सदर अस्पताल में वॉलेंटियर्स को दिया गया प्रशिक्षण

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-डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने की दी गई जानकारी
-जिले में 20 सितंबर से चलेगा फाइलेरिया उनमूलन अभियान

भागलपुर, 13 सितंबर-

जिले में 20 सितंबर से फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू हो रहा है। इसके तहत सभी लोगों को मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत डीईसी व अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग तैयारी में लगा हुआ है। इसी क्रम में सोमवार को सदर अस्पताल में वॉलेंटियर्स को प्रशिक्षण दिया गया | वॉलेंटियर्स को प्रशिक्षण के दौरान फाइलेरिया से बचाव के लिए लोगों को दी जाने वाली जानकारी के बारे में बताया गया। इस दौरान अलग-अलग उम्र के लोगों को दवा खिलाने के नियमों की जानकारी दी गई। केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक और जिला मलेरिया विभाग के कर्मी इस दौरान मौजूद थे।
अभियान 14 दिनों तक चलेगा
प्रशिक्षण के दौरान वॉलेंटियर्स को बताया गया कि अभियान 14 दिनों तक चलेगा। इस दौरान अपने सामने क्षेत्र में लोगों को दवा खिलाना है। दवा खिलाने के बाद रजिस्टर में लाभुकों का नाम भी दर्ज होगा। साथ ही अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को केयर इंडिया और पीसीआई सहयोग भी करेगा। अभियान की सफलता को लेकर प्रखंडों में भी आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही आशा कार्यकर्ता और पीसीआई के लोग क्षेत्र के लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं।
गंभीर रूप से बीमारों को नहीं खिलाई जाएगी कोई दवाः
अभियान के दौरान लोगों को अपने सामने ही डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खाना है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जाएगी। साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जाएगी।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरियाः
जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ) डॉ. कुंदन सिंह पटेल ने कहा कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने दें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।

परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर प्रचार वाहन को सिविल सर्जन ने किया रवाना

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जिले में आज से शुरू हो रहा है परिवार नियोजन पखवाड़ा 25 तक चलेगा

भागलपुर, 12 सितंबर
जिले में सोमवार से परिवार नियोजन पखवारा का आगाज हो रहा है जो 25 सितंबर तक चलेगा. इसे लेकर प्रचार वाहन को रविवार को सिविल सर्जन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सभी प्रखंडों में वहां के प्रभारी ने भी प्रचार वाहन को रवाना किया. इसके जरिए क्षेत्र में परिवार नियोजन को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा. योग्य दंपत्ति को ऑपरेशन के लिए कहा जाएगा. साथ ही परिवार नियोजन को लेकर कंडोम, अंतरआ या अन्य सामग्री को अपनाने की सलाह दी जाएगी. दो बच्चे के बीच 2 साल का अंतर रखने के लिए कहा जाएगा. साथ में अब हर महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस मनाया जाएगा. मौके पर सिविल सर्जन डॉ उमेश कुमार शर्मा, सदर अस्पताल के मैनेजर, आशा के जिला समन्वयक जफरुल इस्लाम, केयर इंडिया के डॉक्टर suparna tat और जितेंद्र कुमार मौके पर मौजूद थे.

कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को एएनएम स्कूल की छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली

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– सदर अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन और डीपीएम ने रैली को दिखाई हरी झंडी

– मौके पर डीपीसी , हॉस्पिटल मैनेजर , एएनएम स्कूल की प्राचार्य सहित परिवार नियोजन के परामर्शदाता योगेश कुमार मौजूद थे।

मुंगेर-

जिला भर में 01 से 30 सितंबर तक मनाए जा रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करने और कुपोषण मुक्त निर्माण के प्रति लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से शनिवार की सुबह सदर अस्पताल परिसर में एएनएम स्कूल की छात्राओं ने जागरुकता रैली निकाली। जागरुकता रैली को मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक और डीपीएम नसीम रजि ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाई । इस दौरान सदर अस्पताल में परिवार नियोजन के परामर्श दाता योगेश कुमार और एएनएम स्कूल की छात्राएं सहित उपस्थित अन्य लोग “सही पोषण तो देश रोशन” और “कुपोषण छोड़ पोषण की ओर, थामें क्षेत्रीय भोजन की डोर ” सहित पोषण जागरूकता से संबंधित कई अन्य नारे लगा रहे थे।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक, डीपीएम नसीम रजि के अलावा डीपीसी विकास कुमार, सदर अस्पताल मुंगेर के अस्पताल तौसिफ हसनैन, एएनएम स्कूल की प्राचार्य रागिनी सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

