कोरोना टीकाकरण को लेकर आज चलेगा महाअभियान

0

300 से अधिक केंद्रों पर हजारों लोगों को टीका देने का लक्ष्य
पहला डोज देने के साथ दूसरा डोज पर किया जाएगा फोकस

बांका, 16 सितंबर

कोरोना टीकाकरण को लेकर शुक्रवार को जिले में एक बार फिर महाअभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर जिले में 300 से अधिक टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। महाअभियान में हजारों लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी टीकाकरण केंद्रों के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है। एएनएम और डॉटा ऑपरेटर को समय से केंद्र पर पहुंचने के लिए कह दिया गया है। नोडल पदाधिकारी लगातार अपने क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। साथ ही लाभुकों का टीकाकरण सही तरीके से हो, इस पर नजर रखेंगे।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया टीकाकरण को लेकर चलने वाले महाअभियान की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। जिले के सभी लोगों को जल्द से जल्द कोरोना का टीका लग जाए, इसे लेकर जिला स्वास्थ्य समिति गंभीर है। जिले में सभी दिन टीकाकरण तो चल ही रहा है, साथ में बीच-बीच में लगातार महाअभियान भी चल रहा है। इसलिए जिले के वैसे लोग जिन्होंने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लिया है, वह अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर टीका ले लें। खासकर जिनका दूसरा डोज लेने का समय पूरा हो गया है, वह निश्चित तौर पर समय सीमा के अंदर दूसरा डोज ले लें। कोरोना से बचने के लिए टीका लेना बहुत ही जरूरी है। इसलिए टीका लेने में किसी तरह की लापरवाही नहीं करें। साथ ही टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा, इसलिए टीका लेने में किसी तरह का संकोच नहीं करें।
सदर प्रखंड में बनाए गए हैं 32 केंद्रः टीकाकरण महाअभियान को लेकर सदर प्रखंड में 32 केंद्र बनाए गए हैं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा इसे लेकर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाटा ऑपरेटर, कार्यपालक सहायक और विकास मित्र को प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया कि टीकाकरण के दौरान लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसका विशेष तौर पर ख्याल रखें। साथ ही सभी लोग अपने-अपने साइट पर समय से थोड़ा पहले पहुंचकर अपना काम समय से शुरू करें। लाभुक अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जरूर साथ में रखें। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।
लोगों को किया जाएगा जागरूकः टीकाकरण से पहले गुरुवार को जिले में जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस दौरान लोगों से कोरोना टीका जल्द से जल्द लेने की अपील की गई। वहीं शुक्रवार को भी आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, बीएलओ और विकास मित्र लोगों को कोरोना टीका लेने के लिए जागरूक करेंगे। जिन लोगों ने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लिया है, उन्हें टीका लेने के प्रेरित करते हुए नजदीकी केंद्रों तक लाने का काम करेंगे। लोगों के मन में टीका के प्रति अगर किसी तरह का भ्रम होगा तो उसे भी ये लोग दूर करेंगे। उन्हें यह समझाएंगे कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।

पोषण अभियान के तहत एनीमिया से बचाव के सिखाए गए गुर

0

जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण माह के तहत हो रहे हैं कार्यक्रम
गर्भवती व धात्री महिलाओं के साथ किशोरियों को पोषण की मिली जानकारी
भागलपुर, 16 सितंबर-

