नियमित टीकाकरण की जगह लोगों का किया गया कोरोना टीकाकरण

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– लखीसराय जिला को कोरोना संक्रमण से मुक्त करने के लिए किया गया यह प्रयास
– बाढ़ प्रभावित पंचायतों में स्वास्थ्य विभाग की चलंत टीम के द्वारा लोगों का टीकाकरण

लखीसराय, 18 अगस्त| लखीसराय जिला के लगभग सभी पंचायतों खासकर बाढ़ प्रभावित पंचायतों में बुधवार को नियमित टीकाकरण को स्थगित कर सभी लोगों का कोरोना टीका करण किया गया।

जिला को जल्द कोरोना के संक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए किया गया यह प्रयास :
लखीसराय के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि सदर अस्पताल लखीसराय सहित जिला के सभी अस्पताल, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ -साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रत्येक सप्ताह के बुधवार और शुक्रवार को गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जाता है। बावजूद इसके इस बार जिला को जल्द से जल्द कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को नियमित टीकाकरण को स्थगित कर सभी लोगों के लिए नियमित टीकाकरण सत्र का आयोजन किया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित पंचायतों में चलंत टीम के माध्यम से चलाया जा रहा कोरोना टीकाकरण अभियान :
उन्होंने बताया कि जिला के बाढ़ प्रभावित बड़हिया, सूर्यगढ़ा, पिपरिया सहित अन्य प्रखंड़ों के अलग- अलग पंचायतों में स्वास्थ्य विभाग की चलंत टीम के द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य जांच के साथ ही उनका कोरोना टीकाकरण भी किया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए सभी लोग बरतें विशेष एहतियात :
उन्होंने बताया कि जिला में अभी भले ही कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है लेकिन अभी भी संक्रमण का खतरा टला नहीं है। अभी भी कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के आने की संभावना बनी हुई है। इसलिये सभी लोगों से अपील है कि वो अभी भी पूरी तरीके से कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए विशेष एहतियात बरतें| तभी लखीसराय को कोरोना के किसी भी लहर में संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है सभी लोग अभी भी अपने मुंह और नाक को ढकने के लिए मास्क ,रुमाल या अन्य कपड़े का नियमित इस्तेमाल करें। इसके साथ ही घर से बाहर भीड़ भाड़ वाले स्थान जैसे बाजार में एक दूसरे से शारीरिक दूरी के नियम का अवश्य पालन करें। किसी भी चीज़ को छूने के बाद कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अपने हाथों को एक निश्चित अंतराल के बाद साबुन या हैंड सैनिटाइजर का हमेशा इस्तेमाल करें ।

सुरक्षित गर्भपात सेवा को बढ़ावा देने को हुई समीक्षात्मक बैठक, कर्मियों से फीडबैक लिया गया

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– सदर अस्पताल में सीएस की अध्यक्षता में हुई बैठक
– द्वितीय तिमाही के गर्भवती का विशेष ख्याल रखने का दिया गया निर्देश

बेगूसराय, 18 अगस्त-
बुधवार को बेगूसराय सदर अस्पताल स्थित सभागार में सुरक्षित गर्भपात विषय पर एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता जिला सिविल सर्जन डॉ विनय कुमार झा ने की। बैठक में मासिक डाटा पर विस्तृत चर्चा करते हुए मौजूद कर्मियों से फीडबैक लिया गया। इसके अलावा सुरक्षित गर्भपात सेवा को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। ताकि शिशु-मृत्यु दर में कमी आ सके और इच्छुक गर्भवती महिलाएं सुविधाजनक तरीके से अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सके। इस दौरान ऐसे गर्भवती का विशेष ख्याल रखने पर बल दिया गया, जो किसी कारण गर्भधारण के द्वितीय तिमाही स्टेप में पहुँच गईं हैं। बैठक में आईपीएएस विकास फाउंडेशन के प्रतिनिधि शंकर दयाल सिंह, नरेश कुमार आर्य, सदर अस्पताल बेगूसराय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ कामिनी राय, डाॅ आशा कुमारी, अस्पताल प्रबंधक पंकज कुमार, लेखा-सांख्यिकी गायत्री गुप्ता समेत नर्सिंग स्टाफ मौजूद थे।

