहें। किसी भी मामले में लापरवाही नहीं बरतना चाहिए। साथ ही दूसरे लोगों को भी टीका लेने के प्रति जागरूक करना चाहिए। जल्द से जल्द सभी लोगों का टीका लेना बहुत जरूरी है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि लोग अब कोरोना के प्रति समझदार हो गए हैं। टीका लेने के बाद भी सतर्क रहना अच्छी बात है। अगर जिले के लोगों का इतना सहयोग मिला तो यहां कोरोना काबू में ही रहेगी।
टीका का दोनों डोज ले लिया, फिर भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करता हूं
परिवार नियोजन दिवस पर अस्पतालों में लगे मेले
मेले में परिवार नियोजन को लेकर दंपति को किया गया जागरूक
परिवार नियोजन के अस्थाई संसाधनों का किया गया वितरण
भागलपुर, 21 सितंबर-
हर महीने की 21 तारीख को अब परिवार नियोजन दिवस मनाया जाएगा। मंगलवार को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन दिवस मनाया गया। इसे लेकर सभी अस्पतालों में मेले का भी आयोजन किया गया। सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेले का आगाज एसीएमओ डॉ. अंजना कुमारी ने फीता काटकर किया। मेले में विभिन्न तरह के काउंटर लगाए गए थे। काउंटर पर परिवार नियोजन से संबंधित अस्थाई सामग्री का वितरण किया जा रहा था। लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा था और इससे होने वाले फायदे के बारे में बताया जा रहा था। इस मौके पर डॉक्टर दीनानाथ, डीपीएम फैजान आलम अशर्फी, आशा के जिला समन्वयक जफरूल इस्लाम और केयर इंडिया के आलोक कुमार भी मौजूद थे।
एसीएमओ डॉ. अंजना कुमारी ने बताया अब हर महीने परिवार नियोजन दिवस का आयोजन होगा। इससे परिवार नियोजन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। परिवार नियोजन दिवस के मौके पर कई तरह के आयोजन किए जाएंगे, जिससे लोगों में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। मेले में किसी काउंटर पर परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री का वितरण हो रहा है तो कहीं लोगों की काउंसिलिंग की जा रही है। लोगों को परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में भी बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण है लोगों को परिवार नियोजन के प्रति अस्थाई संसाधनों पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित करना। लोगों में इसके प्रति थोड़ा भ्रम रहता है। उसे दूर करने की जरूरत है। लोगों में यह सोच विकसित करनी पड़ेगी कि कंडोम, अंतरा जैसे अस्थायी संसाधनों के इस्तेमाल से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है।
दो बच्चों के बीच 3 साल का अंतराल जरूरीः
डॉ. अंजना कुमारी ने बताया कि दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी है। इसे लोगों को समझाना बहुत आवश्यक है। अगर दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल रहता है तो जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहता है। इससे बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित रहने से बच्चा भविष्य में होने वाली किसी भी तरह की बीमारी से सुरक्षित रहता है। इन सब बातों को लोगों को समझाने की जरूरत है।
काउंसिलिंग पर जोरः
डॉ. अंजना प्रकाश ने बताया कि परिवार नियोजन दिवस पर योग्य दंपतियों की काउंसिलिंग पर फोकस किया जा रहा है। एक बच्चे वाले दंपती को दूसरा बच्चा के लिए तीन साल का गैप रखना, 20 साल के बाद ही पहला बच्चा और अगर दो बच्चे हो गए हैं तो दंपती को बंध्याकरण के लिए मार्गदर्शन करने पर फोकस किया जा रहा है। ऐसा करने से होने वाले फायदे के बारे में भी दंपती को समझाया गया। दंपति की काउंसलिंग करने के लिए मेले में काउंसलर मौजूद रहेंगे
गांधी जयंती के अवसर पर जिले में आयोजित किया जाएगा कोरोना टीकाकरण महाअभियान
– वैक्सीन के दोनों डोज़ पर होगा फोकस
लखीसराय, 20 सितंबर 2021 : जिला में एक बार फिर से 02 अक्टूबर यानी गांधी जयंती को कोरोना टीकाकरण महाअभियान होने जा रहा है। इसके लिए जिला भर में कई सेशन साइट बनाए जाएंगे।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि पिछले दिनों 16 और 17 सितंबर को आयोजित कोविड वैक्सीनेशन मेगा कैंपेन में लखीसराय जिला भर में 30 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी। जिसे स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के अधिकारी और कर्मियों के अथक प्रयास से प्राप्त कर लिया गया था। अब एक फिर से 2 अक्टूबर को कोविड वैक्सीनेशन मेगा कंपैन का आयोजन किया जा रहा है जिसमें जिला भर में हजारों लोगों को कोरोना कि वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए जिला भर में कई सेशन साइट बनाए जाएंगे।
