कोविड प्रोटोकॉल के साथ ऑगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के बीच पोषणयुक्त लड्डू और दूध का वितरण

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– आईसीडीएस के डीपीओ एवं डीसी की मानिटरिंग में वितरण,दी जा रही उचित पोषण की जानकारी
– जिले के सभी प्रखंडों के बच्चों को मिल रहा है पोषण युक्त लड्डू और दूध

खगड़िया, 26 अगस्त-

ऑगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों में उचित पोषण की कमी नहीं हो, इसको लेकर जिले में बच्चों के बीच नियमित तौर पर लगातार आईसीडीएस के कर्मियों द्वारा पोषण युक्त लड्डू और सुधा दूध का वितरण किया जा रहा है। ताकि बच्चों को उचित पोषण मिल सके और पूरी तरह कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण हो। इसको लेकर जिले के सभी प्रखंडों की सेविका खुद से पोषण युक्त लड्डू तैयार कर रही और लड्डू के साथ विभाग द्वारा उपलब्ध कराया सुधा दूध भी अपने-अपने ऑगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के बीच वितरित कर रही है। साथ ही इस दौरान बच्चों के परिजनों को बच्चों के सर्वांगीण शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ स्वस्थ शरीर निर्माण को लेकर उचित पोषण समेत अन्य आवश्यक जानकारी दे रही हैं। ताकि बच्चों के अभिभावकों को भी उचित पोषण की जानकारी मिल सके । वहीं, जिले में चल रहे लड्डू और सुधा दूध वितरण की मानिटरिंग खुद आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुनीता कुमारी एवं जिला समन्वयक अंबुज कुमार कर रहे हैं।
– कोविड प्रोटोकॉल के साथ लड्डू और दूध का वितरण :
आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पदाधिकारी सुनीता कुमारी ने बताया, जिले के सभी प्रखंडों में सेविकाओं द्वारा कोविड प्रोटोकॉल के साथ नियमित तौर पर लगातार सुधा दूध और पोषण युक्त लड्डू का वितरण किया जा रहा है। इस दौरान जहाँ उचित पोषण को आवश्यक जानकारियाँ दी जा रही हैं । वहीं, कोविड से बचाव को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है। क्योंकि, उचित पोषण के सेवन के साथ इस महामारी से बचाव भी जरूरी है। वहीं, उन्होंने बताया, इसको लेकर जिले के सभी सेविकाओं को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ताकि हर हाल में कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को बढ़ावा और बच्चों को उचित पोषण मिल सके।
– बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का रखा जा रहा है विशेष ख्याल :
आईसीडीएस के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया, वर्तमान कोविड और बाढ़ के कारण जिले में आँगन बाड़ी केंद्र का संचालन सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाया। किन्तु, केंद्र पर पढ़ने वाले बच्चे सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहें और बच्चों को सुनिश्चित रूप से योजनाओं का लाभ मिल सके, इसको लेकर केंद्र का संचालन नहीं होने के बाबजूद भी नियमित तौर पर बच्चों के बीच पोषण युक्त लड्डू और सुधा दूध का वितरण किया जा रहा है। ताकि बच्चों को उचित पोषण मिलने की समस्या नहीं हो। दरअसल, कुपोषण मुक्त समाज निर्माण को लेकर सरकार काफी सजग और संकल्पित है। वहीं, बताया कि इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। साथ ही पोषण युक्त लड्डू और सुधा दूध वितरण को हर हाल में सुनिश्चित कराने को लेकर वितरण का सीधा आईसीडीएस के जिला मुख्यालय द्वारा मानिटरिंग की जा रही है और जिले के सभी प्रखंडों पर नजर रखी जा रही है। ताकि एक भी प्रखंड में वितरण का कार्य धीमा नहीं हो और ना ही किसी प्रकार की कोई असुविधा हो। इसको लेकर जिले के सभी सेविकाओं को साफ निर्देश दिया गया है कि वितरण कार्य में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।

बांका में 900 लोगों को पड़े टीके, 300 लोगों की जांच

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-कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी
टीकाकरण को लेकर क्षेत्र में जागरूकता अभियान जारी