सितंबर को पोषण माह के तौर पर मनाया जा रहा है। इसके तहत जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती और धात्री महिलाओं के साथ किशोरियों को सही पोषण के बारे में जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सही पोषण को लेकर पांच सूत्र बताए जा रहे हैं। इसमें पहला है सुनहरे जीवन के हजार दिन, दूसरा एनीमिया से बचाव, तीसरा डायरिया से बचाव, चौथा पौष्टिक आहार और पांचवां स्वच्छता और हाथ की सफाई। इन मुद्दों पर जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। गुरुवार को एनीमिया से बचाव को लेकर महिलाओं को जागरूक किया गया। आईसीडीएस के जिला समन्वयक अरविंद पांडे ने बताया कि पोषण माह के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम के जरिये महिलाओं को सही पोषण की जानकारी दी जा रही है। गुरुवार को एनीमिया से बचाव पर फोकस रहा। इस दौरान महिलाओं को किन-किन चीजों का सेवन करना चाहिए, इसके बारे में बताया गया।
गर्भवती माताएं हरी सब्जी और फल पर दें जोरः नाथनगर प्रखंड की कजरैली पंचायत के तेतरहाट गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र 80 की सेविका रंजना कुमारी ने बताया मैंने अपने केंद्र पर गर्भवती महिलाओं को हरी सब्जियों का अत्यधिक सेवन करने के लिए बताया। इसके अलावा फल का सेवन भी लगातार करने के लिए कहा गया। लाल फल पर ज्यादा जोर देने के लिए कहा गया। साथ ही जो महिलाएं मास-मछली नहीं खातीं हैं उन्हें दूध-दही के साथ हरी सब्जियों का अत्यधिक सेवन करने के लिए कहा गया। फल का सेवन मांसाहार करने वाले और नहीं करने वाले, दोनों को करने के लिए कहा गया। ऐसा करने से बच्चा स्वस्थ रहता है।
किशोरियों को एनीमिया से बचाव पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरतः रंजना कुमारी ने बताया कि किशोरियों को एनीमिया से बचाव पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अगर किशोरी शुरुआत से ही इसे लेकर जागरूक रहेंगी तो आगे उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं होगी। इसके लिए खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार के सेवन करने रहने से एनीमिया से बचाव होता रहेगा। हरी सब्जियां, फल, दूध-दही के साथ जो मांसाहार के सेवन करते हैं, वे मांसाहार का अत्यधिक सेवन करें।
धात्री महिलाएं छह माह तक बच्चों को कराएं स्तनपानः रंजना कुमारी ने कहा कि धात्री महिलाओं को छह माह तक स्तनपान कराने की सलाह दी गई। इसके बाद बच्चे को पूरक आहार देने के बारे में बताया गया। छह माह तक अगर बच्चे को स्तनपान कराया जाता है तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इससे वह भविष्य में होने वाली किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम हो जाता है। साथ ही छह महीने के बाद बच्चे को आहार की जरूरत बढ़ जाती है। इसलिए उसे खिचड़ी और खीर जैसे हल्का भोजन देना चाहिए, जिसे वह आसानी से पचा सके।

विश्व नारियल दिवस के अवसर पर धर्मार्थ संगठनों को सूर्यदत्ता फूड बैंक की ओर से नारियल का दान

0

पुणे : विश्व नारियल दिवस के अवसर पर सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट द्वारा संचालित सूर्यदत्त फूड बैंक ने एज्यू-सोशियो कनेक्ट इनिशिएटिव के तहत शहर के विभिन्न धर्मार्थ संगठनों को नारियल दान किए।
सावली प्रतिष्ठान, उमेद फाउंडेशन, अनिकेत सेवाभावी संस्था सहित 11 संस्थाओं को कुल 1100 नारियल वितरित किए गए। सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय चोरडिया के मार्गदर्शन में यह उपक्रम हुआ. सूर्यदत्ता के स्कूल-कॉलेज के छात्रों ने पेंटिंग और हस्तशिल्प और उसकी प्रतिकृतियों के माध्यम से नारियल के महत्व को प्रस्तुत किया।

सूर्यदत्ता हमेशा छात्रों में भारतीय संस्कृति को विकसित करने के लिए अनूठी गतिविधियों का आयोजन करता है। छात्रों ने भारतीय संस्कृति पर केंद्रित नारियल के विभिन्न चित्र बनाए हैं। इन संगठनों को संस्था की उपाध्यक्ष और सचिव सुषमा चोरडिया द्वारा नारियल वितरित किये गये। सावली प्रतिष्ठान के किसन शिंदे, उम्मेद फाउंडेशन के राकेश सनस, अनिकेत सेवाभावी संस्था के गणेश तनपुरे ने नारियल स्वीकार किये।

