टीका एक्सप्रेस से गोरवा मारन तो जेल में कैदियों को भी टीका दिया गया

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बांका सदर प्रखंड में 800 लोगों को पड़े टीके, 303 की हुई जांच
जागरूकता अभियान के चलते टीका लेने के लिए काफी लोग आ रहे सामने
बांका, 24 अगस्त –

कोरोना उन्मूलन को लेकर जिले में टीकाकरण अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जगह-जगह पर लोगों का टीकाकरण कर रही है। मंगलवार को गांधी चौक पर सुबह नौ से रात नौ बजे तक तो टीका एक्सप्रेस के जरिये गोरवा मारन गांव में लोगों को कोरोना का टीका दिया गया। मंगलवार को बांका जेल के कैदियों को भी कोरोना का टीका लगाया गया। इस तरह से कुल 800 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया और किसी तरह की समस्या नहीं आने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। साथ ही सभी लोगों को आकर समय पर दूसरा डोज लेने की भी सलाह दी गई। उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 303 लोगों की कोरोना जांच भी की गई, जिसमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
टीका लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना को लेकर अभियान जारी है। लोगों की जांच से लेकर टीकाकरण तक हो रहा है। टीका लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। टीका केंद्रों पर सभी सुविधा मौजूद रहती है। टीका लेने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाती है। टीकाकरण केंद्रों पर आने वाले लाभुकों के मन में अगर किसी तरह का भ्रम रहता है तो उसे दूर किया जाता है। साथ ही लाभुकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान रहती है। सबसे ज्यादा लाभुक गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर आते हैं।
जागरूकता अभियान भी जारीः
डॉ. चौधरी कहते हैं कि यह बात सही है कि अब बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं, लेकिन हमलोग आखिरी व्यक्ति तक जल्द से जल्द कोरोना का टीका पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए टीका को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी जारी है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। टीकाकरण जितना अधिक होगा, लोगों के मन से इसके प्रति भ्रम भी दूर होगा। साथ ही एक-दूसरे को देखकर भी लोग टीकाकरण के लिए आएंगे। कोरोना को मात देने में आमलोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। यही कारण है कि जागरूकता अभियान में हमलोग आमलोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं आमलोग भी एक दूसरे को जागरूक करें तो अच्छा है।
सावधानी अभी भी जरूरीः
वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 200 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही आरटीपीआर मशीन से जांच के लिए 100 लोगों के सैंपल लिए गए। डॉ. चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता, तबतक सभी लोगों को बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना होगा। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाकर रखनी होगी। ये नियम सभी के लिए लागू है। जिन्होंने कोरोना का टीका लिए हैं उसके लिए भी और जिन्होंने नहीं लिया है उनके लिए भी।

मुंगेर जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आगामी 6 से 25 सितंबर तक चलेगा मिशन परिवार विकास अभियान

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– इस अभियान के तहत 6 से 12 सितंबर तक मनाया जाएगा दम्पति सम्पर्क सप्ताह
– सदर अस्पताल मुंगेर सहित जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में 13 से 25 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा

मुंगेर, 24 अगस्त-

जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आगामी 6 से 25 सितंबर तक मिशन परिवार विकास अभियान चलेगा । इस अभियान के तहत 06 से 12 सितंबर तक दम्पति सम्पर्क सप्ताह मनाया जाएगा । इस दौरान ग्रामीण स्तर पर एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविका – सहायिका घर- घर जाकर नवदम्पति सहित सभी दम्पतियों से मिलकर उन्हें परिवार नियोजन के महत्व और आवश्यकता से अवगत कराते हुए परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी । इससे पूर्व 01 से 04 सितंबर तक पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर प्रखण्ड मुख्यालय स्तर तक जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ -साथ अन्य सबन्धित अधिकारियों के द्वारा बैठक कर विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी और प्रखण्ड स्तर पर प्रखण्ड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होगी।

