कोरोना टीका लेने के बाद भी सतर्कता से रहे

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-300 लोगों को पड़े टीके, 305 लोगों की हुई जांच
-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी

बांका-

कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। गुरुवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 300 लोगों को कोरोना के टीके दिए गए तो 305 लोगों की जांच की गई। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी को घर जाने दिया गया। साथ ही सभी लोगों को समय पर आकर टीका का दूसरा डोज लेने के लिए कहा गया। इसके अलावा सभी को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया।
टीका को लेकर जागरूकता अभियान भी जारी है-
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि गुरुवार को भी गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर काफी संख्या में लाभुक कोरोना का टीका लेने के लिए पहुंचे। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत गुरुवार को 300 लोगों को टीके दिए गए। अच्छी बात यह रही कि 45 साल से अधिक उम्र के लोग भी अच्छी खासी संख्या में टीका लेने के लिए केंद्र पर पहुंचे। टीका को लेकर जागरूकता अभियान भी जारी है।

जांच में कोई भी संक्रमित नहीं मिला:
डॉ. चौधरी ने कहा कि गुरुवार को भी 205 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। इनमें से कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। वहीं आरटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए 100 लोगों के सैंपल लिए गए। जांच के बाद सभी लोगों को मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। बार-बार हाथ की धुलाई करने की सलाह भी दी गई। सभी को कहा गया कि बाहर से आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें।

सभी लोगों का टीका लेना जरूरी:
डॉ. चौधरी ने कहा कि जिनलोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है उन्हें भी कोरोना के खत्म होने तक गाइडलाइन का पालन करना है। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता है, तब तक पूरी सतर्कता के साथ रहना जरूरी है। कोरोना को खत्म होने के लिए सभी लोगों को टीका लेना जरूरी है। जिनलोगों ने टीका नहीं लिया है, उन्हें तो सतर्क रहना ही होगा। जिन्होंने टीका ले लिया है, वह भी गाइडलाइन का पालन करें। घर से बेवजह निकलने से परहेज करें।

पहले डोज की सफलता के बाद अब दूसरे डोज पर फोकस

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-स्वास्थ्यकर्मी लोगों को फोनकर दूसरा डोज लेने के लिए कर रहे जागरूक
-पहला डोज लेकर दूसरा डोज नहीं लेने वालों को किया जा रहा है चिह्नित

भागलपुर-

जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान काफी जोर-शोर से चल रहा है। जिले में पहला डोज लेने वालों की संख्या काफी बेहतर है। स्वास्थ्य विभाग अब दूसरा डोज लेने वालों की संख्या भी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्यकर्मी कोरोना टीका की एक डोज ले लेने वालों को फोन कर रहे हैं। जिनलोगों ने कोरोना टीका की एक डोज ले ली है और उनका समय पूरा हो गया है, उन्हें फोन कर दूसरा टीका जल्द लेने के लिए कहा जा रहा है। कोरोना टीका लेने वाले को नजदीकी केंद्रों की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे जल्द से जल्द आकर कोरोना टीका की दूसरी डोज ले लें। कोरोना टीका की दूसरी डोज लेने के लिए केयर इंडिया की टीम भी सहयोग कर रही है। जिले से लेकर प्रखंड तक में केयर इंडिया की टीम लगी हुई है।
एक डोज ले लेने वालों को फोन कर दूसरा डोज लेने के लिए कहा जा रहा है-
सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने कहा कि जिले के सभी लोगों को जल्द से जल्द कोरोना टीका की दोनों डोज पड़ जाए, ऐसा हमलोगों का प्रयास हो रहा है। इसी सिलसिले में टीका का एक डोज ले लेने वालों को फोन कर दूसरा डोज लेने के लिए कहा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं रहे कि जिसने टीका का एक डोज ले लिया हो और दूसरा डोज नहीं लिया है। ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित किया जा रहा है, जिसने टीका का एक डोज ले लिया है और समय पूरा हो जाने के बाद भी दूसरा डोज नहीं लिया है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर दूसरा डोज जल्द से जल्द दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
टीका की दोनों डोज ले लेने के बाद ही प्रक्रिया पूरीः
डॉ. शर्मा ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए टीका की दोनों डोज ले लेना जरूरी है। दोनों डोज ले लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए टीका का पहला डोज ले लेने वाले को उसी वक्त हिदायत दी जाती है कि समय पर आकर टीका की दूसरा डोज अवश्य लें। जब जिले के सभी लोग कोरोना टीका का दोनों डोज ले लेंगे, तभी कोरोना से लोग सुरक्षित रहेंगे। जिले में कोरोना से बचाव को लेकर टीकाकरण अभियान जोर-शोर से चल रहा है। प्रतिदिन जिले में टीकाकरण चल रहा है। समय-समय पर मेगा अभियान भी चलाया जा रहा है।
कोरोना गाइडलाइन का पालन जरूरीः
डॉ. शर्मा ने कहा कि जब तक सभी लोग कोरोना का टीका नहीं ले लेते हैं, तब तक सभी लोगों को गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करें। भीड़भाड़ से बचें और एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करें। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें। जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है, तब तक ऐसा करते रहें।