– मातृ मृत्यु का कारण असुरक्षित गर्भपात :
जिला सिविल सर्जन डॉ विनय कुमार झा ने बताया, देश में 08% मातृ मृत्यु असुरक्षित गर्भपात के कारण ही होता है। इसलिए, सुरक्षित गर्भपात को बढ़ावा देने की जरूरत है। इसके लिए गर्भपात के दौरान गर्भधारण अवधि का विशेष ख्याल रखना बेहद जरूरी है। ताकि गर्भपात के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी उत्पन्न नहीं हो और इच्छुक महिलाएं सुविधाजनक तरीके से गर्भपात कराकर अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सकती हैं । इसको लेकर द्वितीय तिमाही के स्टेप में पहुँच चुकी गर्भवती को सुरक्षित गर्भपात के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेजने का निर्देश दिया गया है। सदर अस्पताल में सुरक्षित गर्भपात कराने की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है।
– द्वितीय तिमाही स्टेप में पहुँच चुकी गर्भवती का एमटीपी एक्ट के तहत कराया जाएगा सुरक्षित गर्भपात :
ऐसी गर्भवती महिलाएं, जो किसी कारण वश जाने-अनजाने में द्वितीय तिमाही स्टेप में जा चुकी हैं उन गर्भवती का एमटीपी एक्ट के सुरक्षित गर्भपात कराया जाएगा। इससे ना सिर्फ सुरक्षित गर्भपात को बढ़ावा मिलेगा। बल्कि, लाभार्थियों को भी सुविधा होगी और मातृ मृत्यु दर में कमी आएगी। इसके अलावा गर्भपात सुविधा के साथ परिवार नियोजन साधन को भी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ताकि परिवार नियोजन साधन को बढ़ावा मिल सके और लाभार्थियों को स्थाई निजात मिल सके। इसके लिए लाभार्थियों को भी अनचाहे गर्भ से स्थाई निजात मिलेगी ।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलें और भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

कोविड वैक्सीनेशन अभियान में लगातार अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर एएनएम निभा कुमारी

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– मानसी पीएचसी के अधीनस्थ संचालित स्वास्थ्य उप केंद्र बड़ी बलाहा की है एएनएम, पाँच हजार से अधिक लोगों का कर चुकीं हैं वैक्सीनेशन
– वैक्सीनेशन अभियान में बेहतर कार्य करने के लिए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रशस्ति-पत्र से हो चुकीं हैं सम्मानित

खगड़िया, 18 अगस्त| कोविड वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को शुरुआती दौर में तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। वैक्सीनेशन के साथ शुरू हुए अफवाहों का दौर स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप सामने आया था। दरअसल, अफवाहों को दूर करना ना सिर्फ बड़ी चुनौती थी। बल्कि, काफी मुश्किल भी था। बाबजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहे । जिसका आज सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलने लगा। ऐसे ही कर्मियों में मानसी पीएचसी के अधीनस्थ संचालित स्वास्थ्य उप केंद्र बड़ी बलाहा में तैनात एएनएम निभा कुमारी का जिले में नाम शुमार है। निभा ना सिर्फ लोगों के वैक्सीनेशन कार्य में जुटी रहीबल्कि, लोगों को जागरूक कर अफवाहों से दूर करने में भी सफल रही। जिसका परिणाम यह है कि आज लोग खुद वैक्सीन लेने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर आ रहे हैं।
– बेहतर कार्य करने के लिए प्रशस्ति – पत्र से की जा चुकी हैं सम्मानित :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, निभा शुरुआती दौर से ही अपने क्षेत्र में गाँव-गाँव जाकर लोगों का वैक्सीनेशन कर रही हैं। साथ ही वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को जागरूक कर अफवाहों से दूर करने में भी सफल रहीं। उनका मानना है कि अगर इस महामारी से स्थाई निजात के लिए शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है। वहीं, उन्होंने बताया, वैक्सीनेशन अभियान में बेहतर कार्य करने के लिए बीते 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित भी की जा चुकी हैं।
– मुश्किल वक्त में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद के साथ अपने कर्तव्य पथ पर डटी रही :
एएनएम निभा कुमारी ने बताया, वक्त जरूर मुश्किल भरा था। किन्तु, जिम्मेदारी बड़ी थी। इसी कारण मुश्किल वक्त में भी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद के साथ अपने कर्तव्य पथ पर डटी रही। जिसका परिणाम भी मिला। मुझे गर्व है कि मेरी मेहनत का सामुदायिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और आज खुद लोग वैक्सीनेशन लेने के लिए आगे आने लगे हैं। इससे ना सिर्फ वैक्सीनेशन अभियान को रफ्तार मिली बल्कि, अफवाहों को भी मात मिली।