बांका, 26 अगस्त| कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। गुरुवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत 900 लोगों को कोरोना के टीके दिए गए तो 300 लोगों की जांच की गई। टीका देने के बाद सभी लाभुकों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी को घर जाने दिया गया। साथ ही सभी लोगों को समय पर आकर टीका का दूसरा डोज लेने के लिए कहा गया। इसके अलावा सभी को सतर्कता के साथ रहने के लिए कहा गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि गुरुवार को भी गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर काफी संख्या में लाभुक कोरोना का टीका लेने के लिए पहुंचे। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत गुरुवार को 900 लोगों को टीके दिए गए। अच्छी बात यह रही कि 45 साल से अधिक उम्र के लोग भी अच्छी खासी संख्या में टीका लेने के लिए केंद्र पर पहुंचे। टीका को लेकर जागरूकता अभियान भी जारी है।

जांच में कोई भी संक्रमित नहीं मिला:
डॉ. चौधरी ने कहा कि गुरुवार को भी 200 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। इनमें से कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। वहीं आरटीपीसीआर मशीन से जांच के लिए 100 लोगों के सैंपल लिए गए। जांच के बाद सभी लोगों को मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। बार-बार हाथ की धुलाई करने की सलाह भी दी गई। सभी को कहा गया कि बाहर से आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करें।

टीका लेने के बाद भी गाइडलाइन का पालन जरूरी:
डॉ. चौधरी ने कहा कि जिनलोगों ने कोरोना का टीका ले लिया है उन्हें भी कोरोना के खत्म होने तक गाइडलाइन का पालन करना है। जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता है, तब तक पूरी सतर्कता के साथ रहना जरूरी है। कोरोना को खत्म होने के लिए सभी लोगों को टीका लेना जरूरी है। जिनलोगों ने टीका नहीं लिया है, उन्हें तो सतर्क रहना ही होगा। जिन्होंने टीका ले लिया है, वह भी गाइडलाइन का पालन करें। घर से बेवजह निकलने से परहेज करें।

कोरोना से मुक्त होने की राह पर भागलपुर

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-जिले में अभी कोरोना के सिर्फ एक सक्रिय मरीज
-संक्रमण दर शून्य तो रिकवरी रेट लगभग शत प्रतिशत

भागलपुर, 26 अगस्त-

स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें रंग लाने लगी हैं। भागलपुर जिला अब जल्द ही कोरोना मरीजों से मुक्त होने की राह पर है। अभी जिले में सिर्फ एक ही कोरोना संक्रमित है। अगर तीन दिनों तक कोई कोरोना मरीज नहीं मिलता है तो जिला कोरोना से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। पिछले 13 दिनों में सिर्फ तीन ही कोरोना मरीज मिले हैं। इनमें से 10 दिन ऐसे रहे हैं, जिस दिन कोई भी कोरोना संक्रमित जिले में नहीं मिला है। संक्रमण दर शून्य पर पहुंच गया है, जबकि रिकवरी रेट लगभग शत प्रतिशत हो गया है।
जिले में कोरोना के मामले तेजी से कम हुए
सिविल सर्जन ड़ॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में कोरोना के मामले तेजी से कम हुए। अभी जिले में कोरोना का एक सक्रिय मरीज है। जल्द ही संख्या शून्य पर आ जाएगी। स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशासनिक सहयोग की वजह से ऐसा हुआ। कोरोना पर काबू पाना आसान नहीं था, लेकिन सभी की मेहनत ने रंग लाया। मेहनत का परिणाम अब दिखने लगा है। संभावित तीसरी लहर की भी तैयारी चल रही है। सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का ट्रायल सफल रहा, जबकि नवगछिया और कहलगांव में उपकरण को इंस्टॉल कर दिया गया है। अगर तीसरी लहर आती है तो उससे निपटने में जिला स्वास्थ्य समिति पूरी तरह से तैयार है।
छह हजार से अधिक लोगों की प्रतिदिन जांच हो रही हैः
कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी पर काबू पाने में जांच की अहम भूमिका रही। अभी प्रतिदिन छह हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो रही है। सिविल सर्जन कहते हैं कि अभी कोरोना जांच जारी रहेगी। किसी-किसी दिन तो सात हजार लोगों की कोरोना जांच की गई। एंटीजन, आरटीपीसीआर औऱ ट्रूनॉट मशीन, तीनों तरीके से लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। अभी बाढ़ का समय है। बहुत सारे लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। वहां पर भीड़ दिखती है। भीड़ में कोई कोरोना संक्रमित नहीं हो, इसका पता लगाने के लिए राहत शिविरों में लगातार जांच की जा रही है। वहां पर लोगों को कोरोना के टीके भी लगाए जा रहे हैं।
अभी सतर्कता का पालन जरूरीः
कोरोना के मामले लगभग खत्म हो गए हैं, इसका यह मतलब नहीं है कि लोग सावधानी बरतना छोड़ दें । अभी सतर्क रहना होगा। लोग अगर सतर्क रहेंगे तो संभावित तीसरी लहर से बचा जा सकता है। सिविल सर्जन कहते हैं कि निश्चित तौर पर लोगों को घर से बाहर जाते वक्त पर मास्क लगाना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का पालन करना चाहिए। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथों की धुलाई अवश्य करनी चाहिए। साथ ही जिन लोगों ने कोरोना का टीका नहीं लिया है, उन्हें जाकर टीका ले लेना चाहिए। इसके अलावा जिन्होंने टीका का सिर्फ एक डोज लिया है, उन्हें समय पर जाकर दूसरा डोज भी ले लेना चाहिए। ऐसा करने से लोग कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे।