13 से 25 सितंबर तक सदर अस्पताल मुंगेर सहित जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित होगा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा :
केयर इंडिया मुंगेर की फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर तस्नीम रजि ने बताया सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा की गई घोषणा के अनुसार मिशन परिवार विकास अभियान के तहत आगामी 13 से 25 सितंबर तक राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, सदर हॉस्पिटल के साथ -साथ जिला के सभी अनुमंडल अस्पताल, रेफ़रल अस्पातल सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा । इसके साथ ही परिवार नियोजन दिवस का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सभी स्वास्थ्य संस्थानों में महिला के लिए एक एपैनेल्ड सर्जन और पुरुष नसबंदी के लिए एनएसवी सर्जन अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे।
दम्पति सम्पर्क सप्ताह के दौरान पुरुषों की काउंसलिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा
केयर इंडिया की फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर तस्नीम रजि ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा के अनुसार सर्वोच्य न्यायालय द्वारा दिये गए निर्देश के तहत महिला बंध्याकरण तथा पुरुष नसबंदी की गुणवत्तापूर्ण सेवा के लिए मेडिकल टीम का गठन कर निःशुल्क सेवा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि मिशन परिवार विकास अभियान के दौरान परिवार नियोजन में पुरुषों की भूमिका बढ़ाने के लिए विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए दम्पति सम्पर्क सप्ताह के दौरान पुरुषों की काउंसलिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा ।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की हो रही है स्वास्थ्य जाँच

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– स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस एवं केयर इंडिया की टीम द्वारा की जा रही है जाँच,
– सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा को देने को गर्भवती महिलाओं का लगातार किया जा रहा फॉलोअप

खगड़िया, 24 अगस्त| बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर एवं घर-घर जाकर गठित मेडिकल टीम द्वारा गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच की जा रही है। ताकि प्रसव के अंतिम दौर से गुजर रही महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सुविधाजनक तरीके से उनका प्रसव हो। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जहाँ गठित स्वास्थ्य टीम में शामिल एएनएम, ऑगनबाड़ी सेविका एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ केयर इंडिया की टीम द्वारा गर्भवती महिलाओं की लगातार स्वास्थ्य जाँच की जा रही है। वहीं, आवश्यक चिकित्सा परामर्श भी दिया जा रहा है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार द्वारा की गई विशेष व्यवस्था की भी जानकारी दी जा रही है। ताकि ऐसे लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सके और वह लाभ ले सकें। इसी कड़ी में मंगलवार को चौथम प्रखंड के पूर्ण रूप से बाढ़ प्रभावित बुच्चा पंचायत में केयर इंडिया के सीवीसी अंकुर कुमार एवं चंदन कुमार के नेतृत्व में गठित मेडिकल टीम द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच की गई । इस दौरान सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गर्भवती महिलाओं को आवश्यक जानकारी व सलाह दी गई। साथ ही गर्भावस्था के दौरान किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए, रहन-सहन, साफ-सफाई समेत अन्य आवश्यक जानकारी विस्तृत रूप से दी गई।
– सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने पर दिया गया बल :-
चौथम पीएचसी में कार्यरत केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक करण कुमार ने बताया, इस दौरान सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर क्या करना चाहिए, किससे संपर्क करना चाहिए समेत अन्य जानकारियाँ दी गई। साथ ही संस्थागत प्रसव को लेकर जागरूक किया गया। इस दौरान ऐसे महिलाओं की सूची तैयार की गई, जो गर्भधारण के अंतिम यानी नौवें महीने में गुजर रही है।
– नौवें महीने में गुजर रही गर्भवती महिलाओं का लगातार फॉलोअप :
आईसीडीएस के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया, इस दौरान खासकर ऐसे महिलाओं का विशेष ख्याल रखा जा रहा है, जो गर्भधारण के अंतिम यानी नौवें महीने में गुजर रही हैं । ऐसे महिलाओं का ऑंगनबाड़ी सेविका को सूची तैयार कर स्थानीय बाल विकास परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। ताकि प्रसव पीड़ा होने पर सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उन्हें तुरंत समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करायी जा सके । इसके अलावा सभी गर्भवती महिलाओं की समुचित जाँच की जा रही है। साथ ही इस दौरान डायरिया समेत अन्य जलजनित बीमारियों से भी बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है। दरअसल, बाढ़ की पानी उतरते ही महामारी फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें और बासी और बाहरी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें और यात्रा के दौरान सैनिटाइजर का उपयोग करें।

कोविशील्ड के सेकेंड डोज का इंतजार कर रहे लाभार्थियों की सुविधा के लिए अलग से बनाया जायेगा काउंटर

