फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 20 सितंबर से शुरू होगा एमडीए प्रोग्राम, 14 लाख 64 हजार 378 लोगों को कराया जाएगा दवा का सेवन

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– एमडीए कार्यक्रम कि सफलता के लिए जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के द्वारा सीफार के सहयोग से हुआ मीडिया कार्यशाला का आयोजन

– फाइलेरिया कि रोकथाम के लिए 20 सितंबर से 14 दिनों तक चलेगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम

– एमडीए कार्यक्रम कि सफलता के लिए जिला भर में बनाई गई हैं कुल 713 टीम जो लोगों को खिलाएगी डीईसी व एल्बेंडाजोल की दवा

मुंगेर, 18 सितंबर 2021 : फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 20 सितंबर से मुंगेर में एमडीए( सर्वजन दवा सेवन) कार्यक्रम चलेगा। जिसमें 14 लाख 64 हजार 378 लोगों को दवा का सेवन कराया जाएगा । उक्त बातें शनिवार को मुंगेर स्थित क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (आरपीएमयू) सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के द्वारा सीफ़ार( सेंटर फ़ॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च) के सहयोग से आयोजित मीडिया कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने कही। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर से 14 दिनों तक चलने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम की सफलता के लिए जिला भर में कुल 713 लोगों की टीम लगी हुई है जो अपने सामने लोगों को डाई इथाइल थर्मा मैगजीन (डीईसी ) और एल्बेंडाजोल की दवा खिलाएगी। इस टीम में कुल 958 आशा कार्यकर्ता, 205 आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, 203 वोलेंटियर और 73 सुपरवाइजरों की टीम शामिल है। ये लोग प्रतिदिन कम से कम 60 से 100 घरों का भ्रमण कर अपने सामने सभी लोगों फाइलेरिया से उन्मूलन के लिए दवा खिलाएगी।

कार्यशाला में आये हुए मीडिया कर्मियों को सम्बोधित करते हुए जिला के वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोलिंग ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर जुटी आशा कार्यकर्ता ,आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों के ही सहयोग से यह अभियान सफल हो सकता है। इसलिए आप सभी लोग पूरी जिम्मेदारी से लोगों को अपने सामने फाइलेरिया उन्मूलन के लिए डीईसी और एल्बेंडाजोल कि दवा खिलाएं। उन्होंने बताया कि 2 से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी और एल्बेंडाजोल कि दवा खिलानी है। उन्होंने बताया कि 2 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे को डीईसी 100 एमजी की एक गोली, 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को डीईसी 200 एमजी कि दो गोली , 15 से अधिक उम्र आयु। वर्ग के लोगों को डीईसी 300 एमजी कि तीन गोली के साथ ही प्रत्येक आदमी को एल्बेंडाजोल गोली कि 400 एमजी खिलानी है।

फाइलेरिया के प्रति जागरूकता जरूरी :
आईसीडीएस कि डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक गंभीर संक्रामक बीमारी है जिसे आमतौर पर हाथी पांव भी कहा जाता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हाथ और पैर या हाइड्रोसिल (अण्डकोष) में सूजन का होना होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसकी पुष्टि होने के बाद जरूरी दवा सेवन से इसे रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। लोगों को फाइलेरिया के लिए जागरूक करने में मीडिया की सशक्त भूमिका होती है। 20 सितंबर से सरकार द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आशा व आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा घर-घर जाकर मुफ्त दवा खिलाया जाएगा। लोगों को इस कार्यक्रम में भाग लेकर स्वयं और अपने परिवार को फाइलेरिया से सुरक्षित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लोगों द्वारा अल्बेंडाजोल का सेवन आशा और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की उपस्थिति में चबाकर किया जाना है। 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जानी है। कार्यक्रम में छूटे हुए घरों में आशा कर्मियों द्वारा पुनः भ्रमण कर दवा खिलाई जाएगी। इस अवसर पर केयर इंडिया के डीपीओ मानस कुमार, जीविका के डीपीएम रितेश कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के डीपीएम नसीम रजि और केयर इंडिया के प्रतिनिधि राकेश कुमार मौजूद थे।

ध्यान रखने योग्य जानकारी :
– खाली पेट दवा का सेवन नहीं किया जाना है।
– दवा स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही खाना जरूरी है।
– एल्बेंडाजोल की गोली चबाकर खाई जानी है।
– फाइलेरिया से सुरक्षित रहने के लिए अपने घरों के आसपास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।
– सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

मालूम हो कि फाइलेरिया का दवा सेवन करने के बाद सामान्य साइड इफेक्ट्स होने से घबड़ाने की आवश्यकता नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं लेकिन ये साइड इफेक्ट्स सामान्य होते हैं हैं जो प्राथमिक उपचार के बाद ठीक हो जाते हैं।