चिरंजीत शर्मा के जन्मदिन पर बधाईयों का तांता

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नईदिल्ली-

देश के जाने-माने औधोगिक सलाहकार, और राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चिरंजीत शर्मा का जन्मदिन उनके निवास स्थान गाजियाबाद में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया, जिसमें औधोगिक जगत और राजनीति के जाने-माने और दिग्गज चहरे सम्मिलित हुए।
चिरंजीत शर्मा औधोगिक सलाहकार के साथ साथ अच्छे कवि और समाज सेवी है, आने वाले समय में इन्हें राजनीति में एक महत्वपूर्ण पद के साथ साथ अहम भूमिका में देखने की राजनीतिक पंडितों की भविष्यवाणी है।
चिरंजीत शर्मा को जन्मदिन की बधाई देने के लिए सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। सोशल मीडिया पर लगातार बधाई संदेश दिए जा रहे हैं। एक्सलैंट चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से चिरंजीत शर्मा को बधाई दी गई। बधाई संदेश में इसीसीआई ने लिखा है देश के विकास और जन कल्याण के लिए आप संमर्पित भाव से काम कर रहे हैं। आपके नेतृत्व में देश के कई संस्थाएं कार्य कर रही है। आपके नेतृत्व में देश की संस्थाएं प्रगति करें यहीं कामना है। ईश्वर आपको स्वस्थ रखें और दीर्घायु करें।
गौरतलब है कि चिरंजीत शर्मा देश के कई नामी औद्योगिक संस्था के सलाहकार और प्रेसिडेंट हैं जो उत्तरोत्तर देश के विकास में कार्य कर रहा है और सरकार का मार्गदर्शन भी।

राष्ट्रीय पोषण माह: पोषाहार और अच्छी सेहत के लिए लगातार जागरूक कर रही हैं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ

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– मुंगेर जिले के इटहरी गांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत हैं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर अर्चना कुमारी

– चार अलग-अलग थीम के अनुसार किया जा रहा है कार्यक्रमों का आयोजन

मुंगेर-

जिला भर में 01 से 30 सितंबर तक मनाए जा रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान गर्भवती महिलाओं, बच्चों को स्तनपान कराने वाली माताओं, छोटे- छोटे बच्चों की माताओं सहित अन्य लोगों को
पोषाहार के साथ – साथ योगाभ्यास के लिए भी प्रेरित कर रही हैं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर अर्चना कुमारी। जिला के नौवागढ़ी क्षेत्र अंतर्गत इटहरी गांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर अर्चना कुमारी लोगों को पोषक तत्वों से युक्त संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं ताकि गर्भवती महिलाओं, धातृ माताओं के साथ-साथ छोटे- छोटे बच्चों का सही और संतुलित शारीरिक और मानसिक विकास हो सके।