युवाओं के रोल मॉडल डब्ल्यू पंडित बने सेकेंड डोज़ चैंपियन

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– कोरोना से बचाव के लिए टीका लगाने के लिए करते आ रहे हैं जागरूक
– सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए बने मीडिया कर्मी

जमुई, 25 अगस्त | “कोविड -19 की दूसरी डोज लेकर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह सरकार के दिशा निर्देशों का पालन कर रहा हूँ | साथ हीं 18 वर्ष से ऊपर के साथियों से आग्रह है वो अपनी बारी आने पर टीका जरूर लगवाएं तथा औरों को भी प्रेरित करें| “यह कहना है जिले के गिद्धौर प्रखंड के बन्झुलिया गाँव के निवासी व युवाओं के रोल मॉडल बन चुके डब्ल्यू पंडित का |
वार्ड सदस्य के तौर पर जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक बदलाव के लिए तत्पर हैं
जहाँ चाह वहां राह …को चरितार्थ करते हुए डब्ल्यू पंडित ने अभाव और शारीरिक दिव्यंगता को अपने जीवन की सफलताओं में कभी रोड़ा नहीं बनने दिया और सरकार द्वारा प्रदत्त ट्राय-साइकिल से ही अपनी दुनियां को नापते रहते हैं | अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के लिए आसपास के स्कूली बच्चों को निःशुल्क ट्यूशन पढ़ाते और उनके अभिभावक/स्थानीय संस्थाएं पढ़ाई के खर्च को वहन किया करती रही | वह दो बच्चों के अभिभावक हैं | वहीं पंचायती राज व्यवस्था में वार्ड सदस्य के तौर पर जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक बदलाव के लिए तत्पर हैं | सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू कराने के लिए मीडिया कर्मी की भूमिका से बेजुबानों की आवाज बन कर समाज सेवा के नित्य नए आयाम गढ़ रहे हैं | इसी क्रम में बाल विवाह, बाल मजदूरी और बाल तस्करी को रोकने के लिए बाल संरक्षण समितियों का गठन कर लगातार प्रयासरत हैं |
प्रवासी साथियों के गाँव/पंचायत में आने पर कोविड-19 की जाँच के लिए प्रेरित करते रहे
डब्ल्यू पंडित कोविड-19 व लॉकडाउन के शुरुआती दौर से ही जन जागरूकता के माध्यम से इसके अनुरूप आदतों को अपनाने की लोगों से हमेशा अपील करते रहे हैं | जब भी प्रवासी साथियों का इनके गाँव/पंचायत में आने की जानकारी हुई ये उन्हें कोविड-19 की जाँच के लिए प्रेरित करते रहे |

आगे आग्रह करते हुए कहा कोविड-19 की दूसरी डोज लेने के बाद भी निम्नलिखित बातों का अवश्य ध्यान रखें|
– कोविड-19 टीका के बाद भी मास्क को लगातार लगाते रहें |
– हाथों को साबुन से नियमित अंतराल पर धोते रहें|
– भीड़-भाड़ वाली जगहों से परहेज करें |
– किसी भी तरह की अफवाह से बचें |
– कोविड-19 के टीके को अपनी बारी आने पर लगवायें और दूसरों को भी जागरूक करते रहें |
– इससे जुडी अद्यतन जानकारियों को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहें |

मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना: लखीसराय के दो बच्चों का अहमदाबाद में हुआ ह्रदय में छेद का निःशुल्क ऑपरेशन

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– मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना पार्ट 2 के तहत शामिल है बाल ह्रदय योजना
– योजना के तहत जन्मजात ह्रदय में छेद वाले छोटे बच्चों का राज्य के बाहर निःशुल्क कराया जाता है ऑपरेशन

