लखीसराय जिले के साथ प्रखंडस्तरीय विद्यालयों में 18 से 44 वर्ष के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू

0

– चानन प्रखण्ड के लोगों को सदर अस्पताल लखीसराय स्थित पुराने रेफरल अस्पताल भवन में लगायी जा रही है वैक्सीन
– कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड आवश्यक

लखीसराय, 14 मई

शुक्रवार से जिले के सात प्रखंड स्तरीय विद्यालयों में 18 से 44 वर्ष तक के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू हो गया। इसके अलावा जिले के अन्य अभी सत्र स्थल (सेशन साइट) पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। लखीसराय के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया, जिले के सात प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी विद्यालयों और पुराने अस्पताल भवन में शुक्रवार से 18 से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए टीकाकरण का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके साथ ही जिले के अन्य सभी सेशन साइट पर 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए भी वैक्सीनेशन का काम जारी है।
प्रखंडस्तरीय विद्यालयों में 18 से 44 वर्ष के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू-
उन्होंने बताया, बड़हिया प्रखंड मुख्यालय स्थित पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन में, पिपरिया प्रखंड मुख्यालय स्थित मध्य विद्यालय मोहनपुर में, सूर्यगढ़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित पब्लिक हाई स्कूल में, लखीसराय जिला मुख्यालय स्थित केआरके हाई स्कूल, लखीसराय में, लखीसराय सदर प्रखंड मुख्यालय स्थित पुराने रेफरल अस्पताल भवन के पहले तल पर, रामगढ़ प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल परसामा एवं हलसी प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल हलसी में शुक्रवार से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके साथ ही जिले के चानन प्रखंड क्षेत्र के 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के वैक्सीनेशन के लिए जिला मुख्यालय के सदर अस्पातल परिसर स्थित पुराने रेफरल अस्पताल भवन में व्यवस्था की गई है। चानन प्रखंड के सभी लोगों को यहीं पर कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी।

कोरोना वैक्सीनेशन के दौरान कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड आवश्यक :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए आने वाले सभी 18 से 44 साल के लोगों के कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड आवश्यक है।

वैक्सीनेशन के बाद भी अनिवार्य रूप से कोरोना और लॉक डॉउन के गाइड लाइन का पालन :
जिले के सभी लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना की वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोरोना गाइड लाइन के तहत मास्क का इस्तेमाल, सामाजिक दूरी का पालन और हाथों की नियमित साफ- सफाई के लिए साबुन या हैंड सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल करें। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के आदेशानुसार जिले में भी लॉक डॉउन कि अवधि 15 से 25 मई तक बढ़ा दी गई है| इसलिये सभी लोग अनावश्यक घर से बाहर निकलने से परहेज करें । विशेष परिस्थिति में ही आवश्यक कार्यों के लिए कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करने के बाद ही अपने-अपने घरों से बाहर निकलें।

नवगछिया के लोगों को अब सस्ती कीमत पर मिलेगी दवा

0

अनुमंडल अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्घाटन

क्षेत्र के लोगों को अब सस्ती दवा के लिए नहीं जाना होगा भागलपुर

भागलपुर, 14 मई। नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में शुक्रवार को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्घाटन हुआ। पीएचसी प्रभारी और अनुमंडल अस्पताल में कोरोना जांच का काम देख रहे डॉ. वरुण कुमार ने जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया। नवगछिया में जन औषधि केंद्र का उद्घाटन होने से क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा। लोगों को अब महंगी से महंगी दवाई कम कीमत पर उपलब्ध होगी। मालूम हो कि पहले लोगों को जेनरिक दवा के लिए भागलपुर जाना पड़ता था, जो अब नहीं जाना होगा।

उद्घाटन के बाद डॉ. वरुण कुमार ने कहा कि अनुमंडल अस्पताल में जन औषधि केंद्र खुल जाने से क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा। खासकर गरीब तबके के लोगों को। अब उन्हें महंगी से महंगी दवा सस्ती कीमत पर मिलेगी। मालूम हो कि नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में नवगछिया के अलावा, नारायणपुर, खरीक, इस्माइलपुर, रंगरा, गोपालपुर और बिहपुर प्रखंड के लोग इलाज के लिए आते हैं। अब उन सभी लोगों को फायदा पहुंचेगा।

गेट से बाहर जाते वक्त पूछ लें दवा है कि नहींः दुकान के संचालक और क्रेडाई लाइफ साइंसेज लिमिटेड के अमित कुमार ने मौके पर कहा कि अब जो लोग अनुमंडल अस्पताल इलाज के लिए आएंगे, वह डॉक्टर को दिखा लेने के बाद एक बार जरूर जन औषधि केंद्र पर आकर पूछ लें दवा है क्या। उन्हें सस्ती कीमत पर यहां दवा मिल जाएगी। यहां पर हर तरह की दवा उपलब्ध रहे, ऐसी कोशिश हमलोग कर रहे हैं। खासकर कोरोना काल में लोगों को दवा लाने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