इस अवसर पर सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के समूह निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रा. डॉ. शैलेश कसांडे, डीन प्रा. डॉ. प्रतीक्षा वाबले, कार्यकारी निदेशक प्रा. सुनील धाडीवाल, निदेशक प्रशांत पितालिया, प्रा. रोहित संचेती सहित संस्थान के शिक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। सामाजिक कार्यकर्ता सीमा दाबके ने इस कार्यक्रम का समन्वय किया।

सुषमा चोरडिया ने कहा, “भारत में विशेष कर के पुरे आशिया और पॅसिफिक खंड में २ सप्टेंबर यह दिन जागतिक नारियल दिवस के रूप में मनाया जाता है. नारियल में मॅगनीज, कार्बोहायड्रेट और प्रोटीन की बड़ी मात्रा रहती है. अच्छे स्वास्थ्य के लिए वह उपयुक्त है. डायबेटीस, केश और त्वचा के लिए भी नारियल का महत्व है. साथ ही भारतीय संस्कृति में नारियल को एक अलग महत्व है. कोई भी कार्य का शुभारम्भ करने से पहले हम नारियल चढ़ाते है. इसको ध्यान में लेकर प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने यह दिवस अलग ढंग से मनाने का प्रस्ताव रखा और इन सामाजिक संगठन को नारियल दिए गए.”

प्रजनन स्वास्थ्य एवं सुरक्षित गर्भसमापन विषय पर जिलास्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन

0

– परिवार नियोजन एवं सुरक्षित गर्भपात के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से बिहार और उत्तर प्रदेश के 10 -10 संस्थाओं का बनाया गया है ” साझा प्रयास ” नेटवर्क
– आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के सौजन्य से मुंगेर की सेवायतन संस्था के द्वारा किया गया कार्यशाला का आयोजन

मुंगेर, 15 सितंबर| महिलाओं के यौन और प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार (एसआरएचआर), परिवार नियोजन एवं सुरक्षित गर्भपात के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से बिहार और उत्तर प्रदेश की 10 -10 संस्थाओं का बनाया गया है ” साझा प्रयास ” नेटवर्क । उक्त बातें बुधवार को साझा प्रयास ” नेटवर्क के तहत मुंगेर स्थित चांद महल के सभागार में आयोजित प्रजनन स्वास्थ्य एवं सुरक्षित गर्भसमापन विषय पर जिलास्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए बिहार वॉलेंटरी हेल्थ एसोसिएशन पटना के सीनियर प्रोग्राम अधिकारी खुर्शीद अकरम अंसारी ने कही। उन्होंने बताया कि 20 सप्ताह तक गर्भसमापन कराना वैध है। बावजूद इसके गर्भसमापन के लिए भी स्थितियां तय की गई हैं । जैसे गर्भवती महिला को जान का खतरा हो, गर्भवती महिला या गर्भस्थ शिशु में गंभीर शारीरिक एवं मानसिक क्षति की संभावना हो, दुष्कर्म की शिकार महिला के गर्भधारण करने की स्थिति में एवं विवाहित जोड़ों में गर्भनिरोध की विफलता की स्थिति में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट 1971 के अनुसार 20 सप्ताह तक गर्भसमापन की अनुमति दी जाती है जो वैध है। इसके विपरीत लिंग जांच के आधार पर यदि गर्भ समापन कराया जाता है तो वो अवैध होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है।
गर्भसमापन सरकारी अस्पताल या डीएलसी कमिटी द्वारा मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पताल में ही कराया जा सकता-
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के सीनियर कॉर्डिनेटर प्रोग्राम एंड ट्रेनिंग राजीव कुमार गुप्ता ने गर्भसमापन की विभिन्न तकनीकी पहलुओं और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट 1971 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रत्येक वर्ष 12.5 लाख गर्भपात के केस सामने आते हैं और इनमें मात्र 8 प्रतिशत ही सरकारी संस्थाओं में कराए जाते हैं। देश में मातृ मृत्यु दर का 8 प्रतिशत आंकड़ा असुरक्षित गर्भपात के कारण दर्ज किया जाता है। उन्होंने बताया कि 12 सप्ताह तक का गर्भसमापन की सलाह पीएचसी और सीएचसी लेवल पर एमडीटी एक्ट के बारे में 12 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टर खासकर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ही दे सकती है। किसी भी गर्भवती महिला का गर्भसमापन सरकारी अस्पताल या डीएलसी कमिटी द्वारा मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पताल में ही कराया जा सकता है। इसके अलावा 13 से 20 सप्ताह का गर्भसमापन रेफ़रल अस्पताल या मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही कराया जा सकता है। इस अवसर पर बिहार वॉलेंटरी हेल्थ एसोसिएशन पटना के सीनियर प्रोग्राम अधिकारी खुर्शीद अकरम अंसारी ने साझा प्रयास के द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सेवायतन संस्था के मनिंदर कुमार सिंह, पनाह आश्रम से मिस नाज़, दिशा बिहार से अभय कुमार अकेला सहित कई संस्था के प्रतिनिधि के अलावा डेवलपमेंट पार्टनर के तौर पर केयर इंडिया के तबरेज आलम भी उपस्थित थे।

