महाअभियान के एक दिन बाद भी टीका लेने वालों की उमड़ी भीड़

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-बांका सदर प्रखंड में 650 लोगों को पड़े टीके, 400 की हुई जांच
-जागरूकता अभियान का हो रहा असर, टीका लेने को आ रहे लोग

बांका-

 

कोरोना टीका को लेकर जागरूकता अभियान का असर अब लोगों पर पड़ने लगा है। यही कारण है कि मंगलवार को चलाए गए महाअभियान के एक दिन बाद गुरुवार को काफी संख्या में लोग टीका लेने के लिए केंद्रों तक पहुंचे। गुरुवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 650 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया और किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी को छोड़ दिया गया। साथ ही सभी लोगों को आकर समय पर दूसरा डोज लेने की भी सलाह दी गई। उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 400 लोगों की कोरोना जांच भी की गई, जिसमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
टीका लेने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाती है-
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना को लेकर हमलोगों का अभियान जारी है। लोगों की जांच से लेकर टीकाकरण तक हो रहा है। टीका लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। टीका केंद्रों पर सभी सुविधा मौजूद रहती है। टीका लेने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाती है। टीकाकरण केंद्रों पर आने वाले लाभुकों के मन में अगर किसी तरह का भ्रम रहता है तो उसे दूर किया जाता है। साथ ही लाभुकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान रहती है। सबसे ज्यादा लाभुक गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर आते हैं।
जागरूकता अभियान भी जारीः
डॉ. चौधरी कहते हैं कि यह बात सही है कि अब बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं, लेकिन हमलोग आखिरी व्यक्ति तक जल्द से जल्द कोरोना का टीका पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए टीका को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी जारी है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। टीकाकरण जितना अधिक लोगों का टीकाकरण हो रहा है, लोगों के मन से टीका के प्रति भ्रम भी उतना ही दूर हो रहा है। साथ ही एक-दूसरे को देखकर भी लोग टीकाकरण के लिए आएंगे। कोरोना को मात देने में आमलोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। यही कारण है कि जागरूकता अभियान में हमलोग आमलोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं आमलोग भी एक दूसरे को जागरूक करें तो अच्छा है।
सावधानी अभी भी जरूरीः
वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 300 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही आरटीपीआर मशीन से जांच के लिए 100 लोगों के सैंपल लिए गए। डॉ. चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता, तबतक सभी लोगों को बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना होगा। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाकर रखनी होगी। ये नियम सभी के लिए लागू है। जिन्होंने कोरोना का टीका लिए हैं, उसके लिए भी और जिन्होंने नहीं लिया है उनके लिए भी।

जन जागरूकता से पोषण प्राप्ति का लक्ष्य संभव- मदन साहनी

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• पोषण माह का हुआ उद्घाटन
• चार थीम पर फोकस कर मनाया जायेगा पोषण माह
• संपन्न घरों के बच्चे भी होते हैं कुपोषित- अतुल प्रसाद
• “कुपोषण छोड़ पोषण की ओर- थामें क्षेत्रीय भोजन की डोर” है पोषण माह की थीम

पटना-

– “ जनजागरूकता से ही पोषण की लक्ष्य प्राप्ति संभव है और इसके लिए सभी सम्बंधित विभागों एवं सहयोगी संस्थानों को शपथ लेने की जरुरत है. पोषण के मानकों में लक्षित सुधारों की प्राप्ति के लिए समुदाय को जागरूक करना सभी का लक्ष्य होना चाहिए”, उक्त बातें आज पोषण माह का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए मदन साहनी, मंत्री, समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार ने कही. कुपोषण पर लगाम लगाने एवं एक सुपोषित समाज के निर्माण के लिए हर वर्ष सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाता है. कोविड संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इसका शुभारंभ ऑनलाइन मोड़ में किया गया.

