भोपाल हाट में सजी देशभर की आदिवासी कला, हैंडलूम से बांस शिल्प तक दिखा रंगीन संसार

आदि महोत्सव 2026 में दिखी भारत की जनजातीय विरासत

राजधानी भोपाल में इन दिनों आदिवासी संस्कृति की विविधता और समृद्ध परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
भोपाल हाट में आयोजित आदि महोत्सव 2026 देश के अलग-अलग हिस्सों से आई जनजातीय कलाओं और हस्तशिल्प का जीवंत प्रदर्शन बन गया है।

20 से अधिक राज्यों के कारीगर एक मंच पर

इस महोत्सव में देश के 20 से ज्यादा राज्यों से आए आदिवासी कलाकार और हैंडलूम आर्टिस्ट हिस्सा ले रहे हैं।
पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, असम सहित नॉर्थ-ईस्ट के सभी राज्यों के कारीगर यहां अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।

National Handloom Expo Underway In Bhopal Till Dec 15

सिल्क साड़ियों से लेकर बांस शिल्प तक आकर्षण का केंद्र

महोत्सव में प्रदर्शित उत्पादों ने दर्शकों का मन मोह लिया है।
यहां कांथा वर्क वाली सिल्क साड़ियां, टसर, मूगा और एरी सिल्क, बांस से बने हस्तशिल्प उत्पाद, बेल मेटल शिल्प, पॉटरी और पारंपरिक आदिवासी ज्वेलरी खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
कढ़ाई, टेक्सटाइल और हस्तशिल्प की विविध शैलियां भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शा रही हैं।

भोपाल हाट बना जीवंत और रंगीन बाजार

भोपाल हाट में सजी यह रंगीन और जीवंत बाजार लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
हर राज्य की अपनी विशिष्ट कढ़ाई, पारंपरिक वस्त्र और हस्तशिल्प यहां देखने को मिल रहे हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय पहचान को मजबूती से सामने रखते हैं।

आदिवासी उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की पहल

ट्राइफेड की डिप्टी जनरल मैनेजर प्रीति मैथिल ने बताया कि यह आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत ट्राइफेड द्वारा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य आदिवासी और जनजातीय कारीगरों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने हस्तशिल्प, हैंडलूम और पारंपरिक ज्वेलरी को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें।

संस्कृति, आत्मनिर्भरता और परंपरा का संगम

आदि महोत्सव न सिर्फ आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। यह आयोजन भारत की जनजातीय विरासत को समझने और सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है।

सीहोर में विशाल रुद्राक्ष महोत्सव 14 फरवरी से

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सीहोर , एमपी में 14 से 20 फरवरी तक प्रस्तावित रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों तेज हैं इस कड़ी में प्रभारी मंत्री सीहोर श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक सीहोर सुदेश राय, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक, कलेक्टर सीहोर एवं पुलिस अधीक्षक सीहोर द्वारा व्यवस्घाओ का अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान आयोजन स्थल पर की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के उपरांत प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर एवं विधायक श्री सुदेश राय ने आयोजन में जुटी विठ्ठलेश सेवा समिति द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना की और महोत्सव को सफल बनाने हेतु समिति के प्रयासों की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष महोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कुबेरेश्वर धाम में जनसेवा का नया अध्याय: चिकित्सालय और मीडिया सेंटर का लोकार्पण, बेलपत्र के पौधे भेंट कर दिया ‘ग्रीन शिवरात्रि’ का संदेश

श्री कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सेवा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए ‘पंडित रामेश्वर मिश्रा प्राथमिक चिकित्सालय’ एवं अत्याधुनिक ‘मीडिया सेंटर’ का भव्य उद्घाटन आज संपन्न हुआ। पंडित प्रदीप मिश्रा जी के पावन सानिध्य और मध्य प्रदेश शासन के माननीय मंत्री श्री विश्वास सारंग जी के मुख्य आतिथ्य में यह कार्यक्रम गरिमापूर्ण तरीके से आयोजित किया गया।