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– जिला में सेकेंड डोज के वैक्सीनेशन को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लिया निर्णय
– राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने दिया निर्देश

लखीसराय, 24 अगस्त| जिला में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने तथा संभावित तीसरी लहर से निबटने को ले जोर -शोर से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में टीकाकरण कार्य को आसान बनाने के लिए विभाग के द्वारा भी लगातार नये-नये निर्देश जारी किए जा रहे हैं । इसी कड़ी में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह निर्देश दिया कि जिला में सेकेंड डोज से वंचित लोगों का टीकाकरण किया जाना आवश्यक है। इसको ले टीकाकरण केंद्रों पर सेकेंड डोज के लिए अलग से काउंटर बनाया जायेगा ताकि सेकेंड डोज के लाभार्थियों को लंबी कतार में खड़ा होकर अपनी बारी इंतजार नहीं करना पड़े। सेकेंड डोज से वंचित लाभार्थियों को शत-प्रतिशत टीकाकरण किए जाने को लेकर यह निर्णय लिया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा रेफ़रल अस्पताल में सेकेंड डोज़ कोविशील्ड के टीकाकरण के लिए अलग से सत्र चलाना है । जिसमे सिर्फ कोविशील्ड के सेकेंड डोज़ के वंचित लाभार्थियों को बुलाकर उनका टीकाकरण करना है। सेकेंड डोज़ के लाभार्थियों की अधिक संख्या को देखते हुए राज्य स्तर पर यह निर्णय लिया गया है, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
तीसरी लहर से बचाव के लिए एक मात्र हथियार है कोविड का टीका :
लखीसराय के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसी आशंका है कि तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चे प्रभावित हो सकते हैं। इसकी वजह से हमें अभी से ही इस महामारी के खिलाफ सावधान होने की जरूरत है, ताकि हम तीसरी लहर से भी खुद को सुरक्षित रखने के साथ अपने बच्चों को भी इस महामारी के प्रभाव से दूर रख सकें। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को रोकने और उससे बचाव का फिलहाल एकमात्र उपाय टीकाकरण है। सरकार लोगों को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक पैमाने पर टीकाकरण अभियान चला रही है।
कोरोना टीकाकरण के बाद भी नियमों का पालन जरूरी :
उन्होंने बताया कि भविष्य में कोविड- 19 के खिलाफ प्रभावी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए दूसरी खुराक लेना महत्वपूर्ण है। यह हर किसी (टीका लगा चुके और बिना टीका लगवाये) के लिए जरूरी है कि कोविड को रोकने में मदद करने के लिए मास्क पहनें, अपने हाथ धोएं और दूसरों से शारीरिक दूरी बनाए रखें।
टीकाकरण के लिए चलाया जा रहा जागरूकता अभियान:
18 आयुवर्ष से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक के लोगों को टीकाकरण किया जा रहा है। शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। क्योंकि कोविड-19 से बचाव एवं सुरक्षा के लिहाज़ से यही एक मात्र साधन है। इसके साथ ही नियमित रूप से हर आधा घण्टे पर अपने हाथों को रगड़-रगड़ कर अनिवार्य रूप से धोते रहना है।

बौसी अस्पताल में सुरक्षित गर्भपात के बारे में ANM को दी गई जानकारी

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सुरक्षित गर्भपात कानूनी तौर पर वैध है इस बात की जानकारी का आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को नहीं है जिसके कारण आज भी वह गांव देहात के नीम हकीम के चक्कर में पड़कर अपना प्राण तक गंवा रही है इसी उद्देश्य से मंगलवार को बौसी अस्पताल में आई पास डेवलपमेंट फाउंडेशन के तत्वाधान में सभी ANM को प्रशिक्षण दिया गया। आई पास के ट्रेनर रितेश रंजन ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि 20 सप्ताह तक गर्भ समापन कराना वैद्य है, लेकिन 12 सप्ताह के अंदर एक प्रशिक्षित डॉक्टर एवं 12 सप्ताह से उपर तथा 20 सप्ताह के अंदर तक में दो प्रशिक्षित डॉक्टर की उपस्थिति में सदर अस्पताल या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पताल में प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी में होनी चाहिये पर विस्तार से चर्चा किया गया । इस मौके पर अस्पताल की बीसीएम ने बताया कि समाज को जागरूक करने की जरूरत है, हमारे अस्पताल में डॉक्टर एवं नर्स उपलब्ध हैं फिर भी महिलाएं नीम हकीम के चक्कर में पड़ कर अपनी जान गंवा रही है इस मौके पर सभी ANM एवं सेवा भारती के चंदन कुमार मौजूद थे