70 प्रतिशत तक सस्ती होती है जेनरिक दवाः जेनरिक दवाइयां ब्रांडेड और फार्मा के मुकाबले सस्ती होती है और प्रभावशाली उतनी ही होती है। प्रधानमंत्री जन औषधि अभियान आमलोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसका मकसद लोगों को यह समझाना है कि ब्रांडेड के मुकाबले सस्ती कीमत में भी उतना ही प्रभावशाली दवा बाजार में उपलब्ध है। एक अनुमान के मुताबिक जेनरिक दवा ब्रांडेड के मुकाबले 60 से 70 प्रतिशत तक सस्ती होती है।

चाय अधिक पीने से नहीं होता है कोरोना ठीक

0

अधिक चाय पीने से दूसरी बीमारियों के हो सकते हैं शिकार

कोरोना को हराने के लिए गाइडलाइन का करें सख्ती से पालन

बांका, 14 मई

कोरोना की दूसरी लहर पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है तो दूसरी ओर इससे बचाव को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाएं भी फ़ैल रही है। कभी अल्कोहल तो कभी मसालों के अधिक सेवन से कोरोना को मात देने की बात सोशल मीडिया पर कही जाती है। इन सब बातों पर विराम लगने के बाद अब चाय अधिक पीने से कोरोना को मात देने की बात भी तेजी से फ़ैल रही है।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि वैज्ञानिक तौर पर इसके कोई साक्ष्य नहीं हैं। हां, कोरोना के मरीजों को गर्म पानी से दिन में तीन बार गार्गल करने से फायदा जरूर होता है। इसके अलावा पीने के लिए भी गर्म पानी का ही इस्तेमाल करने के लिए कहा जाता है। इस तरह की अफवाह में आकर अगर कोई अधिक चाय पीने लगे तो वह दूसरी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।

योग करें और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाएः डॉ. चौधरी कहते हैं कि कोरोना को हराने के लिए या उससे बचने के लिए घर में योग करें। शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा दें। अभी कोरोना काल में लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। इसलिए घर में रहकर ही योगा करना जरूरी है। प्राणायाम से लेकर अनुलोम और विलोम करने से कई तरह के फायदे होते हैं। यह बात काफी समय से कही जा रही है। साथ ही शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इसलिए घर पर योग या फिर कसरत करने की कोशिश करें।

सामाजिक दूरी का हर हाल में करें पालनः डॉ. चौधरी कहते हैं कि चाय अधिक पीने से कोरोना नहीं होने की अफवाह से बचने की जरूरत है और कोरोना से बचने के लिए जरूरी उपाय पर ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना। घर हो या बाहर, हर जगह सामाजिक दूरी का पालन करें। घर से बाहर निकलते वक्त हर हाल में मास्क लगाएं। घर में भी अगर आप किसी से बात कर रहे हैं तो मास्क लगाकर रहें। सबसे बेहतर है कि घर से बाहर निकले ही नहीं। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर जाएं।

खुद डॉक्टर नहीं बनेः डॉ. चौधरी कहते हैं कि एक सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोग खुद से भी डॉक्टर बन जाते हैं। कुछ लोगों में देखा जा रहा है कि अगर बीमार पड़ते हैं तो खुद या फिर मेडिकल स्टोर वालों से खरीदकर दवा खाने लगते हैं। अगर ठीक नहीं होते हैं और परेशानी बढ़ जाती है तो फिर वह डॉक्टर के पास जाते हैं। ऐसा नहीं करें। अगर कोई बीमारी हो जाए या फिर कोरोना के लक्षण दिखे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें। ऐसा करने से बीमारी बढ़ेगी नहीं और समय पर आप ठीक हो जाएंगे।

महान स्वतंत्रता सेनानी श्याम नारायण सिंह की 53 वीं पुण्यतिथि पर वेबिनार का आयोजन किया गया