अनुभवी डॉक्टर्स की टीम संभालेगी कमान: धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए अनुभवी चिकित्सकों की टीम तैनात की गई है। इस अस्पताल की मुख्य टीम में डॉ. रितेश शर्मा, डॉ. नवीन मेहर, डॉ. आर.के. वर्मा, डॉ. गौरव ताम्रकार, डॉ. भरत आर्य, डॉ. तापस आर्य, डॉ. गगन नामदेव एवं ब्लड बैंक से अंबर जी के साथ डॉ. शेरिन पी. शाजी, डॉ. अभिमन्यु सिंह, डॉ. राजू परमार एवं डॉ. धनंजय त्यागी अपनी सेवाएँ देंगे। यह पूरी टीम धाम पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को 24×7 त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
ग्रीन शिवरात्रि जागरूकता एवं पौधा वितरण: पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देते हुए इस अवसर पर उपस्थित पत्रकारों को ‘बेलपत्र’ के पौधे वितरित किए गए। विठ्ठलेश सेवा समिति द्वारा आगामी शिवरात्रि को ‘ग्रीन शिवरात्रि’ के रूप में मनाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति: समारोह में क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
श्री सुदेश राय, विधायक (सीहोर)
श्री नरेश मेवाड़ा, जिलाध्यक्ष
श्री प्रिंस राठौड़, अध्यक्ष (नगर पालिका)
श्री राहुल वर्मा, सरपंच (चापलाखेड़ी)
श्री धर्मेंद्र, सरपंच (भातोली)

अत्याधुनिक सुविधाएं: मुख्य अतिथि श्री विश्वास सारंग जी ने चिकित्सालय का निरीक्षण किया और इसे धार्मिक पर्यटन व जनसेवा का एक बेहतरीन मॉडल बताया। साथ ही, नवनिर्मित मीडिया सेंटर पत्रकारों को समाचार कवरेज के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट और आधुनिक वर्कस्टेशन की सुविधा प्रदान करेगा।

संघ और शिव एक समानः पंडित प्रदीप मिश्रा

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सामाजिक सद्भाव भारतीय समाज का मूल स्वभाव-डॉ. मोहन भागवत।

भोपाल।
मंच था राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का और उस मंच पर संघ संचालक डॉ. मोहन भागवत के साथ उपस्थित थे सुप्रसिद्ध श्री शिव महापुराण कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा। सामाजिक सद्भाव के लिए आयोजित इस बैठक में पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने कहा कि संघ और शिव एक समान हैं। जैसे शिव ने समस्त सृष्टि के लिए विष पिया, वैसे ही संघ प्रतिदिन आरोपों का विष पीकर भी संयम और राष्ट्रहित में कार्य करता है। तो वहीं डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव भारतीय समाज का मूल स्वभाव है। समाज को चलाने और जोड़े रखने का काम सद्भावना ही करती है।