मैंने तो कोरोना टीका ले लिया, दूसरों को भी यहीं पर लेने के लिए भेजूंगी

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-अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है नाथनगर का बालिका उच्च विद्यालय टीकाकरण केंद्र
-बालिका उच्च विद्यालय में 15 घंटे के टीकाकरण केंद्र का संचालन केयर इंडिया कर रही

भागलपुर, 24 अगस्त-

नाथनगर के घोषी टोला स्थित बालिका उच्च विद्यालय में चल रहे 15 घंटे के कोरोना टीकाकरण केंद्र की हर तरफ तारीफ हो रही है। इस केंद्र पर टीका लेने वाले तो इतना प्रसन्न हो रहे हैं कि वह दूसरों को जाकर यहीं पर टीका लेने के लिए जागरूक करने की बात कह रहे हैं। इस केंद्र पर ना सिर्फ ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन की सुविधा है, बल्कि लाभुकों के लिए मनोरंजन तक की व्यवस्था है। ड्राइव थ्रू टीकाकरण के जरिये अधिक उम्र के लोग वाहन पर बैठे-बैठे ही टीका ले रहे हैं। तभी तो इस केंद्र की तारीफ हर तरफ हो रही है। इस केंद्र का सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने दौरा किया। दौरे के दौरान वह काफी संतुष्ट दिखे। उन्होंने कहा कि इस केंद्र की व्यवस्था काफी अच्छी है। वेटिंग रूम से लेकर टीकाकरण की बेहतर व्यवस्था है। इस वजह से यहां पर टीका लेने के लिए काफी भीड़ भी लगी हुई है।
केंद्र पर टीकाकरण की बेहतर व्यवस्था है
इस केंद्र पर कोविशील्ड का टीका लेने वाली सपना कुमारी कहती हैं कि इस केंद्र पर इतनी बेहतर व्यवस्था है कि अगर किसी के मन में कोई भ्रम भी है तो वह यहां आकर दूर हो जाएगा। यहां पर काम करने वाले कर्मियों का व्यवहार भी शानदार है। अब मैं घर जाकर पास के लोगों से यहीं पर आकर टीका लेने के लिए कहूंगी। साथ ही मैं यह भी मांग करती हूं कि यहां पर टीकाकरण का समय और बढ़ाया जाए। 15 घंटे से भी अधिक समय यहां पर लोगों को कोरोना का टीका लगे। वहीं महमदपुर के जंगीलाल कहते हैं कि इस केंद्र के व्यवस्थापक ने प्रशंसनीय कार्य किया है। यहां पर इतना बेहतर इंतजाम है कि अगर किसी का मन टीका लेने का नहीं भी हो तो यहां आकर बदल जाएगा। टीका लेने के लिए वह मजबूर हो जाएगा।
यहां आकर दूर हो जाते हैं सारे भ्रमः
लाभुक संदीप कुमार गुप्ता कहते हैं कि इस केंद्र पर आकर लोगों के सारे भ्रम दूर हो जाएंगे। अगर किसी के मन में कोरोना टीका के प्रति कोई दुविधा भी तो वह नहीं रहेगा। यहां पर टीका देने के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मी लोगों को सही तरीके से समझाते भी हैं। यह काबिलेतारीफ है। अगर इसी तरह की व्यवस्था हर केंद्र पर हो जाए तो लोगों के मन में सरकारी सिस्टम के प्रति रवैया ही बदल जाएगा। आकाश मणि कहते हैं कि हमने सुना था कि यहां पर लाभुकों के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है। आज आकर देख भी लिया। इस टीकाकरण केंद्र के बारे में जो भी बातें सुनी थीं, सभी सच निकलीं। निश्चित तौर पर मैं लोगों से यहीं पर आकर टीका लेने के लिए कहूंगा।
सफाई का नियमित रखा जाता है ध्यानः
केयर इंडिया के डीटीएल डॉ. निनकुश अग्रवाल कहते हैं कि यहां पर इस बात का ख्याल रखा जाता है कि लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। टीकाकरण सुबह छह बजे शुरू हो जाता है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मी समेत अन्य लोग एक घंटा पहले ही आ जाते हैं। साफ-सफाई का नियमित ध्यान रखा जाता है। रात के नौ बजे तक यहां पर टीकाकरण होता है। टीकाकरण खत्म होने के बाद भी अगले दिन की व्यव्सथा में कर्मी लग जाते हैं। अब आशा कार्य़कर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ-साथ केयर इंडिया के कर्मी भी क्षेत्र में जाकर इस केंद्र के बारे में लोगों को जानकारी देंगे, ताकि क्षेत्र के अधिक-से-अधिक लोग इस केंद्र का लाभ उठा सके।