लखीसराय –
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना पार्ट 2 में बच्चों में जन्मजात ह्रदय में छेद होने पर बच्चे के निःशुल्क इलाज के लिए बाल ह्रदय योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत ही लखीसराय के दो बच्चों का राज्य सरकार की मदद से अहमदाबाद के सत्य साईं ह्रदय रोग अस्पताल में ह्रदय में छेद का निः शुल्क ऑपरेशन किया गया। ह्रदय का सफल ऑपरेशन होने के बाद दोनों बच्चे अपने अभिभावक के साथ अपने घर लौट आए हैं।

अहमदाबाद में ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चे अभी हैं बिल्कुल स्वस्थ्य –
लखीसराय में आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ. शिव शंकर कुमार ने बताया कि जिला के लखीसराय और सूर्यगढ़ा प्रखण्ड से दो बच्चों को ह्रदय में छेद के निःशुल्क ऑपरेशन के लिए 102 एम्बुलेंस से उसके घर से पटना हवाई अड्डा और फिर वहां से हवाई जहाज से अहमदाबाद स्थित सत्य साई हॉस्पिटल भेजा गया। इसके बाद दोनों बच्चों के ह्रदय में छेद का सफल ऑपरेशन के बाद हवाई जहाज से वापस पटना हवाई अड्डा पर उतरने के बाद पुनः 102 एम्बुलेंस से दोनों बच्चों को उसके अभिभावक के साथ उसके घर पहुंचाया गया । ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चे अभी बिल्कुल स्वस्थ्य हैं ।

ऑपरेशन के बाद सूर्यगढ़ा का अंश कुमार और लखीसराय का सत्यम कुमार सकुशल अपने घर लौट आया
उन्होंने बताया कि लखीसराय जिला के सूर्यगढ़ा प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर गांव के नीरज महतो का डेढ़ वर्षीय बेटा अंश कुमार और लखीसराय के पंजाबी मुहल्ला वार्ड संख्या 17 के छोटू राज का बेटा सत्यम कुमार ह्रदय में छेद होने की वजह से सांस लेने की परेशानी से ग्रसित था। इन दोनों बच्चों को जन्मजात ह्रदय में छेद के निःशुल्क ऑपरेशन के लिए राज्य सरकार के सहयोग से अहमदाबाद स्थित सत्य साई हृदय रोग संस्थान भेजा गया।

जिला के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत 0 से 6 वर्ष के बच्चों के साथ माता- पिता (दो अभिभावक) एवं बच्चे का सारा खर्च राज्य सरकार निर्वहन करती है| वहीं 6 से 18 वर्ष तक के बच्चे के साथ एक अभिभावक का सारा खर्च का निर्वहन राज्य सरकार करती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से लखीसराय के इन दिनों बच्चों के साथ ही कई अन्य बच्चों को नई जिंदगी मिली है।
बच्चे की जिंदगी बचाने का श्रेय राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बाल ह्रदय योजना को –
अंश कुमार के पिता नीरज महतो ने बताया, पटना के इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान में हुई स्क्रीनिंग के बाद जब मुझे मालूम हुआ कि मेरे बेटे अंश के ह्रदय में छेद है तो मैं बिल्कुल ही सन्न रह गया कि ये क्या हो गया। पता नहीं मैं अपने बेटे को बचा पाऊंगा या नहीं। ऐसे समय में लखीसराय जिला में आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ. शिव शंकर कुमार ने मुझे हौसला दिया कि आपके बेटे के ह्रदय का राज्य सरकार कि पहल पर राज्य से बाहर निःशुल्क ऑपरेशन किया जा सकता है। उनके सहयोग और सलाह की बदौलत ही आज मेरे बेटे के ह्रदय का निः शुल्क ऑपरेशन सम्भव हो पाया है। मेरा बेटा आज पूरी तरह से स्वस्थ्य है जिसका पूरा श्रेय राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बाल ह्रदय योजना को जाता है। इस योजना के तहत ही मेरे बेटे सहित राज्य भर के कई बच्चों के ह्रदय का निःशुल्क ऑपरेशन सम्भव हो पाया है।

कोविड वैक्सीन की सेकेंड डोज की संख्या बढ़ाने लेकर वैक्सीनेशन अभियान तेज

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– जिले के विभिन्न प्रखंडों के विभिन्न सेशन साइटों पर चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान
– स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर शिविर की जानकारी देकर वैक्सीनेशन के लिए किया जा रहा प्रेरित