– देश भर के विशिष्ट व्यक्तित्व ने अपने विचार रखें

नईदिल्ली-

महान स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व विधायक, समाजसेवी, शिक्षाविद एवं सांप्रदायिक सौहार्द के मसीहा श्याम नारायण सिंह की 53 वीं पुण्य तिथि पर खास वेबिनार का आयोजन 13 मई 2021 को किया गया। जिसमें देशभर के कई विशिष्ट व्यक्तित्व अपने विचार रखें। इस मौके पर श्याम नारायण सिंह फाउंडेशन के फाउंडर व चेयरमैन डॉ. कैलाश बिहारी सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से जहां हम श्याम नारायण सिंह को याद कर रहे हैं, वहीं उनके विचार को आगे बढ़ाने का कार्य भी किया जा रहा है। श्याम नारायण सिंह ने समाज में हर वर्ग के विकास के लिए कार्य किया है इसी को आज के युवाओं को जानने की जरूरत है।
डॉ. कैलाश बिहारी सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग ले रहे भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनका लगातार स्नेह फाउडेंशन को मिलता रहा है।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने श्याम नारायण सिंह को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे नालंदा जिले में जिस प्रकार से शिक्षा की बयार बहाई वह अद्भूत है। जिसके कारण ही आज नालंदा शिक्छा के क्षेत्र में अग्रणी जिला है। श्याम बिहारी सिंह एकता के प्रतीक थे जिन्होंने सबको साथ लेकर चलने का आह्रवान किया जिसकी आज भी मिसाल दी जाती है।
इस खास वेबिनार को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मौजूद जदयू नेता राजीव रंजन पटेल ने कहा कि आज हम उस व्यक्तित्व को याद कर रहे हैं जिन्होंने कई ऐसे कार्य किए हैं जिसकी समाज में मिसाल दी जाती है। आज युवाओं को अपने अतीत को याद दिलाने का समय है ताकि देश को आगे ले जाने में उनकी महत्ता को जाना जा सके.
इस मौके पर जयहिंद नेशनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि हम लोग श्याम बाबू के कार्यों से प्रेरणा लेते रहे हैं। हमारी कोशिश यही है कि आज हर वर्ग के युवा उन्हें याद तो करे ही साथ ही उनके द्वारा किए गए कार्यों के बारे में भी जाने जिससे की समाज को और आगे ले जाया जाए।
नेल्सन मंडेला फाउन्डेशन के डॉ.राजकुमार बी टॉक ने कहा कि श्याम बाबू ने जो कार्य कर दिए हैं वह मील का पत्थर है। आज उनका भी फाउडेंशन कई सेक्टर में कार्य कर रहा है। इस तरह के आयोजन से हमें अपने महापुरुषों के बारे में जानकारी हासिल होती है।
वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध समाजसेवी संजीव कुमार ने कहा कि हमारी कोशिश है कि युवा आज स्वरोजगार की ओर बढ़ें। यह परिकल्पना हमारी नहीं बल्कि श्याम नारायण सिंह की थी जिन्होंने कई ऐसे कार्य किए जिसकी आज मिसाल दी जा रही है। हमारी भी कोशिश है कि हम उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ें।
कवियत्री लता परासर ने जहां श्याम नारायण सिंह की याद में कविता पाठ किया वहीं अपनी मांग रखते हुए कहा कि संगोष्ठी आयोजित की जानी चाहिए। ताकि उनके बताए रास्तों पर चला जा सके। इसके लिए लाइब्रेरी सहित कई अन्य चीजे नालंदा में किया जाना चाहिए।
इस मौके पर मगध शख्सियत के एडीटर इन चीफ मनोज कुमार ने कहा कि आज संकल्प लेने का वक्त है जिससे की सबका विकास तो होही साथ ही साथ साथ भी हो। श्याम बाबू सांप्रदायिक सौहार्द पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी जिससे आज भी उस क्षेत्र में शांति है।
वेबिनार को संबोधित करते हुए द ट्रूथ वन के मुख्य संपादक चिंतरंजन बेहरा ने कहा कि निश्चिततौर पर डॉ कैलाश बिहारी सिंह ने श्याम नारायण सिंह के नाम पर फाउडेंशन चला रहे हैं इसे समाज को काफी लाभ पहुंचा है। कैलाश बिहारी सिंह ने श्याम बाबू के विचार को जगाए रखा है जिसके कारण ही आज हम एकजुट हुए हैं।
वेबिनार को संबोधित करते हुए पर्व ह्यूमन रिसोर्स के डायरेक्टर सत्येंद्र कुमार ने श्याम बाबू की जीवन चरित्र पर खास चर्चा की। उनके द्वारा किए गए कार्यों को आगे लेजाने का संकल्प भी लिया। सत्येंद्र कुमार ने श्याम नारायण सिंह को भारत रत्न दिए जाने की मांग की। जिसका भरपूर समर्थन मिला।
कार्यक्रम के अंत में कवि मिथिलेश ने अपनी कविता के माध्यम से श्याम नारायण सिंह को नमन किया।

इस मौके पर श्याम नारायण सिंह के पौत्र प्रभाकर श्याम ने कहा कि हमारी कोशिश है कि श्याम नारायण सिंह जी के बताए रास्ते पर चले। हमने कोशिश की है कि हमारे साथ के युवा उनके महान कार्य को भी जाने। हमने अपने दादाजी को नहीं देखा लेकिन उनके विचार हमारे साथ है जिसे हमने अपनाया है।
अंत में वेबिनार में शामिल सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ कैलाश बिहारी सिंह ने कहा कि हमने जो संकल्प लिया उसे आगे बढ़ाना है जिसके लिए फाउडेंशन कार्य कर रहा है। अभी इस संकट के समय सभी ने समय निकाला निश्चित रूप से यह भाव विभोर करने वाला वक्त है आगे आप सभी से निवेदन है कि आने वाले दिनों में वेबिनार में शामिल होंगे। डॉ कैलाश बिहारी सिंह ने पूर्व शिक्षा मंत्री व सांसंद वृषण पटेल के संदेश भी वेबिनार में पढ़कर सुनाया जिसमें उन्होंने संस्था को शुभकामनाएं दी और श्याम नारायण सिंह को याद किया।
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम का प्रसारण लाइव इंडिया न्यूज और इंडिया लाइव एवं लाइव इंडिया के फेसबुक पर लाइव प्रसारण किया गया जिसमें हजारों दर्शक जुडें और अपने विचार रखें।

सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीटूयशन्स के 51 विद्यार्थियों का जीनस्टोर इंडिया लिमिटेड (फ्रांस स्थित हेडक्वॉर्टर) कंपनी में हुआ प्लेसमेंट

0

नईदिल्ली-

गाजियाबाद स्थित सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ने 6 मई 2021 को जीनस्टोर इंडिया लिमिटेड द्वारा वर्चुअल कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया। बीबीए, बीकॉम, बीएचएमसीटी, बीएससी एचएचए, बी. फार्मा और डी. फार्मा के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने इस प्लेसमेंट ड्राइव में भाग लिया।
ड्राइव के अंत में 51 विद्यार्थियों को जीनस्टोर इंडिया लिमिटेड में चयन हुआ। चयनित विद्यार्थियों को 4 लाख तक का वार्षिक पैकेज दिया गया।
चयनित विद्यार्थियों ने अपनी कामयाबी का श्रेय सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स प्रशासन को देते हुए कहा कि सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ने उनके करियर को एक नई राह प्रदान की है। यहां की शिक्षा पद्धति और वातावरण अद्वितीय है। शिक्षक छात्रों के साथ काफी परिश्रम करते हैं।
सुंदरदीप समूह के अध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल, सुंदरदीप समूह के उपाध्यक्ष अखिल अग्रवाल, सुंदर दीप समूह महानिदेशक जमील अहमद, सुंदरदीप समूह ट्रेनिंग व प्लेसमेंट प्रमुख अमित भारद्वाज, निदेशक, सुंदरदीप फार्मेसी कॉलेज डॉ शालिनी शर्मा, निदेशक सुंदरदीप कॉलेज मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी डॉ डीसी अग्रवाल, सुंदरदीप कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. रजनीश शुक्ला, ने चयनीत उम्मीदवारों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सुंदरदीप समूह के उपाध्यक्ष अखिल अग्रवाल ने बताया इस साल प्लेसमेंट्स से सुंदरदीप ग्रुप के सभी कॉलेजों के विद्यार्थियों और फैकल्टीज में काफी उत्साह है। अखिल अग्रवाल ने विद्यार्थियों के प्रतिष्ठित कम्पनियों में चयन पर खुशी व्यक्त की और साथ ही इसके पीछे उनके टीचर्स की कड़ी मेहनत को श्रेय दिया।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट हेड प्रो अमित भारद्वाज ने बताया कि सुंदरदीप ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन्स के सभी कॉलेजों में विद्यार्थियों का रिकॉर्ड प्लेसमेंट हो रहा है। सभी कोर्सेज के छात्र एवं छात्राएं बड़ी बड़ी मल्टीनेशनल कम्पनीज में चयनित हो रहे हैं।

प्रो अमित भारद्वाज ने बताया कि सुंदरदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीटूशन्स में लगभग सभी प्रोफेशनल कोर्सेज में विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। जैसे कि बी.टेक, बी.आर्क, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, एमसीए, बीसीए, एमबीए,बीबीए,बीकॉम,बीएचएमसीटी,बीएससी(एचएचए), बी.फार्मा, डी.फार्मा, बी ए एलएलबी, एलएलबी, बीएड। और इन सभी कोर्सेज के फाइनल ईयर के विद्यार्थियों का चयन बड़ी बड़ी कंपनियों में लगातार हो रहा हैं
प्रो अमित भारद्वाज ने बताया कि इस क्रम में अब तक जिन कंपनीज में विद्यार्थियों का चयन हुआ हैं उनमें शामिल है -विप्रो, टीसीएस, इंफोसिस,आईसीआईसीआई,स्क्वायर यार्ड्स, एल्टियस बायोजेनिक्स, सीईबीएस वर्ल्डवाइड, सवन्तीस इंडिया, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, रैडिसन ब्लू, हिंदुस्तान वैलनेस लिमिटेड, जीनस्टोर इंडिया लिमिटेड, मोबिलिटी टेक्नोलॉजीज, नोसिअल इंडिया लिमिटेड, ऑनलाइन प्रजेंस और अन्य कई बड़ी कम्पनीज इसमें शामिल है।
प्रो अमित भारद्वाज ने बताया कि अभी सिलसिला खत्म नहीं हुआ है अभी इसी क्रम में बहुत कंपनीज का ड्राइव होना बाकी हैं। और अमित जी ने कहा कि जब तक हम अपने हर विद्यार्थी का चयन नहीं करा लेते तब तक हमारा प्रयास इसी तरह जारी रहेगा।