खगड़िया जिले में जापानी इंसेफलाइटिस सघन टीकाकरण अभियान शुरू, 6 लाख 31 हजार 724 बच्चों को लगाया जाएगा टीका

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– जिलाधिकारी ने जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत एकनिया गाँव स्थित ऑगनबाड़ी केंद्र संख्या 24 पर अभियान का किया उदघाटन
– 01 से 15 वर्ष के सभी बच्चों को लगाया जाएगा यह टीका

खगड़िया-

जिले में जापानी इंसेफलाइटिस (जे. ई.) की बीमारी से बचाव के लिए सोमवार से सघन टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हो गया। इस अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी डाॅ आलोक रंजन घोष ने जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत एकनिया गाँव स्थित ऑगनबाड़ी केंद्र संख्या 24 पर उदघाटन कर किया। उक्त अभियान के तहत जिले में 01 से 15 वर्ष तक कुल 6 लाख 31 हजार 07 सौ 24 बच्चों को टीकाकृत करने लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिसमें अलौली में 10, 4280, बेलदौर में 83, 820, चौथम में 56, 460, गोगरी में 1, 24, 640, खगड़िया सदर में 1, 25, 456, सदर पीएचसी में, 18, 267 मानसी में 37, 950 एवं परवत्ता में 50, 520 बच्चों को टीकाकृत करने लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी बच्चों को एकबार टीका दिया जाएगा। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह, डीआईओ देवनंदन पासवान, केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद आदि मौजूद थे।

– बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए टीकाकरण जरूरी : डीएम
इस मौके पर डीएम डाॅ आलोक रंजन घोष ने जिले के सभी बच्चों के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा, बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उक्त टीकाकरण बेहद जरूरी है। इसलिए, अपने क्षेत्र के एएनएम, ऑगनबाड़ी सेविका एवं आशा दीदी से संपर्क कर निश्चित रूप से अपने बच्चों का टीकाकरण कराएं। ताकि जिले के सभी बच्चे जापानी इंसेफलाटिस बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित हो सकें। टीका पूरी तरह सुरक्षित और कारगर है।
– जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूल, ऑगनबाड़ी केंद्र, मदरसा समेत अन्य जगहों पर होगा टीकाकरण :
सिविल सर्जन डाॅ अजय कुमार सिंह ने बताया, इस अभियान के तहत जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूल, ऑगनबाड़ी केंद्र, मदरसा समेत अन्य ऐसे जगह जहाँ 15 वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं, वहाँ निर्धारित तिथि के अनुसार टीकाकरण शिविर का आयोजन कर बच्चों को टीका दिया जाएगा। ताकि टीका लेने के लिए बच्चों को दूरी का सफर नहीं करना पड़े और सुविधाजनक तरीके से अपने नजदीकी शिविर स्थल पर टीका ले सके।
– नियमित टीकाकरण के दौरान जापानी इंसेफलाटिस का भी टीका दिया जाएगा :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, सप्ताह के प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को ऑगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित होने वाले नियमित टीकाकरण के दौरान जापानी इंसेफलाइटिस का भी टीकाकरण दिया जाएगा। इसको लेकर संबंधित टीकाकर्मी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

– अभियान की सफलता को लेकर लोगों को किया जाएगा जागरूक :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले में जापानी इंसेफलाइटिस से बचाव को लेकर शुरू हुए सघन टीकाकरण अभियान की सफलता को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। इसको लेकर एएनएम, ऑगनबाड़ी सेविका एवं आशा दीदी अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को इस टीका की जानकारी देंगी और बच्चों को लगवाने के लिए प्रेरित करेंगी ।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।