राष्ट्रीय सेवक संघ को इस बात का पता है कि सामाजिक सद्भाव और हिंदू समाज को एकजुट करने के अपने अभियान में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक प्रदीप मिश्रा जी को साथ लाना उनके इस मिशन में कितना बड़ा योगदान दे सकता है। इसकी बानगी भी दिखी भोपाल में। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक सद्भाव कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज का स्वभाव रहा है। समाज में सज्जन शक्ति का जागरण, आचरण में पंच परिवर्तन और निरंतर सद्भावना संवाद आज की अनिवार्य आवश्यकता है। समाज शब्द का अर्थ ही समान गंतव्य की ओर बढ़ने वाला समूह है। भारतीय समाज की कल्पना सदैव ऐसी रही है जिसमें जीवन भौतिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से सुखी हो। हमारे ऋषि-मुनियों ने यह समझा कि अस्तित्व एक है, केवल देखने की दृष्टि अलग-अलग है। उनकी तपस्या और साधना से ही राष्ट्र का निर्माण हुआ और वही हमारी सांस्कृतिक नींव है। सरसंघचालक डॉ. भागवत ने कहा कि कानून समाज को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन समाज को चलाने और जोड़कर रखने का कार्य सद्भावना ही करती है। विविधता के बावजूद एकता ही हमारी पहचान है। बाहरी रूप से हम अलग दिख सकते हैं, लेकिन राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के स्तर पर हम सभी एक हैं। इसी विविधता में एकता को स्वीकार करने वाला समाज हिंदू समाज है। उन्होंने कहा कि हिंदू कोई संज्ञा नहीं, बल्कि एक स्वभाव है, जो मत, पूजा पद्धति या जीवनशैली के आधार पर झगड़ा नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में भ्रम फैलाकर जनजातीय और अन्य वर्गों को यह कहकर तोड़ने का प्रयास किया गया कि वे अलग हैं, जबकि सच्चाई यह है कि हजारों वर्षों से अखंड भारत में रहने वाले सभी लोगों का डीएनए एक है। संकट के समय ही नहीं, बल्कि हर समय सद्भावना बनाए रखना आवश्यक है। मिलना, संवाद करना और एक-दूसरे के कार्यों को जानना ही सद्भावना की पहली शर्त है। उन्होंने कहा कि समर्थ को दुर्बल की सहायता करनी चाहिए।


इस अवसर पर श्री शिवमहापुराण कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि सभी समाज अपने-अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन यह प्रश्न भी आवश्यक है कि हमने राष्ट्र के लिए क्या किया और राष्ट्र को क्या दिया। उन्होंने कहा कि संघ और शिव के भाव में अद्भुत समानता है। उन्होंने कहा कि जन्म चाहे किसी भी जाति में हुआ हो, पहचान अंततः हिंदू, सनातनी और भारतीय की ही है। प्रत्येक भारतीय में राष्ट्रोत्थान और समाजोत्थान की अद्भुत क्षमता है। धर्मांतरण को उन्होंने केवल वर्तमान पीढ़ी ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभावित करने वाला गंभीर षड्यंत्र बताया और इसके प्रति समाज को सजग रहने का आह्वान किया। पंडित मिश्रा ने ‘ग्रीन महाशिवरात्रि’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि घर-घर मिट्टी के शिवलिंग की पूजा सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव बैठक का मूल उद्देश्य यही है कि हम अपने साथ-साथ अपने पड़ोसी और समाज को भी लेकर आगे बढ़ें। जैसे लंगर में जाति नहीं पूछी जाती, वैसे ही राष्ट्र निर्माण के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
यह बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ हुआ। मंच पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा तथा मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय उपस्थित रहे। मध्यभारत प्रान्त के 16 शासकीय जिलों के समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता इस बैठक की विशेषता रही। कार्यक्रम के प्रारंभ में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। एक समाज, एक राष्ट्र की दिशा में सार्थक पहल के साथ सामाजिक सद्भाव बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि समाज अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए स्वयं आगे आएगा और सरकार की प्रतीक्षा किए बिना सामूहिक प्रयास करेगा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह बैठक किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण हिंदू समाज की है। उद्देश्य एक ही है कि पूरा समाज मिलकर पूरे समाज को बलशाली बनाए और एक समाज, एक राष्ट्र के रूप में दृढ़ता से खड़ा रहे।

सूरत में शिव महापुराण कथा 2026: पंडित प्रदीप मिश्रा देंगे हरित शिवरात्रि का संदेश

सूरत। गुजरात की औद्योगिक नगरी सूरत में भक्ति की गंगा बहने जा रही है। सूरत के पलसाना क्षेत्र में नए वर्ष के पावन अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले) की ‘श्री शिव महापुराण कथा’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। ‘श्री शिव महापुराण कथा’ की शुरुआत 4 जनवरी से होगी और 10 जनवरी को कथा का रंगारंग समापन होगा। पंडित प्रदीप मिश्रा जी इस अवसर पर हरित शिवरात्रि का संकल्प भी दिलाएंगे।