– पाँच हजार से अधिक लोगों को कर चुकीं हैं वैक्सीनेटेड :
जिले के मानसी पीएचसी में वैक्सीनेशन अभियान का शुरू होने के साथ शुरुआती दौर से ही वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने में जुटी एएनएम निभा कुमारी अबतक पाँच हजार से अधिक लोगों को टीककृत (वैक्सीनेट) कर चुकीं हैं। साथ ही क्षेत्र के एक भी लोग वैक्सीन से वंचित नहीं रहें, इस उद्देश्य से अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर हैं।

– इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

बांका सदर प्रखंड में टीकाकरण को लेकर फिर चला विशेष अभियान

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1560 लाभुकों ने लगवाए कोरोना के टीके, 30 मिनट निगरानी में रहे लाभुक
किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने पर लाभुकों को घर जाने दिया गया
बांका, 18 अगस्त-

जल्द से जल्द सभी लोगों को कोरोना का टीका लग जाए, इसे लेकर लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार के बाद बुधवार को एक बार फिर बांका सदर प्रखंज में कोरोना टीकाकरण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 1560 लोगों ने कोरोना के टीके लगवाए। बुधवार को भी विशेष टीकाकरण को लेकर 11 केंद्र बनाए गए थे। इसके अलावा गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर भी लोगों को कोरोना के टीका लगवाए गए। यानी कि बांका सदर प्रखंड में कुल 12 केंद्रों पर लाभुकों का टीकाकरण हुआ। टीका देने के बाद सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी लोगों को घर जाने दिया गया।
एक बार फिर से विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया-
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि जल्द से जल्द सभी लोगों का टीकाकरण हो जाए, इसे लेकर बुधवार को एक बार फिर से विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया। हर बार की तरह इस बार भी काफी संख्या में टीका लेने के लिए लोग सामने आए। इसके अलावा गांधी चौक पर रात नौ बजे तक टीकाकरण होता है। वहां का आंकड़ा शाम सात बजे तक का ही है, इसलिए आंकड़े में बढ़ोतरी भी हो सकती है। टीकाकरण के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी जारी है। स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। जल्द से जल्द सभी लोगों को कोरोना टीका का दोनों डोज देने का लक्ष्य है, जिसे जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा।
सरकारी कर्मियों ने किया सहयोगः
जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी अधिकारियों के मातहत काम करने वाले कर्मियों ने भी विशेष टीकाकरण अभियान में सहयोग किया। सभी लोगों ने नजदीकी टीकाकरण केंद्र तक लाभुकों को लाने का काम किया। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता और सेविका व सहायिका ने भी लोगों को टीकाकरण केंद्र तक लाने में सहयोग किया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सभी लाभुकों को टीके का दूसरा डोज अवश्य तौर पर लेने के लिए कहा गया। आशा कार्यकर्ता समझाती दिखीं कि दोनों डोज लेने के बाद ही आपके टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। पूर्ण टीकाकरण के बाद ही लोग कोरोना से सुरक्षित रहेंगे।
305 लोगों की हुई जांचः
उधर, दूसरी ओर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को 205 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही 100 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया। डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि जांच में किसी के संक्रमित नहीं मिलने के बावजूद सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का ख्याल रखने के लिए कहा गया। इसके अलावा बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करने के लिए कहा गया। इन उपायों को व्यवहार में लाने से लोग कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे। साथ ही दूसरे लोग भी चपेट में नहीं आएंगे।

नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचा ऑक्सीजन प्लांट का कंटेनर

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-कंटेनर को नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में किया जाएगा इंस्टॉल
-कंटेनर इंस्टॉल होने के बाद ऑक्सीजन का उत्पादन जल्द होगा शुरू

भागलपुर, 18 अगस्त| कोरोना की तीसरी लहर से निबटने की तैयारी जिले में काफी तेज गति से चल रही है। तीसरी लहर आए या नहीं आए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से तैयारी में कोई कमी नहीं रखना चाहता है। इसी सिलसिले में बुधवार को ऑक्सीजन प्लांट का कंटेनर नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचा। कंटेनर को जल्द इंस्टॉल किया जाएगा। इसके बाद ऑक्सीजन का उत्पादन भी जल्द ही शुरू होने लगेगा। मालूम हो कि कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर जिले में कई ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है, उनमें से एक नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। यहां पर बियाडा द्वारा प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। इसे लेकर जमीन चिह्नित करने से लेकर अन्य काम पहले ही कर लिया गया है।
अनुमंडल अस्पताल के डीएस डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट का कंटेनर पहुंच गया है। पटना से टेक्नीशियन की टीम आकर जल्द इसे इंस्टॉल करेगी। कंटेनर इंस्टॉल होने के बाद ऑक्सीजन उत्पादन की ओर तेजी से काम किया जाएगा। जब नवगछिया के अनुमंडल अस्पताल में ऑक्सीजन का उत्पादन होने लगेगा तो यहां इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को काफी फायदा पहुंचेगा। गंभीर से गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन के लिए भागलपुर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही कोरोना की तीसरी लहर अगर आती है तो उसमें भी काफी सहूलियत मिलेगी। नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा।
30 बेड पर होगी ऑक्सीजन की आपूर्तिः
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने के बाद 30 बेड पर ऑक्सीजन की पाइपलाइन के जरिये आपूर्ति होगी। यानी कि एक साथ 30 गंभीर मरीजों को यहां पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी। इसे लेकर अस्पताल में सभी तरह की आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। ऑक्सीजन ऑपूर्ति करने को लेकर जो भी जरूरी संसाधन हैं, उसे जुटाने का काम अंतिम चरण में है। ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने तक सभी तरह के संसाधन जुटा लिए जाएंगे।
गंगा पार के मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा भागलपुरः
मालूम हो कि नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में नवगछिया पुलिस जिला के अंतर्गत आने वाले सात प्रखंड के लोग काफी संख्या में इलाज के लिए आते हैं। यहां पर इलाज की बेहतर व्यवस्था होने के कारण भी काफी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर उन्हें भागलपुर जाना पड़ता है। लेकिन जब नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में ही ऑक्सीजन की आपूर्ति शूरू हो जाएगी तो वैसे मरीजों को भागलपुर नहीं जाना पड़ेगा। उनका नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में बेहतर इलाज हो सकेगा। इस तरह से मरीजों को आर्थिक के साथ अन्य परेशानियों से भी राहत मिलेगी।

एनटीईपी कार्यक्रम: मुंगेर के सीनियर डॉट प्लस एवं जिला टीबी – एचआईवी सुपरवाइजर के लिए पीएमडीटी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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– राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में आयोजित किया गया है दो दिवसीय प्रशिक्षण
-17- 18 अगस्त और 20 – 21 अगस्त को पीएमडीटी का प्रशिक्षण