खगड़िया-
जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो और संपूर्ण जिले वासी कोविड-19 टीका से टीकाकृत हों , इसको लेकर स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी तरह तत्पर हैं। ताकि जल्द से जल्द संपूर्ण जिले वासी पूर्ण रूप से टीकाकृत हो सकें । इसके साथ-साथ वैक्सीनेशन के सेकेंड डोज को भी गति देने के लिए जिले में वैक्सीनेशन अभियान को तेज कर दिया गया है। ताकि हर हाल गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित समय पर सभी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा सके और लोगों को इस दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों के विभिन्न सेशन साइटों पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
– सभी सेशन साइटों पर लोगों के सुविधाओं का रखा जा रहा है ख्याल :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, जिले के विभिन्न सेशन साइटों पर लगातार वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इस दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखा जा रहा है कि वैक्सीन लेने के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो। ताकि लोगों को वैक्सीनेशन शिविर में आने में किसी प्रकार की हिचक नहीं हो और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, सभी सेशन साइटों पर पहला एवं दूसरे दोनों डोज की वैक्सीन दी जा रही है। ताकि दूसरे डोज के वैक्सीनेशन अभियान को भी गति मिल सके और जल्द से जल्द संपूर्ण जिला पूरी तरह टीकाकृत हो सके।
– स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर शिविर की लोगों को दी जा रही है जानकारी :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, सेकेंड डोज के वैक्सीनेशन अभियान को गति मिल सके और जल्द से सभी लोग वैक्सीन की पूरी यानी दोनों डोज से वैक्सीनेटेड हो सकें इसको लेकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को आयोजित होने वाले वैक्सीनेशन शिविर स्थल की जानकारी देकर वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ताकि इच्छुक और योग्य व्यक्ति अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर सुविधाजनक तरीके से वैक्सीन ले सकें और वैक्सीनेशन अभियान को गति मिल सके। इसको लेकर संबंधित क्षेत्र की एएनएम, ऑगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी समेत अन्य कर्मी अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन शिविर की जानकारी दे रहे हैं।

इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

चिकित्सा संस्थानों में हर महीने के 21 तारीख को मनाया जाएगा परिवार नियोजन दिवस

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-राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र जारी कर दिया निर्देश
– लोगों को परिवार नियोजन संबंधी सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए नियोजन संबंधी सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित कराने का होगा प्रयास
– प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन प्रत्येक महीने के 9 तारीख को परिवार नियोजन संबंधी परामर्श व पंजीकरण का होगा इंतजाम