Courtesy: Pujapath Vedic

पंडित प्रदीप मिश्रा जी शिव महापुराण कथा लाखों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं और उनकी कथा का रसपान करते हैं। सूरत में भी लाखों भक्तों के लिए अद्भुत व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा स्थल कथा स्थल बारडोली रेलवे स्टेशन से मात्र 3 किमी की दूरी पर स्थित है। लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशाल पंडाल, पार्किंग और निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है।

पर्यावरण और भक्ति का संगम: ‘हरित शिवरात्रि’

इस बार की श्री शिव महापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा जी धार्मिक अनुष्ठान के साथ साथ प्रकृति की सेवा का अभियान भी लेकर आ रहे हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा जी के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं को ‘हरित शिवरात्रि’ का संकल्प दिलाया जाएगा। इसके अंतर्गत विषैले प्रदूषण को समाप्त करने के लिए 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक रूप में प्रत्येक परिवार से 12 पौधे लगाने का आह्वान किया जाएगा। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि “हर पेड़ में जीव है और हर जीव में शिव है।”
कथा के दौरान अरावली पर्वत जैसे प्राचीन प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष चर्चा होगी। “पेड़ लगाओ, शिव को पाओ” के नारे के साथ भक्तों को प्रेरित किया जाएगा कि महादेव की सच्ची पूजा प्रकृति की रक्षा में ही निहित है। आयोजन समिति ने सभी भक्तों से अपील की है कि इस बार महादेव की भक्ति के साथ-साथ धरती माता को हरा-भरा बनाने का संकल्प भी साथ लेकर आएं।

कथा विवरण:

• दिनांक: 4 जनवरी से 10 जनवरी 2026
• समय: दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक
• स्थान: डायमंड इंडस्ट्रियल पार्क-4, पलसाना, नेशनल हाईवे-8, सूरत।

“प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने FED EXPO 2025 का भव्य आयोजन”!

अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों को मज़बूती, 200 से अधिक इकाइयाँ करेंगी उत्पादों का प्रदर्शन
भोपाल।

फेडरेशन ऑफ मध्य प्रदेश चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा भोपाल में आगामी फेड एक्सपो 2025 का आयोजन 21 से 23 नवम्बर 2025 तक जीआईए व्यापार प्रदर्शनी केंद्र में किया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण आयोजन के तहत लगभग 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयाँ (MSME) अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।

इस एक्सपो में रूस, ओमान, ताइवान सहित कई देशों के उद्योग प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इन विदेशी प्रतिनिधियों के आने से प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय उद्यमियों से व्यापारिक संबंध स्थापित करने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम भारत एवं विभिन्न देशों के मध्य औद्योगिक संबंधों को मजबूत करेगा और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देगा।
सरकारी उपक्रमों एवं बड़ी इकाइयों की भागीदारी

इस प्रदर्शनी का मुख्य लक्ष्य उद्योगों, सरकारी उपक्रमों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयों के मध्य आपसी संवाद, व्यवसायिक सहयोग और नए व्यापारिक अवसरों का सृजन करना है। कार्यक्रम में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, रेलवे, रक्षा प्रतिष्ठान, एचईजी, बीना रिफायनरी और अन्य बड़ी इकाइयाँ, राज्य शासन के विभाग तथा विभिन्न क्षेत्रीय औद्योगिक इकाइयों की सक्रिय भागीदारी हो रही है।

उद्यमियों और नवोदित इकाइयों (स्टार्टअप्स) के लिए अवसर

सूक्ष्म, लघु और मध्यम क्षेत्र के उद्यमियों को यहाँ अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से विक्रेता (वेन्डर) बनने के अवसर प्राप्त होंगे। एक्सपो के दौरान विशेष सत्रों में सरकारी क्रय नीतियों, ‘भारत में बनाओ’ (मेक इन इंडिया) पहल तथा तकनीकी नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