स्वस्थ शरीर में होता है स्वस्थ दिमाग का वास- मदन साहनी
अपने संबोधन में मदन साहनी, माननीय मंत्री, समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार ने कहा एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग का वास होता है और इसके लिए बच्चों का सुपोषित होना जरुरी है. समुदाय में जनजागरूकता से सुपोषण की अलख जगाई जा सकती है ताकि लोग समझ सकें की उनके घरों में और आस पास पोषण प्राप्ति के कई साधन उपलब्ध हैं. एक स्वस्थ मस्तिष्क वाला बच्चा आगे चलकर एक कामयाब नागरिक बनता है और अच्छी आमदनी कर राज्य एवं देश की विकास में अहम् भूमिका अदा करता है. इसलिए महिलाओं के गर्भधारण के समय से ही उनके पोषण पर ख़ास ध्यान देने की जरुरत है ताकि उनकी और उनके गर्भ में पल रहे शिशु को पर्याप्त पोषण मिले. कम उम्र में लड़कियों की शादी से उनके बच्चे ज्यादातर कुपोषित होते हैं और इस कुप्रथा को रोकने में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना मील का पत्थर साबित हो रही है.
संपन्न घरों के बच्चे भी होते हैं कुपोषित- अतुल प्रसाद:
अतुल प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग ने बताया जन जागरूकता एवं जन भागीदारी कुपोषण से निजात पाने के लिए जरुरी है. कुपोष सिर्फ गरीब तबके का अभिशाप नहीं अपितु संपन्न घरों के बच्चे भी कुपोषित हो सकते हैं. इसके लिए जरुरी है की मां के गर्भकाल के आरंभ से लेकर शिशु के 2 वर्ष पूरे करने तक पोषण का ध्यान रखा जाए और इसमें प्रथम 1000 दिन की महत्ता को जनमानस तक पहुँचाया जाये. अतुल प्रसाद ने कहा कोविड संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी गतिविधियों का संचालन कोविड सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए किया जाए.
चार थीम पर फोकस कर मनाया जायेगा पोषण माह:
आलोक कुमार, निदेशक, समेकित बाल विकास विभाग ने कहा कोविड संक्रमण के पहले राज्य को पोषण माह में देश भर में अच्छा प्रदर्शन किया है और इस वर्ष हम सभी को प्रयास करना है की बिहार पोषण माह के संचालन में प्रथम पायदान पर रहे. इस वर्ष चार थीम क्रमशः पोषण वाटिका, योग एवं आयुष चिकित्सा, अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित करना एवं उनके लिए पोषण युक्त भोजन की व्यवस्था करना और एनीमिया प्रबंधन पर फोकस रखते हुए पोषण माह का संचालन किया जाना है. इसके लिए सभी सहयोगी विभागों के साथ बैठक की जा चुकी है और सभी इस अभियान को सफल बनाने के लिए संकल्पित हैं.
सुलभ खाद्य सामग्री को दी जाएगी प्राथमिकता:
कार्यक्रम के समापन संबोधन में चित्रा वर्मा, अनुश्रवण पदाधिकारी ने बताया इस बार पोषण माह में आसानी से उपलब्ध होने वाले खाद्य सामग्री की उपलब्धता के बारे में जनमानस को जागरूक करने पर विशेष बल दिया जायेगा. उन्होंने बताया कोविड संक्रमण एवं बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए सभी को अधिक परिश्रम करने की जरुरत है.
कार्यक्रम में पोषण अभियान की राज्य नोडल श्वेता सहाय, जिलों से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, विभिन्न आईसीडीएस कर्मी एवं सहयोगी संस्थानों एवं विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे.

कोरोना ही नहीं, टीबी से भी हमें बचाता है मास्क

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-जितने भी तरह के संक्रामक रोग हैं, सभी से बचाव करता है मास्क
-मास्क पहनने की अनिवार्यता से लोगों के अंदर अब खत्म हुई झिझक

भागलपुर-

कोरोना काल में लोगों की दिनचर्या में बहुत बदलाव आया है। संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों में सावधानी बरतने की आदत सी पड़ गई है। लोग घर से बाहर कहीं भी जाते हैं तो मास्क पहनकर ही निकलते हैं। समय-समय पर हाथ की धुलाई भी करते हैं। भीड़भाड़ से बचते हैं। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। खासकर मास्क पहनने को लेकर लोगों में जो आदत पड़ी, उससे न सिर्फ कोरोना से बचाव हो रहा है, बल्कि टीबी समेत कई दूसरी बीमारियों से बचाव हो रहा है। वायु प्रदूषण से लेकर सांस से संबंधित बीमारी से लोगों को मास्क बचा रहा है।
सांस से संबंधित बीमारी से भी मास्क हमें बचाता
निजी चिकित्सक डॉ विनय कुमार झा कहते हैं कि मास्क किसी भी संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए बहुत ही उपयोगी होता है। मास्क पहनने से टीबी समेत कई दूसरी बीमारियों से भी बचाव होता है। सांस से संबंधित बीमारी से भी मास्क हमें बचाता है। मास्क पहनने की आदत हमें बीमारियों से बचाव में काफी सहायक साबित होता है। इसलिए अभी कोरोना के मामले कम आ रहे हैं, लेकिन मास्क पहनने की आदत को मत छोड़िये। यह बहुत ही फायदेमंद है। इसके अलावा अभी वायरल का मौसम भी चल रहा है। ऐसे मौसम में बड़ी संख्या में लोग सर्दी-खांसी और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। मास्क पहनने की आदत से आपका इन बीमारियों से भी बचाव होगा।
मास्क पहनने की झिझक खत्म हुई:
डॉ झा कहते हैं कि दरअसल सांस से संबंधित बीमारी या फिर अन्य दूसरी बीमारी से ग्रसित लोग पहले भी मास्क पहनते थे, लेकिन सार्वजनिक तौर पर वे लोग मास्क पहनने से हिचकते थे। लेकिन कोरोना काल में जब सरकार ने मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया और लोगों को भी लगने लगा कि मास्क पहनने से उनका बचाव होगा। इसके बाद लोग नियमित तौर पर मास्क पहनने लगे। इसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। कोरोना की अब दूसरी लहर तो लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन मास्क पहनने की आदत से हम तीसरी लहर से भी बच सकते हैं। इसके अलावा कई अन्य बीमारियों से बचाव होगा। इसलिए नियमित तौर पर मास्क पहनें।