“कुपोषण छोड़ सही पोषण की ओर, थामें क्षेत्रीय भोजन की डोर ” की थीम पर मनाया जा रहा है राष्ट्रीय पोषण माह :
सदर अस्पताल परिसर स्थित पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के नोडल ऑफिसर और जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने बताया कि विगत 01 सितंबर से 30 सितंबर से तक जिला भर में राष्टीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इस बार राष्ट्रीय पोषण माह का थीम ” कुपोषण छोड़ सही पोषण की ओर, थामें क्षेत्रीय भोजन की डोर ” है। इसी को ध्यान में रखते हुए सदर अस्पताल परिसर स्थित पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और जिला भर में बनाए गए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर छोटे- छोटे बच्चों को कुपोषण से बचाने और उसके सही पोषण के लिए भोजन में क्षेत्रीय (स्थानीय) खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला भर के विभिन्न हेल्थ और वेलनेस सेंटर पर आने वाले लोगों को सही पोषण के साथ- साथ योगाभ्यास के लिए भी प्रेरित किया जाता है।

फाइलेरिया उन्मूलन: एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाने को आपस में समन्वय स्थापित करें सभी संबंधित विभाग

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– आगामी 20 सितंबर से शुरू हो रहे एमडीए कार्यक्रम के तहत फिंगर मार्किंग की जगह की जाएगी वाल मार्किंग
– जनवितरण प्रणाली के डीलर भी अपने सामने लोगों को दवा खाने के लिए करेंगे प्रेरित

जमुई, 10 सितंबर| फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिला मुख्यालय सहित अन्य प्रखंडों में आगामी 20 सितंबर से शुरू होने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) की सफलता के लिए सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें। उक्त बातें शुक्रवार को एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जमुई जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला के सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार भारती ने कही। उन्होंने बताया कि एमडीए कार्यक्रम के दौरान इस बार कोरोना संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए फिंगर मार्किंग की जगह वाल मार्किंग की जायेगी। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति जमुई के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु लाल, डीटीएल केयर संजय कुमार सिंह, डब्ल्यूएचओ के डॉ. शांतनु सेन, पीसीआई के प्रिंस कुमार और रॉबिन्स कुमार के साथ जमुई के सभी प्रखंड़ों के बीडीओ, आईसीडीएस के अधिकारी, सभी पीएचसी और सीएचसी के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
आशा घर- घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी
बैठक को संबोधित करते हुए जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. डीके धुसिया ने बताया की फाइलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में 20 सितंबर से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा घर- घर जाकर 2 साल से अधिक उम्र के लोगों को अपने सामने फाइलेरिया की दवा खिलाएंगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में जन वितरण प्रणाली के तहत लोगों के बीच राशन वितरित करने वाले डीलर भी अपने सामने लोगों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिससे फाइलेरिया की दवा सेवन करने के बाद ही बचा जा सकता है। कभी-कभी फाइलेरिया के परजीवी शरीर में होने के बाद भी इसके लक्ष्ण सामने आने में वर्षों लग जाता है। इसलिए फाइलेरिया की दवा का सेवन सभी लोगों के लिए लाभप्रद है।
खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें-
उन्होंने बताया लोग खाली पेट दवा का सेवन नहीं करें। उन्होंने बताया कि 2 साल से कम उम्र के बच्चे, गंभीर रोग से ग्रसित एवं गर्भवती महिला को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान के कुशल क्रियान्वयन के लिए आशाओं की टीम बनाई जाएगी। है। आशाओं के कार्यों के पर्यवेक्षण के लिए डबल्यूएचओ से हर पीएचसी स्तर पर पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी । इसके साथ ही जिला स्तर पर जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी इस कार्यक्रम की निगरानी करेंगे ।

ऐसे खानी है दवा :
इस अभियान में डीईसी एवं एलबेंडाजोल की गोलियाँ लोगों की दी जाएगी। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली एवं अलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं अलबेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं अलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। अलबेंडाजोल का सेवन चबाकर किया जाना है।
जन-जागरूकता पर बल :
अभियान के विषय में जन-जागरूकता बढ़ाने में जीविका, पंचायती राज विभाग एवं शिक्षा विभाग के साथ पीसीआई की अहम भूमिका होगी। जिले के सभी स्कूलों में अभियान को लेकर प्रभात फेरी के साथ प्रार्थना सभा में इसके विषय में बच्चों को जागरूक किया जायेगा। जिले में गठित स्वयं सहायता समूहों में जीविका कार्यकर्ता अभियान के दौरान फाइलेरिया दवा के बारे में लोगों को अवगत कराएंगी साथ ही यह सुनश्चित कराएंगी कि अभियान में दवा का सेवन शत-प्रतिशत हो।

क्या है फाइलेरिया: इसे हाथीपांव रोग के नाम से भी जाना जाता है। बुखार का आना, शरीर पर लाल धब्बे या दाग का होना एवं शरीर के अंगों में सूजन का आना फाइलेरिया की शुरुआती लक्ष्ण होते हैं। यह क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से फैलता है। आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लसिका (लिम्फैटिक) प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है। फाइलेरिया से जुडी विकलांगता जैसे लिंफोइडिमा (पैरों में सूजन) एवं हाइड्रोसील (अंडकोश की थैली में सूजन) के कारण पीड़ित लोगों को इसके कारण आजीविका एवं काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।

घर-घर जाकर की जा रही है मरीजों की खोज और स्वास्थ्य जाँच

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-अलौली के सूरजनगर गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर सघन मरीज खोज अभियान
– स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के सहयोग से चल रहा है अभियान

खगड़िया, 10 सितंबर| जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत सूरजनगर गाँव में कालाजार उन्मूलन को लेकर लगातार सघन कालाजार मरीज खोज अभियान चल रहा है। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के सहयोग से चल रहा है। जिसके दौरान घर-घर जाकर नियमित तौर पर मरीजों की खोज और लोगों की स्वास्थ्य जाँच की जा रही है। ताकि शुरुआती दौर में मरीजों की पहचान हो सके और संबंधित मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करायी जा सके। साथ ही पूरे गाँव के लोग इस बीमारी से सुरक्षित हों। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिला वेक्टर रोग जनित पदाधिकारी डॉ विजय कुमार के निर्देशानुसार अलौली पीएचसी प्रभारी डाॅ मनीष कुमार के नेतृत्व में उक्त गाँव में स्वास्थ्य टीम द्वारा सघन अभियान चलाकर डीडीटी का छिड़काव एवं मरीजों की पहचान के लिए लोगों की स्वास्थ्य जाँच की गयी । स्वास्थ्य टीम में आशा रेणु कुमारी, भीबीडीएस अरूण कुमार, केयर इंडिया के प्रखंड समन्वयक संजय राम मौजूद थे।
– जिले में 30% इसी गाँव के मिले थे मरीज :
जिला वेक्टर रोग जनित पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया, जिले में जितने मरीज मिले थे, उसमें 30% मरीज इसी गाँव थे। जिसके कारण इस गाँव को प्राथमिकता देते हुए कालाजार उन्मूलन को लेकर पूरे गाँव में सघन अभियान चलाया गया। जिसके दौरान हर 15 दिन पर लगातार डीडीटी छिड़काव किया गया एवं नियमित तौर पर घर-घर जाकर संभावित मरीजों की खोज के लिए लोगों की स्वास्थ्य जाँच की गयी । जिसका सकारात्मक परिणाम यह है कि बीते एक माह से इस गाँव में एक भी कालाजार से पीड़ित नए मरीज नहीं मिले हैं।
– मरीजों को आर्थिक सहायता का मिलता है लाभ :
अलौली पीएचसी प्रभारी डाॅ मनीष कुमार ने बताया, कालाजार से पीड़ित रोगी को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में बीमार व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा 6600 रुपए और केंद्र सरकार द्वारा 500 रुपए दिए जाते हैं। यह राशि कालाजार संक्रमित व्यक्ति को संक्रमण के समय में दी जाती है। वहीं चमड़ी से जुड़े कालाजार संक्रमित रोगी को केंद्र सरकार की तरफ से 4000 रुपए दिए जाते हैं।
– कालाजार से बचाव के लिए डीडीटी छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय :
केयर इंडिया के डीपीओ-भीएल कृष्णा कुमार ने बताया, कालाजार से बचाव के लिए डीडीटी छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय है। साथ ही इससे बचाव के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। इसके लिए लोगों को साफ-सफाई समेत रहन-सहन में बदलाव करने की आवश्यकता है। वहीं, उन्होंने बताया, कालाजार मादा बालू मक्खी (सैन्ड फ्लाई) के काटने से फैलता है। डीडीटी के छिड़काव से ही बालू मक्खी के प्रभाव को पूर्णत: खत्म किया जा सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा डीडीटी का छिड़काव कराया जा रहा है। जिससे बालू मक्खी को समाप्त किया जा सके।
– लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था
अलौली पीएचसी में तैनात केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक कृष्ण नंदन रमण ने बताया, लोगों को कालाजार का लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाँच करानी चाहिए और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उचित व समुचित इलाज कराना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही इन बीमारियों से बचने के जमीन (सतह) पर नहीं सोएं । मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें ।

– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रूक-रूक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।

– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन समाग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक (एस पी) छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

26 से 30 सितंबर तक पल्स पोलियो टीकाकरण, 14 सितंबर को ऑनलाइन राज्यस्तरीय कार्यशाला

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– पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम की वजह से 24 से 30 सितंबर तक स्थगित रहेगा एमडीए कार्यक्रम
– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को जारी की चिट्ठी

मुंगेर, 10 सितंबर| आगामी 26 सितंबर से मुंगेर सहित राज्य के सभी जिलों में पल्स पोलियो अनुराष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी | इसके सफल संचालन को लेकर 14 सितंबर को ऑनलाइन राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। मंगलवार को दोपहर बाद 03 से 05 बजे तक आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी और डब्ल्यू एचओ और यूनिसेफ के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। राज्यस्तरीय ऑनलाइन उन्मुखीकरण कार्यशाला में सभी हेल्थ ऑफिसर सहित अन्य लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के साथ- साथ पल्स पोलियो कार्यक्रम की वजह से 24 से 30 सितंबर तक एमडीए कार्यक्रम स्थगित रहने के संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों को एक चिट्ठी जारी की है।
26 सितंबर से जिला भर में पल्स पोलियो अभियान चलाया जाना है
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ . हरेन्द्र आलोक ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्देश और राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार आगामी 26 सितंबर से जिला भर में पल्स पोलियो अभियान चलाया जाना है। इस अभियान के सफल संचालन के लिए सभी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों का उन्मुखीकरण कराया जाना है। इसके लिए मंगलवार 14 सितंबर को ऑनलाइन राज्यस्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्य शाला में सिविल सर्जन ,एसीएमओ, डीपीएम और डीआईओ सहित स्वास्थ्य विभाग कई अन्य अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी हिस्सा लेंगे। इस कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
24 से 30 सितंबर तक स्थगित रहेगा एमडीए कार्यक्रम :
सिविल सर्जन ने बताया कि राज्य के 22 जिलों जिसमें मुंगेर भी शामिल है में आगामी 20 सितंबर से फाइलेरिया रोगियों के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम शुरू किया जाना है। इस कार्यक्रम के माइक्रोप्लान के अनुसार आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर अपने सामने फाइलेरिया के रोगियों को अल्बेंडाजोल एवं डीईसी की दवा खिलाएगी। इसी दौरान 26 से 30 सितंबर के दौरान पल्स पोलियो कार्यक्रम भी मनाया जाना सुनिश्चित है। इस अभियान के तहत भी आशा कार्यकर्ता के द्वारा ही घर-घर जाकर बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलायी जानी है। इसको देखते हुए ही माइक्रोप्लान बनाया जाना है।
पल्स पोलियो कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद पुनः एमडीए के बचे हुए कार्य सम्पन्न होंगे
उन्होंने बताया कि इस सन्दर्भ में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह के निर्देशानुसार 24 से 30 सितंबर तक एमडीए कार्यक्रम को स्थगित करते हुए एमडीए का माइक्रोप्लान बनाया जाएगा और 30 सितंबर को पल्स पोलियो कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद पुनः एमडीए के बचे हुए कार्य को सम्पन्न कराया जायेगा। इस संबंध में मुंगेर के वेक्टर बोर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी ,एमडीए के सभी कार्यकलापों का अनुश्रवण करने के साथ ही कार्यक्रम की शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करेंगे और इसकी सूचना राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक एवं राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी फाइलेरिया को देंगे।

8300 लोगों ने लिया कोरोना का टीका

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-कोरोना टीका के दूसरे डोज को लेकर चला महाअभियान
-जिले में महाअभियान को लेकर बनाए गए थे 130 केंद्र
बांका, 10 सितंबर
कोरोना टीकाकरण के पहले डोज की सफलता के बाद अब स्वास्थ्य विभाग दूसरे डोज पर फोकस कर रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को जिले में दूसरे डोज को लेकर महाअभियान चलाया गया था। इसे लेकर कुल 130 केंद्र बनाए गए थे, जिस पर कि 8300 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। महाअभियान हालांकि दूसरे डोज के लिए चलाया गया था, लेकिन इसमें पहला डोज लेने के लिए आने वालों को भी टीका दिया गया। कोरोना का टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने पर सभी लोगों को घर जाने दिया गया। साथ ही जिन लोगों ने कोरोना टीका का पहला डोज लिया, उन्हें समय पर आकर दूसरा डोज ले लेने की हिदायत दी गई।
सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार महतो ने बताया कि पहले डोज लेने वालों की संख्या जिले में काफी बेहतर है। अब दूसरे डोज पर फोकस किया जा रहा है। सभी लोगों को कोरोना टीका का दोनों डोज पड़ जाए, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं बचे, जिसने कि पहला डोज ले लिया है और दूसरा डोज नहीं लिया है। इसी सिलसिले में महाअभियान चलाया गया। टीका का दोनों डोज ले लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होती है, इसलिए लोगों से मेरी अपील है कि एक डोज ले लेने के बाद समय पूरा होने पर दूसरा डोज ले लें। कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है, इसलिए जिनलोगों ने कोई डोज नहीं लिया है, वे जल्द से टीका का दोनों डोज ले लें।
सदर प्रखंड में 850 लोगों ने लिया टीकाः दूसरी तरफ बांका सदर प्रखंड में महाअभियान को लेकर 12 सत्र स्थल बनाए गए थे, जहां पर कि 850 लोगों ने कोरोना का टीका लिया। यहां पर भी पहला डोज लेने के लिए आने वाले लोगों को भी कोरोना का टीका लिया गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि वैसे तो फोकस दूसरे डोज पर किया गया था, लेकिन पहला डोज लेने के लिए आने वालों को भी टीका लगाया गया। टीकाकरण केंद्रों पर लाभुकों को कोई परेशानी नहीं हो, इसका खास ख्याल रखा गया था।
300 लोगों की हुई कोरोना जांचः उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार को 200 लोगों की एंटीजन किट से कोरोना जांच हुई। वहीं 100 लोगों के सैंपल आऱटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए सैंपल लिया गया। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, इसके बावजूद सभी लोगों को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाने पर मास्क लगाने औऱ सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। भीड़भाड़ से बचते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया। साथ ही बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई आवश्यक तौर पर करने के लिए कहा गया।

आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर खिलाएंगी डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली

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-जिले के सभी प्रखंडों में चल रहा है आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण
-क्षेत्र के लोगों को फाइलेरिया से बचाव को लेकर किया जा रहा जागरूक

भागलपुर, 10 सितंबर | फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 20 सितंबर से जिले के सभी लोगों को मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत डीईसी व अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग तैयारी में लगा हुआ है। जिले के सभी प्रखंडों में आशा कार्यकर्ताओं को इसे लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के दौरान फाइलेरिया से बचाव के लिए लोगों को दी जाने वाली जानकारी के बारे में बताया जा रहा है। अलग-अलग उम्र के लोगों को दवा खिलाने के नियमों की जानकारी दी जा रही है।
आशा कार्यकर्ताओं की दो सदस्यीय टीम बनाई जा रही
इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं की दो सदस्यीय टीम बनाई जा रही है। टीम 14 दिनों तक क्षेत्र में लोगों को अपने सामने दवा खिलाएगी। अभियान के पहले सात दिन में एक आशा के क्षेत्र में पहले छह दिन घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने के बाद सातवें दिन छूटे हुए घरों में जाकर लोगों को दवा खिलायी जाएगी। आठवें 13वें दिन तक दूसरे आशा के क्षेत्र में लोगों को घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी और 14वें दिन फिर छूटे हुए लोगों को दवा खिलायी जाएगी। दवा खिलाने के बाद आशा कार्यकर्ता रजिस्टर में लाभुकों का नाम भी दर्ज करेंगी। साथ ही अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग को केयर इंडिया और पीसीआई सहयोग भी करेगा। अभियान की सफलता को लेकर आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के लोगों को जागरूक भी कर रही हैं।
गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष के कम उम्र के बच्चों को नहीं खिलाए जाएगी कोई गोलीः
अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता लोगों को अपने सामने ही डीईसी और अल्बेंडाजोल की गोली खिलाएंगी। दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक गोली, छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली और 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। अल्बेंडाजोल की गोली लोगों को चबाकर खाना है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी जाएगी।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरियाः
जिला मलेरिया पदाधिकारी (डीएमओ) डॉ. कुंदन सिंह पटेल ने कहा कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने दें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसिल में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें इसके लिए सरकार हर साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती है, जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।

26 सितंबर से पल्स पोलियो अभियान: सफल संचालन को ले होगी ऑनलाइन राज्यस्तरीय कार्यशाला

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– 14 सितंबर को होगी राज्यस्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला
– कार्यशाला में उपस्थिति सुनिश्चित कराने को राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने जारी की चिट्ठी

लखीसराय, 09 सितंबर| आगामी 26 सितंबर से जिला भर में शुरू हो रहे पल्स पोलियो अनुराष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के सफल संचालन को ले 14 सितंबर को ऑनलाइन राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को दोपहर बाद 03 से 05 बजे तक आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी और डब्ल्यू एचओ और यूनिसेफ के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। राज्यस्तरीय ऑनलाइन उन्मुखीकरण कार्यशाला में सभी हेल्थ ऑफिसर सहित अन्य लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सभी जिलों के सिविल सर्जन, एसीएमओ और डीआईओ को एक चिट्ठी जारी की है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों का उन्मुखीकरण कराया जाना है
लखीसराय के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ . अशोक कुमार भारती ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्देश और राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार आगामी 26 सितंबर से जिला भर में पल्स पोलियो अभियान चलाया जाना है। इस अभियान के सफल संचालन के लिए सभी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों का उन्मुखीकरण कराया जाना है। इसके लिए मंगलवार 14 सितंबर को ऑनलाइन राज्यस्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्य शाला में जिला सिविल सर्जन, एसीएमओ, डीपीएम और मैं खुद सहित स्वास्थ्य विभाग कई अन्य अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी हिस्सा लेंगे। इस कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
1 लाख 80 हजार बच्चों को पोलियो कि खुराक देने का रखा गया है लक्ष्य :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने पोलियो अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार पल्स पोलियो अभियान के तहत जिला भर के करीब 1 लाख 80 बच्चों को पोलियो वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला भर में स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं आईसीडीएस कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के माध्यम से जिला के सभी अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, एपीएचसी, एचएससी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंदों पर बच्चों को पोलियो कि खुराक पिलाई जाएगी। इसके साथ ही सभी सार्वजनिक स्थानों, पार्क, रेलवे स्टेशन एवम बस स्टैंड के साथ-साथ घर-घर जाकर बच्चों को दो बूंद जिंदगी की अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें

मिशन परिवार विकास अभियान: नवविवाहित सहित अन्य दम्पतियों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं आशा और आईसीडीएस कार्यकर्ता

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– दंपत्ति संपर्क सप्ताह में आशा और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका दम्पतियों को दे रही हैं परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधनों की जानकारी
– एनएफएचएस 5 के आंकड़ों के अनुसार जिला में परिवार नियोजन के लिए सुविधाओं में 19.8 से 23.3 प्रतिशत का हुआ है सुधार

मुंगेर, 9 सितंबर-

इन दिनों मुंगेर में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आमजनों को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित करने के साथ- साथ कोरोना काल में परिवार नियोजन के लिए भी जागरूक किया जा रहा है । इसके लिए जिला भर में मिशन परिवार विकास अभियान चल रहा है। अभियान के पहले चरण में 06 से 12 सितंबर तक दम्पति सम्पर्क सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान नवदम्पति सहित सभी दम्पतियों से सम्पर्क कर उन्हें परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस काम में स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर के साथ-साथ आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। जिला भर में ये लोग दंपत्तियों को परिवार नियोजन के फायदों व अनचाहे गर्भधारण को रोकने के लिए आवश्यक आधुनिक साधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करा रही हैं। इस दौरान आशाओं के द्वारा सही उम्र में शादी, शादी के दो साल बाद पहला बच्चा, दो बच्चों में तीन साल का अंतर, प्रसव या गर्भपात के बाद परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी उपाय तथा गर्भ निरोध के स्थायी साधन में पुरुषों की भागीदारी पर चर्चा करने के साथ अस्थायी एवं स्थायी उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
05 से 25 सितंबर तक मनाया जा रहा मिशन परिवार विकास अभियान :
राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार मिशन परिवार विकास अभियान 25 सितंबर तक आयोजित किया जायेगा जिसके तहत 12 सितंबर तक दंपत्ति संपर्क सप्ताह और 13 सितंबर से 25 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जाना है । दंपत्ति संपर्क सप्ताह के दौरान बंध्याकरण अथवा नसबंदी जैसी सेवा प्राप्त करने वाले दंपत्तियों को चिह्नित किया जा रहा है। चिह्नित दंपत्तियों को परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के दौरान उपलब्ध कराई जाएगी बेहतर सेवाएं ।
कोविड काल में परिवार नियोजन है सुरक्षित :
मुंगेर में केयर इंडिया कि फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर तस्नीम रजि ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोविड 19 महामारी के दौरान दंपतियों में यौन व्यवहार व यौन संसर्ग को ध्यान में रखते हुए उन तक परिवार नियोजन पहल से संबंधित सही सूचनाएं व सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाना महत्वपूर्ण है । डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना काल में भी परिवार नियोजन के सभी आधुनिक गर्भनिरोध के साधनों का इस्तेमाल सुरक्षित है । यदि कोई महिला गर्भधारण नहीं करना चाहती हैं तो वह अपनी पंसद के गर्भनिरोध के आधुनिक साधन का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पुरुषों के लिए कंडोम का इस्तेमाल गर्भधारण को रोकने और यौन संचारित रोगों जैसे एचआइवी संक्रमण की रोकथाम के लिए कारगर है। इसका इस्तेमाल दूसरी अन्य प्रकार की गर्भनिरोध के आधुनिक साधनों के इस्तेमाल के साथ किया जा सकता है ।
जिला में 49 प्रतिशत लोगों ने परिवार नियोजन के लिए चुना आधुनिक साधन :
परिवार नियोजन की तस्वीर बदलने में महिलाएं आगे हैं। जिला में 15 से 49 वर्ष की विवाहित महिलाओं में परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों का इस्तेमाल पूर्व की तुलना में काफी बढ़ा है। वर्ष 2019-20 की राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे रिपोर्ट-5 की रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में 49 प्रतिशत महिलायें परिवार नियोजन के आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। जबकि एनएफएचएस-4 में यह महज 33.6 प्रतिशत था । वहीं 33.7 प्रतिशत महिलाओं ने परिवार नियोजन के लिए बंध्याकरण चुना जो पहले में 30.7 प्रतिशत था। पुरुषों में कंडोम का इस्तेमाल बढ़ा है। नई रिपोर्ट में जिला में सौ में से लगभग 9 लोग गर्भनिरोध के लिए कंडोम का इस्तेमाल करते हैं। जबकि पूर्व में यह 1 प्रतिशत ही था । हालांकि नसबंदी को लेकर पुरुषों में कई तरह की धारणाएं व्याप्त हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस दिशा में जागरूकता लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।