मुंगेर-
कोरोना महामारी के इस दौर में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका विपरित प्रभाव पड़ा है। इसकी वजह से मातृ-शिशु मृत्यु दर के प्रभावित होने की चुनौतियों को देखते राज्य स्वास्थ्य समिति आम जनों को बेहतर मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके लिए परिवार नियोजन की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए नियोजन संबंधी विभिन्न उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करने व योग्य दंपतियों को तत्काल परिवार नियोजन की सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के सभी चिकित्सा संस्थानों में प्रत्येक महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस के आयोजन का निर्देश दिया है। इसके साथ ही प्रत्येक महीने के 09 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन एएनसी जांच के लिये आने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद अगले बच्चे के जन्म में कम से तीन साल का अंतराल व अनचाहे गर्भ से बचने के लिये गर्भनिरोध से जुड़े विभिन्न संसाधनों के बारे में जरूरी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर जरूरी दिशा- निर्देश दिए हैं।
प्रत्येक महीने के 21 तारीख को मनाया जायेगा परिवार नियोजन दिवस :
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए सिविल सर्जन डॉ हरेन्द्र आलोक ने बताया कि परिवार नियोजन संबंधी उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इस विशेष दिन जिला से लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में स्थित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में परिवार नियोजन सेवा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। सिविल सर्जन ने हाल ही में जारी किए गए रिसर्च रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि परिवार नियोजन सेवाओं को सुलभ बनाकर अनचाहे गर्भ के मामले में 70 फीसदी, मातृत्व मृत्यु दर में 67 फीसदी नवजात मृत्यु दर में 77 फीसदी व प्रसव संबंधी जटिलता के मामलों में दो तिहाई तक कमी लाई जा सकती है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों तक परिवार नियोजन संबंधी सेवाओं की आसान पहुंच से ही असुरक्षित गर्भपात के मामलों में कमी आयेगी । इसके साथ ही मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में गिरावट, एचआईवी संक्रमण से बचाव, महिला सशक्तिकरण के साथ- साथ सामाजिक व आर्थिक विकास को भी तेज करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि विशेष दिवस के अलावा प्रत्येक दिन नियोजन संबंधी सेवाओं का संचालन पूर्व की तरह ही संचालित होगा। 21 तारीख के दिन नियोजन संबंधी विभिन्न विकल्पों में से ही यदि इच्छुक दंपति किसी एक का चयन करते हैं तो तत्काल उन्हें ये सुविधा उपलब्ध कराने का सारा इंतजाम होगा । सरकारी अवकाश होने की स्थिति में नियोजन दिवस का आयोजन इसके अगले दिन किया जायेगा।
परिवार नियोजन दिवस के सफल आयोजन के लिये हर स्तर पर अनुश्रवण व मूल्याकंन का होगा इंतजाम :
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम नसीम रजि ने इस संबंध में और भी जानकारी देते हुए बताया कि जिला के सभी चिकित्सा संस्थानों पर आयोजित होने वाले परिवार नियोजन दिवस का क्षेत्र में व्यापक प्रचार प्रसार कराया जायेगा| इसके साथ ही सभी स्थानों पर आम लोगों के उचित परामर्श का भी इंतजाम होगा। आयोजन की सफलता को लेकर हर स्तर पर अनुश्रवण व मूल्याकंन का इंतजाम सुनिश्चित कराया जायेगा। जिला, अनुमंडल व रेफरल अस्पताल का क्षेत्रीय अपर निदेशक के माध्यम से अनुश्रवण किया जाना है तो सिविल सर्जन, एसीएमओ पीएचसी व एचडब्ल्यूसी का सपोर्टिव सुपरविजन किया जाना है। नियोजन दिवस से संबंधित गतिविधियों को संकलित कर 22 तारीख को निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन व उनके माध्यम से 23 तारीख को राज्य स्तर पर भेजा जाना है। इसके साथ ही बेहतर सेवा प्रदाता कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिये उन्हें पुरस्कृत भी किया जायेगा। इसी तरह प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक महीने के 09 तारीख को जिला के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के काउंसिलिंग का इंतजाम सुनिश्चित कराया जायेगा। यहां एएनसी जांच के लिये आने वाली गर्भवती महिला व उनके परिजनों को परिवार नियोजन संबंधी उपायों के प्रति जागरूक करते हुए उनका पंजीकरण किया जायेगा। इस दौरान इच्छुक लोगों को आवश्यक सेवाएं भी प्रदान की जायेगी।

टीका लेने से डर खत्म हो गया, अब परिवार के सदस्यों को भी दिलवाउंगा

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-जिले में कोरोना टीकाकरण को लेकर जागरूकता अभियान ला रहा रंग
-कोरोना उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जोर-शर से चल रहा
बांका, 25 अगस्त-
कोरोना टीकाकरण अभियान जोर-शोर से चल रहा है। जिले के सभी लोगों को जल्द से जल्द टीका पड़ जाए, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी ताकत के साथ लगा हुआ है। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग मिल रहा है। लोगों को टीका लेने के लिए जागरूकता अभियान भी जोर-शोर से चल रहा है। सबसे रोचक बात यह है कि अब वैसे लोग भी टीका लेने के लिए सामने आ रहे हैं जिन्हें डर लग रहा था। टीका ले लेने के बाद उनका डर खत्म हो गया है और अब वह परिवार के अन्य सदस्यों को भी टीका दिलवाने की बात कह रहे हैं।
टीका लेने के बाद डर खत्म हो गया
बुधवार को गांधी चौक पर टीका लेने वाले तेतरिया पंचायत के बबलू मरांडी कहते हैं कि पहले डर लग रहा था। कोरोना टीका के बारे में लोग तमाम तरह की बातें करते थे, इसलिए पहले मैंने टीका लिया। टीका लेने के बाद मुझे कुछ नहीं हुआ। अब मैं घर के अन्य सदस्यों को भी जल्द ही टीका दिलवाऊंगा। साथ ही समय पर आकर दूसरा डोज भी ले लूंगा। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण बहुत ही जरूरी है। इसी तरह मकडूमा पंचायत के मनोज हांसदा कहते हैं कि टीका लेने के बाद डर खत्म हो गया। कुछ भी नहीं हुआ। लोगों ने वैसे से ही अफवाह फैला दी थी। समय पर आकर मैं दूसरा डोज तो ले ही लूंगा। घर के अन्य सदस्यों का भी जल्द ही टीकाकरण करवाउंगा। कोरोना से बचने के लिए टीका लेना कितना जरूरी है, इसे मैं अब समझ गया हूं।
850 लोगों को पड़े टीकेः
उधर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत बुधवार को 850 लोगों को कोरोना का टीका दिया गया। टीका देने के बाद सभी लोगों को 30 मिनट की निगरानी में रखा गया। किसी को कोई समस्या नहीं आने पर घर जाने दिया गया। साथ ही समय पर आकर कोरोना टीका का दूसरा डोज लेने के लिए कहा गया। सभी को यह समझाया गया कि टीका का दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद ही सभी लोग कोरोना से सुरक्षित रहेंगे।
310 लोगों की हुई जांचः
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 209 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। इसके अलावा 101 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि हालांकि जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला, लेकिन सभी लोगों को सावधानी के साथ रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया। बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ धोने के लिए आवश्यक तौर पर कहा गया। कोरोना से बचने के लिए अभी इतना करना पड़ेगा।