कोविड -19 पर कारगर हुआ सुनियोजित प्रयास

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● मेगा वैक्सिनेशन 0.3 में जमुई जिला राज्य में फिर हासिल किया दूसरा स्थान

● महाअभियान के तहत 18+ के करीब 70 हजार लोगों को दिया गया मुफ्त में टीका

● कोविड-19 का वैक्सीन लेने के लिए उत्साहित दिखे लाभार्थी

टीका महाअभियान 0.3 ने नया कीर्तिमान स्थापित किया : अवनीश

जमुई, 18 सितम्बर ।
जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए जमुई जिला में शुक्रवार को कोविड – 19 पर कारगर प्रयास किया गया। दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण महाअभियान 0.3 के दरम्यान निर्धारित 60 हजार लक्ष्य के विरुद्ध 18+ के करीब 70 हजार लोगों को टीकाकृत कर जिला प्रशासन ने जहां नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं राज्य में एकबार फिर दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी निष्ठा और कर्तव्यपरायणता का भी लोहा मनवाया है। उन्होंने इस रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि के लिए जिले के सम्बंधित अधिकारियों , कर्मियों , जीविका दीदियों एवं प्रबुद्ध जनों की जमकर तारीफ करते हुए कहा आप सबों के सराहनीय प्रयास से ही दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण महाअभियान के तहत मेगा वैक्सिनेशन 0.3 ने जमुई आशातीत कामयाबी हासिल की है।
जिलाधिकारी ने कोरोना रोधी टीका लेने के लिए 18+ के लोगों को उत्साहित दिखने की बात बताते हुए कहा कि यह इस बात का परिचायक है कि संबंधित जन वैक्सिन के महत्व को समझने लगे हैं , जो जिला के साथ राज्य और देश हित के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने जिलावासियों से अनुरोध करते हुए कहा वह कोरोना गाइडलाइंस का अनिवार्य रूप से अनुपालन करें और इस महामारी को जड़ से उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाएं।
उप विकास आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जमुई जिला में इलेक्शन मोड में सुबह 07 बजे टीकाकरण महाअभियान 0.3 शुरू हुआ और लाभुकों के आने तक सतत जारी रहा। उन्होंने कई सेशन साइटों का गम्भीरता से अवलोकन किए जाने की जानकारी देते हुए कहा लाभुकों में उमंग और उत्साह देखकर वह संतुष्ट हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा निष्ठापूर्वक दायित्वों के निर्वहन किए जाने की तारीफ की।
गौरतलब है कि मेगा वैक्सिनेशन ड्राइव की सफलता के लिए जमुई जिला में कुल 375 सेशन साइट का गठन किया गया था जहां एएनएम , पर्यवेक्षक , कम्प्यूटर ऑपरेटर समेत अन्य सम्बंधित कर्मी ससमय पहुंचे और महाअभियान के तहत लाभुकों को टीका लगाया। टीकाकरण का विशेष महाअभियान रिकॉर्ड तोड़ सफलता के साथ संपन्न हो गया।
उधर जिलाधिकारी मेगा वैक्सिनेशन 0.3 को लेकर खास तौर पर सजग और सतर्क दिखे। उन्होंने शुक्रवार को सुबह 05 बजे से ही अधिकारियों सहित तमाम सम्बंधित जनों को टीकाकरण महाअभियान के लिए निदेशित करने के साथ उनका क्षमतावर्धन किया और उन्हें कारगर टिप्स देकर सेशन साइट के लिए रवाना किया। बाद में जिलाधिकारी ने स्वयं दर्जनों सेशन साइटों का स्वयं अवलोकन किया और वहां भी वह प्रशासक के साथ एक सफल अभिभावक की भूमिका में नजर आए। जिलाधिकारी के दायित्वों के प्रति समर्पण और कर्तव्य निष्ठा के परिणामस्वरूप जमुई जिला मेगा वैक्सिनेशन 0.3 में अजब, अद्भुत , आश्चर्यजनक, अनूठा और अनोखा प्रदर्शन किया तथा बिहार में अव्वल स्थान हासिल कर उपलब्धियों का परचम लहराया। जिलावासी स्नेहिल , शालीन, सहृदय और संकल्पित जिलाधिकारी के प्रगतिशील सोच और कारगर पहल की तारीफ कर रहे हैं।

जन-जन के सहयोग से सफल होगा एमडीए अभियान, बचाव के लिए दवाई का सेवन जरूरी : सीएस

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– एसीएमओ कार्यालय के सभा कक्ष में मीडिया कार्यशाला का हुआ आयोजन
– अभियान की सफलता को मीडिया कर्मियों का सहयोग भी बेहद जरूरी