विश्व नर्स दिवस विशेष : तमाम चुनौतियां के बावजूद मानवता की मिसाल बनी एएनएम रजनीकांत और सुधा कुमारी

0

– कोविड-19 वैक्सीनेशन में खुद के साथ परिवार का ख्याल रखते हुए निभाई अपनी जिम्मेदारी

– लोगों को बचाव के लिए भी कर रही जागरूक

खगड़िया, 12 मई-

फ्लोरेंस नाइटिंगल के जन्मदिन पर हर वर्ष पूरे विश्व में 12 मई को विश्व नर्स दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2021 का वर्तमान दौर नर्सों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण रहा। किन्तु, तमाम चुनौतियों के बाबजूद जिले की नर्स अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटी। बल्कि, इसे अपने जीवनकाल का महत्वपूर्ण दौर समझकर बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभायी । ऐसे ही नर्सों में खगड़िया सदर पीएचसी में तैनात एएनएम रजनीकांत और सुधा कुमारी शामिल हैं कोविड-19 के खिलाफ देश समेत जिले में शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी इन्हीं दोनों नर्सों को दी गई । जिसके बाद दोनों नर्सों ने खुद के साथ अपने परिवार का ख्याल रखते हुए इस जिम्मेदारी को मजबूत इच्छाशक्ति के साथ निभाया है। इस दौरान तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा। किन्तु, कभी चुनौतियों को खुद पर हावी नहीं होने दिया। बल्कि, अवसर समझकर अपनी ड्यूटी पर लगी रही हैं ।

– शुरुआती दौर से ही वैक्सीनेशन का संभाल रही है कमान :-
खगड़िया सदर पीएचसी के प्रभारी डॉ राजीव कुमार ने बताया, वैक्सीनेशन के शुभारंभ के वक्त से ही इन दोनों एएनएम को वैक्सीनेशन में ड्यूटी लगाई गई थी । इसके लिए दोनों को इससे पूर्व जिला में प्रशिक्षण दिया गया था। दोनों एएनएम अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ पूरी कर रही हैं । इसके लिए मैं दोनों के कर्तव्य भावना को सलाम करता और दोनों को धन्यवाद भी देता हूँ। दोनों कभी भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटी और ना ही दोनों में कभी किसी प्रकार की हिचक दिखी। इस मुश्किल भरे दौर में दोनों एएनएम लोगों को लगातार अनवरत स्वास्थ्य सेवा का लाभ देती रही।

– वैक्सीनेशन के साथ लोगों को बचाव के लिए भी करती हैं जागरूक :-
खगड़िया सदर पीएचसी में तैनात केयर इंडिया के आईसीटी उदय कुमार ने बताया, दोनों एएनएम वैक्सीनेशन के कार्य तो बखूबी कर ही रही हैं । साथ हीं दोनों वैक्सीन लेने आने वाले लोगों को इस महामारी से बचाव के लिए भी जागरूक करती हैं । इस दौरान लोगों को वैक्सीनेशन के बाद भी सतर्कता एवं एहतियात जारी रखने के लिए प्रेरित करती हैं । दोनों एएनएम काफी संयम एवं सतर्कता के साथ शुरूआती दौर से ही वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी पूरी कर रही हैं ।

– मुश्किल भरा दौर जरूर था, पर जिम्मेदारी भी बड़ी थी, क्योंकि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं :-
एएनएम रजनीकांत और सुधा कुमारी ने बताया जब वैक्सीनेशन का शुभारंभ हुआ था,तब वैक्सीन भी नयी थी । दौर भी काफी मुश्किल भरा चल रहा था। खुद के साथ परिवार की जिम्मेदारी संभालना और इस महामारी से खुद व परिवार को भी सुरक्षित रखना तो मुश्किल था हीं । ऐसे में हर किसी को मन में थोड़ा भय जरूर था। हमदोनों को भी निश्चित रूप से भय लगा था। किन्तु, हमदोनों ने सोचा इससे बड़ी तो हमारी जिम्मेदारी है। तभी तो हमदोनों को ही यह दायित्व मिला। इसी सकारात्मक सोच के साथ मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है कि बात को हथियार बनाते बनाते हुए अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने में लग गई और अभी तक लगी हुई हूँ।

– इन मानकों का रखें ख्याल, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें और जरुरी पड़ने पर भी घर से बाहर निकलें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।

विश्व नर्स दिवस पर विशेष : कोरोना की दूसरी लहर के बीच जान की बाज़ी लगाकर मरीजों की सेवा कर रही हैं जीएनएम नर्स

0

– सदर अस्पताल मुंगेर की कई नर्सें कोरोना संक्रमित होने के बाद भी करती रहीं मरीजों की सेवा
– हेल्थ वर्कर/ फ्रंट लाइन वर्कर के तौर पर इन नर्सो ने ली है वैक्सीन की दोनों डोज