भागलपुर जिला स्कूल नहीं, टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में जाएं टीका लेने के लिए

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जिला स्कूल में माध्यमिक परीक्षाओं के चलते टीकाकरण को किया गया है बंद
स्कूल के प्रधानाध्यापक की गुजारिश पर वहां का काउंटर टीटीसी में हुआ शिफ्ट

भागलपुर, 25 अगस्त-

जिला स्कूल में कोरोना का टीकाकरण 24 अगस्त से बंद हो गया है। अब वहां की जगह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में टीका लेने के लिए लाभुक जाएं। टीटीसी में काउंटर बढ़ा दिए गए हैं। इसके अलावा वहां पर 12 घंटे तक टीकाकरण की व्यवस्था है। जिला स्कूल में टीकाकरण बंद होने के बावजूद कुछ लोग मंगलवार और बुधवार को वहां पर टीका लेने के लिए जाते दिखे। हालांकि आसपास के लोगों से जानकारी मिलने के बाद वे लोग टीका लेने के लिए टीटीसी चले गए।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि जिला स्कूल के प्रधानाध्यापक की गुजारिश पर वहां चल रहे टीकाकरण केंद्र को बंद कर दिया गया है। वहां के कर्मियों को टीटीसी में लगा दिया गया है। दरअसल, स्कूल खुल गए हैं और वहां पर माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं का आयोजन हो रहा है। इस वजह से प्रधानाध्यापक की गुजारिश पर अमल करते हुए वहां पर टीकाकरण बंद कर दिया गया, लेकिन लाभुकों को चिंता करने की कोई बात नहीं है। पास के ही टीकाकरण केंद्र टीटीसी में वे जाकर कोरोना का टीका लगवा सकते हैं। जिला स्कूल और टीटीसी के बीच मुश्किल से 100 मीटर का फासला है। इसलिए आसपास के लाभुकों को कोई परेशानी भी नहीं होगी।
पर्याप्त मात्रा में टीका उपलब्धः
डॉ. चौधरी ने कहा कि जिले में कोरोना टीका का कोई संकट नहीं है। स्टॉक में पर्याप्त मात्रा में टीका उपलब्ध है। कोवैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लाभुकों को पहले से ही दी जा रही थी । मंगलवार की देर रात कोविशील्ड की भी 42720 डोज पटना से आ चुकी है। इसलिए टीका कम होने या खत्म होने की अफवाह पर लाभुक ध्यान नहीं दें और अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर कोरोना का टीका लें। जिनका पहला डोज पूरा हो गया है, वे समय पर दूसरा डोज अवश्य लें। दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। जितना जल्द सभी लोग टीका ले लेंगे, उतना ही जल्द कोरोना पूरी तरह से समाप्त होगा। इसलिए टीका लेने में संकोच नहीं करें।
120 केंद्रों पर हुआ टीकाकरणः
दूसरी तरफ बुधवार को जिले के 160 केंद्रों पर लाभुकों को कोरोना का टीका दिया गया। पहला और दूसरा डोज, दोनों तरह के लाभुकों को टीका देने के बाद 30 मिनट तक निकरानी में रखा गया। किसी तरह की परेशानी नहीं होने पर लाभुकों को घर जाने दिया गया। साथ ही टीका ले लेने के बाद भी लाभुकों को कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया। साथ ही टीका की पहली डोज लेने वालों को समय पर आकर दूसरा डोज अवश्य लेने के लिए कहा गया। टीका लेने वालों ने भी पड़ोस के टीका नहीं लेने वाले लोगों को जल्द टीका लेने के लिए भेजने की बात कही।