खगड़िया, 18 सितम्बर, 2021
जिले में आगामी 20 सितम्बर से शुरू होने वाले फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान को शनिवार को एसीएमओ कार्यालय के सभा कक्ष में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह एवं संचालन जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने की। कार्यशाला में जिले के तमाम मीडिया कर्मी शामिल हुए। कार्यशाला के दौरान डीभीबीडीसी बबलू सहनी ने मौजूद तमाम मीडिया कर्मियों एवं अन्य पदाधिकारियों को फाइलेरिया के कारण, लक्षण एवं बचाव के उपाय की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा, इस अभियान के उद्देश्य और महत्व को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के मीडिया कर्मियों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए, मैं तमाम मीडिया कर्मियों से साकारात्मक सहयोग की अपेक्षा से अपील करते हुए आपलोगों से सहयोग करने की अपील करता हूँ। इस मौके पर डीआईओ डाॅ देवनंदन पासवान, डीपीएम (हेल्थ) पवन कुमार, एसीएमओ डॉ रवींद्र नारायण, सीडीओ डाॅ आर एन चौधरी, भीडीसीओ मो0 शहनवाज आलम, पीसीआई के जिला समन्वयक ऋतु गौतम आदि मौजूद थे।

– गृह भेंट के तहत घर-घर जाकर लोगों को खुद के सामने दवा खिलाएंगी आशा कार्यकर्ता :
जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया, 20 सितंबर से जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए अभियान का शुभारंभ होना सुनिश्चित हुआ है। अभियान की सफलता को लेकर गृह भेंट की तर्ज पर आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को खुद के सामने एलबेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं खिलाएंगी। ताकि एक भी व्यक्ति दवाई खाने से वंचित नहीं रहे और अभियान सफल हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, उक्त दवा गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को छोड़कर शेष सभी लोगों को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा खिलाई जाएगी। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देते हुए जागरूक किया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, 2 से 5 साल तक के बच्चों को 100 मिलीग्राम की डीईसी एवं 400 मिलीग्राम की अलबेंडाजोल की एक-एक गोली, 6 से 14 साल तक के किशोरों को डीईसी की दो एवं अलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी की तीन गोलियां एवं अलबेंडाजोल की एक गोली खिलायी जानी है। इस दौरान इस बात का ख्याल रखना है कि किसी व्यक्ति को खाली पेट दवाई नहीं खिलानी है।

– कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ खिलाई जाएगी दवा :
एसीएमओ डॉ रवींद्र नारायण ने बताया, कोविड प्रोटोकॉल का ख्याल रखते दवा खिलाई जानी है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना है कि एक भी व्यक्ति दवा खाने से छूटे नहीं है। इसके लिए लगातार घर-घर जाकर एक-एक व्यक्ति का फोलोअप करना है। इस दौरान कोविड से बचाव एवं वैक्सीनेशन के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

– बचाव के लिए दवाई का सेवन जरूरी :
सीडीओ डाॅ आर एन चौधरी ने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए दवाई के साथ-साथ एहतियात भी जरूरी है। इसलिए, अभियान के दौरान योग्य व्यक्तियों को दवाई तो खिलाई ही जाएगी। इसके अलावा इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को आवश्यक जानकारी भी दी जाएगी। जैसे कि, घर के आस-पास गंदगी जमा नहीं होने दें एवं घरों में सोने से पहले मच्छरदानी का उपयोग करें। साथ ही अन्य लोगों को दवा सेवन के प्रति जागरूक भी करें, ताकि फाइलेरिया जैसी बीमारी जड़ से समाप्त हो सके। इस बीमारी को पूरी तरह से मिटाने के लिए जागरूकता भी बेहद जरूरी है।

– दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफ़ेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफेक्ट सामान्य होते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं।

महाअभियान में 51445 लोगों ने लिया कोरोना का टीका

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32046 लोगों ने पहला तो 19399 लोगों ने दूसरा डोज लिया
जिले के सभी 12 प्रखंडों में बनाए गए थे लगभग 400 केंद्र
बांका, 18 सितंबर
जिले में कोरोना टीकाकरण को लेकर शुक्रवार को चलाए गए महाअभियान में काफी संख्या में लोगों ने टीका लिया। जिले के लगभग 400 केंद्रों पर 51445 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। इनमें 32046 लोगों ने पहला तो 19399 ने टीका का दूसरा डोज लिया। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि महाअभियान के दौरान लोगों का उत्साह सराहनीय रहा। बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं। महाअभियान के दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम की सक्रियता की वजह से काफी संख्या में लोगों ने टीका लिया। लोगों से मेरी यही अपील है कि समय पूरा होने पर टीका का दूसरा डोज अवश्य लें। जिनलोगों ने पहला टीका नहीं लिया है, वे जल्द से जल्द अपने नजदीकि केंद्र पर जाकर टीका लें और समय पूरा होने पर दूसरा टीका भी ले लें।
जिला स्वास्थ्य समिति के आंकड़ों के मुताबिक महाअभियान के दौरान अमरपुर में 3485 लोगों ने पहला तो 3775 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यानी कि कुल 7260 लोगों ने यहां पर कोरोना का टीका लिया। वहीं बांका सदर प्रखंड में कुल 3750 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। इनमें 2355 लोगों ने पहला तो 1395 लोगों ने दूसरा डोज लिया। वहीं गांधी चौक पर चलने वाले सुबह नौ से रात नौ बजे के केंद्र पर 130-130 लोगों ने पहला और दूसरा डोज लिया। बाराहाट में 3545 लोगों ने पहला तो 1555 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यहां पर 5100 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। इसी तरह बेलहर में 3176 लोगों ने पहला तो 1644 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यानी कि कुल 4820 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। बौंसी में 5032 लोगों ने पहला तो 1778 लोगों ने दूसरा डोज लिया। कुल 6810 लोगों ने कोरोना का टीका लिया।
चांदन प्रखंड में 2800 लोगों ने पहला तो 800 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यानी कि कुल 3600 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। धोरैया में 2324 लोगों ने पहला तो 981 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यहां पर कुल 3305 लोगों ने टीका लिया। फुल्लीडुमर में 1931 लोगों ने पहला तो 2219 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यानी कि कुल 4150 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। कटोरिया में 3270 लोगों ने पहला तो 1100 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यहां कुल 4370 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। रजौन में 1027 लोगों ने पहला तो 1433 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यानी कुल 2460 लोगों ने टीका लिया। शंभूगंज में 2971 लोगों ने पहला तो 2589 लोगों ने दूसरा डोज लिया। यानी कि 5560 लोगों ने कोरोना का टीका लिया।
सदर प्रखंड में 540 ने लिया टीका, 325 की जांचः वहीं शनिवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत कुल 540 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। वहीं 215 लोगों की एंटीजन किट से जांच हुई तो 110 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, इसके बावजूद सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई आवश्यक तौर पर करने के लिए कहा गया। साथ ही महाअभियान के बाद भी शनिवार को काफी संख्या में टीका लेने के लिए लोग सामने आए, जो कि अच्छी बात है।

आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर खिलाएंगी डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली

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आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया है प्रशिक्षण

शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति में कार्यशाला का आयोजन

बांका, 18 सितंबर
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 20 सितंबर से जिले के सभी लोगों को मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत डीईसी व एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य समिति ने शनिवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. वीके यादव, एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी, डीआईओ डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल, डीएस डॉ. सुनील कुमार चौधरी, वीडीसीओ आरिफ इकबाल, केयर इंडिया के राकेश कुमार, पीसीआई के रविकांत झा और डब्ल्यूएचओ के डॉ. शांतनू सेन मौजूद थे। इस दौरान फाइलेरिया से बचाव के लिए लोगों को दी जाने वाली दवा के बारे में बताया गया। अलग-अलग उम्र के लोगों को दवा खिलाने के नियमों की जानकारी दी गई। अभियान को दो चरणों में बांटा गया है। पहला चरण 20 से 23 सितंबर तक तो दूसरा चरण 1 से 10 अक्टूबर तक चलेगा। लाभुकों को एल्बेंडाजोल की गोली दवा चबाकर खानी है।

आशा कार्यकर्ताओं की दो सदस्यीय टीम बनाई गई: इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं की दो सदस्यीय 970 टीम जिले में बनाई गई है। टीम 14 दिनों तक क्षेत्र में लोगों को अपने सामने दवा खिलाएगी। अभियान के पहले सात दिन में एक आशा के क्षेत्र में पहले छह दिन घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने के बाद सातवें दिन छूटे हुए घरों में जाकर लोगों को दवा खिलायी जाएगी। आठवें से 13वें दिन तक दूसरे आशा के क्षेत्र में लोगों को घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी और 14वें दिन फिर छूटे हुए लोगों को दवा खिलायी जाएगी। दवा खिलाने के बाद आशा कार्यकर्ता रजिस्टर में लाभुकों का नाम भी दर्ज करेंगी। साथ ही अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को केयर इंडिया और पीसीआई सहयोग भी कर रहा है। अभियान की सफलता को लेकर आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के लोगों को जागरूक भी कर रही हैं।
गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष के कम उम्र के बच्चों को नहीं खिलाए जाएगी कोई गोलीः अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता लोगों को अपने सामने ही डीईसी और एल्बेंडाजोल की गोली खिलाएंगी। दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खाना है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जाएगी। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जाएगी। दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफ़ेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलते हैं। साइड इफ़ेक्ट सामान्य होते हैं जो प्राथमिक उपचार से ठीक भी हो जाते हैं।

क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरियाः जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ) डॉ. वीके यादव ने कहा कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने दें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।

20 सप्ताह तक गर्भसमापन कराना वैध

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महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य पर कार्यशाला आयोजित
राज्य में हर साल 12.5 लाख महिलाएं कराती हैं गर्भसमापन
बांका, 18 सितंबर
शनिवार को शहर के एक होटल में महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य पर कार्य कर रही संस्थाओं के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम (एमटीपी एक्ट)-1971 के बारे में जानकारी दी गई। इसमे बताया गया कि जिले में सुरक्षित गर्भसमापन पर आशा, एएनएम, जीविका दीदी एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं का उन्मुखीकरण किया गया है। अभी तक जिले की 273 आशा दीदी, 75 एएनएम, 51 जीविका दीदी और 109 आंगनवाड़ी सेविका का उन्मुखीकरण किया जा चुका है।
कार्यशाला में सेवा भारती के सचिव चंदन ने उपस्थित प्रतिभागियों को विषय वस्तु से अवगत कराया। उन्होंने बताया साझा प्रयास एक नेटवर्क है जो बिहार और उतर प्रदेश के 10-10 जिलों में 10-10 स्थानीय संस्था के साथ (एसआरएचआर) यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार, परिवार नियोजन एवं सुरक्षित गर्भपात पर कार्य कर रही है। उन्होंने इसके बारे में विस्तृत तौर पर जानकारी दी ।
आईपास डेवलपमेन्ट फाउंडेशन के राजीव ने उपस्थित प्रतिभागियों को एमटीपी एक्ट- 1971 कानून के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया 20 सप्ताह तक गर्भ समापन कराना वैध है, लेकिन 12 सप्ताह के अंदर एक प्रशिक्षित डॉक्टर एवं 12 सप्ताह से ऊपर और 20 सप्ताह के अंदर तक में दो प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी में गर्भसमापन करना चाहिए। इस दौरान परिस्थिति क्या होनी चाहिए, इस पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही माहवारी के समय साफ-सफाई के संबंध में भी जानकारी दी गयी। उन्होंने सभी संस्था के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि आप अपने कार्य क्षेत्र में भी इस बिषय पर चर्चा कीजिये, ताकि असुरक्षित गर्भपात से होने वाली महिलाओं की मृत्यु एवं मातृ मृत्यु दर कम हो सके। राजीव ने बताया राज्य में हर वर्ष 12.5 लाख गर्भपात के केस सामने आते हैं और इनमे मात्र 8% सरकारी संस्थानों में कराये जाते हैं। देश में मातृ मृत्यु दर का 8 प्रतिशत आंकड़ा असुरक्षित गर्भपात के कारण दर्ज किया जाता है।
हस्ताक्षर अभियान की हुई शुरुआत: बीभीएचए के वरिष्ठ कार्यक्रम पदाधिकारी खुर्शीद एकराम अंसारी ने आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के कार्यक्रम एवं सांझा प्रयास नेटवर्क के संबंध में जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि 98 एनजीओ को साझा प्रयास नेटवर्क से जोड़ा गया। कार्यक्रम के अंत में साझा प्रयास नेटवर्क के अन्तर्गत हस्ताक्षर कराया गया। इसका स्लोगन था हम महिलाओं के प्रजनन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित गर्भपात संबंधित अधिकारों का समर्थन करते हैं। कार्यशाला में स्लोगन के पत्र पर शामिल प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर कर अभियान की शुरुआत की। महिलाओं के प्रजनन स्वस्थ्य, किशोरी स्वस्थ्य एवं सुरक्षित गर्भपात की महत्ता को सारे प्रतिभागियों ने स्वीकारा और समुदाय को जागरूक करने का संकल्प लिया।

राष्ट्र निर्माण में इंजीनियर का अमूल्य योगदान – डॉ. संजय चोरडिया की राय; राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर ‘सूर्यदत्ता’ में विश्वेश्वरैया हॉल का उद्घाटन

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पुणे:

: “इंजीनियर समस्या को हल करनेवाला होता है. अपने कल्पक, क्रियाशील विचारों से वो सोल्यूशन ढूंढने का प्रयास करता है. इंजीनियरिंग एक दृष्टिकोण है और उसी दृष्टिकोन से कोई भी समस्या को हल करने की खोज में रहना चाहिए. इसका सबसे अच्छा उदाहरण गृहिणी है। वह एक इंजीनियर की तरह उपलब्ध संसाधनों में घर को आकार देती है,” ऐसी राय प्रसिद्ध कंप्यूटर विशेषज्ञ डॉ. दीपक शिकारपुर ने दी.

 

भारतरत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के सम्मान में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स द्वारा ‘सूर्यदत्ता विश्वेश्वरैया इंजीनियरिंग एक्सीलेंस अवार्ड-2021’ डॉ. शिकारपुर के हाथो बिल्डर सुहास लुंकड, सीओईपी के एल्युमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष, उद्यमी भरत गीते, उद्यमी नितिन नाईक को प्रदान किया गया. सम्मानपत्र, स्वर्ण पदक, प्रतीक चिन्ह और स्कार्फ यह पुरस्कार का स्वरूप था.

 

बावधन में सूर्यदत्ता कैंपस में आयोजित समारोह के दौरान विश्वेश्वरैया हॉल का भी उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय चोरडिया, उपाध्यक्ष एवं सचिव सुषमा चोरडिया, सलाहकार बोर्ड के सचिन ईटकर, सूर्यदत्ता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं समूह निदेशक प्रा. डॉ. शैलेश कासंडे, निदेशक प्रा. सुनील धाडीवाल, मुख्य विकास अधिकारी सिद्धांत चोरडिया आदि उपस्थित थे. लगभग 150 से अधिक स्टाफ मेम्बर्स उपस्थित थे। तीनों पुरस्कार विजेताओं से आयोजकों द्वारा इंजीनियरिंग के बारे में सवाल पूछे गए.

 

डॉ. दीपक शिकारपुर ने कहा, “इंजीनियर तकनीक के साथ स्मार्ट भी होना चाहिए. 21वीं सदी में सभी को तत्काल समाधान की जरूरत है. इसलिए मल्टीटास्किंग के साथ आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति, सकारात्मकता, सक्रियता और महत्वाकांक्षा हासिल करने की जरूरत है.”

 

प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने कहा, “सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन के अवसर पर हमने उनके स्मृति में हॉल का उद्घाटन किया, इंजीनियरिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले हस्तियों को सम्मानित करके हमने उनके कार्य का गौरव किया है. राष्ट्र निर्माण में इंजीनियरों द्वारा दिया योगदान अतुलनीय है.”

 

सुहास लुंकड़ ने कहा, “निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले इंजीनियर के रूप में मेरा सम्मान है. मेरे सभी सहयोगी, श्रमिक और साथी इंजीनियरों को यह सम्मान समर्पित करता हूं. इंजीनियरिंग के कारण हम अच्छी संरचनाओं निर्माण कर सके.”

 

भरत गीते ने कहा, “शहरीकरण और विकास में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. आधुनिक भारत के निर्माण में विश्वेश्वरैया का योगदान अनुकरणीय है. इंजीनियरिंग के साथ मानवता की शिक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण है. डॉ. संजय चोरडिया सीओईपी जैसे महान कॉलेज के पूर्व छात्र हैं, यह हमारे लिए गौरव की बात है.”

 

नितिन नाईक ने कहा, “इंजीनियर रचनात्मकता, नवाचार, सौंदर्यशास्त्र, कार्य नैतिकता के माध्यम से पैदा होते हैं. युवा हमारी ताकत है. इस युवापीढ़ी को नई तकनीक आत्मसात करनी होगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग जैसी नई तकनीकों को सीखने की जरूरत है.” सूत्रसंचालन सायली देशपांडे ने किया. सचिन ईटकर ने आभार ज्ञापित किये.

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) कार्यक्रम के तहत एक्टिव केस फाइंडिंग और डायरेक्ट बेनिफिसरी ट्रांसफर सुनिश्चित कराने को ले सितंबर से 09 नवम्बर तक भर में चलेगा अभियान

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– मुंगेर में वार्षिक लक्ष्य 2250 के विरुद्ध अगस्त के महीने तक 1860 टीबी रोगियों का किया जा चुका है नोटिफिकेशन, शेष 390 टीबी रोगियों के नोटिफिकेशन के लिए चल रहा है अभियान

– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने जिला के जिलाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला संचारी रोग पदाधिकारी एवम डीपीएम को जारी की चिट्ठी

मुंगेर , 16 सितंबर 2021 :राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) कार्यक्रम के तहत जिला भर में एक्टिव केस फाइंडिंग और प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना अंतर्गत टीबी रोगियों के बीच डायरेक्ट बेनिफिसरी ट्रांसफर सुनिश्चित कराने को ले सितंबर से 09 नवम्बर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मालूम हो कि राज्य के सभी जिलों में जनवरी के महीने में एक्टिव केस फाइंडिंग के द्वारा टीबी रोगियों का नोटिफिकेशन एवम उपचार शुरू हुआ था लेकिन फिर वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से कार्यक्रम कि उपलब्धियों पर प्रतिकूल असर पड़ा। कोरोना महामारी के नियंत्रण कार्य में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत काम करने वाले अधिकांश कर्मी, पर्यवेक्षकों के संलग्न होने के कारण जिला में लक्ष्य के अनुसार टीबी रोगियों का नोटिफिकेशन और टीबी रोगियों के खाते में निक्षय पोषण राशि का ससमय भुगतान नहीं हो पाया।
अब जिलावार टीबी नोटिफिकेशन एवं निक्षय पोषण राशि का भुगतान कि अद्यतन स्थिति के अनुसार प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा कर दो माह सितंबर से 9 नवम्बर तक एक्टिव केस फाइंडिंग एवं निक्षय पोषण राशि का भुगतान सभी योग्य टीबी रोगियों के बीच एसटीएस, एसटीएलएस और एलटी के माध्यम से किया जाएगा। इसकी मॉनेटरिंग प्रखण्ड के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी की होगी।

जिला के टीबी/ एचआईवी समन्वयक शैलेन्दु कुमार ने बताया 2 से 15 सितंबर के दौरान सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर पदस्थापित सीएचओ के साथ समन्वय स्थापित कर प्रखण्ड स्तर पर एएनएम व आशा का टीबी के प्रमुख लक्षणों, सीबीएसी फॉर्म में स्क्रीनिंग कर सूचना को भरना सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रशिक्षण किया गया। इसके साथ ही 16 से 22 सितंबर तक सभी एसटीएस, एसटीएलएस और टीबीएचवी के कार्ययोजना के अनुसार जिला, अनुमंडल स्तर के कारागार, सुधार गृह, बाल संरक्षण गृह, पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कैदी एवं बच्चों में टीबी की स्क्रीनिंग तथा एक्सरे/सम्पुटम जांच किया जाएगा।
शैलेंदु ने बताया 23 सितंबर से 6 अक्टूबर तक सभी एसटीएस, एसटीएलएस और टीबीएचवी के कार्ययोजना के अनुसार शहरी मलिन बस्तियों, महादलित टोला, नवनिर्मित कार्य स्थल पर काम करने वाले श्रमिकों में टीबी की स्क्रीनिंग एवम जांच सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा 21 अक्टूबर से 9 नवम्बर तक सभी एसटीएस, एसटीएलएस और टीबीएचवी के कार्ययोजना के अनुसार प्रखण्ड के दूरस्थ एवं चिन्हित कठिन क्षेत्रों में आशा एवं अन्य सामुदायिक उत्प्रेरक की दो सदस्यीय टीम का गठन कर प्रतिदिन कम से कम 50 घर का भ्रमण कर संभावित टीबी रोगियों की पहचान करने के साथ स्थानीय निकटतम बलगम जांच केंद्र अथवा ट्रू नेट लैब में सैम्पल की जांच कराया जाएगा।

मुंगेर में वार्षिक लक्ष्य 2250 के विरुद्ध अगस्त के महीने तक 1860 टीबी रोगियों का नोटिफिकेशन किया जा चुका है , शेष 390 टीबी रोगियों के नोटिफिकेशन के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, सीएस ने किया उदघाटन

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– घर-घर जाकर छोटे बच्चों को खिलाई जाएगी कृमि की दवा, स्कूली बच्चों को भी खिलाई जाएगी दवा
– ऑगनबाड़ी बाड़ी सेविका और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ खिलाई जाएगी दवा

लखीसराय, 16 सितंबर-

गुरुवार को जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया। इस अभियान के तहत 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम का उदघाटन जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र चौधरी द्वारा मध्य विद्यालय हसनपुर के प्रांगण में विधिवत रूप से की गई। इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती, आईसीडीएस के प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) सह लखीसराय सदर सीडीपीओ आभा कुमारी आदि मौजूद थे।
– जिले के सभी प्रखंडों में कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ :
जिला सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, इस कार्यक्रम का जिले के सभी प्रखंडों में शुभारंभ किया गया। जिसमें माध्यम से 01 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इस दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखा जाएगा कि एक भी बच्चा दवा खाने से छूटे नहीं। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ऑगनबाड़ी सेविका एवं आशा कार्यकर्ता को दी गई है। साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इस कार्यक्रम की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आईसीडीएस एवं शिक्षा विभाग के कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है।
– निर्धारित डोज के अनुसार खिलाई जाएगी दवा :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, निर्धारित डोज के अनुसार 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को दवा खिलाई जानी है। जिसमें 06 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों को आधा टेबलेट एवं इसके अधिक आयु के बच्चों को एक टेबलेट खिलाया जाएगा। इसे सुनिश्चित करने करने को लेकर दवा खिलाने वाली टीम को आवश्यक निर्देश दिया गया है। वहीं, उन्होंने बताया, दवा खिलाने के दौरान कोविड प्रोटोकॉल के पालन का ख्याल रखा जाएगा।
– घर-घर जाकर खिलाई जाएगी दवा :
आईसीडीएस के प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सह लखीसराय सदर सीडीपीओ आभा कुमारी ने बताया, वर्तमान में ऑगनबाड़ी केंद्रों का विधिवत रूप संचालन नहीं हो रहा है। जिसके कारण जिले के सभी सेविकाओं को अपने-अपने पोषक क्षेत्र में गृह भेंट की तर्ज पर घर-घर जाकर बच्चों को दवा खिलाने का निर्देश दिया गया है। जबकि, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को संबंधित विद्यालय के शिक्षक के सहयोग से दवा खिलाई जाएगी।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सेनेटाइजर का उपयोग करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की सफलता को जीविका के सीएम दीदी को दिया गया प्रशिक्षण

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जिले के चौथम सीएचसी अंतर्गत लालपुर गाँव में केयर इंडिया एवं जीविका द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया प्रशिक्षण
ठुठ्ठी मोहनपुर, रोहियार एवं मलपा पंचायत की सीएम दीदी प्रशिक्षण में हुई शामिल
खगड़िया, 16 सितम्बर- जिले में आगामी 20 सितम्बर से शुरू होने वाले फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ केयर इंडिया, आईसीडीएस, जीविका समेत तमाम विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ तैयारी को अंतिम रूप देने में दिन-रात एककर अपनी जिम्मेदारी पर डटे हुए हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में लगातार प्रशिक्षण आयोजित संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण दी जा रही है। ताकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस बीमारी से बचाव के लिए विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते दवा खिलाई जा सके और हर हाल में अभियान सफल हो सके। इसी कड़ी में गुरूवार को केयर इंडिया एवं जीविका के संयुक्त तत्वावधान में चौथम सीएचसी अंतर्गत लालपुर गाँव में जीविका के सीएम दीदी को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें प्रशिक्षक द्वारा सीएम दीदी को उक्त अभियान को सफल बनाने के लिए विस्तृत जानकारी दी गई एवं इस बीमारी पर रोकथाम एवं इससे बचाव के लिए लोगों को दी जाने वाली जानकारियाँ को भी बताया गया। इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के रूप में केयर इंडिया प्रखंड प्रबंधक करण कुमार, एमडीए समन्वयक प्रशांत कुमार सिंह, जीविका के क्षेत्रीय समन्वयक (एसी) विनीत भूषण, संदीप कुमार एवं सामुदायिक समन्वयक (सीसी) प्रियंका कुमारी, प्रमीला कुमारी मौजूद थे।
गृह भेंट के तहत घर-घर जाकर लोगों के बीच दवा वितरण करेंगी आशा कार्यकर्ता :
केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक करण कुमार ने बताया, 20 सितंबर से जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए अभियान का शुभारंभ होना सुनिश्चित हुआ है। अभियान की सफलता को लेकर गृह भेंट की तर्ज पर घर-घर जाकर योग्य व्यक्तियों के बीच एलबेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं वितरित की जाएँगी। ताकि एक भी व्यक्ति दवाई खाने से वंचित नहीं रहे और अभियान सफल हो सके। उक्त दवा गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को छोड़कर शेष सभी लोगों को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा खिलाई जाएगी। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देते हुए जागरूक किया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया, 2 से 5 साल तक के बच्चों को 100 मिलीग्राम की डीईसी एवं 400 मिलीग्राम की अलबेंडाजोल की एक-एक गोली, 6 से 14 साल तक के किशोरों को डीईसी की दो एवं अलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी की तीन गोलियां एवं अलबेंडाजोल की एक गोली खिलायी जानी है। इस दौरान इस बात का ख्याल रखना है कि किसी व्यक्ति को खाली पेट दवाई नहीं खिलानी है।
– कोविड प्रोटोकॉल का पालन के साथ खिलाई जाएगी दवा :
जीविका के एसी विनीत भूषण ने बताया, प्रशिक्षण में मौजूद सभी जीविका के सीएम दीदी को दवा वितरण के दौरान किन-किन बातों का ख्याल रखते हुए दवाई खिलानी है, यह विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि हर हाल में कोविड प्रोटोकॉल का ख्याल रखते दवा खिलाई जानी है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना है कि एक भी व्यक्ति दवा खाने से छूटे नहीं है। इसके लिए लगातार घर-घर जाकर एक-एक व्यक्ति का फोलोअप करना है। इस दौरान कोविड से बचाव एवं वैक्सीनेशन के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
– बचाव के लिए दवाई का सेवन जरूरी :
केयर इंडिया के एमडीए प्रखंड समन्वयक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए दवाई के साथ-साथ एहतियात भी जरूरी है। इसलिए, अभियान के दौरान योग्य व्यक्तियों को दवाई तो खिलाई ही जाएगी। इसके अलावा इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को आवश्यक जानकारी भी दी जाएगी। जैसे कि, घर के आस-पास गंदगी जमा नहीं होने दें एवं घरों में सोने से पहले मच्छरदानी का उपयोग करें। साथ ही अन्य लोगों को दवा सेवन के प्रति जागरूक भी करें, ताकि फाइलेरिया जैसी बीमारी जड़ से समाप्त हो सके