स्तनपान कराने वाली माताओं को संतुलित पोषाहार के बारे में विस्तार से दी गई जानकारी :
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी की सीएचओ अर्चना कुमारी ने बताया कि बुधवार को यहां आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं, शिशु को स्तनपान कराने वाली माताओं को संतुलित पोषाहार (बैलेन्स डाइट) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई| उन्हें बताया गया कि सभी लोगों को अपने खाने- पीने में पोषक तत्वों से युक्त स्थानीय खाद्य पदार्थो का इस्तेमाल करना है| ताकि गर्भस्थ शिशु, नवजात शिशु सहित अन्य बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है। उन्होने बताया कि शिशु को स्तनपान कराने वाली माताओं को शिशु को सिर्फ और सिर्फ स्तनपान ही कराने की सलाह दी गई । इस दौरान उन्हें अलग से पानी भी नहीं देने की सलाह दी गई क्योंकि मां के दूध में शिशु के लिए आवश्यक 90 प्रतिशत पानी की मात्रा मौजूद रहती है। इसके अलावा शिशु के छह महीने का होने के बाद ही मां के स्तनपान के साथ अलग से ऊपरी आहार दिया जाना चाहिये।

राष्ट्रीय पोषण माह के चार अलग- अलग हफ्तों में अलग-अलग थीम पर आयोजित किया जा रहा है कार्यक्रम :
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के पहले हफ्ते 01 से 07 सितंबर तक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी पर पोषण सप्ताह मनाया गया। इस दौरान बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। इसके लिए एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका के सहयोग से घर- घर जाकर लोगों को कुपोषण से बचने के लिए पोषक तत्वों से युक्त स्थानीय खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही पोषण के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एएनएम, आशा के द्वारा चिन्हित किए गए अतिकुपोषित बच्चे को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य के लिए पोषण एवम पुनर्वास केंद्र मुंगेर भेज दिया गया। दूसरे हफ्ते 08 से 15 सितंबर के दौरान संतुलित पोषाहार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी तरह तीसरे हफ्ते में 16 से 22 सितंबर तक मोटापा के शिकार लोगों को अपने खानपान में संतुलित पोषाहार का इस्तेमाल करने के साथ- साथ मोटापा को कम करने के लिए नियमित योगाभ्यास और व्यायाम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय पोषण माह के अंतिम और चौथे सप्ताह में विश्व ह्रदय रोग सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान हृदय रोगियों की एनसीडी स्क्रीनिंग और ब्लड प्रेशर की भी जांच की जाएगी| साथ ही खानपान में संतुलित मात्रा का ही इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दौरान पद यात्रा और साइकिल रैली जैसी कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक कर रहे हैं

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वैक्सीन की सेकेंड डोज निर्धारित समय सुनिश्चित करने को लेकर लगातार चल रहा वैक्सीनेशन अभियान
– जिले के सभी सेशन साइटों पर दी जा रही है वैक्सीन की दोनों डोज
– सभी सेंटरों पर पर्याप्त संख्या में वैक्सीन वायल की रहती है व्यवस्था

खगड़िया-

जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने और संपूर्ण जिलेवासी को कोविड-19 टीका से टीकाकृत करने को लेकर स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी तरह तत्पर हैं। इसके साथ-साथ वैक्सीनेशन के सेकेंड डोज को भी गति देने के लिए जिले में वैक्सीनेशन अभियान को तेज कर दिया गया है| हर हाल में प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित समय पर लोगों को वैक्सीन की सेकेंड डोज मिले, इसके लिए सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर पर्याप्त संख्या में वैक्सीन वायल उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि हर हाल में गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित समय पर सभी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा सके और लोगों को इस दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों के विभिन्न सेशन साइटों पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

– सभी सेशन साइटों पर लोगों की सुविधाओं का रखा जा रहा है ख्याल :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले के विभिन्न सेशन साइटों पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इस दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखा जा रहा है कि वैक्सीन लेने के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो। ताकि लोगों को वैक्सीनेशन शिविर में आने में किसी प्रकार की हिचक नहीं हो और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, सभी सेशन साइटों पर पहले एवं दूसरे दोनों डोज की वैक्सीन दी जा रही है। ताकि दूसरे डोज के वैक्सीनेशन अभियान को भी गति मिल सके और जल्द से जल्द संपूर्ण जिला पूरी तरह टीकाकृत हो सके।
– स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर शिविर की दी जा रही है जानकारी :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, सेकेंड डोज के वैक्सीनेशन अभियान को गति मिल सके और जल्द से सभी लोग वैक्सीन की पूरी यानी दोनों डोज से वैक्सीनेटेड हो सकें इसको लेकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर आयोजित होने वाले वैक्सीनेशन शिविर स्थल की जानकारी दी जा रही है | इस दौरान लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ताकि इच्छुक और योग्य व्यक्ति अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें और वैक्सीनेशन अभियान को गति मिल सके। इसको लेकर संबंधित क्षेत्र की एएनएम, ऑगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य कर्मी अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन शिविर की जानकारी दे रहे हैं।

इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

बदलते मौसम में मौसमी बीमारियों के साथ-साथ डायरिया से रहें सतर्क और सावधान

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– पोषक तत्व का करें उपयोग, डायरिया की समस्या से रहेंगे दूर
– गर्म और ताजा खाना का करें सेवन, साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल

लखीसराय-

लगातार हो रही बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव से मौसम में भी लगातार बदलाव हो रहा है। जिसके कारण जहाँ सर्दी-खाँसी, जुकाम समेत अन्य मौसमी बीमारी आम हो गई है। वहीं, इसके साथ डायरिया की भी संभावना बढ़ गई है। ऐसे में हमें विशेष सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। डायरिया से बचाव को लिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। दरअसल, बदलते मौसम में डायरिया के प्रकोप में आने का प्रबल संभावना हो जाती है। जिसके दायरे में कोई भी यानी सभी आयु वर्ग के लोग आ सकता है। डायरिया के कारण अत्यधिक निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) होने से समस्याएँ बढ़ जाती और उचित प्रबंधन के अभाव में यह जानलेवा भी हो जाता है। इसके लिए डायरिया के लक्षणों के प्रति सतर्कता एवं सही समय पर उचित प्रबंधन कर बच्चों को डायरिया जैसे गंभीर रोग से आसानी से सुरक्षित किया जा सकता है।
– जानें क्या है डायरिया और लक्षण :
टट्टी (पैखाना) की अवस्था बदलाव या सामान्य से ज्यादा बार, ज्यादा पतला या पानी जैसी होने वाली टट्टी ही डायरिया (दस्त) का पहला का लक्षण है। इसके अलावा बच्चा बेचैन व चिड़चिड़ा है, अथवा सुस्त या बेहोश है। बच्चे की ऑखें डाउन हो रही हैं । बच्चे को बहुत ज्यादा प्यास लगना अथवा पानी ना पीना । चिकोटी काटने पर पेट के बगल की त्वचा खींचने पर धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आना अर्थात त्वचा के ललीचेपन में कमी आना आदि डायरिया का ही कारण और लक्षण है।
– डायरिया होने पर 14 दिनों तक जिंक का करें सेवन :
डायरिया होने पर लगातार 14 दिनों तक जिंक का सेवन करें। 02 माह से 06 माह तक के बच्चों को जिंक का 1/2 गोली 10 मिग्रा पानी में घोलकर या माँ के दूध के साथ घोलकर चम्मच से पिलाएं। 06 माह से 05 साल के बच्चों को एक गोली साफ पानी के माँ के दूध में घोलकर पिलाएं। जबकि, दो माह से कम आयु के बच्चों को 05 चम्मच ओआरएस प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं। 02 माह से 02 वर्ष तक बच्चे को 1/4 ग्लास से 1/2 ग्लास प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं। 02 से 05 वर्ष तक के बच्चों को 1/2 ग्लास प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं।
– जिंक सेवन के ये हैं विशेष लाभ :
जिंक सेवन से दस्त और तीव्रता दोनों कम होती है। तीन महीने तक दस्त का खतरा नहीं के बराबर रहता है। रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जबकि, ओआरएस से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है एवं दस्त के खतरे से बचाव करता है।
– बदलते मौसम में सिर्फ मौसमी बीमारियाँ का ही नहीं, बल्कि डायरिया की भी रहती है आशंका :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, बदलते मौसम में ना सिर्फ मौसमी बीमारी बल्कि, डायरिया समेत अन्य बीमारियों की भी संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत है और खानपान का विशेष ख्याल रखना चाहिए। पौष्टिक आहार के सेवन पर बल देना चाहिए। क्योंकि, पोषण युक्त खाना संक्रामक और मौसमी बीमारियों से बचाव में काफी हद तक सहयोग करता है।
– साफ-सफाई का रखें विशेष ख्याल :
डायरिया से बचाव को लेकर साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। दरअसल, साफ-सफाई हमें ना सिर्फ किसी एक बीमारी बल्कि अनेकों बीमारी (खासकर संक्रामक) से दूर रखती है। इसके लिए खाने से पहले हाथों की नियमित तौर पर अच्छी तरह सफाई करें। घर के आसपास गंदगी और जलजमाव नहीं होने दें।
– गर्म व ताजा खाना का करें सेवन :
डायरिया से बचाव को लेकर गर्म व ताजा खाना खाएँ और बासी खाना से दूर रहें । साथ ही गर्म पानी का सेवन करें तो यह और बेहतर होगा। फ्रिज में रखें खाना खाने से परहेज करें। इसके अलावा समय पर खाना खाएं और अधिक देर तक भूखा नहीं रहें।

कोरोना का टीका लेने के बाद महिलाएं बोलीं … दूसरे को भी टीका लगवाने को कहूंगी

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-जागरूकता बढ़ी तो बड़ी संख्या में महिलाएं आ रही हैं कोरोना टीका लेने के लिए
-स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी, टीका लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही

बांका-
जिले के टीकाकरण केंद्रों पर कुछ समय पहले तक महिलाओं की संख्या कम देखी जा रही थी| लेकिन पिछले कुछ दिनों से काफी संख्या में महिलाएं टीका लेने के लिए केंद्रों तक पहुंच रही हैं | अब इसे जागरूकता कार्यक्रम का असर कहें या फिर कोरोना का डर|, बड़ी संख्या में महिलाएं टीका लेने के लिए सामने आ रही हैं |
अब आस-पड़ोस और रिश्तेदार के लोगों को भी टीका लेने के लिए कहूंगी–
बांका सदर प्रखंड के गांधी चौक पर टीका लेने के लिए आई सुनीता देवी ने कहा कोरोना टीका के प्रति मन में जो डर था, वह अब खत्म हो गया है| यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित है| इसलिए मैंने टीका ले लिया| अब आस-पड़ोस और रिश्तेदार के लोगों को भी टीका लेने के लिए कहूंगी| वही टीका लेने के बाद सुधा देवी ने कहा कि टीका लेने के बाद कुछ नहीं होता है| पहले डर लग रहा था कि पता नहीं क्या हो जाएगा, लेकिन टीका लिया कुछ नहीं हुआ| मैं दूसरे लोगों से भी कहना चाहूंगी कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है| आप भी लेने आइए और कोरोना से बचें |. टीका लगवाने के बाद राधा देवी ने कहा कि कोई भी नई चीज के बारे में थोड़ा सा डर तो लगता है, लेकिन जब स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाया तब हमें समझ में आ गया टीका लेना बहुत जरूरी है| अगर जरूरी नहीं होता तो यह लोग इतना मेहनत क्यों करते| इसलिए मैंने आकर टीका ले लिया| वहीं रीना देवी ने कहा कि हमलोग पूरी तरह से पड़ताल करके आए हैं. टीका पूरी तरह से सुरक्षित है| इससे किसी तरह का कोई खतरा लोगों को नहीं है| इसलिए टीका लेने में ज्यादा देरी नहीं करें| कोरोना का मामला कम हो गया है| आप सभी लोग जब टीका ले लेंगे तो पूरा समाज कोरोना से मुक्त हो जाएगा|
घर की महिलाएं जागरूक हो जाएंगी तो सभी लोग जागरूक हो जाएंगे
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती संख्या इस बात का परिचायक है कि कोरोना टीका के प्रति लोग जागरूक हुए हैं| घर की महिलाएं जागरूक हो जाएंगी तो सभी लोग जागरूक हो जाएंगे| इसलिए इतनी बड़ी संख्या में टीकाकरण केंद्र पर महिलाओं का आना बहुत ही सुखद संदेश- संकेत है|.

400 लोगों को लगा कोरोना का टीका:
उधर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत बुधवार को 400 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया| सभी लोगों को टीका देने के बाद 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया.| किसी तरह की कोई समस्या नहीं होने पर सभी लोगों को घर जाने दिया गया| साथ में पहला डोज लेने वाले को समय पर आकर दूसरा डोज लेने के लिए भी कहा गया|

303 लोगों की हुई कोरोना जांच:
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को 203 लोगों की एंटीजन कीट 1 से जांच हुई| साथ ही 100 लोगों के सैंपल rt-pcr मशीन से जांच के लिए लिए गए|. जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला| फिर भी सभी लोगों को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया| घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक दूसरे के बीच 2 गज की दूरी रखने के लिए कहा गया|

हर महीने की 21 तारीख को मनाया जाएगा परिवार नियोजन दिवस

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-परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर हुई बैठक
-छह सितंबर से शुरू हुआ पखवाड़ा 25 तक चलेगा
भागलपुर, 8 सितंबर-
अब प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान की तरह हर महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान भी हर महीने की नौ तारीख को मनाया जाता है। हालांकि इस महीने तीज व्रत होने के कारण 13 तारीख को मनाया जा रहा है। वहीं जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा का आगाज हो चुका है। इसे लेकर बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में बैठक की गई, जिसमें डीपीएम मो. फैजान अशर्फी,  आशा के जिला समन्वयक मो. जफरुल इस्लाम, केयर इंडिया के परिवार नियोजन कार्य़क्रम के जिला समन्वयक आलोक कुमार और जितेंद्र कुमार शामिल हुए। बैठक से सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी, बीएचएम, बीसीएम और सीडीपीओ जुड़ी थीं।
योग्य दंपति के सर्वे की रिपोर्ट 12 सितंबर तक जमा कर दें-
इस दौरान सिविल सर्जन ने सभी को बताया कि अगर आपके अस्पताल में सर्जन नहीं हैं तो दूसरे अस्पताल से सर्जन को बुलाने की तैयारी कर लें। परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू होने के पहले सारी तैयारी हो जानी चाहिए। अभी आशा कार्यकर्ताओं को सर्वे के काम में लगा दें। योग्य दंपति के सर्वे की रिपोर्ट 12 सितंबर तक जमा कर दें। इसके अलावा परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान मेला, अंतरा कैंप, दवा वितरण इत्यादि की तैयारी भी कर लेने को कहा गया।
योग्य दंपति  ढूंढने पर 300 की प्रोत्साहन राशि:
 बैठक में परिवार नियोजन पखवाड़ा के आयोजन की सफलता पर चर्चा हुई। इस दौरान बताया गया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू होने से पहले क्षेत्र के योग्य दंपति  का सर्वे किया जाना जरूरी है। इस काम को आशा कार्य़कर्ता शुरू कर दें। योग्य दंपति  ढूंढने पर आशा कार्य़कर्ता को 300 रुपये और ऑपरेशन कराने के लिए प्री रजिस्ट्रेशन करवाने पर 100 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जाएंगे। सिविल सर्जन ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा से पहले दंपति  संपर्क पखवाड़ा मनाने का अर्थ यह होता है कि पहले आप तैयारी कर लें। क्षेत्र में कितने योग्य दंपति  हैं। कितने योग्य दंपति  का रजिस्ट्रेशन हो गया है। मेला कब लगना है। मेला में कितने स्टॉल लगेंगे इत्यादि। इन बातों की जानकारी होने पर तैयारी पहले से की जाती है, जिससे आयोजन सफलतापूर्वक चलता है।
21 सितंबर को मेले का भी किया जाएगा आयोजनः
 सिविल सर्जन ने बताया कि बैठक में हमलोगों ने तय किया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान 21 सितंबर को मेले का भी आय़ोजन किया जाएगा। मेले में कितने और किस-किस चीज के स्टॉल लगेंगे,  इसकी तैयारी करने को कहा गया। साथ ही मेला के दौरान लोगों की काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। लोगों को परिवार नियोजन से होने वाले फायदे के बारे में बताया जाएगा। परिवार नियोजन क्यों जरूरी है, इसकी जानकारी योग्य दंपतियों को दी जाएगी। उन्हें समझाया जाएगा कि परिवार नियोजन से न सिर्फ बच्चे का शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि घर की आर्थिक परिस्थिति भी बेहतर रहती  है। आरोग्य दिवस पर सास बहू सम्मेलन कराया जाएगा|. एमपीए कैंप के साथ एलयूसीडी एपीएचसी लेवल पर लगाया जाएगा|
परिवार नियोजन के बारे में किया जाएगा जागरूकः
केयर इंडिया के जिला समन्वयक आलोक कुमार और जितेंद्र कुमार ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान जगह-जगह अंतरा कैंप लगाया जाएगा। इसके अलावा परिवार नियोजन के अन्य उपाय जैसे कि कंडोम का इस्तेमाल या फिर अन्य सुरक्षित तरीके के बारे में बताया जाएगा। लोगों के मन से डर को दूर किया जाएगा। इसे दूर करने का काम किया जाता है। परिवार नियोजन कार्यक्रम के दौरान सबसे महत्वपूर्ण दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतराल रखने के लिए भी जागरूक किया जाता है। इससे बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता अधिक रहती है और वह भविष्य में होने वाली किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम होता है। साथ ही बुधवार और शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों में चलने वाले टीकाकरण के दौरान भी लोगों को इन चीजों की जानकारी दी जाएगी। एएनएम इस दौरान क्षेत्र के लोगों की काउंसिलिंग भी करेंगी। छोटा परिवार, सुखी परिवार के नुस्खे लोगों को बताएंगी।

समाज के वंचित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाएं आशा कार्य़कर्ता

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-शहर के एक होटल में चल रहे छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
-आशा कार्य़कर्ताओं को निर्णय व समन्वय कौशल के बारे में दी गई जानकारी

भागलपुर-

भीखनपुर स्थित शहर के एक होटल में मंगलवार को शहरी आशा कार्यकर्ताओं के छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण के आखिरी दिन मास्टर ट्रेनर सुनील कुमार, विश्वेश्वर शर्मा और सीमा कालिंदी ने शहरी आशा कार्यकर्ताओं को निर्णय कौशल, समन्वय कौशल, लेखन कौशल, सकारात्मक बदलाव, सामाजिक लामबंदी को कैसे प्रोत्साहित करें इसके बारे में बताया। साथ में समुदाय में काम करने के लिए कैसे योजना बनानी है, इसकी जानकारी दी गई। शहरी आशा कार्यकर्ताओं को समाज के वंचित समुदायों तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने की सीख दी गई। इसके लिए किन-किन बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, इसके बारे में उन्हें जानकारी दी गई।
जागरूक करना है कि स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं आपका हक है।
मास्टर ट्रेनर सुनील कुमार ने कहा कि आशा कार्यक्रर्ताओं को क्षेत्र में काम करने के लिए पहले इन बातों पर विमर्श करना जरूरी है। अगर आप इन बातों को ध्यान में रखेंगे तो समाज के आखिरी व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने में सफल रहेंगे। लोगों को इस बात के लिए जागरूक करना है कि स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं आपका हक है। सरकार आपके लिए बहुत सारा खर्च कर रही है। इसका लाभ उठाना आपका कर्तव्य हैं। वहीं सीमा कालिंदी ने बताया कि आशा कार्य़कर्ताओं को क्षेत्र में काम करने के लिए निर्णय कौशल बहुत जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को लेकर निर्णय लेने की क्षमता अगर आपमें रहेगी तो आप उसे किसी तरह की परेशानी में नहीं आने देंगे। सही समय पर अस्पताल ले जाने से लेकर अन्य काम करेंगे। परिवार के लोगों को डिलीवरी की तारीख बताकर मानसिक तौर पर तैयार होने में मदद करेंगे। इससे उनका काम आसान होगा। वहीं विश्वेश्वर शर्मा ने समन्वय कौशल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय स्थापित कर आशा कार्यकर्ता क्षेत्र के गरीब से गरीब लोगों को मुश्किलों से बचा सकती हैं। ऐसा करने के लिए आपको चौकन्ना रहना होगा और ट्रेनिंग के दौरान जो बातें आपने सीखीं, उसे व्यावहारिक तौर पर अपनाना होगा। ट्रेनिंग के समापन के बाद सभी आशा कार्य़कर्ताओं से मूल्यांकन पत्र भरवाया गया। जिसे मास्टर ट्रेनर ने देखा कि छह दिन में शहरी आशा कार्यकर्ताओं ने क्या-क्या सीखा।
प्रशिक्षण का मकसद आय़ा कार्य़कर्ताओं का कौशल विकाल करनाः
कार्यक्रम में मौजूद क्षेत्रीय कार्य़क्रम प्रबंधक अरुण प्रकाश ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मकसद आशा कार्यकर्ताओं का कौशल विकास है, जिससे वे क्षेत्र में बेहतर सेवा दे सकें। समाज के वंचित तबकों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने में सक्रियता बढ़े। वहीं क्षेत्रीय लेखा प्रबंधक विजय कुमार राम ने कार्यक्रम में मौजूद शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया। किस काम के लिए कितनी प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा तय है, इसकी जानकारी दी। वहीं आशा के क्षेत्रीय समन्वय कुणाल कुमार ने सभी आशा कार्य़कर्ताओं को अश्विन पोर्टल के बारे में जानकारी दी।

सही पोषण,देश रौशन अभियान: सुदूर ग्रामीण जनजातीय क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई की रस्म

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– धरहरा प्रखण्ड के गांव बंगलवा में आईसीडीएस डीपीओ ने की जनजातीय महिला की गोद भराई

मुंगेर-
गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने और सही पोषण के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला भर के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोद भराई की रस्म की गई । धरहरा प्रखण्ड के सुदूर ग्रामीण जनजातीय गांव बंगलवा में समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) वंदना पांडेय ने स्वयं अपने हाथों से जनजातीय महिला की गोद भराई की रस्म निभायी । इस अवसर पर सीडीपीओ पूनम कुमारी, राष्ट्रीय पोषण मिशन कि जिला समन्वयक मुक्ता कुमारी, लेडी सुपरवाइजर माधवी शाह सहित की कई अधिकारी और आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका उपस्थित थी।
गर्भवती महिलाओं को सही पोषण के लिए जागरूक किया जाता है –
जनजातीय गर्भवती महिला के गोद भराई रस्म के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुंगेर की आईसीडीएस डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि आईसीडीएस के ” सही पोषण तो देश रौशन” अभियान के तहत गोद भराई के रस्म के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सही पोषण के लिए जागरूक किया जाता है| ताकि गर्भवती महिलाओं और उसके गर्भस्थ हे शिशु को कुपोषण के खतरे से बचाया जा सके। मंगलवार को बंगलवा सहित पूरे जिला के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्थानीय सीडीपीओ, एलएस और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के द्वारा गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
स्थानीय खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करने के लिए प्रेरित किया जाता
डीपीओ वंदना पांडेय ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को अपने खानपान का सही तरीके के ध्यान रखने के लिए जागरूक करने के साथ ही उन्हें खाने-पीने में पोषक तत्वों से युक्त स्थानीय खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके लिए उन्हें स्थानीय मौसम के अनुकुल हरी साग-सब्जी, फल, दूध, दाल के साथ-साथ मांसाहारी महिलाओं को इन सभी चीजों के साथ मांस, मछली और अंडा खाने की भी सलाह दी जाती है। उन्होंने बताया कि इन दिनों समूचे जिला भर में गर्भवती महिलाओं और छोटे-छोटे बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए उन्हें खाने-पीने में स्थानीय स्तर पर सहजता से उपलब्ध खाद्य पदार्थों का ही इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए जिला भर में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविका -सहायिका के साथ-साथ आशा कार्यकर्ता, आशा फैसिलिटेटर, जीविका बहनें सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि ग्रामीण स्तर पर तथा वैसे सामुदायिक स्तर पर जहां गरीबी और अशिक्षा की वजह से पोषण के महत्व से अनभिज्ञ हैं उनके बीच जाकर उन्हें संतुलित शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सही पोषण के लिए जागरूक कर रहे हैं ।