कोरोना काल के बाद भी लोगों को मास्क पहनते रहना चाहिए:
डॉ झा कहते हैं कि मास्क पहनने से जिस तरह से कोरोना, टीबी और सांस से संबंधित बीमार लोगों की संख्या में कमी आई है। इससे साफ है कि मास्क पहनने से सिर्फ कोरोना का ही बचाव नहीं होता है, बल्कि संक्रमित तरीके के जितने भी रोग हैं उन सभी का बचाव मास्क पहनने से होता है। इसके अलावा वायु प्रदूषण से भी लोग बचे रहते हैं। इसलिए जब कोरोना काल खत्म भी हो जाए और सभी लोगों को टीके पड़ जाए, फिर भी मास्क पहनने की आदत को नहीं छोड़नी चाहिए।

अन्य सावधानियां भी जरूरी:
डॉ झा कहते हैं जिस तरीके से मास्क पहनने से लोग कोरोना के साथ-साथ अन्य बीमारियों से भी बच रहे हैं, उसी तरीके से हाथ धोने की आदत से हम अन्य बीमारी से बच सकते हैं या फिर सामाजिक दूरी का पालन करने से हमलोग बहुत सारी बीमारियों से बचे रहेंगे। इसलिए न सिर्फ मास्क पहनने की आदत, बल्कि कोरोना काल में जो भी सकारात्मक बदलाव आया है, उसे बरकरार रखने की जरूरत है। सभी तरह की बीमारी में सावधानी बरतनी पड़ती है। इसलिए जितना हमलोग मास्क पहनेंगे, हाथ की धुलाई करते रहेंगे और सामाजिक दूरी का पालन करेंगे, उतना हमारा बचाव होगा।

सुरक्षा प्रहरियों ने महाअभियान के तहत 61,836 लोगों को लगवाया कोरोना टीका

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यूनिसेफ़ के ‘मिशन सुरक्षाग्रह: कोविड पर हल्ला बोल’ पहल से कोरोना टीकाकरण में तेज़ी

पटना-

बिहार सरकार के आह्वान पर आयोजित राज्यव्यापी कोरोना टीकाकरण महाभियान के तहत 22.50 लाख से अधिक लाभार्थियों का टीकाकरण कर बिहार ने रिकॉर्ड क़ायम किया. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 10 हज़ार से अधिक टीकाकरण केन्द्रों और लाखों स्वास्थ्यकर्मियों के ज़रिए बिहार ने देश भर में एक दिन में सबसे ज़्यादा टीकाकरण करनेवाले राज्य का गौरव भी हासिल किया.

इस कड़ी में यूनिसेफ़ द्वारा तीन एनजीओ भागीदारों के सहयोग से चलाए जा रहे ‘मिशन सुरक्षाग्रह: कोविड पर हल्ला बोल’ जागरूकता अभियान की भी बड़ी भूमिका रही है. इसके तहत छह बाढ़ग्रस्त ज़िलों – दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, पूर्णिया और मुज़फ्फ़रपुर के 14 प्रखंडों में मिशन सुरक्षाग्रह टीम के सक्रिय प्रयास से लगभग 62 हज़ार लोगों का टीकाकरण करवाया गया.

रंग लायी सुरक्षा प्रहरियों की सक्रियता
सुरक्षाग्रह के अंतर्गत यूनिसेफ़ द्वारा प्रशिक्षित किए गए 524 सुरक्षा प्रहरियों (कम्युनिटी मोबिलाइजर्स) द्वारा वैक्सीनेशन महाअभियान के बारे में प्रचार-प्रसार करने से लेकर टीकाकरण केंद्रों पर भारी संख्या में लाभार्थियों का आगमन सुनिश्चित करने से लेकर उनके पंजीकरण, पहचान पत्र संकलन व सत्यापन और लोगों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाई गई. कुछ जगहों पर आवश्यकतानुसार लोगों की काउंसलिंग के साथ-साथ वैक्सीनेशन सत्र समाप्त होने के पश्चात सुरक्षा प्रहरियों ने डाटा एंट्री में भी सहयोग दिया.

दिव्यांगजनों, महिलाओं और दिहाड़ी मज़दूरों का रखा गया विशेष ध्यान
दिव्यांगजन सुगमतापूर्वक टीकाकरण केंद्र तक आ सकें, इसके लिए सुरक्षा प्रहरियों द्वारा विशेष ध्यान दिया गया. विशेष परिस्थितियों में कुछ दिव्यांगजनों के घर जाकर टीका दिलवाने का प्रबंध भी किया गया. दरभंगा और मधुबनी में क्रमशः 92 और 12 दिव्यांगजनों का टीकाकरण करवाया गया. मधुबनी ज़िला के बिस्फी ब्लाक के एक पैर से पोलियोग्रस्त मोहम्मद गयासुद्दीन टीका लेकर काफ़ी ख़ुश नज़र आए. उन्होंने सुरक्षा प्रहरियों की सराहना करते हुए कहा कि इनलोगों के प्रयास से न सिर्फ़ मैं बल्कि मेरे गाँव के सभी योग्य लाभार्थियों को इस महाअभियान की जानकारी मिली और हमने कोरोना को हराने के लिए टीका भी ले लिया.

इसी तरह, सुबह-सुबह अपने काम-काज पर निकलने वाले दिहाड़ी मज़दूरों को समय से लाइन में लगवाकर टीका दिलवाने का काम किया गया. इससे न उनके काम का नुकसान हुआ और न ही वे टीकाकरण से वंचित रहे. केवल मधुबनी में ही 357 दैनिक श्रमिकों को अहले सुबह मोबीलाइज़ कर उनका टीकाकरण संपन्न करवाया गया.

यूनिसेफ़ बिहार की राज्य प्रमुख नफ़ीसा बिन्ते शफ़ीक़ ने महाअभियान की रिकॉर्ड सफलता पर सरकार को बधाई देते हुए कहा कि कोविड महामारी को क़ाबू करने के लिए उचित जानकारी और जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है. चूँकि बाढ़ग्रस्त इलाकों में और भी ज़्यादा जोखिम है, इस लिहाज़ से यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है. हम सरकार के साथ मिलकर वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ कोविड प्रोटोकॉल के विभिन्न पहलुओं पर सभी उम्र के लोगों को शिक्षित और जागरूक करने का भी लगातार काम कर रहे हैं.

क्या है मिशन सुरक्षाग्रह- कोविड पर हल्ला बोल?

सुरक्षाग्रह उन प्रमुख पहलों में से एक है जिसके माध्यम से छह बाढ़ प्रवण जिलों की लगभग 36 लाख आबादी को कोविड उपयुक्त व्यवहार और बाढ़ की तैयारियों के बारे में जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है. यूनिसेफ, ज़िला प्रशासन व स्वास्थ्य व अन्य विभागों के साथ मिलकर तीन एनजीओ – बिहार सेवा समिति, आगा ख़ान ग्राम समर्थन कार्यक्रम (भारत) और घोघरडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ के माध्यम से मई महीने से इस कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है.

खुद बची, सबको बचाओ अपील के साथ

यूनिसेफ़ द्वारा प्रशिक्षित मिशन सुरक्षाग्रह के 600 से अधिक कर्मियों व सुरक्षा प्रहरियों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर
टीकाकरण और बाढ़ की तैयारी के लिए नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाने के अलावा समुदाय के लोगों को आपदा का बेहतर ढंग से सामना करने हेतु भी तैयार किया जा रहा है. बच्चों, महिलाओंऔर वंचित समूह की ज़रूरतों पर विशेष ध्यान दिलाया जाता है

सामुदायिक प्रेरक – सुरक्षा प्रहरी स्थानीय युवाओं-पुरुषों के अलावा बहुत सारी युवतियां और महिलाएं भी शामिल हैं. इलाक़े में अपनी अच्छी जान-पहचान और विश्वसनीयता की वजह से ये लोगों को ठीक से जागरूक कर पाते हैं. घर-घर जाकर जागरूक करने के अलावा लोगों को सार्वजनिक बैठक जैसे स्कूल, पंचायत, जीविका, धर्म-गुरु , बच्चों आदि की जाती है जिससे सबकी भागीदारी से कोविड और बाढ़ की आपदा से बचा जा सके और लोगों की ज़रूरी सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चहित हो

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के सही पोषण के लिए लोगों को जागरूक करें आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका

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– गृह भ्रमण के दौरान वृद्वि निगरानी पंजी में नियमित रूप से करें बच्चों की हाइट और वेट को दर्ज
– इस अवसर पर सेविका और सहायिका ने निकाली जागरूकता रैली
– आईसीडीएस डीपीओ और जमालपुर सीडीपीओ और एलएस ने किया पौधारोपण

मुंगेर-

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के सही पोषण के लिए लोगों को जागरूक करें आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका । उक्त बातें गुरुवार को राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान मुंगेर के जमालपुर प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत बांक पंचायत के मोगरा पोखर संदलपुर आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 32 पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर आयोजित बैठक को सम्बोधित करते हुए मुंगेर की आईसीडीएस डीपीओ वंदना पांडेय ने कही। उन्होंने बताया कि भारत के लोग अन्य देशों के लोगों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित हैं क्योंकि भारत के लोगों का खानपान सुरक्षित है। यहां के लोग अपने में पोषक तत्वों से युक्त स्थानीय खाद्य पदार्थों का ही इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि अभी राज्य भर में मनाया जा रहा राष्ट्रीय पोषण माह का थीम भी “कुपोषण छोड़ पोषण की ओर, थामें क्षेत्रीय (स्थानीय) भोजन की डोर ” है| इसलिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के सही पोषण के लिए पोषक तत्वों से युक्त स्थानीय खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल के लिए लोगों को जागरूक करना है।
सही पोषण के लिए स्थानीय खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल करने के लिए लोगों को प्रेरित करना है –
बैठक को सम्बोधित करते हुए जमालपुर प्रखण्ड की सीडीपीओ पूनम कुमारी ने बताया कि आप लोग पहले से ही “सही पोषण तो देश रौशन” की थीम पर काम कर रही हैं। अब कुपोषण मुक्त अभियान में सही पोषण के लिए स्थानीय खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल करने के लिए लोगों लोगों को प्रेरित करना है। इसके साथ ही कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए छोटे- छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की बढ़ोतरी के लिए उसे कुपोषण मुक्त बनाना अति आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण के साथ ही मास्क का नियमित इस्तेमाल, साफ-सफाई पर विशेष और शारीरिक दूरी के कोरोना प्रोटोकॉल के पालन लिए जागरूक करने के लिए सेविका-सहायिका द्वारा प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने सेविका- सहायिका द्वारा घर- घर भ्रमण के दौरान वृद्वि निगरानी पंजी में नियमित तौर बच्चों का हाइट और वेट दर्ज करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षिका निकिता जायसवाल, जिला पोषण मिशन की जिला समन्वयक मुक्ता कुमारी के नेतृत्व में उपस्थित सभी सेविका और सहायिका ने पोषण अभियान को ले जागरुकता रैली निकाली। इस अवसर पर डीपीओ वंदना पांडेय, सीडीपीओ पूनम कुमारी, एलएस निकिता जायसवाल और राष्ट्रीय पोषण मिशन की जिला समन्वयक मुक्ता कुमारी ने पौधरोपण कर पोषण वाटिका की स्थापना की।

कायाकल्प कार्यक्रम: बेगूसराय में जिला अस्पताल एवं बरौनी सीएचसी का किया गया मूल्यांकन

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– कायाकल्प योजना से सुदृढ़ होगी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा
– मरीजों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा, साफ-सफाई का रखा जाएगा ख्याल

बेगूसराय, 02 सितंबर| स्वास्थ्य टीम द्वारा कायाकल्प कार्यक्रम अंतर्गत जिला के दो अस्पतालों का मूल्यांकन किया गया। जिसमें बुधवार को जिला अस्पताल एवं गुरुवार को बरौनी सीएचसी का स्वास्थ्य टीम द्वारा मूल्यांकन किया गया। यह मूल्यांकन जिला स्वास्थ्य समिति भागलपुर के जिला सलाहकार गुणवत्ता यकीन डाॅ प्रशांत कुमार एवं भागलपुर सदर अस्पताल के अस्पताल प्रबंधक द्वारा किया गया। इस दौरान अस्पताल में उक्त कार्यक्रम अंतर्गत आने वाली तमाम स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन एवं भौतिक स्थिति की जानकारी ली गई। इसके बाद मौजूद अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक जानकारी दी गई। ताकि उक्त कार्यक्रम का बेहतर संचालन हो सके और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके। साथ ही उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाली तमाम स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित रूप से मरीजों को उपलब्ध करायी जा सके ।
– कायाकल्प योजना से सुदृढ़ होगी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा :
डीपीएम शैलेश चंद्र ने बताया, मरीजों को उचित प्रबंधन के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए सरकार द्वारा लाई गई कायाकल्प योजना से सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा सुदृढ़ होगी और स्वास्थ्य संस्थानों की तस्वीर में पूर्व की भाँति सकारात्मक बदलाव भी होगा। इससे मरीजों को ना सिर्फ बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी बल्कि, समुचित व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सेवा दी जाएगी। दरअसल, स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतर बदलाव एवं मूलभूत सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए ही सरकार द्वारा यह योजना लागू की गई है। इस योजना का जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों समेत पीएचसी स्तर पर मरीजों को सुविधा मिलेगी। इस योजना के तहत मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगी। साथ ही अस्पताल में स्वच्छता समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं में सकारात्मक बदलाव होगा। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को पत्र भेजा जा चुका है।
– केयर इंडिया भी कर रहा है सहयोग :
इस योजना को सफल बनाने के लिए केयर इंडिया भी सहयोग कर रहा है। दरअसल, इस योजना का सफल संचालन स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त पहल से ही संभव है। इसको लेकर तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी ने आवश्यक कवायद तेज कर दी है।
– साफ-सफाई समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का रखा जाएगा ख्याल :
इस योजना के तहत साफ-सफाई समेत अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली अन्य मूलभूत सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा। ताकि मरीजों को बेहतर प्रबंधन के बीच मरीजों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिल सके और मरीजों को किसी प्रकार का परेशानियाँ का सामना नहीं करना पड़े। इसके अलावा मरीजों को मिलने वाली सभी सुविधाओं का भी ख्याल रखा जाएगा।
– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।

खगड़िया जिले में 20 सितंबर से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलेगा एमडीए अभियान : जिलाधिकारी

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– अभियान की सफलता को लेकर जिलाधिकारी ने जिले के पदाधिकारियों के साथ की बैठक
– स्वास्थ्य विभाग, केयर इंडिया, आईसीडीएस, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, जीविका, समाज कल्याण विभाग समेत अन्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक

खगड़िया, 02 सितंबर-
जिले में 20 सितंबर से आयोजित होने वाले फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान को लेकर जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष की अध्यक्षता में जिला सभागार में एक बैठक हुई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग, केयर इंडिया, आईसीडीएस, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, समाज कल्याण विभाग, जीविका समेत अन्य विभाग के पदाधिकारी शामिल हुए। वहीं, बैठक में उक्त अभियान की सफलता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और कार्य योजना (वर्क प्लान) तैयार की गई। ताकि हर हाल में उक्त अभियान का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हो सके । वहीं, इस दौरान जिलाधिकारी ने मौजूद तमाम पदाधिकारियों से कहा, उक्त अभियान का भले ही 20 सितंबर शुभारंभ होना है किन्तु, सभी लोग अभी से ही अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारी में जुट जाएँ। ताकि अभियान का सफल क्रियान्वयन हो सके और इस बीमारी पर रोकथाम एवं इससे बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति तक आवश्यक जानकारियाँ पहुँचाई जा सके। साथ ही सभी योग्य लाभार्थियों को अलबेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं खिलाई जा सके और एक भी लाभार्थी वंचित नहीं रहे।
– गर्भवती महिला,एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को भी नहीं खिलाई जाएगी दवा :
सिविल सर्जन डाॅ अजय कुमार सिंह ने बताया, इस अभियान के दौरान घर-घर जाकर लोगों को अलबेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं खिलाई जाएगी। उक्त दवा गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को छोड़कर शेष सभी लोगों को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा खिलाई जाएगी। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देते हुए जागरूक किया जाएगा । ताकि उक्त अभियान का सफलतापूर्वक समापन एवं बीमारी पर रोकथाम संभव और जड़ से खात्मा हो सके। वहीं, बताया, यह प्रशिक्षण जिले के सभी प्रखंडों में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को निर्धारित तिथि के अनुसार बारी-बारी से दिया जाएगा।
– अभियान के दौरान परिवार के सदस्यों के विवरण की भी ली जाएगी जानकारी :
जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ विजय ने बताया, अभियान के दौरान प्रत्येक परिवार के सदस्यों के विवरण की भी जानकारी ली जाएगी। जैसे, परिवार में कुल कितने सदस्य हैं। सभी का नाम, उम्र समेत अन्य जानकारी प्राप्त पंजी में पूरा डिटेल दर्ज किया जाएगा। साथ ही दो वर्ष से छोटे बच्चे, गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति एवं गर्भवती व एक सप्ताह पूर्व माँ बनी महिलाओं के भी विवरण लेकर अलग पंजी में दर्ज किया जाएगा। क्योंकि, ऐसे लोगों को दवाई नहीं खिलाई जाएगी।
– बचाव के लिए दवाई का सेवन जरूरी :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद एवं डीपीओ कृष्ण कुमार ने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए दवाई के साथ-साथ एहतियात भी जरूरी है। इसलिए, अभियान के दौरान योग्य व्यक्तियों को दवाई तो खिलाई ही जाएगी। इसके अलावा इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को आवश्यक जानकारी भी दी जाएगी। जैसे कि, घर के आस-पास गंदगी जमा नहीं होने दें एवं घरों में सोने से पहले मच्छरदानी का उपयोग करें। साथ ही अन्य लोगों को दवा सेवन के प्रति जागरूक भी करें, ताकि फाइलेरिया जैसी बीमारी जड़ से समाप्त हो सके। इस बीमारी को पूरी तरह से मिटाने के जागरूकता भी बेहद जरूरी है।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।

मेगा कैम्प: जिले में 150 टीकाकरण सत्र स्थलों पर कोविड वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन

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– 30 हजार लक्ष्य के खिलाफ 150 मेडिकल टीम की गई थी तैनात
– सभी सत्र स्थलों पर देखी गई वैक्सीन लेने वालों की भीड़

लखीसराय-
मंगलवार को जिले में मेगा कैम्प के तहत 150 टीकाकरण सत्र स्थलों पर कोवड वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन गया। जिसे सफल बनाने को लेकर 30 हजार लोगों को वैक्सीन देने के निर्धारित लक्ष्य के खिलाफ 150 मेडिकल टीम की तैनाती की गई थी। ताकि हर हाल में निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके। इसके अलावा मोबाइल वैक्सीन टीम भी इलाके में भ्रमण कर आवश्यकतानुसार संबंधित जगह पहुँच कर लोगों को वैक्सीन दी। शिविर स्थल से एक भी व्यक्ति को बिना वैक्सीन लिए नहीं लौटना पड़े, इसके लिए सभी शिविर स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की व्यवस्था की गई थी। ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोग सुविधाजनक तरीके से वैक्सीनेशन करा सकें । वहीं, जिले के सभी प्रखंडों में संबंधित प्रखंड के बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ, चिकित्सा पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी अभियान की सफलता को लेकर शिविर स्थलों का निरीक्षण करते दिखे।
– सभी शिविर स्थलों पर लोगों की दिखी भीड़, प्रोटोकॉल का पालन के साथ ली वैक्सीन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, जिले के सभी शिविर स्थलों पर वैक्सीन लेने वालों की काफी भीड़ देखी गई, जो सामुदायिक स्तर बड़ा सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। इतना ही नहीं, भीड़ होने के बाबजूद लोगों ने प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वैक्सीन ली, जो इस बात का गवाह है कि अब लोग हर हाल में इस महामारी को पूरी तरह जड़ से मिटाने की तैयारी में आ चुके हैं। उन्होंने कहा, लोगों के इस तरह के सहयोग से अब वो दिन दूर नहीं रहा, जब जिले में एक भी लोग वैक्सीन से वंचित नहीं रहेंगे और इस महामारी का नामो-निशान मिट जाएगा।
– इन कर्मियों की लगाई गई थी डयूटी :
निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए जिले में 150 मेडिकल टीम की तैनाती की गई थी। जिसमें एएनएम, डेटा ऑपरेटर, ऑगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य कर्मियों को शामिल किया गया था। जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर सुबह के साथ बजे से ही वैक्सीनेशन का कार्य शुरू कर दिया गया था, जो शाम 05 बजे तक हुआ। इसके अलावा माइकिंग एवं मेडिकल टीम ने घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन शिविर की जानकारी दी और वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया । ताकि एक भी लोग वैक्सीन लेने से छूटे नहीं और सभी लोग अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें । साथ ही निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से दूर रहें।
– वैक्सीनेशन के दौरान प्रोटोकॉल का ख्याल रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

कोविड-19 वैक्सीनेशन महाअभियान: शिविरों में लोगों ने उत्साह के साथ ली वैक्सीन

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– महाअभियान की सफलता को लेकर जिले में बनाये गए थे 189 सत्र स्थल
– वैक्सीनेशन स्थलों पर वैक्सीन लेने वाले लोगों की भीड़ बता रही थी सकारात्मक बदलाव की कहानी

खगड़िया-

जिले में जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन हो एवं एक भी व्यक्ति वैक्सीन लेने से वंचित नहीं रहें, इस उद्देश्य के साथ कोविड-19 वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान लगातार चल रहा है। जिसे गति देने के लिए मंगलवार को जिले के सभी प्रखंडों में विशेष वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया। जिसके तहत जगह-जगह वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन कर लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी गई एवं लोगों ने उत्साह के साथ वैक्सीन ली। इस दौरान जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन लेने वाले लोगों की भीड़ देखी गई, जो वैक्सीन के प्रति लोगों में हुई सकारात्मक बदलाव की कहानी बता रही थी। स्वास्थ्य विभाग समेत जिले के तमाम विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों की मेहनत का बेहतर परिणाम बता रहा था। वैक्सीन लेने के बाद युवाओं ने कहा, पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है वैक्सीन। इसलिए, सभी लोगों को पूरी तरह निर्भीक होकर वैक्सीन लेनी चाहिए। यह राज्य और देशहित के साथ-साथ खुद एवं परिवार व समाज के हित भी सबसे बेहतर कदम है।
– वैक्सीनेशन महाअभियान में लोगों का मिला सकारात्मक सहयोग :
उप विकास आयुक्त (डीडीसी) अभिलाषा कुमारी शर्मा ने बताया, सभी वैक्सीनेशन सत्र स्थलों पर वैक्सीन लेने वाले लोगों की अच्छी उपस्थिति दिखी, जो सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव का बड़ा प्रमाण है और लोगों की ऐसी उपस्थिति तो यह भी बता रही थी कि कहीं न कहीं वैक्सीन के प्रति चल रही तमाम अफवाहें लोगों के मन से दूर हुई है तथा वैक्सीन के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। वहीं, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, वैक्सीनेशन महाअभियान के सफल संचालन के लिए सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी और पर्याप्त संख्या में वैक्सीन वाइल की व्यवस्था। ताकि लोगों को वैक्सीन लेने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी लोगों को सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन दी जा सके।
– सुबह 07 बजे से शाम 05 तक वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले में कुल 189 वैक्सीनेशन सेंटर बनाएं गए थे। सभी वैक्सीनेशन सत्र स्थलों पर सुबह 07 बजे से शाम 05 बजे तक वैक्सीनेशन का आयोजन किया गया। वहीं, उन्होंने बताया, महाअभियान की सफलता को लेकर सभी शिविर स्थलों पर एएनएम के साथ डेटा ऑपरेटर, आँगनबाड़ी सेविका, सहायिका, जीविका दीदी, आशा कार्यकर्ता समेत अन्य कर्मियों की भी डयूटी लगाई गई थी। वहीं, एक भी लोग छूटे नहीं, इसको लेकर माइकिंग एवं मेडिकल टीम के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को आयोजित शिविर की जानकारी दी गई और वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया गया । सभी सेंटरों पर वैक्सीन की दोनों डोज दी गई। ताकि सेकेंड डोज को भी गति मिल सके।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

राष्ट्रीय पोषण माह: 01 से 30 सितंबर के दौरान टीबी और पोषण की थीम पर आयोजित किए जाएंगे कई कार्यक्रम

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– टीबी और पोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने को आंगनबाड़ी से जिला स्तर तक आयोजित होंगे विभिन्न कार्यक्रम
– स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा टीबी की रोकथाम में पोषण के महत्व पर स्कूल शिक्षकों को किया जाएगा जागरूक
मुंगेर-
बुधवार से शुरू हो रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान जिला से लेकर आंगनबाड़ी स्तर तक टीबी और पोषण की थीम पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मालूम हो सन 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने को लेकर राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) अभियान के तहत देश भर में प्रत्येक महीने अलग-अलग थीम पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सितंबर के महीने में भी टीबी और पोषण की थीम पर जिला भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है।
ग्रामीण स्तर पर समुदाय को जागरूक किया जाएगा
डिस्ट्रिक्ट टीबी सेंटर मुंगेर के डिस्ट्रिक्ट टीबी/एचआईवी कोऑर्डिनेटर शैलेन्दु कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह 01 से 30 सितंबर के दौरान टीबी से बचाव में पोषण के महत्व को लेकर स्थानीय महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों के द्वारा ग्रामीण स्तर पर समुदाय को जागरूक किया जाएगा। इस कार्य में सीएसओ, सीबीओ, के अलावा एनजीओ के प्रतिनिधि और स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण समिति के प्रतिनिधि भी सहयोग करेंगे। इसके लिए ग्रामीण स्तर के साथ-साथ आंगनबाड़ी स्तर पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि टीबी की रोकथाम के लिए पोषण के महत्व को लेकर जिलास्तर पर कम्युनिटी रेडियो के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम प्रसारित किए जाएंगे। इसके अलावा स्कूल के स्तर पर जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा स्कूल के शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। टीबी के रोकथाम में पोषण की महत्ता विषय पर स्कूली बच्चों के बीच लेख प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ के द्वारा सामुदायिक सदस्यों का होगा ओरिएंटेशन :
उन्होंने बताया कि जिला के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के द्वारा टीबी की रोकथाम में पोषण के महत्व पर कॉम्युनिटी मेम्बर्स का ऑरिन्टेशन आयोजित किया जाएगा। यहां टीबी को हराने वाले टीबी चैंपियंस अपने अनुभवों को भी शेयर करेंगे। इसके अलावा यहां टीबी पर आधारित ओडियो- वीडियो मैसेज के प्रसारण के साथ ही इन्फॉर्मेशन एजुकेशन कॉम्युनिकेशन (आईईसी) वाले मैटेरियल का प्रदर्शन और वितरण भी किया जाएगा।