मेगा कंपैन में लोगों को दिए जाएंगे वैक्सीन का दोनों डोज :
उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कोविड वैक्सीनेशन मेगा कैंपेन के दिन जिला भर के सभी सेशन साइट पर लोगों को वैक्सीन का पहला और दूसरा दोनों डोज लगाया जाएगा। 20 जून से पहले कोरोना का वैक्सीन लेने वाले सभी लोगों से वैक्सीन लगवाने कि अपील की।
कोरोना कि दोनों वैक्सीन लगवाने के बाद भी बरतें सावधानी, करें कोरोना गाइड लाइन का पालन :
डीआईओ डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना संक्रमण कि आशंका बहुत ही कम होती है। बावजूद इसके हमे पूरी सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। लोगों को अभी भी कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरीके से पालन करना करना चाहिए। घर से बाहर निकलने पर हमेशा अपने नाक और मुंह को ढंकने के लिए मास्क , रुमाल, गमछा का इस्तेमाल करना आवश्यक है। महिलाएं इसके लिए दुपट्टा या साड़ी के पल्लू का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके साथ ही शारीरिक दूरी के नियम के तहत सभी लोगों को एक- दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी बरतना चाहिए। इसके अलावा कुछ भी छूने की स्थिति में साबून या हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथों को साफ करना चाहिए ।
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए अभियान का हुआ शुभारंभ
– डीएम ने खुद दवा सेवन कर अभियान का किया शुरूआत
– घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा
खगड़िया, 20 सितंबर, 2021
जिले में सोमवार को फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान का शुभारंभ हुआ। इस अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. आलोक रंजन घोष ने सदर पीएचसी खगड़िया परिसर में आशा कार्यकर्ता समेत अन्य कर्मियों को दवा खिलाकर किया। जिसके बाद जिले में सोमवार से अभियान की विधिवत शुरूआत हुई। वहीं, इस दौरान जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा, फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल व डीईसी की दवा का सेवन बहुत जरूरी है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि निश्चित रूप से पूरी तरह निःसंकोच होकर दवा खिलाने वाली टीम के सामने दवा की सेवन करें। मुझे जिले वासियों से विश्वास ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए तमाम जिले वासी निश्चित रूप से साकारात्मक सहयोग करेंगे। इस दौरान जिलाधिकारी ने खुद भी दवा खाया। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार सिंह, एसीएमओ रवींद्र नारायण, डीआईओ देवनंदन पासवान, डीएमओ डॉ विजय कुमार, सीडीओ डॉ. आर एन चौधरी, डीभीबीडीसी बबलू सहनी, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद, सदर पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव कुमार समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।
घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा :
सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा, जिले के सभी प्रखंडों में एमडीए अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत गृह भेंट की तर्ज पर आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को खुद के सामने एलबेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं खिलाएंगी। ताकि एक भी व्यक्ति दवाई खाने से वंचित नहीं रहे और अभियान सफल हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, 2 से 5 साल तक के बच्चों को 100 मिलीग्राम की डीईसी एवं 400 मिलीग्राम की अलबेंडाजोल की एक-एक गोली, 6 से 14 साल तक के किशोरों को डीईसी की दो एवं अलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी की तीन गोलियां एवं अलबेंडाजोल की एक गोली खिलायी जानी है। अलबेंडाजोल की गोली सभी को चबाकर ही खानी है.