मुंगेर, 17 अगस्त-

वर्ष 2025 तक पूरे भारत को टीबी मुक्त बनाने को ले भारत सरकार के द्वारा देशभर में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) चलाया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के तहत पटना के शेखपुरा स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में मंगलवार एवं बुधवार को दो दिवसीय पीएमडीटी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें मुंगेर जिले से सीनियर डॉट प्लस एवं टीबी/एचआईवी सुपरवाइजर के साथ -साथ इंचार्ज सीनियर डॉट प्लस एवम टीबी /एचआईवी सुपर वाइजर हिस्सा ले रहे हैं।
प्रशिक्षणार्थियों को 17- 18 अगस्त और 20 – 21 अगस्त को पीएमडीटी का प्रशिक्षण-
डिस्ट्रिक्ट टीबी सेंटर मुंगेर के डिस्ट्रिक्ट टीबी/एचआईवी कोऑर्डिनेटर शैलेन्दु कुमार ने बताया कि नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम 2025 के तहत आयोजित हो रहे पीएमडीटी ट्रेनिंग को ले यक्ष्मा प्रदर्शन एवम प्रशिक्षण केंद्र अगमकुआं पटना के अपर निदेशक कार्यालय से एक चिट्ठी जारी की गई थी। इसके अनुसार राज्य के सभी 38 जिलों के प्रशिक्षणार्थियों को दो बैच में बांट कर 17- 18 अगस्त और 20 – 21 अगस्त 2021 को पीएमडीटी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पहले बैच में मुंगेर जिला के प्रशिक्षणार्थी भी हिस्सा ले रहे
उन्होंने बताया कि पहले बैच में मंगलवार और बुधवार को मुंगेर जिला के प्रशिक्षणार्थी हिस्सा ले रहे हैं। इनके साथ ही पहले बैच में अररिया, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, गया, जमुई, खगड़िया, किशनगंज, मधुबनी, सारण, शेखपुरा, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, कैमूर, कटिहार, नालन्दा और नवादा जिला के प्रशिक्षणार्थी भी हिस्सा ले रहे हैं।

दूसरे बैच में 20 और 21 अगस्त को लखीसराय सहित 19 जिला के प्रशिक्षणार्थी लेंगे हिस्सा –
उन्होंने बताया कि आगामी 20 और 21 अगस्त को मुंगेर प्रमंडल के लखीसराय जिला के साथ- साथ पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान, अरवल, बांका, बक्सर, दरभंगा, गोपालगंज, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण, सहरसा, सुपौल, वैशाली और पश्चिमी चंपारण जिला के प्रशिक्षणार्थी हिस्सा लेंगे।
प्रशिक्षणार्थियों के लिए छात्रावास में निःशुल्क रहने और भोजन की व्यवस्था
उन्होंने बताया कि पटना जाने वाले सभी प्रशिक्षणार्थियों के लिए छात्रावास में निःशुल्क रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सभी प्रशिक्षणार्थियों को टीए- डीए का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक अकाउंट में टीबीडीसी के द्वारा कर दिया जाएगा।

बदल रहे मौसम में डायरिया से रहें सावधान,प्रदूषित भोजन व संक्रमित जल से बचें

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-बच्चों को डायरिया से बचाने पर दें ध्यान
-पेट मरोड़ व दर्द के साथ दस्त व उल्टी है डायरिया की पहचान

लखीसराय, 17अगस्त| इस समय मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है| कोरोना संक्रमण के साथ अन्य बीमारियों की संभावना समान रूप से हैं| इनमें डायरिया एक गंभीर बीमारी है| छोटी सी लापरवाही डायरिया की समस्या को गंभीर बना देती है| कोरोना संक्रमण को लेकर जब लोग घरों में ही हैं | ऐसे में जरूरी है कि आवश्यक सावधानी बरती जाये और दवाइयों का प्रबंधन घर पर कर लिया जाये| ताकि अनावश्यक रूप से परेशान होने से बचा जा सके| डायरिया के मामले अधिकांशत: गर्मियों में बढ़ जाते हैं| यह किसी भी आयुवर्ग व्यक्ति को हो सकता है| थोड़ी भी लापरवाही बरतने पर यह समस्या विशेष तौर पर शारीरिक रूप से कमजोर लोगों जैसे बुजुर्ग व बच्चों में अधिक गंभीर हो जाती है|