बदलते मौसम में जलजनित बीमारी एवं डायरिया से रहें सावधान

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– बच्चों को डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों से बचाने के लिए प्रदूषित भोजन एवं जल से करें परहेज
– पेट मरोड़ व दर्द के साथ दस्त व उल्टी है डायरिया की पहचान

मुंगेर –

मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच जलजनित बीमारियों जैसे दस्त , उल्टी, डायरिया जैसी बीमारियों के होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के साथ अन्य जल जनित बीमारियों खासकर डायरिया के होने की संभावना काफी बढ़ गई है। | कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिये ज्यादातर लोग इन दिनों अपने- अपने घरों में ही हैं | ऐसे में जरूरी है कि आवश्यक सावधानी बरतने के साथ ही घर-घर में दवाइयों का उचित प्रबंधन कर लिया जाये ताकि डायरिया की वजह से अनावश्यक रूप से परेशान होने से बचा जा सके । मालूम हो कि डायरिया के मामले अधिकांशत: गर्मियों में खासकर बरसात के दिनों में काफी बढ़ जाते हैं । यह बीमारी किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को हो सकती है। थोड़ी भी लापरवाही बरतने पर यह समस्या विशेष तौर पर शारीरिक रूप से कमजोर लोगों जैसे बुजुर्ग व बच्चों में अधिक गंभीर हो जाती है ।
डायरिया होने का प्रमुख कारण
बैक्ट्रीरिया और वायरस से होने वाला संक्रमण है :
जिला के सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि गर्मी और बरसात के दिनों में डायरिया के साथ- साथ अन्य जलजनित बीमारियों के होने का संभावना ज्यादा होता है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों एवम बुजुर्गों को डायरिया से प्रभावित होने का खतरा ज्यादा रहता है। डायरिया मुख्य रूप से प्रदूषित खानपान, बासी भोजन, साबुन से हाथ नहीं धोना, साफ पेयजल का इस्तेमाल नहीं करने की वजह से होता हैं। डायरिया होने पर पेट में मरोड़ व दर्द के साथ दस्त व उल्टी होती है । कभी कभी मल में खून या म्यूकस भी आने की शिकायत होती है। डायरिया पीड़ित को इस दौरान तेज बुखार, सिरदर्द और हाथ व पेरों में दर्द होता है| दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है इसलिए मरीज को तरल पदार्थ जरूर दिया जाना चाहिए ।
शरीर में पानी की कमी के लक्षणों की ऐसे करें पहचान :
• गला सूखना व मुंह में सूखापन ।
• कमजोरी और सुस्ती का एहसास ।
• गाढ़े रंग का पेशाब होना ।
• बहुत कम पेशाब होना ।
• प्यास लगना ।

जब शरीर में पानी की कमी हो निम्न तरीका अपनायें :
• पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें ।
• नारियल पानी पीना लाभप्रद है ।
• ओआरएस का इस्तेमाल करें।
• चिकित्सक की सलाह से आवश्यक दवाई लें ।
• पानी को उबाल कर ठंडा कर लें और पीयें ।
• अधपके खाद्य पदार्थों, कटे और खुले फलों से परहेज।
• फलों व सब्जियों को अच्छी तरह धो कर इस्तेमाल।

डायरिया से नवजात व छोटे बच्चों को बचाने के लिए इस तरह रखें ध्यान :
नवजात व दूध पीते छोटे बच्चों में डायरिया की समस्या की रोकथाम के लिए उनका नियमित स्तनपान कराया जाना जरूरी है । इसके अलावा इन उपायों का पालन कर बच्चों को रख सकते हैं सुरक्षित :
• ओआरएस का घोल बना कर छोटे छोटे घूंट में पिलायें ।
• वॉशरूम के इस्तेमाल के बाद मां साबुन से हाथ धोएं ।
• बच्चे के नियमित स्तनपान व संतुलित आहार का ध्यान रखें ।
• होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जायें ।