प्रदेश की शैक्षणिक संस्थाएँ और नवोदित इकाइयाँ (स्टार्टअप्स) भी इस एक्सपो में भाग ले रहे हैं। उनके लिए यह अपने कार्य का प्रचार-प्रसार करने का एक सुनहरा अवसर होगा। नवोदित इकाइयों के लिए एक प्रस्तुति सत्र (पिचिंग सेशन) भी रखा गया है, जहाँ उन्हें बड़े निवेशकों के सामने अपने विचार, दृष्टिकोण और उत्पाद रखने का मौका मिलेगा।
फेडरेशन के अध्यक्ष श्री दीपक शर्मा ने प्रदेश के उद्यमियों से अनुरोध किया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और अपने व्यापार को नई दिशा दें।

Rajeev jain
editor ✍️ MPCG
beyond india &
Management Comettee Member ,FMPCCI

“Social integration thru camping ⛺️ “

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क्या है जम्बूरी ?
कहाँ हो रही है ?
क्या फ़ायदा है इससे देश को ,स्टूडेंट्स को !

हाँ ,भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की 19 वी राष्ट्रीय डायमंड जम्बूरी का आयोजन डिफेंस एक्सपो ग्राउंड लखनऊ में किया जा रहा है ।
23 Nov.से 29 Nov. तक जम्बूरी समारोह होगा ,
पूरी एक टेंट ⛺️ सिटी बनायी गई है ,


12- 17 वर्ष के 50000 स्काउट्स गाइड्स पूरे देश से इसमें भाग लेंगे और एक दूसरे के साथ अपने प्रदेश का कल्चर ,वस्तुएँ ,भोजन बाँटेंगे । राष्ट्रीय एकता को स्थापित करने में यह जंबूरी अत्यंत महत्वपूर्ण रोल अदा करती है ।
राजीव जैन
एडिटर ✍️ MP CG
beyond india
&
State Commissioner,
Rover ,Bharat scouts and guides

वैश्य समाज की सेवा और सशक्तिकरण के संकल्प का संगम — “वाया” नेशनल कॉनक्लेव, नई दिल्ली

दीपक सिंघल
चीफ़ कोऑर्डिनेटर
वैश्य इंटरनेशनल एसोसिएशनवैश्य व्यापारी समाज के महान पूर्वजों की गौरवशाली परंपरा से प्राप्त संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए, परोपकार, सेवा और समाज के कमजोर एवं निर्बल वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित संस्था “वैश्य इंटरनेशनल एसोसिएशन (VIA)” द्वारा आज देश की राजधानी नई दिल्ली के होटल ललित में भव्य नेशनल कॉनक्लेव का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर प्रयागराज की पूर्व महापौर वैश्य श्रीमती अभिलाषा गुप्ता नन्दी जी सहित देशभर से आए वैश्य समाज के पाँच सौ एम से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में देश के प्रमुख व्यापारिक एवं सामाजिक घरानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से आए वैश्य समाज के निर्बल वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आधुनिक ठेले एवं सहायता राशि के रूप में चेक वितरित किए गए।

यह आयोजन संवेदना, सहयोग, सशक्तिकरण और सामूहिकता का अद्भुत संगम सिद्ध हुआ।
“वाया” की स्थापना समाज को केवल सशक्त नहीं बल्कि समर्थ बनाने के संकल्प पर आधारित है।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख गणमान्यजन —
वैश्य श्री महेश गुप्ता (केंट आरओ सिस्टम),
वैश्य श्री मनोहर लाल अग्रवाल (हल्दीराम ग्रुप),
वैश्य श्री नन्द किशोर अग्रवाल (क्रिस्टल ग्रुप),
वैश्य श्री राजेश गुप्ता (मल्टी कलर स्टील्स ग्रुप),
वैश्य श्री सुरेश गर्ग (निराला इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड),
वैश्य श्री विनीत गुप्ता (लोहिया ग्रुप),
वैश्य श्री अजय सिंघल (ओम लॉजिस्टिक ग्रुप),
वैश्य श्री एस.एस. अग्रवाल (कॉन्टिनेंटल मिलकोस इंडिया लिमिटेड),
श्रीमती प्रियंका गुप्ता ( महिला डायरेक्टर व संस्थापक) श्री दीपक सिंघल चीफ कॉर्डिनेटर
तथा अनेक अन्य उद्योगपति एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