मुंगेर, 12 मई-

कोरोना काल के दौरान जान जोखिम में डालकर सदर अस्पताल मुंगेर में कई नर्स लगातार काम कर रही हैं । कोरोना संक्रमण के दौरान पिछले वर्ष मरीजों की सेवा करती हुई सदर अस्पताल मुंगेर की कई नर्स खुद भी कोरोना संक्रमित हो गई थी। ये नर्स अपनी मजबूत इच्छा शक्ति और मनोबल से कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर अपने- अपने काम पर लौटी थी। इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच सदर अस्पताल मुंगेर के विभिन्न वार्ड में तैनात सभी नर्स खुद अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए लगातार मरीजों की सेवा में जुटी हुई हैं ।
सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए अस्पताल आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की सेवा में लगातार जुटी हुई हैं-
सदर अस्पताल मुंगेर के लेबर रूम में कार्ररत लेबर रूम इंचार्ज सिस्टर नीतू सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए सदर अस्पताल आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की सेवा में लगातार जुटी हुई हैं । इन्होंने 14 अप्रैल को असरगंज पीएचसी से सदर अस्पताल मुंगेर रेफर की गई कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला फूल कुमारी का सुरक्षित प्रसव कराया । इसके लिए सदर अस्पताल मुंगेर स्थित लेबर रूम के ऊपरी तल्ले पर अलग से आइसोलेटेड लेबर रूम की व्यवस्था की गई थी। यहां डॉक्टर , नर्स सहित अन्य मेडिकल के लिए पीपीई किट, फेसशील्ड , मास्क ,ग्लव्स सहित सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई थी। सिस्टर नीतू ने बताया, हमलोग सदर अस्पताल आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए सदैव तत्पर रहती हैं। चाहे वो महिला नार्मल हो या कोरोना संक्रमित ही क्यों न हो। उन्होंने बताया पिछले वर्ष भी हवेली खड़गपुर से रेफर की गई कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का सदर अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराया गया था। हालांकि उस महिला का पहला प्रसव सिजेरियन हुआ था| बावजूद इसके महिला का नार्मल डिलिवरी यहां कराया गया था।

इनके अलावे सदर अस्पताल मुंगेर के विभिन्न वार्ड में जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जीएनएम अनिता, जीएनएम सरोजनी कुमारी, जीएनएम रेखा कुमारी, जीएनएम मधु प्रिया, अंकिता कुमारी, जीएनएम नीतू कुमारी, जीएनएम रूपम कुमारी, जीएनएम संगीता कुमारी भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अपनी जान की परवाह किए बगैर मरीजों की सेवा में लगातार जुटी हुई हैं ।

विश्व नर्स दिवस पर विशेष : ड्यूटी पीरियड समाप्त होने के बाद भी मरीजों की सेवा के लिए महज एक कॉल पर भी सदैव तैयार रहती है एएनएम सुधा श्री

0

– सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को अस्पताल आने के लिए लगातार कर रही है प्रेरित

– आपातकालीन स्थिति में भी देती हैं पूरा सहयोग

– प्रत्येक वर्ष 12 मई को सेवा के प्रति समर्पित नर्सो के सम्मान में मनाया जाता है विश्व नर्स दिवस

लखीसराय, 12 मई 2021 : विश्व भर में सेवा को समर्पित नर्स के सम्मान में प्रत्येक वर्ष 12 मई को विश्व नर्स दिवस मनाया जाता है। इसी कड़ी में जिले के चानन प्रखंड स्थित मननपुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र में कार्यरत एएनएम सुधा श्री भी है जो मरीजों की सेवा में सदैव तत्पर रहती है। ड्यूटी पीरियड समाप्त होने के बाद भी यदि कोई भी उन्हें फोन करके मदद के लिए बुलाता है तो रात में भी उनकी मदद के लिए तत्काल जाती है। अपने क्षेत्र में वह घर- घर जाकर गर्भवती महिलाओं और उनके अभिभावकों को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सदर अस्पताल लखीसराय सहित किसी भी रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्यय केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र पर जाने के लिए प्रेरित करती है। इसके साथ ही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र मननपुर से सीजेरियन डिलीवरी के लिए सदर अस्पताल लखीसराय रेफर करने कि स्थिति में एएनएम सुधा श्री खुद एम्बुलेंस में अटेंडेंट के तौर पर या रास्ते में किसी भी तरह कि क्रिटिकल कंडीशन से निपटने के लिए जाती है। इस तरह वह आपातकालीन स्थिति में भी योगदान देने से पीछे नहीं हटती।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के लिए करती है प्रेरित :