सदर अस्पताल मुंगेर 16 बेड वाले पुरुष मेडिकल वार्ड को बनाया गया है आइसोलेशन वार्ड :
सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र आलोक ने बताया कि जिला के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बाढ़ का पानी निकलने के बाद जलजनित बीमारियों खासकर डायरिया के मरीजों की संख्या में होने वाले संभावित इजाफा को देखते हुए सदर अस्पताल मुंगेर स्थित 16 बेड के पुरुष मेडिकल वार्ड को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है जहां उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों के लिए बेड की समस्या न हो इसके लिए वार्ड के बरामदे में भी अलग से 10 बेड का व्यवस्था किया गया है। इसके साथ ही जिला के सभी सीएचसी, पीएचसी, एपीएचसी के साथ -साथ सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जलजनित बीमारियों से संबंधित दवाइयां उपलब्ध करा दी गई है। इसके साथ ही जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सीएचसी /पीएचसी को ब्लीचिंग पावडर व चूना उपलब्ध कराते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को छिड़काव शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीण स्तर पर आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के माध्यम से डायरिया से बच्चों सहित अन्य लोगों को बचाने के लिए ओआरएस का घोल और जिंक की टैबलेट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी लोग इनसे सम्पर्क कर खुद के साथ-साथ अपने बच्चों और पूरे परिवार को डायरिया से सुरक्षित कर सकते हैं।

बच्चे के क्रियाकलाप बताते हैं उनका विकास

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– जन्म के बाद से लगातार बदलते रहते हैं भाव, होता है मानसिक व शारीरिक विकास
– बच्चे के हाव-भाव से पता चलता है कि वह किस गति से आगे बढ़ रहा है
– दो, चार, छह, नौ और 12वें माह में दिखता है अलग-अलग बदलाव

स्त्री एवं प्रसव रोग विशेषज्ञ डाॅ रूपा कुमारी ने दी विस्तृत रूप से जानकारी

लखीसराय-

नवजात के जन्म से उसके एक वर्ष के होने तक उचित पोषण के अलावा उसकी शारीरिक क्रियाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। उसके शारीरिक व्यवहार से उसके विकास का अंदाजा लगया जा सकता है। भूख लगने पर रोने, खुश रहने पर खेलने-हंसने से उसके उसके स्वस्थ रहने का अंदाजा लगाया जा सकता है। उसकी अन्य शारीरिक क्रियाओं से भी उसके विकास की गति की परख की जा सकती है। लखीसराय सदर अस्पताल में तैनात स्त्री एवं प्रसव रोग विशेषज्ञ डाॅ रूपा कुमारी बताती हैं कि यह काल (जन्म से एक वर्ष) उसके पूर्ण मानसिक और शारीरिक विकास की रूपरेखा तय करती है। इस दौरान शिशु के क्रियाकलापों से उसकी विकास की गति की परख की जा सकती है।

जन्म के बाद दो माह के होने पर शिशु का विकास:
स्त्री एवं प्रसव रोग विशेषज्ञ डाॅ रूपा कुमारी बताती हैं कि शुरुआत के दिनों में नवजात शिशु के सिर का विशेष ख्याल रखना होता है। इस वक्त शिशु को सिर्फ एक ही तरह से सुलाना चाहिए ताकि उनके सिर पर खास दबाव न पड़े। आमतौर पर शिशु के सिर का मूवमेंट चार से पांच महीने के बाद अच्छे से घूमने लगता है। वहीं जन्म के दूसरे माह की सबसे बड़ा घटना शिशु की मुस्कान होती है। वह लोगों की बातों की ओर ध्यान भी देने लगता है। पहले माह में लगभग 20 घंटे और उसके बाद एक बार में थोड़े लंबे समय के लिए शिशु सोएगा।

चार माह के होने पर शिशु में आता बदलाव:
चार माह के होने पर शिशु की दृष्टि लगातार बढ़ती रहती है। स्त्री एवं प्रसव रोग विशेषज्ञ डाॅ रूपा कुमारी बताती हैं कि इस महीने वह एक जैसे दिखने वाले रंगों में अंतर करना और आकर्षित होना शुरू कर सकता है। हाथ पैर मारने के अलावा खिलौनों से खेलना और दोनों हाथों से पकड़ बनाना शुरू करेगा। वहीं जब वह इन्हें पकड़ लेगा तो मुंह में डालने का प्रयास करेगा। रोने के अलावा व गुस्से का भी प्रदर्शन करना इस उम्र में शुरू कर देगा।

छह माह होने पर शिशु की बदली प्रवृति:
वह अब अपनी आखों और व्यवहार से गुस्से और प्रतिक्रिया को व्यक्त करेगा। इस उम्र में वह रोने के साथ-साथ संचार के अन्य तरीके भी सीखेगा। अब वह कुलबुलाकर, बड़बड़ाकर और अलग-अलग मुखाकृतियों व भावों के जरिये अपनी बातें बताते के लिए मेहनत करेगा। शिशु इस महीने में अपने दोनों दिशाओं में पलटना सीख जाता है।