इस राष्ट्रीय अधिवेशन में बिहार, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, राजस्थान, आसाम, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, अंडमान निकोबार, गुजरात, मध्यप्रदेश आदि राज्यों से बड़े व्यवसायी व समाजसेवीयो ने उपस्थित होकर वैश्य इंटरनेशनल एसोसिएशन की कार्यशैली से प्रभावित होकर सदस्यता ग्रहण की एवं संस्था के द्वारा किए जा रहे कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ ली ।

IDBI Bank Organized Mega Camp Under Nationwide Financial Inclusion Saturation Campaign

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Lucknow, September 23, 2025 – Under the aegis of the Department of Financial Services (DFS), Government of India, IDBI Bank organized a Mega Camp as part of the Nationwide Financial Inclusion Saturation Campaign. The primary objective of the camp was to strengthen access to financial services in rural areas, empower citizens financially, and ensure widespread awareness and benefit of various social security schemes launched by the government.
The event was graced by Shri Sumit Fakka, Deputy Managing Director of IDBI Bank, as the Chief Guest. Other dignitaries present included Shri Manoj Kumar, Chief General Manager & Zonal Head; Shri Shailendra Kumar Singh, General Manager & Convenor, State Level Bankers’ Committee (SLBC); Shri Jasjit Singh Kalra, Assistant General Manager, Reserve Bank of India; Shri Anant Pandey, General Manager & Deputy Zonal Head; and Shri Rajeev Ranjan Mishra, General Manager & Senior Regional Head.

With participation over 250 attendees, the camp provided detailed information on various financial inclusion schemes such as Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana (PMJDY), Atal Pension Yojana (APY), Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana (PMSBY), Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana (PMJJBY), along with Digital Banking and Cyber Crime Awareness.

Shri Sumit Fakka emphasized the growing need for cyber security awareness in light of increasing cyber frauds. He stated, “There is no such thing as a ‘Digital Arrest’—it is a deceptive tactic used by fraudsters to intimidate and cheat innocent citizens.” He urged people to stay vigilant and spread awareness among family and friends to prevent cyber fraud.
Shri Shailendra Kumar Singh, SLBC Convenor, addressed the public on promoting cyber awareness and safe banking habits. He also shared information about the Cyber Awareness Helpline Number 1930, encouraging citizens to actively participate in the campaign and benefit from the schemes.

Shri Jasjit Singh Kalra, AGM, RBI, educated Jan Dhan account holders on the importance of Know Your Customer (KYC) compliance and highlighted how financial literacy contributes to societal and national progress.

Shri Manoj Kumar, Zonal Head, concluded the program by stating, “The goal of this saturation camp is to inform everyone and reach everyone. IDBI Bank is committed to serving every citizen, and today’s camp is a step in that direction.” He extended his gratitude to all participants for their enthusiastic involvement.

The presence of senior bank officials and active participation from local citizens made the camp a resounding success. This initiative marked a significant step toward strengthening financial inclusion and public awareness.