एएनएम सुधा श्री इन दिनों कोरोना वैक्सीनेशन महाअभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए मननपुर अतिरिक्त स्वास्थ्यय केंद्र में वैक्सीनेटर कई भूमिका निभा रही है। इस दौरान वह वैक्सीनेशन के लिए आने वाले सभी लोगों को अपने घर सहित सभी स्थानों पर कोरोना गाइड लाइन का शतप्रतिशत पालन करने की अपील भी कर रही है। इसके साथ ही वह अपने क्षेत्र में लोगों के बीच जाकर उन्हें कोरोना का वैक्सीन लगवाने के जागरूक भी कर रही है ताकि जिले को जल्द से जल्द कोरोना संक्रमण से मुक्त किया जा सके।

कोरोना संक्रमण के बीच लोगों को मास्क और सोसल डिस्टेंसिनग का महत्व समझा रही है एएनएम सुधा श्री :
चानन प्रखंड के मननपुर अतिरिक्त स्वास्थ्यय केंद्र क्षेत्र अंतर्गत अपने क्षेत्र में काम करने के दौरान एएनएम सुधा श्री सभी लोगों को हमेशा अपने नाक और मुंह को ढंकने के लिए मास्क , रुमाल या गमछे का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करती है ताकि नाक और मुंह के माध्यम कोरोना का सूक्ष्म वायरस शरीर के अंदर प्रवेश न कर जाए। इसके साथ ही वह सभी लोगों को सामाजिक दूरी के नियम के तहत एक दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी बरतने के लिए जागरूक करती है। एक निश्चित अंतराल के बाद हाथों कि नियमित साफ- सफाई के लिए एएनएम सुधा श्री सभी लोगों को साबून या हैंड सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल करने कि सलाह देती है।

भागलपुर जिले में थमने लगी कोरोना संक्रमण की रफ्तार

0

कोरोना टीकाकरण और हर्ड इम्युनिटी से थमी दर
अभी भी जिले के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

भागलपुर, 12 मई

जिले में कोरोना की रफ्तार थमने लगी है। पिछले पांच दिनों में जितने संक्रमित मरीज मिले हैं, उससे कहीं अधिक लोग ठीक हुए हैं। इस वजह से जिले का रिकवरी रेट भी बेहतर हुआ है और संक्रमण की दर भी कम हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाकरण अधिक होने और हर्ड इम्युनिटी बढ़ने से ऐसा हुआ है। साथ ही लोगों ने फिर से कोरोना की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना शुरू कर दिया है। इस वजह से भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार कमी है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि लोगों को अभी भी सतर्क रहना चाहिए और यह नहीं मान लेना चाहिए कि कोरोना अब खत्म होने लगा है।

पांच दिन में 1546 संक्रमित मिले तो 2470 ठीक हुएः जिले में पिछले पांच दिनों से हर दिन संक्रमित मरीजों के मुकाबले ठीक होने वाले लोगों की संख्या अधिक रही है। इस दौरान 1546 कोरोना के मरीज मिले तो 2470 लोग ठीक भी हो गए। जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या भी घट गई है। वहीं रिकवरी रेट बढ़कर 87.39 प्रतिशत पर आ गई है। कुछ हफ्ते पहले यह काफी नीचे चला गया था। कोरोना संक्रमण का दर 20 अप्रैल को 14.67 प्रतिशत से घटकर 4.38 प्रतिशत पर आ गया है। सबसे सुखद यह रहा कि जिले में पिछले 25 दिनों में 10 हजार से अधिक कोरोना के संक्रमित ठीक हुए हैं। मंगलवार को तो एक महीने बाद एक दिन में सबसे कम मरीज मिले। पिछले कुछ दिनों से हर रोज 300 लेकर 400 कोरोना मरीज मिल रहे थे। किसी-किसी दिन तो यह संख्या 500 से लेकर 800 के करीब पहुंची, लेकिन मंगलवार को संक्रमितों की संख्या घटकर 136 पर आ गई। साथ ही इससे लगभग तीन गुना यानी 435 कोरोना मरीज ठीक भी हुए। इससे पहले 10 अप्रैल को 97 संक्रमित मिले थे।

टीकाकरण अधिक होने से हुआ फायदाः जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी कहते हैं कि टीकाकरण अधिक होने से यह सुधार हुआ है। जैसे-जैसे टीका लेने वालों की संख्या बढ़ती जाएगी, कोरोना कमजोर होता जाएगा। संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से गिरावट आएगी। हमलोग काफी पहले से कह रहे हैं कि टीकाकरण के लिए लोग आगे आएं। 95 प्रतिशत से अधिक लोग जब कोरोना का टीका ले लेंगे तो कोरोना की चेन टूट जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि टीका लेने के लिए अधिक से अधिक संख्या में लोग पहुंचें। अब तो 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को भी टीका लगना शुरू हो गया है।

हर्ड इम्युनिटी बनने से थमी रफ्तारः जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकमल चौधरी कहते हैं कि टीकाकरण से तो फायदा हुआ ही है। लोगों में इस दौरान हर्ड इम्युनिटी बनने से भी फायदा हुआ है। साथ ही लॉकडाउन लगाने का भी असर हुआ है। अभी कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने रहना चाहिए। घर से निकलते वक्त मास्क लगाना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन करते रहना चाहिए। बाहर से घर आने पर हाथों की धुलाई अवश्य करें। अगर हमलोग ऐसा करते रहें तो कोरोना को हराना आसान हो जाएगा

विश्व नर्सिंग दिवस विशेष: कोरोना काल में एएनएम गीता सिन्हा हर चुनौतियों को दे रहीं मात

0

कोरोना जांच से लेकर टीकाकरण तक में निभा रही हैं अपनी भूमिका

नियमित टीकाकरण सहित रूटीन काम को भी बेहतर तरीके से कर रहीं

बांका, 12 मई
हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। आधुनिक नर्सिंग आंदोलन को जन्म देने वाली फ्लोरेंस नाइटेंगिल की याद में यह दिवस मनाया जाता है। नर्स दिवस सबसे पहले 1965 में मनाया गया था, लेकिन 12 मई 1974 से यह हर साल मनाया जाने लगा। अभी कोरोना काल चल रहा है। कोरोना की पहली से लेकर दूसरी लहर तक में स्वास्थ्यकर्मियों की चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं। खासकर नर्सिंग स्टाफ का। दफ्तर में तो इन्हें अपनी ड्यूटी करनी ही पड़ती है। साथ ही उन्हें क्षेत्र का भ्रमण भी करना पड़ता है। कोरोना काल में जब लोग घरों से नहीं निकलना चाहते हैं तो ऐसी परिस्थिति में क्षेत्र में जाकर अपनी सेवा देना किसी मिसाल से कम नहीं है।

बांका शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनएम गीता सिन्हा कोरोना काल में भी बेहतर तरीके से अपने फर्ज को निभा रही हैं। क्षेत्र की चुनौतियों के बारे में वह कहती हैं, कोरोना की पिछली लहर में लोग ज्यादा सतर्क थे। कोरोना का नाम पहली बार सुना था तो लोग घरों से निकलने से परहेज करते थे, लेकिन दूसरी लहर में लोग थोड़े सहज दिख रहे हैं। उन्हें लग रहा है जैसे वह सब कुछ जानते हैं। लोगों के इस तरह के रवैये से इस बार काम काफी चुनतीपूर्ण हो गई है। ऐसी परिस्थिति में न सिर्फ अपना काम करना पड़ता है, बल्कि लोगों को सतर्क रहने के लिए भी कहना पड़ता है। कोरोना जांच का काम हो या फिर टीकाकरण का, लोगों को गाइडलाइन का पालन करवाना पड़ता है। बिना मास्क पहनकर आने वाले लोगों को समझाना पड़ता है। सामाजिक दूरी का पालन करवाना पड़ता है।

जांच से लेकर टीकाकरण में निभा रहीं अपना दायित्वः गीता सिन्हा कहती हैं कि पहली लहर में कोरोना जांच का काम मुख्य था। इसके साथ-साथ घर-घर जाकर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक भी करती थी, लेकिन इस बार चुनौती बढ़ गई है। टीकाकरण भी करना है। कभी हमलोगों की ड्यूटी कोर्ट में लगती है तो कभी आंगनबाड़ी केंद्र जाना पड़ता है टीका देने के लिए। ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ा से लोगों को समझाना पड़ता है। वहां के लोग अभी भी कोरोना के प्रति ज्यादा सतर्क नहीं रह रहे हैं। इसके अलावा रूटीन काम भी कर रही हूं। नियमित टीकाकरण के दिन आंगनबाड़ी केंद्र जाकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करती हूं।

काम को समय पर करने के लिए जानी जाती है गीताः शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि एएनएम गीता सिन्हा समय की पाबंद हैं। सही समय पर दफ्तर आना और अपने काम को समय से करना उनकी आदत में शुमार है। इसका प्रभाव अन्य साथियों पर भी पड़ता है। कोरोना काल में क्षेत्र में गीताजी ने बेहतर कार्य किया है। चाहे वह टीकाकरण का काम हो या फिर कोरोना जांच की या फिर पहली लहर में लोगों को जागरूक करने का काम, उन्होंने बेहतर तरीके से किया है।

36 साल से दे रही हैं सेवाः मूल रूप से भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड के बाथ थाना क्षेत्र के करहरिया की रहने वाली गीता सिन्हा 36 साल अपनी सेवा दे रही हैं। अभी वह 56 साल की हैं। 20 साल की जब वह थीं तो इस क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया था। बांका जिले में वह कई प्रखंडों में काम कर चुकी हैं। बांका में वह अपने पति के साथ रहती हैं। इन्हें दो पुत्र हैं। दोनों स्नातक कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। पति घर के कार्य में सहयोग करते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र में वह अपना काम बेहतर तरीके से कर पाती हैं।