20 लाख 91 हजार 656 लोगों को खिलाई जाएगी दवा :
डीभीबीडीसी बबलू सहनी ने बताया, एमडीए अभियान के तहत जिले में 20 लाख 91 हजार 656 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसकी सफलता को लेकर जिले में कुल 861 स्वास्थ्य टीम बनाये गए हैं एवं टीम की मानिटरिंग के लिए 85 सुपरवाइजर की तैनाती की गई। वहीं, उन्होंने बताया, कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ सभी योग्य व्यक्तियों को दवा खिलाई जाएगी।
साइड इफेक्ट घबराएं नहीं :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफेक्ट सामान्य होते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ठीक हो जाते हैं।
फाइलेरिया को जानें:
फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है। किसी भी उम्र के व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर में सूजन (हाँथीपाँव) व हाईड्रोशील (अण्डकोष में सूजन) है। किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल :
– भूखे पेट दवा नहीं खाना है।
– किसी के बदले किसी अन्य को दवा ना दें और स्वास्थ्य कर्मी के सामने दवा खाएं।
– गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलाना है।
– 02 वर्ष छोटे बच्चे को दवा नहीं खिलाना है।
– गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी दवा नहीं खिलाना है।
फाइलेरिया से बचाव के उपाय :
– सोने के समय मच्छरदानी का निश्चित रूप से प्रयोग करें।
– घर के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें।
– एल्बेंडाजोल व डीईसी दवा का निश्चित रूप से सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
10 वर्ष से फाइलेरिया कि रोगी सीता देवी को अपने सामने फाइलेरिया कि दवा सेवन करवाकर जिलाधिकारी ने किया एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ
– इस अवसर पर एएनएम स्कूल की छात्राओं सहित कई अन्य ने भी खाई डीईसी और एल्बेंडाजोल की टेबलेट
– मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम के तहत आगामी 14 दिनों तक मुंगेर के करीब 14 लाख से अधिक लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया कि दवा
मुंगेर, 20 सितंबर 2021 : 10 वर्ष से फाइलेरिया कि रोगी सीता देवी को अपने सामने फाइलेरिया कि दवा सेवन करवाकर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने 14 दिनों तक चलने वाले एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ किया । इस अवसर पर सिविल सर्जन हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि, जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोलिंग ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डब्ल्यूएचओ के जिला प्रतिनिधि संजीव कुमार, केअर इंडिया से डॉ. नीलू तबरेज आलम, पीसीआई से मिथिलेश कुमार और राकेश कुमार के साथ -साथ कई स्वास्थ्य कर्मी और मीडिया कर्मी उपस्थित थे। इस अवसर पर एएनएम स्कूल की छात्राओं ने भी जिलाधिकारी नवीन कुमार के सामने फाइलेरिया रोग से मुक्ति के लिए डीईसी और एल्बेंडाजोल की दवा खाई।
इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मी और मिडिया कर्मियों को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि फाइलेरिया मुक्ति अभियान के तहत सोमवार से अगले 14 दिनों तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस अभियान की थीम ” सुरक्षित दवा, भरोसा स्वास्थ्य का ” के अनुसार जिला कि कुल जनसंख्या 17 लाख 22 हजार 803 में से 14 लाख 64 हजार 378 लोगों को फाइलेरिया कि दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला भर में कुल 713 टीम गठित की गई है। इस अभियान को सफल बनाने में जिला भर में कुल 958 आशा कार्यकर्ता, 205 आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, 263 वोलेंटियर्स और 73 सुपरवाइजर काम कर रहे है। ये सभी शहरी – ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ स्लम एरिया में घर- घर जाकर अपने सामने लोगों को फाइलेरिया से बचने के डीईसी और एल्बेंडाजोल दवा खिलाएगी। उन्होंने बताया कि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को यह दवा नहीं खिलानी है।
मालूम हो की सोमवार को जिलाधिकारी के सामने फाइलेरिया कि दवा खाने वाली 48 वर्षीय सीता देवी पिछले 10 साल से फाइलेरिया (हाथी पांव) कि बीमारी से पीड़ित है जो सोमवार को सदर अस्पताल अल्ट्रासाउंड करवाने आई हुई थी। सीता देवी गुलजार पोखर, वार्ड नंबर 13 कि रहने वाली है। उसके पति नंद किशोर केशरी फुटपाथ पर घड़ी कि दूकान चलते हैं।
मुंगेर शहरी क्षेत्र के फाइलेरिया नोडल अधिकारी सुधांशू कुमार के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ता ने स्लम एरिया में लोगों को खिलाई फाइलेरिया कि दवा :
जिलाधिकारी नवीन कुमार के द्वारा एमडीए कार्यक्रम के शुभारंभ होने के साथ ही जिला भर में अभियान में जुटी टीम के द्वारा लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाने लगी। मुंगेर शहरी क्षेत्र के फाइलेरिया नोडल अधिकारी सुधांशू कुमार के नेतृत्व में मुंगेर शहरी पीएचसी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता सुलोचना देवी और बिंदू देवी ने मुंगेर किला क्षेत्र अंतर्गत स्लम एरिया में जाकर 3 साल का बच्चा शिवम कुमार, 14 साल कि लड़की साधना कुमारी और 15 साल कि लड़की फूलवती कुमारी को फाइलेरिया से बचने के लिए अपने सामने डीईसी और एल्बेंडाजोल कि टेबलेट खिलावाई। इस अवसर पर फाइलेरिया सुपरवाइजर मो.इफ्तिकार और पीसीआई के जिला प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार और राकेश कुमार मौजूद थे।
10 वर्ष से फाइलेरिया रोगी सीता देवी को अपने सामने फाइलेरिया की दवा सेवन करवाकर जिलाधिकारी ने किया एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ
– इस अवसर पर एएनएम स्कूल की छात्राओं सहित कई अन्य ने भी खाई डीईसी और एल्बेंडाजोल की टेबलेट
– मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम के तहत करीब 14 लाख से अधिक लोगों को खिलाई जाएगी दवा
मुंगेर, 20 सितंबर 2021 : दस वर्षों से फाइलेरिया से ग्रसित सीता देवी को अपने सामने फाइलेरिया की दवा सेवन करवाकर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने 14 दिनों तक चलने वाले एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ किया । मौके पर एएनएम स्कूल की छात्राओं ने भी जिलाधिकारी नवीन कुमार के सामने फाइलेरिया रोग से मुक्ति के लिए डीईसी और एल्बेंडाजोल की दवा खाई।
इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मी और मिडिया कर्मियों को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि फाइलेरिया मुक्ति अभियान के तहत सोमवार से अगले 14 दिनों तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस अभियान की थीम ” सुरक्षित दवा, भरोसा स्वास्थ्य का ” के अनुसार जिला कि कुल जनसंख्या 17 लाख 22 हजार 803 में से 14 लाख 64 हजार 378 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला भर में कुल 713 टीम गठित की गई है। इस अभियान को सफल बनाने में जिला भर में कुल 958 आशा कार्यकर्ता, 205 आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, 263 वोलेंटियर्स और 73 सुपरवाइजर काम कर रहे है। ये सभी शहरी – ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ स्लम एरिया में घर- घर जाकर अपने सामने लोगों को फाइलेरिया से बचने के डीईसी और एल्बेंडाजोल दवा खिलाएगी। उन्होंने बताया कि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों को यह दवा नहीं खिलानी है।
मालूम हो की सोमवार को जिलाधिकारी के सामने फाइलेरिया कि दवा खाने वाली 48 वर्षीय सीता देवी पिछले 10 साल से फाइलेरिया (हाथी पांव) कि बीमारी से पीड़ित है जो सोमवार को सदर अस्पताल अल्ट्रासाउंड करवाने आई हुई थी। सीता देवी गुलजार पोखर, वार्ड नंबर 13 कि रहने वाली है। उसके पति नंद किशोर केशरी फुटपाथ पर घड़ी की दुकान चलाते हैं।
नोडल अधिकारी सुधांशू कुमार के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ता ने स्लम एरिया में लोगों को खिलाई फाइलेरिया की दवा :
जिलाधिकारी नवीन कुमार के द्वारा एमडीए कार्यक्रम के शुभारंभ होने के साथ ही जिला भर में अभियान में जुटी टीम के द्वारा लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाने लगी। मुंगेर शहरी क्षेत्र के फाइलेरिया नोडल अधिकारी सुधांशू कुमार के नेतृत्व में मुंगेर शहरी पीएचसी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता सुलोचना देवी और बिंदू देवी ने मुंगेर किला क्षेत्र अंतर्गत स्लम एरिया में जाकर 3 साल के बच्चे शिवम कुमार, 14 साल की लड़की साधना कुमारी और 15 साल कि लड़की फूलवती कुमारी को फाइलेरिया से बचने के लिए अपने सामने डीईसी और एल्बेंडाजोल कि टेबलेट खिलावाई। इस अवसर पर फाइलेरिया सुपरवाइजर मो.इफ्तिकार और पीसीआई के जिला प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार और राकेश कुमार मौजूद थे।
इस दौरान सिविल सर्जन हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि, जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोलिंग ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डब्ल्यूएचओ के जिला प्रतिनिधि संजीव कुमार, केअर इंडिया से डॉ. नीलू तबरेज आलम, पीसीआई से मिथिलेश कुमार और राकेश कुमार के साथ -साथ कई स्वास्थ्य कर्मी और मीडिया कर्मी उपस्थित थे।
जिले में एमडीए अभियान का हुआ आगाज, घर-घर जाकर खिलाई जाएगी दवा
सिविल सर्जन ने दवा खिलाकर अभियान का किया शुभारंभ
जिले में 24 लाख से अधिक लोगों का खिलाई जाएगी दवा
बांका, 20 सितंबर
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए( मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान का सोमवार को आगाज हो गया. सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार महतो ने लाभुकों को डीइसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया. मौके पर जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ वीके यादव, वीडीसीओ आरिफ इकबाल, केयर इंडिया के डीटीएल डॉक्टर तौसीफ कमर और राकेश कुमार सहित तमाम स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे
मौके पर सिविल सर्जन ने बताया कि 14 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में जिले के 24 लाख से अधिक लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा खिलाई जाएगी. इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं की 970 टीम बनाई गई है. जहां पर आशा कार्यकर्ता नहीं है, वहां पर आंगनबाड़ी सेविका या फिर प्रेरक इस काम को करेंगी. जिले में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान को दो चरणों में बांटा गया है. पहला चरण 20 से 23 सितंबर तक तो दूसरा चरण 1 से 10 अक्टूबर तक चलेगा. लाभुकों को एल्बेंडाजोल की गोली दवा चबाकर खानी है.
आशा कार्यकर्ता जाएंगी घर- घर: इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं की टीम 14 दिनों तक क्षेत्र में लोगों को अपने सामने दवा खिलाएगी. अभियान के पहले सात दिन में एक आशा के क्षेत्र में पहले छह दिन घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने के बाद सातवें दिन छूटे हुए घरों में जाकर लोगों को दवा खिलायी जाएगी. आठवें से 13वें दिन तक दूसरे आशा के क्षेत्र में लोगों को घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी और 14वें दिन फिर छूटे हुए लोगों को दवा खिलायी जाएगी. दवा खिलाने के बाद आशा कार्यकर्ता रजिस्टर में लाभुकों का नाम भी दर्ज करेंगी. साथ ही अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को केयर इंडिया और पीसीआई भी सहयोग करेंगे.
गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष के कम उम्र के बच्चों को नहीं खिलाए जाएगी कोई गोलीः जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ वीके यादव ने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता लोगों को अपने सामने ही डीईसी और एल्बेंडाजोल की गोली खिलाएंगी. दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी. अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खानी है. दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जाएगी. साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जाएगी. दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफ़ेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है. अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलते हैं. साइड इफ़ेक्ट सामान्य होते हैं जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं.
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरियाः जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ) ने बताया कि कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है. क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है. इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने दें. घर के आसपास साफ-सफाई रखें. बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं. ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है. लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है. इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है.
पेशेंट सेफ्टी दिवस के तहत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन
सिविल सर्जन और डीसीटी की टीम ने पारा मेडिकल संस्थान में लगे पोस्टर को देखा
सभी पोस्टरों में से दो पोस्टर का चयन कर पटना प्रदर्शनी के लिए भेजा गया
बांका, 20 सितंबर
जिले के सभी अस्पतालों में पेशेंट सेफ्टी दिवस पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. सभी जगहों से 2-2 पोस्टर मंगवाकर सोमवार को पारा मेडिकल संस्थान में प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका अवलोकन सिविल सर्जन डॉक्टर सुधीर कुमार मेहता और डीसीटी की टीम ने किया. इसके तहत अस्पतालों में पेशेंट के सेफ्टी को लेकर क्या-क्या उपाय किए जाते हैं, इसे पोस्टर के जरिये उकेरा गया है. इनमें से दो सबसे बेहतर पोस्टर का चयन किया गया. बाद में दोनों बेहतर पोस्टर को पटना भेज दिया गया.
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता के जरिये मुख्य रूप से अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सुरक्षा को दिखाया गया है. सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर औऱ अन्य नर्सिंग स्टाफ इलाज के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा को लेकर कितना सजग रहते हैं, पोस्टर में इसी को दिखाया गया है. अस्पताल में मरीज के इलाज के साथ उसकी सुरक्षा भी बहुत महत्व रखती है. बांका के सभी अस्पतालों में इसका बहुत ध्यान दिया जाता है. इसी बात को पोस्टर के जरिये उकेरा गया है. सभी पोस्टर अच्छे बनाए गए हैं. इनमें से दो का चयन कर पटना भेजना है जिसे वहां पर प्रदर्शनी में लगाया जाएगा.
एक अक्टूबर को पटना में लगेगी प्रदर्शनीः मालूम हो कि एक अक्टूबर को पटना में पोस्टर की प्रदर्शनी लगनी है. इसे लेकर सभी जिलों से बेहतर पोस्टर को पटना भेजा जा रहा है. बांका से भी इसी सिलसिले में पोस्टर भेजा गया है. पटना में प्रदर्शनी के दौरान बेहतर पोस्टर का चयन किया जाएगा. इसके लिए एक मानक बनाया गया है. सभी जिलों से आए पोस्टरों में इस बात को देख जाएगा कि पोस्टर मानक पर कितना खरा है. पोस्टर में मरीजों की सुरक्षा को देखा ही जाएगा, साथ ही यह भी देखा जाएगा कि वहां पर सुरक्षा के साथ-साथ इलाज की भी कितनी बेहतर व्यवस्था है. मरीज की सुरक्षा और इलाज दोनों ही बहुत जरूरी है. इस बात को जिस पोस्टर में सबसे बेहतर तरीके से दिखाया गया होगा, उसका चयन किया जाएगा.
जागरूकता है प्रमुख उद्देश्यः पोस्टर प्रतियोगिता के जरिये मरीजों के इलाज के साथ सुरक्षा को लेकर भी डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को जागरूक करना इसका प्रमुख उद्देश्य है. प्रतियोगिता होने से बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है, इस वजह से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है. लोग अव्वल आने के लिए अपना काम और बेहतर तरीके से करते हैं. इसी बात को बरकरार रखने के लिए इसका आयोजन किया जाता है.
सिविल सर्जन ने दवा खिलाकर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत की
20 से 23 सितंबर और 1 से 10 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
अभियान के दौरान जिले के 31 लाख लोगों को खिलाए जाएगी दवा
भागलपुर, 20 सितंबर
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत सोमवार को हो गई। सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने सदर अस्पताल में महिला लाभुकों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान की शुरुआत की। अभियान दो चरणों में कुल 14 दिनों तक चलेगा। पहले चरण में 20 से 23 सितंबर तो दूसरे चरण में 1 से 10 सितंबर तक अभियान चलेगा। मौके पर सिविल सर्जन ने कहा कि दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खानी है। इसे लाभुकों को बताना होगा। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जाएगी। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जाएगी। जिले के 31 लाख लाभुकों को दवा खिलाया जाना है। सिविल सर्जन ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि हमलोग जिले के सभी लोगों को दवा खिलाकर ही रहेंगे।
प्रचार रथ को किया गया रवानाः अभियान की शुरुआत के बाद सिविल सर्जन ने तीन प्रचार रथ को रवाना किया। प्रचार रथ के जरिये शहरी क्षेत्र के लोगों को फाइलेरिया के बारे में जागरूक किया जाएगा। जिले के सभी प्रखंडों में पहले से ही प्रचार रथ के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। अभियान के दौरान भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। मौके पर डीपीएम फैजान आलम अशर्फी, सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. एके मंडल, केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक और पीसीआई के श्रवण कुमार झा मौजूद थे।
साइड इफेक्ट से घबराने की जरूरत नहीः मौके पर मौजूद जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. कुंदन भाई पटेल ने कहा कि दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफ़ेक्ट सामान्य होते हैं जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं। इसलिए जिले के सभी लोगों से मेरी अपील है कि अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं।
घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने देः डॉ. कुंदन भाई पटेल ने कहा कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने दें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।
50 घरों के लोगों को गोली खिलाने पर 600 रुपये की प्रोत्साहन राशिः 20 जुलाई से शुरू हो रहे अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं की दो टीम बनाई गई है। दोनों के क्षेत्र मिलाकर एक टीम को 400 घरों के लोगों को गोली खिलानी है। एक आशा कार्यकर्ता अगर 50 घरों के लाभुकों को गोली खिलाती हैं तो उन्हें 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 14 दिनों में अगर आशा कार्यकर्ता 400 घरों के सभी सदस्यों को दवा दे देती हैं तो उन्हें 4800 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी। जहां पर आशा कार्यकर्ता नहीं हैं, वहां पर यह राशि आंगनबाड़ी सेविका या फिर मोबलाइजर को दी जाएगी। बात की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी गई।
महिला मंडल कारा भागलपुर में पोषण परामर्श केंद्र का उद्घाटन
अधीक्षक श्री संजय चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
भागलपुर-
पोषण माह के तहत रविवार को मंडल कारा में पोषण परामर्श केंद्र का उद्घाटन किया गया। केंद्र का उद्घाटन मंडल कारा के अधीक्षक संजय चौधरी ने किया। मौके पर पोषण से संबंधित अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया गया। अधीक्षक ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए सही पोषण का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सही पोषण से ही कुपोषण दूर होता है और बीमारियों पर भी विजय पाते हैं।
इस दौरान सेविका ने महिला बंदियों को पौष्टिक एवं सत्तू लड्डू बनाने की विधि बताई। इसके बाद बच्चों के बीच लड्डू का वितरण भी किया। पौष्टिक लड्डू खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं इसकी जानकारी भी सेविका ने दी। इस दौरान महिला बंदियों के बच्चों की लंबाई और वजन भी लिया गया।
हैंडवाश की विधि जान अधीक्षक हुए गदगदः मौके पर सेविका ने बच्चों और कैदियों को हैंडवॉश के तरीके बताए। इसे देखकर अधीक्षक संज चौधरी भी गदगद हो गए। उन्होंने कहा कि हैंडवॉश का ये तरीके मैं भी नहीं जानता था। अब सीख लिया। आगे इसपर अमल करूंगा। सेविका ने कैदियों और उसके बच्चों को हैंडवाश करना क्यों जरूरी है। इसके बारे में भी जानकारी दी। बीमारी से बचने के लिए हैंडवाश कितना जरूरी है, इसके बारे में बताया गया।
आज के इस उद्घटान के मौके पे
सदर सीडीपीओ सुश्री सुमन चंद्रा, खरीक सीडीपीओ श्रीमती संगीता कुमारी,जिला समन्वयक श्री अरविन्द कुमार पाण्डेय, रास्ट्रीय पोषण मिशन,तबतेज़ खान जिला समन्वयक pmmvy, महिला पर्यवेचिका सदर,एवं सदर की सेविका उपस्थित थी।