कोविड वैक्सीन की सेकेंड डोज अभियान को गति देने को लगातार चल रहा वैक्सीनेशन अभियान

0

– जिले के विभिन्न प्रखंडों के विभिन्न सेशन साइटों पर चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान
– स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर शिविर की जानकारी देकर वैक्सीनेशन के लिए किया जा रहा प्रेरित

खगड़िया, 15 सितंबर| जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और संपूर्ण जिले वासी कोविड-19 टीका से टीकाकृत हों , इसको लेकर स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी तरह तत्पर हैं| आईसीडीएस व केयर इंडिया की टीम कदम से कदम मिलाकर इसे सफल बनाने के लिए सहयोग कर रही है । ताकि जल्द से जल्द संपूर्ण जिले वासी पूर्ण रूप से टीकाकृत हो सकें । इसके साथ-साथ वैक्सीनेशन के सेकेंड डोज को भी गति देने के लिए जिले में वैक्सीनेशन अभियान को तेज कर दिया गया है। ताकि हर हाल गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित समय पर सभी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा सके और लोगों को इस दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों के विभिन्न सेशन साइटों पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

– सेकेंड डोज लेने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है वैक्सीन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले के विभिन्न सेशन साइटों पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इस दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखा जा रहा है कि वैक्सीन लेने के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो। ताकि लोगों को वैक्सीनेशन शिविर में आने में किसी प्रकार की हिचक नहीं हो और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, सभी सेशन साइटों पर पहला एवं दूसरे दोनों डोज की वैक्सीन दी जा रही है। जिसमें सेकेंड डोज लेने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार वैक्सीन दी जा रही है। ताकि दूसरे डोज के वैक्सीनेशन अभियान को भी गति मिल सके और जल्द से जल्द संपूर्ण जिला पूरी तरह टीकाकृत हो सके।

– कोविड से स्थाई निजात के लिए वैक्सीन की पूरी डोज के साथ-साथ प्रोटोकॉल का पालन भी जरूरी :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, कोविड से स्थाई निजात के सभी व्यक्ति को वैक्सीन की पूरी यानी दोनों डोज लेना जरूरी है। तभी हम इस महामारी से खुद को सुरक्षित कर सकते हैं। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ कि निर्धारित समयावधि पूरा होने पर निश्चित रूप से दूसरा डोज भी ले और खुद के साथ अपने परिवार और समाज को भी इस महामारी से सुरक्षित करें। वहीं, उन्होंने बताया, जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन की दोनों डोज दी जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाले वैक्सीनेशन शिविर स्थल की जानकारी देकर वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ताकि इच्छुक और योग्य व्यक्ति अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें और वैक्सीनेशन अभियान को गति मिल सके।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

सर्वजन दवा सेवन पर मीडिया कार्यशाला: फाइलेरिया से बचाव के उपायों पर दी गई जानकारी

0

– स्वास्थ्य विभाग द्वारा साल में एक बार घर-घर दी जाती है दवा

जमुई, 15 सितम्बर –

जिले के सिविल सर्जन सभागार, सदर अस्पताल में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया | कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार भारती ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए जिले में आगामी 20 से 23 सितम्बर तक सर्व जन दवा सेवन अभियान चलाया जाएगा | उन्होंने इस अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी | उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित मीडिया कर्मियों को इस सन्दर्भ में जन जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार के लिए सहयोग के लिए आग्रह किया | कार्यक्रम में आये मीडिया प्रतिभागियों का आभार प्रकट करते हुए सीफार के डिविजनल समन्वयक श्याम त्रिपुरारी ने एजेंडा को साझा किया |
स्वास्थ्य विभाग द्वारा साल में एक बार घर-घर दवा दी जाती
कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रमेश प्रसाद ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा साल में एक बार घर-घर दवा दी जाती है| इसके लिए 2 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए निर्धारित दवा की डोज और खिलाने के तरीकों को क्रमवार तौर पर बताया | उन्होंने बताया कि यह दवा गर्भवती महिलाओं , दो वर्ष कम उम्र के बच्चे और असाध्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को नहीं खिलानी है |
अभियान में तीन लाख इक्तीस हजार हाउसहोल्ड को कवर किया जाना है –
कार्यशाला में केयर इंडिया के कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीए) सोमनाथ ओझा ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के तीन लाख इक्तीस हजार हाउसहोल्ड को कवर किया जाना है | दवा खिलाने के लिए आठ सौ अस्सी टीम का गठन किया गया है | जिसमें सत्रह सौ सोलह दवा वितरकों को प्रशिक्षित किया गया है| इन्हें अपने सामने ही दवा खिलाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है| मौके पर केयर इंडिया की पुष्पा दास ने कहा फाइलेरिया की रोकथाम के लिए घर के आस-पास साफ़-सफाई रखना जरूरी है | साथ हीं कहा कि नियमित मछरदानी का उपयोग करना अनिवार्य है |
वहीं जिला वेक्टर बोर्न डिजीज के पदाधिकारी प्रमोद कुमार मंडल ने कार्यशाला में फाइलेरिया के लक्षणों की जानकारी दी | उन्होंने बताया के तहत पैरों व हाथों में सूजन (हाथीपांव) और अंडकोष के सूजन और संक्रमण के पश्चात् बीमारी होने में 5 से 15 वर्षो का समय लग सकता है |
दवा को खाली पेट ना खाएं-
प्रश्नकाल के दौरान प्रतिभागी अंजुम, संजय कुमार आदि ने सर्व जन दवा के खाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे जानकारी माँगी | इसपर डॉ रमेश प्रसाद ने स्पष्ट करते हुए बताया कि इस दवा को कोई भी खाली पेट ना खाएं और किसी तरह की मिचली या बुखार की स्थिति में नजदीकी दवाखाना में संपर्क करना बेहतर होगा |कार्यक्रम का समापन प्रिंस कुमार, पीसीआई समन्वयक द्वारा धन्यवाद् ज्ञापन से हुआ|

फाइलेरिया अभियान को लेकर आशा, सेविका और प्रेरकों को दिया गया प्रशिक्षण

0

-मास्टर ट्रेनर ने डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने के बताए तरीके
-जिले में 20 सितंबर से फाइलेरिया उनमूलन को लेकर चलाया जाएगा अभियान

भागलपुर, 15 सितंबर | सदर अस्पताल में बुधवार को आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और प्रेरकों (मोबाइलजर) को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। सभी लोगों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने की जानकारी दी गई। इस दौरान मास्टर ट्रेनर ने बताया कि अपने सामने ही लोगों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलानी है। मालूम हो कि जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर 20 सितंबर से अभियान शुरू हो रहा है। इसमें आशा कार्यकर्ता या आंगनबाड़ी सेविका और जहां पर ये दोनों नहीं हैं, वहां प्रेरक (मोबाइलजर) घर-घर जाकर डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलाएंगी। मौके पर डीआई रविकांत झा, केटीएस ए. मन्नान, केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक और एमडीए कॉर्डिनेटर रूपा श्री मौजूद थीं।
50 लाभुकों को गोली खिलाने पर 600 रुपये की प्रोत्साहन राशिः
20 जुलाई से शुरू हो रहे अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं की दो टीम बनाई गई है। दोनों का क्षेत्र मिलाकर एक टीम को 400 लाभुकों को गोली खिलानी है। एक आशा कार्यकर्ता अगर 50 लाभुकों को गोली खिलाती हैं तो उन्हें 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 14 दिनों में अगर आशा कार्यकर्ता 400 लाभुकों को दवा दे देती हैं तो उन्हें 4800 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी। जहां पर आशा कार्यकर्ता नहीं हैं, वहां पर यह राशि आंगनबाड़ी सेविका या फिर मोबलाइजर को दी जाएगी। इस बात की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी गई।
14 दिनों तक चलेगा अभियानः
जिले में 20 सितंबर से फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू हो रहा है। इसके तहत सभी लोगों को मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत डीईसी व अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग तैयारी में लगा हुआ है। प्रशिक्षण के दौरान फाइलेरिया से बचाव के लिए लोगों को दी जाने वाली जानकारी के बारे में बताया गया। इस दौरान अलग-अलग उम्र के लोगों को दवा खिलाने के नियमों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण ले रहीं आशा, सेविका और मोबलाइजर को बताया गया कि अभियान 14 दिनों तक चलेगा। इस दौरान उन्हें बताया गया कि दवा खिलाने के बाद रजिस्टर में लाभुकों का नाम भी दर्ज होगा। साथ ही अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को केयर इंडिया और पीसीआई सहयोग भी करेगा।
अल्बेंडाजोल की गोली चबाकर खाना हैः
अभियान के दौरान दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खाना है। इसे लाभुकों को बताना होगा। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जाएगी। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जाएगी।
घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने देः
जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ) डॉ. कुंदन सिंह पटेल ने कहा कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने दें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।

कोरोना टीका की दूसरी डोज ले ली , फिर भी गाइडलाइन का करेंगे पालन

0

-जब तक सभी लोग टीका नहीं ले लेंगे, तब तक सतर्कता बरतेंगे
-कोरोना टीका की दोनों डोज लेने के बाद लाभुकों ने रखी अपनी राय

बांका, 15 सितंबर
जिले में कोरोना टीकाकरण काफी तेज गति से चल रहा है। टीका का पहला डोज जिले के काफी लोग ले चुके हैं। अब दूसरे डोज पर फोकस किया जा रहा है। दरअसल, टीका का दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रकिया पूरी होगी। इसके बाद ही कोरोना का खतरा पूरी तरह से टलेगा। अब इस बात को लाभुक भी समझने लगे हैं। टीका की दूसरी डोज लेने के बाद रुचि कुमारी ने कहा कि मैंने टीका की दोनों डोज ले ली है। हालांकि इसके बावजूद सतर्कता बरतूंगी। जब तक सभी लोग कोरोना टीका का दोनों डोज नहीं ले लेते हैं, तब तक सतर्कता जरूरी है। वहीं हर्षित कुमार ने कहा कि मैंने तो टीका की दोनों डोज ले ली है, लेकिन सभी लोगों को टीका की दोनों डोज लेनी चाहिए। कोरोना से बचने के लिए यह जरूरी है।
नूतन देवी ने कहा कि सिर्फ मेरे लेने से ही नहीं होगा। सभी लोगों को कोरोना टीका की दोनों डोज जल्द से जल्द ले लेना चाहिए। एक टीका ले लेने के बाद जिसका समय पूरा हो गया है, मैं उन्हें जल्द दूसरा डोज लेने के लिए कहूंगी। रूपेश कुमार ने कहा कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है। खुद के साथ दूसरों को भी कोरोना टीका की दोनों डोज दिलवाना पड़ेगा। तभी समाज कोरोना से मुक्त हो सकेगा। इसलिए आसपास के सभी लोगों को टीका की दोनों डोज लेने के लिए कहूंगा। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि लगातार जागरूकता कार्यक्रम का असर लोगों पर पड़ा है। लोग अब समझने लगे हैं कि कोरोना का टीका कितना जरूरी है। यही कारण है कि समय पर आकर लोग टीका की दूसरी डोज ले रहे हैं।
500 लोगों ने लिया टीकाः
दूसरी तरफ बुधवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 500 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। सभी लाभुकों को टीका देने के बाद 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की परेशानी नहीं होने पर सभी लोगों को घर जाने दिया गया। साथ ही जिन लोगों ने पहला टीका लिया, उन्हें समय पर आकर टीका की दूसरी डोज लेने की हिदायत दी गई।
330 लोगों की हुई जांचः
उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 220 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही 110 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए लिया गया। हालांकि कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, इसके बावजूद सभी लोगों को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाने पर मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया।

बांका जिले में 750 लोगों को पड़े टीके, 335 की हुई जांच

0

-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
-जागरूकता अभियान के चलते टीका लेने को आ रहे लोग

बांका-

कोरोना उन्मूलन को लेकर जिले में टीकाकरण अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जगह-जगह पर लोगों का टीकाकरण कर रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 750 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया और किसी तरह की समस्या नहीं आने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। साथ ही सभी लोगों को आकर समय पर दूसरा डोज लेने की भी सलाह दी गई। उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 335 लोगों की कोरोना जांच भी की गई, जिसमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना को लेकर हमलोगों का अभियान जारी है। लोगों की जांच से लेकर टीकाकरण तक हो रहा है। टीका लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। टीका केंद्रों पर सभी सुविधा मौजूद रहती है। टीका लेने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाती है। टीकाकरण केंद्रों पर आने वाले लाभुकों के मन में अगर किसी तरह का भ्रम रहता है तो उसे दूर किया जाता है। साथ ही लाभुकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान रहती है। सबसे ज्यादा लाभुक गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर आते हैं।
जागरूकता अभियान भी जारीः
डॉ. चौधरी कहते हैं कि यह बात सही है कि अब बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं, लेकिन हमलोग आखिरी व्यक्ति तक जल्द से जल्द कोरोना का टीका पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए टीका को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी जारी है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। टीकाकरण जितना अधिक होगा, लोगों के मन से इसके प्रति भ्रम भी दूर होगा। साथ ही एक-दूसरे को देखकर भी लोग टीकाकरण के लिए आएंगे। कोरोना को मात देने में आमलोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। यही कारण है कि जागरूकता अभियान में हमलोग आमलोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं ।आमलोग भी एक दूसरे को जागरूक करें तो अच्छा है।
सावधानी अभी भी जरूरीः
वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 225 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही आरटीपीआर मशीन से जांच के लिए 110 लोगों के सैंपल लिए गए। डॉ. चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता, तबतक सभी लोगों को बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना होगा। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाकर रखनी होगी। ये नियम सभी के लिए लागू है। जिन्होंने कोरोना का टीका लिए हैं, उसके लिए भी और जिन्होंने नहीं लिया है उनके लिए भी।

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 17 सितंबर को ले आयोजित पोस्टर वर्कशॉप में जिला अस्पताल मुंगेर की टीम को मिला पहला स्थान

0

– सुरक्षित मातृत्व एवं नवजात शिशु की सही देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हुआ आयोजन

– हवेली खड़गपुर सीएचसी की टीम को दूसरा और जमालपुर पीएचसी की टीम को मिला तीसरा स्थान

– जिलास्तर पर चुना गया दो सर्वश्रेष्ठ पोस्टर भेजा जाएगा राज्य स्वास्थ्य समिति

– राज्यस्तर पर चुनी गई सर्वश्रेष्ठ पेंटिग को 1 अक्टूबर को राज्य स्वास्थ्य समिति में किया जाएगा पुरस्कृत

मुंगेर, 14 सितंबर| विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 17 सितंबर को है | इसको लेकर मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के द्वारा एएनएम स्कूल के सभागार में पोस्टर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिला के सभी पीएचसी और सीएचसी पर कार्यरत ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम इंचार्ज के अलावा जीएनएम और एएनएम ने हिस्सा लिया । इसके अलावा जिला के विभिन्न प्रखंड़ों में कार्यरत हेल्थ और वेलनेस सेंटर की सीएचओ भी कार्यशाला में शामिल हुईं। वर्कशॉप में जिला के सभी प्रखंड़ों में कार्यरत केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर भी शामिल हुए । पोस्टर वर्क शॉप में सदर अस्पताल की टीम के द्वारा विश्व रोगी सुरक्षा दिवस की थीम पर बनाए गए पोस्टर को पहला स्थान मिला जबकि हवेली खड़गपुर सीएचसी की टीम के द्वारा बनाए गए सम्मानपूर्ण मातृत्व देखभाल की थीम पर बनाए गए पोस्टर को दूसरा और जमालपुर पीएचसी द्वारा बनाए गए साफ और सुरक्षित प्रसव की थीम पर बनाए गए पोस्टर को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। इन सभी विजेताओं के साथ सभी प्रतिभागियों को मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि, डीपीसी विकास कुमार ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व सिविल सर्जन, डीपीएम के साथ- साथ डीआईओ डॉ. राजेश कुमार रौशन, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. के. रंजन और केयर इंडिया की डीटीओ एफ डॉ. नीलू और डीटीओ ऑन तबरेज आलम ने विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर सुरक्षित मातृत्व और नवजात शिशु की देखभाल को ले एक प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर कर पोस्टर वर्कशॉप की शुरुआत की । इस प्रतिज्ञा पत्र पर कार्यशाला में शामिल सभी लोगों ने हस्ताक्षर किए।

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर जिलास्तरीय पोस्टर वर्कशॉप का आयोजन
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) विकास कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को विश्व रोगी दिवस मनाया जाता है। जिला में 16 और 17 सितंबर को कोरोना टीकाकरण महाअभियान की वजह से मंगलवार 14 सितंबर को ही विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर आयोजित होने वाली जिलास्तरीय पोस्टर वर्क शॉप का आयोजन किया गया। सुरक्षित मातृत्व और नवजात शिशु की सही देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला भर के विभिन्न पीएचसी और सीएचसी से आई ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम इंचार्ज के साथ – साथ सभी हेल्थ और वेलनेस सेंटर से आई कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) और केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर ने सामूहिक रूप से अलग-अलग टीम बनाकर अलग-अलग थीम जैसे सेफ और सेक्योर डिलीवरी, न्यू बोर्न केयर, कंगारू मदर केयर, हैंड वाशिंग टेक्निक पर सुंदर और आकर्षक पोस्टर बनाया ।

केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया कि पोस्टर वर्कशॉप में विभिन्न टीम के द्वारा बनाये गए पोस्टर में से दो सर्वश्रेष्ठ पोस्टर को राज्यस्तरीय पोस्टर प्रतियोगिता में शामिल करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति पटना भेजा जाएगा । राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा राज्य के सभी 38 जिलों से आए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर में से एक पोस्टर को चयनित कर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए आगामी 1 अक्टूबर को राज्य स्वास्थ्य समिति के सभागार में कार्यक्रम आयोजित राज्य स्तर पर चयनित सर्वश्रेष्ठ पोस्टर बनाने वाले टीम को सम्मानित किया जाएगा।
जिलास्तरीय पेंटिंग के कलाकार राहुल कुमार ने किया पोस्टर बनाने वाले विभिन्न टीमों की मॉनिटरिंग :
इस अवसर पर मुंगेर के मॉडल हाईस्कूल से पढ़े-लिखे माधोपुर के रहने वाले मूर्तिकार सुरेंद्र प्रसाद के पुत्र पेंटिंग आर्ट के कलाकार राहुल कुमार ने पोस्टर वर्कशॉप के दौरान सभी टीमों की मॉनिटरिंग की । मालूम हो कि राहुल कुमार अपनी सर्वश्रेष्ठ पेटिंग कला की बदौलत जिलाधिकारी मुंगेर से सम्मानित भी हो चुके हैं।