डायरिया होने का कारण
बैक्ट्रीरिया और वायरस से होने वाला संक्रमण है| प्रदूषित खानपान, बासी भोजन, साबुन से हाथ नहीं धोना, साफ पेयजल का इस्तेमाल नहीं करना आदि डायरिया की वजह हैं| डायरिया होने पर पेट मरोड़ व दर्द के साथ दस्त व उल्टी होती है| कभी कभी मल में खून या म्यूकस भी आने की शिकायत हो सकती है| डायरिया पीड़ित को इस दौरान तेज बुखार, सिरदर्द और हाथ व पेरों में दर्द होता है| दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है इसलिए मरीज को तरल पदार्थ जरूर दिया जाना चाहिए|

शरीर में पानी की कमी के लक्षणों की ऐसे करें पहचान:
• गला सूखना व मुंह में सूखापन.
• कमजोरी और सुस्ती का एहसास.
• गाढ़े रंग का पेशाब होना.
• बहुत कम पेशाब होना.
• प्यास लगना.

जब शरीर में पानी की कमी हो निम्न तरीका अपनायें:
• पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें .
• नारियल पानी पीना लाभप्रद है.
• ओआरएस का इस्तेमाल करें.
• चिकित्सक की सलाह से आवश्यक दवाई लें.
• पानी को उबाल कर ठंडा कर लें और पीयें .
• अधपके खाद्य पदार्थों, कटे और खुले फलों से परहेज.
• फलों व सब्जियों को अच्छी तरह धो कर इस्तेमाल.

नवजात व छोटे बच्चों का इस तरह रखें ध्यान:
नवजात व दूध पीते छोटे बच्चों में डायरिया की समस्या की रोकथाम के लिए उनका नियमित स्तनपान कराया जाना जरूरी है| इसके अलावा इसका भी पालन अवश्य रूप से करें|
• ओआरएस का घोल बना कर छोटे छोटे घूंट में पिलायें.
• वॉशरूम के इस्तेमाल के बाद मां साबुन से हाथ धोएं
• बच्चे के नियमित स्तनपान व संतुलित आहार का ध्यान रखें.
• आवश्यक होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जायें.
आशा व आंगनबाड़ी सेविकाएं से लें मदद:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया कि डायरिया की रोकथाम के लिए आशा व आंगनबाड़ी सेविकाओं की मदद ली जा सकती है| उनके पास ओआरएस व जिंक की गोली मौजूद होती है| इसका सेवन डायरिया को रोकता है|. साथ ही लॉकडाउन के समय में जब अस्पताल जाने में असुविधा हो रही है तो आशा व आंगनबाड़ी सहित नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत चिकित्सक का फोन नंबर अवश्य रखें| ताकि फोन पर ही सलाह ली जा सके|

खगड़िया जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को चलेगा एमडीए अभियान, आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण

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– जिले के परबत्ता सीएचसी में स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के प्रशिक्षण में सभी आशा कार्यकर्ता हुई शामिल
– बारी-बारी से जिले के सभी आशा कार्यकर्ताओं को दी जाएगी ट्रेनिंग

खगड़िया, 17 अगस्त –

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान चलेगा। जिसकी सफलता को लेकर मंगलवार को जिले के परबत्ता सीएचसी में स्वास्थ्य विभाग एवं केयर इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें प्रखंड की सभी आशा कार्यकर्ता शामिल हुईं। प्रशिक्षण केयर इंडिया के बीसी-भीएल श्रवण कुमार के द्वारा दिया गया। जिसमें आशा कार्यकर्ताओं को उक्त अभियान को सफल बनाने के लिए विस्तृत जानकारी दी गई एवं इस बीमारी पर रोकथाम एवं इससे बचाव के लिए लोगों को दी जाने वाली जानकारियाँ को भी बताया गया।

– गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को भी नहीं खिलाई जाएगी दवा :
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, इस अभियान के दौरान घर-घर जाकर लोगों को एलबेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं खिलाई जाएगी। उक्त दवा गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को छोड़कर शेष सभी लोगों को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा खिलाई जाएगी। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देते हुए जागरूक किया जाएगा । ताकि उक्त अभियान का सफलतापूर्वक समापन एवं बीमारी पर रोकथाम संभव और जड़ से खात्मा हो सके। वहीं, बताया, यह प्रशिक्षण जिले के सभी प्रखंडों में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को निर्धारित तिथि के अनुसार बारी-बारी से दिया जाएगा।

– अभियान के दौरान परिवार के सदस्यों के विवरण की भी ली जाएगी जानकारी :
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, अभियान के दौरान प्रत्येक परिवार के सदस्यों के विवरण की भी जानकारी ली जाएगी। जैसे, परिवार में कुल कितने सदस्य हैं। सभी नाम, उम्र समेत अन्य जानकारी प्राप्त पंजी में पूरा डिटेल दर्ज किया जाएगा। साथ ही दो वर्ष से छोटे बच्चे, गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति एवं गर्भवती व एक सप्ताह पूर्व माँ बनी महिलाओं के भी विवरण लेकर अलग पंजी में दर्ज किया जाएगा। क्योंकि, ऐसे लोगों को दवाई नहीं खिलाई जाएगी।
– बचाव के लिए दवाई का सेवन जरूरी :
प्रशिक्षक श्रवण कुमार ने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए दवाई के साथ-साथ एहतियात भी जरूरी है। इसलिए, अभियान के दौरान योग्य व्यक्तियों को दवाई तो खिलाई ही जाएगी। इसके अलावा इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को आवश्यक जानकारी भी दी जाएगी। जैसे कि, घर के आस-पास गंदगी जमा नहीं होने दें एवं घरों में सोने से पहले मच्छरदानी का उपयोग करें। साथ ही अन्य लोगों को दवा सेवन के प्रति जागरूक भी करें, ताकि फाइलेरिया जैसी बीमारी जड़ से समाप्त हो सके। इस बीमारी को पूरी तरह से मिटाने के जागरूकता भी बेहद जरूरी है।
इन मानकों का करें पालन और कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– नियमित तौर पर लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से अच्छी तरह हाथ धोएं।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सेनेटाइजर का उपयोग करें।

बांका जिले में विशेष अभियान में 1760 लोगों ने लगवाए टीके

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– सदर प्रखंड में टीकाकरण को लेकर चला विशेष अभियान
-कोरोना को लेकर जिले में स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी

बांका, 17 अगस्त| कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी है। जांच और इलाज के बाद टीकाकरण अभियान भी तेज रफ्तार के साथ चल रहा है। मंगलवार को बांका सदर प्रखंड में कोरोना टीकाकरण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 1760 लोगों ने टीके लगवाए। इसे लेकर 11 केंद्र बनाए गए थे। इसके अलावा गांधी चौक स्थित 12 घंटे के टीकाकरण केंद्र पर लोगों ने कोरोना के टीके लगवाए। टीका देने के बाद सभी लोगों को 30 मिनट तक निगरानी में रखा गया। किसी तरह की समस्या नहीं होने पर सभी लोगों को घर जाने दिया गया।
टीकाकरण के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी जारी
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि मंगलवार को एक बार फिर से टीकाकरण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया था। इस बार भी काफी संख्या में टीका लेने के लिए लोग सामने आए। इसके अलावा गांधी चौक पर रात नौ बजे तक टीकाकरण होता है। वहां का आंकड़ा शाम सात बजे तक का ही है, इसलिए आंकड़े में बढ़ोतरी भी हो सकती है। टीकाकरण के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी जारी है। स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। जल्द से जल्द सभी लोगों को कोरोना टीका का दोनों डोज देने का लक्ष्य है, जिसे जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा।
सरकारी कर्मियों ने किया सहयोगः
जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी अधिकारियों के मातहत काम करने वाले कर्मियों ने भी विशेष टीकाकरण अभियान में सहयोग किया। सभी लोगों ने नजदीकी टीकाकरण केंद्र तक लाभुकों को लाने का काम किया। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता और सेविका व सहायिका ने भी लोगों को टीकाकरण केंद्र तक लाने में सहयोग किया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सभी लाभुकों को टीके का दूसरा डोज अवश्य तौर पर लेने के लिए कहा गया। आशा कार्यकर्ता समझाती दिखीं कि दोनों डोज लेने के बाद ही आपके टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। पूर्ण टीकाकरण के बाद ही लोग कोरोना से सुरक्षित रहेंगे।
300 लोगों की हुई जांचः
उधर, दूसरी ओर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को 200 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई। जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला। साथ ही 100 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया। डॉ. चौधरी ने बताया कि जांच में किसी के संक्रमित नहीं मिलने के बावजूद सभी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एक-दूसरे के बीच दो गज की दूरी का ख्याल रखने के लिए कहा गया। इसके अलावा बाहर से घर आने पर 20 सेकेंड तक हाथ की धुलाई अवश्य करने के लिए कहा गया। इन उपायों को व्यवहार में लाने से लोग कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे। साथ ही दूसरे लोग भी चपेट में नहीं आएंगे।

आदिशक्ति डिवाइन फाउंडेशन ने राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का पोस्टर लॉन्च किया

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आदिशक्ति डिवाइन फाउंडेशन द्वारा आज होटल लीव ऑफ टेस्ट में आगामी कार्यक्रम राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का पोस्टर लॉन्च पार्टी रखा गया था जिसमें संस्था के सभी पदाधिकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य मनीष खंडेलवाल जी, संस्थापिका श्रीमती रेमिका खंडेलवाल जी राष्ट्रीय सचिव डॉ दीपक सिक्का, जिला अध्यक्ष डॉ रजनीकांत श्रीवास्तव, प्रवक्ता सुरेश कुमार जी एवं कार्यकारिणी सदस्य एवं सहयोगी डॉक्टर रेखा बांका, जितेंद्र मोनू भंडारी, मोनिका जी आदि अन्य गणमान्य लोग सम्मिलित हुए पोस्टर लॉन्च पार्टी में संस्था द्वारा आगामी 3 अक्टूबर 2021 रविवार को होने जा रहे ज्योतिष राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ कार्यक्रम का पोस्टर लांच किया गया इस कार्यक्रम के अंदर ज्योतिष के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा प्रतिभाशाली बच्चों को प्रतिभा दिखाने का मौका दिया जाएगा साथ ही राधा एवं कृष्ण की लीला के द्वारा प्रेम संबंध पर नाट्य प्रस्तुत किया जाएगा व प्रतिभाशाली लोगो को अवार्ड भी दिया जायेगा इस पोस्टर लांच कार्यक्रम में संस्था द्वारा इसको स्वर्णिम दिन मानते हुए बड़ी घोषणा की गई संस्था के द्वारा स्थापित आदिशक्ति कृष्ण कालीपीठ का टप्पल के अंदर निर्माण कार्य चालू करने की घोषणा करी है जहां पर कृष्ण और काली का मंदिर एवं वृद्ध असहाय लोगों के रहने के लिए आश्रम, गौशाला आदि का निर्माण कार्य आरंभ हो गया है संस्था का इसी उद्देश्य के साथ स्थापना की गई थी और आज संस्था अपने उद्देश्य के पूर्ण होने के बहुत ही निकट है संस्था एवं समस्त समिति सदस्य द्वारा सभी जनमानस से यह आह्वान किया गया कि वह सभी इस कार्य में अपना योगदान दें एवं बढ़ चढ़कर हिस्सा लें