जन-धन और साइबर सुरक्षा पर आईडीबीआई बैंक का विशेष अभियान

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आईडीबीआई बैंक द्वारा दिनाँक 23 सितंबर 2025 को , वित्तीय सेवायें विभाग(DFS) के तत्त्व्धान, भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान (SATURATION कैंप)  के अंतर्गत एक मेगा शिविर का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश ग्रामीण क्षेत्रों मे वित्तीय सेवाओ की पहुँच को मजबूत करना , लोगों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना एवं सरकार द्वारा चलाये जा रहे सामाजिक सुरक्षा योजनाओ का लाभ जन जन तक पहुचाना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे उप प्रबंध निदेशक आईडीबीआई बैंक श्री सुमित फकका , मुख्य महाप्रबन्धक एवं अंचल प्रमुख ,श्री मनोज कुमार, महाप्रबन्धक एवं कनवेनर, राज्य स्तरीय बैंकर समिति श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, सहायक महाप्रबंधक, भारतीय  रिजर्व बैंक , श्री जसजीत सिंह कालरा , महा प्रबंधक तथा उप अंचल प्रमुख श्री अनंत पाण्डेय एवं महा प्रबन्धक एवं छेत्रीय प्रमुख श्री राजीव रंजन मिश्रा जी की गरिमामई उपस्थिति  रही

लगभग 250 प्रतिभागियो की सहभागिता वाले इस शिविर मे सरकार द्वारा चलायी जा रही वित्तीय समावेशन योजनाए जैसे प्रधानमंत्री जन धन खाते की केवाईसी, अटल पेंशन योजना ,प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा डिजिटल बैंकिंग के साथ साथ साइबर क्राइम से बचाव की विस्तृत जानकारी दी गयी ।

आईडीबीबाई बैंक के उप प्रबंध निदेशक  श्री सुमित फक्का जी ने मंगलवार को कहा कि साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरुक करने की आज बहुत आवश्यकता है।
श्री फक्का ने आईडीबीआई बैंक की ओर से जन-धन, जन सुरक्षा, धन सुरक्षा अभियान के तहत यहां आयोजित विशेष शिविर में कहा कि जागरुक रहकर हमें साइबर अपराधियों से बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कार्रवाई होती ही नहीं है, यह अपराधियों की कुटिल चाल होती है जिससे वे भोले-भाले नागरिकों को डरा-धमका कर उनके साथ ठगी करते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया वे अपने परिजनों-मित्रों को इसके जागरुक और आगाह करें, जिससे साइबर धोखा-धड़ी से बचा जा सके।

महाप्रबन्धक एवं कनवेनर, राज्य स्तरीय बैंकर समिति श्री शैलेंद्र कुमार सिंह जी ने साइबर जागरूकता एवं सुरक्षित बैंकिंग आदतों को बढ़ावा देने हेतु जनता को संबोधित किया साथ ही साथ साइबर जागरूकता हेल्पलाइन नो 1930 के बारे मे जानकारी प्रदान की। श्रीमान ने नागरिकों को भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान मे भाग लेकर अपने परिवार को लाभान्वित करने के लिए योजनाओ की विस्तृत जानकारी प्रदान कर प्रोत्साहित किया।

भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक जगजीत सिंह कालरा ने इस मौके पर वहां उपस्थित जन-धन खाताधारकों को ‘अपने ग्राहक को जानो’ (केवाईसी) के बारे में विभिन्न जानकारियां दीं। उन्होंने वित्तीय जागरुकता के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि इसकी जानकारी होने से समाज और देश की तरक्की को गति दी जा सकेगी।

आईडीबीआई बैंक के अंचल प्रमुख मनोज कुमार ने कार्यक्रम के समापन पर कहा कि इस सेचुरेशन शिविर का उद्देश्य ‘सबको सचेत करना और सबके पास पहुंचना’ है। बैंक सभी नागरिकों तक पहुंचने और उनकी सेवा करने का पूरा प्रयास निरंतर करता है और उसी क्रम में आज का यह शिविर आयोजित किया किया। उन्होंने शिविर में शामिल होने के लिए सभी सहभागियों काे धन्यवाद दिया।

इस कार्यक्रम में उप अंचल प्रमुख अनंत पांडे एवं वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रमुख राजीव रंजन मिश्र  जी उपस्थित रहे

बैंक अधिकारियों की उपस्थिति और स्थानीय नागरिकों की उत्साही भागीदारी ने इस शिविर को सफल बनाया, यह आयोजन वित्तीय समावेशन एवं जन जागरूकता को सशक्त करने की दिशा मे महहत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुया।