पोषण माह: पोषण मेला का आयोजन कर दी गई पोषण के महत्व और उद्देश्य की जानकारी

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– जिले के मानसी प्रखंड में मेला का हुआ आयोजन, विभिन्न स्टाॅल पर लोगों को दी गई जानकारी
– परिवार नियोजन को लेकर भी किया गया जागरूक, दी गई स्थाई और अस्थाई साधनों की जानकारी

खगड़िया, 14 सितंबर-

जिले में 01 सितंबर से पोषण माह मनाया जा रहा है। जिसके तहत स्थानीय आईसीडीएस द्वारा स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के सहयोग से लगातार तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को जागरूक करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पोषण का संदेश पहुँचाया जा रहा और पोषण के महत्व और उद्देश्य की जानकारी दी जा रही है। वहीं, सफलतापूर्वक पोषण माह की समापन को जिले में गतिविधि तेज कर दी गई है। ताकि हर हाल में पोषण का संदेश समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके और अभियान का सफलतापूर्वक समापन हो सके। इसी कड़ी में मंगलवार को जिले के मानसी प्रखंड में पोषण मेला का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों को पोषण से संबंधित बेहतर जानकारी देने के लिए पोषण प्रदर्शनी एवं परामर्श केंद्र, परिवार नियोजन जागरूकता केंद्र समेत विभिन्न प्रकार के अलग-अलग स्टाॅल बनाए गए थे। जिसके माध्यम से लोगों पोषण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई और कुपोषण मुक्त समाज निर्माण को लेकर उचित पोषण के प्रति जागरूक किया गया ।
– जिले के प्रभारी मंत्री एवं जिलाधिकारी पोषण मेला में हुए शामिल और लोगों को किया जागरूक :
पोषण मेला में समाज कल्याण विभाग के मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री मदन सहनी एवं जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष भी शामिल हुए। दोनों ने मेला का जायजा लिया एवं संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं, प्रभारी मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, पूरे प्रदेश में कुपोषण की समस्या को जड़ से मिटाने के लिए हमारी सरकार काफी सजग और संकल्पित है। इसे सफल बनाने को लेकर पोषण अभियान समेत तमाम गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं, जिलाधिकारी ने कहा, जिले के तमाम पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सकारात्मक पहल और जन-जन के सहयोग से पोषण माह का उद्देश्य सफल होगा।
– प्रत्येक व्यक्ति तक पोषण का पहुँचाया जाएगा संदेश और पोषण माह का सफलतापूर्वक होगा समापन :
आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुनीता कुमारी ने बताया, पोषण माह की सफलता को लेकर लगातार तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को स्वस्थ शरीर निर्माण को लेकर पोषण के महत्व और उद्देश्य की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पोषण मेला का आयोजन कर लोगों को पोषण की जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों को विस्तारपूर्वक बताया गया कि स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए उचित पोषण हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है। वहीं, उन्होंने बताया, हर हाल में समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पोषण का संदेश पहुँचाया जाएगा और सफलतापूर्वक पोषण माह का समापन होगा।
– उचित पोषण के साथ-साथ कोविड से बचाव को लेकर भी किया गया जागरूक :
आईसीडीएस के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया, पोषण माह का मुख्य उद्देश्य कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण है। किन्तु, यह तभी संभव है जब समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उचित पोषण की जानकारी होगी। इसलिए, पोषण माह के माध्यम से लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पोषण का संदेश पहुँचाया जा रहा है। ताकि लोगों को उचित पोषण के साथ-साथ इस अभियान के उद्देश्य और महत्व की जानकारी मिल सके और कुपोषण मुक्त समाज निर्माण को बढ़ावा मिल सके। वहीं, उन्होंने बताया, इसी कड़ी में आयोजित पोषण मेला के माध्यम से लोगों को उचित पोषण के साथ-साथ कोविड से बचाव की भी जानकारी दी गई।
– परिवार नियोजन को लेकर भी किया गया जागरूक, दी गई स्थाई और अस्थाई साधनों की जानकारी :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, पोषण मेला के दौरान लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी भी दी गई। जिसमें योग्य दंम्पत्तियों को परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई दोनों साधनों की विस्तृत जानकारी दी गई और अपनाने के लिए प्रेरित भी किया गया । जिसमें यह बताया गया कि दोनों साधन पूरी तरह सुरक्षित हैं । किन्तु, किन साधनों को अपनाना है, यह लाभार्थियों पर निर्भर करता है।
– बच्चों से लेकर हर वर्ग के लोगों के लिए उचित पोषण की दी गई जानकारी :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, पोषण मेला के माध्यम से कुपोषण मुक्त समाज निर्माण को लेकर बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोगों को उचित पोषण, रहन-सहन में बदलाव समेत अन्य जानकारियाँ दी गई। बताया गया कि कैसे बच्चे का सर्वागीण शारीरिक और मानसिक विकास होगा, युवा और बुजुर्ग कैसे स्वस्थ रहेंगे । इसके अलावा नवजात की माँ बच्चे को जन्म के बाद छः माह तक सिर्फ स्तनपान ही कराएं एवं इसके बाद ऊपरी आहार देने समेत अन्य आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही बच्चे का सर्वांगीण शारीरिक व मानसिक विकास एवं धातृ महिलाओं के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए अन्य आवश्यक जानकारी दी गई।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– कोविड प्रोटोकॉल का पालन जारी रखें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।

मेगा कैम्प: जिले में 150 टीकाकरण सत्र-स्थलों पर 40 हजार लोगों को दी जाएगी वैक्सीन

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– 17 सितंबर को जिलेभर में फिर चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान, तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग
– निर्धारित लक्ष्य पूरा करने को लेकर 150 सेशन साइटों पर 150 मेडिकल टीम रहेंगी तैनात
– मोबाइल वैक्सीन टीम भी तैनाती की गई है
लखीसराय, 14 सितंबर| जिलेभर में 17 सितंबर को कोविड मेगा कैम्प का आयोजन होगा | इसके तहत जिले भर में फिर विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 150 सेशन साइटों को चिह्नित किया गया है । वहीं, विशेष टीकाकरण अभियान की सफलता को लेकर 150 मेडिकल टीम की भी प्रतिनियुक्ति की गई है । ताकि हर हाल में निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके और लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा सके। इसके अलावा मोबाइल वैक्सीन टीम की भी तैनाती की गई है, जो इलाके में भ्रमण कर आवश्यकतानुसार संबंधित जगह पहुँच कर लोगों का टीकाकरण करेंगी । शिविर स्थल से एक भी व्यक्ति को बिना वैक्सीन लिए नहीं लौटना पड़े, इसके लिए सभी शिविर स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की व्यवस्था रहेगी। ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीनेशन करा सकें।
– विशेष टीकाकरण अभियान की सफलता को लेकर जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को दिए गए हैं आवश्यक निर्देश :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, 17 सितंबर को पूरे जिले में विशेष टीकाकरण अभियान सुनिश्चित हुआ है। जिसकी सफलता को लेकर जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभियान की सफलता को लेकर करीब-करीब सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं । सभी सेशन साइटों पर पर्याप्त संख्या में वैक्सीन वाइल उपलब्ध रहेगी। ताकि वैक्सीन लेने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें ।
– 40 हजार लोगों को दी जाएगी वैक्सीन :
जिले भर आयोजित होने वाले विशेष टीकाकरण अभियान के दौरान 40 हजार लोगों को टीकाकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं । वहीं, इसके अलावा विशेष अभियान की सफलता को लेकर एएनएम, आशा कार्यकर्ता, ऑगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी समेत अन्य स्वास्थ्य व गैर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को विशेष टीकाकरण अभियान की जानकारी दी जाएगी और वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा । ताकि इच्छुक और योग्य व्यक्ति अपने नजदीकी वैक्सीनेशन पर आकर सुविधा जनक तरीके से वैक्सीनेशन करा सकें और अभियान सफल हो सके।
– सभी सेंटरों पर दी जाएगी वैक्सीन की दोनों डोज :
जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन की दोनों डोज दी जाएगी। इसलिए, जो लोग पहला डोज ले चुके हैं और उनका प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित समयावधि पूरी हो चुकी है तो वह अपने नजदीकी सेंटरों पर जाकर दूसरा डोज ले सकते हैं। वहीं, दूसरा डोज को भी गति मिल सके, इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूसरा डोज लेने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार वैक्सीन देने की तैयारी की गई है।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से दूर रहें।
– वैक्सीनेशन के दौरान प्रोटोकॉल का ख्याल रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

जन सहभागिता से ही फाइलेरिया का उन्मूलन संभव : संजय कुमार सिंह

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एमडीए में 90 फ़ीसदी कवरेज जरुरी: डॉ. नीरज ढींगरा

पटना/ 14, सितम्बर: फाइलेरिया और कालाजार उन्मूलन पर मंगलावर को आयोजित दो दिवसीय समीक्षा बैठक का आयोजन संजय कुमार सिंह, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की अध्यक्षता मे किया गया। जिसमें भारत सरकार के फाइलेरिया और कालाजार कार्यक्रम से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
फाइलेरिया या हाथीपाँव उन्मूलन के लिए एमडीए (सर्वजन दवा सेवन) राउंड का बेहतर कवरेज जरुरी है। बिहार में 20 सितम्बर से 14 दिनों के लिए एमडीए राउंड चलाया जाएगा। जिसमें घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी। एमडीए राउंड के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए फाइलेरिया को खत्म किया जा सकता है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने बताया कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने फाइलेरिया रोधी दवायें का सेवन करायें, क्योंकि हमें दवा खिलाना है बांटना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि एमडीए राउंड के लिए व्यापक प्रचार प्रसार की अत्यंत आवश्यकता है, जिससे समुदाय में फाइलेरिया रोधी दवाओं के प्रति विश्वास बढ़ेगा। इसके विषय में हमें फ्रंट लाइन वर्कर्स को भी जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वह आम लोगों को दवा सेवन के महत्व को समझा सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य कर्मियों को आशा एवं एएनएम के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की जरूरत होगी। इससे किसी भी समुदाय स्तरीय कार्यक्रम को सफल किया जा सकता है।
दो फाइलेरिया जागरूकता वैन किया गया रवाना:
संजय कुमार सिंह, कार्यपालक निदेशक, डॉ. नुपुर एवं डॉ. छवि ने संयुक्त रूप से मंगलावर को एमडीए राउंड एवं फाइलेरिया पर आम जागरूकता बढ़ाने के लिए दो जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राष्ट्रीय वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम, भारत सरकार, के निदेशक डॉ. नीरज ढींगरा ने कहा कि यदि 90% लोगों को दवा खिलाना सुनिश्चित कर लें तो राज्य से फाइलेरिया का उन्मूलन संभव है। डॉ. ढींगरा ने कहा कि कोविड महामारी की चुनौतियों के बीच भी हम फाइलेरिया जैसे गंभीर रोगों से लोगों को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बिहार सरकार एवं सहयोगी संस्थानों के सहयोग से फाइलेरिया को बिहार से उन्मूलन कर एक नयी मिसाल पेश की जा सकती है।
राष्ट्रीय वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम, भारत सरकार, के अपर निदेशक डॉ. नुपुर रॉय ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन में एमडीए की भूमिका महत्वपूर्ण है। फाइलेरिया के नए मामलों नहीं होने देना एवं फाइलेरिया मरीजों में मोरबीडीटी प्रबंधन पर ध्यान देना फाइलेरिया उन्मूलन के दो मजबूत स्तम्भ है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में जीरो हाइड्रोसील का लक्ष्य काफ़ी कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए सभी जिलों को एक निर्धारित कार्ययोजना के तहत कार्य करने की जरूरत है।
वहीं निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं, बिहार सरकार डॉ. नवीन ने कहा कि फाइलेरिया के कारण हाथीपाँव की स्थिति होना काफी दुखद होता है। इसकी रोकथाम के लिए एमडीए मील का पत्थर साबित हो सकता है। मिशन एवं रिसर्च मोड पर कार्य करते हुए फाइलेरिया का उन्मूलन संभव है।
राज्य के 6 जिलों होगा ट्रांसमिशन एसेसमेंट सर्वे:
राष्ट्रीय वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम, भारत सरकार, की संयुक्त निदेशक डॉ. छवि पंत ने कहा कि कोविड संक्रमण के कारण पिछले वर्ष एमडीए राउंड नहीं हो सका। इस वर्ष 20 सितम्बर से राज्य के 22 जिलों में एमडीए राउंड शुरू की जा रही है। अभियान की सफ़लता के लिए लाइन लिस्टिंग, नाईट ब्लड सर्वे एवं आशाओं का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से ही एमडीए राउंड चलाया जा रहा है। इसे देखते हुए भारत सरकार द्वारा बिहार के 6 जिलों में ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे(टास) किया जाएगा। जिसमें अरवल, गया, खगड़िया, भोजपुर, कटिहार एवं पूर्णिया जिले शामिल होंगे। टास के जरिए यह पता करना आसान होगा कि किस क्षेत्र में फाइलेरिया का प्रसार खत्म हो चुका है या किस क्षेत्र में अभी भी एमडीए राउंड चलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि किसी जिले में एमडीए राउंड चलाने की जरूरत खत्म होती है तब केंद्र सरकार के द्वारा ऐसे जिले को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
इस दौरान एमडीए राउंड पर राज्य स्तरीय पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन भी दिया गया। जिसमें बताया गया कि राज्य में दिसम्बर 2020 तक राज्य में हाथीपाँव के 1.25 लाख एवं हाइड्रोसील के 46360 केस थे। साथ ही एमडीए राउंड की सफलता के लिए माइक्रो प्लानिंग, मॉनिटरिंग एवं सुपरविजन, डेली इवनिंग मीटिंग एवं मिड कोर्स रिव्यु पर विस्तार से जानकारी दी गयी।
साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन, केयर, पीसीआई, जीएचएस, चाई एवं पाथ जैसे सहयोगी संस्थानों ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में हुए प्रगति से लोगों को अवगत कराया। इस दौरान राज्य के 22 जिले जहाँ एमडीए राउंड चलाया जाना है वहाँ के संबंधित अधिकारीयों ने भी पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के द्वारा जिला स्तर पर की जा रही तैयारी के बारे में जानकारी दी।

बांका जिले में 860 लोगों को पड़े टीके, 335 की हुई जांच

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-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
-जागरूकता अभियान के चलते टीका लेने को आ रहे लोग

बांका, 14 सितंबर । कोरोना उन्मूलन को लेकर जिले में टीकाकरण अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जगह-जगह पर लोगों का टीकाकरण कर रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 860 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया और किसी तरह की समस्या नहीं आने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। साथ ही सभी लोगों को आकर समय पर दूसरा डोज लेने की भी सलाह दी गई। उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 335 लोगों की कोरोना जांच भी की गई, जिसमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना को लेकर हमलोगों का अभियान जारी है। लोगों की जांच से लेकर टीकाकरण तक हो रहा है। टीका लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। टीका केंद्रों पर सभी सुविधा मौजूद रहती है। टीका लेने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाती है। टीकाकरण केंद्रों पर आने वाले लाभुकों के मन में अगर किसी तरह का भ्रम रहता है तो उसे दूर किया जाता है। साथ ही लाभुकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान रहती है। सबसे ज्यादा लाभुक गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर आते हैं।
जागरूकता अभियान भी जारीः
डॉ. चौधरी कहते हैं कि यह बात सही है कि अब बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं, लेकिन हमलोग आखिरी व्यक्ति तक जल्द से जल्द कोरोना का टीका पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए टीका को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी जारी है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। टीकाकरण जितना अधिक होगा, लोगों के मन से इसके प्रति भ्रम भी दूर होगा। साथ ही एक-दूसरे को देखकर भी लोग टीकाकरण के लिए आएंगे। कोरोना को मात देने में आमलोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। यही कारण है कि जागरूकता अभियान में हमलोग आमलोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं ।आमलोग भी एक दूसरे को जागरूक करें तो अच्छा है।
सावधानी अभी भी जरूरीः
वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 225 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही आरटीपीआर मशीन से जांच के लिए 110 लोगों के सैंपल लिए गए। डॉ. चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता, तबतक सभी लोगों को बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना होगा। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाकर रखनी होगी। ये नियम सभी के लिए लागू है। जिन्होंने कोरोना का टीका लिए हैं, उसके लिए भी और जिन्होंने नहीं लिया है उनके लिए भी।

परिवार नियोजन पखवाड़ा: प्रचार रथ के जरिये जिले के लोगों को किया जाएगा जागरूक

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– प्रचार रथ को सिविल सर्जन ने किया रवाना
– बांका में 25 सितंबर तक चलेगा परिवार नियोजन पखवाड़ा

बांका, 14 सितंबर| जिले में अभी परिवार नियोजन पखवाड़ा चल रहा है। इसे लेकर सदर अस्पताल से प्रचार रथ को सिविल सर्जन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार रथ के जरिये क्षेत्र के लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक किया जाएगा। उन्हें परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया जाएगा। योग्य दंपति को ऑपरेशन के लिए कहा जाएगा। साथ ही परिवार नियोजन को लेकर अस्थाई संसाधन को अपनाने पर जोर दिया जाएगा। लोगों से कंडोम, अंतरा और कॉपर टी के इस्तेमाल पर जोर देने के लिए कहा जाएगा।
अधिक से अधिक योग्य दंपतियों को ऑपरेशन के लिए जागरूक किया जाएगा
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक योग्य दंपतियों को ऑपरेशन के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्हें परिवार नियोजन के फायदे के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि छह से 12 सितंबर तक जिले में दंपति संपर्क पखवाड़ा चला। 13 से 25 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा चलेगा। 27 सितंबर को भौतिक सत्यापन के बाद रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। मौके पर एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी, डीपीएम प्रभात कुमार राजू, डीसीएम डॉ. जावेद अली और केयर इंडिया के डीटीएल डॉ. तौसीफ कमर मौजूद थे।

मेले का भी किया जाएगा आयोजनः
मौके पर मौजूद एसीएमओ डॉ. अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि परिवार नियोजन के तहत मेले का भी आय़ोजन किया जाएगा। मेले में स्टॉल लगेंगे, जहां पर लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री वितरित की जाएगी और उसके बारे में बताया जाएगा। साथ ही मेला के दौरान लोगों की परिवार नियोजन को लेकर काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। लोगों को बताया जाएगा कि परिवार नियोजन से न सिर्फ बच्चा स्वस्थ रहता है, बल्कि घर की आर्थिक परिस्थिति भी बेहतर रहती है। परिवार नियोजन क्यों जरूरी है, इसकी जानकारी योग्य दंपतियों को दी जाएगी।
दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल जरूरीः
केयर इंडिया के डीटीएल डॉ. तौसीफ कमर ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान जगह-जगह अंतरा कैंप लगाया जाएगा। इसके अलावा परिवार नियोजन के अन्य उपाय जैसे कि कंडोम का इस्तेमाल या फिर अन्य सुरक्षित तरीके के बारे में बताया जाएगा। लोगों के मन से परिवार नियोजन को लेकर भय को दूर किया जाएगा। परिवार नियोजन कार्यक्रम के दौरान सबसे महत्वपूर्ण दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल रखने के लिए भी जागरूक किया जाता है। इससे बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता अधिक रहती है और वह भविष्य में होने वाली किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम होता है। साथ ही बुधवार और शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों में चलने वाले टीकाकरण के दौरान भी लोगों को इन चीजों की जानकारी दी जाएगी। एएनएम इस दौरान क्षेत्र के लोगों की काउंसिलिंग भी करेंगी। छोटा परिवार, सुखी परिवार के नुस्खे लोगों को बताएंगी।

दूसरी तिमाही में सुरक्षित गर्भपात के लिए चिकित्सकीय परामर्श जरूरी

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-गर्भपात कानून के बारे में आशा कार्यकर्ताओं को दी गई जानकारी
-बौंसी रेफरल अस्पताल में सुरक्षित गर्भसमापन को लेकर हुई कार्य़शाला

बांका, 14 सितंबर-

कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इसमें सुरक्षित गर्भपात भी प्रमुख समस्या रही है। इसे लेकर मंगलवार को बौंसी रेफरल अस्पताल में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटर को आईपास डेलवपमेंट फाउंडेशन के सीनियर रिसर्च एंड ट्रेनिंक कोऑर्डिनेटर रितेश रंजन ने सुरक्षित गर्भसमापन और गर्भपात कानून के बारे में जानकारी दी। इस दौरान आईपास के सीनियर रिसर्च एंड ट्रेनिंग ऑफिसर चंदन कुमार और केयर इंडिया के कर्मी भी मौजूद थे।
इसे लेकर समाज में जागरूकता लानी होगी
इस दौरान आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के रितेश रंजन ने कहा कि कोरोना काल में कई महिलाएं अनचाहे रूप से गर्भवती हो गईं। कोरोना के कारण वह अपना सुरक्षित गर्भपात भी नहीं करा पायीं। सरकारी अस्पतालों में मिल रही सुविधाओं से वह वंचित रह गईं। लिहाजा उन महिलाओं का गर्भ अब पहली तिमाही से दूसरी तिमाही में प्रवेश कर चुका है। इसलिए उनका सुरक्षित तरीके से चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है। इससे वह सुरक्षित तरीके से अपना गर्भपात करा सकेंगी। इसे लेकर समाज में जागरूकता लानी होगी। इस पर सभी लोगों को प्रयास करने की जरूरत है।
सुरक्षित गर्भपात को लेकर परिजनों को ध्यान देने की जरूरतः
आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के रितेश रंजन ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट के तहत 20 सप्ताह तक के गर्भ को समाप्त करने की कानूनी तौर पर इजाजत है। 1971 में बने इस कानून को लेकर हालांकि कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। इसे लेकर परिजनों को खास ध्यान देने की आवश्यकता है। बिचौलिये के संपर्क में नहीं पड़ना चाहिए। समस्या होने पर पास के सरकारी अस्पताल से संपर्क करना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में कानूनी तौर पर निःशुल्क गर्भपात की सुविधा है। विशेष परिस्थिति पैदा होने पर एंबुलेंस के जरिये महिला मरीज को अच्छी जगह भेजने की व्यवस्था मौजूद है। 12 सप्ताह तक एक प्रशिक्षित डॉक्टर और 13 से 20 सप्ताह के अंदर तक दो प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल में गर्भपात होनी चाहिए।

दूसरी तिमाही में गर्भपात कराने के लिए जाएं मायागंजः
आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के रितेश रंजन ने कहा कि भारत में होने वाली मातृ मृत्यु में आठ प्रतिशत मृत्यु असुरक्षित गर्भपात के कारण होती है। यदि किसी महिला को माहवारी के दिन चढ़ गए हो या उससे अनचाहे गर्भ ठहरने की आशंका हो तो तत्काल आशा या एएनएम से संपर्क करना चाहिए। या फिर डॉक्टर को दिखाना चाहिए। यदि गर्भधारण की पुष्टि होती है और महिला गर्भ नहीं रखना चाहती है तो तत्काल गर्भपात का निर्णय लेना चाहिए। अगर गर्भ नौ सप्ताह तक का है तो गोलियों से भी गर्भपात हो सकता है। गर्भपात जितना जल्द कराया जाता है, उतना ही सरल और सुरक्षित रहता है। बौंसी रेफरल अस्पताल में सिर्फ पहली तिमाही में गर्भपात सेवा दी जाती है। दूसरी तिमाही में गर्भपात कराने के लिए भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल का रुख करना चाहिए। गर्भपात के साथ तत्काल गर्भनिरोधक साधनों का उपयोग करना चाहिए। गर्भपात और गर्भधारण के बीच छह महीने का अंतराल होना जरूरी है।

फाइलेरिया उन्मूलन को 20 सितंबर से शुरू हो रहे एमडीए कार्यक्रम को सफल बनायें : विधायक

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– फाइलेरिया से बचने के लिए सभी आयु वर्ग के लोग खाएं फाइलेरिया की दवा
– कोरोना संक्रमण की वजह से एमडीए कार्यक्रम के तहत फिंगर मार्किंग की जगह की जाएगी वाल मार्किंग

मुंगेर-
फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में आगामी 20 सितंबर से शुरू होने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम की सफलता के लिए मुंगेरवासी आगे आएं। उक्त बातें सोमवार को फाइलेरिया उन्मूलन को ले शुरू हो रहे एमडीए कार्यक्रम के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए मुंगेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रणव कुमार ने कही। उन्होंने बताया कि मुंगेर जिला को यदि फाइलेरिया जैसी बीमारी से मुक्त बनना है तो एमडीए कार्यक्रम के तहत सभी लोगों को फाइलेरिया की दवा खानी चाहिए। उन्होंने बताया कि एमडीए कार्यक्रम के दौरान इस बार कोरोना संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए फिंगर मार्किंग की जगह वाल मार्किंग की जायेगी। इस अवसर पर पीसीआई मुंगेर के जिला प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार के साथ- साथ कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
आशा कार्यकर्ता लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी
इस अवसर पर पीसीआई के जिला प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार ने बताया कि फाइलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में 20 सितंबर से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ता घर- घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में जन वितरण प्रणाली के तहत लोगों के बीच राशन वितरित करने वाले डीलर भी अपने सामने लोगों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिससे फाइलेरिया की दवा सेवन करने के बाद ही बचा जा सकता है। कभी-कभी फाइलेरिया के परजीवी शरीर में होने के बाद भी इसके लक्ष्ण सामने आने में वर्षों लग जाता है। इसलिए फाइलेरिया की दवा का सेवन सभी लोगों के लिए लाभप्रद है। उन्होंने बताया लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें। उन्होंने बताया कि 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रोग से ग्रसित एवं गर्भवती महिला को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी।
अभियान के कुशल क्रियान्वयन के लिए आशाओं की टीम बनाई गई है
एमडीए कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मिथिलेश कुमार ने बताया कि अभियान के कुशल क्रियान्वयन के लिए आशाओं की टीम बनाई गई है। आशाओं के कार्यों के पर्यवेक्षण के लिए डब्ल्यूएचओ से हर पीएचसी स्तर पर पर्यवेक्षकों की तैनाती जाएगी । इसके साथ ही जिला स्तर पर जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी इस कार्यक्रम की निगरानी करेंगे ।

ऐसे खानी है दवा :
उन्होंने बताया कि इस अभियान में डीईसी एवं अलबेंडाजोल की गोलियाँ लोगों की दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं अलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं अलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं अलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। अलबेंडाजोल का सेवन चबाकर किया जाना है।

जन-जागरूकता पर बल :
विधायक प्रणव कुमार ने बताया कि अभियान के विषय में लोगों के बीच जन-जागरूकता बढ़ाने में जीविका, पंचायती राज विभाग एवं शिक्षा विभाग की अहम भूमिका होगी। जिले के सभी स्कूलों में अभियान को लेकर प्रभात फेरी के साथ प्रार्थना सभा में इसके विषय में बच्चों को जागरूक किया जायेगा। जिले में गठित स्वयं सहायता समूहों में जीविका कार्यकर्ता अभियान के दौरान फाइलेरिया दवा के बारे में लोगों को अवगत कराएंगी साथ ही यह सुनश्चित कराएंगी कि अभियान में दवा का सेवन शत-प्रतिशत हो।

क्या है फाइलेरिया:
इसे हाथीपांव रोग के नाम से भी जाना जाता है। बुखार का आना, शरीर पर लाल धब्बे या दाग का होना एवं शरीर के अंगों में सूजन का आना फाइलेरिया की शुरूआती लक्ष्ण होते हैं। यह क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से फैलता है। आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लसिका (लिम्फैटिक) प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है। फाइलेरिया से जुडी विकलांगता जैसे लिंफोइडिमा (पैरों में सूजन) एवं हाइड्रोसील (अंडकोश की थैली में सूजन) के कारण पीड़ित लोगों को इसके कारण आजीविका एवं काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।

मिशन परिवार विकास अभियान: नाटक के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण

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– जिले के लखीसराय पीएचसी में नाटक का हुआ आयोजन, योग्य लाभार्थियों को जागरूक करने के लिए दी गई विस्तृत जानकारी
– स्थाई और अस्थाई उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया

लखीसराय-

मिशन परिवार विकास अभियान के तहत सोमवार को जिले के लखीसराय पीएचसी में नाटक के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया| जिसमें योग्य दंम्पत्तियों को जागरूक करने के लिए बेहतर तरीके की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि लोगों को कैसे जागरूक किया जाय, जिससे अधिकाधिक लोग इस अभियान के तहत स्थाई और अस्थाई उपायों को अपनाने के लिए आसानी के साथ आगे आएँ । लोगों में सकारात्मकता कैसे बढ़ेगी। लोगों को किस तरह समझा कर इस अभियान को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाय समेत तमाम जानकारियाँ नाटक के माध्यम से दी गई। ताकि आशा कार्यकर्ता लोगों को बेहतर तरीके से समझाने एवं प्रेरित करने के लिए खुद को सक्षम महसूस करें और अभियान का उद्देश्य सफल हो सके।
– जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को किया जा रहा है जागरूक :
जिला सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, मिशन परिवार विकास अभियान की सफलता को लेकर जिले में लगातार तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके दौरान उक्त अभियान के तहत आने वाले साधनों को अपनाने से होने वाले फायदे एवं अभियान के उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। ताकि अधिकाधिक लोग इस अभियान के साधनों को अपनाने के लिए आगे आ सकें और अभियान का उद्देश्य सफल हो सके।
– स्थाई और अस्थाई उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान स्थाई और अस्थाई उपायों को अपनाने के लिये प्रेरित करने को बेहतर जानकारी दी गई। जिसमें नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि नव दंपत्ति को शादी के दो साल बाद बच्चा हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए ऐसे दंपत्ति को अस्थाई उपाय जैसे कि, कंडोम, छाया, समेत अन्य उपायों की किस तरह बेहतर जानकारी दें । दूसरे बच्चे के जन्म में तीन साल का अंतराल रखने के लिए काॅपर-टी (आईयूसीडी) समेत अन्य तमाम जानकारियाँ दी गई। ताकि छोटा परिवार और खुशहाल परिवार के स्लोगन का उद्देश्य सार्थक हो सके। साथ ही यह भी बताया गया कि पुरानी ख्यालातों से बाहर आकर लोगों को गुणवत्तापूर्ण जिंदगी जीने के लिए जिन्हें दो बच्चे हो चुके हैं, उन्हें स्थाई उपाय के लिए नसबंदी और बंध्याकरण अपनाने के लिए भी प्रेरित करने की जानकारी दी गई।
– बास्केट ऑफ च्वाइस की दी गई विस्तृत जानकारी :
लखीसराय पीएचसी के बीसीएम नुसरत प्रवीण ने बताया, इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं को बास्केट ऑफ च्वाइस की भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि स्थाई और अस्थाई दोनों उपाय बास्केट ऑप च्वाइस में ही आता है और दोनों सफल व कारगर भी है। किन्तु, कौन सा उपाय को अपनाना है, यह लाभार्थियों के मन पर निर्भर करता है और किनको किस उपाय के प्रेरित करना है, ऐसी तमाम जानकारियाँ विस्तारपूर्वक दी गई। जैसे कि, नव दंपत्ति को अस्थाई तो जिन्हें दो बच्चे हो चुके हैं, उन्हें स्थाई उपाय को अपनाने के लिए प्रेरित करने की नाटक के माध्यम से बेहतर और विस्तृत जानकारी दी गई।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है कोविड वैक्सीन, बेहिचक कराएं वैक्सीनेशन

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– स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ हुई गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जाँच
– प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर का आयोजन कर की गई जाँच

खगड़िया-

सोमवार को जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी, रेफरल एवं अनुमंडलीय व जिला अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व (एएनसी) जाँच की गई। यह जाँच स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर आयोजित कर की गई। जिसमें बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के सहयोग से अपने-अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए एएनसी जाँच करवाई। इस दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गर्भवती की जाँच की गई और जाँच के पश्चात चिकित्सकों द्वारा गर्भवती को आवश्यकतानुसार चिकित्सा परामर्श दिया गया। जिसमें रहन-सहन, साफ-सफाई, खान-पान, गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ, समेत अन्य चिकित्सा परामर्श विस्तार पूर्वक दिया गया। इसके अलावा कोविड-19 से बचाव के लिए भी आवश्यक जानकारी दी गई।
– कोविड वैक्सीनेशन को लेकर भी किया गया प्रेरित :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, इस दौरान गर्भवती महिलाओं को कोविड वैक्सीनेशन को लेकर भी प्रेरित किया गया। जिसमें बताया गया कि गर्भवती महिलाएं भी सामान्य महिलाओं की तरह बेहिचक वैक्सीन ले सकती हैं। वैक्सीन लेने से किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी। इसलिए, किसी भी कारण वश जो गर्भवती अबतक वैक्सीन नहीं ले पाईं हैं, वह पूरी तरह निर्भीक होकर बेहिचक वैक्सीन लें। इससे आपके साथ-साथ गर्भस्थ शिशु भी इस महामारी के प्रभाव से सुरक्षित होगा।
– छुट्टी के कारण 09 तारीख के बदले आज हुआ शिविर का आयोजन :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, उक्त शिविर का आयोजन हर माह 09 तारीख को ही होता है। किन्तु, इसबार महिलाओं के महत्वपूर्ण व्रत तीज के कारण 09 तारीख के बदले आज यानी सोमवार को जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में उक्त शिविर का आयोजन कर गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जाँच की गई। वहीं, उन्होंने बताया, आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं शामिल हुईं और सुरक्षित व सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जाँच करवाई। शिविर में जाँच कर रहे मेडिकल टीम द्वारा गर्भवती महिलाओं की ब्लड, यूरिन, एचआईवी, ब्लड ग्रुप, बीपी, हार्ट-बिट आदि की भी जाँच की गई। एएनसी जांच के लिए शिविर में मौजूद महिलाओं को प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराने की सलाह दी गई।
– सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए प्रसव पूर्व जाँच जरूरी :-
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत जाँच करानी चाहिए। दरअसल, समय पर जाँच कराने से किसी भी प्रकार की परेशानी का शुरुआती दौर में ही पता चल जाता है और पता लगने पर ही उसे आसानी से दूर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक माह की नौ तारीख को पीएचसी स्तर पर एएनसी जाँच की व्यवस्था की गई है। ताकि प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की अनावश्यक शारीरिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिल सके । साथ ही सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जाँच कराना जरूरी है।
– शिशु-मृत्यु दर में कमी लाने की है बेहतर व्यवस्था :-
चौथम सीएचसी में तैनात केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक करण कुमार ने बताया, सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच के लिए की गई यह व्यवस्था शिशु-मृत्यु दर में कमी लाने की बेहतर व्यवस्था है। सरकार की यह व्यवस्था मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में अच्छी पहल है। इससे ना सिर्फ सुरक्षित प्रसव होगा, बल्कि शिशु-मृत्यु दर पर विराम लगेगा। इसके साथ ही जच्चा-बच्चा दोनों को अनावश्यक परेशानियाँ का सामना नहीं करना पड़ेगा।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– यात्रा के दौरान निश्चित रूप से सैनिटाइजर पास में रखें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– मुँह, नाक और ऑख को अनावश्यक छूने से बचें और छूने के पूर्व अच्छी तरह हाथों की सफाई करें।

बांका में 1380 लोगों को पड़े टीके 320 लोगों की जांच

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-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
-कोरोना टीकाकरण कोx लेकर लोगों में उत्साह का माहौल

बांका-

कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। सोमवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 1380 लोगों को कोरोना के टीके दिए गए तो 320 लोगों की जांच की गई। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी को घर जाने दिया गया। साथ ही सभी लोगों को समय पर आकर टीका का दूसरा डोज लेने के लिए कहा गया। इसके अलावा सभी को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया।
लोग खुद ही आकर कोरोना का टीका ले रहे हैं
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर काफी संख्या में लाभुक कोरोना का टीका लेने के लिए पहुंचे। लोगों को अब कहने की जरूरत नहीं पड़ रही है। लोग खुद ही आकर कोरोना का टीका ले रहे हैं। अब लोगों में कोरोना का टीका को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पहले लेने की होड़ मची हुई है। अच्छी बात यह रही कि 45 साल से अधिक उम्र के लोग भी अच्छी खासी संख्या में टीका लेने के लिए केंद्र पर पहुंचे। टीका को लेकर जागरूकता अभियान भी जारी है।
जांच में कोई भी संक्रमित नहीं मिला:
डॉ. चौधरी ने कहा कि 220 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। इनमें से कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। वहीं आरटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए 100 लोगों के सैंपल लिए गए। जांच के बाद सभी लोगों को मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। बार-बार हाथ की धुलाई करने की सलाह भी दी गई। सभी को कहा गया कि बाहर से आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें। ऐसा करते रहने से लोग कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे और साथ ही दूसरे लोग भी चपेट में नहीं आएंगे।
टीका लेने के बाद भी गाइडलाइन का पालन जरूरी:
डॉ. चौधरी ने कहा कि जिनलोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है उन्हें भी कोरोना के खत्म होने तक गाइडलाइन का पालन करना है। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता है, तब तक पूरी सतर्कता के साथ रहना जरूरी है। कोरोना को खत्म होने के लिए सभी लोगों को टीका लेना जरूरी है। जिनलोगों ने टीका नहीं लिया है, उन्हें तो सतर्क रहना ही होगा। जिन्होंने टीका ले लिया है, वह भी गाइडलाइन का पालन करें। घर से बेवजह निकलने से परहेज करें।