सही वक़्त पर सटीक निर्णय सफलता का है मूलमंत्र : डॉ.अजय

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• विद्या जंक्शन क्लासेज में डॉ.अजय ने छात्रों को दिया सफ़लता का सूत्र
• उपलब्ध संसाधनों को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने पर दिया ज़ोर
• सकारात्मक सोच को बताया सफ़लता की बुनियाद
• युवाओं के बीच प्रेरक वक्ता के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं डॉ. अजय

पटना। तालियों की गूंज के बीच छात्रों के चेहरे पर सफ़लता की उम्मीद स्पष्ट देखी जा सकती थी। यह किसी फ़िल्म का दृश्य नहीं था, बल्कि पटना सिटी स्थित विद्या जंक्शन क्लासेज के क्लास रूम में डॉ. अजय कुमार सिंह के उत्साहवर्धक शब्दों का असर था। युवाओं के पथ प्रदर्शक के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके डॉ. अजय कुमार सिंह विगत दिनों विद्या जंक्शन क्लासेज के 11 वीं एवं 12 वीं के छात्रों को संबोधित करने पहुंचे थे। बताते चलें डॉ. अजय नई दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के टेकनिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस स्टडीज़ में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, वह अपने अनुभव एवं ज्ञान को समाजोपयोगी बनाने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहे हैं। ‘डॉ. अजय स्पीक्स’ नाम से उनका यू-ट्यूब चैनल भी है, जिसमें वह युवाओं की शैक्षणिक, व्यक्तिगत एवं मानसिक समस्याओं की गुत्थी को आसानी से सुलझाते हुए दिख जाएंगे।

समय की परख जरुरी:
डॉ.अजय कुमार सिंह ने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए प्रोसाहित किया। उन्होंने छात्रों को विभिन्न कोर्सेज की जानकारी भी दी। जो आने वाले समय में उन बच्चों के भविष्य के लिए बेहतर विकल्प हो सकता हैं। डॉ. सिंह ने बच्चों को समय, स्वास्थ्य और संसाधन कि बेहतर प्रयोग के बारे में भी बताया। डॉ. अजय ने कहा कि छात्र जीवन में कई अवरोध सामने आते हैं। ये अवरोध शारीरिक एवं मानसिक दोनों हो सकते हैं। इसलिए छात्रों को इन अवरोधों के प्रति सचेत रहने की भी जरूरत है। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन में समय की महत्ता को जानकर उसका सदुपयोग करना सफ़लता की प्रथम सीढ़ी है। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बताया कि किसी भी काम को जीवन के किसी पड़ाव में किया जा सकता है। जबकि कैरियर के लिए समय सीमा और उम्र सीमा निर्धारित है। इसलिए समय का प्रयोग बहुत सोच समझ जाना चाहिए। समय के प्रयोग में कड़ाई से अनुशासन का प्रयोग होना चाहिए।

स्वास्थ्य से बड़ा कोई धन नहीं

हम धन कमाने के लिए स्वास्थ्य को खराब करते हैं। उसी धन को फिर हम स्वास्थ्य ठीक करने के लिए खर्च करते हैं। जबकि स्वास्थ्य से बड़ा कोई धन नहीं है। बच्चों को डॉ.अजय ने बार-बार स्वास्थ की महत्ता के बारे में अवगत कराया। साथ ही स्वास्थ्य को कैसे ठीक रखा जाए यह भी बताया।

सीमित संसाधनों का अधिकतम प्रयोग सफ़लता की राह करती है आसान
डॉ. अजय ने जोर देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों का अधितकम इस्तेमाल करना छात्र जीवन के लिए जरुरी है। कोई भी बड़ा लक्ष्य प्राप्त करने के लिए संसाधन के महत्व को आसानी से समझा जा सकता है। आर्थिक संसाधन, सामाजिक संसाधन, भौतिक संसाधन का काफ़ी महत्व है। विद्यार्थियों के लिए तैयारी के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। कॉपी खरीदने के लिए पैसे चाहिए। लैपटॉप-इंटरनेट के लिए पैसे चाहिए। सामाजिक संसाधन से ज्ञान और सूचना मिलती है। संसाधन का सही और यथोचित प्रयोग होना चाहिए। संसाधन का अपव्यय कदापि नहीं होना चाहिए।

इस मौके पर विद्या जंक्शन क्लासेज के डायरेक्टर अमित कुमार पाठक ने कहा कि मुझे यकीन है कि डॉ. अजय सर के मोटीवेशन बच्चों को प्रेरित करेगा।