नौवां माह और शिशु का विकास:
नौ महीने के बच्चा कुछेक कदम चलने लगेगा। हालांकि इस दौरान उसे सहारे की जरूरत होगी। वहीं अब शिशु घुटनों को मोड़ना और खड़े होने के बाद बैठना भी सीखने लगेगा। शिशु अब अपनी जरूरतों जैसे खिलौने और इच्छाओं जैसे खाने को भी जाहिर करने लगेगा। इशारे जैसे टाटा, बाय बाय वह करना सीख जाएगा।

एक साल का होते ही शिशु में आता बदलाव:
डाॅ रूपा कुमारी कहती हैं कि 12वें माह यानी एक साल का होते ही शिशु के खेलने के तरीके में बदलाव आ जाता है। अब शिशु चीजों को उठाने और छोटी वस्तुओं को हाथ में लेकर घुमाना फिराना शुरू कर देगा। अब वह अपने पसंदीदा खेल पहले से ज्यादा शोर करने खेलेगा। चीजों को धकेलने, फेंकने और नीचे गिरा देना उसके लिए मजेदार होगा है। दूसरों को अपने खेल में शामिल करेगा। अकेले रहने पर रोने लगेगा। अब ज्यादा कदमों के साथ चलना शुरू कर देगा। यह सब क्रिया स्वस्थ रहते हुए बच्चा कर रहा है तो समझें की वह सामान्य और सही रूप से बड़ा हो रहा है। हालांकि इसके साथ कई जांच और चिकित्सीय जांच सलाह शामिल हैं जो आप लेकर उसके विकास की गति को परख सकते हैं।

530 लोगों को पड़े टीके, 302 लोगों की हुई जांच

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कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
टीका लेने वालों की संख्या में लगातार हो रही है बढ़ोतरी

बांका-

कोरोना उन्मूलन को लेकर जिले में टीकाकरण अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जगह-जगह पर लोगों का टीकाकरण कर रही है। इसी सिलसिले में सोमवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 530 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया और किसी तरह की समस्या नहीं आने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। साथ ही सभी लोगों को आकर समय पर दूसरा डोज लेने की भी सलाह दी गई। उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 302 लोगों की कोरोना जांच भी की गई, जिसमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला।
सबसे ज्यादा लाभुक गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर आते
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना को लेकर हमलोगों का अभियान जारी है। लोगों की जांच से लेकर टीकाकरण तक हो रहा है। टीका लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। टीका केंद्रों पर सभी सुविधा मौजूद रहती है। टीका लेने वाले लाभुकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाती है। टीकाकरण केंद्रों पर आने वाले लाभुकों के मन में अगर किसी तरह का भ्रम रहता है तो उसे दूर किया जाता है। साथ ही लाभुकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान रहती है। सबसे ज्यादा लाभुक गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर आते हैं।

जागरूकता अभियान भी जारीः
डॉ. चौधरी कहते हैं कि यह बात सही है कि अब बड़ी संख्या में लोग टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं, लेकिन हमलोग आखिरी व्यक्ति तक जल्द से जल्द कोरोना का टीका पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए टीका को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी जारी है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। टीकाकरण जितना अधिक होगा, लोगों के मन से इसके प्रति भ्रम भी दूर होगा। साथ ही एक-दूसरे को देखकर भी लोग टीकाकरण के लिए आएंगे। कोरोना को मात देने में आमलोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। यही कारण है कि जागरूकता अभियान में हमलोग आमलोगों से सहयोग की अपील कर रहे हैं। आमलोग भी एक दूसरे को जागरूक करें तो अच्छा है।
सावधानी अभी भी जरूरीः
वहीं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 202 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही आरटीपीआर मशीन से जांच के लिए 100 लोगों के सैंपल लिए गए। डॉ. चौधरी ने बताया कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। जब तक कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता, तबतक सभी लोगों को बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना होगा। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो गज की दूरी बनाकर रखनी होगी। ये नियम सभी के लिए लागू है। जिन्होंने कोरोना का टीका लिए हैं उसके लिए भी और जिन्होंने नहीं लिया है उनके लिए भी।